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मैनचेस्टर सिटी पर यूरोपियन क्लब कंपटीशन्स के दो सीज़न के लिए लगा प्रतिबंध
मैनचेस्टर सिटी पर ख़राब खेल भावना और खेल के नियमों के उल्लंघन के आरोप में दो साल के लिए यूरोपियन क्लब कंपटीशन में खेलने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.
मैनचेस्टर सिटी पर यूनियन ऑफ़ यूरोपियन फ़ुटबॉल एसोसिएशंस (UEFA) के क्लब लाइसेंसिंग में गंभीर उल्लंघन के साथ खेल के प्रावधानों में वित्तीय गड़बड़ियां करने के आरोप हैं.
इसके साथ ही प्रीमियर लीग चैंपियन टीम पर भी 25 मिलियन पाउंड का जुर्माना भी लगाया गया है.
इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ खेलों के लिए बनाए गए कोर्ट ऑउ़ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट्स में अपील की जा सकती है.
मैनचेस्टर सिटी का कहना है कि वो इस फ़ैसले को लेकर ''निराश है लेकिन हैरान नहीं'' और इसके ख़िलाफ़ अपील करेगा.
क्लब फाइनेंशियल कंट्रोल बॉडी (CFCB) के इंडिपेंडेंट एडजुडिकेटरी चैंबर ने कहा कि मैनचेस्टर सिटी ने अपने खातों में स्पॉन्सरशिप से होने वाली कमाई ज़्यादा दिखाकर नियमों का उल्लंघन किया है और साल 2012 और 2016 में यूईएफ़ए को ग़लत जानकारियां भी दी हैं. सीएफसीबी ने यह भी कहा कि ''जांच में क्लब ने सहयोग नहीं किया''.
यह भी कहा जा रहा है कि सिटी को प्रीमियर लीग के प्वाइंट्स गंवाने पड़ सकते हैं क्योंकि लीग के एफएफपी नियम एकसमान हैं हालांकि यूईएफ़ए की तरह नहीं हैं.
यह प्रतिबंध मैनचेस्टर सिटी की महिला टीम पर लागू नहीं होगा.
मैनचेस्टर सिटी ने उठाए सवाल
मैनचेस्टर सिटी ने अपने बयान में कहा, ''क्लब ने हमेशा एक स्वतंत्र बॉडी की ज़रूरत पर ज़ोर दिया है, जिससे सबूतों के आधार पर निष्पक्ष प्रक्रिया चले और वो फ़ैसला अंतिम माना जाए.''
सिटी ने यह भी कहा, ''दिसंबर 2018 में यूईएफ़ए के मुख्य जांचकर्ता ने सार्वजनिक तौर पर इस बारे में अपना मत व्यक्त किया और मैनचेस्टर सिटी पर प्रतिबंध लगाए जाने की आशंका भी जताई थी, जबकि तब तक इस मामले में कोई जांच भी शुरू नहीं हुई थी.''
"यूईएफ़ए की लगातार त्रुटिपूर्ण और लीक की गई प्रक्रिया को उन्होंने देखा और महसूस किया कि इसके परिणाम विपरीत हो सकते हैं. क्लब ने औपचारिक रूप से यूईएफ़ए की अनुशासनात्मक बॉडी से इसकी शिकायत की है, जिसे सीएएस ने भी मान्य किया था.''
''सीधे तौर पर कहें तो यह केस यूईएफ़ए ने शुरू किया, यूईएफ़ए ने सुनवाई की और फ़ैसला भी यूईएफ़ए ने ही किया. बिना हमारा पक्ष सुने हुए जो एकतरफा फ़ैसले की प्रक्रिया थी वो अब ख़त्म हो गई है. क्लब अब निष्पक्ष फ़ैसले के लिए जल्द से जल्द अपील करेगा.''
ला लिगा प्रेसिडेंट जेवियर तेबास ने यूईएफ़ए के इस फ़ैसले की सराहना की. उन्होंने कहा, ''फ़ुटबॉल के भविष्य के लिए आर्थिक मामलों में गड़बड़ी के ख़िलाफ़ कार्रवाई करना बेहद ज़रूरी था.''
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