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मेटा ने कहा है कि इस दिक्कत पर काम किया जा रहा है.

लाइव कवरेज

दीपक मंडल and प्रियंका झा

  1. बिहार: विधान परिषद चुनाव के लिए नीतीश कुमार ने दाखिल किया नामांकन

    नीतीश कुमार ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया है.

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    इमेज कैप्शन, नीतीश कुमार ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया है.

    बिहार विधान परिषद की 11 खाली सीटों के लिए नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.

    मंगलवार को जनता दल (यूनाइटेड) यानी जदयू ने एलान किया कि वो पार्टी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अलावा खालिद अनवर को अपना उम्मीदवार बनाया है.

    जनता दल (यूनाइटेड) ने एक्स पर लिखा, ''बिहार विधान परिषद के आगामी द्विवार्षिक चुनाव-2024 के लिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और खालीद अनवर को उम्मीदवार घोषित किया गया.''

    नीतीश कुमार ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया है.

    नीतीश कुमार लगातार चौथी बार विधान परिषद के सदस्य चुने जाएंगे. विधान परिषद के इस द्विवार्षिक चुनाव में जदयू को दो सीटें मिली हैं.

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    बीजेपी, आरजेडी और कांग्रेस ने फिलहाल अपने उम्मीदवारों के नामों का एलान नहीं किया है. ऐसी ख़बरें हैं कि आरजेडी की ओर से राबड़ी देवी को नामांकित किया जा रहा है. इस बारे में आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है.

    नामांकन की आख़िरी तारीख 11 मार्च है. चुनाव के लिए मतदान की तारीख 21 मार्च है.

  2. इसराइल में हिज़्बुल्लाह के हमले में भारतीय की मौत, इसराइली दूतावास ने क्या कहा

    इसराइल

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    इमेज कैप्शन, हिज्बुल्लाह के लड़ाके

    इसराइल ने अपने गांव पर हिज़्बुल्लाह के हमले में एक भारतीय के मारे जाने पर गहरा दुख जताया है.

    इस हमले में दो अन्य भारतीय घायल भी हुए हैं. तीनों केरल से वहां गए थे.

    उत्तरी इसराइल के मार्गालियोत गांव पर लेबनान की ओर से मिसाइल हमला किया गया था. ये एंटी टैंक मिसाइल एक बाग में गिरा था. वहां काम कर रहे भारतीय इसकी चपेट में आ गए.

    हमले में कोल्लम के रहने वाले पेटनीबिन मैक्सवेल की मौत हो गई जबकि बुश जोसफ जॉर्ज और पॉल मेलविन घायल हो गए. उन्हें इलाज के लिए तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया.

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    भारत में इसराइली दूतावास ने एक्स पर लिखा, ''हम उत्तरी मार्गालियोत गांव में एक बाग की खेती कर रहे कृषि श्रमिकों पर शिया आतंकवादी संगठन हिजबुल्लाह की ओर से किए गए कायरतापूर्ण आतंकवादी हमले के कारण एक भारतीय नागरिक की मौत और दो अन्य के घायल होने से बहुत स्तब्ध और दुखी हैं. हमारी संवेदना शोक संतप्त परिवारों और घायलों के साथ हैं.''

    दूतावास ने लिखा है, ''इसराइली मेडिकल संस्थान पूरी तरह से घायलों की सेवा में हैं जिनका इलाज हमारे सबसे अच्छे मेडिकल स्टाफ द्वारा किया जा रहा है. इसराइल उन सभी नागरिकों, चाहे इसराइली या विदेशी को समान नजर से देखता है जो आतंकवाद के कारण घायल हुए या मारे गए हैं.''

    सात अक्तूबर को हमास ने इसराइल पर हमला किया था, जिसमें क़रीब एक हज़ार इसराइली नागरिक मारे गए थे.

    जवाब में इसराइल ने हमला शुरू किया और अब तक ग़ज़ा में 30 हज़ार से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं.

  3. ब्रेकिंग न्यूज़, बॉम्बे हाई कोर्ट ने जीएन साईबाबा को माओवादियों से संबंध के मामले में बरी किया

    जीएन साईबाबा

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    इमेज कैप्शन, जीएन साईबाबा

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, माओवादियों से संबंध मामले में दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफे़सर जीएन साईबाबा को बॉम्बे हाई कोर्ट ने बरी कर दिया है.

    साईबाबा को इस मामले में उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई गई थी.

    मई 2014 में प्रोफ़ेसर जीएन साईबाबा को दिल्ली में उनके घर से महाराष्ट्र पुलिस ने गिरफ्तार किया था. इसके बाद साईबाबा को दिल्ली विश्वविद्यालय ने निलंबित कर दिया था.

    महाराष्ट्र की गढ़चिरौली अदालत ने यूएपीए के सेक्शन 13, 18, 20 और 39 के तहत प्रोफ़ेसर साईबाबा को दोषी पाया था.

    प्रोफ़ेसर साईबाबा विकलांग हैं. सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद बिगड़ती सेहत के आधार पर उन्हें जुलाई 2015 में ज़मानत पर रिहा किया गया था.

    इसके बाद हाई कोर्ट ने उनकी ज़मानत रद्द करते हुए उन्हें आत्मसमर्पण करने को कहा था.

    प्रोफ़ेसर जीएन साईबाबा बतौर सामाजिक कार्यकर्ता, रिवोल्यूशनरी डेमोक्रेटिक फ्रंट नाम की भी एक संस्था से जुड़े हुए थे. वे 'रिवोल्यूशनरी डेमोक्रेटिक फ्रंट' के उपसचिव थे.

    'रिवोल्यूशनरी डेमोक्रेटिक फ्रंट' 2014 में माओवादियों से संबंधों के लिए खुफिया एजेंसियों के निशाने पर था.

  4. पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ के सामने क्या हैं चुनौतियां

  5. ग़ज़ा में भूख से हो रही है बच्चों की मौत: डब्ल्यूएचओ

    इसराइल

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    इमेज कैप्शन, उत्तरी ग़ज़ा के जबालिया रिफ्यूजी कैंप में इस हालात में रह रहे हैं लोग (फाइल फोटो)

    विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा है कि उत्तरी ग़ज़ा में भूख से बच्चों की मौत हो रही है.

    डब्ल्यूएचओ प्रमुख टेड्रोस एडनहम गेब्रसियस ने कहा है कि उत्तरी ग़ज़ा में डब्ल्यूएचओ की टीम ने अपने दौरे के दौरान पाया कि यहां भोजन की कमी है.

    इस सप्ताह यहां के दो अस्पतालों अल-अवदा और कमाल अदवान में दौरे के दौरान टीम को पता चला कि भोजन की कमी से दस बच्चों की मौत हो चुकी है. भोजन की कमी की वजह से भीषण कुपोषण की समस्या पैदा हो गई है.

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    गेब्रसियस ने यहां के हालात का हवाला देते हुए एक्स पर लिखा,'' हालात बेहद गंभीर हैं. बच्चे कुपोषण के शिकार हैं और भूख से मर रहे हैं. यहां भोजन, ईंधन मेडिकल सप्लाई की भारी कमी है. अस्पताल बिल्डिंग ध्वस्त हो गए हैं. कम से कम यहां तीन लाख लोग रह रहे हैं और उनके लिए बहुत थोड़ा खाना और साफ पानी है''

    हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि कमाल अदवान अस्पताल में कुपोषण और शरीर में पानी की कमी से कम से कम 15 बच्चों की मौत हो गई है. रफाह के अस्पताल में रविवार को सोलहवें बच्चे की भी मौत हो गई.

  6. हमास ने इसराइल पर हमले के दौरान की यौन हिंसा- यूएन टीम की रिपोर्ट

    इसराइल

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    इमेज कैप्शन, नोवा म्यूजिक फेस्टिवल पर हमास के लड़ाकों के हमले के बाद का मंजर ( फाइल फोटो)

    संयुक्त राष्ट्र की एक टीम ने कहा है कि ये 'मानने के वाजिब आधार हैं' कि इसराइल में सात अक्टूबर 2023 को हुए हमास के हमले में रेप और गैंग रेप समेत यौन हिंसा की घटनाएं हुई थीं.

    टीम का ये भी कहना है कि बंधकों पर यौन हिंसा किए जाने की 'विश्वसनीय जानकारियां' भी मौजूद हैं. जबकि हमास ने कहा है कि उसके बंदूकधारी लड़ाकों ने हमलों के दौरान कोई यौन हिंसा नहीं की.

    इस टीम का नेतृत्व संघर्ष वाले इलाक़ों में यौन हिंसा पर संयुक्त राष्ट्र की विशेष प्रतिनिधि प्रमिला पैटन कर रही थीं. यूएन की रिपोर्ट में कहा गया है कि नोवा म्यूजिक फेस्टिवल वाली जगह और इसके आसपास के इलाके रोड नं. 232 और किबुत्ज़ रिम समेत कम से कम तीन जगहों पर इस तरह के यौन हमले हुए हैं.

    रिपोर्ट में कहा गया है कि टीम के पास रेप, यौन प्रताड़ना, क्रूरता और अमानवीय घटनाओं से जुड़ी साफ और विश्वसनीय जानकारियां उसके पास हैं.

    बीबीसी ने भी रेप, यौन हिंसा और महिलाओं के अंग-भंग की घटनाओं से जुड़े सुबूत देखे हैं और उनके बारे में सुना भी है.

    हमास के लड़ाकों ने 7 अक्टूबर 203 को दक्षिणी इसराइल पर हमला कर 1200 लोगों को मार डाला था और 253 लोगों को बंधक बना लिया था.

  7. फ्रांस में गर्भपात कराना संवैधानिक अधिकार बना, राष्ट्रपति ने कहा- पूरी दुनिया के लिए संदेश

    फ्रांस

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    इमेज कैप्शन, फ्रांस में गर्भपात कराने को संवैधानिक अधिकार बनाने के बाद खुशी मनाती महिलाएं

    फ्रांस में गर्भपात कराना अब संवैधानिक अधिकार बना दिया गया है. फ्रांस दुनिया का पहला देश है,जिसने गर्भपात कराने का अधिकार अपने संविधान में शामिल किया है.

    फ्रांस की संसद में सदस्यों इसके लिए संवैधानिक में संशोधन को मंजूरी दी. गर्भपात को संवैधानिक अधिकार बनाने के लिए फ्रांस के 1958 के संविधान में संशोधन किया गया.

    इसके जरिये महिलाओं को गर्भपात कराने की आजादी दी गई है. फ्रांस की संसद में इस संशोधन के पक्ष में 780 वोट पड़े, जबकि विरोध में सिर्फ 72. संशोधन पारित होते ही संसद सदस्यों ने खड़े होकर इसका स्वागत किया.

    संशोधन पारित होने के बाद राष्ट्रपति इमुनैएल मैक्रों ने कहा ने इसे फ्रांस के लिए गर्व का विषय करार दिया. उन्होंने कहा कि ये संविधान संशोधन पूरी दुनिया को एक संदेश देगा.

    हालांकि गर्भपात विरोधी संगठनों ने सरकार के इस कदम का विरोध किया है. रोमन कैथोलिक चर्च के मुख्यालय वेटिकन भी इसके विरोध में है. फ्रांस में गर्भपात कराना कानूनी है लेकिन देश के 85 फीसदी लोग चाहते थे कि संविधान में इसकी गारंटी दी जाए.

  8. तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने क्यों कहा, प्रधानमंत्री मतलब बड़े भाई

    तेलंगाना

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    इमेज कैप्शन, तेलंगाना में आदिलाबाद की एक रैली में पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम रेवंत रेड्डी

    तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यों के बड़े भाई जैसे हैं.

    रेवंत रेड्डी ने आदिलाबाद की एक रैली में कहा, ''हमारे हिसाब से प्रधानमंत्री मतलब बड़े भाई... सिर्फ़ उनकी ही मदद से राज्यों के मुख्यमंत्री अपने-अपने राज्यों को आगे ले जा सकते हैं. अगर तेलंगाना को आगे बढ़ना है तो गुजरात की तरह बढ़ना होगा. इसके लिए आपकी मदद की ज़रूरत है.''

    समाचार एजेंसी पीटीई के मुताबिक़ रेड्डी ने कहा कि वह केंद्र के साथ टकराव नहीं लेना चाहते बल्कि उससे अच्छे रिश्ते चाहते हैं. रेवंत रेड्डी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से हैदराबाद में 56 हजार करोड़ रुपये की परियोजना के उद्घाटन के दौरान उनके साथ मंच पर मौजूद थे.

    उन्होंने कहा कि अलग तेलंगाना को विकास करना है तो उसे गुजरात मॉडल अपनाना होगा. रेड्डी ने कहा कि तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद देश का पांचवां सबसे बड़ा शहर है. तेलंगाना भारत को पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की नरेंद्र मोदी के महत्वाकांक्षी लक्ष्य में सहयोग देने के लिए तैयार है.

  9. बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राज्यसभा से क्यों दिया इस्तीफ़ा

    जे. पी. नड्डा

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    इमेज कैप्शन, जे. पी. नड्डा (फाइल फोटो)

    भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे. पी. नड्डा ने राज्यसभा की अपनी मौजूदा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है.

    नड्डा हिमाचल से राज्यसभा सदस्य चुने गए थे. अप्रैल में उनका कार्यकाल ख़त्म हो रहा है. लेकिन उन्हें दोबारा राज्यसभा के लिए चुना गया है. इस बार वो गुजरात से बिना किसी विरोध के चुने गए हैं.

    नड्डा राज्यसभा के उन 57 सदस्यों में शामिल है, जिनका कार्यकाल अप्रैल में ख़त्म हो रहा है. लेकिन एक बार फिर चुने जाने पर अगले छह साल तक वो ऊपरी सदन के सदस्य बने रहेंगे.

    नड्डा राज्यसभा के उन 41 सदस्यों में शामिल हैं, जिन्हें निर्विरोध चुना गया है. पिछली बार नड्डा हिमाचल प्रदेश से चुने गए थे. लेकिन इस बार पार्टी ने उन्हें गुजरात कोटे से भेजने का फ़ैसला किया.

    हिमाचल में कांग्रेस के सत्ता में रहने की वजह से उनका चुनाव अनिश्चित लग रहा था. लिहाजा पार्टी ने जोखिम न लेते हुए उन्हें गुजरात से राज्यसभा में भेजने का फैसला किया.

  10. उत्तराखंड: विरोध-प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान की वसूली प्रदर्शनकारियों से ही होगी

    पुष्कर सिंह

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    उत्तराखंड में सरकार ने दंगों और दंगाइयों से निपटने के लिए अध्यादेश लागू किया है. इस अध्यादेश के मुताबिक़ दंगाइयों ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया तो इसकी कीमत उन्हीं से वसूली जाएगी.

    इसके लिए उन पर आठ लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. साथ ही दंगा नियंत्रण में होने वाले खर्च को भी उठाना पड़ेगा.

    उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने लिखा एक्स पर लिखा,''प्रदेश की शांति व्यवस्था भंग करने वालों की अब खैर नहीं ! दंगों और अशांति फैलाने के मामलों में सख़्ती से रोक लगाने के उद्देश्य से आज कैबिनेट बैठक के दौरान एक विशेष ट्रिब्यूनल के गठन को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है. दंगों के दौरान होने वाले सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान की क्षतिपूर्ति दंगाइयों से ही की जाएगी. प्रदेश की शांति व्यवस्था बिगाड़ने वालों को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी और एक ऐसी नज़ीर बनाएंगे जिससे देवभूमि की पवित्र भूमि को कलंकित करने वाले दंगाइयों की पीढ़ियां भी वर्षों तक याद रखेंगी.''

    उत्तराखंड सरकार ने ये अध्यादेश नैनीताल जिले में हाल में हुई हिंसा के बाद जारी किया है. पिछले दिनों यहां एक मदरसे को हटाने के बाद भड़की हिंसा में कई लोगों की मौत हो गई थी.

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  11. नमस्कार

    आपका दिन शुभ हो

    बीबीसी हिंदी के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है.

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