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यूक्रेन संकट: फ्रांस ने अपने नागरिकों से रूस छोड़ने की अपील की
फ्रांस ने रूस में रह रहे अपने नागरिकों से अपील की है कि वे बिना देरी किये, जितनी जल्दी हो सके उतनी जल्दी रूस छोड़ दें. फ्रांस की ओर से यह बयान यूरोपीय संघ की ओर से नए प्रतिबंधों की घोषणा के बाद जारी किया गया है.
लाइव कवरेज
पवन सिंह अतुल, अभय कुमार सिंह, ब्रजेश मिश्रा and भूमिका राय
यूक्रेन में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए क्या है भारत सरकार की योजना?
भारत ने यूक्रेन में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए ऑपरेशन गंगा शुरू किया है.
भारत के विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने रविवार को बताया कि इस ऑपरेशन का खर्च भारत सरकार वहन करेगी.
उन्होंने बताया कि संघर्ष शुरू होने से पहले 4000 भारतीयों ने कीएव छोड़ दिया था.
विदेश सचिव ने कहा कि युद्ध की वजह से एयर-स्पेस बंद है इसलिए लोगों को बाहर निकालने के लिए दूसरे रास्तों का विकल्प इस्तेमाल किया जाएगा. यूक्रेन में फंसे भारतीयो को चार पड़ोसी देशों, हंगरी, पोलैंड, रोमेनिया और स्लोवाकिया के जरिए वापस लाएगा.
इसके लिए कुछ विशेष बॉर्डर क्रॉसिंग प्वाइंट चुने गए हैं. इस ऑपरेशन में भारतीय विदेश मंत्रालय की टीम और रूसी बोलने वाले अधिकारियों को भी भेजा गया है जो ऑपरेशन पर नज़र रखेंगे.
उन्होंने बताया कि कीएव में भारतीय दूतावास लगातार काम कर रहा है.
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यूक्रेन में मार्शल लॉ लागू होने की वजह से वहां से भारतीयों को निकालने की योजना में थोड़ी मुश्किलें आ रही हैं.
विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने रविवार को बताया कि यूक्रेन के जो इलाके रूस की सीमा के आसपास हैं, वहां फंसे भारतीयों को निकालने के लिए भारत सरकार ने मॉस्को स्थित दूतावास से एक टीम को मैपिंग के लिए भेजा है.
भारतीयों के लिए सुविधाएं
उन्होंने बताया कि वहां फंसे लोगों को निकालने के लिए ट्रांसपोर्ट सुविधा, खाने और रहने की व्यवस्था पहले से करनी होगी. इसी का जायजा लेने के लिए एक टीम भेजी गई है.
विदेश सचिव ने कहा कि जैसे ही संघर्ष रुकेगा और स्थिति बेहतर होगी तो इन इलाकों में फंसे भारतीयों को ऑपरेशन गंगा के तहत निकाल लिया जाएगा.
उन्होंने कहा, ‘’हमने यूक्रेन और रूस दोनों देशों के राजदूतों से बात की है और उनसे कहा है कि हमें अपने नागरिकों को निकालने के सहयोग की जरूरत होगी.’’
पोलैंड और उसकी सीमा पर फंसे भारतीयों को लेकर भी विदेश सचिव ने कहा कि वो लगातार वहां फंसे भारतीयों से संपर्क बनाए हुए हैं और कोशिश है कि जल्द जल्द उन्हें सुरक्षित निकाल लिया जाएगा.
विदेश सचिव ने बताया कि खारकीएव में करीब 4000 भारतीय छात्र थे जिनमें से आधे के करीब छात्र पश्चिमी शहरों की ओर चले गए हैं. लेकिन जो लोग वहां अब भी फंसे हैं सरकार उन्हें सुरक्षित निकालने की दिशा में प्राथमिकता से काम कर रही है. हालांकि यह संघर्ष क्षेत्र है तो थोड़ी मुश्किलें आ रही हैं. लेकिन छात्र बंकरों और दूसरी सुरक्षित जगहों पर हैं.
यूक्रेन में जारी जंग में क्या भारत मदद कर रहा है. इस सवाल के जवाब में हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों देशों के नेताओं से बात की है. विदेश मंत्री ने भी बड़े स्तर पर इस मुद्दे पर बातचीत की हैं.
रूस-यूक्रेन संकट: जब रूस के टैंक ने चलती कार को कुचला
यूक्रेन की राजधानी कीएव में अब रूस के सैनिक और टैंक पहुंच गए है.
इस बीच राजधानी कीएव से एक दिल दहलाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें एक रूसी टैंक एक कार को कुचलता दिख रहा है. आप भी देखें.
रूस हमले के बाद यूक्रेन छोड़ने वालों की संख्या 368,000 के पार: UNHCR
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त के मुताबिक यूक्रेन छोड़कर जाने वाले लोगों की कुल संख्या 368000 के पार पहुंच गई है.
इनमें से150,000 से अधिक लोगों ने संघर्ष शुरू होने के बाद पोलैंड में शरण ली है. जबकि 43000 से अधिक लोग बीते तीन दिनों में यूक्रेन से रोमानिया पहुंचे हैं.
इस बीच, संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों और मानवीय सहयोगियों ने ‘मौजूदा हालात को देखते हुए’ अपने ऑपरेशन स्थगित कर दिए हैं.
संयुक्त राष्ट्र कार्यालय के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र और इसके सहयोगी यूक्रेन में बने रहेंगे और हालात बेहतर होने पर अपना काम फिर शुरू करेंगे.
यूक्रेन का दावा देश के दूसरे बड़े शहर खारकीएव से रूसी सेना को बाहर खदेड़ा
उत्तर पूर्वी यूक्रेन के खारकीएव शहर के क्षेत्रीय प्रशासनिक प्रमुख ने बताया कि स्थानीय सेनाओं ने रूस के सैनिकों के ख़िलाफ सड़कों पर जंग लड़ने के बाद शहर पर फिर से पूरी तरह नियंत्रण कर लिया है.
सोशल मीडिया पर एक संदेश में खारकीएव के गवर्नर ओलेग सिनेगुबोव ने कहा कि यूक्रेनी सेना ने रूसी सेना को शहर के बाहर खदेड़ दिया है.
इससे पहले आज सुबह से ही रूसी सेना के खारकीएव में प्रवेश की ख़बरें आनी शुरू हो गई थीं. साथ ही अलग-अलग स्रोतों से ये भी पता चला था कि रूसी सेना को यूक्रेन की सेना और लोकल मिलिशिया ज़बरदस्त टक्कर दे रहे हैं.
खारकीएव यूक्रेन का दूसरा बड़ा शहर है और यहां यूक्रेन की सेना को मिली ये छोटी सी कामयाबी, उनका हौसला बढ़ा सकती है.
लेकिन ये संभव है कि रूस सेना अधिक संख्या में आकर, खारकीएव पर एक बड़ा हमला कर सकती है.
रूसी सेना के शहर छोड़ने के बाद दावे के बाद बीबीसी ने खारकीएव में कुछ लोगों से बात की है.
एक तीस वर्षीय महिला ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि बीती रात करीब साढ़े बारह बजे वो भयानक धमाकों के बीच जागी थीं.
महिला ने बीबीसी को बताया, " ये सारा अनुभव स्टार वार्स फ़िल्मों जैसा था. लगातार 15 मिनट तक धमाके होते रहे. हम सभी ने एक दोस्त के यहां शरण ली थी. मैं उस जगह के बारे में नहीं बता सकती क्योंकि ये ख़तरनाक हो सकता है."
महिला ने आगे बताया, "हम यहां इसलिए आ गए क्योंकि हमारा फ़्लैट शहर के रिंग रोड पर था जहां से रूसी सेना काफ़ी करीब है. सो अब हम ख़तरे के इलाके से दूर आ गए हैं."
महिला ने कहा कि वो अब भी गोलीबारी की आवाज़ सुन पा रही है लेकिन अब ये शोर कल रात जैसा बिल्कुल नहीं है.
उधर यूक्रेन की राजधानी कीएव में एक रिहायशी इमारत पर बमबारी की गई. अपुष्ट मीडिया रिपोर्ट्स में दिखाया गया है कि रूसी सैनिक उत्तर पश्चिमी उपनगर से गुज़र रहे हैं और मशीनगन से गोलियों की बौछार कर रहे हैं.
इलाक़े में सख़्त कर्फ्यू लागू है.
रूस और यूक्रेन में जारी युद्ध पर विशेष बीबीसी बुलेटिन
रूस और यूक्रेन के बीच जंग जारी है. इस युद्ध को शुरू हुए चार से ज़्यादा हो चुके हैं. रूस ने यूक्रेन के कई शहरों पर हमले करने के साथ इसकी शुरुआत की. इस जंग में अभी तक कई लोगों की मौत हो चुकी है. देखिए रूस यूक्रेन युद्ध पर आज बीबीसी का यह ख़ास बुलेटिन.
BBC SPECIAL LIVE: रूस और यूक्रेन के बीच जंग जारी, अब आगे क्या?
रूस से सुरक्षा परिषद में वोट देने का अधिकार छीना जाए: ज़ेलेंस्की
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में रूस के वोट देने के अधिकार को ख़त्म करने की मांग की है.
उन्होंने कहा कि यूक्रेन में रूस के आपराधिक काम ‘नरसंहार’ की कगार पर हैं.
रूस (और इसके पहले यूएसएसआर) उन पांच देशों में से एक है जो साल 1945 से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य हैं, जो परिषद के किसी भी महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर अपने वीटोपावर का इस्तेमाल करते हैं.
शुक्रवार को रूस ने सुरक्षा परिषद के उस प्रस्ताव के ख़िलाफ़ वीटो पावर का इस्तेमाल किया जिसमें रूस की कार्रवाई की निंदा की गई थी और यूक्रेन से सेनाएं वापस बुलाने की मांग की गई थी.
सुरक्षा परिषद की स्थापना दूसरे विश्व युद्ध के बाद की गी थी. इसका मक़सद भविष्य में संघर्षों को रोकना और शांति स्थापित करना था. इसके चार अन्य स्थाई सदस्य अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और चीन हैं.
यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने की बेलारूस के राष्ट्रपति से बात
यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने कहा है कि उन्होंने बेलारूस के राष्ट्रपति लुकाशेंको से बात की है.
इससे पहले आज सुबह रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रवक्ता पेस्कोव ने कहा था कि रूस, बेलारूस में यूक्रेन के साथ बातचीत करने को तैयार है.
लेकिन जे़लेंस्की ने उस प्रस्ताव को ये कहते हुए ठुकरा दिया था कि वार्ताएं बेलारूस के बाहर ऐसे स्थान पर हों जो यूक्रेन के प्रति आक्रामक न हो.
गौरतलब है बेलारूस और उसके राष्ट्रपति लुकाशेंको, व्लादिमीर पुतिन के नज़दीकी सहयोगी हैं.
रूस और यूक्रेन के बीच चौथे दिन भी जंग जारी, देखिए बीबीसी हिंदी की विशेष कवरेज
रूस और यूक्रेन के बीच आज चौथे दिन भी जंग जारी है. बातचीत के लिए नहीं बनी सहमति. अब आगे क्या होने वाला है?
इसी विषय पर देखिए बीबीसी हिंदी की विशेष कवरेज. आज रविवार शाम 6 बजे. बीबीसी हिंदी के फेसबुक पेज, यूट्यूब और जियो टीवी ऐप पर
यूक्रेन-रूस युद्ध पुतिन के अंत की शुरुआत: ब्रिटिश विदेश मंत्री
ब्रिटेन की विदेश मंत्री लिज़ ट्रस ने कहा है कि रूसी सेना का यूक्रेन पर हमला, ‘’राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के अंत की शुरुआत हो सकती है.’’
स्काई न्यूज़ से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘’हम मज़बूत और हिम्मती यूक्रेनियों को लड़ते देख रहे हैं और ब्रिटेन उन्हें हथियार और आर्थिक मदद पहुंचाता रहेगा.’’
उन्होंने कहा कि वो ऐसा मानती हैं कि पुतिन ने ‘रणनीतिक ग़लती’ की है और पश्चिमी देशों की ओर से लगाए गए प्रतिबंध रूस की अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर डालेंगे.
लेकिन उन्होंने यह संकेत भी दिया कि ये लड़ाई ‘कई सालों तक’ खिंच सकती है.
विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘मुझे डर है कि ये सब जल्दी ख़त्म नहीं होगा और इस जंग में बहुत खून बहेगा.’’
रूस पर प्रतिबंधों के बारे में पूछे गए सवाल पर उन्होंने बताया कि उनके पास एक पूरी लिस्ट है और धीरे-धीरे प्रतिबंधों को लागू किया जाएगा.
विदेश मंत्री लिज़ ने कहा कि यूक्रेन में चल रहे युद्ध का असर ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटेन के लोग इस बात को ज़रूर समझेंगे कि अगर हम अभी पुतिन के ख़िलाफ़ खड़े नहीं हुए तो हमें क्या कीमत चुकानी पड़ेगी.
यूक्रेन ने इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस से कहा - रूस से युद्ध बंद करने को कहा जाए
यूक्रेन ने इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस में रूस के ख़िलाफ एक अर्ज़ी डाली है. एक ट्वीट में इसकी जानकारी देते हुए यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने कहा है कि यूक्रेन पर आक्रमण के लिए रूस को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए.
अपने ट्वीट में राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने लिखा, "हम इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस से गुज़ारिश करते हैं कि वो रूस से तुरंत सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए कहे. हम अगले हफ़्ते इस केस की सुनवाई करवाना चाहते हैं."
गुरुवार सुबह रूसी राष्ट्रपति ने यूक्रेन में एक सैन्य कार्रवाई के आदेश दिए थे. इसके बाद रूसी सेना यूक्रेन में प्रवेश कर गई थी और अब यूक्रेन को रूसी सेना के हमले का सामना करना पड़ रहा है.
कई शहरों में भीषण जंग छिड़ी है.
आज सुबह रूस ने बेलारूस में यूक्रेन के साथ बातचीत का प्रस्ताव रखा था लेकिन यूक्रेन ने कहा कि बेलारूस में वार्ताएं संभव नहीं हैं.
बेलारूस, रूस का सहयोगी है और वो इस युद्ध में खुलकर रूस का साथ दे रहा है.
यूक्रेन के तीसरे सबसे बड़े शहर में 'नहीं घुस पाई रूसी सेना'
यूक्रेन के तीसरे सबसे बड़े शहर ओडेसा के लोगों का कहना है कि रूसी सेना ने वहां रात में उतरने की कोशिश की लेकिन यूक्रेनी सैनिकों ने उन्हें पीछे लौटने को मजबूर कर दिया.
यूक्रेन एनालिटिका की एडिटर इन चीफ़ हना शेलेस्ट ने बीबीसी को बताया कि सिटी सेंटर में शांति बरकरार थी लेकिन बाहरी इलाकों में बमबारी की आवाज़ें सुनी गईं.
उन्होंने कहा, ‘’अगर आप यूक्रेन के दूसरों हिस्सों से तुलना करें तो दक्षिण में अब तक थोड़ी बहुत शांति है. यहां रात में रूसी सेना ने लैंड करने की कोशिश की लेकिन हमारी नेवी ने उन पर पलटवार किया. बाहरी इलाकों में धमाके हुए हैं.’’
ब्रेकिंग न्यूज़, यूक्रेन का दावा- अब तक 4300 रूसियों की मौत
यूक्रेन की उप रक्षा मंत्री ने अब तक युद्ध में मारे गए लोगों और नुकसान का एक अनुमानित आंकड़ा जारी किया है.
उन्होंने कहा कि देश की सेना ने अब तक रूस को कड़ी टक्कर दी है.
कीएव की हन्ना मल्यार ने फ़ेसबुक पर ज़िक्र किया है कि ये आंकड़े संघर्ष शुरूहोने के शुरुआती तीन दिनों के हैं और ये बदल भी सकते हैं.
यूक्रेन ने जो अनुमानित आंकड़ा जारी किया है उसके मुताबिक रूसी सेना को इतना नुकसान हुआ है-
- 4300 मौतें
- 27 विमान
- 26 हेलिकॉप्टर
- 146 टैंक
- 706 हथियारबंद लड़ाकू वाहन
- 49 तोपें
- 1 एयर डिफ़ेंस सिस्टम
- 4 ग्रैड मल्टिपल रॉकेट लॉन्च सिस्टम
- 30 वाहन
- 60 टैंकर
- 2 ड्रोन
- 2 नावें
यूक्रेन-रूस युद्ध में 200 से अधिक नागरिक मारे गए
यूक्रेन सरकार की लोकपाल ल्यूडमिला डेनिसोवा ने बताया कि रूस के साथ संघर्ष में अब तक 210 से अधिक यूक्रेनी आम नागरिक मारे गए हैं और 1100 से अधिक जख्मी हुए हैं.
उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया, ‘’इस अनदेखी क्रूरता में, दुश्मन रिहायशी इमारतों, अस्पतालों, छोटे बच्चों और बड़े बच्चों स्कूलों को निशाना बना रहा है और यूक्रेन के बेटे-बेटियों और बच्चों से उनका अधिकार छीन रहा है. ’’
डेनिसोवा ने कुछ नागरिकों की मौतों का उदाहरण देते हुए बताया कि कीएव में एक बच्चे की मौत अस्पताल में हुई बमबारी से हुई और खारकीएव में एक महिला की मौत तब हुई जब एक रिहायशी इमारत पर मिसाइल से हमला हुआ.
उन्होंने कहा ‘’रूस को उसके इन अपराधों की गंभीर सज़ा मिलनी चाहिए.’’
उन्होंने आगे लिखा, ‘’यूक्रेन ये सब तथ्य नोट कर रहा है और हेग में मिलिट्री ट्राइब्यूनल में इन्हें पेश करेगा.’’
खारकीएव में छिड़ी भीषण जंग, शहर में रूस को कड़ी चुनौती दे रही है यूक्रेन की सेना
यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर खारकीएव में रूसी सैनिकों और यूक्रेन के सैनिकों के बीच जंग छिड़ी हुई है.
स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक़, कुछ ही घंटे पहले रूस के सैनिक शहर में दाख़िल हुए.
उधर ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि सारे यूक्रेन में रूसी सेना का कड़े मुक़ाबले का सामना करना पड़ा रहा है.
खारकीएव रीजनल एडमिनिस्ट्रेशन के प्रमुख ने बताया कि हल्के सैन्य वाहन ''शहर में घुस आए हैं.''
इस बयान से पहले तस्वीरें और वीडियो फुटेज सामने आईं थीं जिसमें रूस की कई बख़्तरबंद गाड़ियों को उत्तर-पूर्वी शहर की सड़कों पर देखा गया था. सोशल मीडिया फुटेज में दिख रहा है कि रूसी सेना शहर में है.
कुछ ऐसी भी तस्वीरें सामने आई हैं जिसमें दिख रहा है कि रूस की कम से कम दो 'टाइगर' गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया है. हालांकि, बीबीसी ने अभी तक इन तस्वीरों की पुष्टि नहीं की है.
इमरजेंसी सर्विसेज़ ने बताया है कि एक 9 मंज़िला इमारत को निशाना बनाया गया है, जिससे बिल्डिंग को काफी नुकसान पहुंचा और एक बुज़ुर्ग महिला की मौत की भी ख़बर है. बिल्डिंग के बेसमेट में शरण लिए 60 लोग जख़्मी हुए हैं.
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से घरों के अंदर रहने की अपील की है और कहा है, ''शेल्टर मत छोड़िए! यूक्रेन की सेना दुश्मनों को ख़त्म कर रही है, नागरिकों से सड़क पर नहीं आने के लिए कहा जाता है.''
यूक्रेन की तरफ़ से बताया गया है कि रूसी सैनिकों ने पास की एक नेचुरल गैस पाइपलाइन को भी उड़ा दिया है.
ये ऐसे समय में हुआ है जब कीएव से 30 किलोमीटर दूर वासिलकीव ऑयल टर्मिनल को मिसाइल से निशाना बनाया गया और इसके बाद यहां से ज़हरीला धुआं निकल रहा है.
स्थानीय प्रशासन ने ज़हरीले धुएं को लेकर चेतावनी भी जारी की है और कहा है कि घरों की खिड़कियां बंद रखी जाएं.
इस बीच यूक्रेन के विदेश मंत्रालय का दावा है कि यूक्रेन के सैनिकों ने एक रूसी मिसाइल को नष्ट कर दिया है. मंत्रालय के प्रवक्ता का कहना है कि इस मिसाइल के निशाने पर कीएव था.
बता दें कीएव पर लगातार मिसाइल हमले की चेतावनी यूक्रेन की तरफ़ से दी जा रही है. राजधानी में सोमवार तक के लिए सख़्त कर्फ्यू लागू है.
इसबीच ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने यूक्रेन के युद्ध का अपना आकलन छापा है. सोशल मीडिया पर शेयर किए गए पोस्ट के मुताबिक यूक्रेन में रूसी सेना की राह आसान नहीं है.
संख्या और मिलिट्री साज़ो-सामान में दोनों सेनाओं की कोई तुलना नहीं पर यूक्रेन के सैनिक डटकर लड़ रहे हैं और रूस को ज़बरदस्त टक्कर दे रहे हैं. ॉ
यूक्रेन ने कहा- रूस के ख़िलाफ़ लड़ाई में शामिल हों विदेशी
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने विदेश लड़ाकों से यूक्रेन में ‘विदेशी सेना’ बनाने की अपील की है.
राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके कहा कि कोई भी आकर यूक्रेन से साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ सकता है.
पोस्ट में लिखा है, ‘‘यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की दुनिया के सभी नागरिकों, यूक्रेन के दोस्तों को शांति और लोकतंत्र के लिए संबोधित कर रहे हैं.’’
‘कोई भी जो यूक्रेन की सेना में शामिल होना चाहता है, यूरोप या दुनिया में कहीं से भी हो, आएं और यूक्रेन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर रूसी युद्ध अपराधियों के ख़िलाफ़ लड़ सकता है.’’
एक अन्य विस्तृत पोस्ट में कहा गया है कि विदेशी नागरिक कानूनी तौर पर यूक्रेन की सेना में शामिल हो सकते हैं और इसके लिए एक अलग यूनिट बनाई जा रही है जिसे "यूक्रेन की क्षेत्रीय रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय सेना’’ नाम दिया गया है.
यूक्रेन के राष्ट्रपति ने इसके पहले इस बात पर ज़ोर देते हुए बताया कि किस तरह इस लड़ाई में यूक्रेन को अकेले छोड़ दिया गया है.
यूक्रेन के पश्चिमी सहयोगियों ने हथियार और गोला बारूद तो भेजा है लेकिन अपनी सेनाएं नहीं उतारीं. यूक्रेन नेटो डिफ़ेंस अलायंस का हिस्सा नहीं है.
यूक्रेन पर रूस के हमले का चौथा दिन, अब तक क्या-क्या हुआ?
यूक्रेन पर रूस के हमले का आज चौथा दिन है, अब तक क्या-क्या हुआ, इस पर एक नज़र:
- पिछली रात यूक्रेन की तरफ़ से ऐसी चेतावनी जारी की गई थी कि कीएव पर रूस मिसाइल से हमला कर सकता है. लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ है. हालांकि, चेतावनी अब भी दी जा रही है.
- रूस ने बेलारूस में बातचीत का प्रस्ताव रखा है लेकिन यूक्रेन ने कहा है कि वार्ताएं कहीं और हों.
- कीएव के आसपास कई धमाके सुने गए. कीएव से 30 किलोमीटर दूर वासिलकीव ऑयल टर्मिनल को मिसाइल से निशाना बनाया गया है. कीएव के प्रशासन ने चेतावनी दी है कि ऑयल टर्मिनल में हमले की वजह से आग लग गई है और यहां से ज़हरीला धुआं निकल रहा है, इसलिए सभी लोग अपने घरों की ख़िड़कियां बंद रखें.
- यूक्रेन के दक्षिण में स्थित शहर नोवा काखोवका पर रूस की सेना ने क़ब्ज़ा कर लिया है. शहर के मेयर ने इस बात की जानकारी दी है.
- इस बीच, रूस की सेना यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर खारकीएव में घुस चुकी है. एक स्थानीय अधिकारी ने इस बात की जानकारी दी है. शहर में भीषण धमाके की आवाज़ भी सुनी गई, ऐसा कहा जा रहा है कि गैस पाइपलाइन को निशाना बनाया गया है. -
- फिलहाल, खारकीएव में सड़क पर जंग छिड़ने की ख़बर है. खारकीएव के आवासीय इलाक़ों को भी निशाना बनाया गया है. एक 9 मंज़िला इमारत से लोगों को बाहर निकालने और एक महिला की मौत की भी ख़बर है.
- यूक्रेन के उत्तर-पूर्व के एक शहर में कम से कम 6 नागरिकों की मौत हुई है.
- पिछले घंटे में बीबीसी की यूक्रेन सर्विस ने खारकीएव और खेरसन इलाके में कई धमाकों को रिपोर्ट किया है.
- ईयू, अमेरिका और दूसरे पश्चिमी देशों ने इंटरनेशन पेमेंट सिस्टम स्विफ़्ट से कई रूस के बैंकों को अलग कर दिया है. वो रूस के सेंट्रल बैंक के एसेट्स को भी फ्ऱीज करेंगे.
- एक के बाद एक देश यूक्रेन को हथियार के लिए मदद करते दिख रहे हैं. ताज़ा नाम ऑस्ट्रेलिया का है, जिसने कहा है कि वो रूस के ख़िलाफ़ यूक्रेन को हथियार ख़रीदने के लिए फंड देगा. ऑस्ट्रेलिया ने ये फ़ैसला ऐसे समय में किया है, जब जर्मनी ने अपनी नीति को बदलते हुए यूक्रेन को हथियार देने का फैसला किया है.
- आज रूस ने यूक्रेन के गैल और तेल संसधानों को निशाना बनाया है. रूस ने यूरोप तक गैस ले जाने वाली पाइपलाइन को भी उड़ा दिया है.
वार्ता के लिए तैयार है रूस लेकिन बेलारूस में बातचीत के लिए यूक्रेन राज़ी नहीं
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रवक्ता ने कहा है कि रूस, यूक्रेन के साथ बातचीत के लिए तैयार है और अब वो यूक्रेन की प्रतिक्रिया का इंतज़ार कर रहा है.
लेकिन यूक्रेन का कहना है कि बेलारूस में बातचीत संभव नहीं है.
रूसी राष्ट्रपति के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने आज पत्रकारों को बताया है कि बातचीत के लिए रूसी प्रतिनिधिमंडल पहले ही बेलारूस पहुंच गया है.
पेस्कोव ने कहा है कि डेलिगेशन में रूसी विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और अन्य महकमों के प्रतिनिधि शामिल हैं.
प्रवक्ता ने कहा कि वार्ताएं बेलारूस के गोमेल में हो सकती हैं.
लेकिन यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने कहा है कि अगर युद्ध न छिड़ा होता तो बेलारूस की राजधानी मिंस्क में बातचीत संभव थी लेकिन अब नहीं. ग़ौरतलब है कि बेलारूस, रूस का भरोसेमंद सहयोगी है और उसने यूक्रेन पर रूसी चढ़ाई का पूरा साथ दिया है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार ज़ेलेंस्की ने कहा है कि वो बेलारूस के अलावा अन्य किसी ऐसे देश में बातचीत को तैयार हैं जो यूक्रेन के प्रति आक्रामक न हो.
बीते गुरुवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन में 'विशेष सैन्य कार्रवाई' करने का एलान किया था.
उसके बाद से रूसी सेना लगातार आगे बढ़ रही है और वो राजधानी कीएव के करीब पहुँच चुकी है. जंग शुरु होने के बाद ये पहली बार है जब रूस सरकार के प्रवक्ता की ओर से बातचीत के बारे में कुछ कहा गया है.
आज युद्ध के चौथे दिन रूसी सेनाओं ने यूक्रेन के तेल और गैस ठिकानों को निशाना बनाया है.
और रूसी सेना इस वक्त देश के दूसरे बड़े शहर खारकीएव में घुस चुकी है. इसके अलावा यूक्रेन के दक्षिण में एक छोटे से शहर पर रूस ने पूरी तरह से कब्ज़ा कर लिया है.
यूक्रेन के दूसरे बड़े शहर खारएकीव में घुसी रूसी सेना, नोवा काखोवका शहर पर रूस का कब्ज़ा
रूस की सेना यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर खारएकीव में घुस चुकी है. एक स्थानीय अधिकारी ने इस बात की जानकारी दी है. साथ ही रूस ने यूक्रेन के शहर नोवा काखोवका पर पूरी तरह से कब्ज़ा कर लिया है.
इस बीच न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, कीएव में हवाई हमले की चेतावनी जारी की गई है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के पत्रकार ने इसकी पुष्टि की है.
उधर खारएकीव रीजनल एडमिनिस्ट्रेशन के हेड का कहना है कि हल्के सैन्य वाहन ''शहर में घुस आए हैं.''
इस बयान से पहले, फुटेज सामने आए थे जिसमें रूस की कई बख़्तरबंद गाड़ियों को उत्तर-पूर्वी शहर की सड़कों पर देखा गया था.
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से घरों के अंदर रहने की अपील करते हुए कहा है, ''शेल्टर मत छोड़िए! यूक्रेन की सेना दुश्मनों को ख़त्म कर रही है, नागरिकों से सड़क पर नहीं आने के लिए कहा जाता है.''
इस बीच यूक्रेन के दक्षिण के एक शहर नोवा काखोवका पर रूस के क़ब्ज़े की भी ख़बर है.
यूक्रेन की मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि इस छोटे लेकिन रणनीतिक तौर पर मशहूर शहर को रूस ने क़ब्ज़े में ले लिया है. ये शहर एक नदी के किनारे पर है, जिससे क्राइमिया में पानी की सप्लाई होती है.
नोवा काखोवका पर रूसी कब्ज़ा
यूक्रेन के मीडिया के अनुसार यूक्रेन के एक दक्षिणी शहर काखोवका को रूस ने पूरी तरह से अपने नियंत्रण में ले लिया है.
ये एक छोटा लेकिन रणनीतिक लिहाज़ से अहम शहर है. शहर के मेयर वोलोडिमिर कोवालेंको ने कहा है कि रूसी सैनिकों ने सभी सरकारी इमारतों से यूक्रेन के झंडे हटा दिए हैं.
विश्लेषकों का कहना है कि यूक्रेन के दक्षिण में रूसी सेना की रफ़्तार सबसे अधिक कामयाब रही है. अब रूसी ने खेरसोन, मिकोलाइव और मेलितोपोल नामक शहर का रुख़ कर रही है.
पार्क से महिलाओं की आपबीती, जो अपने शहर की हिफ़ाज़त के लिए बना रही हैं 'बॉटल बम', साराह रेन्सफ़ोर्ड, द्निप्रो, यूक्रेन
रूस के हमले के बीच यूक्रेन की महिलाएं अपनी और देश की सुरक्षा के लिए मोलोटोव कॉकटेल्स (पेट्रोल बम) बनाती नज़र आ रही हैं. ये घर पर बनाए जा सकने वाले हथियार हैं.
यूक्रेन सरकार की तरफ़ से भी लोगों से मोलोटोव कॉकटेल्स बनाने की अपील की गई थी. बीबीसी संवाददाता साराह रेन्सफ़ोर्ड ऐसे ही एक समूह से मिलीं, जो द्निप्रो शहर के एक पार्क में बैठकर एक साथ मोलोटोव कॉकटेल्स बना रहे थे.
साराह कहती हैं कि जब पुतिन ने यूक्रेन में हमले का आदेश दिया था, उस दिन अंग्रेजी की टीचर अरीना ने काम के बाद एक डांस क्लास और उसके बाद पार्टी करने का प्लान बनाया था.
लेकिन, महज़ तीन दिन में हालात ऐसे हैं कि अरीना एक पार्क में बैठकर मोलोटोव कॉकटेल्स बना रही थीं.
अरीना के साथ कई और महिलाएं एक साथ बैठकर पॉलीस्टाइरिन और दूसरी चीज़ों को बोतलों में भर रही हैं ताकि बॉटल बम बनाया जा सके.
ज़्यादातर यूरोप में ऐसे किसी दृश्य के बारे में सोचा भी नहीं जा सकता, द्निप्रो में भी कोई नहीं सोच सकता था. लेकिन अभी यहां लोग अपने शहर को रूस के सैनिकों से बचाने के लिए जुटे हुए हैं.
अरीना कहती हैं, ''किसी ने भी ये नहीं सोचा था कि वीकेंड इस तरह से बिताएं, लेकिन ऐसा लगता है कि अभी ये सबसे ज़रूरी काम है.''
वो आगे कहती हैं, ''ये काफ़ी डरावना है, मुझे लगता है कि मैं नहीं जानती कि हम क्या कर रहे हैं, हमें बस कुछ करने की ज़रूरत है.''
इसी जगह पर एलेना और यूनिला भी हैं, जो बता रहे हैं कि वो अपने बच्चों को दादा-दादी के पास छोड़कर आए हैं ताकि हथियार बनाने में मदद कर सकें.
एलेना कहती हैं, ''घर पर बैठे रहना और कुछ नहीं करना ये और भी डरावना होगा.'' वो हंसकर कहती हैं कि वो अच्छी कुक हैं, तो ये काम उनके लिए ज़्यादा कठिन नहीं है.
आख़िर में वो ये भी कहती हैं, ''मैं सोच भी नहीं सकती कि हमारे साथ ऐसा हो रहा है, लेकिन हमारे पास विकल्प ही क्या हैं? किसी ने हमसे कोई सलाह भी नहीं ली.''