हमें एयरक्राफ्ट न देने का मतलब है कि आप चाहते हैं हम मर जाएं: ज़ेलेंस्की

सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट करके राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने दुनिया के नेताओं से यूक्रेन में नो फ्लाई जोन बनाने की अपील फिर दोहराई है.

लाइव कवरेज

ब्रजेश मिश्र and कमलेश मठेनी

  1. रूस-यूक्रेन संघर्ष: 10वें दिन क्या-क्या हुआ

    यूक्रेन

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    रूस यूक्रेन युद्ध अपने 11वें दिन में पहुंच गया है. जानिए, युद्ध के 10वें दिन क्या-क्या हुआ-

    • युद्ध के 10वें दिन यूक्रेन के दो शहरों मारियुपोल और वोल्नोवांख़ा में अस्थायी संघर्ष विराम लागू हुआ. दोनों मुल्कों में मानवीय कॉरिडोर बनाने पर सहमति हुई. लेकिन कुछ घंटों बाद यूक्रेनी अधिकाारियों ने रूसी सेना पर संघर्ष विराम का आरोप लगाया और कहा कि हमले रोके नहीं गए जिस कारण लोगों को वहां से बाहर निकालना मुश्किल हो गया है.
    • संघर्ष विराम लागू होने के कुछ देर बाद मारियुपोल के प्रशासन ने कहा कि रूसी हमले के कारण उन्हें लोगों को निकालने की प्रक्रिया टालनी पड़ रही है.
    • रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चेतावनी दी है कि कोई भी देश अगर यूक्रेन पर नो-फ़्लाई ज़ोन लागू करता है तो उसे यूक्रेन में युद्ध में शामिल माना जाएगा. इससे पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की से कहा था कि रूसी हवाई हमलों से यूक्रेन को बचाने के लिए उसे नो-फ्लाई ज़ोन घोषित किया जाए. हालांकि, नेटो ने ये कहते हुए इससे इनकार कर दिया था कि ऐसा करने से यूरोप में नेटो के दूसरे सहयोगियों तक युद्ध के फ़ैलने का ख़तरा बढ़ सकता है.
    • काले सागर के पास मौजूद खे़रसोन में क़रीब 2000 आम नागरिकों ने रूसी हमले के विरोध में प्रदर्शन किया.
    • सैमसंग, पेपाल, कपड़ों के ब्रांड ज़ारा और प्राडा ने रूस में अपना कारोबार रोका. इससे पहले हर्मेस, केरिंग और शनाल ने रूस में अपना काम बंद कर दिया था.
    मास्टरकार्ड और वीज़ा

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    मास्टरकार्ड और वीज़ा रूस में काम बंद करेंगे

    • जानीमानी पेमेन्ट कंपनी मास्टरकार्ड और वीज़ा ने यूक्रेन पर रूस के हमले के विरोध में रूस में अपना कारोबार बंद करने का ऐलान किया है. मास्टरकार्ड ने एक बयान जारी कर कहा कि उसका नेटवर्क रूसी बैंकों को सपोर्ट नहीं करेगा और देश के बाहर जारी किए कार्ड रूसी एटीएम मशीनों पर काम नहीं करेंगे. वहीं, वीज़ा ने कहा है कि वो आने वाले दिनों में देश के भीतर सभी तरह के ट्रांज़ेक्शन पर रोक लगा देगा, वित्तीय संस्थानों द्वारा रूस के बाहर जारी किए गए कार्ड भी रूस में नहीं चलेंगे.
    • डीज़ल पेट्रोल बेचने वाली कंपनी शेल ने कहा है कि रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष में उसे रूस से तेल खरीदने का "मुश्किल फ़ैसला" लेना पड़ रहा है. कंपनी ने कहा है कि यूरोपीय बाज़ार में कच्चे तेल की ज़रूरी आपूर्ति पूरी करने के लिए उन्होंने रूस से कच्चा तेल खरीदा है. कंपनी ने एक बयान जारी कर कहा, "वैकल्पिक स्रोतों से आ रहा तेल वक़्त रहते बाज़ार तक नहीं पहुंच सकता था, इससे तेल सप्लाई में बाधा आने का डर था."
    • कंपनी ने कहा कि रूस से मिल रहा कच्चा तेल वैश्विक तेल आपूर्ति के लिहाज़ से बेहद महत्वपूर्ण है. इस कारण मुश्किल वक़्त में उसे रूसी तेल खरीदने का फ़ैसला करना पड़ रहा है. हालांकि, कंपनी ने कहा है कि रूस से सीमित मात्रा में खरीदे जा रहे तेल से मिलने वाले लाभ को मानवीय राहत के रूप में यूक्रेन को दिया जाएगा. दुनिया के कच्चे तेल की सप्लाई का 8 फीसदी रूस से मिलता है.
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    • यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने शनिवार को कहा है कि उन्होंने स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क से बात की है. बाद में उन्होंने घोषणा की कि कंपनी इस सप्ताह यूक्रेन को और स्टारलिंक इंटरनेट टर्मिनल भेजने वाली है. स्टारलिंक के ज़रिए लो ऑर्बिट सैटलाइट की मदद से धरती पर इंटरनेट सेवा मुहैय्या कराई जाती है.
    • एलन मस्क से बात करने के बाद ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि दोनों के बीच भविष्य की स्पेस परियोजनाओं को लेकर भी बात हुई है लेकिन इस पर आगे चर्चा युद्ध के बाद होगी.
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  2. ब्रेकिंग न्यूज़, रूस का दावा: यूक्रेन से विदेशी नागरिकों को निकालने के लिए किए हर संभव उपाय, लेकिन...

    रूस के नेशनल सेंटर फॉर स्टेट डिफेंस कंट्रोल के प्रमुख करनल जनरल मिखाइल मिज़िंत्सेव

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    इमेज कैप्शन, रूस के नेशनल सेंटर फॉर स्टेट डिफेंस कंट्रोल के प्रमुख करनल जनरल मिखाइल मिज़िंत्सेव

    रूस के कहा है कि वो यूक्रेन में फंसे आम लोगों और भारत के नागरिकों को निकालने के लिए हर संभव उपाय कर रहा है, लेकिन यूक्रेन उसकी कोशिशों को रोक रहा है.

    रूस के नेशनल सेंटर फॉर स्टेट डिफेंस कंट्रोल के प्रमुख कर्नल जनरल मिख़ाइल मिज़िंत्सेव ने कहा है कि वोल्नोवांख़ाऔर मारियुपोल में रोज़ मानवीय कॉरिडोर खोले जा रहे हैं लेकिन यूक्रेन की सेना लोगों को वहां से निकलने से रोक रही है.

    उन्होंने कहा कि यूक्रेन में मानवीय स्थिति तेज़ी से बिगड़ रही है और भयानक रूप ले रही है. वहीं, रूस यूक्रेन के लोगों के लिए मौजूदा स्थिति को स्थिर करने के लिए हर संभव उपाय कर रहा है. वह अपनी मानवीय ज़िम्मेदारियां पूरी कर रहा है और करता रहेगा.

    वहीं, इससे पहले यूक्रेन ने रूस पर संघर्ष विराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है.

    यूक्रेनी अधिकारियों ने कहा कि युद्ध के दसवें दिन यानी शनिवार को अस्थायी संघर्ष विराम लागू तो किया गया लेकिन रूसी सेना ने आधे घंटे से कम वक़्त के लिए हमले रोके जिससे यहां से हज़ारों लोगों को बाहर निकालने की प्रक्रिया बाधित हुई है.

    उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूलों और लोगों को बाहर निकालने के लिए तैयार की गई बसों पर हमले किए गए हैं. लेकिन, रूस इस बात से इनकार कर रहा है और यूक्रेन पर फंसे हुए लोगों को इलाक़े से ना निकलने देने का आरोप लगा रहा है.

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  3. यूक्रेन संकट भारत के लिए रूस से संबंध बढ़ाने का मौक़ा, रूसी राजदूत

    रूस-यूक्रेन संकट

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    इमेज कैप्शन, डेनिस ऐलिपोव (फ़ाइल फ़ोटो)

    भारत में रूस के राजदूत डेनिस ऐलिपोव ने कहा है कि यूक्रेन के मौजूदा संकट असर भारत-रूस रिश्तों सहित पूरी दुनिया पर पड़ेगा. उन्होंने कहा कि ये प्रभाव कितना होगा अभी इसकी कल्पना नहीं की जा सकती.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, शनिवार को डेनिस ऐलिपोव ने ये भी कहा कि रूस के पश्चिमी सहयोगी देशों ने उसका सहयोग करने से मना कर दिया है. ऐसे में भारत चाहे तो इस स्थिति का फायदा उठा सकता है और रूस के साथ अपने आर्थिक रिश्तों को और मज़बूत कर सकता है.

    रूस के राजदूत ने कहा कि मौजूदा स्थिति ने भारतीय कंपनियों के लिए रूस में अपना विस्तार करने का "अवसर" दिया है और यही वक्त है जब भारत को रूस के साथ अपने आर्थिक सहयोग पर गहन विचार करना चाहिए.

    उन्होंने कहा, "भारतीयों के लिए ये अच्छा मौक़ा है. पश्चिमी मुल्कों ने रूस के साथ रहयोग से मना कर दिया है ऐसे में भारत रूसी बाज़ार पर अपनी पैठ बढ़ा सकता है. भारतीय बिज़नेस के लिए ये अच्छा मौक़ा है."

    भारत में रूस के दूतावास ने अपने ट्विटर हैंडल से एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें डेनिस ऐलिपोव का ये बयान भी शामिल है.

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    वीडियो में डेनिस एलिपोव कह रहे हैं, "इस संकट का असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा. किस हद तक इसका असर पड़ेगा इस बारे में अभी कोई नहीं बता सकता."

    भारत और रूस के संबंधों पर उन्होंने कहा, "दोनों देशों के रिश्ते आपसी हित से जुड़े हैं और इसका रणनीतिक महत्व है."

    पश्चिमी मुल्कों के लगदाए आर्थिक प्रतिबंधों पर उन्होंने कहा कि आर्थिक लेनदेन पर इसका कुछ असर ज़रूर पड़ सकता है.

    उन्होंने कहा, "पैसों के लेनदेन की सुविधा के लिए दोनों के बीच राष्ट्रीय मुद्रा में लेनदेन का द्विपक्षीय मेकनिज़्म है जिसका इस्तेमाल हो रहा है. सवाल केवल ये है कि इसका बड़े पैमाने पर कैसे इस्तेमाल किया जाए."

    उन्होंने ये भी कहा कि इसके इस्तेमाल से रूस पर लगाए आर्थिक प्रतंबंधों से राहत ज़रूर मिलेगी.

  4. रूस-यूक्रेन संकट: पुतिन को रोकने के लिए ब्रिटेन ने बनाई ये योजना

    रूस-यूक्रेन संकट

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    इमेज कैप्शन, बीते सप्ताह पीएम जॉनसन ने ब्रिटेन में यूक्रेन के राजदूत से मुलाकात की थी.

    ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा है कि यूक्रेन पर रूस के "भयानक" आक्रमण को विफल करने के लिए दुनिया के नेताओं को नए सिरे से कोशिश करनी चाहिए.

    न्यू यॉर्क टाइम्स के लिए एक आलेख में प्रधानमंत्री जॉनसन ने लिखा है, "भविष्य के इतिहासकार नहीं बल्कि यूक्रेन के लोग हमारा फ़ैसला करेंगे."

    पीएम जॉनसन ने एक छह सूत्रीय योजना बताई है. उनका कहना है कि इससे पुतिन को रोका जा सकता है.

    • विश्व के नेताओं को यूक्रेन के लिए एक "अंतरराष्ट्रीय मानवीय गठबंधन" बनाना चाहिए.
    • दुनिया के नेताओं को आत्मरक्षा के लिए यूक्रेन के प्रयासों में भी मदद करनी चाहिए.
    • रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाया जाना चाहिए.
    • अंतरराष्ट्रीय समुदाय को रूस को यूक्रेन में अपने कृत्यों का "सामान्यीकरण" करने से रोकना चाहिए.
    • युद्ध को रोकने के लिए कूटनीति का रास्ता अपनाना चाहिए, लेकिन सिर्फ तब जब इसमें यूक्रेन की वैध सरकार की पूरी भागीदारी हो.
    • नेटो देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को मज़बूत करने के लिए बड़े स्तर पर कोशिश होनी चाहिए.

    प्रधानमंत्री जॉनसन सोमवार को कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो और डच पीएम मार्क रूट के साथ डाउनिंग स्ट्रीट में बैठक दौरान अपना संदेश भी दे सकते हैं.

    मंगलवार को, पीएम जॉनसन मध्य यूरोपीय देशों के वी4 समूह के नेताओं की मेज़बानी करेंगे. इनमें चेक गणराज्य, हंगरी, पोलैंड और स्लोवाकिया शामिल हैं.

  5. रूस-यूक्रेन संघर्ष विराम का भारतीय को नहीं मिला फ़ायदा, कई छात्र अब भी यूक्रेन में फंसे

    प्रधानमंत्री मोदी

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    रूस-यूक्रेन के बीच संघर्ष विराम पर सहमति बनने के बाद भी सुरक्षित मानवीय कॉरिडोर न होने की वजह से भारतीय छात्रों को यूक्रेन से निकालना मुश्किल बना हुआ है.

    यूक्रेन ने कहा है कि रूस ने समझौते का उल्लंघन किया है और हमले जारी रहने की वजह से नागरिकों को निकालने के लिए सुरक्षित मानव गलियारे को खोलना असंभव बन गया है.

    हालांकि, रूस ने इससे इनकार करते हुए यूक्रेन पर लोगों को ना निकलने देने का आरोप लगाया है.

  6. राष्ट्रपति बाइडन ने कांग्रेस से यूक्रेन को और फंड देने की मांग की

    जो बाइडन

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    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि यूक्रेन को अतिरिक्त फंड देने के लिए उनका प्रशासन कांग्रेस के साथ मिलकर काम कर रहा है.

    राष्ट्रपति बाइडन ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की के साथ शनिवार को फ़ोन पर हुई बातचीत में ये बातें कहीं.

    उन्होंने यूक्रेन को अमेरिकी समर्थन की बात दोहराई और देश के लोगों और सेना की हिम्मत की तारीफ़ की.

    व्हाइट हाउस की तरफ़ से जारी बयान में राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की की यूक्रेन को नो-फ़्लाई ज़ोन बनाने की मांग का ज़िक्र नहीं किया गया.

    अमेरिका और अन्य नेटो सदस्यों ने यूक्रेन की इस मांग को मानने से इनकार कर दिया है. उन्हें आशंका है कि नो-फ्लाई ज़ोन बनाने से युद्ध और बढ़ सकता है. नेटो देश भी इसकी जद में आ सकते हैं.

    इसके बजाय पश्चिमी देशों ने रूस और उसके कुछ बड़े कारोबारियों पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने का रास्ता अपनाया है. पश्चिमी देश यूक्रेन को सैन्य, मेडिकल और मानवीय मदद मुहैया करा रहे हैं.

  7. रूस और अमेरिका से रिश्तों को लेकर क्या तलवार की धार पर चल रहा है भारत?

    मोदी - पुतिन

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    रूस-यूक्रेन युद्ध भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनता जा रहा है.

    जानकारों का मानना है कि मौजूदा हालात में भारत एक तरह से 'तलवार की नोक पर' ही चल रहा है जहाँ उसे रूस और अमेरिका से अपने रिश्तों के बीच सामंजस्य बनाए रखने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है.

    मौजूदा संकट में कैसी है भारत की स्थिति और आगे क्या चुनौतियां आने वाली हैं.

  8. यूक्रेन का आरोप- रूस ने किया संघर्ष विराम का उल्लंघन, घंटे भर के लिए भी नहीं रुके हमले

    यूक्रेन

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    रूस और यूक्रेन के बीच का युद्ध अब 11वें दिन में प्रवेश कर चुका है. यूक्रेन की राजधानी कीएव के उत्तर पश्चिम में मौजूद शहरों पर रूसी सेना के लगातार हमले जारी हैं.

    इरपिन में मौजूद बीबीसी संवाददाता ने बताया है कि यहां से सुरक्षित स्थानों की तरफ जाने की कोशिश कर रहे हैं. लोग या तो पैदल या फिर किसी भी साधन के ज़रिए थोड़ा ज़रूरी सामान लेकर बाहर निकलने की कोशिश कर रहे हैं.

    कुछ लोगों का कहना है कि रूसी सेना राजधानी कीएव की तरफ बढ़ने का प्रयास कर रही है और यहां शनिवार को पूरी रात लगातार गोलाबारी हुई है.

    इरपिन शहर होस्तोमेल एयरपोर्ट के नज़दीक है जिस पर कुछ दिन पहले रूसी सेना ने हमला किया था. ये यूक्रेन की राजधानी की तरफ बढ़ रहे रूसी सेना के काफ़िले के रास्ते के भी क़रीब है.

    यूक्रेन

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    संघर्षविराम के उल्लंघन का आरोप

    इधर मारियुपोल और वोल्नोवांख़ा शहरों से लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिशें नाकाम हो गई हैं.

    यूक्रेनी अधिकारियों का कहना है कि युद्ध के दसवें दिन यानी शनिवार को अस्थायी संघर्ष विराम लागू तो किया गया लेकिन रूसी सेना ने आधे घंटे से कम वक़्त के लिए हमले रोके जिससे यहां से हज़ारों लोगों को बाहर निकालने की प्रक्रिया बाधित हुई है.

    यूक्रेन ने रूस पर मारियुपोल और वोल्नोवांख़ा में संघर्ष विराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है. मारियुपोल के डिप्टी मेयर सग्रेई ओर्वोव ने बीबीसी से कहा है कि रूसी सेना ने आधे घंटे से कम वक़्त के लिए हमले रोके और फिर लगातार गोलाबारी शुरू कर दी.

    उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूलों और लोगों को बाहर निकालने के लिए तैयार की गई बसों पर हमले किए गए हैं.

    उन्होंने कहा, "रूसी सैनिक शहर को तबाह कर रहे हैं और यूक्रेन के लोगों को मार रहे हैं. हम सड़कों में पड़ी सभी लाशें तक नहीं उठा पाए. अगर आप मुझसे पूछें कि अब तक इस युद्ध में कितने लोग मारे गए हैं तो मैं कहूंगा कि मुझे नहीं पता. हम सड़कों पर पड़ी सभी लाशें उठा नहीं पा रहे, राष्ट्रपति पुतिन और रूसी सेना हर घंटे हर दिन शहर को नुक़सान पहुंचा रहे हैं. यहां शायद ही ऐसी कोई इमारत बची हो जो सही सलामत हो."

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    'नर्क जैसी स्थिति'

    मारियुपोल से बाहर निकलने में कामयाब रहे एक निवासी ने बीबीसी को बताया कि शहर में स्थिति 'नर्क के जैसी है'.

    मारियुपोल यूक्रेन का प्रमुख बंदरगाह शहर है जिसकी रूसी सेना ने घेराबंदी की हुई है. बीते कुछ दिनों से यहां न तो बिजली है औ न ही खाना. मिल रही ख़बरों के अनुसार यहां दवाओं की भी भारी कमी है.

    वहीं वोल्नोवांख़ा शहर को भी रूसी हमले में काफी नुक़सान पहुंचने की ख़बरें मिल रही हैं.

    रूस ने कहा है कि उसकी सेना अब पूर्व की तरफ भी आगे बढ़ रही है. उसने कहा है कि डोनबास की तरफ सेना सात किलोमीटर आगे बढ़ने में कामयाब हुई है और इस बीच रास्ते में पड़ने वाले शहरों और कस्बों को अपने कब्ज़े में ले लिया है.

  9. ज़ेलेंस्की ने अमेरीकी कांग्रेस से की और हथियार देने की मांग

      • Author, डेविड विलिस
      • पदनाम, बीबीसी न्यूज़, वॉशिंगटन
    राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की

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    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने अमेरिकी कांग्रेस के क़रीब 300 सदस्यों से यूक्रेन को नो-फ्लाई ज़ोन बनाने की फिर से मांग की है. उन्होंने वीडियो लिंक के ज़रिए कांग्रेस के सदस्यों को संबोधित किया.

    साथ ही ज़ेलेंस्की ने रूस से तेल खरीदने पर प्रतिबंध लगाने की भी मांग की और रूसी सेना का मुक़ाबला करने के लिए रूस निर्मित फाइटर जेट्स देने का अनुरोध किया. उन्होंने कहा कि यूक्रेन के पायलट इन विमानों को चलाना जानते हैं.

    इसके जवाब में सीनेट नेता चक शूमर ने कहा कि वो पूर्वी यूरोप से उन्हें भेजने की सुविधा के लिए बाइडन प्रशासन की मदद करेंगे.

    ज़ेलेंस्की ने अतिरिक्त सैन्य सहयोग और मानवीय मदद की ज़रूरत पर भी कांग्रेस के सदस्यों का ध्यान खींचा. लेकिन, अमेरिकी सीनेट ने उनके दो अनुरोधों को खारिज कर दिया.

    पहला नो-फ़्लाई ज़ोन की उनकी मांग को खारिज कर दिया गया था, क्योंकि इससे नेटो सदस्य देशों की रूस के साथ सीधी लड़ाई की संभावना बन सकती थी.

    दूसरा, रूस से तेल खरीदने पर प्रतिबंध पर भी अधिक कुछ नहीं किया गया क्योंकि इससे तेल की कीमतों के बढ़ने का ख़तरा था.

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