ट्रंप लड़ सकेंगे राष्ट्रपति चुनाव, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने प्रतिबंध हटाया
अमेरिकी प्रांत कोलोराडो की शीर्ष अदालत ने दिसंबर में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चुनाव लड़ने से रोक दिया था.
लाइव कवरेज
दीपक मंडल and प्रियंका झा
डोनाल्ड ट्रंप लड़ सकेंगे राष्ट्रपति चुनाव, अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने प्रतिबंध वाला फ़ैसला पलटा
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इमेज कैप्शन, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
अमेरिकी सुप्रीम
कोर्ट ने सोमवार को राष्ट्रपति चुनाव के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप पर लगाए गए प्रतिबंध
को रद्द कर दिया है.
ट्रंप ने इस फ़ैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे अमेरिका की बड़ी जीत करार दिया है.
अमेरिकी प्रांत
कोलोराडो की शीर्ष अदालत ने दिसंबर में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चुनाव
लड़ने से रोक दिया था.
ऐसा करते हुए अमेरिकी
संविधान के 14वें संशोधन का हवाला दिया गया जिसके तहत सशस्त्र विद्रोह करने वालों
के राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध है.
लेकिन सुप्रीम
कोर्ट के न्यायाधीशों ने 8 फरवरी
को हुई सुनवाई के दौरान इस कदम को संदेह की दृष्टि से देखा. इसके साथ ही उन्होंने स्टेट
पर अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाने का आरोप लगाया.
कोर्ट ने कहा है
कि 14वें संशोधन के सेक्शन 3 को लागू करने का अधिकार किसी राज्य के हाथ में नहीं,
बल्कि कांग्रेस के हाथ में है.
इसके बाद आज
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ट्रंप चुनाव लड़ सकेंगे.
इसका मतलब ये है
कि डोनाल्ड ट्रंप कल मंगलवार को होने जा रहे अमेरिकी चुनाव के प्राइमरी चरण में हिस्सा
ले सकेंगे.
इसी दिन उन्हें रिपब्लिकन
पार्टी की उम्मीदवारी मिलना सुनिश्चित हो सकता है.
क्योंकि कोलोराडो
समेत 15 अमेरिकी प्रांत कल प्राइमरी चरण के लिए मतदान करेंगे. इसे सुपर ट्यूज़्डे
की संज्ञा दी जा रही है.
ऐसा माना जा रहा है
कि 77 वर्षीय डोनाल्ड ट्रंप इस मतदान में अपनी एकमात्र प्रतिद्वंद्वी निकी हेली को
हराकर रिपब्लिकन पार्टी की उम्मीदवारी हासिल कर लेंगे.
अमेरिकी राष्ट्रपति पद की चुनाव प्रक्रिया में प्राइमरी वो चरण है जिसमें पार्टियों
की ओर से मतदान के ज़रिए अपने उम्मीदवार तय किए जाते हैं.
एसबीआई के इलेक्टोरल बॉन्ड पर जानकारी देने के लिए समय मांगने को लेकर राहुल बोले- पूरी दाल ही काली
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एसबीआई की ओर से इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़ी जानकारी देने की तारीख बढ़ाने की अपील पर मोदी सरकार को घेरा है.
सुप्रीम कोर्ट ने 15 फ़रवरी को इलेक्टोरल बॉन्ड को असंवैधानिक करार दिया था.
साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया से राजनीतिक पार्टियों को इलेक्टोरल बॉन्ड के ज़रिए मिली धनराशि की जानकारी 6 मार्च तक चुनाव आयोग को देने के लिए भी कहा था.
हालांकि, एसबीआई ने सुप्रीम कोर्ट से इस समयसीमा को बढ़ाकर 30 जून करने की अपील की है.
इसे पर राहुल गांधी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा है, "नरेंद्र मोदी ने चंदे के धंधे को छिपाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है. जब सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इलेक्टोरल बॉन्ड का सच जानना देशवासियों का हक़ है, तब एसबीआई क्यों चाहता है कि चुनाव से पहले ये जानकारी सार्वजनिक न हो पाए?"
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राहुल गांधी ने लिखा, "एक क्लिक पर निकाली जा सकने वाली जानकारी के लिए 30 जून तक का समय मांगना बताता है कि दाल में कुछ काला नहीं है, पूरी दाल ही काली है."
"देश की हर स्वतंत्र संस्था 'मोडानी परिवार' बन कर उनके भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने में लगी है. चुनाव से पहले मोदी के 'असली चेहरे' को छिपाने का यह अंतिम प्रयास है."
ब्रेकिंग न्यूज़, कर्नाटक विधानसभा में कथित तौर पर 'पाकिस्तान ज़िंदाबाद' नारे लगाने के आरोप में तीन गिरफ़्तार
....में
Author, इमरान क़ुरैशी
पदनाम, बेंगलुरु से, बीबीसी हिंदी के लिए
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बेंगलुरु पुलिस ने कांग्रेस नेता नासिर हुसैन के राज्यसभा सांसद चुने जाने पर कथित तौर पर 'पाकिस्तान ज़िंदाबाद' नारे लगाने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ़्तार किया है.
विधानसौदा पुलिस थाने की ओर से जारी बयान में कहा गया है, "फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफ़एसएल) की रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों और उनके बयान के आधार पर हमने तीन लोगों को गिरफ़्तार किया है. इनके ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है."
गिरफ़्तार किए गए लोगों में बेंगलुरु निवासी मुनव्वर, दिल्ली निवासी इम्तियाज़ और कर्नाटक के हावेरी के रहने वाले मोहम्मद शफ़ी शामिल हैं.
ये विवाद 27 फ़रवरी को उस समय शुरू हुआ जब कांग्रेस के राज्यसभा प्रत्याशी (अब सांसद) नासिर हुसैन की जीत के बाद विधानसभा (विधानसौदा) में उनके समर्थक नासिर हुसैन ज़िंदाबाद के नारे लगा रहे थे.
इस दौरान कन्नड़ टीवी चैनल के एक रिपोर्टर ने नासिर हुसैन की टिप्पणी लेनी चाहिए और कथित तौर पर इसी समय 'पाकिस्तान ज़िंदाबाद' के नारे लगे.
पुलिस की ओर से एफ़एसएल की रिपोर्ट नहीं दी गई है लेकिन एक निजी फॉरेंसिक लैब ने कहा था कि वीडियो में छठे से सातवें सेकेंड के बीच 'नासिर साहब ज़िंदाबाद' का नारा लगा था.
बेंगलुरु के क्लू4 एविडेंस फॉरेंसिक लैब के बीएन फनींद्र ने बीबीसी हिंदी से कहा, "जिस समय रिपोर्टर नासिर हुसैन से उनकी जीत पर प्रतिक्रिया ले रहे थे, उसी समय नासिर साहब ज़िंदाबाद नारा लगा. लेकिन साहब बोलते समय 'की' भी सुनाई दिया. वो शब्द 'साहब' नहीं बल्कि 'आन' पर ख़त्म हुआ. वीडियो में साहब का 'ब' नहीं सुनाई दिया."
"चूंकि ये साहब नहीं था, इसलिए कई लोगों को ये लगा होगा कि पाकिस्तान कहा गया."
फनींद्र की लैब वकीलों, बैंकों और बीमा कंपनियों के मामले संभालती है. उन्हें इस वीडियो की जाँच का काम संवाद फाउंडेशन की ओर से मिला था.
एसबीआई ने सुप्रीम कोर्ट से इलेक्टोरल बॉन्ड की जानकारी देने के लिए 30 जून तक का समय मांगा
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भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने सुप्रीम कोर्ट से इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़ी जानकारी देने के लिए 30 जून तक का समय मांगा है.
सुप्रीम कोर्ट ने इस जानकारी को जमा करने के लिए छह मार्च तक का समय दिया था.
एसबीआई ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि 15 फ़रवरी को दिए उसके निर्देशों का पालन करने के लिए बैंक को 30 जून तक का समय मिले.
सुप्रीम कोर्ट ने 15 फ़रवरी को इलेक्टोरल बॉन्ड को असंवैधानिक करार दिया था.
इस स्कीम के तहत जनवरी 2018 और जनवरी 2024 के बीच 16,518 करोड़ रुपये के इलेक्टोरल बॉन्ड ख़रीदे गए थे और इसमें से ज़्यादातर राशि राजनीतिक दलों को चुनावी फंडिंग के तौर पर दी गई थी.
हालांकि, इन बॉन्ड्स पर पारदर्शिता को लेकर कई सवाल उठ रहे थे और ये आरोप लग रहा था कि ये योजना मनी लॉन्डरिंग या काले धन को सफ़ेद करने के लिए इस्तेमाल हो रही थी.
इलेक्टोरल बॉन्ड्स की वैधता पर सवाल उठाते हुए एसोसिएशन फ़ॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर), कॉमन कॉज़ और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी समेत पांच याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था.
सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई में कहा था कि 'स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया को राजनीतिक पार्टियों को इलेक्टोरल बॉन्ड के ज़रिए मिली धनराशि की जानकारी 6 मार्च तक चुनाव आयोग को देनी होगी. ये जानकारी चुनाव आयोग को 13 मार्च तक अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित करनी होगी.'
एसबीआई ने इसी तारीख़ को आगे बढ़ाने की मांग की है.
सुप्रीम कोर्ट ने आम आदमी पार्टी से दिल्ली कार्यालय 15 जून तक खाली करने को कहा
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सुप्रीम कोर्ट ने आम आदमी पार्टी से राउज़ एवेन्यू स्थित पार्टी कार्यालय 15 जून तक खाली करने को कहा है.
सुप्रीम कोर्ट ने माना कि ये दफ़्तर जिस जगह बना है वह प्लॉट दिल्ली हाई कोर्ट को आवंटित हुआ था.
इस बात को ध्यान में रखते हुए कि लोकसभा चुनाव निकट हैं, चीफ़ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के साथ जस्टिस जेबी पारदीवाला और मनोज मिश्रा की बेंच ने आम आदमी पार्टी से कहा है कि वह अपने दफ़्तर की ज़मीन के लिए भूमि तथा विकास कार्यालय से संपर्क करने को कहा है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार बेंच ने कहा, "आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए हम परिसर खाली करने के लिए 15 जून, 2024 तक का समय देते हैं, ताकि दिल्ली हाई कोर्ट को विस्तार के लिए दी गई इस ज़मीन पर जल्दी काम शुरू हो सके."
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आम आदमी पार्टी की ओर से इस मामले में प्रतिक्रिया आई है.
आप प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है, "हम सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करते हैं. सुप्रीम कोर्ट ने इसके साथ ही ये भी कहा है कि केंद्र सरकार के भूमि तथा विकास कार्यालय को जल्द से जल्द एक ज़मीन आवंटित करनी चाहिए. हम आशा करते हैं कि किसी भी भेदभाव और गंदी राजनीति किए बिना हमें भी वहीं ज़मीन आवंटित होगी जहां शेष सभी राष्ट्रीय पार्टियों को ज़मीन दी गयी है."
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आम आदमी पार्टी की ओर से कोर्ट में दलील दे रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि 'आप' देश के छह राष्ट्रीय दलों में से एक है और उसे इस दर्जे के अनुरूप नई दिल्ली नगर निगम इलाके में ज़मीन मिलने का अधिकार है.
वहीं, आम आदमी पार्टी को अतिक्रमण करने वाला बताते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने शीर्ष न्यायालय से कहा कि इस ज़मीन का आवंटन जून 2017 में ही पार्टी से वापस ले लिया गया था.
वैज्ञानिकों ने धरती पर सबसे बड़े रेगिस्तान से जुड़ा ये रहस्य सुलझाया, जॉर्जिना रैनर्ड, बीबीसी न्यूज़
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पृथ्वी पर मौजूद सबसे बड़े और पेचीदा रेगिस्तानों की उम्र पहली बार सामने आई है.
स्टार ड्यून्स या पिरामिड ड्यून्स का नाम इनके अनोखे आकार और सैकड़ों मीटर की ऊंचाई पर रखा गया.
इस तरह के रेगिस्तान अफ़्रीका, एशिया और उत्तरी अमेरिका के साथ ही मंगल ग्रह पर पाए जाते हैं, लेकिन विशेषज्ञ आज से पहले कभी ये पता नहीं लगा पाए थे कि आख़िर ये रेगिस्तान कब बने.
अब वैज्ञानिकों ने पता लगाया है कि मोरक्को में लाला लालिया नाम का रेगिस्तान 13 हज़ार वर्ष पहले बना था.
स्टार ड्यून्स दिशा बदलने वाली विपरीत हवाओं से बनते हैं.
इस शोध को प्रकाशित करने वाले यूनिवर्सिटी ऑफ़ एबेरिस्तविद के प्रोफ़ेसर जॉफ़ डलर ने कहा कि इन रेगिस्तान की उम्र का पता लगाने से वैज्ञानिकों को उन हवाओं को समझने में मदद होगी और उस दौर के जलवायु के बारे में पता चलेगा.
लाला लालिया दक्षिण-पूर्व मोरक्को में स्थित है. यहां रेत के टीले 100 मीटर ऊंचे और 700 मीटर चौड़े हैं. ये रेगिस्तान बनने के बाद करीब 8000 सालों तक नहीं बढ़ा और फिर पिछले कुछ हज़ार सालों में ये तेज़ी से बढ़ता चला गया.
वैज्ञानिकों ने जिस विधि का इस्तेमाल किया गया उसमें ये पता लगाया गया है कि आख़िरी बार रेत के कण दिन की रोशनी के संपर्क में कब आए थे.
रेत के नमूने अंधेरे में लिए गए और फिर लैब में मंद रोशनी में पुराने फोटोग्राफ़ी वर्कशॉप की तरह इसका अध्ययन किया गया.
हैती में जेल तोड़कर भागे 3700 कैदी, सरकार ने लगाई इमरजेंसी
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कैरेबियाई देश हैती में
जेल तोड़कर कैदियों के भागने का मामला सामने आया है.
रविवार को सशस्त्र गुटों ने पोर्ट ऑ प्रिंस जेल पर हमला बोला था. इस हमले में कम से कम 12 लोग मारे गए हैं और 3700 कैदी जेल से फरार हुए हैं.
हैती सरकार ने इस घटना को
देखते हुए 72 घंटे के लिए इमरजेंसी
लगाने का एलान किया है.
साल 2020 के बाद से देश
में सशस्त्र गुटों के बीच हुई हिंसक झड़पों में हज़ारों लोग मारे गए हैं.
इन गुट के नेताओं का कहना है कि वे प्रधानमंत्री एरियल हेनरी का इस्तीफ़ा चाहते हैं.
इन गुटों का दावा है कि उन्होंने पोर्ट-ऑ-प्रिंस के 80 फ़ीसदी इलाके पर कब्ज़ा कर लिया है.
वहीं सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार बीते दिनों दो जेलों पर हमला किया गया.
सरकार ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ख़तरे वाली स्थिति बताते हुए कर्फ्यू लगाने का एलान किया.
हैती में ताज़ा हिंसा बीते गुरुवार को तब शुरू हुई जब प्रधानमंत्री ने नैरोबी का दौरा किया. इस दौरे पर उन्होंने केन्या की मल्टीनेशनल सिक्योरिटी फोर्स को हैती भेजने को लेकर चर्चा की.
न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, जेल के दरवाज़े रविवार को भी खुले थे और कहीं कोई अधिकारी मौजूद नहीं दिखा. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि भागने की कोशिश करने वाले तीन कैदियों के शव जेल में पड़े थे.
समाचार एजेंसी एएफ़पी के एक पत्रकार, जिन्होंने जेल जाकर स्थितियां देखीं, उन्होंने बताया कि करीब 10 शव वहां पड़े थे. इनमें से कुछ शवों में गोलियों के निशान दिखे थे
लालू यादव की टिप्पणी और 'मोदी का परिवार' मामले पर कांग्रेस ने क्या कहा?
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बिहार की राजधानी पटना में लालू यादव के भाषण के बाद अब बीजेपी और विपक्षी दलों के बीच 'परिवारवाद' के मुद्दे पर वार-पलटवार जारी है.
लालू यादव ने पटना में हुई महारैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परिवार ना होने को लेकर सवाल किया था.
इसके बाद सोमवार को पीएम मोदी ने तेलंगाना में एक रैली के दौरान कहा, ''देश के कोटि-कोटि लोग मुझे अपना मानते हैं. अपने परिवार के सदस्य की तरह मुझे प्यार करते हैं. इसलिए मैं कहता हूं कि 140 करोड़ देशवासी.. यही मेरा परिवार है. ये नौजवान यही मेरा परिवार है. आज देश की करोड़ों बेटियां माता-बहनें यही मोदी का परिवार है.''
मोदी बोले, ''आज देश का हर गरीब मेरा परिवार है. आज देश के कोटि कोटि बुजुर्ग मोदी का परिवार है. जिसका कोई नहीं है वो भी मोदी के हैं और मोदी उनका है. मेरा भारत मेरा परिवार है.''
इसके बाद भारतीय जनता पार्टी के कई बड़े नेताओं ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स में नाम के आगे 'मोदी का परिवार' जोड़ दिया.
अब कांग्रेस के नेताओं ने इस पूरे विवाद पर टिप्पणी की है.
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल से जब इस बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, "कल आप पटना में जनता का उत्साह देख सकते थे. हर दिन इंडिया गठबंधन बढ़ रहा है. इसलिए बीजेपी के लोग इतना चिढ़े हुए हैं."
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वहीं कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, "जिस परिवार का एक सदस्य आत्महत्या कर लेता है, चाहे वह किसान हो, नौजवान हो...उनके परिवार की चिंता नहीं है इन्हें. ये मुद्दों से भटकाने की साजिश है. उनको कोई चिंता नहीं है कि हर घंटे एक किसान आत्महत्या करता है इस देश में. उनके परिवार की चिंता अगर होती तो अपना बायो बदलकर ये लिख देते- किसान का परिवार."
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लालू प्रसाद यादव ने कहा था कि नरेंद्र मोदी आजकल परिवारवाद पर हमला कर रहे हैं. वे बताएं कि क्यों परिवार में उनको कोई संतान नहीं हुई. लालू यादव ने कहा था कि तुम्हारे (मोदी) पास परिवार नहीं है, वो हिंदू भी नहीं हैं.
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बीजेपी नेता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, "लालू प्रसाद यादव ने मोदी के लिए कहा कि वह हिंदू नहीं हैं. इस इंडी गठबंधन के लिए कोई भी हिंदू नहीं है. इनके लिए हिंदू अगड़ा है, पिछड़ा है, दलित है, सवर्ण है, उत्तर भारतीय है, दक्षिण भारतीय है, कन्नड़ है, तमिल है, तेलुगू है, मराठी है, पंजाबी है, बंगाली है और हिंदी है लेकिन हिंदू नहीं है. क्योंकि आपको टुकड़े में ही देखना है. आपकी नज़र ही वो टुकड़े वाली है."
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पंजाब के सीएम भगवंत मान और कांग्रेस विधायक प्रताप सिंह बाजवा के बीच विधानसभा में क्यों हुई बहस?
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पंजाब विधानसभा में सोमवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान और कांग्रेस के विधायक, सदन में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा के बीच बहस हुई.
समाचार एजेंसी एएनआई ने इस बहस का वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि कथित तौर पर राज्यपाल का भाषण विपक्षी विधायकों ने रोका, जिसके बाद ये कहासुनी शुरू हुई.
वीडियो में स्पीकर बार-बार सभी सदस्यों को बैठने के लिए कहते दिख रहे हैं.
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वहीं, विपक्षी नेताओं को ये कहते सुने जा सकता है कि कोई भी अच्छा लोकतंत्र ऐसा नहीं होता.
इसपर सीएम मान कहते हैं कि गवर्नर के भाषण को बाधित नहीं किया जा सकता है.
पूरे घटनाक्रम के बाद कांग्रेस विधायक प्रताप सिंह बाजवा ने मीडिया को बताया, "मेरे दलित सहयोगी और आदमपुर से विधायक सुखविंदर सिंह कोटली ने ये सवाल किया था कि भगवंत मान जी आपकी पार्टी ने तो दलित वर्ग से डिप्टी सीएम बनाने का वादा किया था, तो बताइए कि कब कृपा करेंगे. इन्होंने जब पाँच-सात बार नारा लगाया, तब भगवंत मान जी ने कहा कि मुझे लगता है कि इनको दौरा पड़ गया है. एक दलित शख्स से, सदन के एक सम्मानित सदस्य से इस तरह की बात कहना बहुत गलत है."
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बाजवा ने कहा कि भगवंत मान पंजाब की संस्कृति भूल गए.
उन्होंने भगवंत मान का इस्तीफ़ा मांगा और कहा कि कांग्रेस के विधायकों ने सदन का बहिष्कार किया. बाजवा ने ये भी कहा कि भगवंत मान भविष्य में जहां कहीं से संसदीय चुनाव लड़ेंगे, वे वहां उनके ख़िलाफ़ खड़े होंगे.
शहबाज़ शरीफ़ ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली
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शहबाज़ शरीफ़ ने सोमवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली है.
शहबाज़ शरीफ़ ने दूसरी बार पीएम की कुर्सी संभाली है. शपथग्रहण समारोह में नवाज़ शरीफ़, बिलावल भुट्टो ज़रदारी और पूर्व राष्ट्रपति
आसिफ अली ज़रदारी मौजूद रहे.
शपथ के वक़्त चीफ़ ऑफ
आर्मी स्टाफ जनरल असीम मुनीर भी उपस्थित थे.
शहबाज़ शरीफ़ का पाकिस्तान
के प्रधानमंत्री के तौर पर पहला कार्यकाल सिर्फ़ 16 महीनों का था.
अविश्वास प्रस्ताव के
ज़रिए इमरान ख़ान को प्रधानमंत्री की कुर्सी से हटाकर जब वह पहली बार पीएम बने तो
उनके बड़े भाई नवाज़ शरीफ़ देश में मौजूद नहीं थे.
हाल ही में हुए चुनाव में पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) यानी पीएमएलन अपनी उम्मीदों के उलट राष्ट्रीय असेंबली में स्पष्ट बहुमत हासिल नहीं कर पाई.
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार नब्बे से अधिक सीट लेकर सबसे बड़े
समूह बनकर उभरे.
पीएमलएन दूसरे नंबर पर
रही और कुछ आज़ाद उम्मीदवारों को साथ मिलाकर उनकी सीटें लगभग 80 सीटें हुईं थीं.
कुछ शुरुआती ऊहापोह और
हिचकिचाहट के बाद उनकी पार्टी और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने केंद्र में सरकार
बनाने का फ़ैसला किया.
नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दाहाल 'प्रचंड' ने अब केपी शर्मा ओली के साथ बनाया नया गठबंधन
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इमेज कैप्शन, केपी ओली और पुष्प कमल दाहाल प्रचंड
नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दाहाल 'प्रचंड' ने मतभेदों की वजह से नेपाली कांग्रेस के साथ अपनी लगभग 15 महीने की साझेदारी को खत्म करने के बाद सोमवार को पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली के साथ नया गठबंधन बनाने का फ़ैसला किया है.
नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी सेंटर) के एक नेता ने कहा कि प्रचंड के नेतृत्व वाली सीपीएन और शेर बहादुर देउबा के नेतृत्व वाली नेपाली कांग्रेस के बीच गठबंधन खत्म हो गया है क्योंकि दोनों शीर्ष नेताओं के बीच मतभेद काफी गहरे हो गए हैं.
सीपीएन-माओवादी सेंटर पार्टी के सचिव गणेश शाह ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, "चूंकि नेपाली कांग्रेस प्रधानमंत्री के साथ सहयोग नहीं कर रही है, इसलिए हमें नए गठबंधन की ओर देखने के लिए मजबूर होना पड़ा."
प्रचंड ने 25 दिसंबर 2022 को नेपाली कांग्रेस के समर्थन से तीसरी बार प्रधानमंत्री की कुर्सी संभाली थी.
संसद में सबसे बड़े दल नेपाली कांग्रेस से गठबंधन तोड़ने के बाद प्रचंड ने अब केपी शर्मा ओली की अगुवाई वाली कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ नेपाल (यूनिफ़ाइड मार्क्सवादी-लेनिनवादी) के साथ गठजोड़ किया है. ओली को प्रचंड के सबसे बड़े आलोचकों में गिना जाता है.
बीते साल सीपीएन-यूएमएल ने प्रचंड की अगुवाई वाली सरकार से समर्थन वापस ले लिया था. उस समय राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को लेकर दोनों पार्टियों में मतभेद गहरा गए थे.
नवंबर 2022 में हुए चुनाव में नेपाली कांग्रेस 275 में से 89 सीटों पर जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी थी. सीपीएन-यूएमएल ने इस चुनाव में 78 सीटे जीती थीं, वहीं माओवादी-सेंटर ने 32 सीटें जीती थीं.
इस चुनाव में आरएसपी, राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी, जनता समाजवादी पार्टी और सीपीएन-यूनिफ़ाइड सोशलिस्ट के खाते में क्रमशः 20, 14, 12 और 10 सीटे आई थीं.
नेपाल में सरकार बनाने के लिए 138 सांसदों की ज़रूरत होती है.
बीजेपी सांसद उपेंद्र रावत वीडियो वायरल होने के बाद चुनाव से पीछे हटे, क्या कहा?
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यूपी के बाराबंकी से
बीजेपी सांसद उपेंद्र सिंह रावत ने एक वीडियो वायरल होने के बाद अपनी उम्मीदवारी
वापस लेने का एलान किया है.
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उपेंद्र सिंह रावत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''मेरा एक एडिटेड वीडियो वायरल किया जा रहा है, जो डीपफेक एआई तकनीक से बनाया गया है. मैंने एफ़आईआर दर्ज करवा दी है.''
वो लिखते हैं, ''इसके संदर्भ में मैंने माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष जी से निवेदन किया है कि इसकी जाँच करवाई जाए. जब तक मैं निर्दोष साबित नहीं होता, सार्वजनिक जीवन में कोई चुनाव नहीं लड़ूँगा.''
उपेंद्र सिंह रावत को कुछ दिनों पहले बीजेपी ने बाराबंकी से टिकट दी थी.
मगर टिकट दिए जाने के बाद एक वीडियो वायरल हुआ, जिसके बारे में दावा किया जा रहा है कि वीडियो में दिख रहे शख़्स उपेंद्र सिंह रावत हैं. इस वीडियो में दिख रहा शख़्स एक महिला के साथ नज़र आ रहा है.
उपेंद्र सिंह रावत दूसरे ऐसे बीजेपी उम्मीदवार हैं, जिन्होंने टिकट मिलने के बाद अपना नाम वापस लिया है.
इससे पहले आसनसोल से पवन सिंह को बीजेपी ने टिकट दी थी. मगर पवन सिंह ने भी चुनाव लड़ने से इनकार किया था.
पवन सिंह ने लिखा था, ''भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को दिल से आभार प्रकट करता हूं. पार्टी ने मुझ पर विश्वास करके आसनसोल का उम्मीदवार घोषित किया लेकिन किसी कारण वश में आसनसोल से चुनाव नहीं लड़ पाऊंगा.''
झारखंड सरकार ने गैंगरेप सर्वाइवर स्पैनिश महिला को 10 लाख रुपये का मुआवज़ा दिया
....में
Author, रवि प्रकाश
पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए, रांची से
झारखंड के दुमका ज़िले में गैंगरेप की सर्वाइवर स्पैनिश महिला को राज्य सरकार ने दस लाख रुपये का मुआवजा दिया है.
दुमका के उपायुक्त (डीसी) ए डोडे ने उनके पति को इस रकम का चेक सौंपा है. इस दौरान एसपी पीतांबर सिंह खेरवार भी मौजूद थे.
यह चेक देने के लिए डीसी और एसपी सर्किट हाउस गए. स्पैनिश महिला और उनके पति को सर्किट हाउस में पुलिस सुरक्षा में रखा गया है.
दुमका के डीसी ने एक्स पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी है.
उन्होंने कहा कि यह राशि विक्टिम कंपनशेसन स्कीम के तहत दी गई है. झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार ने इसकी पहल की थी.
स्पेन के दिल्ली स्थित दूतावास ने सोशल मीडिया पर इस पहल के लिए धन्यवाद कहा है और लोगों के समर्थन के लिए आभार जताया है.
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इस बीच अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर पोस्ट किए गए वीडियो में सर्वाइवर महिला कहती हैं, “हमारे साथ जो हुआ, वह गलत था लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि भारत या यहाँ के लोग खराब हैं. हर जगह अच्छे-बुरे लोग होते हैं. पुलिस अपना काम कर रही है. हम लोग सही-सलामत हैं.''
वो एक तस्वीर साझा करते हुए रेप के अभियुक्त के बारे में बताती हैं और उसे लोगों से साझा करने के लिए कहती हैं ताकि पुलिस अभियुक्त को पकड़ सके.
एक और वीडियो में वो कहती है, “हम अपना काम नहीं रोकेंगे. हमारे साथ जो हादसा हुआ, किसी के साथ हो सकता है. कहीं भी हो सकता है. स्पेन में भी हमारा सामान चोरी हुआ. हमारे साथ इसलिए घटना नहीं हुई कि हम भारत में हैं. ब्राज़ील और दूसरे देशों में भी रेप होते हैं.”
भारत पर 'बिग बुली' होने के आरोप के जवाब में क्या बोले जयशंकर
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, एस. जयशंकर (फाइल फोटो)
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि भारत अपने पड़ोसियों पर धौंस नहीं जमाता.
नई दिल्ली में एक किताब के विमोचन समारोह के दौरान जब उनसे कहा गया गया कि भारत को उप महाद्वीप और हिंद महासागर क्षेत्र के देशों पर धौंस जमाने वाले देश के तौर पर देखा जाता है तो जयशंकर ने कहा कि ऐसा होता तो भारत संकट में पड़ोसी देशों को 4.5 अरब डॉलर की मदद नहीं देता.
जयशंकर ने कहा,'' दुनिया के इस हिस्से में जो बड़ा बदलाव हुआ है वो भारत और इसके पड़ोसी देशों के संबंधों में दिखता है. जब आप कहते हैं कि भारत को एक बिग बुली के तौर पर देखा जाता है तो मैं यही कहूंगा कि बिग बुली संकट में फंसे अपने पड़ोसियों की साढ़े चार अरब डॉलर की मदद नहीं करते. जब कोविड पूरी तरह फैला हो तो 'बिग बुली' उन्हें वैक्सीन की सप्लाई नहीं करते. जब दुनिया के किसी हिस्से में भोजन, ईंधन और फर्टिलाइज़र की कमी ने लोगों का जीना दूभर कर दिया हो तो बिग बुली माने जाने वाले देश अपने ही नियम तोड़ कर उनकी मदद नहीं करते.''
इमेज स्रोत, @AnantaAspen
इमेज कैप्शन, एस. जयशंकर बुक लॉन्च कार्यक्रम में
जयशंकर ने कहा कि आप भारत, बांग्लादेश और नेपाल के रिश्तों में ये बदलाव देख सकते हैं, ''अच्छे संबंधों की वजह से पड़ोसी देशों के पास पावर ग्रिड और ऐसी सड़के हैं जो एक दशक पहले नहीं हुआ करती थीं. रेलवे नेटवर्क है. जलमार्गों का इस्तेमाल हो रहा है. भारतीय कंपनियां बांग्लादेश के बंदरगाहों का इस्तेमाल कर रही हैं. उन्होंने कहा कि आप भारत, बांग्लादेश और नेपाल के रिश्तों में ये बदलाव देख सकते हैं, ''
जयशंकर का ये वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
ईडी के समन पर केजरीवाल नहीं हुए हाज़िर, बीजेपी और 'आप' ने क्या कहा?
इमेज स्रोत, AAP
इमेज कैप्शन, अरविंद केजरीवाल (फाइल फोटो)
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को ईडी ने आज
यानी चार मार्च को पूछताछ के लिए बुलाया है.
ये ईडी का आठवां समन है.
इससे पहले केजरीवाल ईडी के सामने पेश नहीं हुए हैं और उन्होंने लिखित जवाब ही जांच एजेंसी
को भेजे हैं.
ईडी दिल्ली में कथित शराब
घोटाले मामले में केजरीवाल से पूछताछ करना चाहती है.
आज ही दिल्ली विधानसभा
में आम आदमी पार्टी सरकार बजट पेश कर रही है.
दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ
भारद्वाज ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, ''बहुत दिनों से बीजेपी के मंत्री, प्रवक्ता कह रहे थे कि सीएम सवालों से बच रहे हैं. हम ये
बात कह रहे थे कि मामला सवालों का नहीं, गिरफ़्तारी का है. अब सीएम ने बीच का रास्ता निकाल दिया है कि जैसे ही बजट
सत्र पूरा हो जाता है, वो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सवालों के जवाब देने के लिए उपलब्ध रहेंगे. ''
वो बोले, ''वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए जो आपके पास सवाल है,
वो पूछिए. सीएम साहब उनका जवाब सत्यनिष्ठा से देंगे. ईडी का काम भी
पूरा हो जाएगा, सीएम का काम भी
हो जाएगा. अब बहानेबाज़ी बीजेपी करेगी. अगर सवालों की ही बात है तो वीडियो
कॉन्फ्रेंसिंग करिए. अब तो सुप्रीम कोर्ट में भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग होती है.''
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बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने कहा,''मैं बहुत आश्चर्यचकित हूं कि दिल्ली के सीएम केजरीवाल सवालों से ऐसे थर-थर कांप रहे हैं कि ईडी के सामने आया तो पकड़कर खटाक से जेल में बंद कर देंगे. इतना डर केजरीवाल जी आपको क्यों है. दिल्ली में ऐसी चर्चा हो रही है कि दसवें समन पर गिरफ़्तारी होती है. झारखंड में ऐसा हुआ भी. केजरीवाल का ये डर ही बता रहा है कि वो भ्रष्टाचारी हैं. मुझे लगता है कि वो थोड़ा टालना चाह रहे हैं.''
बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने एक्स पर अपने नाम के साथ जोड़ा- मोदी का परिवार
इमेज स्रोत, BJP/X
केंद्रीय मंत्रियों समेत
बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने नाम के साथ 'मोदी का परिवार' जोड़ा है.
जिन नेताओं ने 'मोदी का परिवार' नाम में जोड़ा है, उनमें अमित शाह, नितिन गडकरी,
पीयूष गोयल, अनुराग ठाकुर, ज्योतिरादित्य सिंधिया, किरेन रिजिजू, शिवराज सिंह चौहान और जेपी नड्डा शामिल हैं.
पीएम नरेंद्र मोदी ने
सोमवार को तेलंगाना की एक रैली में कहा, ''देश के कोटि-कोटि लोग मुझे अपना मानते हैं. अपने परिवार के सदस्य की तरह मुझे
प्यार करते हैं. इसलिए मैं कहता हूं कि 140 करोड़ देशवासी.. यही मेरा परिवार है. ये नौजवान यही मेरा परिवार है. आज देश
की करोड़ों बेटियां माता-बहनें यही मोदी का परिवार है.''
मोदी बोले, ''आज देश का हर गरीब मेरा परिवार है. आज देश के
कोटि कोटि बुजुर्ग मोदी का परिवार है. जिसका कोई नहीं है वो भी मोदी के हैं और
मोदी उनका है. मेरा भारत मेरा परिवार है.''
इससे पहले लालू प्रसाद
यादव ने महागठबंधन की रैली में एक दिन पहले पीएम मोदी पर निशाना साधा था.
लालू यादव ने कहा था,
''मोदी कोई चीज़ है क्या. ये नरेंद्र मोदी आजकल
परिवारवाद पर हमला कर रहा है. तुम बताओ न कि तुमको कोई संतान नहीं हुआ. बताओ.
ज्यादा संतान होने वाले लोगों को बोलता कि परिवारवाद है. परिवार के लिए लोग लड़
रहे हैं. तुम्हारे पास परिवार नहीं है. तुम हिंदू भी नहीं हो. तुम्हारी माता जी का
जब देहांत हो गया तो हर हिंदू अपनी मां के लिए शोक में केश दाढ़ी छिलवाता है.
क्यों नहीं छिलवाया? बताओ.''
2019 लोकसभा चुनाव से पहले राहुल गांधी ने पीएम मोदी के लिए चौकीदार ही चोर है का नारा कहा था.
इसके बाद बीजेपी नेताओं ने अपने सोशल मीडिया हैंडल्स पर चौकीदार शब्द जोड़ लिया था.
बीजेपी ने जीता चंडीगढ़ के सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पद का चुनाव
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इमेज कैप्शन, चंडीगढ़ नगर निगम में बहस के दौरान बीजेपी पार्षद
बीजेपी ने चंडीगढ़ नगर निगम के सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पद का चुनाव जीत लिया है.
सीनियर डिप्टी मेयर के लिए हुए चुनाव में कुलदीप सिंह संधू को 19 वोट मिले जबकि कांग्रेस के गुरप्रीत गाबी ने 16 वोट हासिल किए गए. एक वोट को अमान्य घोषित कर दिया गया.
डिप्टी मेयर पद के लिए हुए चुनाव में भी बीजेपी उम्मीदवार को जीत मिली है.
बीजेपी उम्मीदवार राजिंदर शर्मा डिप्टी मेयर पद के लिए 19 वोट हासिल कर कामयाब रहे. उनके विरोधी 'आप' और कांग्रेस के साझा उम्मीदवार को 17 वोट मिले.
सुप्रीम कोर्ट ने 20 फरवरी को चंडीगढ़ के मेयर पद का चुनाव खारिज़ कर दिया था और कांग्रेस के उम्मीदवार को मेयर घोषित कर दिया था.
मेयर पद के लिए आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के साझा उम्मीदवार कुलदीप कुमार को पहले पराजित घोषित कर दिया गया था.
लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह को गड़बड़ी करने का दोषी पाया था और बीजेपी उम्मीदवार का चुनाव रद्द कर दिया था.
LIVE: हिमाचल प्रदेश में हुए सियासी उलटफेर पर क्या सोचते हैं राज्य के लोग?
रिपोर्टर- राघवेंद्र राव
कैमरा- शाहनवाज़ अहमद
केजरीवाल सरकार का एलान- दिल्ली में 18 साल से ज़्यादा उम्र की महिलाओं को हर महीने दिए जाएंगे एक हज़ार रुपये
इमेज स्रोत, AAP
इमेज कैप्शन, आतिशी
दिल्ली
की आम आदमी पार्टी सरकार ने सोमवार को बजट सत्र के दौरान महिलाओं के लिए अहम एलान
किया है.
दिल्ली
सरकार की मंत्री आतिशी ने बजट भाषण पढ़ते हुए एलान किया कि केजरीवाल सरकार अब 18 साल से ज़्यादा उम्र की हर महिला को हर महीने एक हज़ार
रुपये देगी.
ये
राशि मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना के तहत दी जाएगी.
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एलान करते हुए आतिशी ने कहा,''दिल्ली के सीएम केजरीवाल बड़े बेटे का कर्तव्य निभाते हुए साल 2024-25 के लिए बड़ी क्रांतिकारी योजना लेकर आ रहे हैं. ये शायद 2024-25 के बजट का सबसे बड़ा कदम है. इस योजना का नाम है- मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना.''
आतिशी ने कहा, ''इसके तहत 18 साल की उम्र से ज़्यादा की हर महिला को हज़ार रुपये महीना की सम्मान राशि दी जाएगी.''
आतिशी बोलीं,''बहन बेटियों को घर के बड़े हाथ में पैसे रखते हैं. मुख्यमंत्री केजरीवाल दिल्ली परिवार के बड़े के तौर पर दिल्ली की बहन बेटियों के लिए एक बहुत बड़ा कदम उठा रहे हैं.''