You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
नवाज़ शरीफ़ ने रिहाई के लिए विदेश से मदद मांगी: इमरान ख़ान- पाँच बड़ी ख़बरें
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ की रिहाई के लिए उनके बेटों ने दो देशों से संपर्क कर इस मामले में हस्तक्षेप करने की गुज़ारिश की है.
इमरान ने इन दोनों देशों का नाम नहीं बताया और कहा कि "दोनों देशों ने इसकी जानकारी उन्हें दी और मामले में किसी भी हस्तक्षेप से इनकार किया."
प्रधानमंत्री इमरान ख़ान आर्थिक मामलों पर अपने सलाहकार डॉ. हफीज़ शेख और फेडरल बोर्ड ऑफ़ रेवेन्यू के अध्यक्ष शब्बर ज़ैदी ने टीवी एंकर और वरिष्ठ पत्रकारों के एक पैनल से बातचीत में सोमवार की शाम को यह टिप्पणी की, जिसे एआरवाई न्यूज़ टीवी पर प्रसारित किया गया.
इमरान ख़ान ने कहा कि वो शरीफ़ के लिए नेशनल रिकंसिलिएशन आर्डिनेंस (एनआरओ) का प्रस्ताव नहीं देंगे. इमरान ने कहा, "मुशर्रफ़ ने नवाज़ शरीफ़ और आसिफ़ अली ज़रदारी को जो एनआरओ दिया उससे देश तबाह हुआ. बाद में दोनों ने एक दूसरे को भी एनआरओ दिया."
पाकिस्तान में नेशनल रिकंसिलिएशन आर्डिनेंस (एनआरओ) के तहत साल 2007 में तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने कई नेताओं और अधिकारियों को आम माफ़ी दी गई थी.
इस क़ानून का लाभ उठाने वालों में राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी, गृह मंत्री रहमान मलिक, कई अन्य मंत्री, वरिष्ठ नेता और कई सरकारी कर्मचारी भी शामिल रहे हैं.
2009 में यह बात सामने आई थी कि आठ हज़ार से ज़्यादा राजनेताओं और अधिकारियों को माफ़ीनामे से फ़ायदा हुआ है.
नवाज़ शरीफ़ दिसंबर 2018 से लाहौर की कोट लखपत जेल में भ्रष्टाचार के एक मामले में सज़ा मिलने के बाद से क़ैद हैं.
- यह भी पढ़ें | मुंबई भारी बारिश से हर साल नाले में क्यों बदल जाती है?
चमकी बुखार पर नीतीश सरकार के ख़िलाफ़ विधानसभा में हंगामा
बिहार विधानसभा में सोमवार को एक्यूट इन्सेफलायटिस सिंड्रोम से हुए बच्चों की मौत पर विपक्षी पार्टियों ने ख़ूब हंगामा किया.
विपक्ष के नेताओं ने एक स्वर में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय का इस्तीफ़ा मांगा. वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि सरकार ने बच्चों को बचाने की पूरी कोशिश की.
जब मंगल पांडेय सदन में जवाब देने लगे तो विपक्षी पार्टियों ने सदन का वहिष्कार कर दिया. इसके बाद जैसे ही नीतीश कुमार जवाब देने लगे तो सभी विपक्षी पार्टियां सदन में वापस आ गए.
राजद के अब्दुल बारी सिद्दीकी और कांग्रेस के सदानंद सिंह ने कहा कि मीडिया ने मामले में नीतीश कुमार की आलोचना की है, जो ग़लत है. उन्होंने कहा कि जानबूझ कर नीतीश कुमार को निशाना बनाया जा रहा है ताकि भाजपा के मंत्रियों को बचाया जा सके.
- यह भी पढ़ें | हॉन्ग कॉन्ग की संसद में घुसे प्रदर्शनकारी, की तोड़फोड़
कश्मीर में राष्ट्रपति शासन बढ़ा, आरक्षण बिल को मंजूरी
जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन छह महीने बढ़ाने के प्रस्ताव को राज्यसभा ने मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही गृहमंत्री अमित शाह की ओर से पेश आरक्षण अधिनियम संशोधन बिल भी सोमवार को राज्यसभा से पारित कर दिया गया.
अमित शाह ने संसद में कहा कि चुनाव आयोग अगर जम्मू-कश्मीर में चुनाव कराने के तैयार होता है तो वहां चुनाव कराने में एक मिनट की भी देरी नहीं की जाएगी.
इसके अलावा सरकार ने नगालैंड को फिर से अशांत क्षेत्र घोषित कर दिया है और वहां अफ्सपा कानून लागू कर दिया गया है.
क्रिकेट विश्व कपः भारतका बांग्लादेश का मुक़ाबला आज, सेमीफाइनल के जीत ज़रूरी
इंग्लैंड में खेले जा रहे क्रिकेट विश्व कप में मंगलवार को भारत और बांग्लादेश आमने-सामने होंगे. अपना पिछला मैच इंग्लैंड से हारने के बाद भारत अगर इस मैच को जीत जाता है तो सेमीफ़ाइनल में आज ही पहुंच जाएगा.
बांग्लादेश का विश्व कप में ठीक प्रदर्शन रहा है और यह उम्मीद की जा रही है कि मंगलवार को मुक़ाबला टक्कर का होगा.
- यह भी पढ़ें | बीजेपी का कर्नाटक में ऑपरेशन होगा सफल?
ईरान पर दबाव बनाने की नीति कायम रखेगा अमरीका
अमरीका ने कहा है कि वो ईरान पर ज़्यादा से ज्यादा दबाव बनाए रखने की अपनी नीति को बनाए रखेगा.
इससे पहले ईरान ने कहा था कि उसने 2015 के परमाणु समझौते की तय सीमा से ज़्यादा, संवर्धित यूरेनियम का भंडारण कर लिया है.
अमरीका ने कहा कि ईरान को किसी भी सीमा तक यूरेनियम संवर्धन की अनुमति देना एक गलती थी. अमरीका पिछले महीने ही इस समझौते से बाहर हो गया था. ईरान इसमें शामिल दूसरे देशों पर दबाव डाल रहा था कि वो अमरीकी प्रतिबंधों के प्रभाव को कम करें.
वहीं, इस मसले पर संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टेफान ड्यूज़रीक ने कहा कि यूएन महासचिव ने ईरान से समझौते की शर्तों पर दोबारा लौटने की अपील की है.
उन्होंने कहा, "इस क़दम से ईरान को कोई फ़ायदा नहीं होगा और न ही उसके लोगों का आर्थिक लाभ सुरक्षित होगा. यह मसला भी JCPOA में तय प्रक्रिया के ज़रिए सुलझाया जाना चाहिए."
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)