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मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने क्यों कहा कि 'कोई इसराइली नागरिक मिला तो उसे देश से बाहर कर देंगे'
न्यूज़ आउटलेट फ्री मलेशिया टुडे के मुताबिक मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने 15 जुलाई को कहा कि अगर उनके देश में कोई भी इसराइली नागरिक मिलता है तो सरकार उसे तुरंत देश से बाहर कर देगी.
फ्री मलेशिया टुडे के मुताबिक अनवर इब्राहिम का यह बयान उन दावों के बाद आया है जिनमें कहा गया था कि इसराइली नागरिकों ने मलेशिया के प्रांत जोहोर के फॉरेस्ट सिटी में एक प्राइवेट रिहायशी कम्युनिटी में हिस्सा लिया था.
अनवर इब्राहिम ने कहा, "अगर ये आरोप सच साबित होते हैं, तो मलेशिया कोई समझौता नहीं करेगा. संबंधित एजेंसियां पहले से ही इन दावों की जांच कर रही हैं. मुझे विश्वास है कि हायर एजुकेशन मिनिस्टर ज़म्ब्री अब्दुल कादिर इस मामले पर बयान जारी करेंगे. हम इसकी जांच कर रहे हैं."
"अगर हमें कोई भी इसराइली नागरिक मिलता है, तो हम उसे तुरंत निर्वासित कर देंगे क्योंकि हम इसराइल को मान्यता नहीं देते."
मलेशिया के इसराइल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं और आम तौर पर इसराइली पासपोर्ट धारक बिना अनुमति के मलेशिया में प्रवेश नहीं कर सकते.
सेवन इसराइल नेशनल न्यूज के मुताबिक इसराइल के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार तक इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी.
इस मामले की जांच जारी
फ्री मलेशिया टुडे के मुताबिक मलेशिया के जोहोर प्रांत के चीफ मिनिस्टर ओन हाफ़िज़ ग़ाज़ी ने 14 जुलाई को उन आरोपों की संघीय जांच की मांग की है कि दोहरी नागरिकता वाले इसराइली नागरिक फ़ॉरेस्ट सिटी में स्थित निजी आवासीय समुदाय नेटवर्क स्कूल में शामिल थे.
इस समुदाय की स्थापना कॉइनबेस के पूर्व मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी और निवेशक बालाजी श्रीनिवासन ने की थी.
इसकी वेबसाइट के अनुसार, यह "टेक्नो-ऑप्टिमिस्ट्स के लिए एक फ्रंटियर समुदाय" है. यहां शेयर्ड एकॉमोडेशन की सदस्यता 1,500 अमेरिकी डॉलर प्रति माह से शुरू होती है, जिसमें भोजन, जिम की सुविधा और को-वर्किंग सुविधाएं भी शामिल हैं.
फ्री मलेशिया टुडे के मुताबिक 15 जुलाई को इमिग्रेशन डिपार्टमेंट ने बताया कि फॉरेस्ट सिटी में स्थित एक अंतरराष्ट्रीय समुदाय में जांच किए गए 266 विदेशी नागरिकों के पास वैध इमिग्रेशन डॉक्यूमेंट पाए गए.
हालांकि अधिकारियों ने कहा कि संबंधित व्यक्तियों की पहचान और गतिविधियों के बारे में व्यापक जांच अभी भी जारी है.
द वाइब डॉट कॉम के मुताबिक मलेशिया के अधिकारियों ने यह भी स्वीकार किया कि कुछ मामलों में दोहरी नागरिकता रखने वाले लोग किसी दूसरे देश के पासपोर्ट का इस्तेमाल करके मलेशिया में एंट्री हासिल कर सकते हैं.
द वाइब डॉट कॉम के मुताबिक हालांकि पीएम अनवर ने कहा कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा और इसराइल के प्रति अपने राजनीतिक रुख, दोनों मामलों में कोई समझौता नहीं करेगी.
द वाइब डॉट कॉम के मुताबिक, ग़ज़ा में संघर्ष तेज होने के बाद से ही पीएम अनवर लगातार फ़लस्तीन समर्थक रुख अपनाए हुए हैं और हमास के साथ खुले संबंध बनाए रखने की नीति पर कायम हैं.
फ़लस्तीन के समर्थन में है मलेशिया
अक्तूबर 2023 में जब इसराइल और हमास के बीच संघर्ष की शुरुआत हुई थी तो मलेशिया के नेता अनवर इब्राहिम ने कहा था कि उनका देश हमास के साथ अपने संबंध कायम रखेगा.
नवंबर 2023 में पीएम इब्राहिम ने संसद में कहा था कि मलेशिया के लोगों को फ़लस्तीन के मुद्दे का एकजुट होकर समर्थन करना चाहिए.
मलेशिया एक मुस्लिम-बहुसंख्यक देश है. मलेशिया लंबे समय से फ़लस्तीनियों के मुद्दों का समर्थन करता रहा है.
मलेशिया इसराइल को कूटनीतिक रूप से मान्यता नहीं देता है और उसका कहना है कि जब तक 'टू-स्टेट सॉल्यूशन' लागू नहीं हो जाता, तब तक ऐसी कोई मान्यता नहीं दी जाएगी.
मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में अक्सर फ़लस्तीनी मुद्दों पर सम्मेलन होते रहते हैं.
पीएम इब्राहिम भी अपने यूनिवर्सिटी के दिनों से ही फ़लस्तीनियों का समर्थन करते रहे हैं.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
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