पैग़ंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी के ख़िलाफ़ रांची में शुक्रवार दोपहर बाद हुआ विरोध प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया. इसमें कई लोग घायल हो गए हैं, कुछ लोगों को गोलियां लगने की भी ख़बर है.
शहर के अलग-अलग अस्पतालों में लोगों का इलाज कराया जा रहा है. पुलिस-प्रशासन की कई टीमें हिंसाग्रस्त इलाक़ों में तैनात की गई हैं. इसके बाद स्थिति के नियंत्रण में होने का दावा किया जा रहा है.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस घटना की निंदा की है. उन्होंने लोगों से शांति की अपील की है. मुख्यमंत्री ने कहा, "कहीं न कहीं हम लोग सुनियोजित तरीके से कुछ ऐसी शक्तियों का शिकार हो रहे हैं, जिसका परिणाम हम सभी को भुगतना पड़ेगा. वर्तमान हालात में हम सब परीक्षा की घड़ी से गुजर रहे हैं. हो सकता है आगे और कठिन परीक्षाएं भी हों."
"हमें धैर्य नहीं खोना है. जो जुर्म करता है, उसे सज़ा भी मिलती है. इसलिए कोई भी हिंसक घटना को अंजाम ना दे, जिससे वे जुर्म का भागीदार हो जाए."
फिलहाल स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए रांची में कुछ जगहों पर धारा 144 लगा दी गई है.
दरअसल, रांची के मुस्लिम बहुल डेली मार्केट के दुकानदारों ने बीजेपी की निलंबित प्रवक्ता नूपुर शर्मा की गिरफ़्तारी की मांग को लेकर शुक्रवार की सुबह से ही अपनी दुकानें बंद रखी थी.
जुमे की नमाज़ के बाद लोग महात्मा गाँधी मार्ग (मेन रोड) स्थित मस्जिद के सामने भी विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. तभी अचानक उमड़ी सैकड़ों लोगों की भीड़ सड़क पर आगे बढ़ने लगी. इनमें से कुछ लोगों के हाथों में काले झंडे भी थे.
भीड़ को रोकने की पुलिस की कोशिशें प्रारंभिक तौर पर नाकामयाब हो गईं. इस दौरान मची भगदड़ के बाद स्थिति बिगड़नी शुरू हुई. इसके बाद मेन रोड पर स्थित हनुमान मंदिर के पास हुई पत्थरबाज़ी में कई लोगों को चोटें लगीं. कुछ पुलिसकर्मी और पत्रकारों को भी पत्थर लगे हैं.
इसके बाद पुलिस ने पहले तो लाठीचार्ज किया फिर फ़ायरिंग कर दी. इसमें डेढ़ दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए. कुछ लोगों को गोलियां भी लगीं हैं. इनका इलाज कर रहे अस्पतालों ने कुछ लोगों को गोलियां लगने की पुष्टि की है.
हालांकि, इसका वास्तविक आंकड़ा अभी उपलब्ध नहीं है. रांची प्रशासन ने इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है.
सोशल मीडिया पर अफ़वाहों का दौर
इस बीच सोशल मीडिया पर इस संबंधित कई वीडियो वायरल होने लगे और तरह-तरह की अफ़वाहें भी तैरने लगीं. तब रांची के उपायुक्त (डीसी) छविरंजन ने एक अपील जारी कर लोगों से अफ़वाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की.
उन्होंने कहा, "लोग बग़ैर आधिकारिक पुष्टि के किसी भी बात पर यक़ीन ना करें. एक ज़िम्मेदार नागरिक होने का परिचय दें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना नज़दीकी थाने को दें.
मंदिर के सामने हनुमान चालीसा का पाठ
इस बीच कुछ लोगों ने हनुमान मंदिर के सामने की सड़क पर ढोलक के साथ हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया. शाम होने पर बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री सी पी सिंह भी वहां पहुंचे और इस हिंसा के लिए सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया.