You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
टीएमसी में 'टूट', ममता की कांग्रेस में 'वापसी' और अभिषेक के स्टेटस पर बोले कीर्ति आज़ाद
तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी के सबसे मुश्किल दिनों में उनके लिए एक अच्छी ख़बर आई है.
पिछले कुछ दिनों से जहां लगातार टीएमसी नेताओं के पार्टी छोड़ने की ख़बरें आ रही थीं वहीं गुरुवार को पार्टी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा और कीर्ति आज़ाद खुलकर ममता बनर्जी के साथ आ गए. बाबुल सुप्रीयो ने भी कहा कि वह संकट के समय में पार्टी नहीं छोड़ेंगे.
इससे पहले पार्टी की लोकसभा सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने दावा किया है कि उनके साथ 20 सांसद हैं और उन्होंने लोकसभा स्पीकर से सदन में अलग बिठाने की मांग की है. हालांकि अब भी सयानी घोष और यूसुफ़ पठान के नाम पर संशय बना हुआ है.
विधानसभा में ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में ज़्यादातर पार्टी विधायकों ने अलग गुट बना ही लिया है.
संकट के ऐसे समय में क्या टीएमसी और ममता बनर्जी के लिए वापसी की कोई संभावना है? पार्टी में अभिषेक बनर्जी का स्टेटस क्या रहेगा और आखिर क्यों इतनी बड़ी संख्या में टीएमसी नेता पार्टी छोड़कर जाने की ख़बर आ रही है?
बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के संवाददाता दिलनवाज़ पाशा के ऐसे ही सवालों का टीएमसी सांसद कीर्ति आज़ाद ने जवाब दिया.
इस बातचीत में कीर्ति आज़ाद ने बहुत सी ऐसी बातें कही हैं जो राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो सकती हैं. बीबीसी हिन्दी उनकी कही बातों का समर्थन या पुष्टि नहीं करता.
विद्रोह या कोर्स करेक्शन
बीबीसी ने पूछा कि टीएमसी में फ़िलहाल क्या चल रहा है तो कीर्ति आज़ाद ने कहा कि पार्टी में कोई टूट नहीं हुई है.
उन्होंने कहा, ''पार्टी के 28 सांसद बरकरार हैं. हां लेकिन सुना है कि ऐसे भगोड़े हैं जो इतने सालों तक एक जोंक की तरह पलते रहे, वे भाग रहे हैं.''
कीर्ति आज़ाद ने कहा, '' बीजेपी कहती थी कि वो सबकुछ अलग करेगी. उनका वर्क कल्चर अलग होगा. अब उधार का सिंदूर मांग में डाल लिया अमित शाह जी ने तो मैं क्या करूं?''
'' शुभेंदु अधिकारी 5 लाख लेता हुआ कैमरा में पकड़ा गया था कि नहीं? वह आज इनका चीफ़ है और यह बात करते हैं हम भ्रष्टाचार भगाएंगे.''
'टीएमसी तो ममता बनर्जी ही हैं'
कीर्ति आज़ाद ने कहा, ''ममता बनर्जी ने अपने खून पसीने से पार्टी बनाई है. मार खाई, अपना माथा फटवा लिया, पसलियां टूटी, हाथ टूटा, बाल से खींचकर फेंक दिया गया, रीढ़ की हड्डी तोड़ दी गई, सीवर में फेंक दिया गया कि मर गई है. उसके बावजूद खड़ी हुई हैं. अगर कुछ है टीएमसी तो वह ममता बनर्जी है.''
कीर्ति आज़ाद बोले, ''जीत के बड़े साथी होते हैं, हार में कोई नहीं होता और जब ख़राब वक्त होता है उस समय इंसान का चरित्र पता लगता है. मेरा चरित्र ऐसा नहीं कि मैं धोखा दे दूं उस व्यक्ति को जिसने अपने दम पर पार्टी खड़ी की हो.''
''इन्होंने पहले कहा कि ममता बनर्जी को ब्लेम करो क्योंकि ममता को खत्म करना है. विपक्ष मुक्त भारत होना चाहिए न. हालांकि इन्होंने सबसे पहले तो शुरू किया था कांग्रेस मुक्त भारत, लेकिन हो गए कांग्रेस युक्त भाजपा. तो इन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के ख़िलाफ़ अभियान छेड़ेंगे. लेकिन लोग इसे बर्दाश्त नहीं करते. तो सोचा अभिषेक बनर्जी के ख़िलाफ़ अभियान छेड़ेंगे.''
''आख़िरकार अभिषेक बनर्जी ने पार्टी संभाल ली है. जूनियर है, लड़का है, नया है, खड़ा हो रहा है. कुछ (कमियां) होंगी तो उसको सिखाएंगे. भागने की क्या ज़रूरत है? तुमने चोरी की है कोई? काकोली दस्तीदार 5 लाख रुपये लेते हुए पकड़ी गईं. वह सच्चाई और करप्शन की बात कर रही हैं?
'कांग्रेस में विलय नहीं, गठजोड़ के रूप में लड़ेंगे'
क्या कांग्रेस ने तृणमूल कांग्रेस को विलय का प्रस्ताव दिया है.
इस सवाल के जवाब में कीर्ति आज़ाद ने कहा, '' कोई प्रस्ताव नहीं है और कोई विलय नहीं होगा. एक गठजोड़ के रूप में हम लड़ेंगे. ममता बनर्जी गई थी सोनिया गांधी से मिलने. इसके बाद से बीजेपी ने विलय की बात को हवा देना शुरू किया.''
''जहां तक पार्टी में टूट का सवाल है तो जब तक सांसदों की वह लिस्ट नहीं आती तब तक सब साथ में हैं. नाम तो मैं सबके सुनता हूं. अगर हमारे 20 सांसद चले गए हैं और काकोली दस्तीदार के पास में लिस्ट है, तो वह लिस्ट आउट करें.''
'' यूसुफ पठान को तो जबरदस्ती बुलाया गया. वह तो शरीफ आदमी है बेचारा. उसको म्युनिसिपिलिटी से ऑफिशियली जगह मिली. उसके बाद उसके पीछे पड़ गए बीजेपी वाले. दबाव दिए जा रहे हैं.''
'' उसको बुलाया गया परसों रात को कि आओ अमित शाह जी से मिलो. 10:30 बजे मिलेंगे. वह 2011 का वर्ल्ड कप जीता हुआ है, उसकी इज्ज़त है. वह 10:15 बजे पहुंच गया. बाहर गेट पर रोक दिया. उन्होंने दिखा दिया कि देखो तुम्हारा नाम लिखा है, कल सुबह आओ. उसके बाद से उसका फ़ोन ही स्विच ऑफ़ है. वह तो बेचारा राजनीति नहीं करता.''
सयानी घोष के बारे में क्या कहेंगे?
इस सवाल के जवाब में कीर्ति आज़ाद बोले, ''उसका इतना बढ़िया फ्यूचर था. मैं उसको हमेशा प्रोत्साहित करता था. उसने इलेक्शन में भाषण दिए मिलियंस व्यूज मिले. लेकिन अगर लोग इस प्रकार से सोच रहे हैं तो क्या किया जाए? कर गई होंगी किनारा. भाई जब तक लिस्ट नहीं आई तब तक मैं क्या कहूं?''
'तृण, मूल सब ममता बनर्जी के पास है'
पश्चिम बंगाल में बीजेपी को आए महीना भर हो चुका है. क्या बदलाव दिखा है?
इस सवाल पर कीर्ति आज़ाद ने कहा, '' उन्होंने कहा था जीतते ही जून से 33000 रुपये देंगे. 12 पन्ने का एक दस्तावेज पकड़ा दिया कि इसको भरो. वहां महिलाएं गाली दे रही हैं कि दीदी ठीक थी. इन्होंने कहा था एक लाख करोड़ रुपये बंगाल को डेवलपमेंट के लिए देंगे. डीए के लिए ये 31 दिसंबर तक कोर्ट में स्टे ले आए हैं. यह है बीजेपी.''
उन्होंने कहा, ''संगठन ममता बनर्जी का ही है. तृण और मूल दोनों उनके पास है. यह बड़ा प्रयास क्यों हो रहा है अभिषेक बनर्जी को बदनाम करने का? वे उनको साफ़ करना चाहते हैं. वह अकेली एकमात्र नेत्री हैं पूरे देश भर के अंदर जो खून-पसीने के संघर्ष से खड़ी हुईं. चुनौतियों का सामना करेंगे. सड़कों पर उतरेंगे, सड़कों पर उतर लड़ेंगे.''
कौन-कौन अभी ममता के साथ हैं और कौन-कौन जा चुके हैं.
इस पर कीर्ति आज़ाद ने कहा, ''सब मेरे साथ हैं जब तक लिस्ट नहीं आती. इन्होंने कहा कि 20 हैं तो दिखाओ न कौन से 20 हैं. अमित शाह जी काबिल हैं तोड़ने में. महाराष्ट्र में भी तोड़ दिया. जस्टिस डिलेड इज जस्टिस डिनाइड. जब तक रिज़ल्ट आएगा तब तक सरकारें बदल जाएंगी. लड़ेंगे और जीतेंगे.''
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.