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रूस ने पांच दिनों के हमले में 56 रॉकेट और 113 क्रूज़ मिसाइलें यूक्रेन पर दागी हैं- राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में रूस की स्थायी सदस्यता पर एक बार फिर सवाल उठाते हुए ज़ेलेंस्की ने कहा कि युद्ध अपराध करने वाले देश को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य नहीं होना चाहिए.
लाइव कवरेज
मोहम्मद शाहिद, दीपक मंडल, रजनीश कुमार, प्रियंका झा and भूमिका राय
‘क्या मैं ये रूसी टैंक खींचकर उस पार छोड़ आऊं?’
रूस की सेना, सैनिक, टैंक और बख़्तरबंद गाड़ियां अब यूक्रेन के कई शहरों में दिख रही हैं.
रूसी सैनिकों का सामना यूक्रेन के आम लोगों से हो रहा है.
ऐसा ही एक वाकया सामने आया है, जिसमें यूक्रेन का एक आदमी रूसी सैनिकों का टैंक ख़राब होने पर तंज़ में उन्हें कह रहा है कि वो अपनी कार से टैंक को बॉर्डर के उस पार रूस में छोड़कर आ सकता है.
भारतीय मीडिया से रूस ख़फ़ा, कहा- यूक्रेन में चल रहे ऑपरेशन की सटीक जानकारी दें
रूस और यूक्रेन के बीच चल रही लड़ाई पर भारतीय मीडिया में चल रही ख़बरों को लेकर रूसी दूतावास ने मीडिया एडवाइज़री जारी की है.
भारत में रूसी दूतावास ने ट्वीट कर कहा है कि यूक्रेन में जारी संकट को देखते हुए भारतीय मीडिया से सटीक सूचनाएं देने का अनुरोध किया जा रहा है ताकि भारत के लोगों को निष्पक्ष जानकारी मिल सके.
रूसी दूतावास ने कहा है, ''रूस ने यूक्रेन और उसके लोगों के ख़िलाफ़ युद्ध नहीं छेड़ा है. यह रूस का ख़ास सैन्य अभियान है, जो यूक्रेन के सैन्यीकरण और नाज़ीकरण को रोकना चाहता है. डोनबास में यूक्रेन ने पिछले आठ साल से जो युद्ध छेड़ रखा है, रूस उसे भी ख़त्म करना चाहता है."
यूक्रेन पर जारी रूसी हमलों के बारे में दूतावास ने कहा कि रूसी सेना काफ़ी संयम बरत रही है. वह यूक्रेन के नागरिकों और शहरों पर हमले नहीं कर रही है. वह सिर्फ़ यूक्रेन के मिलिट्री इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बना रही है.
दूतावास के ट्वीट के मुताबिक़, रूसी सेना यूक्रेनी सेना की तरह प्रतिबंधित हथियारों का इस्तेमाल नहीं कर रही है और न नागरिकों को मानव ढाल बना रही है. वह युद्ध बंदियों के साथ काफ़ी इज़्ज़त से पेश आ रही है.
ट्वीट में आगे कहा गया है, ''रूस लगातार बातचीत और विचार-विमर्श के लिए प्रयास करता रहा है.''
एक अन्य ट्वीट में कहा गया है, ''यूक्रेन में परमाणु संयंत्र सुरक्षित हैं. आईएईए ने भी इसकी पुष्टि कर दी है. अगर इनसे जुड़ी कोई ग़लत सूचना आती है तो यह पूर्वाग्रह से प्रेरित और गुमराह करने वाली होगी."
रूस से लड़ने के लिए बोतल बम बना रहीं यूक्रेनी महिलाएं
यूक्रेन के निपरो शहर की ये महिलाएं बम बनाने की तैयारी कर रही हैं. इस तरह के बम को यूक्रेन में मोलोटोव कॉकटेल कहते हैं. किसी ने नहीं सोचा था कि हमारा वीकेंड इस तरह से बीतेगा.
ये सब किसी ने नहीं सोचा था, लेकिन अब हम ये कर रहे हैं. अब ऐसा लग रहा है कि यही सबसे अहम काम है. निपरो शहर यूक्रेन के पूर्वी छोर पर पड़ता है. इस शहर के लोग सबसे बुरे हालात के लिए तैयारी कर रहे हैं.
वो पहले से ही रूसी हमलों को झेलने के लिए तैयार हैं. भले ही हम अभी सुरक्षित हों लेकिन हम अपनी ज़िंदगी यूं ही नहीं छोड़ सकते. इसलिए हमें कुछ तो करना ही होगा.
‘सैनिक बोले चले जाओ, वरना गोली मार देंगे’
बेंगलुरु की दिव्यश्री की 19 वर्षीय बेटी सुहानी यूक्रन में डॉक्टर की पढ़ाई कर रही हैं. वो तीन महीने पहले भारत से यूक्रेन पढ़ाई करने गई थीं. लेकिन हालात बिगड़ने के बाद अब वहां फंस गई हैं.
22 फरवरी को सुहानी की फ्लाइट कैंसल होने के बाद से वो यूक्रेन से निकलने के लिए लगातार संघर्ष कर रही हैं और यहां भारत में उनकी मां की चिंता बढ़ती जा रही है.
दिव्याश्री से बीबीसी हिंदी के लिए इमरान कुरैशी ने ख़ास बातचीत की है.
यूएन ने कहा, चार लाख से अधिक लोगों ने यूक्रेन छोड़ा
संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि चार लाख से अधिक लोगों ने यूक्रेन छोड़ा है और यूक्रेन से लोगों का पलायन का सिलसिला जारी है. बड़ी तादाद में लोग पड़ोसी देशों में घुसने की कोशिश में लगे हैं.
संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी यूएनएचसीआर ने कहा है कि यूक्रेन में लोगों को ट्रेनों पर चढ़ने से रोका जा रहा है.
यूएनएचसीआर की एक प्रवक्ता ने ट्वीट कर कहा है कि एजेंसी इस रिपोर्ट को देख रही है. अब तक यूक्रेन से 4,22,000 लोग पड़ोसी देशों में पलायन कर गए हैं.
प्रवक्ता ने कहा, ''यूएनएचसीआर दूसरे देशों में पलायन करने वाले लोगों को शरणार्थी मानता है.''
यूएनएचसीआर ने कहा, ''अकेले यूक्रेन में अब तक एक लाख लोग विस्थापित हो चुके हैं. ''
रूस और यूक्रेन के बीच बेलारूस की सीमा पर शांति वार्ता शुरू हुई
यूक्रेन पर रूसी सेना के हमले के पांचवें दिन दोनों देशों का प्रतिनिधिमंडल शांति वार्ता कर रहा है.
यह शांति वार्ता यूक्रेन और बेलारूस की सीमा पर हो रही है और इसका उद्देश्य युद्ध समाप्त करना है.
यूक्रेन के राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा है कि वो चाहता है कि तुरंत संघर्ष विराम लागू हो और रूसी सेना को बाहर निकाला जाए.
वहीं रूस के मध्यस्थ व्लादिमीर मिदियंस्की ने कहा है कि रूस ऐसा समझौता चाहता है जो दोनों पक्षों के हित में हो.
इस बातचीत की शुरुआत से पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने रूस के जवानों से कहा था कि वो हथियार डाल दें और उन्होंने यूरोपीय संघ से तुरंत यूक्रेन को सदस्यता देने की मांग की थी.
इसी बीच शांति वार्ता की तस्वीरें भी सामने आई हैं जिनमें रूसी और यूक्रेनी अधिकारी संघर्ष को लेकर चर्चा कर रहे हैं.
जब रूसी सैनिक से भिड़ी यूक्रेनी महिला
ये वो पल है जब यूक्रेन में एक महिला हथियारबंद रूसी सैनिक के सामने जा खड़ी हुई.
और उनसे सवाल करने लगी. सैनिक के पास एक बड़ी मशीनगन थी, लेकिन महिला डटकर वहीं खड़ी रही और बोली कि ‘तुम कौन हो...यहां हथियार लेकर क्या करने आए हो?’
रूसी सैनिक ने महिला को क्या जवाब दिया देखिए...
रूस से जंग के लिए जेल से क़ैदियों को रिहा करेगा यूक्रेन
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने यूरोपीय संघ से अपील की है कि वो ‘तुरंत’ उनके देश को अपनी सदस्यता दे.
ज़ेलेंस्की ने कहा, “सभी यूरोपीय लोगों के साथ हमारा एक साथ रहने का लक्ष्य है, और ख़ासतौर से समान पायदान पर रहना. मुझे यक़ीन है कि यह सही है और यह संभव भी है.”
ज़ेलेंस्की ने एक वीडियो के ज़रिए बयान जारी किया और मांग की कि रूसी जवान अपने हथियार डाल दें.
“अपने हथियार डाल दें. यहां से निकल जाएं. अपने कमांडरों पर भरोसा न करें. अपने प्रचारकों पर भरोसा न करें. अपनी ज़िंदगियों को बचाओ.”
यूक्रेन के नेता ने कहा कि संबंधित प्राधिकरण उन दोषी क़ैदियों को जेल से रिहा करेगा जिनके पास युद्ध का अनुभव है और जो देश की रक्षा में मदद कर सकते हैं.
उन्होंने कहा,“हमने एक ऐसा फ़ैसला लिया है जो कि नैतिक दृष्टि से बिलकुल भी आसान नहीं है लेकिन हमारे रक्षा की दृष्टि से बहुत मददगार है.”
यूक्रेन का दावा- अब तक 5000 रूसी सैनिक मारे गए
यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उसके देश की सेना ने अब तक 5000 रूसी सैनिकों को मारा है.
यूक्रेनी अधिकारियों ने फेसबुक पोस्ट के ज़रिये कहा है कि पिछले चार दिन की लड़ाई में 5,300 रूसी सैनिकों को मारा गया है.
रूस के 191 टैंकर, 29 लड़ाकू विमान, 29 हेलीकॉप्टर और सैनिकों को ले जाने वाली 816 हथियारबंद गाड़ियों को ध्वस्त कर दिया गया है.
हालांकि बीबीसी यूक्रेन के इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका है. लेकिन ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय का मानना है कि शुरुआती लड़ाई में रूस को 'भारी' नुक़सान हुआ है.
इससे पहले रूसी रक्षा मंत्रालय ने रविवार को माना था कि उसकी सेना को नुक़सान पहुंचा है. हालांकि अधिकारियों ने नुक़सान का सटीक आंकड़ा नहीं दिया.
इस बीच, संयुक्त राष्ट्र के पर्यवेक्षकों के मुताबिक शुरुआती लड़ाई में 94 नागरिकों की मौत हुई है.
उनके बयान में कहा गया है कि हमले से भीषण मानवीय नुक़सान हुआ है. मरने वालों की संख्या इससे भी ज़्यादा हो सकती है.
रूस के हमले के पांचवें दिन भी यूक्रेन में कई शहर हाई अलर्ट पर
यूक्रेन पर रूस के हमले के पांचवें दिन भी देश में कई शहर हाई अलर्ट पर हैं.
यूक्रेनी सेना ने सोमवार को बताया कि रूसी जवानों ने राजधानी के बाहरी इलाक़ों पर हमले की कई कोशिशें कीं लेकिन वो इस पर क़ब्ज़े में नाकाम रहे.
अधिकारियों ने रविवार को रूसी जवानों के साथ हुई लड़ाई को बहुत ‘कठिन’ बताया है. उनका कहना है कि रूसी जवान ‘लगभग सभी दिशाओं से हमले कर रहे थे.’
बीती रात कीएव, खारकिएव और चेयरनीहिव जैसे बड़े शहर निशाने पर थे. तीनों अभी भी यूक्रेनी सेना के नियंत्रण में हैं लेकिन दक्षिण में रूस ने थोड़ी प्रगति की है और तटीय शहर बेयरडियांस्क को क़ब्ज़े में ले लिया है.
कीएव के रक्षा कमांडर ने कहा है कि रूस के कई सैनिक हताहत हुए हैं और उनके कई सैन्य उपकरण भी बर्बाद कर दिए गए हैं. हालांकि, बीबीसी इस दावे की पुष्टि नहीं करता है.
ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि ताज़ा खुफिया जानकारी से पता लगता है कि बड़ी संख्या में रूसी सैनिक कीएव के उत्तर में 30 किलोमीटर की दूरी तक फैले हुए हैं. हालांकि, यूक्रेनी सेना इनसे जमकर लोहा ले रही है.
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने चेताया है कि अगले 24 घंटे बेहद "अहम" होने वाले हैं. वहीं, यूक्रेन और बेलारूस की सीमा के पास रूस और कीएव के प्रतिनिधिमंडलों के बीच शांति वार्ता होने वाली है.
यूक्रेन ने कहा, यूरोप के सबसे बड़े न्यूक्लियर पावर स्टेशन पर कब्जे का रूसी दावा ग़लत
यूक्रेन ने यूरोप के सबसे बड़े परमाणु स्टेशन जपोरिझिया पर रूस के कब्जे के दावे को खारिज कर दिया है. रूस दावा कर रहा है कि उसके सैनिकों ने इस संयंत्र पर कब्ज़ा कर लिया है.
यूक्रेन की सबसे बड़ी सरकारी न्यूक्लियर कंपनी एनेरगोआतोम ने इंटरफैक्स न्यूज़ एजेंसी से कहा '' रूस का यह दावा बिल्कुल झूठा है. फर्जी है.''
इससे पहले रूस ने सोमवार को कहा कि उसके सैनिकों ने स्टेशन पर कब्जा कर लिया है और इसका काम ठीक तरीके से चल रहा है.
रूसी रक्षा मंत्रालय के मेजर जनरल इगोर कोनाशेनकोव ने एक बयान जारी कर कहा था, ''रूसी सैनिक जपोरिझिया परमाणु बिजली संयंत्र की सुरक्षा कर रहे हैं. यह पूरी तरह उनके नियंत्रण में है.
उन्होंने आगे कहा, ''न्यूक्लियर पावर स्टेशन के कर्मचारी इस का रख-रखाव का काम देख रहे हैं. वो सुनिश्चित कर रहे हैं रेडियोएक्टिव बैकग्राउंड नियंत्रित रहे. फिलहाल यह सामान्य है. ''
रूस के साथ शांति वार्ता के लिए यूक्रेन के अधिकारी बेलारूस सीमा पहुंचे
....में - Author, अब्दुजलील अब्दुरसूलोव
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़, कीएव से
यूक्रेन के प्राधिकरण ने घोषणा की है कि उनका प्रतिनिधिमंडल रूस के साथ शांति वार्ता के लिए यूक्रेन-बेलारूस सीमा पर पहुंच चुका है.
प्राधिकरण का कहना है कि उनके एजेंडे का मुख्य उद्देश्य संघर्ष विराम लागू करना और यूक्रेनी क्षेत्र से रूसी सैनिकों को बाहर निकालना शामिल है.
इससे पहले यह कहा गया था कि यह बातचीत लॉजिस्टिकल और सुरक्षा मुद्दों के कारण स्थगित कर दी गई है.
रविवार को दिए बयान के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा था कि उनको उम्मीद नहीं है कि इस बातचीत से कोई प्रगति होगी.
हालांकि उन्होंने इसमें यह भी जोड़ा था कि उन्हें कोशिश करनी चाहिए चाहे इसमें छोटी भी संभावना क्यों न हो ताकि यूक्रेन पर कोई युद्ध न रोकने का आरोप न लगाए.
यूक्रेन में फंसे भारतीयों की मदद के लिए चार केंद्रीय मंत्री इन देशों में जाएंगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद चार केंद्रीय मंत्रियों को यूक्रेन में फंसे भारतीयों को निकालनेमें मदद करने के लिए भेजने का फ़ैसला किया गया है.
ये चार केंद्रीय मंत्री यूक्रेन से सटे पड़ोसी देशों में जाएंगे. केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी हंगरी, ज्योतिरादित्य सिंधिया रोमानिया और मोलडोवा, किरण रिजिजू स्लोवाकिया और जनरल (रिटायर्ड) वीके सिंह पोलैंड जाएंगे.
ये मंत्री भारत के विशेष दूत के रूप में जाएंगे.
यूक्रेन की मौजूदा स्थिति में फंसे भारतीयों को निकालने को लेकर बीते 24 घंटों के दौरान दूसरी बार उच्च स्तरीय बैठक हुई है जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की है.
आर्थिक प्रतिबंधों का असर, रूस के सेंट्रल बैंक ने बढ़ाई ब्याज दर
यूक्रेन पर हमले के बाद रूस के बैंकों पर यूरोपीय देशों के प्रतिबंधों का असर अब दिखने लगा है. इस बीच रूस के सेंट्रल बैंक ने अपनी ब्याज दर में बड़ा इज़ाफ़ा किया है.
रूस के सेंट्रल बैंक ने ब्याज दर को 9.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर दिया है.
पश्चिमी देशों की ओर से लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों की वजह से रूस की मुद्रा रूबल के गिरते दामों और महंगाई पर लगाम कसने के इरादे से ये क़दम उठाया गया है.
वित्त मंत्रालय के मुताबिक, मॉस्को ने कंपनियों को अपने विदेशी मुद्रा राजस्व का 80% बेचने का भी आदेश दिया है.
सेंट्रल बैंक ने एक बयान में कहा है, "रूसी अर्थव्यवस्था की बाहरी परिस्थितियां बहुत ज़्यादा बदल गई हैं."
बेलारूस बोला- यूक्रेन और रूस के बीच शांति वार्ता के लिए जगह तैयार
बेलारूस ने कहा है कि यूक्रेन और रूस के प्रतिनिधिमंडल की वार्ता के लिए जगह तैयार है. बेलारूस का ये बयान ऐसे समय में आया है जब यूक्रेन पर मॉस्को के हमले को पांच दिन हो गए हैं.
वार्ता के लिए यूक्रेन और बेलारूस की सीमा के पास एक जगह तैयार की गई है. यूक्रेन अपने राजदूतों को यहां भेजने के लिए तैयार हो गया है.
रिपोर्टों के मुताबिक, बेलारूस के तानाशाह अलेक्ज़ेंडर लुकाशेंको ये कह चुके हैं कि वो रूसी आक्रमण में शामिल होने के लिए सेना भेजने को तैयार हैं. इसके बावजूद यूक्रेन अपना प्रतिनिधिमंडल वार्ता को भेजने के लिए तैयार है.
बेलारूस के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर रूस और यूक्रेन के झंडों के साथ मेज़ की तस्वीर साझा करते हुए लिखा है, "रूस और यूक्रेन की वार्ता के लिए बेलारूस में जगह तैयार है. प्रतिनिधिमंडल आने वाले हैं."
बेलारूस के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ऐनातोली ग्लैज़ ने कहा, "मीटिंग पॉइंट पर प्रतिनिधिमंडलों के पहुंचते ही वार्ता शुरू हो जाएगी."
इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा है कि उन्हें इस वार्ता से कोई परिणाम निकलने की उम्मीद नहीं है.
उन्होंने कहा, "हमेशा की तरह, मुझे वाक़ई इस बैठक के परिणामों को लेकर उम्मीद नहीं है, लेकिन उन्हें कोशिश करने देते हैं."
ब्रेकिंग न्यूज़, कीएव में कर्फ़्यू हटा, भारतीय दूतावास ने छात्रों को रेलवे स्टेशन जाने को कहा
यूक्रेन की राजधानी कीएव में वीकेंड कर्फ़्यू हटने के बाद भारतीय दूतावास ने सभी भारतीय छात्रों को सलाह दी है कि वो रेलवे स्टेशन जा सकते हैं ताकि वो पश्चिमी हिस्से में पहुंच सकें.
भारतीय दूतावास ने बताया है कि यूक्रेन रेलवे ने लोगों को बाहर निकालने के लिए विशेष ट्रेनों का प्रबंध किया है.
वहीं स्थानीय समयानुसार कीएव में सुबह 8 बजे कर्फ़्यू हटा दिया गया और लोग अंडरग्राउंड शेल्टर्स से बाहर निकल सकते हैं.
ज़रूरी सामान की दुकानें अब खुलेंगी और सार्वजनिक ट्रांसपोर्ट शुरू होगा हालांकि सबवे ट्रेन कम ही चलेंगी.
शनिवार और रविवार को लगातार कई धमाके हुए लेकिन यह सेंट्रल कीएव से बाहर के हिस्से में ही हुए थे. रूसी मिसाइलें शहर के केंद्र तक दाग़ी गई थीं लेकिन यह बेअसर रहीं और राजधानी अभी भी यूक्रेन के हाथों में है.
हालांकि, कीएव के अधिकारियों ने चेताया है कि युद्ध अभी ख़त्म नहीं हुआ है क्योंकि शहर के लगभग हर ज़िले में सड़कों पर संघर्ष जारी है. कीएव के अधिकारियों का कहना है कि अब जब लोग सुबह उठकर शहर देखेंगे तो उन्हें कुछ भी पहले जैसा नहीं दिखेगा.
कीएव प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा, "जब आप सुबह 8 बजे के बाद शहर से निकलेंगे तो आपको कीएव की सड़कों पर हर ओर किलेबंदी, टैंक-रोधी उपकरण और अन्य हथियार दिखेंगे."
कल रात 10 बजे दोबारा कर्फ़्यू लग जाएगा जो सुबह 7 बजे तक रहेगा. लेकिन यहां लोगों को सलाह दी गई है कि जब तक ज़रूरी न हो वो अपने घरों या जहां भी रहने का ठिकाना हो, वहां से बाहर न निकलें.
ब्रेकिंग न्यूज़, यूक्रेन में फंसे भारतीयों की मदद के लिए विदेश जा सकते हैं चार केंद्रीय मंत्री
सरकारी सूत्रों ने सोमवार को बताया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूक्रेन के पड़ोसी देशों में चार केंद्रीय मंत्रियों को भेज रहे हैं ताकि वो यूक्रेन में फंसे भारतीयों को निकालने में मदद कर सकें.
सरकारी सूत्रों का कहना है, “केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, ज्योतिरादित्य सिंधिया, किरण रिजिजू और जनरल (रिटायर्ड) वीके सिंह यूक्रेन के पड़ोसी देशों की यात्रा करेंगे ताकि छात्रों की मदद की जा सके और लोगों को निकाला जा सके.”
ये मंत्री भारत के विशेष दूत के रूप में जाएंगे. यूक्रेन की मौजूदा स्थिति में फंसे भारतीयों को निकालने को लेकर बीते 24 घंटों के दौरान दूसरी बार उच्च स्तरीय बैठक हुई है जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की है.
रविवार की शाम उत्तर प्रदेश के दौरे से लौटने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर, विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला, कैबिनेट सचिव राजीव गाबा और अन्य वरिष्ठ अफ़सरों के साथ दो घंटे तक बैठक की थी.
पीएम मोदी ने बैठक के दौरान एक बार फिर भारतीय छात्रों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने पर ज़ोर दिया है और कहा है कि फंसे लोगों को निकालना राष्ट्र की प्राथमिकता है.
यूक्रेन के राष्ट्रपति का बोलसोनारो ने उड़ाया मज़ाक़
ब्राज़ील के धुर-दक्षिणपंथी राष्ट्रपति ज़ायर बोलसोनारो ने रविवार को एक न्यूज़ कॉन्फ़्रेंस के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की का मज़ाक़ उड़ाते हुए कहा कि लोगों ने अपनी उम्मीदों को एक कॉमेडियन के हाथों में सौंप दिया था.
बोलसोनारो ने रूस के हमले की निंदा करने से इनकार कर दिया और कहा कि ब्राज़ील इस संघर्ष को लेकर ‘तटस्थ’ रहेगा. उन्होंने कहा कि ब्राज़ील और रूस ‘व्यावहारिक रूप से सहोदर राष्ट्र’ हैं.
बोलसोनारो ने कहा, “हम किसी का पक्ष नहीं लेंगे, हम तटस्थ रहेंगे और जो भी संभव होगा मदद करेंगे.”
“यूक्रेन की आबादी का बड़ा हिस्सा रूसी बोलता है.”
उन्होंने दावा किया कि रविवार को उनकी पुतिन से दो घंटे तक चर्चा हुई लेकिन देश के विदेश मंत्री ने बाद में साफ़ किया कि वो इस महीने हुए मॉस्को दौरे का हवाला दे रहे थे.
भारत ने रूस के ख़िलाफ़ प्रस्ताव पर नहीं किया वोट पर कही अहम बात
भारत के विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने रविवार को यूक्रेन संकट से उपजे मानवीय संकट पर मीडिया को संबोधित करते हुए कहा था कि भारत के पास वो सारी वजहें हैं, जिनसे यूक्रेन संघर्ष के समाधान में अपना योगदान दे. श्रृंगला ने कहा कि भारत दोनों पक्षों के बीच संवाद में भरोसा करता है.
भारतीय विदेश सचिव ने मीडिया के सवालों पर कहा, ''हम सभी पक्षों से संपर्क में हैं. हमारे प्रधानमंत्री ने रूस और यूक्रेन दोनों के राष्ट्रपतियों से बात की है. विदेश मंत्री बहुत ही व्यापक स्तर पर सभी पक्षों से संवाद कर रहे हैं. हमवह देश हैं, जिसका हित सीधा इस क्षेत्र से जुड़ा है. इस इलाक़े में हमारे दोस्त हैं.''
रविवार को भारत ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय नियमों, क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का पालन होना चाहिए. यह बात संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने यूएन की आम सभा बुलाने को लेकर यूएन सुरक्षा परिषद की हुई बैठक में वोटिंग से बाहर रहने के फ़ैसले को सही ठहराते हुए कही है.
सोमवार को संयुक्त राष्ट्र आम सभा बुलाई गई है और इसमें रूस के ख़िलाफ़ प्रस्ताव पास करने की तैयारी है. अमेरिका और यूरोप के देश रूस के ख़िलाफ़ प्रस्ताव पास करने के लिए प्रतिबद्ध दिख रहे हैं.
अमेरिका और यूरोप के देशों को उम्मीद है कि 193 सदस्यों वाली संयुक्त राष्ट्र आम सभा में बड़े बहुमत से रूस के ख़िलाफ़ प्रस्ताव पास होगा. कहा जा रहा है कि यूएनजीए में रूस के ख़िलाफ़ प्रस्ताव 8979 पर 80 से ज़्यादा देश पहले से ही सहमत हैं. बाक़ियों को अमेरिका फ़ोन कॉल के ज़रिए सहमत कराने में लगा है.
यूक्रेन संकट से जो वैश्विक परिस्थिति बन रही है, वह भारत के लिए ये संकट एक दुविधा की तरह है. ऐतिहासिक रूप से भारत यूक्रेन के मामले में रूस के साथ रहा है, लेकिन अब स्थिति 2014 से अलग है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने संयुक्त राष्ट्र की आम सभा बुलाने का फ़ैसला किया है. इसमें यूक्रेन पर रूस के हमले के ख़िलाफ़ एक प्रस्ताव पास किया जा सकता है.
पिछले हफ़्ते शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में रूस ने वीटो कर अपने ख़िलाफ़ प्रस्ताव पास होने से रोक दिया था. प्रस्ताव में रूस की निंदा की गई थी और यूक्रेन से बिना शर्त सैनिकों को वापस बुलाने के लिए कहा गया था.
रविवार को एक बार फिर से भारत, यूएई और चीन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में यूक्रेन पर रूसी हमले के ख़िलाफ़ संयुक्त राष्ट्र की आम सभा बुलाने के लिए हुई वोटिंग से बाहर रहे. भारत और यूएई संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य हैं.
इससे पहले पिछले हफ़्ते शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में रूस के ख़िलाफ़ प्रस्ताव पर हुई वोटिंग से तीनों देश बाहर रहे थे. भारत अब तक रूस की आलोचना करने वाले प्रस्तावों पर हुई वोटिंग से बाहर रहा है लेकिन भारत ने जो स्पष्टीकरण दिया है,उससे लगता है कि हाल के दिनों में यूक्रेन पर रूस की कार्रवाई से भारत भी असहज है.
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने कहा है, ''वैश्विक व्यवस्था अंतरराष्ट्रीय नियमों, यूएन चार्टर और सभी देशों की क्षेत्रीय अखंडता के साथ संप्रभुता पर टिकी है. हम सभी इस सिद्धांत से सहमत हैं.''