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महिलाओं को लीडर बनाने के ये कैसे सुझाव? #Social
- Author, टीम बीबीसी हिन्दी
- पदनाम, नई दिल्ली
- प्रकाशित
सोशल मीडिया पर हंगामा होने के बाद अमरीका की अकाउंटिंग फ़र्म 'एर्नेस्ट यंग' को कथित तौर पर महिला विरोधी सेमिनार आयोजित कराने पर माफ़ी मांगनी पड़ी है.
कंपनी की मेनेजिंग पार्टनर कैली ग्राइर ने इस मामले में एक बयान जारी किया है. उन्होंने कहा है कि कंपनी ने अपने कर्मचारियों के लिए जो लर्निंग प्रोग्राम करवाया था, उसमें वाक़ई 'आपत्तिजनक कंटेंट का प्रयोग हुआ था जोकि नहीं होना चाहिए था'.
इसी सप्ताह एक अमरीकी मीडिया रिपोर्ट में ये बात सामने आई थी कि 'एर्नेस्ट यंग' ने वर्ष 2018 में क़रीब 30 महिला कर्मचारियों को 'पावर-प्रज़ेंस-पर्पज़' (पीपीपी) नाम की एक सेमिनार के बाद 55 पन्नों की ट्रेनिंग सामग्री बांटी थी जिसमें उन्हें कैसे तैयार हुआ जाए, कंपनी में मर्दों के सामने कैसे 'अच्छे' से पेश आया जाए समेत कई अन्य सेक्सिस्ट सुझाव दिए गए थे.
एर्नेस्ट यंग दुनिया की सबसे बड़ी अकाउंटिंग कंपनियों में से एक है और क़रीब ढाई लाख लोग इस कंपनी में काम करते हैं जिनमें क़रीब 25 फ़ीसदी महिलाएं हैं.
#MeToo मूवमेंट के दौरान भी ये कंपनी चर्चा में आई थी जब एक कर्मचारी ने अपने सहयोगी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था.
ट्रेनिंग में हुआ क्या था
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी ने अपने ट्रेनिंग प्रोग्राम में महिलाकर्मियों को ये सुझाव दिए थे:
- अपने सौंदर्य और शरीर की नुमाइश ना करें
- काम के दौरान महिलाओं को अपने 'सांस्कृतिक जनाना लक्षण' दर्शाने चाहिए
- ऑफ़िस में उन्हें चमकीले गहने, ज़्यादा मेकअप और छोटे कपड़े नहीं पहनने चाहिए
- कम बोलें, संक्षिप्त में अपनी बात रखें
- बैठकों में मर्दों से सीधे बहस ना करें, अपनी शिक़ायत मीटिंग से पहले या बाद में बताएं
- मर्दों से बात करते हुए टांग पर टांग रखकर बैठें और बैठने के एंगल पर ख़ास ध्यान दें
सोशल मीडिया पर आलोचना
अमरीकी पत्रकार एमिली पेक ने ट्वीट किया कि "एर्नेस्ट यंग कंपनी में लीडरशिप ट्रेनिंग के दौरान महिलाओं को ये समझाया गया कि महिलाओं का दिमाग़, पुरुषों की तुलना में छोटा होता है. शर्मनाक."
अमरीका में एक साइबर कंपनी में बड़े पद पर कार्यरत मीकी इयॉन्ग ने ट्विटर पर लिखा "इस कंपनी ने जो किया उससे संबंधित रिपोर्टों ने मुझे गुस्से से भर दिया है."
ट्विटर यूज़र मेगन जैफ़नी लिखती हैं, "महिलाओं पर रूढ़िवादी ढकोसले थोपने का संबंध उन्हें लीडरशिप के लिए तैयार करने से नहीं हो सकता."
अमरीका में राजनीतिक कमेंट्री करने वाली लेखिका अमांडा मैर्कट ने लिखा है, "कंपनी की इस ट्रेनिंग का मक़सद भले ही महिलाओं को करियर में आगे बढ़ाना रहा हो, लेकिन लीडरशिप और पावर हासिल करने के लिए जो सबसे ज़रूरी चीज़ है वो है खुलकर बोलना, उसके लिए महिलाओं को क्यों हतोत्साहित किया गया."
बीते कुछ दिनों में अमरीका में सोशल मीडिया पर कंपनी को इसी तरह की तीखी आलोचना का सामना करना पड़ा है.
कंपनी की बड़ी अधिकारी कैली ग्राइर ने कहा है, "लर्निंग प्रोग्राम में जो बातें बताई गईं वो ना सिर्फ़ हमारे मूल्यों के ख़िलाफ़ हैं, बल्कि कंपनी की छवि के लिए भी ग़लत हैं. कंपनी ने अगर इस नीति को कभी भी सही माना होता तो मैं ख़ुद एक महिला होते हुए इस पद तक नहीं पहुँचती."
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