'माँ के लव स्कैमर को खोजने के लिए मैं सात समंदर पार गया'

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"वे मुझे न तो इतने पेशेवर लगे, न ही इतने ज़्यादा चालाक... और यही बात मेरे लिए सबसे ज़्यादा चौंकाने वाली थी."

जब कार्लोस बरागान अपनी माँ को प्रेम के नाम पर ठगने वाले व्यक्ति का पता लगाने के लिए नाइजीरिया पहुँचे, तो उन्हें उम्मीद थी कि उनका सामना किसी बेहद माहिर ठग से होगा.

एक आईपी एड्रेस से उन्हें पता चला था कि उनकी माँ को धोखा देने वाले ईमेल अमेरिका के किसी सैनिक ने सीरिया से नहीं, बल्कि नाइजीरिया से भेजे थे. उस व्यक्ति ने दावा किया था कि वो सीरिया में है.

कार्लोस चाहते थे कि वो उस माहिर अपराधी का पर्दाफ़ाश करें जिन्होंने उनकी मां को धोखा दिया लेकिन इस प्रक्रिया में वो चार साल की उस लंबी यात्रा पर निकल पड़े जिसने उन्हें नाइजीरिया के 'याहू बॉयज़' की दुनिया को समझने का मौका दिया.

ये ऐसे युवा ठग हैं जिन्हें न तो ठीक से पढ़ाई-लिखाई करने का मौका मिला, न ही उनके पास पैसा है और न ही आगे बढ़ने के अवसर.

इस अनुभव ने न केवल कार्लोस को उस व्यक्ति के बारे में बनाई गई धारणा को चुनौती दी बल्कि एक आधुनिक दुनिया में अकेलेपन की गंभीरता पर भी सोचने को मजबूर कर दिया.

ब्रायन से मुलाक़ात

कार्लोस का कहना है कि उनकी मां आत्मनिर्भर और मज़बूत हैं. वह पढ़ी-लिखी होने के साथ ही अपना डेंटल क्लिनिक चलाती थीं. इसलिए उनके किसी ठगी का शिकार बनने की संभावना बेहद कम लगती थी.

यही वजह थी कि जब कार्लोस और उनके भाइयों को शक हुआ कि उनकी माँ किसी ठग के झांसे में आ गई हैं, तो वे चिंतित हो उठे. लेकिन उनकी मां ने अपने 'प्रेमी' 'ब्रायन' को जो एक ईमेल किया था उससे ये संकेत मिला है कि उनकी मां भावनात्मक रूप से कितनी कमज़ोर पड़ गई थीं.

उन्होंने उस ईमेल में लिखा था, "पहले मैंने अपनी माँ की देखभाल की, फिर अपनी छोटी बहन की. उसके बाद अपने पति और बच्चों का ख्याल रखा. पूरी ज़िंदगी मैंने दूसरों की देखभाल की है, लेकिन अब मैं चाहती हूँ कि कोई मेरा भी ख्याल रखे."

कुछ महीने पहले कार्लोस ने महसूस किया था कि तलाकशुदा उनकी माँ अकेलापन महसूस कर रही हैं. इसी कारण उन्होंने उन्हें टिंडर से जुड़ने की सलाह दी.

जहां उनकी मुलाक़ात ब्रायन से हुई, जो क़रीब 50 वर्ष की उम्र का आकर्षक अमेरिकी व्यक्ति था. उसका दावा था कि वह सीरिया में तैनात है.

कार्लोस के बड़े भाई, जो सेना में रह चुके थे, उन्हें शुरू से ही इस रिश्ते को लेकर संदेह था.

उन्होंने अपनी माँ से कहा, "उसकी बातें कुछ अजीब लगती हैं. यह शायद कोई ठगी है, माँ."

इसके बाद उनकी माँ ने उनसे इस रिश्ते के बारे में बात करना लगभग बंद कर दिया, हालांकि वह कभी-कभी कार्लोस को ब्रायन के ईमेल दिखा देती थीं.

उन ईमेल में प्रेम और भावनाओं की भरमार होती थी. ब्रायन ने जल्द ही स्पेन आकर साथ रहने की बातें शुरू कर दीं, जिससे खुद कार्लोस की माँ भी हैरान थीं.

कार्लोस कहते हैं, "मुझे लगता है कि उन्हें तब भी थोड़ा-बहुत शक था."

परिवार के लोगों के बीच उस समय बहस छिड़ गई, जब ब्रायन ने कहा कि वह उनके घर सोने के बार भेजने वाला है, लेकिन कार्लोस ने तब कदम उठाने का फ़ैसला किया, जब उनकी माँ दो अंगूठियां घर ले आईं और बताया कि वे जल्द ही साथ रहने वाले हैं.

जब कार्लोस ने अपनी माँ को सबूत दिखाए कि ईमेल वास्तव में लागोस (नाइजीरिया) से भेजे जा रहे हैं, तो उन्होंने इस पर ज़्यादा कुछ नहीं कहा. कुछ दिनों बाद उन्होंने उन अधिकांश ईमेलों को डिलीट कर दिए लेकिन वह बेहद दुखी थीं.

अपनी माँ को अकेलेपन से जूझते देख कार्लोस के भीतर कुछ बदल गया. उन्होंने नाइजीरिया जाकर उस रहस्यमय ठग को खोजने का फैसला कर लिया.

बिगी, इकोटुन और उसके 'याहू बॉयज़'

एक स्थानीय बिचौलिए के माध्यम से, कार्लोस ने बिगी नामक एक ठग की मदद ली, जो उसे अपने दोस्तों से मिलवाने और उसे इकोटुन घुमाने के लिए सहमत हो गया. इकोटुन लागोस का एक भीड़भाड़ वाला उपनगर है जहाँ "हर कोई मेहनत कर रहा है, हर कोई पैसा कमाने की कोशिश कर रहा है".

बिगी क़रीब 25-30 साल के बीच के थे, यानी वो लगभग कार्लोस की ही उम्र के थे. वह बुद्धिमान और "बेहद मज़ाकिया" था.

दोनों लगभग हर दिन का अधिकांश समय साथ बिताने लगे और कार्लोस को हैरानी हुई कि उन्हें बिगी पसंद आने लगा.

मैं सोचता रहा... उसके जैसा व्यक्ति ठग कैसे बन जाता है जो अपनी रातें इंटरनेट पर अकेले लोगों से बात करने में बिताता है?

स्थानीय लोगों से बात करते हुए, कार्लोस को एहसास हुआ कि ठगों का एक विशाल नेटवर्क मौजूद है: सैकड़ों युवा पुरुष जिन्हें 'याहू बॉयज़' के नाम से जाना जाता है, यह नाम उस ईमेल सेवा के नाम पर रखा गया है जिसका उपयोग वे इस धंधे के शुरुआती दिनों में करते थे.

धीरे-धीरे उसे यह एहसास होने लगा कि सिर्फ़ एक उपनाम और एक फ़र्ज़ी ईमेल पते के सहारे, 24 करोड़ से अधिक लोगों के देश में अपनी मां के साथ धोखाधड़ी करने वाले को ढूंढना उसके लिए लगभग असंभव था.

इसके बजाय, उन्होंने खुद को 'याहू बॉयज़' की दुनिया के बारे में सीखते हुए पाया.

एक श्वेत यूरोपीय होने के नाते, कार्लोस जहाँ भी जाते, सबसे अलग दिखते थे.

वो कहते हैं कि लोग या तो उन्हें एफ़बीआई एजेंट समझते थे या फिर कोई चीनी व्यापारी. वे उसे 'मागा' कहकर बुलाते थे - यह एक ऐसे भोले-भाले व्यक्ति के लिए इस्तेमाल होने वाला बोलचाल का शब्द है जिसे आसानी से ठगा जा सकता है.

लेकिन बिगी के परिचय की वजह से वह 50 'याहू बॉयज़' से बात करने में सक्षम रहे.

इनमें से एक ख़ुद को अमेरिकी पेशेवर पहलवान कोडी रोड्स बताकर एक महिला को 25 हवाई टिकटों के लिए पैसे भेजने के लिए राज़ी कर चुका था, जबकि उन टिकटों का कभी इस्तेमाल ही नहीं होना था. महिला ने पहली राशि 300 यूरो भेजी थी, जो उस युवक के लिए बहुत बड़ी रक़म थी. उसने फैक्ट्री में 18 महीने से अधिक काम करने के बावजूद इतनी कमाई नहीं की थी.

लेकिन इस तरह की सफलता आसानी से नहीं मिलती थी.

कार्लोस कहते हैं, "वे इसे 'बॉम्बिंग' कहते हैं. इसका मतलब है कि आप सैकड़ों, बल्कि हज़ारों लोगों पर कोशिश करते रहते हैं."

कार्लोस की दोस्ती एक और याहू बॉयज़ अज़ीज़ से भी हो गई, जिसने 14 साल की उम्र में धोखाधड़ी शुरू कर दी थी. वह अपने गांव से लागोस आ गया था और अपनी मां और छोटी बहन के साथ एक तंग अपार्टमेंट में रहता था.

अज़ीज़ अमेरिकी पुरुषों से बातचीत करते समय खुद को "वैनेसा" नाम की महिला बताता था और इसके लिए एक खूबसूरत श्वेत महिला की चुराई गई तस्वीर का इस्तेमाल करता था.

पहले तो वह असफल रहा. उसकी अंग्रेज़ी कमज़ोर थी और न ही उसकी कभी कोई गर्लफ्रेंड रही थी और न ही कभी वो अमेरिका गया था.

कार्लोस बताते हैं, "हम उन छोटे लड़कों की बात कर रहे हैं जिन्हें पश्चिमी दुनिया के बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं है."

आखिरकार अज़ीज़ को पहली बड़ी सफलता मिली और उसे पाँच डॉलर मिले. उसने उन पैसों से एक रेस्तरां में जाकर चिकन खाया. यह उसके जीवन का पहला मौका था जब वह किसी एयर-कंडीशंड इमारत के भीतर गया था.

लेकिन अज़ीज़ की माँ और दादी, दोनों अनपढ़ और सड़क किनारे खाना बेचने वाली थीं, और वे जानती थीं कि वह जो कर रहा है वह गलत है. उसकी दादी ने उसे अंतिम चेतावनी दी-धोखाधड़ी बंद करो या बेदखल कर दिए जाओगे.

उसने तब से ऐसा नहीं किया है.

कार्लोस का कहना है कि जब वह नाइजीरिया पहुंचा था, तो उसे यह विश्वास था कि ठग किसी शातिर आपराधिक गिरोह का हिस्सा हैं. लेकिन अज़ीज़ से उसके संबंध ने उसे अपनी इस धारणा पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर कर दिया.

वह कहते हैं, "यह मानना आसान है कि पश्चिम अफ्रीका में एक शक्तिशाली आपराधिक नेटवर्क हमें नुकसान पहुंचा रहा है, बजाय इसके कि यह सिर्फ़ एक व्यक्ति अपने फोन से ऐसा कर रहा है."

उन्होंने यह भी देखा कि कैसे कई युवा ठग खुद ही शिकार बन जाते हैं, और अपनी कमाई का प्रदर्शन करके अधिक शक्तिशाली अपराधियों का ध्यान आकर्षित करते हैं.

लेकिन एक सवाल बना रहा- ऐसे युवा, जिनमें से कुछ ने तो स्कूल की पढ़ाई भी पूरी नहीं की थी, वो कार्लोस की मां जैसे वयस्कों को उन पर भरोसा करने के लिए कैसे मना रहे थे?

ठगों ने उन्हें बताया कि वे उसे कुछ ऐसा दे रहे हैं जिसकी बहुत से लोगों में कमी होती है: जुड़ाव. वे मुझसे कहते थे, "तुम्हें बस उन्हें यह जताना है कि उनका ध्यान तुम पर है- जैसे गुड मॉर्निंग, कैसे हो डियर? लंच में क्या खाया."

कार्लोस का कहना है कि अकेलेपन से पैदा हुई साथ की यही ज़रूरत धोखाधड़ी के शिकार लोगों के साथ बातचीत में नज़र आती है.

एक व्यक्ति ने कार्लोस से कहा, "यह दुनिया का सबसे दुखद अपराध है क्योंकि वे सिर्फ आपका पैसा ही नहीं लेते"

"वे आपको भावनात्मक रूप से भी तोड़ देते हैं. जब वह व्यक्ति अचानक गायब हो जाता है तो आपके अंदर एक ख़ालीपन सा आ जाता है. और फिर समाज आपको मूर्ख कहता है और कहता है कि यह आपकी गलती है."

कार्लोस ने अपने अनुभवों के बारे में 'द याहू बॉयज़' नामक एक किताब लिखी है.

यह लेख बीबीसी वर्ल्ड सर्विस पर प्रसारित होने वाले आउटलुक कार्यक्रम के एक एपिसोड पर आधारित है - ये टेक्स्ट बेक्का जॉन्स और ग्लोबल जर्नलिज्म द्वारा लिखा गया है.

हमने इस लेख का अनुवाद करने में एआई की मदद ली है, जिसे मूल रूप से अंग्रेज़ी में लिखा गया था. बीबीसी के एक पत्रकार ने प्रकाशन से पहले इस अनुवाद की जांच की. हम एआई का उपयोग कैसे कर रहे हैं, इसके बारे में और जानें.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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