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कोरोना वायरस: जान पर खेलकर दुबई गईं भारत की ये 88 नर्सें
कोरोना संकट के दौर में एक तरफ़ जहां संयुक्त अरब अमीरात में फँसे प्रवासी भारतीयों की वतन वापसी कराई जा रही है, दूसरी तरफ़ स्वास्थ्य संकट से जूझ रहे यूएई की मदद के लिए भारतीय नर्सें दुबई रवाना हुई हैं.
इंडिया इन यूएई के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से इस बारे में जानकारी दी गई है. शनिवार को किए इस ट्वीट में कहा गया है:
भारतीय नर्सें दुबई में लैंड कर चुकी हैं. भारत और यूएई का आपसी सहयोग जारी है.
एक अन्य ट्वीट में कहा गया है, "स्वास्थ्यकर्मियों की ओर से भारत, यूएई और मानवता को सलाम. हम आप पर निर्भर हैं. आपको हमारा भी सलाम."
इस ट्वीट के साथ एक तस्वीर भी पोस्ट की गई है जिसमें मास्क लगाए और ग्लव्स पहने स्वास्थकर्मी सलाम करते नज़र आ रहे हैं.
भारत से आईसीयू (इंटेंसिव केयर यूनिट) की 88 नर्सें शनिवार रात दुबई पहुंची हैं. सभी नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों ने शनिवार रात साढ़े आठ बजे के लगभग बेंगलुरु एयरपोर्ट से दुबई के लिए उड़ान भरी.
इस हवाई यात्रा का इंतज़ाम एस्टर डीएम एल्थकेयर ग्रुप, भारतीय दूतावास और यूएई के विदेश मंत्रालय की मदद से हुआ था.
गल्फ़ न्यूज़ की वेबसाइट पर प्रकाशित ख़बर के अनुसार दुबई हेल्थ अथॉरिटी के महासचिव हुमौद अल क़ुतामी ने कहा, "ये पहल दोनों देशों के क़रीबी रिश्ते का प्रमाण है. ये सरकारी और निजी हेल्थ सेक्टर के बीच सहयोग का भी बेहतरीन उदाहरण है."
यूएई में भारत के राजदूत पवन कपूर ने कहा, "इस महामारी से लड़ने में भारत और यूएई रणनीतिक साझेदारी और मज़बूत सहयोग का प्रदर्शन कर रहे हैं. इन दोनों देशों के बीच दोस्ती का सिद्धांत है कि ज़रूरत में दोस्त की मदद की जाए. ये हमारे पुराने रिश्ते को और मज़बूत करेगा."
सोशल मीडिया पर इस बारे में अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. कुछ लोग भारत में ही दूसरे राज्यों में फँसे मज़दूरों की वापसी के बारे में सवाल कर रहे हैं.
कुछ लोगों ने उम्मीद जताई है कि इन नर्सों की सुरक्षा का पूरा ख़याल रखा जाएगा और उन्हें इतना बड़ा जोख़िम उठाने के लिए पर्याप्त भुगतान किया जाएगा.
कुछ ट्विटर यूज़र्स इसकी यह कहकर आलोचना कर रहे हैं कि भारत के हालात ख़ुद इतने ख़राब हैं और स्वास्थकर्मियों की कमी से जूझ रहा है. ऐसे में नर्सों को दूसरे देशों में भेजा जाना उचित फ़ैसला नहीं है.
एक ट्विटर यूज़र ने सलाह दी है कि वापसी के वक़्त इस विमान में यूएई में फँसे भारतीयों को वापस लाया जाए.
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