युद्ध के यूरोप में फैलने के ख़तरे के कारण यूक्रेन में नो फ़्लाई ज़ोन नहीं बनाएगा नेटो

यूक्रेन और रूस के बीच वीकेंड में हो सकती है आगे की बातचीत, फिलहाल भीषण लड़ाई जारी

लाइव कवरेज

दिलनवाज़ पाशा

  1. रूस से फ़िनलैंड क्यों जा रहे हैं लोग?

    गाड़ियां

    वालीमा में रूस और फिनलैंड के बॉर्डर पर बसें और गाड़ियां रुक रही हैं और लोग कस्टम्स के लिए अपने पासपोर्ट की जांच करवा रहे हैं. ये राजधानी हेलिंस्की से क़रीब 193 किलोमीटर दूर है. ये यूक्रेन के लोग नहीं हैं बल्कि रूस के नागरिक हैं.

    भले ही यहां आने वालों की तादाद बहुत ज़्यादा ना हो लेकिन लोगों के आने का सिलसिला जारी है. लोग रूस से बाहर निकले को लेकर बेताब हैं क्योंकि ये आशंका ज़ाहिर की जा रही है कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सरकार यूक्रेन पर आक्रमण के विरोध में प्रदर्शन करने वालों से निबटने के लिए देश में मार्शल लॉ लागू कर सकती है.

    हमने पश्चिम की तरफ़ आ रही एक युवा रूसी महिला से बात की. वो हालात को लेकर परेशान नज़र आ रहीं थीं.

    वो कहती हैं, "यूक्रेन के लोग भी हमारे ही लोग हैं, हमारा परिवार हैं, हमें उनकी हत्याएं नहीं करनी चाहिए."

    हमने पूछा कि क्या वो वापस रूस जाएंगी?

    वो कहती हैं कि जब तक ये निर्दयी सरकार है तब तक तो शायद नहीं.

    फ़िनलैंड में उन जैसे लोगों के लिए बहुत सहानुभूति है. यहां के लोग यूक्रेन के लोगों के लिए भी भावुक हैं.

    फ़िनलैंड पारंपरिक तौर पर तटस्थ रहा है. लेकिन यूक्रेन पर आक्रमण के बाद यहां लोगों का नज़रिया बदल रहा है.

    आशंका ज़ाहिर की जा रही है कि यूक्रेन के बाद रूस अपने दूसरे पड़ोसी राज्यों की तरफ़ भी आक्रामक हो सकता है.

    एक ताज़ा सर्वे के मुताबिक फ़िनलैंड में ऐसे लोगों की तादाद बढ़ रही है जो चाहते हैं कि उनका देश भी नेटो गठबंधन का हिस्सा बन जाए. लोगों को लगता है कि नेटो की सदस्यता उन्हें सुरक्षा दे सकती है.

  2. रूस के तीन सैन्य कमांडरों की मौत- पश्चिमी अधिकारी

    पश्चिमी अधिकारियों के मुताबिक यूक्रेन में चल रही लड़ाई में रूस के कम से कम तीन कमांडर मारे गए हैं.

    माना जा रहा है कि ये सैन्य कमांडर मोर्चे पर आगे आ गए थे.

    अधिकारियों के मुताबिक रूस की 41वीं कंबाइंड आर्म्स आर्मी के कमांडर को स्नाइपर (निशानेबाज़) ने गोली मारी.

    यही नहीं एक डिवीज़नल कमांडर और एक रीजनल कमांडर की भी मौत हो गई.

    रूसी कमांडर मोर्चे की तरफ़ आगे बढ़ रहे हैं ताकि वो अधिक नियंत्रण अपने हाथ में ले सकें.

    रूस की सेना के कमांडर अभियान को गति देने के लिए मोर्चे पर आगे आ रहे हैं लेकिन इससे उनके लिए ख़तरा भी बढ़ रहा है.

  3. यूक्रेन और रूस के बीच लड़ाई के पांच नतीजे क्या निकल सकते हैं?

  4. सेन्सबरी के "Chicken Kiev" का नाम बदलकर "Chicken Kyiv" होगा, जानें क्यों?

    Chicken Kyiv चिकन और लहसुन से बनाई जाने वाली एक डिश है

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    इमेज कैप्शन, Chicken Kyiv चिकन और लहसुन से बनाई जाने वाली एक डिश है

    ब्रिटेन की सुपरमार्केट चेन सेन्सबरी ने चिकन कीएव की स्पेलिंग "Chicken Kiev" से बदलकर "Chicken Kyiv" करने का एलान किया है.

    चिकन और लहसुन से बनाई जाने वाली इस डिश का नाम अब तक सोवियत संघ शासन के दौरान इस्तेमाल की जाने वाली स्पेलिंग के अनुसार था जबकि अब इसमें यूक्रेन में इस्तेमाल की जा रही स्पेलिंग के अनुरूप बदलाव किया गया है.

    सेन्सबरी ने ये भी एलान किया है कि वो उन उत्पादों की बिक्री रोक देगी जो 100 फ़ीसद रूस से सोर्स किए जाते हैं. इनमें वोदका और ब्लैक सनफ्लावर सीड्स भी शामिल हैं.

    सेन्सबरी ने कहा, “हम यूक्रेन के लोगों के साथ खड़े हैं."

    उधर सुपरमार्केट मॉरिसन और को-ऑप भी अपने स्टोर्स से रूसी वोदका हटा रहे हैं.

  5. यूक्रेन-रूस के बीच वीकेंड में हो सकती है आगे की बातचीत

    यूक्रेन-रूस के बीच बातचीत

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    यूक्रेन और रूस के अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि दोनों देशों के बीच लड़ाई ख़त्म करने की कोशिश को लेकर तीसरे दौर की बैठक इसी वीकेंड पर होगी.

    यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के सलाहकार मिख़ाइलो पोदोलियाक ने कहा, "तीसरे दौर की बातचीत कल या उसके अगले दिन हो सकती है. हम लगातार संपर्क में हैं."

    पहले दौर की बातचीत दोनों तरफ़ के अधिकारियों के बीच बेलारूस से सटे यूक्रेन की सीमा पर हुई थी, जिसमें बहुत थोड़ी सफलता मिली.

    वहीं दूसरे दौर की बातचीत में रूस युद्ध की वजह से तबाह हुए इलाकों में मानवीय सहायता पहुंचाए जाने और लोगों को बाहर निकालने के लिए सुरक्षित कॉरिडोर बनाने को लेकर कुछ समय के लिए सीज़फायर करने पर राज़ी हो गया.

    लेकिन यूक्रेन ने कहा कि वो केवल इस नतीजे की उम्मीद नहीं कर रहा था.

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    यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने इससे पहले अपने रूसी समकक्ष पुतिन से कहा था कि वो आमने सामने की बातचीत करें क्योंकि युद्ध को समाप्त करने के लिए यही एकमात्र ज़रिया है.

  6. जर्मनी के चांसलर ने पुतिन से एक घंटे की बात, हमला रोकने को कहा

    पुतिन और शॉल्त्स की मुलाक़ात पिछले महीने ही हुई थी (यूक्रेन पर हमला करने से पहले)

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    इमेज कैप्शन, पुतिन और शॉल्त्स की मुलाक़ात पिछले महीने ही हुई थी (यूक्रेन पर हमला करने से पहले)

    जर्मन चांसलर ओलाफ शॉल्त्स ने व्लादिमीर पुतिन से बात कर तुरंत सेना की कार्रवाई रोकने की मांग की है.

    सरकार के प्रवक्ता ने ये जानकारी देते हुए बताया कि दोनों नेताओं के बीच फ़ोन पर बात हुई है.

    शॉल्त्स ने इसके साथ ही पुतिन से उन क्षेत्रों में मानवीय सहायता की अनुमति देने का आग्रह भी किया जहां लड़ाई हो रही है.

    प्रवक्ता ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत एक घंटे चली और जिसमें जल्द ही एक दूसरे के साथ फिर बात करने भी सहमति बनी.

  7. कीएव की ओर बढ़ता 64 कि.मी. लंबा रूस का क़ाफ़िला क्यों ठहर गया?

  8. रूस यूक्रेन में क्लस्टर बम इस्तेमाल कर रहा हैः नेटो

    यूक्रेन-रूस युद्ध

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    नेटो महासचिव जेम्स स्टोलटेनबर्ग ने कहा है कि इस बात के सबूत हैं कि रूस अपने हमले में क्लस्टर बमों का इस्तेमाल कर रहा है.

    एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, हमने क्लस्टर बमों का इस्तेमाल देखा है और हमने अन्य प्रकार के हथियारों के उपयोग की रिपोर्ट भी देखी हैं जो अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों का उल्लंघन होगा.

    उन्होंने ये भी कहा कि पश्चिमी सैन्य गठबंधन न तो यूक्रेन को नो-फ़्लाइज़ोन ही बनाएगा और न ही वह वहां अपने सैनिकों को भेजेगा.

    हालांकि उन्होंने कीएव को अन्य मदद देने का आश्वासन दिया और व्लादिमीर पुतिन से हमले को तुरंत रोकने का आग्रह किया.

  9. यूक्रेन के विदेश मंत्री की नेटो सदस्यों से अपील- 'मदद करें, यूक्रेन को सीरिया न बनने दें'

    यूक्रेन संकट

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    यूक्रेन पर रूस के हमले के बीच शुक्रवार को नेटो के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई.

    इस बैठक में यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने भी हिस्सा लिया. कुलेबा ने एक वीडियो शेयर कर नेटो के सदस्य देशों से यूक्रेन के लिए मदद मांगी है.

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    कुलेबा का कहना है कि रूस, यूक्रेन को सीरिया बनाना चाहता है.

    उन्होंने कहा,''यूक्रेन को सीरिया बनाना चाहता है रूस. उसने जिस तरह का तरीक़ा सीरिया में अपनाया था वो काफ़ी समान है. लेकिन हमें उन्हें यूरोप में सीरिया बनाने नहीं देना चाहिए. हम लड़ने के लिए तैयार हैं, हम लड़ाई जारी रखेंगे. लेकिन अब हमें ठोस, दृढ़ और त्वरित कार्रवाई में मदद करने के लिए भागीदारों की आवश्यकता है.''

    कुलेबा ने ये भी कहा कि अगर पश्चिमी देश यूक्रेन की मदद नहीं करते हैं तो वो भी यूक्रेन में नागरिकों की मौत के ज़िम्मेदार होंगे.

    यूक्रेन के विदेश मंत्री ने कहा कि रूस के पायलट यूक्रेन के लोगों पर बम बरसा रहे हैं, जिससे उनकी मौत हो रही है.

    उन्होंने कहा कि इससे पहले कि कहीं बहुत देर न हो जाए, पश्चिमी देशों को अब यूक्रेन की मदद करनी चाहिए.

  10. बीबीसी हिन्दी का डिजिटल बुलेटिन ‘दिनभर’, 03 मार्च 2022, सुनिए वात्सल्य राय से

  11. यूक्रेन में गोलीबारी में घायल हरजोत को है भारतीय दूतावास से शिकायत

    यूक्रेन संकट

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    यूक्रेन में गोलीबारी में जख़्मी और कीएव के एक अस्पताल में इलाज़ करा रहे भारतीय नागरिक हरजोत सिंह का वीडियो न्यूज़ एजेंसी एएनआई ने शेयर किया है.

    हरजोत दिल्ली के रहने वाले हैं और हायर एजुकेशन के लिए यूक्रेन में रह रहे हैं.

    इस वीडियो में हरजोत कहते दिख रहे हैं कि ''नई ज़िंदगी मिली है तो मैं भारत जाना चाहता हूँ, अपने परिवार के साथ रहना चाहता हूँ.''

    भारतीय दूतावास से मदद की गुहार लगाते हुए वो कहते हैं कि अब तक उन्हें दूतावास की तरफ़ से कोई मदद नहीं मिली है.

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    न्यूज़ एजेंसी एएनआई ने विदेश मंत्रालय के हवाले से बताया है कि मंत्रालय को हरजोत सिंह के कीएव के अस्पताल में भर्ती होने के बारे में जानकारी है.

    मंत्रालय की तरफ़ से कहा गया है कि हरजोत सिंह के मेडिकल स्टेटस के बारे में पता करने की कोशिश की जा रही है और ये देखा जा रहा है कि क्या उन्हें एक जगह से दूसरे जगह लाया जा सकता है. मंत्रालय ने ये भी कहा कि हरजोत के इलाज़ का खर्च सरकार उठाएगी.

    हरजोत के साथ क्या हुआ था?

    हरजोत का कहना है कि 27 फ़रवरी को वो अपने दोस्तों के साथ कीएव से दूसरे शहर जाने की कोशिश कर रहे थे.

    ट्रेन में जगह नहीं मिलने की वजह से हरजोत ने प्राइवेट कैब किया था. लेकिन कुछ सैन्य कर्मियों ने उन्हें तीसरे चेक पोस्ट से वापस भेज दिया ये कहते हुए कि हालात ख़राब हैं.

    हरजोत का कहना है कि वापसी के वक्त उनपर अचानक से ज़मीन और इमारतों से हमला होने लगा. उन्हें कई गोलियां लगीं और वो कैब से निकलकर ज़मीन पर ही पड़े रहे.

    हरजोत को डॉक्टरों ने बताया कि वो क़रीब 3-4 घंटे सड़क पर ही पड़े रहे. उन्हें 2 मार्च को होश आया. अब वो पहले से बेहतर महसूस कर रहे हैं लेकिन ज़ल्द से ज़ल्द घर जाना चाहते हैं.

    वो आख़िर में कहते दिख रहे हैं कि ''मौत हो जाने के बाद चार्टर फ़्लाइट भेजने का कोई मतलब नहीं होगा'', ऐसे में वो ख़ुद को तुरंत कीएव से निकालने की मांग कर रहे हैं . हरजोत कहते हैं कि उन्हें व्हीलचेयर पर बैठाकर भी बॉर्डर पार कराना पड़े तो कराना चाहिए.

  12. भारत सरकार ने कहा- 20 हज़ार से अधिक भारतीय छोड़ चुके हैं यूक्रेन की सीमा

    भारतीय छात्र

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    भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि एडवाइज़री जारी होने के बाद से अभी तक 20 हज़ार से अधिक भारतीय यूक्रेन की सीमा छोड़ चुके हैं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि वहाँ अब भी कई लोग हैं, लेकिन ये देखना आश्वस्त करता है कि इतने लोगों ने यूक्रेन छोड़ दिया है.

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    उन्होंने ये भी जानकारी दी कि अगले 24 घंटों के दौरान भारतीयों को स्वदेश लाने के लिए 16 फ़्लाइट्स उपलब्ध हैं, इनमें वायु सेना का सी-17 एयरक्राफ़्ट भी है. इस बीच हंगरी में मौजूद केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने कहा है कि गुरुवार तक बुडापेस्ट से 3000 लोगों को निकाला जा चुका है. क़रीब 1100 लोग आज यहाँ से निकलने वाले हैं. उन्होंने बताया- हमने सात और फ़्लाइट्स के लिए कहा है, जिसके बाद शनिवार को 1400 और लोगों को यहाँ से निकाला जा सकेगा.

  13. यूक्रेन से पहले कब-कब भारतीयों को बचाने के लिए चले अभियान?

  14. बीबीसी विशेष LIVE: ज़ेपोरज़िया परमाणु पावर प्लांट में लगी आग कितनी ख़तरनाक

    यूक्रेन पर रूस के हमले का आज नौवां दिन है. ज़ेपोरज़िया परमाणु पावर प्लांट में लगी आग कितनी ख़तरनाक, रूसी सैनिकों ने किन इलाकों पर किया नियंत्रण और किस हाल में है भारत का ऑपरेशन गंगा. ये सब कुछ देखिए बीबीसी के स्पेशल डिजिटल बुलेटिन में LIVE.

  15. ब्रेकिंग न्यूज़, पुतिन की चेतावनी- और प्रतिबंध लगाकर स्थिति ख़राब न करें

    यूक्रेन संकट

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    यूक्रेन पर रूस के हमले का विरोध करने वाले देशों को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चेतावनी दी है.

    पुतिन का कहना है कि रूस पर और प्रतिबंध लगाकार स्थिति को और ख़राब न किया जाए.

    ये टिप्पणी तब सामने आई जब पुतिन एक सरकारी बैठक को संबोधित कर रहे थे, इस बैठक को रूस के सरकारी न्यूज़ चैनल रोसिया 24 पर दिखाया जा रहा था.

    इस दौरान पुतिन ने दावा किया कि ''हमारे पड़ोसियों के ख़िलाफ़ हमारा कोई ग़लत इरादा नहीं है''.

    उन्होंने कहा कि रूस की सरकार ऐसा मानती है कि पड़ोसी देशों को ऐसा कोई क़दम नहीं उठाना चाहिए ''जो हमारे रिश्तों को और ख़राब कर दे.''

    पुतिन आगे कहते हैं, ''मुझे लगता है कि सभी को इस बारे में सोचना चाहिए कि रिश्ते सामान्य कैसे होंगे, सामान्य तौर पर एक दूसरे की मदद की जाए और रिश्ते सुधार जाएं.''

    पुतिन अपने पिछले दावे को भी दोहराते हैं कि रूसी सेना की कार्रवाई रूस के ख़िला़फ़ की गई कुछ कार्रवाई का ही जवाब है.

    पुतिन का ये बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिमी देशों के विदेश मंत्री ब्रसेल्स में इकट्ठा होकर ये आकलन कर रहे हैं कि रूस पर दबाव कैसे बनाया जाए.

  16. BBC SPECIAL LIVE: रूस-यूक्रेन संकट पर विशेष डिज़िटल बुलेटिन

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  17. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में रूस के ख़िलाफ़ निंदा प्रस्ताव पास, भारत, पाकिस्तान और चीन रहे ग़ैर हाज़िर

    रूस के ख़िलाफ़ प्रदर्शन

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    संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में यूक्रेन में रूस के हमले की निंदा प्रस्ताव को व्यापक समर्थन मिला है. परिषद ने कथित युद्ध अपराध और मानवता के ख़िलाफ़ अपराध की जाँच के लिए एक आयोग के गठन का प्रस्ताव भी पास किया है.

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    इस परिषद में रूस अलग-थलग पड़ गया, क्योंकि सदस्य देशों में सिर्फ़ इरिट्रिया ने इस प्रस्ताव के ख़िलाफ़ वोट किया. जाँच आयोग का गठन सबसे ऊँचे स्तर की जाँच है, जिसका संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद आदेश दे सकती है. सीरिया के मामले में परिषद ने एक आयोग का गठन किया था और अब यूक्रेन में रूस की कार्रवाई को लेकर एक आयोग बनेगा.

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    मानवाधिकार परिषद में रूस के निंदा प्रस्ताव के पक्ष में 32 सदस्य देशों ने वोट किया, दो ने इसके ख़िलाफ़ वोट दिया, जबकि 13 देश मतदान से ग़ैर हाज़िर रहे. भारत, चीन, पाकिस्तान, क्यूबा और वेनेज़ुएला ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया. हालाँकि प्रस्ताव के पक्ष में वोट देने वाले कुछ देशों ने प्रस्ताव की शब्दावली को एकतरफ़ा ज़रूर कहा. मानवाधिकार परिषद में ये प्रस्ताव यूक्रेन ने अमेरिका और ब्रिटेन के समर्थन से पेश किया था. भारत ने सुरक्षा परिषद और संयुक्त राष्ट्र महासभा में भी रूस के ख़िलाफ़ प्रस्ताव पर मतदान नहीं किया था.

    यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने मानवाधिकार परिषद के प्रस्ताव का स्वागत किया है.

  18. अब रूस ने जर्मन ब्रॉडकास्टर DW पर भी लगाया बैन

    DW

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    बीबीसी के न्यूज़ सर्विस को रूस में बैन कर दिया गया था. अब ग्लोबल जर्मन ब्रॉडकास्टर डॉयचे वेले (DW) के साथ भी रूस ने ऐसा ही किया है.

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    शुक्रवार को रूस ने DW ऑनलाइन को प्रतिबंधित कर दिया.

    इससे पहले यूक्रेन पर रूस के हमले से पहले DW के रूसी सर्विस के ब्रॉडकास्ट पर रोक लगा दी गई थी. साथ ही पत्रकारों की मान्यता ख़त्म कर दी गई थी.

  19. परमाणु पावर प्लांट पर हमले से छह चेर्नोबिल के बराबर हो सकती थी तबाही- ज़ेलेंस्की

    यूक्रेन संकट

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    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदोमीर ज़ेलेंस्की ने कहा है कि ज़ेपोरज़िया परमाणु पावर प्लांट पर रूस के हमले की वजह से ''6 चेर्नोबिल'' के बराबर की तबाही हो सकती थी.

    साल 1986 में यूक्रेन के चेर्नोबिल में हुआ एटमी हादसा, दुनिया का सबसे भयानक परमाणु हादसा माना जाता है.

    ज़ेलेंस्की ने टेलीविजन पर यूक्रेन के लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ''यूक्रेन के लोगों, हम उस रात को बच गए जो रात इतिहास को रोक सकती थी- यूक्रेन का इतिहास, यूरोप का इतिहास.''

    रूस के लोगों को संबोधित करते हुए यू्क्रेन के राष्ट्रपति ने कहा: ''आख़िर ये संभव भी कैसे है? 1986 में क्या हम (यूक्रेन और रूस) चेर्नोबिल तबाही के नतीजों से साथ मिलकर नहीं लड़े थे?

    रूस के लोगों से ज़ेलेंस्की ने अपील की कि वो ''सड़कों पर उतरें और अपनी सरकार से कहें कि वो ज़िंदा रहना चाहते हैं.''

    ज़ेलेंस्की का कहना है कि वो दुनिया के अलग-अलग देशों के नेताओं से संपर्क में हैं. यूक्रेन के राष्ट्रपति का कहना है कि दूसरे देशों के नेता परमाणु प्लांट पर हुए हमले को लेकर हैरान हैं.

    ज़ेलेंस्की ने यूक्रेन के ऊपर नो-फ़्लाई ज़ोन की मांग की है और रूस के ख़िलाफ अतिरिक्त प्रतिबंधों की मांग की है. उन्होंने कहा, ''रेडिएशन को नहीं पता कि रूस किधर है, रेडिएशन देश की सीमा नहीं पहचानती.''

  20. यूक्रेन के परमाणु पावर प्लांट से रिलीज़ नहीं हुआ रेडियोएक्टिव मैटेरियल- IAEA

    IAEA

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    यूक्रेन पर रूस के हमले के बीच यूरोप के सबसे बड़े परमाणु पावर प्लांट में लगी आग पर पूरी दुनिया की नज़र है.

    ज़ेपोरज़िया परमाणु पावर प्लांट पर लगी आग को अब बुझा लिया गया है, लेकिन इसको लेकर चिंता बनी हुई है.

    ऐसे में इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) के डायरेक्टर जनरल रफाएल मरियानो ग्रोसी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस घटना के बारे में विस्तृत जानकारी दी है.

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    ग्रोसी ने बताया है कि इस पावर प्लांट से रेडियोएक्टिव मैटेरियल रिलीज़ नहीं हुआ है. साथ ही पूरे प्लांट के सेफ्टी सिस्टम पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है और रेडिएशन मॉनिटरिंग सिस्टम पूरी तरह से काम कर रहा है.

    IAEA के डायरेक्टर जनरल ने बताया कि प्लांट साइट पर एक बिल्डिंग में आग लगी थी और ये बिल्डिंग रिएक्टर का हिस्सा नहीं थी.

    इस घटना में दो लोग जख़्मी हुए हैं और ये लोग न्यूक्लियर पावर प्लांट के टेक्निकल कर्मचारी नहीं थे, सुरक्षाकर्मी थे.

    ग्रोसी ने बताया कि ज़ेपोरज़िया परमाणु पावर प्लांट में कुल 6 रिएक्टर हैं, उनमें से एक ही 60 फ़ीसदी की क्षमता के साथ काम कर रहा है.

    उन्होंने कहा कि प्लांट के रेगुलेटर और ऑपरेटर की तरफ़ से उन्हें बताया गया है कि हालात चुनौतीपूर्ण और तनावपूर्ण हैं.

    बता दें कि अब ज़ेपोरज़िया परमाणु पावर प्लांट पर अब रूस का नियंत्रण है. मिली जानकारी के मुताब़िक, जो लोग वहाँ पहले से काम कर रहे थे उन्हें रूसी सैनिकों की तरफ़ से काम करने दिया जा रहा है.

    नेटो के प्रमुख ने यूरोप के इस सबसे बड़े परमाणु पावर प्लांट परिसर में हुए हमले की निंदा की है साथ ही कहा है कि पावर प्लांट पर हुआ हमला ये बताता है कि रूस के सैनिकों को यूक्रेन छोड़कर वापस जाना क्यों ज़रूरी है.