यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा- “यह रात बहुत भारी होगी लेकिन सुबह ज़रूर आएगी”

यूक्रेन के शहरों और सैनिक ठिकानों पर लगातर हवाई हमले हो रहे हैं. मिसाइलें बरस रही हैं. यूक्रेन की सीमा के तीनों ओर से टैंक आगे बढ़ रहे हैं.

लाइव कवरेज

रजनीश कुमार, अभय कुमार सिंह and भूमिका राय

  1. यूक्रेन के साथ बातचीत के लिए तैयार रूस, रखी ये शर्त

    यूक्रेन संकट

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    क्रेमलिन के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव का कहना है कि रूस, बेलारूस की राजधानी मिन्स्क में यूक्रेन के साथ बातचीत के लिए तैयार है.

    रूस की सरकारी न्यूज़ एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के मुताबिक़, प्रवक्ता का कहना है कि लेकिन ये बातचीत यूक्रेन को ''न्यूट्रल स्टेटस'' घोषित करने को लेकर होगी, साथ ही उसे सेना को भी कम करना होगा.

    रूस ये चाहता है कि यूक्रेन, नेटो में शामिल न हो. यूक्रेन संकट को लेकर जब अमेरिका और दूसरे पश्चिमी देशों के साथ रूस की बातचीत हो रही थी तब भी रूस की प्रमुख मांग थी कि यूक्रेन को नेटो में शामिल नहीं किया जाए.

    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बातचीत की अपील की है.

    इससे पहले रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ़ ने कहा है कि जब तक यूक्रेन की सेना हथियार नहीं डाल देती तब तक कोई बातचीत नहीं हो सकती.

    कीएव में जंग

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    मिन्स्क क्यों अहम है?

    क्रेमलिन के प्रवक्ता ने मिन्स्क में बातचीत की बात कही है. ये जगह रूस और यूक्रेन के रिश्तों के लिहाज़ से अहमियत रखता है.

    पूर्वी यूक्रेन में रूस समर्थक विद्रोहियों और यूक्रेन की सेना के बीच खूनी संघर्ष के बाद पहले 2014 में मिन्स्क-1 और 2015 में मिन्स्क-2 समझौता हुआ था.

    फ़रवरी 2015 में बेलारूस की राजधानी मिन्स्क में रूस, यूक्रेन, जर्मनी और फ़्रांस के नेताओं की मौजूदगी में यह समझौता हुआ.

    इसके तहत उन इलाकों में शांति बहाल करने के क़दम उठाए जाने थे जिन पर रूस समर्थक अलगाववादियों ने क़ब्ज़ा कर लिया था. अब रूस के हमले को मिन्स्क समझौते के उल्लंघन के तौर पर देखा जा रहा है.

  2. अमेरिका में चीन के राजदूत ने अब ताइवान पर क्या-क्या कह दिया?

    ताइवान

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    पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन की चीन यात्रा की 50वीं वर्षगांठ के मौके पर चीन के राजदूत क़िन गांग ने ताइवान का ज़िक्र किया है.

    अमेरिका में चीन के राजदूत किन गांग का कहना है कि लंबे और मुश्किल परामर्श के बाद ताइवान के मसले को अमेरिका और चीन ने संभाला है. गांग का कहना है कि इसके केंद्र में है ''वन चाइना पॉलिसी''.

    अपने संबोधन में क़िन गांग ने साफ़ शब्दों में कहा कि ये सबसे बड़ी आम सहमति थी जिसपर दोनों पक्ष पहुंच सकते थे. ''वन चाइना पॉलिसी'' के बिना दोनों देशों के रिश्ते सामान्य नहीं हो सकते थे.

    चिन गांग ने कहा कि ''वन चाइना पॉलिसी'' चीन और अमेरिका के राजनीतिक रिश्तों की बुनियाद है. साथ ही ये एक ''रेड लाइन'' है जिसे किसी भी सूरत में पार नहीं किया जाना चाहिए.

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    चीन के राजदूत का कहना है कि चीन के सभी नागरिकों की ये इच्छा है कि देश का पूर्ण एकीकरण हो जाए.

    उन्होंने कहा, ''हम पूरी ईमानदारी और कोशिशों के साथ चीन के शांतिपूर्ण एकीकरण के लिए तैयार हैं. 'ताइवान की स्वतंत्रता' वाली अलगाववादी ताकतें इसमें सबसे बड़ी बाधा हैं.''

    चिन गांग ने कहा कि ऐसे में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए अमेरिका को ताइवान पर अपनी प्रतिबद्धताओं को देखऩा चाहिए और चीन के साथ मिलकर 'ताइवान की स्वतंत्रता' की मांग करने वाले अलगाववादी ताकतों का विरोध और उन्हें नियंत्रित करने के लिए काम करना चाहिए.

    ''वन चाइना पॉलिसी'' क्या है?

    वन चाइना पॉलिसी का मतलब उस नीति से है, जिसके मुताबिक़ 'चीन' नाम का एक ही राष्ट्र है और ताइवान अलग देश नहीं, बल्कि उसका प्रांत है.

    पीपल्स रिपब्लिक ऑफ़ चाइना (पीआरसी), जिसे आम तौर पर चीन कहा जाता है, वो साल 1949 में बना था.

    वन चाइना पॉलिसी का मतलब ये है कि दुनिया के जो देश पीपल्स रिपब्लिक ऑफ़ चाइना (चीन) के साथ कूटनीतिक रिश्ते चाहते हैं, उन्हें रिपब्लिक ऑफ़ चाइना (ताइवान) से सारे आधिकारिक रिश्ते तोड़ने होंगे.

    कूटनीतिक जगत में यही माना जाता है कि चीन एक है और ताइवान उसका हिस्सा है. इस नीति के तहत अमरीका, ताइवान के बजाय चीन से आधिकारिक रिश्ते रखता है. लेकिन ताइवान से उसके अनाधिकारिक, पर मज़बूत ताल्लुक़ हैं.

  3. कार्टून: एक विवादित बयान हो जाये

  4. यूक्रेन के राष्ट्रपति ने यूरोपीय नेताओं पर लगाया आरोप, लोगों से प्रदर्शन की अपील की

    यूक्रेन

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    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कीव स्थित अपने ऑफिस से संबोधित करते हुए कहा है कि यूरोपियन नेताओं पर निशाना साधते नज़र आए.

    ज़ेलेंस्की का कहना है कि जिस तरह की कार्रवाई रूस की तरफ़ से हो रही है, उसके मुकाबले यूरोपीय नेताओं की कार्रवाई अपर्याप्त है.

    सैन्य वर्दी पहनकर संबोधित कर रहे ज़ेलेंस्की ने कहा, ''दूसरे विश्व युद्ध की तरह, जब आपने कहा ये दोबारा कभी नहीं होगा, लेकिन यहाँ एक बार फिर से हो रहा है और आप पर्याप्त जवाब नहीं दे रहे हैं.''

    ज़ेलेंस्की का कहना है अगर यूरोपीय नेता तेज़ी से कदम उठाते हैं तो रूसी हमले को रोकने में अभी भी बहुत देरी नहीं हुई है.

    साथ ही यूक्रेन के राष्ट्रपति ने यूरोपीय संघ के नागरिकों से अपील की है कि वो अपने देशों में प्रदर्शन करें ताकि उनकी सरकारें निर्णायक कार्रवाई के लिए मजबूर हो सकें.

    उन्होंने कहा, ''मुझे यकीन है कि आप देख रहे हैं, आप सब, पूरा यूरोप. लेकिन हम ये नहीं देख पा रहे हैं कि आप इस बारे में करने क्या जा रहे हैं, जब आप यूक्रेन को मदद देने में इतने धीमे हैं तो आप ख़ुद का बचाव कैसे करेंगे.''

    बता दें कि यूक्रेन के राष्ट्रपति एक के बाद एक अलग-अलग देशों के राष्ट्राध्यक्षों से संपर्क करके उन्हें यूक्रेन के हालात के बारे में बता रहे हैं. साथ ही रूस के ख़िलाफ़ सख़्त प्रतिबंधों की मांग कर रहे हैं,

  5. रोमानिया और हंगरी के रास्ते यूक्रेन से भारतीय नागरिकों को निकालने की हो रही है कोशिश

    यूक्रेन संकट

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    यूक्रेन में भारत के दूतावास ने भारतीय नागरिकों के लिए नई एडवाइजरी जारी की है. इसमें भारतीयों से सुरक्षित और सतर्क रहने की अपील की गई है.

    साथ ही ये बताया गया है कि भारत सरकार और दूतावास, रोमानिया और हंगरी के रास्ते नागरिकों को सुरक्षित निकालने पर काम कर रहे हैं.

    एडवाइजरी में दो चेक प्वाइंट्स के नाम भी दिए गए हैं.

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    ऐसी सलाह दी गई है कि विदेश मंत्रालय की टीमों से समन्वय के बाद इन बॉर्डर चेकप्वाइंट्स के पास रहने वाले भारतीय नागरिक ख़ासकर छात्र जाएं.

    जैसे ही ये रूट ऑपरेशनल हो जाएगा, नागरिकों से इन चेक प्वाइंट्स पर जाने के निर्देश दिए जाएंगे. इसके लिए दूतावास कंट्रोल रूम भी बना रहा है.

    एडवाइजरी में कहा गया है कि छात्रों को स्टूडेंट कॉन्ट्रेक्टर्स के संपर्क में रहना चाहिए.

    सभी नागरिकों से पासपोर्ट और आपातकालीन खर्च के लिए अमेरिकी डॉलर रखने के लिए कहा गया है. ये भी कहा गया है कि कोरोना वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट भी साथ में रखें और अगर संभव हो सके तो अपनी गाड़ियों पर तिरंगे के प्रिंट आउट को लगा लें.

  6. रूस का मक़सद यूक्रेन को दमन से मुक्त कराना- विदेश मंत्री लावरोफ़

    लावरोफ़

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    रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ़ ने कहा है कि यूक्रेन पर सैनिक कार्रवाई का उद्देश्य यूक्रेन के लोगों को दमन से मुक्त कराना है, ताकि यूक्रेन के लोग अपना भविष्य निर्धारित कर सकें.

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    राजधानी मॉस्को में एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में लावरोफ़ ने कहा कि रूस ऐसी परस्थितियों में मौन नहीं रह सकता. उन्होंने कहा- हम यूक्रेन की सरकार को लोकतांत्रिक सरकार मानने का अभी कोई अवसर नहीं देखते. हाल ही में रूस ने यूक्रेन के अलगाववादियों के नियंत्रण वाले दो इलाक़ों को मान्यता दी है.

    लावरोफ़ ने पुतिन की लाइन को दोहराते हुए कहा है कि मॉस्को, यूक्रेन पर क़ब्ज़ा नहीं करना चाहता, बल्कि इसे ''डिमिलिट्राइज'' करना चाहता है.

    जब ये पूछा गया कि क्या रूस एक लोकतांत्रिक देश को गिरा देना चाहता है, लावरोफ़ का कहना था कि देश (यूक्रेन) को लोकतांत्रिक नहीं कहा जा सकता.

    लावरोफ़ ने बीबीसी के संवाददाता स्टीव रोज़नबर्ग के एक सवाल को ख़ारिज़ कर दिया, जिसमें उन्होंने पूछा था कि रूस अपने पश्चिमी पड़ोसी देश पर हमले को कैसे सही ठहरा सकता है.

    लावरोफ़ ने युगोस्लाविया, इराक और लीबिया जैसे देशों में पश्चिमी देशों के हस्तक्षेप का ज़िक्र किया. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के नाम पर इन देशों में हज़ारों लोग मारे गए.

    इस बीच रूस के विदेश मंत्रालय ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ़ दोनेत्स्क और लुहान्स्क के प्रतिनिधियों से मिलते नज़र आ रहे हैं.

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    दोनेत्स्क और लुहान्स्क पर रूस समर्थित अलगाववादियों का नियंत्रण है. पुतिन ने इन दोनों क्षेत्रों को अलग स्वतंत्र राज्य के तौर पर मान्यता दे दी है.

  7. कीव में घुसी रूस की सेना, यूक्रेन ने की नागरिकों से सेना में शामिल होने की अपील

    यूक्रेन संकट

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    यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि रूसी सेना कीव में दाख़िल हो चुकी है और अब मंत्रालय ने यूक्रेन के नागरिकों से सेना में शामिल होने की अपील की है.

    यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय की तरफ़ से किए गए ट्वीट में लिखा गया है कि सेना में शामिल होने के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं है, भले ही वो नाबालिग ही क्यों न हों.

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    ट्वीट में सेना के कमांडर की तरफ़ से लिखा गया है, "आज, यूक्रेन को सब कुछ चाहिए. (सेना में) शामिल होने की सभी प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है. केवल पासपोर्ट और आइडेंटिफिकेशन नंबर के साथ आइए. उम्र की कोई सीमा नहीं है.''

  8. ब्रिटेन के रक्षा मंत्री का दावा- रूस के 450 सैनिक मारे गए

    यूक्रेन

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    ब्रिटेन के रक्षा मंत्री बेन वॉलेस ने दावा किया है कि यूक्रेन में सैनिक कार्रवाई के दौरान रूस के 450 सैनिक मारे गए हैं. ब्रिटेन के न्यूज़ चैनल स्काई न्यूज़ से बातचीत में बेन वॉलेस ने कहा कि ब्रिटेन को लगता है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पूरे यूक्रेन पर आक्रमण करना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि इन सबके बावजूद रूस अपनी कार्रवाई में इससे काफ़ी पीछे है.

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    बेन वॉलेस ने कहा- रूस यूक्रेन के एक अहम एयरपोर्ट को अपने विशेष सैनिकों की मदद से नियंत्रण में करना चाहता था. लेकिन सच्चाई ये है कि रूस इसमें नाकाम रहा और यूक्रेन ने इसे वापस अपने नियंत्रण में ले लिया है.

    बेन वॉलेस

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    उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि रूस के बड़े बड़े दावे ग़लत साबित हुए था. बेन वॉलेस ने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन को लगता था कि यूक्रेन को लोगों को मुक्ति मिल जाएगी और वे उनके अभियान को समर्थन देंगे, लेकिन ये सब ग़लत साबित हुआ है. ब्रिटेन के रक्षा मंत्री ने ये भी दावा किया कि पहले दिन की सैनिक कार्रवाई में रूस नाकाम रहा है.

  9. राष्ट्पति ज़ेलेंस्की ने कहा- यूक्रेन को सहयोगियों से पहले से ज़्यादा मदद की ज़रूरत

    वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की

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    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की एक के बाद एक अलग-अलग देशों के राष्ट्राध्यक्षों से बातचीत कर उन्हें हमलों की जानकारी दे रहे हैं.

    साथ ही रूस पर दबाव बनाने और सख़्त प्रतिबंधों की अपील कर रहे हैं.

    ज़ेलेंस्की ने इसी क्रम में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन से बातचीत की है. उन्होंने इस बात की जानकारी ट्विटर पर दी.

    ज़ेलेंस्की ने बताया है कि जॉनसन को उन्होंने रूसी हमले की जानकारी दी है. उन्होंने कहा है कि मौजूदा स्थिति में यूक्रेन को अपने सहयोगियों से पहले से कहीं ज़्यादा समर्थन की ज़रूरत है.

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    वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने मांग की है कि रूस के हमले के ख़िलाफ़ प्रभावी जवाबी कार्रवाई हो और उसपर लगाए गए प्रतिबंधों को और सख़्त किया जाए.

    बता दें कि इससे पहले ज़ेलेंस्की पोलैंड, कनाडा, स्वीडन और फ्रांस के राष्ट्राध्यक्षों से बातचीत कर चुके हैं.

    दूसरी तरफ़, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी कई देशों से बातचीत कर रहे हैं. गुरुवार को उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी, ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी, तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन से फ़ोन पर बातचीत की.

    ज़ेलेंस्की ने देश को संबोधित करते हुए क्या कहा?

    इससे पहले ज़ेलेंस्की ने देश को संबोधित करते हुए यूक्रेन के हालात का ब्योरा दिया.

    ज़ेलेंस्की ने कहा कि अब तक इस लड़ाई में 137 यूक्रेनाई मारे गए हैं, इनमें कई आम नागरिक भी शामिल हैं. 316 ज़ख्मी हैं.

    उनका मानना है कि वो रूस के सबसे बड़े टारगेट हैं, ज़ेलेंस्की कहते हैं वो कीव नहीं छोड़ेंगे.

    उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि रूस ने यूक्रेन पर कई मिसाइल हमले किए हैं. ज़ेलेंस्की का कहना है कि स्थानीय समय के मुताबिक़, ये हमले सुबह 4 बजे से शुरू हुए.

    अपने संबोधन में ज़ेलेंस्की ने एक बार फिर पश्चिम के देशों से रूस पर सख़्त आर्थिक प्रतिबंधों को लगाने की अपील की.

    मॉस्को को चेतावनी देते हुए ज़ेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन तब तक अपना बचाव बंद नहीं करेगा जब तक रूस अपने हमलों को रोक नहीं लेता है.

  10. ब्रिटेन पर रूस की जवाबी कार्रवाई, ब्रिटिश एयरवेज़ पर पाबंदी

    ब्रिटिश एयरवेज़

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    रूस ने ब्रिटिश एयरलाइंस के विमानों को अपने यहाँ लैंड करने पर पाबंदी लगा दी है. रूस के सिविल एविएशन रेग्यूलेटर ने कहा है कि ब्रिटिश एयरलाइंस के विमानों को रूस के हवाई क्षेत्र से गुज़रने की भी अनुमति नहीं होगी.

    ब्रिटेन ने यूक्रेन पर सैनिक कार्रवाई करने के रूस के फ़ैसले के बाद कई तरह की पाबंदियों की घोषणा की थी. इन्हीं में से एक थी रूस के राष्ट्रीय एयरलाइन एरोफ़्लोत के ब्रिटेन में लैंड करने पर रोक. इसके अलावा ब्रिटेन ने रूस के कई बैंकों और कई अरबपतियों पर पाबंदी लगाई है. रूस की सैनिक कार्रवाई की घोषणा के बाद यूक्रेन ने भी अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है.

    एरोफ़्लोत

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  11. यूक्रेन ने कहा- राजधानी कीव में घुसी रूस की सेना, गोलीबारी और धमाके की ख़बर

    यूक्रेन संकट

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    रूसी सेना कीव में घुस चुकी है, यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने एक ट्वीट के जरिए इस बात की पुष्टि की है.

    मंत्रालय की तरफ़ से कहा गया है कि ''दुश्मन'' कीव में संसद से करीब 9 किलोमीटर की दूरी पर थे. मंत्रालय ने लोगों से पेट्रोल बम के जरिए जवाबी कार्रवाई करने की सलाह दी है.

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    सोशल मीडिया वीडियोज में ये दिख रहा है कि रूसी टैंक ओबोलोन में चल रहे हैं. ओबोलोन कीव के पास का इलाक़ा है.

    ऐसा लगता है कि इन वीडियोज को स्थानीय लोगों ने बनाया है. बीबीसी ने ये पुष्टि की है कि वीडियो में ओबोलोन शहर ही दिख रहा है.

    यूक्रेन पर रूस ने गुरुवार को हमला शुरू किया था. इसके बाद रूसी सैनिक कई तरफ़ से यूक्रेन में तेज़ी से घुस रहे हैं.

    यूक्रेन के अधिकारियों का कहना है कि रूसी सैनिक कीव में घुस चुके हैं, उन्होंने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वो पेट्रोल बम के जरिए रूसी सैनिकों को जवाब दें.

    ''कई नागरिक स्थलों पर हमले''

    यूक्रेन सरकार की तरफ़ से एक अधिकारी का कहना है कि रूस की सेना दर्ज़नों नागरिक ठिकानों पर हमला कर रही है.

    न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स से बातचीत में उन्होंने कहा, ''"रूस का कहना है कि वो नागरिकों पर हमला नहीं कर रहे हैं, लेकिन पिछले 24 घंटों में 33 नागरिक स्थलों पर हमला किया गया है."

    इससे पहले बीबीसी संवाददाताओं ने कीव में गोलीबारी की आवाज़ सुनी थी. वो अब कह रहे हैं कि धमाकों की आवाज़ अब तेज़ हो गई है.

    बीबीसी संवाददाता निक बीक ने बताया कि रूसी हवाई हमलों से कीव की घनी आबादी वाला इलाक़ा पोज़निएक रातभर प्रभावित रहा.

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    एक बिल्डिंग में आग लगी भी दिखी और दमकलकर्मियों ने धुएं और मलबे के बीच आग बुझा लिया. शहर में कुछ और जगहों पर धमाके की आवाज़ सुनी जा सकती है.

    पोज़निएक में कम से कम 8 लोग जख़्मी हुए हैं. सुबह 7 बजे कर्फ्यू ख़त्म हो जाने के बाद भी सायरन सुने जा सकते हैं.

  12. रूस की योजना है पहले राजधानी कीव और फिर पूरे यूक्रेन पर क़ब्ज़ा- रिपोर्ट

    यूक्रेन

    इमेज स्रोत, Ukrainian State Emergency Service/Handout via REUT

    यूक्रेन में काउंटर इंटेलिजेंस के एक स्रोत ने यूक्रेनस्का प्रावदा वेबसाइट को बताया है कि रूस की योजना राजधानी कीव और पूरे देश को नियंत्रण में लेने की है.

    इस स्रोत ने रूस की योजना के बारे में विस्तार से बताया है. हालाँकि इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती.

    यूक्रेन

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    लेकिन वेबसाइट ने स्रोत के हवाले से बताया है कि रूस की ये योजना है-------

    राजधानी कीव के प्रमुख हवाई अड्डे और एयर ट्रैफ़िक कंट्रोल पर क़ब्ज़ा करना, सीमा पर हमला करते हुए यूक्रेनी सैनिकों का ध्यान भटकाना और 10000 सैनिकों को राजधानी में उतारना

    कीव में बिजली और संचार के साधनों को नाकाम करना ताकि वहाँ अफरा-तफरी फैल जाए

    यूक्रेन के सैनिक इधर उधर न जाने पाए, इसके के लिए शरणार्थियों को पलायन के लिए उकसाना

    सरकारी इमारतों, कैबिनेट और संसद पर क़ब्ज़ा करना और देश के नेतृत्व को रूस की शर्त पर समझौते पर दस्तख़त के लिए मजबूर करना.

    रूस समर्थक नेताओं को लाना और यूक्रेन को पूर्वी और पश्चिमी जर्मनी की तरह दो हिस्सों में तोड़ना.

    लेकिन इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती

  13. यूक्रेन संकट के बीच भारतीय शेयर बाज़ार में रिकवरी, एशियाई बाज़ारों में भी तेज़ी

    शेयर बाज़ार

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    यूक्रेन पर रूस के हमले का ये दूसरा दिन है. हमले के पहले दिन एशियाई बाज़ारों में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी, वहीं दूसरे दिन एशियाई बाज़ार तेज़ी पर हैं.

    इस वजह से भारत के शेयर बाज़ार में भी ज़ोरदार रिकवरी हुई है. आज सेंसेक्ट और निफ्टी के शुरुआती कारोबार में दो फ़ीसदी तक की तेज़ी हुई.

    सेंसेक्स में जहां 1300 अंकों से ज़्यादा की तेज़ी है वहीं निफ्टी 16,000 के पार पहुँच गया है.

    न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, गुरुवार को सेंसेक्स में 2700 अंकों से ज़्यादा की गिरावट हुई थी. जो करीब दो साल में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट है. वहीं निफ़्टी 815 अंक टूटा था. इस तरह की भारी गिरावट से निवेशकों को 13.44 लाख करोड़ रुपए से ज़्यादा का नुकसान गुरुवार को हुआ.

    कच्चे तेल की क़ीमतों की बात करें तो ये प्रति बैरल 100 डॉलर के ऊपर है.

    एशियाई बाज़ारों में तेज़ी

    एशियाई बाज़ारों में तेज़ी देखने को मिली. रूस के ख़िलाफ़ अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बाद जापान का निकेई 225 सूचकांक 2% की बढ़त के साथ बंद हुआ. दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 1.2% की उछाल है.

  14. अफ़ग़ानिस्तान की तालिबान सरकार ने रूस और यूक्रेन से की संयम बरतने की अपील

    अफ़ग़ानिस्तान के विदेश मंत्री

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    अफ़ग़ानिस्तान में सत्तारूढ़ तालिबान ने यूक्रेन की स्थिति पर बयान जारी किया है. बयान में कहा गया है कि अफ़ग़ानिस्तान यूक्रेन की स्थिति पर नज़र बनाए हुए है और आम नागरिकों की जान जाने की आशंका से चिंतित है.

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    बयान के अनुसार- अफ़ग़ानिस्तान दोनों पक्षों से संयम की अपील करता है. सभी पक्षों को ऐसे क़दमों से परहेज़ करना चाहिए जिससे हिंसा बढ़ सकती है. अफ़ग़ानिस्तान का कहना है कि अपनी निष्पक्ष विदेश नीति के मद्देनज़र वो दोनों पक्षों से अपील करता है कि वे बातचीत और शांतिपूर्ण माध्यमों से संकट का हल निकालें. अफ़ग़ानिस्तान ने सभी संबंधित पक्षों से अपील की है कि वे यूक्रेन में रहने वाले अफ़ग़ान नागरिकों और प्रवासियों की जीवन की रक्षा करने पर भी ध्यान दें.

    रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पिछले दिनों यूक्रेन के अलगाववादियों के नियंत्रण वाले दो इलाक़ों को स्वतंत्र क्षेत्र के रूप में मान्यता दे दी थी और इसके बाद पूर्वी यूक्रेन में सेना भेजने का फ़ैसला किया था. इसके बाद गुरुवार को यूक्रेन में लड़ाई शुरू हो गई थी. रूस की सेना यूक्रेन के कई हिस्सों पर हमले कर रही है. यूक्रेन का कहना है कि अभी तक उसके 137 लोग मारे गए हैं. यूक्रेन ने भी जवाबी कार्रवाई में रूसी सैनिकों के मारे जाने का दावा किया है.

  15. यूपी चुनाव Live: कोरोना की दूसरी लहर से बुरी तरह प्रभावित प्रयागराज के मेंडारा गांव में क्या हैं मुद्दे?

    यूपी के प्रयागराज का मेंडारा गांव कोरोना की दूसरी लहर से बुरी तरह प्रभावित रहा था. गांव में कोरोना से कई लोगों की मौत भी हुई थी. ऐसे में उत्तर प्रदेश में हो रहे विधानसभा चुनाव के बीच इस गांव में लोगों के मुद्दे क्या हैं, ये जानने पहुंचे हैं बीबीसी के संवाददाता सलमान रावी.

  16. यूक्रेन में फँसे पाकिस्तानी छात्रों पर मरियम नवाज़ ने कहा- क्या कोई सुन रहा है उनकी गुहार?

    मरियम नवाज़

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    यूक्रेन में रहने वाले पाकिस्तानी छात्रों ने प्रधानमंत्री इमरान ख़ान से अपील की है कि वे उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने को प्राथमिकता दें. गुरुवार को पीएम इमरान ख़ान ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाक़ात भी की थी. यूक्रेन स्थित पाकिस्तानी दूतावास का कहना है कि चूँकि यूक्रेन का हवाई क्षेत्र बंद है. इसलिए सभी पाकिस्तानी छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे जहाँ हैं, वहाँ रहें जब तक कि स्थितियाँ उन्हें बाहर निकालने लायक न हो जाएँ.

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    पाकिस्तान के राजदूत मेजर जनरल नोएल इरसाइल खोखर ने कहा है कि यूक्रेन में सभी पाकिस्तान नागरिक सुरक्षित हैं. इस बीच पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (नवाज़) की नेता और पूर्व पीएम नवाज़ शरीफ़ की बेटी मरियम नवाज़ ने ट्वीट कर लिखा है कि क्या यूक्रेन में मौजूद पाकिस्तानी छात्रों की आवाज़ कोई सुन रहा है?

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    उन्होंने ट्विटर पर लिखा है- यूक्रेन में फँसे और वहाँ से निकाले जाने का इंतज़ार कर रहे सैकड़ों पाकिस्तानी छात्रों की गुहार सुनने वाला कोई है? पाकिस्तान की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि इमरान ख़ान और पुतिन के बीच मुलाक़ात में कई मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन इसमें यूक्रेन में फँसे पाकिस्तानी छात्रों के बारे में कुछ नहीं लिखा है. बयान में ये ज़रूर चर्चा है कि यूक्रेन की स्थिति पर इमरान ख़ान ने कहा कि कूटनीति से ही मसले का हल किया जाना चाहिए.

  17. राहुल गांधी ने कहा- मोदी सरकार की रणनीतिक ग़लतियां बहुत महंगी साबित होंगी

    राहुल गांधी

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    कांग्रेस नेता और लोकसभा सांसद राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर भारतीय मीडिया की कुछ रिपोर्ट की हेडलाइन शेयर करते हुए निशाना साधा है.

    राहुल गांधी ने लिखा है कि सरकार की रणनीतिक ग़लतियाँ बहुत महंगी साबित होंगी. राहुल गांधी ने इस बार के बजट सत्र में लोकसभा में कहा था कि मोदी सरकार की रणनीतिक ग़लती से चीन-पाकिस्तान साथ आ गए हैं.

    राहुल गांधी ने दोनों के साथ को भारत के लिए ख़तरनाक बताया था.

    राहुल के बयान के बाद जो चीज़ें घटित हुई हैं, उनसे जुड़ी घटनाओं की हेडलाइन शेयर करते हुए कांग्रेस नेता बताना चाह रहे हैं कि उनकी बात सही साबित हो रही है.

    अभी यूरोप के दौरे पर गए भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा था कि चीन से भारत का रिश्ता बहुत ही मुश्किल दौर में है.

    एक हेडलाइन है, जिसमें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने एक सवाल का जवाब दिया है. इमरान ख़ान से पूछा गया था कि क्या चीन पाकिस्तान को रूस के साथ आने में मदद करेगा? इसके जवाब में इमरान ख़ान ने हाँ कहा था और मोदी सरकार को निशाने पर लिया था.

    इसके बाद 23 फ़रवरी को इमरान ख़ान यूक्रेन से संकट के बीच रूस रवाना हुए और कहा जा रहा है कि दोनों देश क़रीब आ रहे हैं.

    राहुल कहना चाह रहे हैं कि मोदी सरकार की कथित गल़तियों से अब तक चीन और पाकिस्तान ही क़रीब आए थे अब रूस और पाकिस्तान भी क़रीब आ रहे हैं.

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  18. यूक्रेन ने रूस के 'रॉकेट हमले' की तुलना नाज़ी जर्मनी के हमलों से की

    यूक्रेन

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    यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा का कहना है रूस ने कीएफ़ पर ''भीषण'' मिसाइल हमले किए हैं.

    कुलेबा ने इस हमले की तुलना दूसरे विश्व युद्ध के दौरान नाज़ी जर्मनी के हमले से की है.

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    इस बीच यूक्रेन की राजधानी में कई विस्फोटों की रिपोर्ट्स सामने आ रही हैं. बीबीसी संवाददाता पॉल एडम्स ने बताया है कि उन्होंने हवाई सायरनों की आवाज़ और कम से कम एक धमाके की आवाज़ को सुना है.

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    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने आज सुबह रिपोर्ट किए गए मिसाइल हमलों की पुष्टि की है.

    ज़ेलेंस्की का कहना है कि ये हमले यूक्रेन के समय के मुताबिक़, सुबह चार बजे शुरू हुए. उन्होंने कहा कि रूस के हमले में सैन्य और नागरिक दोनों ठिकानों को निशाना बनाया गया है.

    इस बीच यूक्रेन के एक ऑनलाइन न्यूज़ पेपर ने रिपोर्ट किया है कि यूक्रेन की सेना ने रूसी टैंकों को शहर में आगे बढ़ने से रोकने के लिए कीएफ़ के बाहरी इलाक़े में स्थित एक पुल को तबाह कर दिया.

  19. यूक्रेन पर हमले के बीच मोदी के अलावा पुतिन ने इन नेताओं से की है बात

    अर्दोआन और व्लादिमीर पुतिन

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    यूक्रेन पर सैनिक कार्रवाई के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की. लेकिन पुतिन ने सिर्फ़ नरेंद्र मोदी से ही नहीं, बल्कि कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों से गुरुवार को बात की. गुरुवार का दिन रूस के हमले का पहला दिन था.

    यूरोप और अमेरिका रूस की कार्रवाई की आलोचना कर रहे थे और रूस पर पाबंदियाँ लगाई जा रही थी. इन सबके बीच पुतिन और मोदी के बीच बातचीत हुई. पाकिस्तान के पीएम इमरान ख़ान तो रूस के दौरे पर ही थे और गुरुवार को ही उनकी राष्ट्रपति पुतिन से मुलाक़ात हुई. इसके अलावा रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी से बात की.

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    क्रेमिलन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि राष्ट्रपति पुति ने यूक्रेन को लेकर जो स्थितियाँ है, उस पर राष्ट्रपति रईसी से बात की और उन्हें जानकारी दी. बयान में कहा गया है कि ईरान के राष्ट्रपति ने रूस की चिंताओं को समझा, जो अमेरिका और नेटो की कार्रवाई से पैदा हुई है. साथ ही बातचीत में ईरान के परमाणु कार्यक्रमों पर भी चर्चा हुई. दोनों नेताओं ने अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग को मज़बूत करने पर प्रतिबद्धता जताई.

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    भारत के पीएम मोदी और ईरान के राष्ट्रपति रईसी के साथ-साथ पुतिन ने तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन से भी फ़ोन पर बातचीत की. अर्दोआन यूक्रेन में रूस की कार्रवाई की आलोचना कर चुके हैं और संकट के समाधान के लिए मध्यस्थता की पेशकश भी कर चुके हैं. क्रेमलिन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि दोनों नेताओं ने दोनेत्स्क और लुहांस्क को मान्यता देने के मुद्दे पर विचार किया. बयान के मुताबिक़ पुतिन ने अर्दोआन को बताया कि ये फ़ैसला डोनबास में यूक्रेन की आक्रामक नीतियों और मिन्स्क समझौते को लागू करने से इनकार करने के बाद ही उन्होंने ये फ़ैसला किया है. अर्दोआन ने भी इस पर अपने विचार रखें.

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    पुतिन ने बातचीत के दौरान अमेरिका और नेटो को लेकर निराशा व्यक्त की कि कैसे रूस की वाजिब चिंताओं और मांगों को दरकिनार किया गया. दोनों देश संपर्क जारी रखने पर सहमत थे. इसके अलावा पुतिन ने फ़्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों से भी बात की. क्रेमलिन के मुताबिक दोनों नेताओं ने मौजूदा परिस्थितियों पर खुल कर बात की. बातचीत में पुतिन ने सैनिक कार्रवाई की वजह और परिस्थितियों के बारे में भी जानकारी दी.

  20. यूक्रेन संकट: भारत के रुख़ पर बोले बाइडन, मोदी सरकार पर बढ़ा दबाव