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कोरोना वायरस: दुनियाभर में 12.72 लाख से अधिक लोग संक्रमित, 69,000 से ज़्यादा की मौत

दुनियाभर में कोरोना वायरस से संक्रमण का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है. भारत में 83 मौतौं की पुष्टि.

लाइव कवरेज

  1. कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की पहचान सार्वजनिक क्यों कर रही है असम सरकार

    अभी हाल ही में पुणे में अधिकारियों ने उन लोगों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कोरोना वायरस संक्रमित रोगियों की पहचान को सार्वजनिक कर रहे थे.

    लेकिन इसके बिलकुल उलट असम सरकार के स्वास्थ्य मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा अपने लगभग हर संवाददाता सम्मेलन में राज्य में कोविड 19 संक्रमित मरीजों के नाम और उनका पता प्रेस कांफ्रेंस में बता रहे हैं.

    ऐसे में ये सवाल लाजमी है कि क्या ऐसा करने से उन मरीजों और उनके परिवार की सामाजिक सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी? क्या उनके रिश्तेदारों के साथ 'छुआछूत' जैसा दुर्व्यवहार होगा?

    क्योंकि बीते दिनों में देशभर से ऐसी खबरें सामने आई थी जहां डॉक्टरों और अन्य मेडिकल स्टाफ पर मकान मालिक किराए के घर खाली करने का दबाव बना रहे थे.

    इन मकान मालिकों को लगता था कि कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की सेवा कर रहे डॉक्टरों और अन्य मेडिकल स्टाफ के कारण उनको भी यह बीमारी हो जाएगी.

  2. इंग्लैंड में कोरोना वायरस से मौत का सिलसिला जारी

    इंग्लैंड में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 4494 हो गई है.

    मरने वाले लोगों की संख्या के लिहाज से ये एक दिन पहले के रिकॉर्ड की तुलना में 555 ज़्यादा हैं.

    इनमें से ज़्यादातर मरीजों की उम्र 33 साल से 103 साल के बीच थी.

    29 मरीज ऐसे थे जो 35 साल से 95 साल के बीच के थे. इनकी पहले से कोई मेडिकल हिस्ट्री नहीं थी.

  3. कोरोना वायरस: क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास लॉकडाउन ही एकमात्र रास्ता था?

    इस समय जब भारत कोरोना वायरस जैसे संकट से जूझ रहा है तो ये सवाल काफ़ी बेमानी है कि क्या लॉकडाउन किया जाना ही एक मात्र विकल्प था.

    लेकिन ये सवाल पूछा जा रहा है. और इसका जवाब आसान है - हाँ, लॉकडाउन ही एकमात्र विकल्प था.

    मगर लॉकडाउन के कुछ दिनों के अंदर ही जिस तरह की अफ़रा-तफ़री का माहौल देखा गया. उसके बाद एक सवाल खड़ा होता है कि क्या अचानक से पूरी तरह लॉकडाउन किया जाना ही एकमात्र विकल्प था?

    क्या हम पूर्ण लॉकडाउन का एलान करने से पहले प्रवासियों खासकर रोज कमाने खाने वाले कामगारों को कुछ दिनों पहले अग्रिम नोटिस नहीं दे सकते थे जिससे वे इच्छा होने पर गांव जाने की व्यवस्था कर पाते.

    और क्या सरकार को उन सभी कदमों और योजनाओं के बारे में घोषणा नहीं करनी चाहिए थी जिसके तहत सरकार ने लॉकडाउन के दौरान दिहाड़ी मजदूरों की रोजाना की ज़रूरतों को पूरा करने की दिशा में काम करती?

  4. कोरोना वायरस: प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति और पूर्व प्रधानमंत्री से की चर्चा

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रतिभा देवी सिंह पाटिल को को फ़ोन करके कोविड 19 से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की.

    इसके साथ ही उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और एचडी देवेगौड़ा से भी कोरोना वायरस के फैलते संक्रमण और मौजूदा स्थिति पर चर्चा की.

  5. कोरोना वायरस: मलेरिया की दवा निर्यात करने पर सरकार ने बढ़ाई सख़्ती

    कोविड 19 महामारी के इस दौर में दवा की कमी नहीं हो ये सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने मलेरिया के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा हाइड्रॉक्सीक्लोक्विन के निर्यात नियमों को और सख़्त कर दिया है.

    नई पाबंदियों के तहत अब हाइड्रॉक्सीक्लोक्विन को एक्सपोर्ट ओरिएंटेड यूनिट या फिर किसी निर्यात प्रोत्साहन योजना के तहत भेजने की अनुमति नहीं होगी.

    डीजीएफ़टी (डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ फ़ॉरेन ट्रेड) की ओर से जारी एक नोटिफ़िकेशन में कहा गया कि हाइड्रॉक्सीक्लोक्विन का निर्यात या फिर हाइड्रॉक्सीक्लोक्विन से बनी दवाओं का निर्यात किसी भी सूरत में नहीं रहेगा.

    इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च ने इस क़दम को महत्वपूर्ण बताया है.

    कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में उपचार के लिए हाइड्रॉक्सीक्लोक्विन के उपयोग की सिफ़ारिश की गई है.

  6. कोरोना वायरस: सिंगापुर में अचानक बढ़े संक्रमण के मामले

    सिंगापुर में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले अचानक से बढ़ गए हैं. बीते चौबीस घंटे में यहां संक्रमण के 120 नए मामलों की पुष्टि हुई है.

    सिंगापुर उन कुछ देशों में से एक हैं जहां चीन के बाद पहली बार कोरोना वायरस संक्रमण के मामले सामने आए थे.

    सिंगापुर में पहला मामला फरवरी में सामने आया था, जिसके बाद सिंगापुर ने अपने यहां सख़्त प्रतिबंध लगा दिए थे. इसके साथ ही सिंगापुर ने अपने यहां ट्रेस और टेस्टिंग को भी कारगर तरीक़े से लागू किया था.

    इससे सिंगापुर ने शुरुआती समय में कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने में काफी सफलता पायी.

    मार्च के अंत में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी जारी करते हुए कहा था कि कोरोना वायरस का दूसरा स्टेज मुख्य रूप से एशिया को प्रभावित कर सकता है.

  7. कोरोना वायरस: क्या वाक़ई में बच्चों में संक्रमण का ख़तरा कम होता है?

    कोरोना वायरस दुनिया भर में आतंक मचाए हुए है. इसके कोहराम से सारी दुनिया जैसे एक पिंजरे में क़ैद हो गई है.

    अब तक ये वायरस हज़ारों लोगों की जान निगल चुका है.

    लेकिन अच्छी बात ये है कि इस वायरस ने अभी तक बच्चों को अपना शिकार बमुश्किल ही बनाया है.

    क्या ये वायरस बच्चों के लिए हमदर्दी रखता है, जो उन्हें अभी तक बख़्श रहा है?

    वजह क्या है, ये आपको आगे बताएंगे.

  8. कोरोना वायरस: भारत में कोविड 19 की ताज़ा स्थिति

    स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने आज शाम कोविड 19 पर प्रेस वार्ता की और भारत मे कोविड 19 की स्थिति की ताज़ा स्थिति को स्पष्ट किया.

    प्रेस वार्ता की अहम बातें..

    • लव कुमार ने कहा कि अगर तबलिग़ी जमात के आयोजन के कारण बढ़े संक्रमण के मामलों के बाद के आंकड़ों को देखें तो लगभग चार दिन में संक्रमण के मामले दोगुने हुए हैं. अगर यह घटना नहीं होती तो संक्रमण के मामले 7.4 दिन में दोगुने होते.
    • देश के 274 ज़िलों में कोरोना संक्रमण के मामले सामने आए हैं.
    • कोरोना वायरस के ख़िलाफ़ लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग एक कारगर वैक्सीन साबित हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि देश में ऑक्सीजन सिलेंडर की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है.
    • आयुष्मान भारत के तहत 50 करोड़ नागरिक निजी लैब में मुफ्ट टेस्ट करा सकेंगे.
    • सरकार ने लॉकडाउन के संदर्भ में कृषि और संबंधित क्षेत्र को रियायत दी है, एग्रीकल्चर मशीनरी को भी छूट दी गई है.
    • उन्होंने आईसीएमआर के हवाले से कहा कि सार्वजनिक जगहों पर थूकने से संक्रमण बढ़ सकता है.
    • माइग्रेंट वर्कर्स को लेकर राज्यों में लगभग 27,661 रिलीफ कैंप बनाए गए है इनमें 12.5 लाख लोगों को शेल्टर मिला है.
    • पिछले 24 घंटे में संक्रमण के 472 नए केस सामने आए हैं और 11 लोगों की मौत हुई है.
  9. पाकिस्तान: मज़दूरों पर कोरोना की मार

    पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था लॉकडाउन के एलान से पहले से ही कमज़ोर थी, अब और लड़खड़ा गई है.

    प्रधानमंत्री इमरान ख़ान को ग़रीबों और नौकरी गंवानेवालों के लिए राहत पैकेज का एलान करना पड़ा है.

    लेकिन क्या ये मदद उन तक पहुंचेगी जिन्हें इसकी इस वक्त सबसे ज़्यादा ज़रूरत है.

  10. जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज के कैंटीन का कर्मचारी कोरोना संक्रमित

    मोहर सिंह मीणा

    जयपुर से

    जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज कैंटीन के एक कर्मचारी के कोरोना संक्रमित होने से प्रशासन में हड़कंप मच गया है.

    संक्रमित व्यक्ति जयपुर के ही रहने वाले हैं. कैंटीन में ही काम करने वाले एक अन्य युवक जो रामगंज इलाके से आते हैं, की जांच की जा रही है और कैंटीन को सील कर दिया गया है.

    इसके साथ ही रेजिडेंट डॉक्टर्स और अन्य कर्मियों की जांच भी की जा रही है क्योंकि इसी कैंटीन से वो चाय, खाना लिया करते थे.

    एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर सुधीर भंडारी ने बताया, "उस इलाके से आने वाले एक कर्मचारी की जांच की गई है और कैंटीन को बंद करा दिया है. एक शख्स की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है और उसे निगरानी में रखा गया है."

  11. कोराना संकट: ग़रीबों का मामला अदालत में ले जाने का सही समय कब?

    भारत सरकार के दूसरे सबसे बड़े वकील यानी सॉलिसिटर जनरल का कहना है कि देश पर संकट है, इसलिए "पेशेवर जनहित याचिकाओं की दुकानें बंद हों." उन्होंने यह बात सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस नागेश्वर राव और दीपक गुप्ता की अदालत के सामने टेलीकॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए कही.

    सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने याचिका दायर करने वालों को 'जनहित का पेशेवर दुकानदार' कहा. उन्होंने याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार किए जाने पर आपत्ति व्यक्त की. अदालत ने केंद्र सरकार को जवाब देने के लिए सात अप्रैल का समय दिया है.

    याचिका क्या थी? याचिका ये थी कि सरकार शहरों से पलायन करने पर मजबूर ग़रीबों को वहीं आर्थिक सहायता दे जहाँ वे हैं. याचिका दायर करने वाले पूर्व आईएएस अधिकारी हर्ष मंदर, वकील अंजलि भारद्वाज और सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश का कहना था कि ग़रीबों के लिए सरकार ने पर्याप्त क़दम नहीं उठाए हैं.

    सॉलिसिटर जनरल सरकार के प्रतिनिधि के रूप में ही पेश हुए थे इसलिए जो कुछ उन्होंने कहा है वह सरकार का ही रुख़ है. एक बुनियादी बात सरकार कह रही है कि इस याचिका को ख़ारिज हो जाना चाहिए क्योंकि अभी देश पर संकट है.

  12. भारत में कोरोना के 472 नए मामले

    भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण से 11 लोगों की मौत हुई है.

    केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने रविवार को बताया कि संक्रमण के 472 नए मामलों के साथ देश में कोरोना संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 3374 हो गई है.

    स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि देश में अभी तक कोरोना संक्रमण की वजह से 79 लोगों की जान गई है.

    देश के 274 ज़िलों में कोरोना संक्रमण के मामले दर्ज किए गए हैं. 267 लोग कोरोना वायरस से संक्रमण के बाद ठीक हुए हैं.

  13. लाइफ़ इंश्योरेंस का प्रीमियम चुकाने के लिए 30 दिनों की मोहलत

    बीमा उद्योग का नियमन करने वाली सरकारी एजेंसी भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) ने बीमाधारकों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है.

    कोरोना संकट के समय बीमाधारकों को आईआरडीएआई ने जीवन बीमा के प्रीमियम की रकम चुकाने के लिए 30 और दिनों की मोहलत दी है. ये राहत जीवन बीमा की उन पॉलिसीज के लिए है जिनके रिनवल की तारीख मार्च और अप्रैल के महीने में पड़ रही थी.

    हेल्थ पॉलिसी और मोटर बीमा के मामले में तीसरी पार्टी के बीमा के प्रीमियम भुगतान के लिए आईआरडीएआई ने पहले ही अतिरिक्त समय देने की घोषणा कर रखी है. साधारण बीमा को दी गई छूट के बाद जीवन बीमा मुहैया कराने वाली कंपनियों ने आईआरडीएआई से 30 और दिनों की मोहलत दिए जाने की मांग की थी.

  14. कोरोना वायरस: स्पेन से लंबे वक़्त बाद आई राहत वाली ख़बर

    स्पेन में मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 12,418 हो गया है.

    24 घंटों में स्पेन में 674 लोगों की मौत हुई है.

    स्पेन में बीते एक सप्ताह में किसी एक दिन में मरने वालों की यह सबसे कम संख्या है.

    इससे ठीक एक दिन पहले मरने वालों की संख्या 809 थी.

  15. कोरोना वायरस: संक्रमण से बेहाल पूरी दुनिया

    पूरी दुनिया इन दिनों एक अनदेखे दुश्मन से जूझ रही है- नाम है, कोरोना वायरस.

    चुनौती संक्रमण से बचने और बीमारी को मात देने की तो है ही, भूख और बेकारी का डर भी बढ़ता जा रहा है.

    ये दर्द किसी एक शहर, एक इलाके और एक देश का नहीं.

  16. पश्चिम बंगाल में 24 घंटे में चार और लोगों की मौत

    प्रभाकर मणि तिवारी

    कोलकाता से

    पश्चिम बंगाल में बीते 24 घंटों के दौरान चार और लोगों की मौत हो गई है. कहा जा रहा है कि ये लोग कोरोना पॉजिटिव थे. हालांकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि फिलहाल इन लोगों की मौत की वजह का पता लगाया जा रहा है.

    रविवार सुबह महानगर के साटलेक इलाके के एक निजी अस्पताल में शेवड़ाफुली के रहने वाले 59 साल के एक व्यक्ति की मौत हो गई. बीते 28 मार्च से अस्पताल में भर्ती उस मरीज की जांच का नतीजा पॉजिटिव आया था.

    इससे पहले शनिवार रात को पीयरलेस अस्पताल में कोरोना से पीड़ित एक महिला मरीज की भी मौत हो गई थी. वह किडनी की समस्या की वजह से अस्पताल में भर्ती हुई थी. जांच में उसका नतीजा भी पॉजिटिव आया था.

    इसके अलावा कोलकाता के एनआरएस मेडिकल कालेज अस्पताल और सिलीगुड़ी के उत्तर बंगाल मेडिकल कालेज अस्पताल में भी कोरोना से पीड़ित एक-एक मरीजों की मौत हो गई.

    एनआरएस मेडिकल कालेज में जिस व्यक्ति की मौत हुई उसकी यात्रा का कोई इतिहास नहीं मिला है. वो सोमवार को अस्पताल में भर्ती हुए थे. शनिवार शाम को स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी मेडिकल बुलेटिन में कहा गया था कि अब तक जिन सात लोगों की मौत हुई है उनमें से सिर्फ तीन लोग ही कोरोना के संक्रमण से मरे हैं.

    बाकी चार लोग दूसरी बीमारियों की वजह से मारे गए हैं. फिलहाल यह साफ नहीं है कि बीती रात से मृत चारों लोगों की मौत कोरोना की वजह से ही हुई है या किसी दूसरी बीमारी से.

    लॉकडाउन के बावजूद कोलकाता के विभिन्न इलाकों से इसके उल्लंघन की खबरें मिल रही हैं. पुलिस ने राज्य के विभिन्न हिस्सों से इस आरोप में डेढ़ हजार से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें से लगभग एक हजार गिरफ्तारियां अकेले कोलकाता में ही हुई हैं.

  17. कोरोना वायरस: ब्रिटेन की महारानी का विशेष संबोधन

    कोरोना वायरस की वजह से अब तक दुनिया में 64 हज़ार से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और 12 लाख से अधिक लोग संक्रमित हैं.

    दुनिया के ज़्यादातर देश कोरोना वायरस की चपेट में हैं और ब्रिटेन भी उससे अछूता नहीं है.

    ब्रिटेन में अभी तक चार हज़ार से अधिक लोगों की जान जा चुकी है. जबकि 42 हज़ार से अधिक संक्रमित हैं.

    स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रविवार को महारानी राष्ट्र को संबोधित करेंगी. अपने विशेष संबोधन में वे कोरोना वायरस महामारी के दौरान आत्म अनुशासन और संकल्प का पालन करने की बात ज़ोर देंगी.

    इस विशेष संबोधन में महारानी एनएचएस स्टाफ़ और मौजूदा समय में घर से बाहर निकलकर काम कर रहे लोगों को धन्यवाद कहेंगी.

  18. कोरोना वायरस: आख़िर कब तक करनी होगी सोशल डिस्टेंसिंग

    कोरोना वायरस सारी दुनिया के लिए एकदम नया है. ये कहां से आया है?, कैसे रुकेगा? इसका इलाज क्या है? अभी किसी को कुछ नहीं पता.

    लेकिन एक बात सौ फीसद सही साबित हो गई है कि इसे सोशल डिस्टेंसिंग से रोका जा सकता है. जिन देशों ने भी इस पर क़ाबू पाया, वहां यही हथियार अपनाया गया है. भारत में भी सोशल डिस्टेंसिंग करने को कहा जा रहा है.

    और इसीलिए सरकार को लॉकडाउन करना पड़ा. लेकिन ये सोशल डिस्टेंसिंग आख़िर कब तक चलेगी?

    पिछली सदी की शुरुआत में जिस वक़्त पहला विश्व युद्ध ख़त्म हो रहा था, तो एक वायरस ने दुनिया पर हमला बोला था. जिसने दुनिया की एक चौथाई आबादी को अपनी गिरफ़्त में ले लिया था.

    इस महामारी को आज हम स्पेनिश फ्लू के नाम से जानते हैं. पूरी दुनिया में इस महामारी से पांच से दस करोड़ लोगों की जान चली गई थी.

  19. उत्तर प्रदेश: तब्लीग़ी जमात पर बहस, युवक की हत्या

    उत्तर प्रदेश में प्रयागराज ज़िले के करेली इलाक़े में रविवार सुबह एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई. हमला करने वाले दूसरे युवक को भीड़ ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया. पुलिस ने इस मामले में एक अन्य व्यक्ति को भी गिरफ़्तार किया है.

    प्रयागराज ज़ोन के पुलिस महानिरीक्षक केपी सिंह ने बताया, “चाय की दुकान पर अख़बार पढ़ते वक्त दोनों युवकों में किसी बात को लेकर कहासुनी हुई जिसमें एक युवक ने लोटन निषाद पर तमंचे से फ़ायर कर दिया. पुलिस ने दो लोगों को गिरफ़्तार कर लिया है.”

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक़ लोटन निषाद और मोहम्मद सोना के बीच तबलीग़ी जमात के लोगों को लेकर बहस हो गई थी. बहस इतनी बढ़ गई कि हाथापाई होने लगी, तभी मोहम्मद सोना ने लोटन निषाद पर फ़ायर कर दिया.

    मौक़े पर ही उनकी मौत हो गई. घटना के बाद इलाक़े में तनाव बढ़ गया है और भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात किया गया है.

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए दोषियों के ख़िलाफ़ रासुका लगाते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने मृतक के परिजनों को पाँच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की है.

  20. ट्रंप ने भारत से मांगी मलेरिया की दवा

    अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने भारत सरकार से मलेरिया रोधी दवा हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन की खेप को अमरीका भेजने का आग्रह किया है.

    राष्ट्रपति ट्रंप ने सुझाव दिया है कि ये दवा कोरोना वायरस के मरीज़ों के इलाज में कारगर साबित हो सकती है.

    हालांकि मेडिकल विशेषज्ञों ने अभी ऐसी कोई पुख्ता रिपोर्ट नहीं दी है जो कोरोना संक्रमण के इलाज में इस दवा के कारगर होने का दावा करती हो.

    भारत दुनिया में इस दवा का सबसे अग्रणी निर्माता है लेकिन इन दिनों भारत ने इसके निर्यात पर रोक लगा दी है. भारत का अनुमान है कि यदि कोरोना संक्रमण तेज़ी से फैला तो उसे अपनी आबादी के लिए इस दवा की ज़रूरत हो सकती है.