INDvsSA: भारत को जीत की राह पर लाएंगे ये पाँच क्रिकेटर?

    • Author, आदेश कुमार गुप्त
    • पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
  • प्रकाशित

इस साल के अपने पहले विदेशी दौरे न्यूज़ीलैंड में भारतीय क्रिकेट टीम ने शुरू में खेले गए पाँचों टी-20 मुक़ाबले अपने नाम किए. इसके बाद लगता था कि न्यूज़ीलैंड तीन मैचों की एकदिवसीय सिरीज़ में भी हथियार डाल देगा, लेकिन ऐसा नही हुआ.

न्यूज़ीलैंड ने पलटवार करते हुए पहले तो भारत को एकदिवसीय सिरीज़ में 3-0 से हराया और उसके बाद दो टेस्ट मैच की सिरीज़ भी आसानी से अपने नाम की.

अब भारतीय टीम गुरुवार से दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ तीन एकदिवसीय मैचों की सिरीज़ खेलेगी. इस सिरीज़ का पहला मैच धर्मशाला में खेला जाएगा जबकि दूसरा मैच 15 तारीख़ को लखनऊ में, तीसरा और आख़िरी मैच 18 मार्च को कोलकाता में खेला जाएगा.

ज़ाहिर है न्यूज़ीलैंड से एकतरफ़ा एकदिवसीय सिरीज़ 3-0 से हारने के बाद कप्तान विराट कोहली की कप्तानी में खेल रही भारतीय टीम बेहद दबाव में होगी.

दूसरी तरफ़ दक्षिण अफ्रीका ने अपने ही घर में क्विंटन डी कॉक की कप्तानी में खेलते हुए ऑस्ट्रेलिया जैसी मज़बूत टीम को तीन एकदिवसीय मैच की सिरीज़ में 3-0 से करारी मात दी. इस जीत से दक्षिण अफ्रीकी टीम के हौसले ज़रूर बुलंद होंगे.

दोनों टीमों के बीच अभी तक 84 एकदिवसीय मैच खेले गए हैं. इनमें से 46 में दक्षिण अफ्रीका और 35 में भारत जीता है. तीन मुक़ाबले टाइ रहे हैं.

एकदिवसीय सिरीज़ में कप्तान विराट कोहली के अलावा भारतीय टीम में शिखर धवन, केएल राहुल, पृथ्वी शॉ, श्रेयस अय्यर, मनीष पांडेय, शुभमन गिल, ऋषभ पंत, जसप्रीत बुमराह, युजवेंद्र चहल, कुलदीप यादव, रविंद्र जडेजा, हार्दिक पांड्या, भुवनेश्वर कुमार और नवदीप सैनी शामिल हैं.

शिखर धवन, भुवनेश्वर कुमार और हार्दिक पंड्या तो चोट से उभरकर टीम में वापसी कर रहे हैं.

दक्षिण अफ्रीका के बदले तेवर

दक्षिण अफ्रीका ने पिछले दिनों ऑस्ट्रेलिया को जब एकदिवसीय सिरीज़ में 3-0 से हराया तो उसके पहले मैच में हेनरी क्लासेन ने नाबाद 123 रनों की शतकीय पारी खेली. वहीं, अनुभवी डेविड मिलर ने 64 रन बनाए.

दक्षिण अफ्रीका ने 74 रन से मैच जीता. दूसरे मैच में दक्षिण अफ्रीका छह विकेट से जीता. इसमें सलामी बल्लेबाज़ जैनेमेन मालान ने नाबाद 129 और क्लासेन ने 51 रन बनाए.

तीसरा मैच भी दक्षिण अफ्रीका छह विकेट से जीता. इस मैच में क्लासेन ने नाबाद 68 और जेजे स्मूट्स में 84 रन बनाए.

भारत की स्थिति

क्रिकेट समीक्षक विजय लोकपल्ली भारत के कप्तान विराट कोहली, केएल राहुल, ऋषभ पंत, हार्दिक पांड्या और भुवनेश्वर कुमार को महत्वपूर्ण मानते हैं.

एक नज़र डालते हैं इन पाँचों खिलाड़ियों पर:

1. विराट कोहली

भारत के कप्तान विराट कोहली दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज़ माने जाते हैं लेकिन क्रिकेट समीक्षक विजय लोकपल्ली भी हाल ही में न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ उनकी नाकामी को लेकर हैरान हैं.

वो कहते हैं कि पिछली 11 पारियों में उनके बल्ले से केवल एक अर्धशतक निकला है.

उनके स्तर को देखते हुए इसे बहुत ख़राब बल्लेबाज़ी कहा जा सकता है. उन्हें न्यूज़ीलैंड के तेज़ और स्पंजी बाउंसी विकेट पर निश्चित तौर पर दिक्क़त हुई लेकिन जिन गेंदों पर वह आउट हुए वह भी बहुत अच्छी गेंद थी, इससे भी इनकार नही किया जा सकता.

अब इस सिरीज़ में कानपुर में ऐसा विकेट मिलेगा जिसे क्रिकेट की भाषा में पाटा यानि बल्लेबाज़ों के अनुकूल विकेट माना जाता है.

धर्मशाला और कोलकाता में भी वह उम्मीद करेंगे कि बल्लेबाज़ी वाला विकेट मिले. अब तीन मैचों की सिरीज़ में अगर वह अपनी खोई फ़ॉर्म हासिल कर लेते हैं तो यह टीम के लिए अच्छा होगा.

2. केएल राहुल

केएल राहुल पिछले कुछ समय से भारत के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज़ के रूप में उभरे हैं.

विजय लोकपल्ली मानते हैं कि राहुल की सबसे बड़ी ख़ासियत हर परिस्थिति में बहुत जल्दी अपने आपको ढाल लेना है.

न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ पहले एकदिवसीय मैच में उन्होंने नाबाद 88 और तीसरे मैच में 112 रन बनाए थे. उनके पास हर शॉट खेलने की क्षमता है.

कुछ क्रिकेट समीक्षक उन्हें विराट कोहली, रोहित शर्मा और चेतेश्वर पुजारा के बाद टेस्ट क्रिकेट का भी बेहतरीन और स्टाइलिश बल्लेबाज़ मानते हैं.

हालांकि वह टेस्ट क्रिकेट में अपनी जगह खो चुके हैं. दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ केएल राहुल पर सबकी विशेष नज़र रहेगी.

3. ऋषभ पंत

विजय लोकपल्ली कहते हैं कि जितने अवसर ऋषभ पंत को मिले हैं उसके बाद भी अगर उन पर सवाल है तो उसके ज़िम्मेदार वही हैं. अब तो ऋषभ पंत भी जान गए होंगे कि दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ होने वाली सिरीज़ उनके लिए टर्निंग पॉइट हो सकती है.

आख़िरकार चयनकर्ता भी उन्हें कब तक मौक़े दे सकते हैं कि वह नाकाम होकर भी टीम में हैं. वैसे एकदिवसीय क्रिकेट उन जैसे बल्लेबाज़ों के लिए ही है.

टेस्ट मैच में शॉट मारकर खेलते हुए आउट होना उनके लिए ठीक नहीं था. विजय लोकपल्ली कहते हैं कि टेस्ट क्रिकेट में तो सिर नीचा रखकर ही खेलना चाहिए.

एकदिवसीय क्रिकेट में टी-20 से भी अधिक समय मिलता है. अब उन पर बेहद दबाव है और शायद उन्हें एक अच्छी पारी की ज़रूरत है.

दो नए चयनकर्ताओं ने भी पुराने चयनकर्ताओं की बात पर भरोसा करते हुए उन्हें अवसर दिया है. अब ऋषभ पंत को उसका फ़ायदा उठाना चाहिए.

4. हार्दिक पंड्या

हार्दिक पंड्या चोट के उभरने के बाद टीम में आए हैं. वह बेहद निर्भीक खिलाड़ी हैं. विजय लोकपल्ली कहते हैं कि दरअसल यह बात उन्हें पूर्व कोच अनिल कुंबले ने बताई थी कि उन्होंने लम्बे समय बाद ऐसा खिलाड़ी देखा है जो डरता ही नहीं है.

वह किसी भी गेंदबाज़ को अपने फ़ुटवर्क के दम पर नहीं बल्कि चलकर हिट करने की क्षमता रखते हैं.

वह बहुत दमदार शॉट्स खेलते हैं. भारतीय टीम को एक ऐसे खिलाड़ी की ज़रूरत भी है जो अपने दम पर मैच को बदल सकता हो. वह बेहतरीन फ़ील्डर भी हैं.

वैसे हार्दिक पांड्या पिछले साल हुए आईसीसी विश्व कप क्रिकेट टूर्नामेंट के बाद भारत के लिए एकदिवसीय क्रिकेट खेल रहे हैं.

5. भुवनेश्वर कुमार

भुवनेश्वर कुमार कभी भारतीय गेंदबाज़ी की जान हुआ करते थे. उनकी स्विंग होती गेंदों का सामना करना ख़ासकर आख़िरी ओवरों में बेहद मुश्किल होता था.

पिछले कुछ समय से वह चोट से बहुत परेशान रहे हैं लेकिन अब वह काफ़ी आराम और उपचार करने के बाद टीम में आए हैं.

अगर भुवनेश्वर अपने पुराने रंग में आ गए तो भारत के लिए बहुत अच्छा होगा क्योंकि इस साल भारत को विश्व टी-20 भी खेलना है.

उनकी सबसे बड़ी ख़ासियत है कि वह बल्लेबाज़ो की मार से डरते नही हैं. वैसे भी पूरी दुनिया में शायद ही उन जैसे गेंदबाज़ हों जो पूरे नियंत्रण के साथ गेंदबाज़ी करते हों.

दोनों टीमों के बीच गुरुवार को होने वाला पहला एकदिवसीय मैच इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यह तीन मैच की ही सिरीज़ है.

भारत का दारोमदार भले ही विराट कोहली, केएल राहुल, ऋषभ पंत, हार्दिक पंड्या और भुवनेश्वर कुमार पर हो लेकिन दक्षिण अफ्रीका भी कप्तान क्विंटन डी कॉक, फॉफ डू प्लेसी, डेविड मिलर, हैंड्रिक्स, क्लासेन और तेज़ गेंदबाज़ एनगीडी और फेलुक्वायों के दम पर दमदार है.

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