यूक्रेन संकट: पुतिन क्या परमाणु बटन भी दबा सकते हैं?
स्टीव रोज़नबर्ग, बीबीसी न्यूज़ मॉस्को
कई बार मैं सोचता था कि पुतिन ऐसा कभी नहीं करेंगे लेकिन बाद में उन्होंने ठीक वही काम किया.
वह कभी क्राइमिया को नहीं मिलाएंगे? लेकिन उन्होंने मिला लिया.
वह डोनबास में कभी जंग नहीं शुरू करेंगे लेकिन किया. वह कभी यूक्रेन में पूरी तरह से हमला नहीं करेंगे लेकिन यह भी कर दिया.
लगता है कि कभी ऐसा नहीं करेंगे वाली बात पुतिन पर लागू नहीं होती है. इस स्थिति में एक असहज करने वाला सवाल उठ रहा है: क्या वह कभी पहले परमाणु बटन नहीं दबाएंगे...क्या ऐसा करेंगे?
यह कोई महज़ सैद्धांतिक सवाल नहीं है. पुतिन ने देश के न्यूक्लियर फ़ोर्स को 'विशेष अलर्ट' पर रखा है. रूस का कहना है कि नेटो नेता यूक्रेन को लेकर आक्रामक बयान दे रहे हैं.
पुतिन ने जब यूक्रेन में 'विशेष सैन्य अभियान' की घोषणा की थी तो चेतावनी देते हुए कहा था, ''कोई बाहरी हस्तक्षेप करने को सोच रहा है तो उसे ऐसी क़ीमत चुकानी होगी, जो अतीत में पहले कभी नहीं चुकानी पड़ी थी.''
नोवाया गैज़ेट न्यूज़पेपर के प्रधान संपादक और नोबेल शांति सम्मान हासिल करने वाले दिमित्री मरातोव कहते हैं कि पुतिन के शब्द सीधे परमाणु युद्ध की धमकी की तरह है.
वह कहते हैं, ''रूस जो चाहता है और वो नहीं होता है तो रूस की यह धमकी सब कुछ तबाह कर देगी.''
अगर पुतिन न्यूक्लियर बटन दबाने का फ़ैसला करते हैं तो क्या कोई उन्हें रोकने की क्षमता रखता है? मरातोव कहते हैं कि रूसी शासन में शामिल लोग पुतिन के ख़िलाफ़ नहीं जाएंगे और वे शासक के साथ ही रहेंगे. रूसी शासन में पुतिन ही सब कुछ हैं.