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जम्मू कश्मीर के पूर्व उप राज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू नए सीएजी नियुक्त-आज की बड़ी ख़बरें
जम्मू कश्मीर के पूर्व उप राज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू को भारत का नया नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक घोषित किया गया है. इस संबंध में गुरुवार को नोटिस जारी किया गया.
बुधवार को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर जीसी मुर्मू ने धारा 370 हटाए जाने की पहली बरसी पर इस्तीफ़ा देकर हैरान कर दिया.
बुधवार शाम से ही उनके इस्तीफ़े और उनकी जगह किसी और की नियुक्ति की अटकलें लगनी शुरू हो गयी थीं.
गुरुवार सुबह राष्ट्रपति भवन से उनके इस्तीफ़े और पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता मनोज सिन्हा के नए लेफ्टिनेंट गवर्नर नियुक्त किये जाने की विज्ञप्ति भी आ गयी.
पिछले साल धारा 370 को निष्प्रभावी किये जाने के बाद, 31 अक्टूबर को गिरीश चंद्र मुर्मू को केंद्र शाषित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का लेफ्टिनेंट गवर्नर बनाया गया था.
60 वर्षीय पूर्व आईएएस अधिकारी गिरीश चंद्र मुर्मू को पिछले वर्ष 29 अक्तूबर को राज्यपाल सत्यपाल मलिक को गोवा भेजे जाने के बाद जम्मू-कश्मीर का उपराज्यपाल बनाया गया था.
गुजरात काडर के मुर्मू नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री रहने के दौरान राज्य के मुख्य सचिव रह चुके हैं.
सुशांत मामला: रिया चक्रवर्ती समेत छह पर सीबीआई की एफ़आईआर
सुशांत सिंह राजपूत मामले में सीबीआई ने रिया चक्रवर्ती और उनके पिता इंद्रजीत चक्रवर्ती समेत छह लोगों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की है.
एफ़आईआर में संध्या चक्रवर्ती, शोविक चक्रवर्ती, सैमुअल मिरांडा और श्रुति मोदी का भी नाम है.
सीबीआई ने इन सब पर आईपीसी के सेक्शन 420 (धोखाधड़ी), 506 (डराने-धमकाने) और 120-बी (आपराधिक) साज़िश समेत कई अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है.
हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सुशांत सिंह मामले की सीबीआई जांच कराने की सिफारिश की थी, जिसे केंद्र सरकार ने स्वीकार कर लिया था.
पिछले दिनों सुशांत सिंह के पिता केके सिंह ने पटना पुलिस में रिया चक्रवर्ती के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की थी. सुशांत सिंह राजपूत के पिता ने रिया चक्रवर्ती के ख़िलाफ़ एफ़आईआर में पैसा ऐंठने और आत्महत्या के लिए उकसाने की बात कही है.
सुशांत सिंह राजपूत 14 जून को अपने मुंबई स्थित घर पर मृत पाए गए थे.
सीबीआई ने इन सब पर आईपीसी के सेक्शन 420 (धोखाधड़ी), 506 (डराने-धमकाने) और 120-बी (आपराधिक) साज़िश समेत कई अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है.
सुशांत की गर्लफ़्रेंड रही रिया चक्रवर्ती ने उनकी मौत के एक महीने बाद ट्वीट कर गृह मंत्री अमित शाह से सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जाँच सीबीआई से कराने की मांग की थी.
उन्होंने लिखा था, "सर, मैं सुशांत सिंह राजपूत की गर्लफ़्रेंड हूं. सुशांत की मौत के एक महीने गुज़र गए. मुझे सरकार में पूरा भरोसा है. मैं चाहती हूं कि इस मामले में इंसाफ़ सुनिश्चित हो, इसलिए इसकी जांच सीबीआई से कराई जाए. मैं बस ये जानना चाहती हूं कि सुशांत ने किस दबाव में इतना बड़ा क़दम उठाया."
सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री में भाई-भतीजावाद पर भी ख़ूब बहस हुई. अभिनेत्री कंगना रनौत ने कई गंभीर आरोप लगाए, तो अनुराग कश्यप जैसे कई निर्देशकों ने इसे ख़ारिज भी किया. कई आरोप व्यक्तिगत भी हुए और लोगों ने एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप भी लगाए थे.
भारत चीन विवादः वीवो नहीं होगा आईपीएल का मुख्य स्पॉन्सर
आगामी इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) टूर्नामेंट के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और चीनी मोबाइल कंपनी वीवो ने अपना पार्टनरशिप करार ख़त्म कर दिया है.
बीसीसीआई ने गुरुवार को एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी.
इस बयान में कहा गया है, "बीसीसीआई और वीवो मोबाइल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने साल 2020 के इंडियन प्रीमियर लीग के लिए अपनी पार्टनरशिप सस्पेंड करने का फ़ैसला किया है."
बीसीसीआई और वीवो का ये फ़ैसला भारत और चीन के जारी जारी सीमा विवाद के बीच आया है. भारत-चीन सीमा विवाद की वजह से देश के कई हिस्सों में चीनी उत्पादों के बहिष्कार की मुहिम चलाई जा रही थी.
भारत में स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी वीवो ने साल 2018-22 तक की अवधि के लिए 22 अरब रुपये में आईपीएल के स्पॉन्सरशिप अधिकार खरीदे थे.
आलोचना के बाद आया फ़ैसला
इससे पहले आईपीएल गवर्निंग काउंसिल के एक सदस्य ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा था कि वीवो ने कोरोना महामारी के कारण पैदा हुए ख़राब कारोबारी माहौल की वजह से आंशिक रूप से सौदे से पीछे हटने का फ़ैसला किया था.
हांलाकि अभी तक वीवो ने इस पर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है.
इससे पहले रविवार को आईपीएल गवर्निंग काउंसिल की बैठक में वीवो को स्पॉन्सरशिप बरकरार रखी गई थी जिसकी काफ़ी आलोचना हुई थी.
स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय सह संयोजक अश्वनी ने आईपीएल के इस फ़ैसले की आलोचना करते हुए कहा था कि पूरी दुनिया चीन का बहिष्कार कर रही है और आईपीएल उन्हें संरक्षण दे रहा है.
कांग्रेस समेत कुछ विपक्षी पार्टियों ने भी इसे लेकर मोदी सरकार के 'आत्मनिर्भर भारत' मुहिम पर निशाना साधते हुए चीनी कंपनियों के मामले में 'दोहरा मापदंड' अपनाने का आरोप लगाया था.
आईपीएल का 13वां संस्करण 19 सितंबर से 10 नवंबर तक संयुक्त अरब अमीरात में दुबई, शारजाह और अबु धाबी में खेला जाएगा. इसके लिए बोर्ड को मोदी सरकार से ज़रूरी रज़ामंदी भी मिल गई है.
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