सीएए पर अमेरिका ने जताई चिंता तो भारत ने दिया ये जवाब
अमेरिका ने गुरुवार को कहा था कि वो नागरिकता संशोधन कानून यानी सीएए को लेकर चिंतित है. अब इस पर भारत का भी जवाब आया है.
लाइव कवरेज
चंदन शर्मा and स्नेहा
FB Live: आरएसएस की तीन दिवसीय प्रतिनिधि सभा की बैठक आज से नागपुर में शुरू
नागपुर में आज से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की तीन दिवसीय प्रतिनिधि सभा की बैठक शुरू हो रही है.
इस संबंध में ज़्यादा जानकारी दे रहे हैं बीबीसी संवाददाता सलमान रावी और उनके साथ चर्चा के लिए मौजूद हैं वरिष्ठ पत्रकार योगेश पांडेय.
कैमरा: अरविंद साहू.
दोनों नवनियुक्त चुनाव आयुक्तों ने संभाला कार्यभार
इमेज स्रोत, Twitter/Spokesperson ECI
इमेज कैप्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार के साथ दोनों चुनाव आयुक्त.
देश के दोनों नव नियुक्त चुनाव आयुक्तों ज्ञानेश कुमार और सुखविंदर सिंह
संधू ने शुक्रवार सुबह अपना कार्यभार संभाल लिया है.
भारतीय चुनाव आयोग के प्रवक्ता की ओर से सोशल मीडिया साइट एक्स पर किए
गए एक ट्वीट में यह जानकारी दी है.
इस ट्वीट के अनुसार, "मुख्य चुनाव आयुक्त श्री राजीव कुमार
ने आज जॉइन करने वाले दो नव नियुक्त चुनाव आयुक्तों श्री ज्ञानेश कुमार और डॉ सुखबीर
सिंह संधू का स्वागत किया."
मुख्य चुनाव आयुक्त ने उनके जॉइन करने के वक़्त के महत्व पर जोर दिया और कहा कि वे तब ज्वाइन कर रहे हैं, जब चुनाव आयोग दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का आम चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार है.
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जल्द हो सकता है चुनाव का एलान
ज्ञानेश कुमार 1988 बैच के केरल कैडर के आईएएस अधिकारी हैं. वे 31 जनवरी को केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय के सचिव पद से रिटायर हुए हैं.
1988 बैच के उत्तराखंड कैडर के आईएएस अधिकारी रहे सुखविंदर सिंह संधू राज्य के मुख्य सचिव रहे थे. इससे पहले वे एनएचएआई के प्रमुख के पद पर भी रहे थे.
इन दोनों चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के साथ ही केंद्रीय चुनाव आयोग में अब शीर्ष स्तर पर कोई रिक्ति नहीं रह गई है.
वहीं अब उम्मीद की जा रही है कि अगले कुछ दिनों में देश में आम चुनाव का एलान कर दिया जाएगा.
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के ख़िलाफ़ दर्ज हुआ पॉक्सो के तहत मामला
....में
Author, इमरान क़ुरैशी
पदनाम, बेंगलुरु से, बीबीसी हिंदी के लिए
इमेज स्रोत, ANI
कर्नाटक पुलिस ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के सीनियर नेता बीएस येदियुरप्पा के ख़िलाफ़ पॉक्सो के तहत एक मामला दर्ज
किया है.
पुलिस के अनुसार, दर्ज किए गए इस मुक़दमे में 17 साल की एक नाबालिग़ लड़की की मां ने येदियुरप्पा
पर ये आरोप लगाए हैं.
महिला का आरोप है कि उन्होंने जब दो फरवरी, 2024 को बीएस येदियुरप्पा से मुलाक़ात
की, तब उन्होंने उनकी नाबालिग बेटी का
यौन उत्पीड़न किया था.
इस महिला ने गुरुवार की शाम को अपनी शिकायत दी थी, जिसके बाद देर रात मुक़दमा दर्ज किया
गया.
बताया गया है कि धोखाधड़ी के एक मामले में कोई कार्रवाई न होने पर मदद
के लिए यह महिला बीएस येदियुरप्पा के आवास गई थी.
बीएस येदियुरप्पा पर पॉक्सो की धारा 8 और आईपीसी की धारा 354 के तहत मुक़दमा
दर्ज किया गया है.
हालांकि इस आरोप पर बीएस येदियुरप्पा की प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है.
लेकिन उनके दफ्तर के एक अधिकारी ने कहा, "दो महीने पहले वो महिला जब पूर्व
मुख्यमंत्री से मिलने उनके आवास आई थीं."
बीएस येदियुरप्पा के दफ़्तर ने उस महिला की ओर से कई शक्तिशाली लोगों
के ख़िलाफ़ दर्ज किए गए मामलों की एक सूची भी जारी की है.
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राज्य के गृह मंत्री जी परमेश्वरा ने इस मामले पर पीटीआई से बातचीत की.
उनके अनुसार, ''पुलिस ने मामला दर्ज किया है और जांच जारी है. जब तक कि हमें सच्चाई का पता नहीं चलता हम कुछ भी नहीं बता सकते. यह बेहद संवेदनशील मामला है, क्योंकि इसमें हमारे राज्य के एक पूर्व मुख्यमंत्री का नाम आया है.''
फ़लस्तीन: राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने अपने आर्थिक सलाहकार रहे मोहम्मद मुस्तफ़ा को बनाया प्रधानमंत्री
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राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने लंबे समय तक अपने आर्थिक सलाहकार रहे मोहम्मद
मुस्तफ़ा को फ़लस्तीनी प्राधिकरण का अगला प्रधानमंत्री नियुक्त किया है.
26 फ़रवरी को मोहम्मद सातायेह के इस्तीफ़े
के बाद से यह पद खाली था.
2014 में ग़ज़ा पर इसराइल के हमले के
बाद उसके पुनर्निर्माण में मुस्तफ़ा ने अहम भूमिका निभाई थी.
मुस्तफ़ा की नियुक्ति ऐसे समय हो रही है, जब ग़ज़ा में जारी युद्ध के बाद फ़लस्तीनी प्राधिकरण की भूमिका में बदलाव
लाने की अमेरिका की योजना है.
अमेरिका चाहता है कि ग़ज़ा में युद्ध ख़त्म होने के बाद हमास की जगह वहां
फ़लस्तीनी प्राधिकरण को सत्ता संभालने की ज़िम्मेदारी मिले.
हालांकि अमेरिका की इस योजना का इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू
कड़ा विरोध कर रहे हैं. उधर ग़ज़ा में इसराइल के हमले अभी रूकने का नाम नहीं ले रहे
हैं.
फ़लस्तीनी प्राधिकरण का मुखिया राष्ट्रपति होता है, जो वेस्ट बैंक और पूर्वी यरूशलम के लोगों द्वारा चुना जाता है. महमूद
अब्बास 2005 से फ़लस्तीनी प्राधिकरण के प्रमुख हैं.
रूस: राष्ट्रपति चुनाव के लिए आज से मतदान शुरू, पुतिन के फिर जीतने के पूरे आसार
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रूस में राष्ट्रपति चुनाव के लिए शुक्रवार को मतदान की शुरुआत हो गई है.
आज से तीन दिन यानी रविवार तक वोट डाले जाएंगे.
हालांकि भरोसेमंद विपक्ष के अभाव में यह चुनाव महज औपचारिकता रह गई है
और व्लादिमीर पुतिन के पांचवीं बार जीतने के पूरे आसार हैं.
समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार, रूस के सबसे पूर्वी इलाक़े कामचटका
प्रायद्वीप में स्थानीय समय के अनुसार शुक्रवार की सुबह आठ बजे मतदान शुरू हो गया है.
इससे पहले, राष्ट्रपति पुतिन ने गुरुवार को रूसी मतदाताओं से अपील की कि वे देश के लिए मुश्किल इस घड़ी में उन्हें वोट दें.
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अगर पुतिन यह चुनाव जीत लेते हैं, तो 2030 तक वे इस पद पर बने रहेंगे.
2008 से 2012 के बीच के चार साल के प्रधानमंत्री के कार्यकाल को छोड़ दिया जाए तो व्लादिमीर पुतिन मई 2000 से रूस के राष्ट्रपति हैं.
इस बीच यूक्रेन ने रूस के चुनाव को 'तमाशा' बताते हुए सीमावर्ती इलाक़ों में घातक हमले शुरू कर दिए हैं.
वहीं रूसी अधिकारियों ने अपने नागरिकों को चेताया है कि मतदान के दौरान प्रदर्शन करने के नतीज़े बुरे होंगे.
अब से क़रीब एक महीने पहले 16 फरवरी को उनके राजनीतिक विरोधी एलेक्सी नवेलनी की जेल में मौत हो गई.
इससे पहले अगस्त 2020 में नवेलनी को ज़हर दिया गया था.
लीबिया से यूरोप जा रहे नाव का इंजन फेल होने के बाद भूख और प्यास से 60 यात्रियों की मौत
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अफ्रीका से रबर की नाव के ज़रिए भूमध्य सागर पार करके यूरोप जा रहे कम
से कम 60 प्रवासियों की मौत हो गई है.
हालांकि इस नाव पर सवार कम से कम 25 प्रवासियों को बचा लिया गया है. मानवीय मदद पहुंचाने के लिए काम करने
वाली संस्था 'एसओएस मेडिटेरेनियन' की जहाज़ 'ओशन वाइकिंग' इन्हें बचाया है.
इस हादसे में बचे लोगों ने बताया है कि वे सब लीबिया के उत्तरी तट पर
स्थित ज़ाविया से पिछले शुक्रवार को रवाना हुए थे.
लेकिन तीन दिनों की यात्रा के बाद रबर की नाव का इंजन फेल हो गया. उसके
बाद यह नाव समुद्र में इधर उधर भटकने लगा, जबकि उस पर भोजन और पानी ख़त्म हो गया था.
इस हादसे में बचे लोगों ने बताया है कि मरने वालों में महिलाएं और कम
से कम एक बच्चा भी है.
इन लोगों को बचाने वालों ने कहा है कि इन लोगों के मरने की वजह पानी में
डूबना नहीं रही, बल्कि ये भूख और प्यास के कारण मरे
हैं.
एसओएस मेडिटेरेनियन ने बताया कि ओशन वाइकिंग जहाज़ ने रबर की इस नाव को
दूरबीन के ज़रिए बुधवार को देखा. उसके बाद इटली के कोस्ट गार्ड्स की मदद से बचाव अभियान
चलाया गया.
उसने बताया कि बचाए गए लोगों का स्वास्थ्य काफी ख़राब है और इन सभी का
इलाज किया जा रहा है.
इस संस्था ने ये भी बताया कि नाजुक हालत में मिले दो लोगों को हेलीकॉप्टर
के ज़रिए सिसली ले जाया गया है.
बाक़ी 23 लोग अभी भी ओशन वाइकिंग पर हैं.
इस जहाज़ पर 200 अन्य प्रवासी भी हैं, जिन्हें दो अन्य नावों से बचाया गया है.
नमस्कार!
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