दिल्ली पुलिस ने छह चरमपंथियों को पकड़ने का दावा किया
दिल्ली पुलिस का कहना है कि कई शहरों में आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देने की साज़िश की जा रही थी.
लाइव कवरेज
मोहम्मद शाहिद, पवन सिंह अतुल and अनंत प्रकाश
किसान आंदोलन यूपी की चुनावी राजनीति में कितना असरदार होगा?
मुज़फ़्फ़रनगर में रविवार को हुई किसान महापंचायत उन सवालों के जवाब में थी, जो दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसानों के धरने की धार को कुंद मान रहे थे.
महापंचायत में किसानों की मौजूदगी ने इसका जवाब देने की भरपूर कोशिश की और कामयाब भी रहे लेकिन किसान नेता राकेश टिकैत के "वोट पर चोट" की अपील यूपी और उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव में कितना असर दिखाएगी, यह विषय राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है.
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व्हाइट हाउस में होगा क्वाड सम्मेलन, पीएम मोदी होंगे शामिल और चीन की बढ़ सकती है चिंता
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इमेज कैप्शन, इस साल मार्च में क्वाड नेताओं की वर्चुअल बैठक हुई थी
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन ने घोषणा की है कि
वो 24 सितंबर को व्हाइट हाउस में क्वाड नेताओं के पहले सम्मेलन का आयोजन करने जा
रहा है.
इस कार्यक्रम में बाइडन के साथ भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी, ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन और जापानी प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा
शामिल होंगे.
व्हाइट हाउस से जारी प्रेस रिलीज़ में कहा गया है कि क्वाड
नेताओं की बातचीत के केंद्र में आपसी रिश्तों को मज़बूत करने और कोविड-19, जलवायु
संकट, उभरती तकनीक, साइबर स्पेस जैसे मुद्दे शामिल रहेंगे.
इसके साथ ही व्हाइट हाउस ने यह भी कहा है कि बातचीत के
केंद्र में मुक्त और खुला भारत-प्रशांत क्षेत्र भी रहेगा. इससे अंदाज़ा लगाया जा
रहा है कि यह चीन की चिंता को और बढ़ा देगा क्योंकि वो पहले ही खुलकर क्वाड की
आलोचना करता रहा है.
भारत ने सम्मेलन पर क्या कहा
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भारतीय विदेश मंत्रालय ने प्रेस रिलीज़ जारी करके कहा है कि
सभी देशों के नेता 12 मार्च को हुए पहले वर्चुअल सम्मेलन की प्रगति को देखेंगे और
साझा क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे.
मंत्रालय
ने कहा कि कोविड-19 महामारी पर नियंत्रण करने की कोशिशों के तहत शुरू किए गए क्वाड
वैक्सीन इनीशिएटिव की भी समीक्षा की जाएगी. इस अभियान की घोषणा इसी साल मार्च में
की गई थी.
इसके
अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न्यूयॉर्क में 25 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र
महासभा को संबोधित करेंगे. इस साल महासभा का विषय कोविड-19 से उबरने, मानवाधिकारों की
रक्षा करने और संयुक्त राष्ट्र को जीवंत करने पर केंद्रित है.
क्या है क्वाड
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क्वाड शब्द ‘क्वाड्रीलेटरल सुरक्षा वार्ता’ के क्वाड्रीलेटरल
(चतुर्भुज) से लिया गया है. इस समूह में भारत के साथ अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं.
क्वाड जैसे समूह को बनाने की बात पहली बार 2004 की सुनामी के
बाद हुई थी जब भारत ने अपने और अन्य प्रभावित पड़ोसी देशों के लिए बचाव और राहत के
प्रयास किए और इसमें अमेरिका,
ऑस्ट्रेलिया और
जापान भी शामिल हो गए थे.
कौन हैं ये महिलाएं, जो अब भी अफ़ग़ानिस्तान में रहना चाहती हैं?
अल-क़ायदा: 9/11 के 20 साल बाद ये संगठन कहां खड़ा है?
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दो दशक पहले 11 सितंबर को अमेरिका में हुए चरमपंथी हमलों के बाद से, चरमपंथी संगठन अल-क़ायदा वैश्विक राजनीति में एक प्रमुख विषय बन गया है.
अल-क़ायदा ने इन हमलों को तालिबान शासित अफ़ग़ानिस्तान में स्थित अपने ठिकानों से अंजाम दिया था, जिसके जवाब में कुछ हफ़्तों बाद, अमेरिका ने तालिबान सरकार और अल-क़ायदा को उखाड़ फेंकने के लिए अफ़ग़ानिस्तान पर हमला किया.
इस मक़सद के लिए, अमेरिका 31 अगस्त, 2021 तक नेटो सेना सहित लगभग चार दर्जन सहयोगियों के साथ अफ़ग़ानिस्तान में रहा और अंततः उसे पीछे हटना पड़ा.
इस लेख का उद्देश्य इस बात की समीक्षा करना है, कि अल-क़ायदा का इतिहास और सच क्या है, पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के साथ उसके कैसे संबंध रहे हैं और पिछले 20 वर्षों में इस संगठन ने अपने अस्तित्व के लिए किस तरह की राजनीतिक और सैन्य रणनीतियों को अपनाया है.
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अमेरिका का पाकिस्तान पर कड़ा रुख़, कहा- तालिबान को शरण देता रहा है
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अमेरिका ने कहा है कि वो आने वाले
हफ़्तों में पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों की समीक्षा करेगा.
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी
ब्लिंकन ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में अमेरिका अपनी क्या भूमिका निभाएगा इसको वो
देख रहा है.
पहली बार अमेरिकी संसद की एक समिति
के आगे बोलते हुए ब्लिंकन ने अफ़ग़ानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों के निकलने का बचाव
करते हुए कहा कि लंबे समय तक रहने से कुछ नहीं बदलने वाला था.
इसके साथ ही ब्लिंकन ने विदेश मामलों की समिति के आगे
पाकिस्तान के बारे में कड़ा रुख़ अपनाया है.
‘तालिबान के सदस्यों को दी पनाह’
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समाचार एजेंसी रॉयटर्स का कहना है कि ब्लिंकन ने कहा है कि
पाकिस्तान के ‘बहुत सारे
हित हैं और उनमें से कुछ के हमारे साथ टकराव हैं.’
ब्लिंकन ने कहा, “इनमें से एक यह है कि वो अफ़ग़ानिस्तान के भविष्य को लेकर लगातार
एक घेराबंदी करने में लगा है, यह वही है जो तालिबान के सदस्यों को पनाह देने में
शामिल रहा है. यह वही है जो आतंकवाद के ख़िलाफ़ अभियान में हमारे साथ कई मौक़ों पर
सहयोग में शामिल रहा है.”
संसद के सदस्यों ने अमेरिका से पाकिस्तान के साथ संबंधों की
समीक्षा से जुड़ा सवाल पूछा तो ब्लिंकन ने कहा कि उनका प्रशासन इसको देखेगा.
उन्होंने कहा, “कई चीज़ों में से यह भी एक चीज़ है जिसे हम आगे आने वाले
दिनों में देखेंगे कि 20 सालों में पाकिस्तान ने क्या भूमिका अदा की और इसके साथ
हम यह भी देखेंगे कि आने वाले सालों में हमारी भूमिका क्या होगी और उसके लिए क्या
करना होगा.”
राजा महेंद्र प्रताप सिंह की पूरी कहानी, पीएम मोदी जिनके नाम पर यूनिवर्सिटी का करेंगे शिलान्यास
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इमेज कैप्शन, 1977 में एएमयू के कुलपति प्रो. एएम खुसरो ने यूनिवर्सिटी के शताब्दी समारोह में राजा महेंद्र प्रताप सिंह को मुख्य अतिथि बनाया था.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अलीगढ़ में राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर यूनिवर्सिटी का शिलान्यास करेंगे. उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने सितंबर, 2019 में अलीगढ़ में राजा महेंद्र प्रताप सिं के नाम राज्य स्तरीय यूनिवर्सिटी खोलने की घोषणा की थी.
इस यूनिवर्सिटी के शिलान्यास कार्यक्रम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अलीगढ़ पहुंचने और इस यूनिवर्सिटी को खोले जाने को लेकर राज्य सरकार और भारतीय जनता पार्टी जिन बातों को प्रचारित कर रही है उसमें कहा जा रहा है कि वह उन लोगों को सम्मान देने का काम कर रही है जिन्हें पिछली सरकारों में भुला दिया गया.
कौन थे राजा महेंद्र प्रताप सिंह, नीचे लिंक पर क्लिक करके पढ़ें पूरी ख़बर.
पीएम मोदी अलीगढ़ में राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर विश्वविद्यालय की रखेंगे आधारशिला
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प्रधानमंत्री कार्यालय ने जानकारी दी है कि पीएम नरेंद्र
मोदी मंगलवार को अलीगढ़ में जाट राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर एक
विश्वविद्यालय की आधारशिला रखेंगे.
पीएम मोदी वहां पर एक जनसभा को संबोधित करेंगे और इसके बाद
अलीगढ़ में उत्तर प्रदेश डिफ़ेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और राजा महेंद्र प्रताप सिंह
स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रदर्शनी मॉडल को देखेंगे.
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उत्तर प्रदेश में अगले साल की शुरुआत में होने वाले
विधानसभा चुनाव से पहले यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पहला बड़ा दौरा होगा.
पीएमओ ने ट्वीट करके जानकारी दी है कि ‘इस विश्वविद्यालय
को राज्य सरकार महान स्वतंत्रता सेनानी, शिक्षाविद् और समाज सुधारक राजा महेंद्र
प्रताप सिंह जी के सम्मान में बनवा रही है.’
विश्वविद्यालय अलीगढ़ की कोल तहसील के लोधा और मूसेपुर करीम
जरौली गाँव के 92 एकड़ क्षेत्र में बनाई जाएगी. यह अलीगढ़ डिविज़न के 395 कॉलेजों को मान्यता देगा.
पीएमओ ने यह भी जानकारी दी है कि “अलीगढ़, आगरा, कानपुर, चित्रकूट, झांसी और लखनऊ में एक
डिफ़ेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाने की योजना है. यूपी काडिफ़ेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर रक्षा
उत्पादन में भारत को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगा और ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देगा.”
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