कोलकाता से, बीबीसी हिंदी के लिए
पश्चिम बंगाल के बीरभूम ज़िले में एक गांव के स्कूल में क्वारंटाइन केंद्र खोलने के मुद्दे पर दो गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प में एक व्यक्ति की मौत हो गई है.
यह घटना पारुई थाने के तालिबपुर गांव में शनिवार रात को हुई.
मौक़े पर पहुंचे पुलिसवालों के साथ भी ग्रामीणों का संघर्ष हुआ.
पुलिस अधीक्षक श्याम सिंह ने बताया, “ग्रामीणों के दो गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प में बम के हमले से घायल एक व्यक्ति ने दम तोड़ दिया. इस घटना की जांच की जा रही है.”
गांव में भारी तादाद में सुरक्षा बल के जनों को तैनात कर दिया गया है.
मृतक की पहचान सैफ़ुद्दीन उर्फ़ श्यामबाबू के तौर पर की गई है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि ज़िला प्रशासन ने गांव के स्कूल में कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीज़ों के लिए क्वारंटाइन केंद्र खोलने का फ़ैसला किया था.
लेकिन ग्रामीणों का एक गुट इसका विरोध कर रहा था जबकि दूसरा गुट इसके समर्थन में था.
इस वाद-विवाद ने हिंसा का रूप ले लिया और दोनों ओर से बम फेंके गए.
इसमें एक अधेड़ व्यक्ति की मौत हो गई.
फ़िलहाल इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.
क्वारंटाइन केंद्र की स्थापना का विरोध करने वालों की दलील थी कि यहां कोरोना के मरीज़ों को रखने की स्थिति में पूरे गांव में कोरोना वायरस का संक्रमण फैल सकता है.
इस बीच, राज्य सरकार ने कोरोना वायरस के संक्रमण पर काबू पाने के लिए एक नए कंटेनमेंट प्लान का एलान किया है.
इसके तहत राज्य के हॉटस्पॉट यानी उन इलाकों की शिनाख्त की जाएगी जहां ऐसे संक्रमण का अंदेशा सबसे ज़्यादा है.
उसके बाद उन इलाकों में संक्रमण रोकने के लिए खास योजना लागू की जाएगी. इसके लिए सोमवार को एक सेल्फ़ रिपोर्टिंग एप भी लांच किया जाएगा.
इसके ज़रिए आम लोग भी संदेह की स्थिति में सरकार को कोरोना से संक्रमित होने की सूचना दे सकते हैं.
एक स्वास्थ्य अधिकारी बताते हैं, इस योजना के तहत सरकार भीड़-भाड़ वाली ऐसी जगहों की पहचान करेगी जहां जाने वाले लोगों के अनजाने में ही इस वायरस से संक्रमित होने का अंदेशा सबसे ज्यादा है.