पेट्रोल और डीज़ल के दामों में तीन रुपये तक की कटौती
तेल कंपनियों ने पूरे देश में पेट्रोल और डीज़ल के दामों में कटौती का एलान किया है.
लाइव कवरेज
चंदन शर्मा and संदीप राय
पेट्रोल और डीज़ल के दामों में तीन रुपये तक की कटौती, जानें आपके शहर में क्या है दाम
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तेल कंपनियों ने पूरे देश में पेट्रोल
और डीज़ल के दामों में कटौती का एलान किया है.
विभिन्न राज्यों और शहरों में कीमतें तीन रुपये तक
घटेंगी. नई क़ीमतें 15 मार्च को सुबह छह बजे से लागू होंगी.
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि
पेट्रोल और डीज़ल की क़ीमतों में कमी से उपभोक्ता की ओर से खर्च करने को
प्रोत्साहन मिलेगा और 58 लाख भारी वाहनों और 27 करोड़ दोपहिया वाहनों का संचालन
खर्च कम होगा.
दामों में संशोधन के बाद नई दिल्ली में पेट्रोल की क़ीमत 96.72 की बजाय 94.72
रुपये प्रति लीटर, मुंबई में 106.31 रुपये के मुकाबले 104.21 रुपये प्रति लीटर, कोलकाता
में 106.03 के मुबाकले 103.94 रुपये प्रति लीटर और चेन्नई में 102.63 रुपये के
मुकाबले 100.75 रुपये प्रति लीटर हो जाएगा.
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पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के बाद वाम मोर्चा ने पकड़ी अलग राह, 16 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की
....में
Author, प्रभाकर मणि तिवारी
पदनाम, कोलकाता से, बीबीसी हिंदी के लिए
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पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के साथ सीटों पर तालमेल पर अनिश्चितता के बीच वाम मोर्चा ने बृहस्पतिवार को राज्य में लोकसभा सीटों के लिए अपने 16 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी.
इससे पहले तृणमूल कांग्रेस ने सभी 42 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा की थी.
वाम मोर्चा अध्यक्ष विमान बसु ने पार्टी मुख्यालय अलीमुद्दीन स्ट्रीट में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया.
उन्होंने बताया कि 16 में से 13 सीटों पर सीपीएम के उम्मीदवार मैदान में होंगे और बाकी तीन सीटें घटक दलों को दी गई हैं.
इनमें बालूरघाट सीट आरएसपी, मेदिनीपुर सीट सीपीआई और कूचबिहार सीट फारवर्ड ब्लाक के खाते में गई है.
सीपीएम के एक नेता बताते हैं कि कांग्रेस के साथ तालमेल में होने वाली देरी के कारण मोर्चा के घटक दल नाराज थे और पीएम पर दबाव बढ़ा रहे थे.
इसी वजह से आज मोर्चे की बैठक में पहली सूची को अंतिम रूप दिया गया.
पार्टी की केंद्रीय समिति के सदस्य सुजन चक्रवर्ती कोलकाता की दमदम सीट से चुनाव लड़ेंगे.
दूसरी ओर, सीपीएम के साथ सीटों के बंटवारे पर बातचीत के बीच ही उसकी सहयोगी रही इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) ने आठ सीटों पर अपने उम्मीदवारों का एलान कर दिया.
उनमें वह जादवपुर सीट भी शामिल है जहां सीपीएम उम्मीदवार मैदान में होगा.
विमान बसु का कहना था कि इस सीट पर पार्टी की ओर से सृजन भट्टाचार्य चुनाव लड़ेंगे.
आईएसएफ ने शर्त रखी थी कि अगर पीएम ने इस सीट पर विकास रंजन भट्टाचार्य को उम्मीदवार बनाया तो वो अपना उम्मीदवार वापस ले लेगा. लेकिन विमान बसु ने कहा कि वहां सृजन ही पार्टी के उम्मीदवार होंगे.
कांग्रेस के साथ तालमेल के सवाल पर बसु ने कहा, "हमने समझौते का रास्ता खुला रखा है. प्रदेश सचिव मोहम्मद सलीम इस मुद्दे पर बातचीत कर रहे हैं. लेकिन अब तक कोई बात पक्की नहीं हुई है. शनिवार को भी वाममोर्चा के बैठक बुलाई गई है."
चुनाव आयोग ने जारी किया इलेक्टोरल बॉन्ड का डेटा, किस पार्टी को कितना चंदा
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चुनाव आयोग ने एसबीआई से मिली इलेक्टोरल बॉन्ड की जानकारी अपनी वेबसाइट पर जारी कर दी है.
एसबीआई की ओर से उपलब्ध कराई जानकारी को चुनाव आयोग ने दो हिस्सों में जारी
किया है.
पहले हिस्से में 336 पन्नों में उन कंपनियों के नाम हैं जिन्होंने इलेक्टोरल
बॉन्ड ख़रीदा है और उसकी राशि की जानकारी भी दी गई है.
जबकि जानकारी के दूसरे हिस्से में 426 पन्नों में राजनीतिक दलों के नाम हैं और
उन्होंने कब कितनी राशि के इलेक्टोरल बॉन्ड कैश कराए उसकी विस्तृत जानकारी है.
यह जानकारी 12 अप्रैल, 2019 से 11 जनवरी, 2024 के बीच की है.
सुप्रीम कोर्ट ने एसबीआई को 12 मार्च तक इलेक्टोरल बॉन्ड की ख़रीद से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था.
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अदालत ने चुनाव आयोग से इस जानकारी को 15 मार्च की शाम पांच बजे तक अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक करने का भी निर्देश दिया था.
लेकिन एसबीआई ने चार मार्च को सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर 30 जून तक का समय मांगा था जिसे अदालत ने खारिज कर दिया.
पेटीएम पेमेंट बैंक बंद होने से पहले कंपनी को मिली ये बड़ी राहत, यूज़र्स को क्या होगा फ़ायदा?
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नेशनल पेमेंट्स कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया (एनपीसीआई) ने गुरुवार को थर्ड
पार्टी एप्लिकेशन प्रोवाइडर का लाइसेंस जारी कर दिया.
इससे पेटीएम के ग्राहक यूपीआई के मार्फ़त भुगतान के लिए इसके ऐप का
इस्तेमाल जारी रख पाएंगे.
आरबीआई के निर्देश के मुताबिक 15 मार्च से पेटीएम पेमेंट्स बैंक का
संचालन बंद हो जाएगा.
एक्सिस बैंक, एचडीएफ़सी, एसबीआई और यस बैंक पेटीएम के पार्टनर बैंक
के रूप में काम करेंगे.
एनपीसीआई के अनुसार, इससे मौजूदा ग्राहक और व्यापारी यूपीआई भुगतान
और ऑटोपे का इस्तेमाल जारी रख सकेंगे.
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बड़ी तादाद में केवाईसी उल्लंघन के मामलों की वजह से आरबीआई और नियामक संस्थाओं को संदेह था कि पेटीएम मनी लॉन्ड्रिंग में संलिप्त हो सकता है.
इसके बाद आरबीआई ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक के ज़्यादातर ऑपरेशनों पर रोक लगा दी और इसकी समय सीमा 15 मार्च 2024 तय कर दी थी.
केरल में नागरिकता संशोधन क़ानून नहीं लागू होगाः मुख्यमंत्री पिनराई विजयन
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केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा है कि राज्य में नागरिकता संशोधन क़ानून (सीएए) को लागू नहीं किया जाएगा.
सामाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएए के मुद्दे पर केरल सरकार न तो झुकेगी और न ही शांत रहेगी.
उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा, "कांग्रेस और इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सीएए नियमों की अधिसूचना जारी होने पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की."
इससे पहले तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन ने भी कहा था कि सीएए को राज्य में लागू नहीं किया जाएगा.
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी सीएए को लेकर फिर से मोदी सरकार को घेरा है.
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केजरीवाल ने बुधवार को भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सीएए लागू किए जाने पर सवाल पूछे थे. वहीं गुरुवार को अमित शाह ने एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में सीएए का बचाव किया.
गृहमंत्री ने कहा कि 'सीएए के क़ानून को प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार लाई है. इसे रद्द करना असंभव है.'
इस क़ानून का कई राज्य विरोध कर रहे हैं. विपक्षी दलों का जिन राज्यों में शासन है, वहां विशेष रूप से सीएए का विरोध हो रहा है.
हालांकि नोटिफ़िकेशन जारी होने के साथ ही असम में भी सीएए का विरोध शुरू हो गया.
दिनभर, पूरा दिन पूरी ख़बरः इसराइल का एलान, रफ़ाह पर लागू होगा हमले का प्लान
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चीन से समझौते के बाद भारत दौरे पर आए भूटान के प्रधानमंत्री
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इमेज कैप्शन, भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे
भूटान
के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे भारत के पांच दिवसीय दौरे पर हैं. पद ग्रहण करने के
बाद वो पहली बार किसी देश की यात्रा कर रहे हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने
भूटानी समकक्ष के साथ कई मुददों पर बात करेंगे.
टोबगे का भारत दौरा तब हो रहा है जब चीन और भूटान अपने सीमा
विवाद के शीघ्र समाधान पर विचार कर रहे हैं, जिसका भारत के सुरक्षा हितों पर असर
पड़ सकता है.
करीब पांच महीने पहले भूटान के
तत्कालीन विदेश मंत्री टांडी दोरजी ने बीजिंग में चीन के विदेश मंत्री वांग यी से
वार्ता की थी.
चीन की ओर से जारी बयान में कहा
गया था कि भूटान वन चाइना सिद्धांत को दृढ़ता से मानता है और सीमा संबंधी मुद्दों के
जल्द समाधान के लिए चीन के साथ मिलकर काम करने को तैयार है.
सीमा विवाद को लेकर भूटान और
चीन के बीच होने वाली वार्ता पर भारत की नज़र है, ख़ासकर डोकलाम ट्राई जंक्शन
को लेकर.
सीमा विवाद को हल करने के लिए भूटान
और चीन के बीच अक्टूबर 2021 में तीन चरण वाले एक रोडमैप के समझौते पर हस्ताक्षर हुआ
था.
यह समझौता चार साल पहले डोकलाम
में भारत और चीन की सेनाओं के बीच 73 दिन तक चले गतिरोध के बाद हुआ था.
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'एक देश एक चुनाव' पर असदुद्दीन ओवैसी ने क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी
'एक देश एक चुनाव' पर बनी समिति ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंपी.
इस रिपोर्ट में पूरे देश
में एक साथ चुनाव करवाए जाने को लेकर सिफारिशें की गई हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआई के
अनुसार, इस समिति ने सुझाव दिया
है कि सभी राज्यों की विधानसभा का कार्यकाल अगले लोकसभा चुनाव तक ही सीमित किया
जाए. ताकि इसके बाद लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव एक साथ करवाए जा सकें.
समिति ने अपनी रिपोर्ट जब
राष्ट्रपति मुर्मू को सौंपी, तब अध्यक्ष
रामनाथ कोविंद के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय क़ानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल,
पूर्व केंद्रीय मंत्री ग़ुलाम नबी आज़ाद,
जाने-माने संविधान विशेषज्ञ सुभाष काश्यप,
वित्त आयोग के पूर्व अध्यक्ष एनके सिंह और
पूर्व सीवीसी संजय कोठारी भी मौजूद थे.
इस समिति की रिपोर्ट पेश
किए जाने के बाद एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सोशल मीडिया पर अपनी
प्रतिक्रिया दी.
ओवैसी ने लिखा, ''बार-बार चुनाव होने से सरकारें परेशान रहती
हैं. एक देश एक चुनाव के साथ कई संवैधानिक दिक़्क़तें हैं लेकिन सबसे बुरा ये है
कि सरकारों को पांच साल तक लोगों के गुस्से की कोई परवाह नहीं होगी. ये भारतीय
संघवाद के ख़ात्मे की घंटी होगी. ये भारत को एक पार्टी वाले देश में बदल देगा.''
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केंद्र सरकार ने राज्यों से कुत्तों की इन ख़ूंख़ार नस्ल पर बैन लगाने को कहा
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इमेज कैप्शन, स्टाफ़ोर्डशायर टेरियर
कुत्तों के काटने की बढ़ती
घटनाओं के बीच केंद्र सरकार ने राज्यों से ख़ूंख़ार कुत्तों की 23 नस्लों पर बैन
लगाने को कहा है.
इनमें पिटपुल टेरियर,
अमेरिकन बुलडॉग, रॉटवीलर और मास्टिफ़ ब्रीड शामिल हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, राज्यों और केंद्र शासित
प्रदेशों के मुख्य सचिवों को इस बारे में 12 मार्च को निर्देश जारी किए गए थे.
इसके मुताबिक जिनके पास कुत्तों की ये ब्रीड हैं, उन्हें स्टेरिलाइज़ किया जाए ताकि उनकी संख्या को बढ़ने से रोका
जाए.
ये निर्देश पशुपालन और
डेयरी विभाग ने पशुपालन विभाग के कमिश्नर की अगुवाई में एक विशेषज्ञ पैनल का गठन
किया था, जिसने कुत्तों की 23 नस्लों की पहचान की, जो इंसानों के लिए ख़तरनाक हैं.
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इमेज कैप्शन, वुल्फ़ डॉग
कुत्तों की इन नस्लों पर लगेगा बैन
पिटबुल टेरियर, टोसा इनू, अमेरिकन स्टाफ़ोर्डशायर टेरियर, फिला ब्रासिलीरो, डोगो अर्जेंटिनो, अमेरिकन बुलडॉग, बाएरबोएल कांगल, सेंट्रल एशियन शेफ़र्ड डॉग और कॉकेशियन शेफ़र्ड डॉग.
रशियन शेफ़र्ड डॉग, टॉर्नजाक, सर्प्लानिनाक, जापानीज़ टोसा और अकिता, मास्टिफ़्स, टेरियर, रोडेशियन रिजबैक, वुल्फ़ डॉग्स, कैनारियो, अकबाश डॉग, मॉस्को गार्ड डॉग, केन कोर्सो और बैनडॉग.
एक्सपर्ट पैनल की सिफ़ारिश के अनुसार, “क्रॉस ब्रीड समेत इन कुत्तों का बाहर से आयात करना, ब्रीडिंग और बेचना प्रतिबंधित होगा.”
केंद्रीय पशुपालन और डेयरी विभाग ने स्थानीय निकायों और राज्यों के पशुपालन विभागों से इन प्रतिबंधित कुत्तों की नस्ल की बिक्री और ब्रीडिंग के लिए लाइसेंस न देने का निर्देश दिया है.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने किसानों के लिए इन पांच गारंटी का एलान किया
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को लोकसभा चुनाव 2024 से पहले किसानों के लिए पांच गारंटी का एलान किया है.
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा, ''कांग्रेस आपके लिए पांच ऐसी गारंटियां लेकर आई है जो आपकी सभी समस्याओं को जड़ से खत्म कर देंगी. एमएसपी को स्वामीनाथन आयोग के फॉर्मूले के तहत कानूनी दर्ज़ा देने की गारंटी. किसानों के क़र्ज़ माफ़ करने और क़र्ज़ माफ़ी की राशि निर्धारित करने के लिए एक स्थायी ‘कृषि ऋण माफ़ी आयोग’ बनाने की गारंटी.''
राहुल गांधी ने लिखा, ''बीमा योजना में परिवर्तन कर फसल का नुकसान होने पर 30 दिनों के भीतर सीधे बैंक खाते में भुगतान सुनिश्चित करने की गारंटी. किसानों के हित को आगे रखते हुए एक नई आयात-निर्यात नीति बनाने की गारंटी.''
वो लिखते हैं, ''कृषि उपजों से जीएसटी हटाकर किसानों को जीएसटी मुक्त बनाने की गारंटी.''
राहुल गांधी दावा करते हैं, ''देश की मिट्टी को अपने पसीने से सींचने वाले किसानों के जीवन को खुशहाल बनाना ही कांग्रेस का लक्ष्य है और यह 5 ऐतिहासिक फ़ैसले उसी दिशा में बढ़ाए गए कदम भारत की कृषि व्यवस्था में ‘समृद्धि का सूरज’ उगने वाला है.''
शरद पवार के नाम और तस्वीर के इस्तेमाल पर सुप्रीम कोर्ट ने अजित पवार गुट से मांगा जवाब
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राजनीतिक लाभ के लिए शरद पवार के नाम और तस्वीर के इस्तेमाल
किए जाने को लेकर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने अजित पवार गुट की एनसीपी से जवाब
मांगा है.
जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिव
केवी विश्वनाथन की खंडपीठ ने अजित पवार की अगुवाई वाले एनसीपी धड़े से शनिवार तक
जवाब दाखिल करने को कहा है.
इस मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी.
बेंच ने कहा, “हमें स्पष्ट और बिना शर्त का हलफनामा चाहिए कि शरद
पवार का नाम और तस्वीरें नहीं इस्तेमाल की जाएंगी.”
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया था कि शरद पवार गुट
का नाम ‘नेशनलिस्ट कांग्रेस
पार्टी-शरतचंद्र पवार’ आवंटित किए जाने का चुनाव
आयोग का फ़ैसला अगले आदेश तक बना रहेगा.
इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने अजित
पवार के गुट को असली नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की मान्यता देने वाले
चुनाव आयोग के आदेश के ख़िलाफ़ शरद पवार गुट की अपील पर भी जवाब मांगा
है.
शरद पवार के भतीजे अजित पवार ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के एक धड़े को लेकर अलग हो गए थे और शिवसेना के शिंदे गुट के नेता एकनाथ शिंदे और बीजेपी की सरकार में शामिल हो गए थे.
पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चले संघर्ष में चुनाव आयोग ने अजित पवार गुट को ही असली एनसीपी माना था, जिसके ख़िलाफ़ शरद पवार के गुट ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.
दिल्ली: रामलीला मैदान में किसान मज़दूर महापंचायत में क्या हुआ?
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दिल्ली के रामलीला मैदान में संयुक्त किसान मोर्चा और ट्रेड यूनियनों ने मिलकर गुरुवार को किसान मज़दूर महापंचायत का आयोजन किया.
किसान नेताओं ने एमएसपी की गारंटी क़ानून लाने की मांग की और हरियाणा पंजाब के शंभू और खनौरी बॉर्डर पर बैठे किसानों पर पुलिस की कार्रवाई की निंदा की.
एसकेएम के नेता डॉ. दर्शनपाल ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में किसान बीजेपी नेताओं को गांवों में नहीं घुसने देंगे.
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के नेता राकेश टिकैत ने कहा, "इस महापंचायत से सरकार को संदेश मिल गया है कि किसान इकट्ठा हैं और भारत सरकार बातचीत का समाधान करे. यह आंदोलन ख़त्म नहीं होगा. जिस तरह उन्होंने बिहार को बर्बाद किया, वहां मंडियां खत्म कर दीं, पूरे देश को बर्बाद करना चाहते हैं."
13
फ़रवरी को एसकेएम से
अलग पंजाब की कुछ किसान यूनियनों ने दिल्ली चलो का आह्वान किया था लेकिन सुरक्षाबलों ने हरियाणा पंजाब के शंभू बॉर्डर पर उन्हें रोक दिया. इन यूनियनों ने संयुक्त
किसान मोर्चा (अराजनीतिक) बनाया है.
तब से वो पंजाब की तरफ ही बैठे हुए हैं.
इस दौरान पुलिस और किसान प्रदर्शनकारियों के बीच भिड़ंत के कारण कई लोग घायल हुए
हैं. इस दौरान एक युवा किसान शुभकरण की मौत हो गई.
इसे लेकर संयुक्त किसान मोर्चा ने पूरे
देश में प्रदर्शनों का आह्वान किया और 14 मार्च को दिल्ली में महा पंचायत का एलान किया था.
देशभर से हज़ारों किसान एक दिन पहले ही दिल्ली पहुंचना शुरू हो गए थे.
इस महापंचायत को दिल्ली पुलिस ने इजाजत
दे थी और यूनियनों ने कहा था कि अधिकतम 5,000 लोगों की ही सभा करें. वाहन, हथियार के साथ सभा में आने की इजाजत नहीं थी.
गुरुवार
को पूरे देश भर से किसान और मज़दूर यूनियनों के प्रतिनिधि रामलीला मैदान पहुंचे.
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अश्लील सामग्री दिखाने वाले इन ओटीटी प्लेटफॉर्म, वेबसाइटों, सोशल मीडिया अकाउंट्स पर सरकार ने लगाया बैन
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सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने अश्लील सामग्री प्रसारित करने
वाले 18 ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म, 19 वेबसाइटों, 10 ऐप और 57 सोशल मीडिया अकाउंट्स पर प्रतिबंध लगा दिया है.
मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, प्रथम दृष्टया इन
सामग्रियों को आईटी एक्ट की धारा 67, 67 ए, आईपीसी की धारा 292 और इंडिसेंट रिप्रेजेंटेशन
ऑफ़ वीमन (प्रोहिबिशन) एक्ट 1986 का उल्लंघन करने वाला पाया गया.
ब्लॉक किए गए प्लेटफ़ॉर्म
में हंटर्स, ड्रीम फ़िल्म्स, मूडएक्स, नियोनएक्स, एक्ट्रामूड और अन्य कंपनियां हैं
जो अश्लील सामग्री परोस रही थीं.
बयान में कहा गया है कि ‘इन प्लेटफ़ॉर्म पर दिखाई
जाने वाली अधिकांश सामग्रियों को अश्लील, फूहड़ और महिलाओं को ग़लत तरीक़े से पेश
करने वाला पाया गया.
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मंत्रालय के के अनुसार, एक ऐप को एक करोड़ बार डाउनलोड किया गया जबकि दो अन्य को 50 लाख से अधिक डाउनलोड किया गया था.
इन प्लेटफ़ॉर्मों के सोशल मीडिया अकाउंट के कुल फॉलोअर्स की संख्या 32 लाख से अधिक है.
बयान के अनुसार, 12 फ़ेसबुक अकाउंट, 17 इंस्टाग्राम अकाउंट, 16 एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट और 12 यूट्यूब चैनल्स को ब्लॉक किया गया है.
आईटी नियमों के पार्ट-3 के तहत जून 2023 में एक स्व-नियामक बोर्ड का गठन किया गया था जिसने एक अन्य प्लेटफ़ॉर्म उल्लू के ख़िलाफ एक आदेश जारी किया गया था लेकिन मौजूदा प्रतिबंधों में उसका नाम नहीं है.
आदेश में इस प्लेटफ़ॉर्म की चार वेब सीरिज़ को हटाने या फिर से एडिट करने को कहा गया था.
मुंबई क्रिकेट टीम ने 42वीं बार जीता रणजी ट्रॉफी का ख़िताब
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इमेज कैप्शन, फाइल फोटो
मुंबई क्रिकेट टीम ने 42वीं बार रणजी ट्रॉफी का ख़िताब गुरुवार को जीत
लिया है.
इसी के साथ रणजी ट्रॉफी जीतने का आठ साल का सूखा मुंबई की टीम ने ख़त्म
कर दिया है.
मुंबई की टीम ने विदर्भ की टीम को पांचवें दिन 169 रनों से हराया.
फ़ाइनल मुकाबला मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला गया.
मुंबई की टीम ने विदर्भ के
सामने 538 रनों का लक्ष्य रखा था.
मुंबई ने पहली और दूसरी
पारी में 224और 418 रन बनाए थे.
वहीं इसके जवाब में विदर्भ की टीम 105 और 368 रन ही बना सकी.
मुंबई की तरफ से सबसे ज़्यादा 136 रन मुशीर ख़ान ने दूसरी पारी में बनाए.
वहीं विदर्भ की तरफ से दूसरी पारी में सबसे ज़्यादा 102 रन अक्षय वाडकर ने बनाए.
कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी परनीत कौर बीजेपी में शामिल हुईं
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कांग्रेस से सस्पेंड हो चुकी सांसद और पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी परमीत कौर बीजेपी में शामिल हो गई हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, परमीत कौर बीजेपी की टिकट पर पटियाला से चुनावी मैदान में हो सकती हैं.
महुआ मोइत्रा को लेकर बनाई गई एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट के मामले में परमीत कौर ने टीएमसी सांसद के ख़िलाफ़ वोट किया था.
तब निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया पर लिखा था, ''पंजाब हमेशा भारत की अस्मिता व राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खड़ा रहा है, आज फिर से कैप्टन अमरिंदर सिंह जी व कॉंग्रेस पार्टी की सांसद परनीत कौर जी ने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए कोई समझौता नहीं किया. भारत पंजाब के जाँबाज़ों का कृतज्ञ था, है और रहेगा.''
परमीत कौर राहुल गांधी की यात्राओं से भी दूर रही थीं.
चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए हुई बैठक के बाद अधीर रंजन चौधरी ने बताए दो नाम
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार को दो केंद्रीय चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए दिल्ली में बैठक हुई.
इस बैठक में शामिल होने के बाद लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने पत्रकारों से बात की.
अधीर रंजन चौधरी ने बताया कि केरल कैडर के ज्ञानेश कुमार और पंजाब कैडर के सुखबीर सिंह संधू को अगले चुनाव आयुक्त के रूप में चुना गया है.
उन्होंने आरोप लगाया कि इस समिति का कोई मतलब इसलिए नहीं है कि इसमें पहले से सरकार का बहुमत है.
उन्होंने कहा, "हमारी कमेटी में एक प्रधानमंत्री, एक मंत्री और मैं विपक्ष का. शुरू से ही बहुमत सरकार के पक्ष में है."
वो बोले, "अरुण गोयल की नियुक्ति के समय सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि उनकी नियुक्ति प्रकाश की गति से हुई थी. वे प्रकाश की गति से नियुक्त हुए और डिजिटल गति से निकल गए."
अधीर रंजन ने कुछ ही वक़्त पहले 212 नामों की सूची सरकार से मिलने पर हैरानी जताई और कहा कि इतने कम समय में इन नामों की जांच कैसे हो सकती है.
अधीर रंजन ने बताया कि अपने असहमति नोट में उन्होंने लिखा कि इस समिति में सरकार का पहले से बहुमत है.
उनके अनुसार, "मुझे कल रात 212 नामों की सूची दी गई. वहीं 10 मिनट पहले शॉर्टलिस्ट करके छह नाम दिए गए गए."
''इस समिति में पहले ही सरकार का बहुमत है. इसमें सीजेआई अब सदस्य नहीं है. ऐसे में सरकार ने पहले से ही अपने पसंदीदा नामों को चुन लिया है.''
ज्ञानेश कुमार 1988 बैच के केरल कैडर के आईएएस अधिकारी हैं. वे 31 जनवरी को केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय के सचिव पद से रिटायर हुए हैं.
1988 बैच के उत्तराखंड कैडर के आईएएस अधिकारी रहे सुखविंदर सिंह संधू राज्य के मुख्य सचिव रहे थे. इससे पहले वे एनएचएआई के प्रमुख के पद पर भी रहे थे.
'आप' ने पंजाब की आठ सीटों पर उम्मीदवारों के नाम का एलान किया
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लोकसभा चुनाव 2024 के लिए पंजाब की आठ सीटों पर आम आदमी पार्टी ने
अपने उम्मीदवारों के नाम का गुरुवार को एलान किया है.
पंजाब में लोकसभा की 13 सीटें हैं.
आम आदमी पार्टी और
कांग्रेस इंडिया गठबंधन का हिस्सा हैं.
मगर पंजाब के सीएम भगवंत मान कई बार ये कह
चुके हैं कि पार्टी पंजाब में अकेले लड़ेगी और 13 की 13 सीटें जीतेगी.
जिन सीटों पर आम आदमी
पार्टी ने अपने उम्मीदवारों के नाम का एलान किया है, वो कुछ इस तरह हैं-
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केजरीवाल बोले, 'पाकिस्तान, बांग्लादेश से आए लोगों को नौकरी, घर कहां से देंगे?'
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दिल्ली के सीएम अरविंद
केजरीवाल ने गुरुवार को नागरिकता संशोधन क़ानून यानी सीएए को लेकर एक बार फिर मोदी
सरकार को घेरा है.
केजरीवाल ने बुधवार को भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सीएए लागू किए जाने पर सवाल पूछे थे. वहीं गुरुवार को अमित शाह ने एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में सीएए का बचाव किया था.
उधर, गुरुवार की सुबह
केजरीवाल के घर के बाहर सीएए को लेकर उनके रुख़ के ख़िलाफ़ शरणार्थियों ने
प्रदर्शन भी किया.
इन सबके बाद केजरीवाल ने
गुरुवार दोपहर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बोले, ''मैंने गृहमंत्री की पूरी कॉन्फ्रेंस सुनी. उन्होंने मेरे
सवालों का जवाब नहीं दिया. सिर्फ मुझे गालियां दी. मैं अहम नहीं हूं. देश अहम है.''
केजरीवाल बोले, ''देश के युवाओं को नौकरी नहीं मिल रही है और
बाहर से लोगों को बसाना चाह रहे हो, उनके लिए नौकरी कहां से लाओगे. पाकिस्तान, बांग्लादेश से लाकर लोगों को बसाना चाहते हो, उनके लिए घर,
संसाधन कहां से लाओगे?''
केजरीवाल कहते हैं,
''आज़ादी के बाद बड़े स्तर पर पलायन हुआ. अब सीएए
की वजह से काफी बड़ा पलायन होने वाला है. इन देशों में लगभग 2.5 से तीन करोड़
अल्पसंख्यक रहते हैं. वहां बहुत ग़रीबी है. उनके लिए भारत की नागरिकता मिलना सपने
की तरह है. इनमें से अगर 1.5 करोड़ लोग आ गए तो उनको कहां बसाएंगे?''
नागरिकता संशोधन नियम
लागू होने के बाद अब पाकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान और
बांग्लादेश के हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई जो 31 दिसंबर, 2014 से पहले भारत में आए थे, उन्हें भारतीय नागरिकता मिल सकती है.
केजरीवाल ने और क्या कहा?
आप कह रहे हैं कि 2014 तक आए लोगों को बसाएंगे. पर मैं पूछना चाहता हूं कि क्या 2014 के बाद लोग आना बंद हो गए हैं. पहले लोगों में डर होता था. अब आप ये डर ख़त्म कर रहे हो.
रोहिंग्या तो आपके दौर में ही भारत आए. इतने घुसपैठिए आने वाले हैं कि आप कल्पना नहीं कर पाएंगे. पाकिस्तान से आए घुसपैठियों को आप भारत में नौकरी दोगे.
सरकारी पैसा 140 करोड़ लोगों का पैसा है. पाकिस्तान, बांग्लादेश के लोगों ने पैसा नहीं दिया. यहां का पैसा आप दूसरे देशों के लोगों पर खर्च करना चाह रहे हैं.
आपके घर के सामने पाकिस्तान से आए लोगों की झुग्गियां बसा दी गईं तो क्या आपकी बहू, बेटी सुरक्षित होंगी. कौन होंगे ये लोग? क्या देश सुरक्षित होगा? चारों तरफ क़ानून-व्यवस्था की समस्या नहीं पैदा हो जाएगी?
अगर आपको बाहर से लोगों को ही लाना है, जो उद्योगपति देश छोड़कर चले गए, तो इन लोगों को वापस लाइए. ऐसे 11 लाख लोग देश छोड़कर चले गए. ये अमीर लोग हैं, आकर फैक्ट्री लगाएंगे तो नौकरी मिलेगी.
अगर आप पाकिस्तान, बांग्लादेश से आकर लोगों को यहां बसाएंगे तो ये मंज़ूर नहीं है.
'एक देश, एक चुनाव' पर बनी समिति ने राष्ट्रपति को सौंपी रिपोर्ट, क्या सिफ़ारिशें की?
'एक देश, एक चुनाव' पर विचार करने के लिए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में बनाई गई उच्चस्तरीय समिति ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है.
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, सभी पक्षों से विस्तृत बातचीत करने के बाद 191 दिनों में यह रिपोर्ट तैयार की गई है, जो क़रीब 18 हज़ार पन्नों की है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, इस समिति ने लोकसभा के साथ ही विधानसभा का चुनाव संभव बनाने के लिए सुझाव दिया है कि सभी राज्यों की विधानसभा का कार्यकाल अगले लोकसभा चुनाव तक ही सीमित किया जाए.
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समिति ने कहा है कि एक साथ चुनाव कराने से पारदर्शिता और समावेशन तो बढ़ेगा ही, इससे मतदाताओं को सुविधा होगी और चुनाव में उनका भरोसा बढ़ेगा.
समिति ने एक साथ चुनाव करवाने के लिए उपकरणों, कर्मचारियों और सुरक्षा बलों के पूर्व प्रबंधन पर ज़ोर दिया है.
समिति ने अपनी रिपोर्ट जब राष्ट्रपति मुर्मू को सौंपी, तब अध्यक्ष रामनाथ कोविंद के साथ इसके सदस्य केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय क़ानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री ग़ुलाम नबी आज़ाद, जाने माने संविधान विशेषज्ञ सुभाष काश्यप, वित्त आयोग के पूर्व अध्यक्ष एनके सिंह और पूर्व सीवीसी संजय कोठारी भी मौजूद थे.
'एक देश एक चुनाव' पर विचार करने के लिए पिछले साल 2 सितंबर को इस समिति को बनाया गया था.
दिल्ली: रामलीला मैदान में क्यों जुटे किसान?
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दिल्ली के रामलीला मैदान में गुरुवार को हज़ारों की संख्या में किसान जुटे हैं. ये किसान अपनी मांगों के समर्थन में जनसभा कर रहे हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, 'किसान मज़दूर महांपचायत' नाम के इस सम्मेलन में किसानों ने खेती से संबंधित केंद्र की बीजेपी सरकार की नीतियों का विरोध करते हुए सरकार के विरोध में नारे लगाए हैं.
तीन कृषि क़ानूनों के विरोध में साल 2020-21 में दिल्ली बॉर्डर पर किसानों के हुए प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले 'संयुक्त किसान मोर्चा' (एसकेएम) ने बताया है कि किसान मज़दूर महापंचायत में केंद्र सरकार की नीतियों के ख़िलाफ़ लड़ाई तेज़ करने का प्रस्ताव पारित किया जाएगा.
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास मौजूद रामलीला मैदान में यह रैली आयोजित करने के लिए पुलिस ने इस शर्त पर मंजूरी दी है कि इसमें 5,000 से अधिक लोग नहीं जुटेंगे, आयोजन स्थल तक कोई ट्रक या ट्रॉली नहीं ले जाई जाएगी और न ही मैदान में कोई मार्च किया जा सकेगा.
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