पश्चिम बंगाल: प्रदर्शनकारियों ने बीजेपी के एक दफ्तर में लगाई आग, पुलिस थाने पर भी हुआ हमला
हावड़ा जिले के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि भीड़ ने उलूबेड़िया इलाक़े में भाजपा के एक दफ्तर में भी आग लगा दी.
लाइव कवरेज
भूमिका राय and अभिनव गोयल
उत्तर प्रदेश: अब तक 109 लोगों की गिरफ्तारी, तोड़फोड़ करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई- पुलिस
उत्तर प्रदेश के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर, प्रशांत कुमार ने एक बयान जारी कर कहा है कि पैग़ंबर मोहम्मद के ख़िलाफ़ विवादित टिप्पणी को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों में अब तक 109 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है.
उन्होंने कहा, "कुछ लोगों ने जानबूझकर शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश की है. जिसके बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अलग-अलग जगहों से शाम के साढ़े सात बजे तक 109 लोगों की गिरफ्तारी की है."
"ये गिरफ्तारियां मुरादाबाद, सहारनपुर, अंबेडकरनगर, प्रयागराज और फिरोज़ाबाद में हुई हैं."
साथ ही उन्होंने कहा, "तोड़फोड़ करने वालों की पहचान कर ली गई है और उनके ख़िलाफ़ गंभीर धाराओं में अभियोग दर्ज किया जा रहा है. जो भी सरकारी और प्राइवेट संपत्ति की क्षति हुई है उसकी दंगाइयों से वसूली की जाएगी."
"इन लोगों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट लगाया जाएगा और उनकी संपत्ति जब्त की जाएगी."
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पश्चिम बंगाल: प्रदर्शनकारियों ने बीजेपी के एक दफ्तर में लगाई आग, पुलिस थाने पर भी हुआ हमला
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Author, प्रभाकर मणि तिवारी
पदनाम, कोलकाता से, बीबीसी हिंदी के लिए
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पैग़ंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी के ख़िलाफ़ शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में कई जगहों पर धरना प्रदर्शन और आगज़नी का दौर जारी रहा.
भाजपा नेताओं की गिरफ्तारी की मांग कर रहे लोगों ने डोमजूड़ थाने पर भी हमला किया जिसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए. जिले के पांचला ग्रामीण इलाक़े में भाजपा के एक दफ्तर के अलावा कुछ वाहनों में भी आग लगा दी गई. पुलिस के एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी है.
इससे पहले बृहस्पतिवार को भी इसी मुद्दे पर सैकड़ों लोगों ने हाईवे पर वाहनों की आवाजाही ठप कर दी थी.
आख़िर में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अपील पर करीब 10 घंटे बाद धरना खत्म हो सका था.
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उसके बाद शुक्रवार को जुमे की नमाज़ ख़त्म होने के बाद सैंकड़ों की संख्या में लोग दोबारा सड़कों पर उतर आए और नारेबाज़ी करने लगे. ये लोग नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल को फौरन गिरफ्तार करने की मांग कर रहे थे.
हावड़ा जिले के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि भीड़ ने उलूबेड़िया इलाक़े में भाजपा के एक दफ्तर में भी आग लगा दी. जिले में कई जगह सड़कों पर वाहनों की आवाजाही भी ठप कर दी गई. कुछ जगहों पर आगज़नी की छिटपुट घटनाएं भी हुई हैं.
हावड़ा ज़िले में तनावपूर्ण हालात के मद्देनज़र 13 जून सुबह 6 बजे तक इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं. इस दौरान वॉयस कॉल और एसएमएस पर कोई पाबंदी नहीं होगी.
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जिले के चेंगाइल इलाके में रेल की पटरियों पर धरना-प्रदर्शन की वजह से हावड़ा-खड़गपुर सेक्शन में करीब सात घंटे तक ट्रेनों की आवाजाही ठप रही.
पूर्व रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि इस वजह से सात लोकल ट्रेनेंरद्द करनी पड़ी.
इस बीच, राज्यपाल जगदीप धनखड़ने मुख्य सचिव से कानून और व्यवस्था की स्थिति पर रात दस बजे तक रिपोर्ट मांगी है.
राज्यसभा चुनाव के नतीजे घोषित, जानिए कौन कहां से जीता?
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चार राज्यों की 16 सीटों पर राज्यसभा चुनाव के लिए शुक्रवार को मतदान हुआ.
राजस्थान में राज्यसभा की कुल 10 सीटें हैं. शुक्रवार को 4 सीटों के लिए वोटिंग हुई जिसमें कांग्रेस के तीन और बीजेपी के एक उम्मीदवार की जीत हुई है.
कांग्रेस की तरफ से रणदीप सुरजेवाला, प्रमोद तिवारी और मुकुल वासनिक चुनावी मैदान में थे. चुनाव जीतने पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तीनों को बधाई दी है.
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एक सीट पर भाजपा के घनश्याम तिवाड़ी ने जीत दर्ज की. वहीं निर्दलीय उम्मीदवार सुभाष चंद्रा को हार का सामना करना पड़ा है. सुभाष चंद्रा को बीजेपी ने समर्थन दिया था लेकिन वे जीत हासिल करने में नाकामयाब रहे.
हालांकि बीते मंगलवार सुभाष चंद्रा ने जयपुर में प्रेस वार्ता कर अपनी जीत का दावा किया था और कहा था कि कांग्रेस के आठ विधायक उनके लिए क्रॉस वोटिंग करेंगे लेकिन ऐसा नहीं हो पाया.
कर्नाटक में बीजेपी को तीन सीट
कर्नाटक की कुल चार सीटों में से बीजेपी के खाते में तीन और कांग्रेस के हिस्से एक सीट आई है.
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वहीं, कांग्रेस से वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने जीत हासिल की है.
बीजेपी के पास दो ही सीटों के लिए पूर्ण बहुमत था लेकिन कांग्रेस और जनता दल (एस) के बीच सहमति ना होने से तीसरी सीट भी बीजेपी के खाते में चली गई.
जनता दल (एस) के पास राज्यसभा की एक भी सीट नहीं आई है. कर्नाटक विधानसभा में कुल 224 सीटें हैं. बीजेपी के पास 122 सदस्य हैं जबकि उसके पास एक-दो स्वतंत्र विधायकों का भी समर्थन है.
कांग्रेस के पास 69 विधायक हैं और एक स्वतंत्र विधायक का समर्थन है जबकि जनता दल सेक्युलर के कुल 32 विधायक हैं.
राज्यसभा की 57 सीटों में से 16 सीटों के लिए आज चुनाव हुए हैं. 41 सीटों पर पहले ही उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत हो चुकी है. महाराष्ट्र, राजस्थान, कर्नाटक और हरियाणा में 16 सीटों पर चुनाव हुए.
इसके अलावा हरियाणा में दो सीटों के लिए और महाराष्ट्र में कुल छह सीटों के लिए मतदान हुआ है जिसका परिणाम अभी आना बाकी हैं.
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने की उल्लेमाओं से टीवी चैनलों के बहिष्कार की अपील
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इमेज कैप्शन, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना ख़ालिद सैफ़ुल्लाह रहमानी
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने बयान जारी कर इस्लामिक विद्वानों (उलेमा) और बुद्धिजीवियों से अपील की है कि वो टेलीविजन पर आने वाले उन डिबेट में हिस्सा ना लें जिनका एकमात्र मकसद इस्लाम और मुसलमान का मज़ाक उड़ाना और अपमान करना है.
जारी किए गए बयान में लॉ बोर्ड ने कहा है कि माना जाता था कि इन कार्यक्रमों में हिस्सा लेकर वे इस्लाम और मुसलमानों की सेवा कर सकते हैं, लेकिन इसकी बजाय वे खुद इस्लाम और मुसलमानों के अपमान का कारण बन जाते हैं.
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बयान में कहा गया है, "इन प्रोग्राम का मकसद किसी निष्कर्ष पर पहुंचना नहीं है बल्कि इस्लाम और मुसलमानों को बदनाम करना है. थोड़ा भरोसा हासिल करने के लिए टीवी चैनलों को अपने डिबेट वाले प्रोग्राम में मुसलमान चेहरों की ज़रूरत है. हमारे कमी के चलते हमारे इस्लामी विद्वान और बुद्धिजीवी ऐसे एजेंडे के शिकार हो रहे हैं."
इसके साथ ही बयान में चैनलों का बहिष्कार करने की अपील की गई है. बयान में कहा गया है कि ऐसा करने से ना केवल चैनलों की टीआरपी कम होगी.
ये बयान ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना ख़ालिद सैफ़ुल्लाह रहमानी के साथ अन्य लोगों ने संयुक्त रूप से जारी किया है.
हिंसक प्रदर्शनों में बच्चों का इस्तेमाल करने वालों के ख़िलाफ़ होगी कार्रवाई - NCPCR
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राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) का कहना है कि पैगंबर मोहम्मद पर आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में हो रहे हिंसक प्रदर्शनों में बच्चों का इस्तेमाल किया जा रहा है.
आयोग का कहना है कि ऐसा करने वालों के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी.
शुक्रवार को दिल्ली समेत देश के कई राज्यों में हिंसक प्रदर्शन हुए. जहां प्रदर्शनकारियों ने आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले नेता नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल को गिरफ्तार करने की मांग की.
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के प्रमुख प्रियंक कानूनगो ने ट्वीट कर कहा कि आज फिर जगह जगह हिंसक प्रदर्शनों में बच्चों के उपयोग की घटनाएं सामने आई हैं.
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इससे पहले, प्रियंक कानूनगो ने उत्तर प्रदेश पुलिस से यह जांच करने के लिए कहा था कि क्या कानपुर में हाल ही में हुई सांप्रदायिक हिंसा में बच्चों को ‘असामाजिक’ तत्वों द्वारा शामिल किया गया था.
पिछले हफ्ते पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी के विरोध में कानपुर के कुछ हिस्सों में हुई सांप्रदायिक हिंसा में 20 पुलिसकर्मियों सहित कम से कम 40 लोग घायल हो गए थे.
रांची: विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा में कई घायल, स्थिति तनावपूर्ण
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Author, रवि प्रकाश
पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए, रांची से
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पैग़ंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी के ख़िलाफ़ रांची में शुक्रवार दोपहर बाद हुआ विरोध प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया. इसमें कई लोग घायल हो गए हैं, कुछ लोगों को गोलियां लगने की भी ख़बर है.
शहर के अलग-अलग अस्पतालों में लोगों का इलाज कराया जा रहा है. पुलिस-प्रशासन की कई टीमें हिंसाग्रस्त इलाक़ों में तैनात की गई हैं. इसके बाद स्थिति के नियंत्रण में होने का दावा किया जा रहा है.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस घटना की निंदा की है. उन्होंने लोगों से शांति की अपील की है. मुख्यमंत्री ने कहा, "कहीं न कहीं हम लोग सुनियोजित तरीके से कुछ ऐसी शक्तियों का शिकार हो रहे हैं, जिसका परिणाम हम सभी को भुगतना पड़ेगा. वर्तमान हालात में हम सब परीक्षा की घड़ी से गुजर रहे हैं. हो सकता है आगे और कठिन परीक्षाएं भी हों."
"हमें धैर्य नहीं खोना है. जो जुर्म करता है, उसे सज़ा भी मिलती है. इसलिए कोई भी हिंसक घटना को अंजाम ना दे, जिससे वे जुर्म का भागीदार हो जाए."
फिलहाल स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए रांची में कुछ जगहों पर धारा 144 लगा दी गई है.
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ऐसे बिगड़ा माहौल
दरअसल, रांची के मुस्लिम बहुल डेली मार्केट के दुकानदारों ने बीजेपी की निलंबित प्रवक्ता नूपुर शर्मा की गिरफ़्तारी की मांग को लेकर शुक्रवार की सुबह से ही अपनी दुकानें बंद रखी थी.
जुमे की नमाज़ के बाद लोग महात्मा गाँधी मार्ग (मेन रोड) स्थित मस्जिद के सामने भी विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. तभी अचानक उमड़ी सैकड़ों लोगों की भीड़ सड़क पर आगे बढ़ने लगी. इनमें से कुछ लोगों के हाथों में काले झंडे भी थे.
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भीड़ को रोकने की पुलिस की कोशिशें प्रारंभिक तौर पर नाकामयाब हो गईं. इस दौरान मची भगदड़ के बाद स्थिति बिगड़नी शुरू हुई. इसके बाद मेन रोड पर स्थित हनुमान मंदिर के पास हुई पत्थरबाज़ी में कई लोगों को चोटें लगीं. कुछ पुलिसकर्मी और पत्रकारों को भी पत्थर लगे हैं.
इसके बाद पुलिस ने पहले तो लाठीचार्ज किया फिर फ़ायरिंग कर दी. इसमें डेढ़ दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए. कुछ लोगों को गोलियां भी लगीं हैं. इनका इलाज कर रहे अस्पतालों ने कुछ लोगों को गोलियां लगने की पुष्टि की है.
हालांकि, इसका वास्तविक आंकड़ा अभी उपलब्ध नहीं है. रांची प्रशासन ने इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है.
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सोशल मीडिया पर अफ़वाहों का दौर
इस बीच सोशल मीडिया पर इस संबंधित कई वीडियो वायरल होने लगे और तरह-तरह की अफ़वाहें भी तैरने लगीं. तब रांची के उपायुक्त (डीसी) छविरंजन ने एक अपील जारी कर लोगों से अफ़वाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की.
उन्होंने कहा, "लोग बग़ैर आधिकारिक पुष्टि के किसी भी बात पर यक़ीन ना करें. एक ज़िम्मेदार नागरिक होने का परिचय दें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना नज़दीकी थाने को दें.
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मंदिर के सामने हनुमान चालीसा का पाठ
इस बीच कुछ लोगों ने हनुमान मंदिर के सामने की सड़क पर ढोलक के साथ हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया. शाम होने पर बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री सी पी सिंह भी वहां पहुंचे और इस हिंसा के लिए सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया.
10 जून 2022 का ‘दिनभर: पूरा दिन, पूरी ख़बर’
10 जून 2022 का ‘दिनभर: पूरा दिन, पूरी ख़बर’ सुनिए वात्सल्य राय और अंजुम शर्मा के साथ
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पैग़ंबर मोहम्मद पर आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर बांग्लादेश के कई शहरों में प्रदर्शन
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पैग़ंबर मोहम्मद को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में शुक्रवार को बांग्लादेश की राजधानी ढाका समेत देश के कई जिलों में जुमे की नमाज़ के बाद विरोध प्रदर्शन किए गए.
यहां अलग-अलग जगहों पर सैकड़ों की संख्या में लोगों ने हाथों में पोस्टर लेकर नूपुर शर्मा के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी की.
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बांग्लादेश के अखबार द डेली स्टार के मुताबिक़ प्रदर्शनकारियों ने राजधानी ढाका के सावर बस स्टैंड इलाक़े में ढाका-अरिचा हाईवे को रोक दिया.
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इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों के एक दूसरे समूह ने बिपैल इलाक़े में नबीनगर-चंद्रा हाईवे को जाम कर नारेबाज़ी की.
वहीं नारायणगंज में, नारायणगंज उलेमा परिषद के बैनर तले प्रदर्शनकारियों ने शहर में डीआईटी रेलवे मस्जिद के परिसर में पैग़ंबर मोहम्मद को लेकर नूपुर शर्मा की टिप्पणी के विरोध में जुलूस निकाला.
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प्रदर्शनकारियों ने पैग़ंबर मोहम्मद को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों की ख़िलाफ़ गिरफ्तारी की मांग की है.
अख़बार के मुताबिक़ पाबना ज़िले में इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश ने विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया था. प्रदर्शनकारियों ने भारतीय सामान का बहिष्कार करने का भी आह्वान किया है.
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पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी को लेकर हिंसक प्रदर्शनों पर सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा- कश्मीर की तरह दिख रहा है बाक़ी भारत
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बीजेपी नेता और पूर्व सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा है कि आज बाक़ी भारत कश्मीर की तरह दिख रहा है.
बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा के बयान को लेकर जुमे की नमाज़ के बाद भारत के कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन हुए हैं.
प्रदर्शनकारी नूपुर शर्मा की गिरफ़्तारी की मांग कर रहे हैं.
कई इलाक़ों में प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया और कई जगह वाहनों में आग लगा दी गई.
उत्तर प्रदेश, झारखंड, दिल्ली, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और कई अन्य जगहों से प्रदर्शन की रिपोर्टें आ रही हैं.
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इन प्रदर्शनों को देखते हुए स्वामी ने अपने ट्वीट में लिखा है- आज बाक़ी भारत कश्मीर की तरह दिख रहा है. जबकि हम ये चाहते थे कि कश्मीर बाक़ी भारत की तरह दिखे. क्या गृह मंत्री के रूप में अमित शाह को किसी समाधान के बारे में पता है? अगर अगले 48 घंटे में स्थिति नियंत्रण में नहीं आती, तो क्या अमित शाह को गृह मंत्री बने रहना चाहिए? उन्होंने आगे लिखा है कि ये नरेंद्र मोदी का फ़ैसला होगा. पिछले दिनों बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा ने एक टीवी डिबेट के दौरान पैगंबर मोहम्मद पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसको लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है.
कानपुर में हुई हिंसा को भी नूपुर शर्मा के बयान से जोड़कर देखा गया. बाद में कई मुस्लिम देशों ने नुपूर शर्मा के बयान पर आपत्ति जताई और भारतीय दूतों को बुलाकर अपनी नाराज़गी भी जताई. बीजेपी ने नूपुर शर्मा को पार्टी से निलंबित कर दिया है, जबकि आपत्तिजनक ट्वीट करने वाले नवीन जिंदल को भी पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है. एक दिन पहले ही दिल्ली पुलिस ने नूपुर शर्मा के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की है. लेकिन अभी तक उनकी गिरफ़्तारी नहीं हुई है.
पैग़ंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी को लेकर जुमे की नमाज़ के बाद भारत के कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन
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जुमे की नमाज़ के बाद भारत के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए हैं. कई शहरों में पुलिसवालों पर पथराव भी हुए.
पश्चिम बंगाल के हावड़ा में सैकड़ों की संख्या में लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया.
आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले बीजेपी के नेताओं का लोगों ने पुतला भी फूंका.
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महाराष्ट्र के नवी मुंबई में सैंकड़ों की संख्या में महिलाओं ने पैग़ंबर मोहम्मद को लेकर विवादित टिप्पणी देने वाले बीजेपी के नेताओं के ख़िलाफ़ रैली निकाली.
इसके साथ ही सोलापुर में भी बड़ी संख्या में लोग जमा हुए और नारेबाज़ी की.
उत्तर प्रदेश के अलग अलग शहरों में सैकड़ों की संख्या में लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और पैग़ंबर मोहम्मद पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों को गिरफ्तार करने की मांग की. कई जगहों से आगजनी और पत्थरबाजी की खबरें भी सामने आई हैं.
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में लोगों सैकड़ों लोगों ने नारेबाजी की. लोगों को हटाने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा.
वहीं कानपुर में 3 जून को हुई सांप्रदायिक हिंसा को देखते हुए पुलिस ड्रोन से निगरानी कर रही है. सुरक्षाबलों ने इलाके में फ्लैग मार्च किया है. हालात को काबू में रखने के लिए पीएसी की कंपनियों को भी तैनात किया गया है.
बीते शुक्रवार को जुमे की नमाज़ के बाद कानपुर के बेकनगंज थाना क्षेत्र के नई सड़क इलाक़े में सांप्रदायिक हिंसा देखने को मिली थी.
प्रयागराज में विरोध प्रदर्शन के बाद पत्थरबाज़ी हुई है. पत्थर चलाने वालों ने पुलिस की गाड़ी को भी निशाना बनाया है.
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भीड़ को हटाने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स को आँसू गैस के गोले चलाने पड़े हैं. सड़कों पर खड़ी कई रिक्शा में लोगों ने आग लगा दी है.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पत्थरबाजी करने वालों के खिलाफ पुलिस को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.
हैदराबाद में मक्का मस्जिद के बाहर लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया. हालात को काबू में रखने के लिए सीआरपीएफ को तैनात किया गया है.
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राजधानी दिल्ली की जामा मस्जिद के बाहर लोग हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर नारेबाज़ी कर रहे थे.
प्रदर्शन को लेकर जामा मस्जिद के शाही इमाम का कहना है कि मस्जिद कमेटी की ओर से प्रदर्शन का कोई आह्वान नहीं किया गया था.
देवबंद में पुलिस ने सख्ती करते हुए प्रदर्शन नहीं करने दिया है. वहीं सहारनपुर में भी सड़कों पर विरोध प्रदर्शन हो रहा है. कुछ लोगों ने हाथों में बैनर के साथ तिरंगा भी पकड़ रखा है.
लखनऊ की मस्जिदों में भी लोगों की भीड़ इकट्ठा हुई है. लखनऊ की टीले वाली मस्जिद के बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. पुलिस ड्रोन से नज़र रख रही है.
कोलकाता में बांग्लादेश डिप्टी हाई कमीशन में तैनात पुलिसकर्मी की फ़ायरिंग में महिला की मौत
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Author, प्रभाकर मणि तिवारी
पदनाम, कोलकाता से, बीबीसी हिंदी के लिए
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पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के पार्क सर्कस इलाक़े में बांग्लादेश के डिप्टी हाई कमीशन में तैनात एक पुलिस वाले ने शुक्रवार दोपहर को अपनी राइफल से अचानक अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी.
इसमें एक महिला की मौत हो गई. कुछ अन्य लोगों के भी घायल होने की ख़बर है. बाद में उस पुलिस वाले ने उसी राइफल से ख़ुद को गोली मार ली. करया थाने के एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी.
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प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उक्त पुलिस वाले ने डिप्टी हाई कमीशन की इमारत से बाहर निकल कर अचानक फायरिंग शुरू कर दी. उसने 10 से 15 राउंड फायरिंग की. इससे स्कूटर पर सवार एक महिला की मौक़े पर ही मौत हो गई. बाद में उस पुलिस वाले ने ख़ुद को गोली मार ली. उसकी भी मौक़े पर ही मौत हो गई.
इस घटना से इलाक़े में तनाव फैल गया है. मौक़े पर खड़ी एक कार पर भी गोलियों के निशान मिले हैं. घटनास्थल से कुछ दूर पार्क सर्कस में एक संगठन की अपील पर आयोजित रैली में काफ़ी लोग हिस्सा ले रहे थे. पुलिस के उच्चाधिकारी मौक़े पर पहुँच गए हैं. फिलहाल उस पुलिस वाले की पहचान नहीं जारी की गई है. इस घटना की जाँच शुरू हो गई है.
लद्दाख में चीनी गतिविधियों को नज़रअंदाज़ करना देश के साथ विश्वासघात- राहुल गांधी
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कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक बार फिर लद्दाख मे एलएसी के पार चीनी गतिविधियों को लेकर सरकार पर निशाना साधा है.
राहुल गांधी ने अपनी ट्वीट में यूनाइटेड स्टेट्स आर्मी पैसिफिक के कमांडिंग जनरल चार्ल्स ए फ्लिन की उस टिप्पणी का जिक्र किया है जिसमें उन्होंने एलएसी के पार बढ़ते चीनी इंफ्रास्ट्रक्चर को चौंकाने वाला बताया था.
राहुल गांधी ने लिखा, "चीन भविष्य में दुश्मनी भरी कार्रवाई के लिए अपनी बुनियाद मज़बूत कर रहा है. इसकी अनदेखी कर सरकार भारत के साथ विश्वासघात कर रही है."
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जनरल चार्ल्स ए फ्लिन भारत के चार दिवसीय दौरे पर आए हैं. उन्होंने मंगलवार को सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे से मुलाकात कर द्विपक्षीय रक्षा सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की थी.
चार्स्ल ए फ्लिन के बयान पर गुरुवार को विदेश मंत्रालय ने भी जवाब दिया था. प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा था कि भारत भी लद्दाख में एलएसी पर बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रहा है.
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पैग़ंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी को लेकर दिल्ली और यूपी में विरोध प्रदर्शन
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पैग़ंबर मोहम्मद को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में शुक्रवार को देश के अलग-अलग शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए हैं.
दिल्ली की जामा मस्जिद के बाहर लोग हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर नारेबाज़ी कर रहे थे. लोग नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं.
प्रदर्शन को लेकर जामा मस्जिद के शाही इमाम का कहना है कि मस्जिद कमेटी की ओर से प्रदर्शन का कोई आह्वान नहीं किया गया था.
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इसके अलावा उत्तर प्रदेश के देवबंद में पुलिस ने सख्ती करते हुए प्रदर्शन नहीं करने दिया है. वहीं सहारनपुर में भी सड़कों पर विरोध प्रदर्शन हो रहा है. कुछ लोगों ने हाथों में बैनर के साथ तिरंगा भी पकड़ रखा है.
वहीं कोलकाता, हैदराबाद, लखनऊ की मस्जिदों में भी लोगों की भीड़ इकट्ठा हुई है.
लखनऊ की टीले वाली मस्जिद के बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. पुलिस ड्रोन से नज़र रख रही है.
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बीते महीने नूपुर शर्मा ने टाइम्स नाउ के एक पैनल में हिस्सा लिया था. जिसमें ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर हो रहे विवाद पर चर्चा की जा रही थी. नूपुर शर्मा ने जब अपनी बात रखी तो उसमें उन्होंने कुछ ऐसा कह दिया जहां से ये पूरा विवाद शुरू हुआ. उन पर आरोप लगा कि उन्होंने पैग़ंबर मोहम्मद पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है.
उस दौरान बीजेपी दिल्ली के प्रवक्ता नवीन कुमार जिंदल ने भी अल्पसंख्यक समुदाय के ख़िलाफ़ एक ट्वीट कर के विवाद खड़ा किया था.
इन दोनों पर बीजेपी ने कार्रवाई करते हुए बीजेपी ने नूपुर शर्मा को पार्टी से निलंबित और नवीन जिंदल को निष्कासित कर दिया है लेकिन मुस्लिम समाज इस कार्रवाई से खुश नहीं है.
नवाब मलिक और अनिल देशमुख के मामले में यशवंत सिन्हा ने साधा मोदी सरकार पर निशाना
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पूर्व वित्त मंत्री और तृणमूल कांग्रेस के नेता यशवंत सिन्हा ने राज्यसभा चुनावों पर ट्वीट करते हुए सत्ताधारी
पार्टी पर निशाना साधा है.
उन्होंने ट्वीट किया है, “यह बेहद ग़लत है कि जो विधायक जेल में हैं उनके मताधिकार छीन लिए जाएँ. ऐसे में तो सत्ताधारी पार्टी जीतने के लिए जितने
भी विधायकों की ज़रूरत हो, उतने को गिरफ़्तार कर सकती है. पहले ऐसा नहीं हुआ करता
था. मुझे ऐसे कई मामलों के बारे में पता है जिसमें लोगों ने जेल से आकर वोट दिया.”
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दरअसल, बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और एनसीपी नेता नवाब मलिक की अस्थायी ज़मानत याचिका ख़ारिज कर दी है.
नवाब मलिक ने राज्यसभा चुनाव में मतदान के लिए कोर्ट से ज़मानत की अपील की थी.
इससे पहले गुरुवार को महाराष्ट्र में स्पेशल पीएमएलए कोर्ट ने नवाब मलिक और अनिल देशमुख को राज्यसभा चुनाव में मतदान करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था. जिसके बाद उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख़ किया था.
राज्यसभा चुनाव पर LIVE: राज्यसभा की 57 सीटों में से 16 सीटों के लिए वोटिंग जारी
नूपुर शर्मा मामले पर साध्वी प्रज्ञा ने कहा- भारत हिंदुओ का, यहाँ सनातन ज़िंदा रहेगा
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बीजेपी की सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने नूपुर शर्मा को मिल रही धमकियों पर पत्रकारों
के सवाल का जवाब देते हुए कहा है कि विधर्मियों ने हमेशा ही ऐसा किया है.
उन्होंने कहा, “कमलेश तिवारी ने अगर कुछ कहा तो इन
लोगों को पीड़ा हुई. उसका कत्ल कर दिया. अगर कोई और कहेगा तो उसे धमकी दी जा रही
है.”
साध्वी प्रज्ञा ने कहा- हमारे देवी-देवताओं पर ये लोग
फ़िल्म बनाते हैं, गालियां देते हैं और वो भी आज से नहीं सालों से.
उन्होंने कहा, “यह भारत है, ये हिंदुओ का है. यहाँ सनातन ज़िंदा रहेगा और
यह रखना हमारी ज़िम्मेदारी है और हम इसे ज़िंदा रखेंगे भी.”
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एक दिन पहले भी उन्होंने बिना किसी का नाम लिए हुए ट्वीट भी किया था. उन्होंने लिखा था- सच कहना बगावत है तो समझो हम भी बागी हैं. जय सनातन, जय हिंदुत्व.
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क्या है नूपुर शर्मा मामला
बीजेपी की पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता नूपुर शर्मा ने 26 मई को एक टीवी कार्यक्रम में पैग़ंबर मोहम्मद के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. जिसके बाद एक दर्जन से अधिक मुस्लिम देशों ने इस मुद्दे पर विरोध दर्ज कराया, क़तर और ईरान ने भारतीय राजदूत को तलब किया था. क़तर ने तो इस मुद्दे पर भारत से माफ़ी मांगने की मांग तक की थी.
मामला बढ़ने के बाद बीजेपी ने नूपुर शर्मा को पार्टी से निलंबित कर दिया.
सोशल मीडिया पर नूपुर शर्मा के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. उनका दावा है कि उन्हें जान से मारने की धमकियां भी मिल रही हैं. दिल्ली पुलिस ने नूपुर शर्मा को मिलती धमकियों के तहत उन्हें सुरक्षा दी है.
इसके अलावा दिल्ली पुलिस ने नूपुर शर्मा के ख़िलाफ़ आईपीसी की धाराओं 153, 295, 505 के तहत मामला दर्ज किया है.
राज्यसभा चुनाव में मतदान करने की नवाब मलिक की उम्मीदों को लगा झटका
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बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और एनसीपी नेता नवाब मलिक की अस्थायी ज़मानत याचिका ख़ारिज कर दी है.
नवाब मलिक ने राज्यसभा चुनाव में मतदान के लिए कोर्ट से ज़मानत की अपील की थी.
इससे पहले गुरुवार को महाराष्ट्र में स्पेशल पीएमएलए कोर्ट ने नवाब मलिक और अनिल देशमुख को राज्यसभा चुनाव में मतदान करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था. जिसके बाद उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख़ किया था.
नवाब मलिक अब भी महाराष्ट्र सरकार में मंत्री हैं, जबकि अनिल देशमुख इस्तीफ़ा दे चुके हैं.
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इन दोनों ने राज्यसभा चुनाव में मतदान करने की अनुमति मांगी थी.
नवाब मलिक और अनिल देशमुख मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जेल में हैं.
महाराष्ट्र में राज्यसभा के छह सीटों के लिए 10 जून को मतदान है. लेकिन सात उम्मीदवारों के मैदान में आने के कारण मुक़ाबला रोचक हो गया है.
बीजेपी ने सबसे अधिक तीन उम्मीदवार उतारे हैं. ये हैं- केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, अनिल बोंडे और धनंजय महादिक.
सत्ताधारी पार्टी शिवसेना ने दो उम्मीदवार संजय राउत और संजय पवार को मैदान में उतारा है. जबकि एनसीपी ने प्रफुल्ल पटेल और कांग्रेस ने इमरान प्रतापगढ़ी को उम्मीदवार बनाया है.
NEET-PG की स्पेशल काउसलिंग को लेकर आया सुप्रीम कोर्ट का अहम फ़ैसला
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NEET-PG की ख़ाली सीटें स्पेशल स्ट्रे
राउंड काउंसलिंग से नहीं भरी जाएँगी. शुक्रवार को इस संबंध में दायर याचिका पर
सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश दिया.
सुप्रीम
कोर्ट में जस्टिस एमआर शाह और अनिरुद्ध बोस की बेंच ने नीट-पीजी 2021 की 1,456 सीटों को भरने के लिए स्पेशल स्ट्रे राउंड
काउंसलिंग की मांग वाली याचिकाओं को ख़ारिज कर दिया है.
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सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता है क्योंकि यह सीधे तौर पर सामान्य जन की सेहत को प्रभावित करता है.
कोर्ट ने कहा- इस संबंध में याचिकाकर्ता राहत के हक़दार नहीं हैं. सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने अपने आदेश में कहा कि अगर अभी इस मामले में रियायत दी जाती है, तो इसका सीधे तौर पर मेडिकल एजुकेशन और स्वास्थ्य प्रभावित होगा.
यह याचिका ख़ासतौर पर उन डॉक्टरों की ओर से दायर किया गया था, जिन्होंने नीट-पीजी 2021 की परीक्षा दी थी और जिन्होंने ऑल इंडिया कोटा काउंसलिंग, स्टेट कोटा काउंसलिंग के राउंड एक और दो में भी हिस्सा लिया था.
नूपुर शर्मा के मामले में पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शोएब अख़्तर ने कहा- पैगंबर मोहम्मद उनके लिए सब कुछ
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पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शोएब अख़्तर ने पैगंबर मोहम्मद के ख़िलाफ़ अपमानजनक बयान की कड़ी निंदा की है.
पिछले दिनों भारत में टीवी डिबेट के दौरान बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा ने पैगंबर मोहम्मद के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसको लेकर काफ़ी विवाद हुआ था.
बीजेपी ने बाद में नूपुर शर्मा को पार्टी से निलंबित कर दिया था.
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पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शोएब अख़्तर ने अपने ट्वीट में कहा है कि पैगंबर मोहम्मद का सम्मान उनके लिए सब कुछ है. शोएब ने आगे लिखा है- हमारा जीना, मरना और कुछ भी करना सिर्फ़ और सिर्फ़ उनके लिए है. इस शर्मनाक व्यवहार के लिए दोषी व्यक्ति को निलंबित करने के भारत सरकार के फ़ैसले का मैं स्वागत करता हूँ. उन्होंने कहा है कि भारत सरकार को ये सुनिश्चित करना चाहिए और ऐसे क़दम उठाने चाहिए ताकि ऐसी चीज़ें फिर कभी न हों.
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नूपुर शर्मा को निलंबित करने के अलावा बीजेपी ने नवीन कुमार जिंदल को सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने के लिए पार्टी से निकाल दिया है. एक दिन पहले ही दिल्ली पुलिस ने नूपुर शर्मा के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की है. पाकिस्तान सरकार ने भी इस मामले में मोदी सरकार पर निशाना साधा था. पाकिस्तान के पीएम शहबाज़ शरीफ़ और विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ज़रदारी ने भी ट्वीट करके इस मामले में आपत्ति जताई थी. पाकिस्तान ने भारतीय दूत को बुलाकर भी इस मामले पर नाराज़गी जताई थी.
ओवैसी की पार्टी महाराष्ट्र राज्यसभा चुनाव में शिवसेना के नेतृत्व वाले सत्ताधारी गठबंधन का करेगी समर्थन
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महाराष्ट्र में असदु्द्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने राज्यसभा चुनाव में शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन के उम्मीदवार को समर्थन देने का फ़ैसला किया है.
महाराष्ट्र में पार्टी के अध्यक्ष इम्तियाज़ जलील ने ट्वीट करके इस संबंध में जानकारी दी है.
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उन्होंने ट्वीट किया है, "भाजपा को हराने के लिए हमारी पार्टी ने महाराष्ट्र में राज्यसभा चुनाव में महा विकास अघाड़ी (एमवीए) को वोट देने का फ़ैसला किया है. हालांकि हमारे राजनीतिक/वैचारिक मतभेद शिवसेना के साथ जारी रहेंगे."
जलील ने आगे लिखा है कि हमने धूलिया और मालेगांव में अपने निर्वाचन क्षेत्रों के विकास से संबंधित कुछ शर्तें रखी हैं. साथ ही सरकार से एमपीएससी में अल्पसंख्यक सदस्य नियुक्त करने और महाराष्ट्र वक्फ बोर्ड की आय बढ़ाने के लिए कदम उठाने की मांग की. साथ ही मुसलमानों के लिए आरक्षण की मांग भी की.