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BBC Hindi: बीते हफ़्ते की वो ख़बरें, जो शायद आप मिस कर गए
हेलो. उम्मीद है कि आप अच्छे होंगे, खुश होंगे और सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहे होंगे.
हम जानते हैं कि व्यस्तता की बीच आपके लिए सारी ख़बरों पर नज़र रखना मुश्किल रहता होगा.
ऐसे में हम लाए हैं बीते सप्ताह की कुछ दिलचस्प और अहम ख़बरें, जिन पर शायद आपकी नज़र ना गई हो.
ये छह ख़बरें आपने पढ़ लीं तो ये समझिए कि आप पूरी तरह से अपडेटेड हो गए.
ऋषि सुनक को ब्रिटेन के पीएम पद की रेस में चुनौती देने वाली लिज़ ट्रस कौन हैं?
लिज़ ट्रस ने अपने स्कूल के दिनों में एक नाटक में मारग्रेट थैचर का किरदार निभाया था जो ब्रिटेन की मशहूर प्रधानमंत्री थीं. लेकिन अब उनकी नज़र असल ज़िंदगी में प्रधानमंत्री बनने की राह पर है.
ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री की दौड़ में अंतिम दो उम्मीदवारों का फ़ैसला हो गया है. बोरिस जॉनसन की जगह पीएम पद पर अब या तो ऋषि सुनक काबिज़ होंगे या लिज़ ट्रस बैठेंगी.
बुधवार को कंज़रवेटिव सांसदों के बीच अंतिम दौर के मतदान में यह फ़ैसला हुआ. पाँचवें दौर के मतदान में ऋषि सुनक को सबसे अधिक 137 वोट मिले हैं, जबकि लिज़ ट्रस को 113 वोट मिले.
अब पार्टी के 1.6 लाख सदस्य पोस्टल बैलेट से मतदान करेंगे. 5 सितंबर को ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री के नाम का एलान होगा. बीते साल, 46 साल की उम्र में लिज़ ट्रस ब्रिटेन की दूसरी महिला विदेश मंत्री बनीं. इससे 15 साल पहले लेबर की मारग्रेट बैकेट विदेश मंत्री बनी थीं.
श्रीलंका में भारत क्या चीन पर हावी होता जा रहा है?
श्रीलंका में साल 2022 की शुरुआत से ही सरकार विरोधी प्रदर्शन हो रहे थे और अब, जुलाई में ये प्रदर्शन इतने उग्र हो गए कि गोटाबाया राजपक्षे को देश छोड़कर भागना तो पड़ा ही, उन्हें राष्ट्रपति पद से इस्तीफ़ा भी देना पड़ा.
श्रीलंका में जिस समय लोग गोटाबाया राजपक्षे के ख़िलाफ़ और उनके परिवार के ख़िलाफ़ नारे लगा रहे थे और प्रदर्शन कर रहे थे, उस समय कुछ नारे भारत विरोधी भी सुनाई दिए. भारत के ख़िलाफ़ भी कुछ लोग नारे लगाते दिखे. लोग कुछ इस तरह के नारे लगा रहे थे-
"भारत और अमेरिका के हाथों देश को मत बेचो"
"श्रीलंका,भारत का कोई दूसरा राज्य नहीं"
"भारत, श्रीलंका की स्थिति का फ़ायदा नहीं उठाओ"
ऐसे और उसी तरह के दूसरे कई नारे और बयान श्रीलंकाई प्रदर्शन के दौरान सुनने और पढ़ने को मिले.
लेकिन ऐसे में जबकि इस तरह की भारत-विरोधी भावनाएं अभी भी मौजूद हैं, श्रीलंका के लोग भारत के बारे में क्या सोचते हैं. ख़ासतौर पर ऐसे समय में जबकि श्रीलंका ऐतिहासिक आर्थिक संकट से जूझ रहा है.एक ओर जहां श्रीलंका के संदर्भ में बहुत से लोग भारत को 'बड़े भाई' वाली भूमिका में देखते हैं, वहीं एक बड़ा वर्ग ऐसा भी है जो श्रीलंका के मामले में भारत की भूमिका पर संदेह करते हैं.
पिछले कुछ सालों में सिंघला राष्ट्रवादियों और वामपंथी दलों ने कई बार भारत-विरोधी प्रदर्शन का नेतृत्व किया है. लेकिन मौजूदा समय में जबकि श्रीलंका बीते कुछ महीनों से ऐतिहासिक रूप से संकट से घिरा, तो उसने भारत का रुख़ किया और इस बात को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता है कि भारत की बीजेपी सरकार ने श्रीलंका की वित्तीय सहायता भी की. पूरी स्टोरी यहां पढ़ें...
चीन अंतरिक्ष में कैसे और क्यों कर रहा है खेती?
पहली नज़र में, यह पूरी दुनिया में कहीं भी हवा में लहलहाती गेहूं की फ़सल जैसी दिखाई देती है. लेकिन पूर्वोत्तर चीन में फ़सलों के विशाल खेत में मौजूद ये कोई साधारण पौधे नहीं हैं. वे अंतरिक्ष में उगाए गए थे.
यह गेहूं की एक क़िस्म है जिसे लुयुआन 502 कहा जाता है और यह चीन में दूसरी सबसे ज़्यादा उगाई जाने वाली गेहूं की क़िस्म है. इन पौधों को बीजों से उगाया गया है जिन्हें पृथ्वी की सतह से 200 मील (340 किमी) ऊपर ऑर्बिट में तैयार किये गए हैं.
अंतरिक्ष में और हमारे ग्रह की सुरक्षात्मक चुंबकीय ढाल के बाहर निम्न-गुरुत्वाकर्षण वातावरण में उन्होंने डीएनए में सूक्ष्म परिवर्तन किए, जिससे इन पौधों में नई विशेषताएं पैदा हुई, जिसने इन्हें सूखे को अधिक बर्दाश्त करने और कुछ बीमारियों के लिए अधिक प्रतिरोधी बना दिया है. ये उन महत्वपूर्ण फ़सलों की नई क़िस्मों का एक उदाहरण है, जो हमारे ग्रह की परिक्रमा करने वाले अंतरिक्ष यान और अंतरिक्ष स्टेशनों पर उगाई जा रही है.
दरअसल, वैज्ञानिकों को कुछ समय के लिए बीजों को अंतरिक्ष में भेजने से फ़सलों की नई क़िस्मों को विकसित करने में मदद मिलती है. पूरी स्टोरी यहां पढ़ें...
ओडिशा का वो गांव जहां से द्रौपदी मुर्मू का सफ़र शुरू हुआ
एनडीए की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को राष्ट्रपति पद के चुनाव में विपक्षी दलों के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को भारी अंतर से हराकर भारत की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति बनने की ओर कदम बढ़ा दिए हैं.
झारखंड की राज्यपाल रहीं द्रौपदी मुर्मू ने इस चुनाव में पहली वरीयता वाले 2,824 वोट हासिल किए. वहीं, उनके प्रतिद्वंद्वी यशवंत सिन्हा को प्रथम वरीयता के 1,877 वोट मिले. इस चुनाव में कुल 4,754 वोट पड़े, जिसमें से 4,701 वोट वैध थे, जबकि 53 अमान्य क़रार दिए गए.
द्रौपदी मुर्मू आगामी 25 जुलाई को राष्ट्रपति के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ लेंगी. ओडिशा की रहने वाली द्रौपदी झारखंड की राज्यपाल भी रह चुकी हैं. द्रौपदी मुर्मू के गांव की स्थिति क्या है और वहां के लोग उन्हें लेकर क्या कहते हैं,
करीना कपूर की तरह आलिया भट्ट भी तोड़ेंगी कपूर ख़ानदान का ये रिवाज
हिंदी फ़िल्म जगत में काफ़ी संघर्षों के बाद कुछ ही अभिनेत्रियों को अपना मुक़ाम हासिल करने का मौक़ा मिलता है. दूसरी ओर ऐसी भी कई अभिनेत्रियां हैं, जिन्हें ढेर सारा पैसा, प्यार और शोहरत तो मिला, लेकिन शादी और बच्चा होते ही उन्हें अपना शानदार करियर छोड़कर फ़िल्मों से दूरी बनाने को मजबूर होना पड़ा.
70 के दशक से हम वहीदा रहमान, मुमताज़, नूतन, नीतू कपूर, सायरा बानो जैसी कई अभिनेत्रियों को देख रहे हैं. बाद में भी यही ट्रेंड कायम रहा. ऐसी अभिनेत्रियों को शादी के बंधन में बंधते ही अपने सपनों और अरमानों को बक्से में बंद कर घर की ज़िम्मेदारियां संभालनी पड़ी.
बॉलीवुड में कपूर परिवार की भी परंपरा रही है कि शादी के बाद उनके घर की हीरोइनों को फ़िल्मों को अलविदा कहना पड़ा. फिर चाहे वो बबीता हों या नीतू कपूर. हालाँकि इस ट्रेंड को तोड़ने में अकेली करीना कपूर कामयाब रहीं. उन्होंने शादी के बाद भी कई बड़ी फ़िल्मों में काम किया. वो आज दो बच्चों की मां हैं, फिर भी वो लगभग सभी फ़िल्मों में लीड रोल कर रही हैं.
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