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IPL 2020: स्टोइनिस, दिल्ली का वो खिलाड़ी जिसने दिलाई जीत, पंजाब का वो खिलाड़ी जिसके चलते हारी टीम
- Author, प्रदीप कुमार
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
- प्रकाशित
आईपीएल 2020 के दूसरे मुक़ाबले में दिल्ली कैपिटल्स का मुक़ाबला किंग्स इलेवन पंजाब से हुआ.
सीज़न के दूसरे मैच का नतीजा ही सुपर ओवर में जाकर निकला और ये क्रिकेट का ही रोमांच है जो दिल्ली की टीम पहले दस ओवरों में मुक़ाबले में नहीं दिख रही थी वह मैच जीतने में कामयाब रही.
वहीं दूसरी ओर किंग्स इलेवन पंजाब की टीम मैच जीतने की स्थिति में पहुंच गई थी वह आख़िरकार यह मुक़ाबला हार गई.
इस मैच में जहां एक और कुछ नए खिलाड़ियों ने अपनी चमक बिखेरी वहीं कुछ पुराने क्रिकेटरों ने दिखाया है कि उनका जलवा कायम है.
क्या क्या हुआ रात के सुपर ओवर के मुक़ाबले में उस पर एक नज़र डाल लेते हैं.
सुपर ओवर का रोमांच
सुपर ओवर में दोनों टीमों को मिलती है छह छह गेंद और उसमें बनाने होते हैं ताबड़तोड़ रन. पंजाब की टीम भी मिले थे छह गेंद लेकिन टीम के बल्लेबाज़ों के चलते उनकी पारी महज तीन गेंदों पर दो रनों पर सिमट गई.
कप्तान केएल राहुल दो रन बनाकर कागिसो रबाडा की गेंद पर आउट हुए और उसकी अगली ही गेंद पर निकोलस पूरन भी क्लीन बोल्ड हो गए. टीम के स्कोर कॉर्ड पर महज़ दो रन टंगे थे. पूरन ने 20 ओवरों के मुक़ाबले में भी अपना खाता नहीं खोला था और सुपर ओवर में भी उनका खाता नहीं खुल पाया.
दिल्ली को महज़ तीन रन बनाने थे, मोहम्मद शमी ने दूसरी गेंद वाइड फेंकी और उसके बाद ऋषभ पंत ने दो रन लेकर टीम को जीत दिला दी.
सुपर ओवर में रबाडा नंबर वन
कागिसो रबाडा ने सुपर ओवर में एक बार फिर दिखाया कि दबाव के पलों में भी वो पूरे नियंत्रण के साथ गेंदबाज़ी करना बखूबी जानते हैं. पहले तो उन्होंने तेज़ तर्रार बल्लेबाज़ी के लिए मशहूर केएल राहुल को छकाया और उसकी अगली गेंद पर वेस्टइंडीज़ के निकोलस पूरन को क्लीन बोल्ड कर दिया.
रबाडा मौजूदा दौर के सबसे प्रतिभाशाली गेंदबाज़ों में शुमार हैं और टी-20 क्रिकेट में वे ढेरों मौकों पर नाज़ुक पलों में टीम को जीत दिलाने का करिश्मा दिखा चुके हैं. आईपीएल के पिछले ही सीज़न में उन्होंने कोलकाता नाइटराइडर्स के सामने आंद्रे रसेल को अपनी यॉर्कर से छका कर सुपर ओवर में मैच बचाया था.
दिल्ली के लिए जिन खिलाड़ियों ने मैच बनाया उनमें आप कागिसो रबाडा को भी शामिल कर सकते हैं. क्योंकि सुपर ओवर में पहुंचाने के लिए स्टोइनिस की गेंद पर जॉर्डन का बेहतरीन कैच रबाडा ने ही लपका था.
लेकिन उससे भी अहम योगदान रहा आलराउंडर मार्कस स्टोइनिस का.
स्टोइनिस का दमदार प्रदर्शन
दरअसल जिस एक खिलाड़ी का दिल्ली की जीत में सबसे अहम योगदान रहा वे मार्कस स्टोइनिस ही रहे. पहले तो उन्होंने दिल्ली की बल्लेबाज़ी को संकट से बाहर निकाला. दिल्ली कैपिटल्स की टीम पहले 10 ओवरों में पचास रन नहीं बना सकी थी. लेकिन स्टोइनिस ने आख़िरी पांच ओवरों में जीत को जीतने लायक स्कोर तक पहुंचा दिया. इन पांच ओवरों में दिल्ली ने 64 रन बनाए.
इसमें स्टोइनिस ने 21 गेंदों पर 53 रन की धमाकेदार पारी खेली. जिसमें सात चौके और तीन दमदार छक्के शामिल थे. उनकी बल्लेबाज़ी के धमाल का अंदाज़ इससे लगाया जा सकता है कि पारी के 20वें ओवर में उन्होंने 30 रन ठोक दिए.
लेकिन उनकी इस पारी को पंजाब के मयंक अग्रवाल ने अपने दम पर लगभग नाकाम कर दिया था तभी मैच के अंतिम ओवर की गेंदबाज़ी मार्कस स्टोइनिस ने संभाली. पंजाब को जीत के लिए छह गेंदों पर 13 रन बनाने थे और मयंक अग्रवाल ने उनकी तीन गेंदों पर 12 रन ठोक दिए.
लेकिन स्टोइनिस को मालूम था कि एक गेंद से भी किस्मत पलट सकती है. उन्होंने मैच की अंतिम दो गेंदों पर दो विकेट लेकर मुक़ाबले को सुपर ओवर में पहुंचा दिया. जहां उनकी टीम आसानी से ये मुक़ाबला जीत गई. इसी वजह से उन्हें प्लेयर ऑफ़ द मैच चुना गया.
जीत दिलाने से कैसे चूके मयंक अग्रवाल
मयंक अग्रवाल पंजाब की ओर से पारी की शुरुआत करने उतरे और उन्होंने लगभग अकेले दम पर पंजाब को ना केवल संकट से बाहर निकाला बल्कि जीत की दहलीज तक पहुंचा दिया. जब जब लगा कि टीम पर दबाव बढ़ रहा है तब तब उनके बल्ले से निकलने वाले छक्के और चौकों ने टीम को मुक़ाबले में बनाए रखा.
पंजाब की टीम 10 ओवरों में 55 रन पर पांच विकेट गंवा चुकी थी लेकिन मयंक अग्रवाल ने एक छोर संभाले रखा. 19वें ओवर की पांचवीं गेंद पर कवर में हवा में खेल कर जब वे कैच आउट हुए तब तक उन्होंने 60 गेंदों पर सात चौकों और चार छक्कों की मदद से 89 रन बना लिए थे. लेकिन उनकी पूरी मेहनत पर पानी फिर गया जब उनकी टीम मुक़ाबला हार गई.
तो क्या मयंक अग्रवाल ही वो खिलाड़ी रहे जिसके चलते पंजाब की टीम को हार का सामना करना पड़ा, जब वे जीत दिलाने से चूक गए तो यह तो कहा ही जा सकता है.
पंजाब की हार के लिए सबसे ज़िम्मेदार कौन
लेकिन पंजाब की टीम की हार में उनसे भी बड़ी भूमिका एक दूसरे खिलाड़ी की रही. वो टीम के ऑलराउंडर क्रिस जॉर्डन रहे. इस पूरे मैच में क्रिस जॉर्डन ने क्या किया. ये जानकर आप उन्हें पंजाब की हार का सबसे बड़ा ज़िम्मेदार मानने लगेंगे.
क्रिस जॉर्डन ही वो ऑलराउंडर हैं जिनकी गेंदबाज़ी पर दिल्ली कैपिटल्स के बल्लेबाज़ों ने आख़िरी ओवर में 30 रन जुटाए थे. स्टोइनिस ने दो छक्के और तीन चौकों की मदद से दिल्ली कैपिटल्स के स्कोर को 150 के पार पहुंचा दिया था.
क्रिस जॉर्डन ने चार ओवरों में 56 रन खर्च किए. ये रन ही पंजाब को बेहद भारी पड़े.
हालांकि इस मुक़ाबले में जॉर्डन को टीम के लिए हीरो बनने का मौका भी मिला. जब मार्कस स्टोइनिस की आख़िरी गेंद पर उनके सामने महज एक रन बनाने की चुनौती थी लेकिन उन्होंने लेग स्टंप पर आती गेंद को सीधा कागिसो रबाडा के हाथों में खेल दिया. जिसके चलते ही मैच सुपर ओवर में पहुंचा.
दोनों टीम के कप्तानों ने किया निराश
वैसे दम साधने वाले इस मुक़ाबले में दोनों टीमों के कप्तानों ने खासा निराश किया. पंजाब के कप्तान केएल राहुल दोनों मौकों पर अपने बल्ले से कोई धमाल नहीं दिखा सके. और तो और सुपर ओवर में उन्होंने जिस तरह से मयंक अग्रवाल को नहीं उतारा उस पर भी सवाल उठ रहे हैं.
ये बात ठीक है कि मयंक अग्रवाल थक गए होंगे और दुबई की गर्मी और नमी से परेशानी में भी होंगे लेकिन महज छह गेंदों की बात थी और वे अपने पूरे टच में दिख रहे थे. लेकिन उन्हें सुपर ओवर में नहीं खिलाने का फ़ैसला भी पंजाब को बेहद महंगा पड़ा.
वहीं दिल्ली की कप्तानी कर श्रेयस अय्यर भी बहुत प्रभाव नहीं डाल पाए. हालांकि उन्होंने 39 रन ज़रूर बनाए लेकिन उनकी टीम ज़्यादातर मौकों पर बैकफुट पर ही नज़र आयी. 19वें ओवर में उन्होंने कागिसो रबाडा की गेंद पर मयंक अग्रवाल का ना केवल कैच टपका दिया और गेंद बाउंड्री के पार भी चली गई.
नहीं चले शिखर धवन - ग्लेन मैक्सवेल
दिल्ली कैपिटल्स को शिखर धवन से यहां बड़ी पारी की उम्मीद थी लेकिन उन्होंने निराश किया. दूसरे ओवर में मोहम्मद शमी की गेंद पर पंजाब के कप्तान और विकेटकीपर केएल राहुल से कैच छूट गया. लेकिन धवन यहां बड़े कैजुएल अंदाज़ में रनों के लिए आगे निकल आए.
उधर दूसरी ओर कैच टपकाने के बाद केएल राहुल ने फुर्तीले अंदाज़ में विकेट की ओर थ्रो कर दिया. हालांकि तब तक शिखर धवन ने वापसी की कोशिश ज़रूर की लेकिन वे जिस आधे अधूरे मन से रन के लिए भागे थे वैसे ही विकेट की ओर लौटते दिखे. नतीजा ये रहा कि शिखर धवन की आईपीएल में ख़राब शुरुआत हुई.
वहीं दूसरी ओर पंजाब के ग्लेन मैक्सवेल ने भी ख़ासा निराश किया. इंग्लैंड के ख़िलाफ़ अपने अंतिम वनडे में धमाकेदार शतक बनाने वाले मैक्सवेल से पंजाब को काफ़ी उम्मीदें थीं लेकिन उन्होंने चार गेंदों पर महज एक रन बनाए.
मोहम्मद शमी- आर अश्विन ने दिखाया दम
पंजाब की ओर से मोहम्मद शमी ने चार ओवरों में पंद्रह रन देकर तीन विकेट चटकाए. ये आईपीएल में उनका सबसे बेहतरीन स्पैल है अब तक का.
वहीं दूसरी ओर दिल्ली कैपिटल्स की ओर से आर अश्विन ने महज एक ओवर की गेंदबाज़ी की और उसमें दो विकेट झटक लिए. हालांकि इस ओवर के बाद वे अनफिट होकर मैदान से बाहर चले गए. लेकिन उनका ये ओवर एक तरह से मैच का टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ.
रवि बिश्नोई ने दिखाया अपना टैलेंट
इस मैच के तमाम नामचीन खिलाड़ियों के बीच जोधपुर के युवा रवि बिश्नोई भी अपना असर दिखाने में कामयाब रहे. महज 20 साल के इस युवा लेग ब्रेक गेंदबाज़ ने चार ओवरों की गेंदबाज़ी में अपनी विविधता से लोगों को चौंकाया. अपने पहले आईपीएल मुक़ाबले में रवि बिश्नोई ने ऋषभ पंत के तौर पर पहली कामयाबी भी हासिल कर ली.
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