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IPL 2022: KKRvsDC: लो स्कोर मैच में दिल्ली की जीत, कोलकाता की लगातार पांचवी हार

आईपीएल 2022 में दिल्ली ने लो स्कोर मैच में कड़े संघर्ष के बाद कोलकाता को 4 विकेट से हरा दिया है. यह कोलकाता की लगातार पांचवी हार है.

लाइव कवरेज

भूमिका राय and चंदन शर्मा

  1. उमर अब्दुल्लाह बुलडोज़र अभियान में मीडिया की भूमिका पर बरसे

    देश के कई राज्यों में चलाए जा रहे 'बुलडोज़र' अभियान की जम्मू और कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने आलोचना की है.

    उन्होंने विभिन्न सरकारों के इस फ़ैसले का समर्थन करने के लिए मीडिया की भी आलोचना की है.

    उमर अब्दुल्लाह ने कहा, "जब बुलडोज़र से मुसलमानों के घर गिराए जाते हैं तो हम कैसे सोचते हैं? इस बारे में टीवी एंकर जब कहते हैं कि जल्द ही बुलडोज़रों की क़िल्लत होने वाली है, हमें और बुलडोज़र मंगाने होंगे, तो हम जिन लोगों से निष्पक्ष होने की उम्मीद करते हैं वे पक्षपाती बन जाते हैं."

    मालूम हो कि पिछले कुछ हफ़्तों में उत्तर प्रदेश से लेकर गुजरात, मध्य प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान से ऐसी कई ख़बरें आईं, जिनमें अतिक्रमण और क़ानून व्यवस्था के लिए ख़तरा बताते हुए लोगों के घर गिराए गए.

    आलोचकों और विपक्ष का दावा है कि जिन लोगों के घर ढहाए गए उनमें से ज़्यादातर मुसलमान हैं.

  2. मायावती ने कहा- वे या तो फिर सीएम बनेंगी या आगे चलकर पीएम, राष्ट्रपति बनने का सपना नहीं

    बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के उन्हें राष्ट्रपति बनाने के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में उन्होंने कहा कि वे अपनी ज़िंदगी में उत्तर प्रदेश की फिर से मुख्यमंत्री बनने और आगे चलकर देश का पीएम बनने का ही सपना देख सकती हैं. एक दिन पहले मैनपुरी में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा था कि उत्तर प्रदेश में बसपा ने बीजेपी को वोट दिया है. अब सवाल यह है कि क्या बीजेपी मायावती को को राष्ट्रपति बनाएगी?

    इस पर मावायती ने कहा- देश का राष्ट्रपति बनने का तो सपना मैं कभी भी नहीं देख सकती हूँ. मैं अपनी पूरी ज़िंदगी ऐशो-आराम के लिए नहीं, बल्कि बाबा साहब भीमराव आंबेडकर और मान्यवर कांशीराम के बताए रास्तों पर चलकर दलितों और दबे कुचले तबके के लिए पूरा जीवन समर्पित किया है. और मैं ये कार्य राष्ट्रपति बनकर नहीं बल्कि यूपी का सीएम या देश का पीएम बनकर ही कर सकती हूँ.

    मायावती ने कहा- सपा के लोग अपने राजनीतिक स्वार्थ में उन्हें ज़बरदस्ती राष्ट्रपति बनाने का जो सपना देख रहे हैं, उसे उन्हें भूल जाना चाहिए. सपा वाले मुझे राष्ट्रपति बनाने का सपना इसलिए देखते रहते हैं ताकि यूपी का सीएम बनने का उनका रास्ता साफ़ हो जाए. यूपी चुनाव के बारे में मायावती ने कहा- इस बार उत्तर प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में बीएसपी को सत्ता में आने से रोकने के लिए एसपी और बीजेपी ने मिलकर इस चुनाव को पूरी तरह से हिंदू-मुस्लिम रंग दिया है, जिसके कारण बीजेपी फिर से यहाँ सत्ता में आई है और इसके लिए समाजवादी पार्टी ही ज़िम्मेदार है

  3. हिना रब्बानी खार ने कहा- कश्मीर मसले पर ईरान का सहयोग स्वागत योग्य

    पाकिस्तान की विदेश राज्य मंत्री हिना रब्बानी खार ने गुरुवार को कश्मीर मसले पर ईरान के लगातार सहयोग के लिए उसकी सराहना की है.

    विदेश राज्य मंत्री ने पाकिस्तान में ईरान के राजदूत सैयद मोहम्मद अली हुसैनी के साथ विदेश मंत्रालय में मुलाकात की.

    रेडियो पाकिस्तानकी ख़बर के अनुसार, इस बैठक में विभिन मसलों पर आपसी साझेदारी और भागीदारी को लेकर चर्चा हुई.

    खार ने ज़ोर देते हुए कहा कि प्रमुख प्रांतीय और अंतरराष्ट्रीय मसलों पर दोनों देशों की सोच समान है.

    अपने बयान में खार ने कहा कि पाकिस्तान, कश्मीर पर ईरान के सहयोग की सराहना करता है.

  4. पीएम मोदी ने असम में कहा- पहले जहां गोलियों की आवाज़ सुनाई देती थी, आज वहां तालियां गूंज रही हैं

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम दौरे पर दिफू पहुंचे जहां उन्होंने शांति-एकता और विकास रैली को संबोधित किया.

    अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि डबल इंजन की सरकार, जहां भी हो वहां 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' की भावना से काम करती है. असम की स्थाई शांति और तेज़ विकास के लिए जो समझौता हुआ था, उसको ज़मीन पर उतारने का काम तेज़ी से चल रहा है.

    पीएम मोदी ने कहा, "2014 के बाद से नॉर्थ ईस्ट में मुश्किलें कम हो रही हैं, लोगों का विकास हो रहा है. आज जब कोई असम के जनजातीय क्षेत्रों में आता है, नॉर्थ ईस्ट के दूसरे राज्यों में जाता है तो हालात को बदलता देखकर उसे भी अच्छा लगता है."

    त्रिपुरा का ज़िक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि असम के अलावा त्रिपुरा में भी NLFT ने शांति के पथ पर क़दम बढ़ाए. उन्होंने कहा कि क़रीब ढाई दशक से ब्रू-रियांग से जुड़ी समस्या को भी हल किया गया है.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ''जिस जगह पहले गोलियों की आवाज़ें, बम के धमाके सुनायी देते थे वहां आज लोगों के जयकार और तालियों की गूंज सुनायी देने लगी है.''

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आफ़्स्पा के संदर्भ में कहा कि ''लंबे समय तक आर्म्ड फ़ोर्सेज़ स्पेशल पावर एक्ट (AFSPA) नॉर्थ ईस्ट के अनेक राज्यों में रहा है, लेकिन बीते आठ सालों के दौरान स्थाई शांति और बेहतर क़ानून व्यवस्था लागू होने के कारण हमने AFSPA को नॉर्थ ईस्ट के कई क्षेत्रों से हटा दिया है.''

    अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि ''सबका साथ, सबका विकास की भावना के साथ आज सीमा से जुड़े मामलों का समाधान खोजा जा रहा है. असम और मेघालय के बीच बनी सहमति दूसरे मामलों में भी प्रोत्साहित करेगी. इससे इस पूरे क्षेत्र के विकास की आकांक्षाओं को बल मिलेगा.''

    पीएम मोदी ने असम के लोगों का उनके प्यार और समर्थन के लिए धन्यवाद किया और कहा कि जो भरोसा उन्होंने उनके प्रति दिखाया है, वह उसे ब्याज समेत वापस लौटाएंगे.

    उन्होंने कहा कि ''आज़ादी के इस अमृतकाल में अब यहां से हमें पीछे मुड़कर नहीं देखना है आने वाले कुछ वर्षों में हमें मिलकर उस विकास की भरपाई करनी है, जो बीते दशकों में हम नहीं कर पाए.''

  5. राज ठाकरे ने कहा- दुर्भाग्य है कि महाराष्ट्र में कोई 'योगी' नहीं

    महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के प्रमुख राज ठाकरे ने एक ट्वीट करके योगी आदित्यनाथ की तारीफ़ की है.

    उन्होंने ट्वीट किया है, "धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाने और ख़ासतौर पर मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने के योगी सरकार के फ़ैसले के लिए मैं उन्हें पूरे दिल से बधाई देता हूँ और उनके इस फ़ैसले पर पूरी तरह से उनके साथ खड़ा हूँ. दुर्भाग्य की बात है कि महाराष्ट्र में हमारे पास कोई ‘योगी’ नहीं है, हमारे यहाँ हैं तो सिर्फ़ भोगी. महाराष्ट्र सरकार को सद्बुद्धि मिले, यही हमारी प्रार्थना है."

    महाराष्ट्र में हनुमान चालीसा के पाठ को लेकर राजनीति तेज़ है. इस बीच राज ठाकरे ने भी अपने समर्थकों से मस्जिद के सामने हनुमान चालीसा का पाठ करने की अपील की थी.

    राज ठाकरे ने गुड़ी पड़वा के दिन एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था, "मैं धार्मिक रूप से कट्टर नहीं हूँ लेकिन मुझे अपने धर्म पर गर्व है. जब धर्म बना होगा तब क्या लाउडस्पीकर्स थे? क्या आपने ऐसे लाउडस्पीकर्स दूसरे देशों में देखा है?"

    यह कोई पहला मौका नहीं है, जब मस्जिदों पर लगने वाले लाउडस्पीकर्स राजनीतिक मुद्दा बने हैं. शिवसेना और बीजेपी पहले भी इसको लेकर सवाल उठाती रही थीं. हालाँकि हिंदू त्योहारों के वक्त भी लाउडस्पीकर के ऊँचे शोर को लेकर सवाल उठते रहे हैं.

    क्या घोषणा की है योगी आदित्यनाथ ने

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है कि नए धार्मिक स्थलों पर माइक लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

    हाल ही में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने महाराष्ट्र में मस्जिदों के लाउडस्पीकर को लेकर चेतावनी दी थी जिसके बाद इस मुद्दे पर बहस हो रही थी.

    महाराष्ट्र से शुरू हुई बहस के बाद अब सीएम योगी ने लाउडस्पीकर को लेकर घोषणा की थी.

    यूपी के मुख्यमंत्री कार्यालय ने ट्वीट करके बताया है, "सभी को अपनी उपासना पद्धति को मानने की स्वतंत्रता है. माइक का प्रयोग किया जा सकता है, लेकिन यह सुनिश्चित हो कि माइक की आवाज़ उस परिसर से बाहर न आए. अन्य लोगों को कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए. नए स्थलों पर माइक लगाने की अनुमति न दें."

  6. चिदंबरम की चुटकी- वित्त मंत्रालय ने नरेंद्र मोदी को क्यों किया शर्मिंदा

    पेट्रोल और डीज़ल की क़ीमतों का बोझ करने की पीएम नरेंद्र मोदी की अपील को लेकर सियासत तेज़ हो गई है. पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने भी इस मामले में अपनी राय दी है. उन्होंने पीएम मोदी पर सवाल उठाए ही हैं, साथ में वित्त मंत्रालय पर भी चुटकी ली है. उन्होंने ट्वीट करके लिखा है कि जिस दिन पीएम ने राज्यों को पेट्रोल और डीज़ल पर वैट में कमी करने की अपील की, उसी दिन वित्त मंत्रालय ने ऐलान किया कि केंद्र पर राज्यों का 78, 704 रुपए बकाया है.

    पी चिदंबरम ने कहा कि दरअसल बकाया राशि और अधिक है. अगर आप राज्यों के दावे वाली राशि को जोड़ दे, तो संख्या और बड़ी हो सकती है. हालाँकि उन्होंने ये भी कहा कि केवल सीजीए (कंट्रोलर ऑफ़ गवर्नमेंट अकाउंट्स) ही सही राशि के बारे में बता सकता है. आख़िर में पी चिदंबरम ने चुटकी लेते हुए ये भी लिखा कि ये जानना दिलचस्प होगा कि जिस दिन पीएम नरेंद्र मोदी ने राज्यों को सलाह देने का फ़ैसला किया, उस दिन वित्त मंत्रालय ने उन्हें शर्मिंदा क्यों किया.

    पीएम मोदी ने एक दिन पहले कोरोना से निपटने के लिए बुलाई गई बैठक के दौरान मुख्यमंत्रियों से कहा कि वे पेट्रोल और डीज़ल की क़ीमतों का बोझ कम करने के लिए टैक्स में कटौती करें. उन्होंने कई ग़ैर बीजेपी शासित राज्यों का नाम लिया था. कई राज्य सरकारों और विपक्षी पार्टियों ने मोदी की टिप्पणी की आलोचना की है और आंकड़ों के माध्यम से केंद्र को घेरा है.

  7. पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमत पर महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे को मोदी के मंत्री का जवाब

    कोविड पर बुलाई गई मुख्यमंत्रियों की बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी की टिप्पणी अब तूल पकड़ने लगी है. एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है. पेट्रोल-डीज़ल की बढ़ती क़ीमतों पर राज्य सरकारें मोदी सरकार को घेर रही हैं, तो केंद्र सरकार बोझ कम करने के लिए टैक्स में कटौती की बात कहकर राज्यों पर ज़िम्मेदारी डाल रही है. एक दिन पहले महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने बताया था कि महाराष्ट्र का अभी भी केंद्र पर 26,500 करोड़ रुपए बकाया है. अब केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने महाराष्ट्र सरकार को घेरा है.

    उन्होंने ट्वीट कर लिखा है- सच्चाई से चोट पहुँचती है, लेकिन तथ्य ख़ुद बोलते हैं. महाराष्ट्र सरकार ने वर्ष 2018 से 79,412 करोड़ रुपए ईंधन कर के रूप में एकत्र किए हैं और उम्मीद है कि राज्य सरकार इस साल 33 हज़ार करोड़ इकट्ठा करेगी. (कुल मिलाकर 1,12,757 करोड़). लोगों को राहत देने के लिए महाराष्ट्र सरकार पेट्रोल और डीज़ल पर वैट में कमी क्यों नहीं करती?

    हरदीप सिंह पुरी ने आगे लिखा है कि अगर विपक्ष शासित राज्य आयातित शराब के बदले ईंधन पर टैक्स में कटौती करें, तो पेट्रोल सस्ता होगा. महाराष्ट्र सरकार पेट्रोल पर 32.15 रुपए प्रति लीटर टैक्स लगाती है, जबकि कांग्रेस शासित राजस्थान सरकार प्रति लीटर 29.10 रुपए टैक्स लगाती है. लेकिन बीजेपी शासित उत्तराखंड में प्रति लीटर 14.51 रुपए और उत्तर प्रदेश में 16.50 रुपए प्रति लीटर टैक्स लगते हैं.

    एक दिन पहले महाराष्ट्र सीएमओ ने कहा था कि मुंबई में एक डीजल पेट्रोल की बिक्री पर केंद्र को टैक्स के तौर पर 24.38 रुपए मिलते हैं और राज्य को 22.37 रुपए. एक लीटर पेट्रोल की बिक्री पर 31.58 रुपए का सेंट्रल टैक्स है. राज्य के हिस्से 32.55 रुपए आता है. इसलिए ये कहना सही नहीं है कि पेट्रोल-डीजल की क़ीमतें राज्यों की वजह से बढ़ रही हैं.

    उद्धव ठाकरे ने कहा था, ''महाराष्ट्र को सेंट्रल टैक्स का 5.5 फ़ीसदी मिलता है. जबकि डायरेक्ट टैक्स में उसका योगदान 38.3 फ़ीसदी का है. महाराष्ट्र से पूरे देश के जीएसटी का 15 फ़ीसदी आता है. डायरेक्ट टैक्स और जीएसटी मिलाकर महाराष्ट्र देश में सबसे ज्यादा योगदान करता है. हमारा केंद्र पर अभी भी 26,500 करोड़ रुपए का जीएसटी बकाया है.'' कोविड पर बैठक के दौरान पीएम मोदी ने कहा था- पेट्रोल डीज़ल की बढ़ती क़ीमत का बोझ कम करने के लिए केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में पिछले नवंबर में कमी की थी. राज्यों से भी आग्रह किया गया था कि वो अपने यहाँ टैक्स कम करें. कुछ राज्यों ने तो अपने यहाँ टैक्स कम कर दिया, लेकिन कुछ राज्यों ने अपने लोगों को इसका लाभ नहीं दिया.

  8. पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमत को लेकर मोदी के बयान पर राहुल गांधी का तंज़

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पेट्रोल-डीज़ल पर दिए एक दिन पुराने बयान पर ट्वीट कर तंज़ किया है.

    राहुल गांधी ने ट्वीट किया है-

    "ईंधन के बढ़ते दाम- राज्य पर आरोप

    कोयले की कमी- राज्य पर आरोप

    ऑक्सीजन की कमी- राज्य पर आरोप

    सभी ईंधन से आने वाले टैक्स का 68 फ़ीसद केंद्र सरकार लेती है. फिर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी ज़िम्मेदारी नहीं लेते हैं."

    राहुल गांधी का ये ट्वीट पीएम मोदी के उस बयान के जबाव की तरह है जिसमें उन्होंने राज्य सरकारों पर टैक्स को लेकर हमला किया था.

    दरअसल, 27 अप्रैल को पीएम मोदी ने कोरोना महामारी पर राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक की थी. इस बैठक के दौरान राज्यों पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा था कि 'राज्यों ने पेट्रोल-डीजल पर वैट नहीं घटाकर अपने लोगों को फ़ायदा नहीं दिया और टैक्स कमाया.'

    उन्होंने कहा कि पिछले साल नवंबर में केंद्र ने पेट्रोल-डीज़ल पर एक्साइज़ ड्यूटी घटाई थी और राज्यों से वैट कम करने को कहा था. लेकिन कई राज्यों ने ऐसा नहीं किया.

    बीजेपी के हैंडल से ईंधन के दामों को कम करने को लेकर उठाए गए केंद्र सरकार के क़दम पर एक ट्वीट भी किया गया है.

  9. यूक्रेन के इस शहर में अब होगा रूस की करेंसी में लेन-देन- रूसी अधिकारी

    रूस का दावा है कि उसने दक्षिणी यूक्रेन के खेरसोन शहर पर क़ब्ज़ा कर लिया है. अब रूस का कहना है कि इस शहर में एक मई से रूबल का इस्तेमाल किया जाने लगेगा.

    रूस की आधिकारिक मीडिया रिया नोवोस्ती के हवाले से कहा गया है कि एक मई से यूक्रेन के इस शहर में रूबल में लेन-देन शुरू हो जाएगा.

    इस क्षेत्र में मिलिट्री-सिविल ऐडमिनिस्ट्रेशन के डिप्टी चेयरमेन किरिल स्ट्रीमोसोव ने रिया नोवोस्ती को बताया कि करेंसी ट्रांज़िशन चार महीने तक होगा और इस दौरान रूस का रूबल और यूक्रेन की करेंसी हर्विनिया (hryvnia) लेने-देन में बना रहेगा.

    इस समयावधि के बाद, इस प्रांत में लेने-देन पूरी तरह से सिर्फ़ और सिर्फ़ रूस की मुद्रा रूबल में ही हो सकेगा.

  10. बिलावल भुट्टो बने पाकिस्तान के विदेश मंत्री, क्या भारत को लेकर बदलेगी नीति?

  11. यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की का आरोप- गैस और व्यापार का हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है रूस

    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने रूस पर आरोप लगाया है कि वह गैस और व्यापार का इस्तेमाल हथियार के तौर पर कर रहा है.

    ज़ेलेंस्की का आरोप है कि यूक्रेन के ख़िलाफ़ युद्ध में रूस, गैस की आपूर्ति को रोककर इसका इस्तेमाल दबाव बनान के लिए कर रहा है.

    यूक्रेन के राष्ट्रपति का बयान ऐसे समय में आया है जबकि रूस ने बुधवार को पोलैंड और बुल्गारिया की गैस-सप्लाई रोक दी. रूस की ओर से दावा किया गया है कि उसने यह क़दम इसलिए उठाया क्योंकि दोनों देशों ने रूबल में भुगतान करने से मना कर दिया था.

    रूस के इस क़दम की काफी आलोचना हो रही है.

    यूरोपीय आयोग की प्रमुख उर्सुला वोन डर लेन ने कहा है कि यूरोप के कुछ देशों को गैस की सप्लाई रोकने का रूस का फ़ैसला ब्लैकमेल का एक हथियार है. उन्होंने कहा कि रूस का ये फ़ैसला अनुचित और अस्वीकार्य है. उन्होंने कहा कि ये गैस सप्लाई करने वाले देश के रूप में रूस की अविश्वसनीयता को दिखाता है.

    रूस की ऊर्जा कंपनी गैज़प्रॉम ने कहा है कि रूबल में भुगतान करने से इनकार के कारण वो पोलैंड और बुल्गारिया को गैस की सप्लाई बंद कर रहा है.

    दूसरी ओर पोलैंड की गैस सप्लाई करने वाली कंपनी PGNiG का कहना है कि गैज़प्रॉम ने गैस सप्लाई रोककर अनुबंध का उल्लंघन किया है. कंपनी का कहना है कि वो क़ानूनी तरीक़े से मुआवज़ा हासिल करने की कोशिश करेगी.

    ब्रिटेन ने भी रूस के इस क़दम पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. ब्रिटेन के उप-प्रधानमंत्री डोमिनिक रॉब ने कहा है कि गैस सप्लाई रोकने वाले फ़ैसले से रूस अपने आप को और अलग-थलग कर रहा है.

    स्काई न्यूज़ से बातचीत में उन्होंने दावा किया कि रूस पर इसका उल्टा असर पड़ेगा.

  12. 'अफ़ग़ानिस्तान की सरकार को पूर्ण मान्यता दे सकता है रूस लेकिन...'

    रूस, मॉस्को में अफ़ग़ानिस्तान के दूतावास में इस्लामिक अमीरात के एक राजनयिक को पहले ही स्वीकार्यता दे चुका है और अब रूस के विदेश मंत्री लावरोफ़ का कहना है कि अगर इस्लामिक अमीरात, अफ़ग़ानिस्तान में एक समावेशी सरकार की स्थापना करता है तो रूस उसे पूर्ण राजनयिक मान्यता देने की ओर क़दम बढ़ाएगा.

    रूस के विदेश मंत्री ने कहा है कि मौजूदा सरकार में इस्लामिक अमीरात के सभी सदस्य हैं और मौजूदा कार्यवाहक सरकार अपने मंत्रिमंडल को कैसे समावेशी बनाती है और क्या रुख़ अपनाती है, मॉस्को का अगला क़दम इसी से निर्धारित होगा.

    उन्होंने कहा, “हम अफ़ग़ानिस्तान में नए अधिकारियों की पूर्ण राजनयिक मान्यता की दिशा में काम करना चाहते हैं और हम यह भी उम्मीद करते हैं कि सरकार बनने के पहले उन्होंने जो वादे किए थे, वे उसे भी पूरा करेंगे. वे हर स्तर के लोगों को सरकार का हिस्सा बनाएंगे.”

    रूस के विदेश मंत्री ने बताया कि रूस राजनयिक माध्यमों से लगातार इस्लामिक अमीरात के संपर्क में बना हुआ है.

    लावरोफ़ ने ज़ोर देकर कहा कि 'हम हमारे दूतावास के माध्यम से तालिबान के नियमित संपर्क में हैं.'

    इस बीच देश में में कई राजनेताओं का मानना है कि अफ़ग़ानिस्तान में एक समावेशी सरकार बनना ही इस समय वहां के लोगों की सबसे अहम ज़रूरत है.

    नेशनल सॉलिडैरिटी मूवमेंट ऑफ़ अफ़ग़ानिस्तान के ईशाक गिलानी का कहना है कि जब तक अफ़ग़ानिस्तान में समावेशी सरकार की स्थापना नहीं होती है, कोई देश ना तो अभी और ना ही आने वाले समय में उसे मान्यता देने के लिए तैयार होगा.

  13. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए सऊदी अरब रवाना

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ अपने तीन दिवसीय सऊदी अरब यात्रा पर रवाना हो गए हैं. वह आज मदीना पहुंचेंगे.

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ इस महीने की शुरुआत में प्रधानमंत्री बनने के बाद से अपनी पहली विदेश यात्रा पर हैं. इस महीने की शुरुआत में सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के न्योते पर सऊदी अरब जा रहे हैं.

    प्रधानमंत्री के साथ वरिष्ठ राजनयिकों का एक विशिष्ट दल भी सऊदी अरब रवाना हुआ है.

    रेडियो पाकिस्तान की ख़बर के अनुसार, उच्च स्तरीय राजनयिक दल के साथ ही उनकी कैबिनेट के कुछ चुनिंदा सदस्य भी इस यात्रा पर गए हैं.

    अपने इस दौरे पर, पीएम सऊदी अरब के नेताओं के साथ द्विपक्षीय मुलाक़ात करेंगे.

    ऐसा माना जा रहा है कि नेताओं के बीच होने वाली इस मुलाक़ात में आर्थिक, व्यापार और निवेश को लेकर होने वाले समझौतों पर चर्चा की जाएगी. साथ इसके अलावा सऊदी अरब मे पाकिस्तानी वर्कफ़ोर्स को और अधिक बढ़ावा देने के विकल्पों पर भी चर्चा की जाएगी.

    इसके अलावा दोनों देशों के बीच राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के साझा हितों को लेकर भी चर्चा हो सकती है.

    एक बयान में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता असीम इफ़्तिखार ने कहा कि पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच साझा भरोसे का संबंध है.

  14. कोरोना अपडेट: बीते 24 घंटे में कोरोना के तीन हज़ार से अधिक नए मामले

    भारत में कोरोना वायरस के नए मामलों में एक बार फिर से तेज़ी आई है.

    स्वास्थ्य मंत्रालय के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, बीते 24 घंटे के अंदर देश में कोरोना वायरस के 3 हज़ार 303नए मामले आए हैं.

    इस दौरान कोरोना के 2 हज़ार 563 मरीज़ ठीक हुए हैं और 39 मरीज़ों की मृत्यु हुई

    देश में अब तक कोरोना से होने वाली मौत का कुल आंकड़ा 5 लाख 23 हज़ार 693 हो गया है और सक्रिय मामले भी बढ़कर 16,980हो गए हैं.

  15. रूस और भारत की दोस्ती पर अमेरिका ने बोला- अब हम साथ हैं

    अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि भारत और रूस अपनी ज़रूरतों के कारण एक-दूसरे के भागीदार बने थे और ऐसा तब हुआ था जब अमेरिका, भारत का साझेदार बनने की स्थिति में नहीं था.

    लेकिन आज के समय में अमेरिका ऐसी स्थिति में है.

    ब्लिंकन ने कहा कि आज अमेरिका भारत के साथ संबंधों को मज़बूत बनाने की दिशा में काम कर रहा है. अमेरिका और भारत के बीच रणनीतिक साझेदारी बढ़ रही है.

    यूक्रेन और रूस के बीच छिड़े युद्ध के बाद से भारत और अमेरिका के संबंधों को लेकर कई सवाल पैदा हुए हैं.

    एक ओर जहाँ अमेरिका सीधे तौर पर यूक्रेन को समर्थन दे रहा है और रूस के ख़िलाफ़ उसे मदद कर रहा है, वहीं भारत ने इस स्थिति पर अपनी स्थिति तटस्थ रखी है.

    भारत-अमेरिका संबंधों पर काफी वाद-विवाद चल रहा है.

    सीनेट एप्रोप्रिएशन्स कमिटी में ब्लिंकन ने कहा, “इस साझेदीरी में तमाम ऐसी संभावना है कि यह एक सबसे महत्वपूर्ण साझेदारी के रूप में बढ़े. आगे आने वाले दशकों में हम एक बेहद महत्वपूर्ण साझेदारी के रूप में आगे बढ़ रहे हैं.”

    रूस के साथ भारत के संबंधों पर अपनी टिप्पणी करते हुए ब्लिंकन ने कहा कि यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद से बहुत से देश रूस के साथ अपने संबंधों को नए सिरे से देख रहे हैं.

    उन्होंने कहा, “और भारत के संदर्भ में अगर पूछा जाए तो, रूस के साथ भारत के संबंध दशकों से चले आ रहे है. भारत के लिए रूस से संबंध बनाना उस समय की दरकार थी जब हम उनके पार्टनर बनने की स्थिति में नहीं थे. अब हम भारत के साथ अपने संबंधो को मज़बूत करने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं. मुझे लगता है कि भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी धीरे-धीरे और प्रगाढ़ हो रही है और निश्चित तौर पर चीन इसका एक बड़ा अहम हिस्सा है.”

    यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद से अमेरिका ने रूस के ऊपर कई तरह के प्रतिबंध लगाए हैं. इसके अलावा भारत के रूस के साथ रिश्ते भी अमेरिका के निशाने पर रहे हैं.

    भारत ने रूस के साथ अपने आयात-निर्यात के संबंधों को अब भी जारी रखा हुआ है और वहीं दूसरी ओर अमेरिका का कहना है कि जब तक ये उसके लगाए प्रतिबंधों के ख़िलाफ़ नहीं जाता, उसे इससे कोई समस्या नहीं है.

  16. पीएम मोदी के यूरोप जाने से पहले एस जयशंकर की फिर दो टूक

    भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक बार फिर रूस के साथ भारत के संबंधों को लेकर यूरोप पर निशाना साधा है.

    इससे पहले मंगलवार को भी एस जयशंकर ने पश्चिम को घेरा था और उन पर सालों से एशिया में चीन के आक्रामक व्यवहार की अनदेखी करने और तालिबान के साथ समझौता कर 'अफ़ग़ानिस्तान को संकट में धकेलने' का आरोप लगाया था.

    बुधवार को एकबार फिर यूरोप के ख़िलाफ़ बयान देते हुए उन्होंने कहा कि रायसीना डायलॉग से दुनिया को भारत की स्थिति और अधिक स्पष्ट हो गई है.

    उन्होंने कहा, “रायसीना डायलॉग में कही गई बातें भारत की तय स्थिति के बारे में स्पष्टीकरण थीं बजाय दुनिया को ख़ुश करने के.”

    एस जयशंकर का यह बयान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यूरोपीय दौरे से पहले आया है और इसलिए इसे बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. ऐसी उम्मीद ज़ाहिर की जा रही है कि पीएम मोदी के इस दौरे के दौरान भी रूस-यूक्रेन संकट पर चर्चा हो.

    हमें दुनिया में हमारी जगह हासिल करना है

    एस जयशंकर ने कहा कि यह विचार कि कोई दूसरा बताए कि हमें कैसा होना चाहिए या हमारी स्थिति क्या होनी चाहिए या फिर जहाँ हमे अपने लिए दूसरे की रज़ामंदी की ज़रूरत पड़े, मुझे लगता है कि हमें अब उस दौर को पीछे छोड़ देना चाहिए.

    आने वाले 25 सालों मे देश की प्राथमिकता क्या होगी, इस सवाल पर एस जयशंकर ने कहा कि हर क्षेत्र में क्षमता का विकास करना ही केंद्र की प्राथमिकता है.

    लोकतंत्र से जुड़े एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अगर आज के समय में लोकतंत्र वैश्विक है, तो मुझे लगता है कि कुछ मायनों में इसका श्रेय भारत को भी जाता है.

  17. डॉलर की मज़बूती से जापानी मुद्रा येन पस्त

    रूस-यूक्रेन संकट का असर सिर्फ़ इन दो देशों तक सीमित नहीं रहा गया है. दो महीने से अधिक समय से जारी इस युद्ध का असर अब दुनिया भर पर दिखाई पड़ने लगा है.

    गुरुवार को डॉलर बीते दो दशकों के सबसे ऊंचे स्तर तक पहुँच गया. यूरोप में पैदा हुए ऊर्जा संकट ने यूरो को मुख्य तौर पर प्रभावित किया है.

    गुरुवार को डॉलर 103.28 का सूचकांक पर पहुंच गया, जो कि बीते पाँच सालों में सबसे अधिक था. इसके बाद यह बढ़कर 103.82 पर पहुँच गया.

    साल 2002 के बाद से यह अभी तक का सबसे बड़ा उछाल है.

    एक ओर जहाँ डॉलर अपने उच्चतम स्तर पर पहुँच गया है, वहीं यूरो अपने पाँच साल के न्यूनतम स्तर पर है.

    अप्रैल में अभी तक यूरो की क़ीमत में 4.6 फ़ीसद की गिरावट आ चुकी है और यह साल 2015 की शुरुआत से अभी तक के अपने न्यूनतम स्तर पर है.

    आरबीसी कैपिटल मार्केट्स में ग्लोबल कमोडिटी रिसर्च के प्रमुख हेलिमा क्रॉफ्ट ने चेतावनी देते हुए कहा है कि रूस-यूक्रेन युद्ध का यह पहला सीधा असर है.

    यूरो की क़ीमत में गिरावट का एक असर यह भी हो सकता है कि सेंट्रल बैंक को ना चाहते हुए भी कुछ सख़्त प्रतिबंध लगाने पड़ें.

    डॉलर के मुकाबले येन में भी गिरावट दर्ज की गई है लेकिन बैंक ऑफ़ जापान फिलहाल कोई सख़्ती लागू करने की दिशा में क़दम उठाते हुए नहीं दिख रहा है. जापानी येन अमेरिकी मुद्रा के मुक़ाबले अपने निचले स्तर पर पहुँच गया है. पिछले दो महीने में जापानी मुद्रा येन में 11 फ़ीसदी की गिरावट आई है.

  18. नमस्कार!

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