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प्रणीत मोरे ने स्टैंड-अप कॉमेडी मामले में मांगी माफ़ी, एमबीबीएस छात्रा को कॉलेज ने छुट्टी पर भेजा
सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो को लेकर विवादों में घिरीं एमबीबीएस की छात्रा सेजल पवार के ख़िलाफ़ कार्रवाई की गई है.
मुंबई के केईएम अस्पताल ने सेजल पवार को एक कॉमेडी शो के दौरान दिए गए उनके विवादास्पद बयान की जांच लंबित रहने तक 15 दिन की अनिवार्य छुट्टी पर भेज दिया है.
केईएम के डीन कार्यालय ने इस संबंध में एक प्रेस रिलीज़ जारी की है. इसमें कहा गया है कि जांच समिति फ़िलहाल इस मामले की विस्तृत जांच कर रही है.
रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जा सकती है.
इस बीच, स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणीत मोरे ने एक ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर विवादास्पद सामग्री पोस्ट करने को लेकर हुए विवाद के बाद सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगी है.
प्रणीत मोरे ने कहा, "मुझसे ग़लती हुई है, इसलिए कृपया मुझे माफ़ कर दें और मुझे एक मौक़ा दें."
इससे पहले प्रणीत मोरे, हिमांशु जांगड़ा, सेजल पवार और अन्य के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया था.
महाराष्ट्र साइबर सेल ने गुरुवार (11 जून) को इसे लेकर मामला दर्ज किया था.
'मैंने ग़लत बात कही, माफ़ी मांगती हूं'
इस बीच, पुरुषों के शवों के बारे में अपनी टिप्पणी के लिए सोशल मीडिया पर काफ़ी आलोचना झेलने के बाद सेजल पवार ने माफ़ी मांगी है.
उन्होंने एक वीडियो में कहा, "मैंने एक बहुत ही ग़लत टिप्पणी की."
वीडियो में सेजल पवार ने कहा, "मैं सभी से तहेदिल से माफ़ी मांगती हूं. मैंने एक बहुत ग़लत टिप्पणी की. मुझे इसके लिए बहुत खेद है. मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं ऐसा कुछ कह दूंगी."
सेजल पवार ने कहा, "ये वीडियो दो महीने पहले रिकॉर्ड किया गया था. मुझे बिल्कुल भी अंदाज़ा नहीं था कि दो महीने पहले का यह वीडियो इतना बड़ा विवाद खड़ा कर देगा. मैं अपनी टिप्पणी को लेकर सफ़ाई नहीं दूंगी. मुझे एहसास है कि यह मेरी ग़लती थी."
''सोशल मीडिया पर ग़लत बयानों की आलोचना करना लोगों का अधिकार है.''
उन्होंने यह भी कहा, ''भविष्य में वे इस बात का ध्यान रखेंगी कि उनका नाम ऐसे बयानों से न जुड़े.''
''मैंने और मेरे सहयोगियों ने हमेशा मृतकों का सम्मान किया है. हालांकि मैंने एक विशेष बयान दिया जो ग़लत था और नहीं दिया जाना चाहिए था. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में सार्वजनिक रूप से बोलते समय वे अधिक सावधान रहेंगी.''
इसी बीच, राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए प्रणीत मोरे और हिमांशु जांगड़ा को तलब किया है.
प्रणीत मोरे के गुरुग्राम में आयोजित एक कार्यक्रम से संबंधित कुछ वीडियो और क्लिप यूट्यूब, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हुए थे.
इसके बाद ही उनके ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है.
प्रणीत ने क्या कहा?
प्रणीत मोरे ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट करके माफ़ी मांगी है.
उन्होंने कहा, "मैं काफ़ी समय से माफ़ी मांगना चाहता था. लेकिन मेरा इंस्टाग्राम अकाउंट सस्पेंड कर दिया गया था."
प्रणीत ने कहा, "कार्यक्रम के दौरान वह लड़का जिस तरह से बयान दे रहा था और सब लोग हंस रहे थे, मैं भी भावनाओं में बहकर हंसने लगा था, लेकिन यह मेरी तरफ़ से एक बड़ी ग़लती थी."
"मैं उस समय उसे रोक सकता था या कड़ा रुख़ अपना सकता था, लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया."
प्रणीत ने माफ़ी मांगते हुए कहा, "मैंने उसे बोलने का मौका दिया. इस घटना से जिन लोगों को ठेस पहुंची है, उनसे मैं माफ़ी मांगता हूं. मैं जांच में सहयोग कर रहा हूं."
प्रणीत ने वीडियो में माफ़ी मांगते हुए कहा, "आप सभी कृपया मुझे एक मौका दें और मुझे माफ़ कर दें, मैं खुद को एक बेहतर इंसान साबित करूंगा. मैं अभी बहुत कुछ सीख रहा हूं, मैं निश्चित रूप से खुद को बदलूंगा,"
क्या है मामला ?
यह विवाद हिमांशु जांगड़ा की ओर से प्रणीत मोरे के शो में सुनाई गई एक घटना से शुरू हुआ.
उन्होंने एक लड़की के साथ अपनी डेटिंग का अनुभव साझा किया.
उन्होंने बताया था कि उसने चिकन बिरयानी की एक थाली पर 370 रुपये ख़र्च किए थे.
जांगड़ा ने कहा था कि बिरयानी पर ख़र्च किए गए पैसे या उसकी वापसी के बदले में वह उससे 'यौन संबंध' की उम्मीद कर रहा था.
उन्होंने इसका बहुत विस्तार से वर्णन किया और प्रणीत मोरे सहित दर्शक ज़ोर-ज़ोर से हंस रहे थे.
इसके बाद, सेजल पवार का एक वीडियो भी वायरल हो गया, जिसमें वह अपनी मेडिकल शिक्षा के दौरान शवों से जुड़े कुछ अनुभवों को साझा कर रही थीं. इसके बाद विवाद और भी बढ़ गया.
सेजल पवार ने पुरुष शवों के गुप्तांगों के बारे में विवादास्पद टिप्पणियां की थीं. इस कार्यक्रम में की गईं उनकी विवादास्पद टिप्पणियों पर देशभर से प्रतिक्रियाएं आईं.
इस घटना के बाद हिमांशु जांगड़ा को उनकी कंपनी से निकाल दिया गया.
वहीं दूसरी ओर, केईएम अस्पताल ने सेजल पवार के बयान की जांच के आदेश दिए हैं.
महाराष्ट्र साइबर विभाग ने 11 जून को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में सूचित किया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित आपत्तिजनक सामग्री के संबंध में कार्रवाई की गई है.
स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणीत मोरे और अन्य के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है.
इस मामले में महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने सेजल पवार और अन्य संबंधित व्यक्तियों को पूछताछ के लिए तलब किया है. जांच जारी है और कानून के प्रावधानों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.
राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी इस मामले का संज्ञान लिया है.
स्टैंड-अप कॉमेडियंस और कलाकारों ने क्या कहा
कई स्टैंड-अप कॉमेडियन और कलाकारों ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है.
कुशा कपिला ने एक वीडियो पोस्ट किया है. उन्होंने कहा है कि रचनाकार अपनी प्रकाशित सामग्री के लिए स्वयं ज़िम्मेदार होते हैं. उन्होंने कहा, "इस तरह की सामग्री अपलोड करना जानबूझकर किया गया फ़ैसला है. इसे कॉमेडी कहकर नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता."
रौनक रजनी ने कहा, "जिस देश में आज महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध इतने व्यापक रूप से फैले हुए हैं, वहां ऐसी चीज़ों को सामान्य कैसे माना जा सकता है?...हम सभी को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है, लेकिन हमें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि इस तरह की चीज़ों के असर के गंभीर नतीजे हो सकते हैं."
अभिनेता और स्टैंड-अप कॉमेडियन वीर दास ने भी इस पर टिप्पणी करते हुए लिखा, "किसी व्यक्ति के बारे में बहुत कुछ इस बात से पता चल सकता है कि उसके ख़िलाफ़ किन मामलों में एफ़आईआर दर्ज की गई है."
इंफ्लुएंसर डॉली सिंह ने भी अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट किया, "अगर आप सेट पर और मीडिया में खुद को समझदार, खुले विचारों वाला और महिलाओं का सम्मान करने वाला दिखाते हैं (खुद को नारीवादी कहना अतिशयोक्ति होगी), तो कम से कम सार्वजनिक रूप से और इंस्टाग्राम पर भी प्रदर्शन करते समय उस छवि को बनाए रखने का दिखावा करें."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.