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बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ द ईयर 2020: आज विजेता की घोषणा
इंतज़ार की घड़ियां अब बस ख़त्म ही होने वाली हैं. आज महिला दिवस पर बीबीसी के पाठकों, श्रोताओं और दर्शकों समेत तमाम लोगों के सामने स्पोर्ट्सवुमन ऑफ द ईयर अवॉर्ड की विजेता खिलाड़ी के नाम का ऐलान कर दिया जाएगा.
इस अवॉर्ड की पाँच नॉमिनी हैं- तेज धाविका दुती चंद, एयरगन शूटर मनु भाकर, शतरंज खिलाड़ी कोनेरू हम्पी, पहलवान विनेश फोगाट और भारतीय महिला फ़ील्ड हॉकी टीम की मौजूदा कप्तान रानी.
विजेता खिलाड़ी के नाम का ऐलान आज रात आठ बजे एक वर्चुअल समारोह के बाद किया जाएगा. आप इस समारोह को बीबीसी की सभी भारतीय भाषाओं की वेबसाइटों के सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर देख सकेंगे. यह समारोह आपको बीबीसी हिंदी, तमिल, तेलुगू, मराठी, गुजराती और पंजाबी भाषा की वेबसाइटों के सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर दिखेगा.
समारोह में बीबीसी लाइफ़टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड भी दिया जाएगा. यह अवॉर्ड किसी मशहूर महिला खिलाड़ी को खेलों में उनके योगदान के लिए दिया जाएगा.
किसी एक नॉमिनी को बीबीसी इमर्जिंग प्लेयर ऑफ़ द ईयर अवॉर्ड से भी नवाजा जाएगा. यह नई श्रेणी इस अवॉर्ड में इसी साल जोड़ी गई है.
चयन प्रक्रिया
बीबीसी स्पोर्ट्सवुमन ऑफ द ईयर अवॉर्ड के लिए भारतीय महिला खिलाड़ियों के नाम की सूची एक ज्यूरी ने तैयार की थी. खिलाड़ियों के नामों के चयन करने वाले पैनल में पूरे भारत से कुछ जाने-माने खेल पत्रकार, एक्सपर्ट्स और लेखकों को शामिल किया गया है.
ज्यूरी सदस्यों ने जिन पाँच महिला खिलाड़ियों को सबसे ज़्यादा वोट दिए, उन्हें ऑनलाइन पब्लिक वोटिंग के लिए नॉमिनेट किया गया. ऑनलाइन वोटिंग 8 से 24 फरवरी तक खुली थी.
बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ ईयर अवार्ड के एक हिस्से के तौर पर इस साल एक स्पेशल 'स्पोर्ट्स हैकथॉन' भी आयोजित किया गया. इस आयोजन का मक़सद विकिपीडिया पर भारतीय भाषाओं में भारतीय महिला खिलाड़ियों के बारे में और ज़्यादा जानकारी जोड़ना था.
ये वो खिलाड़ी थीं, जिनके बारे में विकिपीडिया पर न्यूनतम या नहीं के बारे में जानकारी थी. इस पहल के तहत इस अभियान में देश के 13 विश्वविद्यालयों के पत्रकारिता के 300 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया. इन लोगों के सहयोग से 50 भारतीय महिला खिलाडियों के बारे में विकिपीडिया में 300 एंट्री जोड़ी गईं.
इस बार के अवार्ड सीजन में तमाम तरह की बाधाओं को पार कर कामयाबी हासिल करने वाली पाँच भारतीय महिला खिलाड़ियों की प्रेरक कहानियों के बारे में लोगों को बताया गया.
इसके तहत बीबीसी ने 'चेंजमेकर' सिरीज़ चलाई. इसमें पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी पारुल परमार, हेप्टाथलीट स्वप्ना बर्मन, पैरा स्केटर प्रियंका दीवान, पूर्व खो-खो खिलाड़ी सारिका काले और रेसलर दिव्या काकरान की संघर्ष भरी सफलता की कहानियाँ बताई गईं.
इनके बीच है मुक़ाबला
1) मनु भाकर
उम्र : 19 , खेल : शूटिंग
मनु भाकर ने 16 साल की उम्र में ही इंटरनेशनल स्पोर्ट्स फ़ेडरेशन वर्ल्ड कप 2018 में महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल प्रतियोगिता का गोल्ड मेडल जीत लिया था.
वह ऐसा करने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय थीं. मनु भाकर ने 2018 के यूथ ओलंपिक गेम्स में भी गोल्ड मेडल जीता था. उसी साल उन्होंने 240.9 प्वाइंट के स्कोर के साथ महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल शूटिंग प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतकर कॉमनवेल्थ गेम्स रिकार्ड बनाया था.
2019 में उन्होंने शूटिंग वर्ल्ड कप फ़ाइनल में महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल शूटिंग प्रतियोगिता का गोल्ड मेडल जीता था.
2) दुती चंद
उम्र : 25 साल, खेल : एथलेटिक्स
दुती चंद 100 मीटर दौड़ में भारत की मौजूदा नेशनल चौंपियन हैं. इस तेज़ धाविका ने नेपल्स में आयोजित 2019 की वर्ल्ड यूनिवर्सेड में 100 मीटर इवेंट में गोल्ड मेडल जीता था.
2020 में दुती चंद को अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया. 2016 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों के लिए क्वालिफ़ाई करने वाली दुती तीसरी भारतीय महिला खिलाड़ी थीं. इससे पहले सिर्फ़ दो भारतीय महिलाओं ने इसके लिए क्वालिफ़ाई किया था.
2018 में जकार्ता में हुए एशियाई खेलों में दुती चंद ने 100 मीटर की दौड़ में सिल्वर मेडल अपने नाम किया था. 1998 के बाद इस इवेंट में यह भारत का पहला मेडल था. 2014 में 'फीमेल हाइपरएंड्रोजेनिज्म' के आरोप में दुती चंद पर बैन लगा दिया गया.
लेकिन उन्होंने स्पोर्ट्स आर्बिट्रेशन कोर्ट में इस बैन को चुनौती दी और जीत गईं. 2015 में उन पर लगा यह बैन ख़त्म कर दिया गया. दुती ने खुले तौर पर स्वीकार किया कि वह समलैंगिक हैं. वह पहली ऐसी गे एथलीट हैं, जिन्होंने काफ़ी ग़रीबी का सामना करते हुए अपना मुकाम हासिल किया है.
3) कोनेरू हम्पी
उम्र : 33 साल, खेल : शतरंज
2019 की महिलाओं की वर्ल्ड रैपिड चेस चैंपियन
2019 में महिलाओं की रैपिड चेस चैंपियनशिप जीत चुकीं कोनेरू हम्पी शतरंज की एक अब तक की बेहतरीन भारतीय महिला खिलाड़ियों में से एक हैं. आंध्र प्रदेश में पैदा हुईं कोनेरू की प्रतिभा को उनके पिता ने बचपन में ही पहचान लिया था.
15 साल से थोड़ी ही ज़्यादा उम्र में ही वह ग्रैंड मास्टर बन गई थीं. कोनेरू ने 2002 में यह उपलब्धि हासिल कर ली थीं. ऐसा करने वाली वह सबसे कम उम्र की खिलाड़ी थीं. 2008 में चीन की हाउ यीफान ने उनका यह रिकार्ड तोड़ा.
कोनेरू महिलाओं की रैपिड चेस प्रतियोगिता की मौजूदा चैंपियन हैं. उन्होंने दो साल के मातृत्व अवकाश के बाद वापसी की और दिसंबर 2019 में यह चैंपियनशिप जीती. वापसी के बाद भी उनके जीतने का सिलसिला जारी है.
2020 में उन्होंने केयर्न्स कप जीता. इसके साथ ही उन्होंने अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है. भारत का यह सर्वोच्च खेल पुरस्कार उन्हें 2003 में ही मिल गया था. कोनेरू को देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मश्री से 2007 में नवाजा गया था.
4) विनेश फोगाट
उम्र : 26 साल, खेल- रेसलिंग
वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता
वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत चुकीं विनेश फोगाट अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त महिला पहलवानों के परिवार से ताल्लुक रखती हैं. विनेश फोगाट जकार्ता में आयोजित एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला रेसलर थीं.
फोगाट के नाम कॉमनवेल्थ गेम्स का गोल्ड मेडल भी है. वह पहली भारतीय महिला रेसलर हैं जिन्होंने कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीते हैं.
सितंबर 2019 में उन्होंने पहली बार वर्ल्ड चैंपियनशिप में जीत हासिल की. इस चैंपियनशिप में उन्होंने कांस्य पदक जीता. 2020 में विनेश फोगाट ने रोम रैंकिंग सिरीज़ में गोल्ड मेडल जीता. पिछले साल उन्हें कोरोना हो गया था, लेकिन उन्होंने इसे भी हराया.
5) रानी
उम्र : 26 साल, खेल : ह़ॉकी
भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान
रानी फ़िलहाल भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान हैं. रानी पहली ऐसी पहली हॉकी खिलाड़ी हैं, जिन्होंने 2020 में प्रतिष्ठित 'वर्ल्ड गेम्स एथलीट ऑफ द ईयर' अवार्ड जीता.
नवंबर 2019 में अमेरिका के ख़िलाफ़ बेहद अहम गोल की बदौलत ही भारत महिला हॉकी टीम को टोक्यो ओलंपिक में खेलने का मौक़ा मिला. रानी रियो ओलंपिक में खेल चुकी भारतीय महिला हॉकी टीम की भी सदस्य रही हैं.
2010 में रानी वर्ल्ड कप हॉकी में खेलने वाली भारत की सबसे कम उम्र की महिला खिलाड़ी थीं. उस साल उन्हें 'यंग प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' अवार्ड से नवाजा गया था. भारतीय महिला हॉकी टीम ने 2018 के एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीता था, जबकि इसी साल वर्ल्ड कप में यह क्वार्टर फ़ाइनल में पहुँची थी.
इस साल कॉमनवेल्थ गेम्स में यह चौथे स्थान पर रही थी. रानी का परिवार काफ़ी गरीब था. हरियाणा की रहने वाली रानी के पिता तांगा चलाते थे. 2020 में रानी को भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री मिला था.
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