असम कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राणा गोस्वामी बीजेपी में शामिल हुए

असम प्रदेश कांग्रेस को गुरुवार को एक झटका लगा है, उसके कार्यकारी अध्यक्ष ने ही पाला बदल लिया.

लाइव कवरेज

कीर्ति दुबे and संदीप राय

  1. ईडी की टीम पर हमले के मामले में टीएमसी नेता शाहजहां शेख़ हुए गिरफ़्तार- पुलिस

    शेख़ शाहजहां

    पश्चिम बंगाल पुलिस ने ईडी की टीम पर हमले के मामले में तृणमूल कांग्रेस के नेता शाहजहां शेख़ को गुरुवार को गिरफ़्तार कर लिया.

    उनकी गिरफ़्तारी पाँच जनवरी की घटना में की गई है.

    क्या शाहजहां शेख़ पर यौन उत्पीड़न के केस हैं, इस पर दक्षिण बंगाल के एडीजी सुप्रतिम सरकार ने कहा- “इस केस में ऐसी कोई धारा नहीं है, इसमें सीआरपीसी 354 नहीं लगाया गया है. शेख़ पर यौन शोषण के केस हैं लेकिन वो मामले 7-8 फरवरी के बाद सामने आए हैं. ये आरोप दो -तीन साल पुराने हैं और उनकी जांच में समय लगेगा. जिसमें गिरफ्तारी हुई है वो केस 5 जनवरी की घटना का है जिसमें ईडी जब उनके यहां छापे मारने पहुंची तो ईडी के अधिकारियों पर हमला करने का आरोप है. ”

    पुलिस ने ये भी बताया है टीएमसी नेता की गिरफ़्तारी में इतनी देरी क्यों हुई.

    सरकार ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में एक सवाल के जवाब में कहा, “जिस केस में शाहजहां शेख़ की गिरफ्तारी हुई है, उसमें हाई कोर्ट में ईडी ने स्टे लगाने की मांग की थी और हाई कोर्ट ने जांच पर स्टे लगा दिया था. अब हालिया फ़ैसले में हाई कोर्ट ने साफ़ बताया कि गिरफ्तारी हो सकती है तो दो दिन तक हमने कई छापेमारियां कीं और शेख़ को उत्तर 24 परगना ज़िले के मिनांखा से गिरफ़्तार किया गया.”

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    शाहजहां शेख पर 24 उत्तर परगना के संदेशखाली गांव की महिलाओं का यौन उत्पीड़न करने और गांव वालों की ज़मीन हड़पने का भी आरोप है.

    इसी हफ़्ते कलकत्ता हाई कोर्ट ने कहा था कि पश्चिम बंगाल पुलिस शाहजहां शेख़ को गिरफ़्तार करे. इससे पहले तक टीएमसी की दलील थी कि कोर्ट के पुराने आदेशों के कारण उसके हाथ बंधे हुए हैं और वो शेख़ की गिरफ़्तारी नहीं कर पा रही है.

    लेकिन अदालत के इस निर्देश के बाद टीएमसी ने कहा था कि सात दिन के अंदर शाहजहां शेख़ की गिरफ़्तारी हो जाएगी.

  2. पंजाब पुलिस ने किसान प्रदर्शन के दौरान मारे गए शख़्स को लेकर दर्ज की एफ़आईआर

    शुभकरण सिंह

    किसानों के प्रदर्शन के दौरान खनौरी बॉर्डर पर एक युवक शुभकरण सिंह की मौत के सात दिन बाद पंजाब पुलिस ने बुधवार को हत्या का केस दर्ज किया.

    21 साल के शुभकरण सिंह भटिंडा के रहने वाले थे. 21 फरवरी को किसानों के आंदोलन के दौरान उनकी मौत हुई थी.

    इस मौत की पुष्टि पंजाब पुलिस ने तो की थी लेकिन हरियाणा पुलिस ने शुरुआत में इस मौत की ख़बर को अफ़वाह बताया था.

    दरअसल जब किसान 'दिल्ली चलो' मार्च कर रहे थे और वह हरियाणा- पंजाब की सीमा पर लगाए गए पुलिस के बैरिकेड की ओर बढ़े तो इसे लेकर सुरक्षाबलों और किसानों के बीच झड़प हुई.

    इस घटना के बाद मार्च को कुछ समय के लिए रोक दिया गया.

    वहीं, किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा है, “आज किसान शुभकरण सिंह का शव खनौरी बॉर्डर पर ले जाएंगे.”

    पंजाब पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 302 (हत्या) के तहत ये केस दर्ज किया है. ये केस अभी अज्ञात लोगों पर दर्ज किया गया है.

    13 फरवरी से किसानों ने दिल्ली चलो मार्च की शुरुआत की. किसान संयुक्त मोर्चा-ग़ैर सरकारी के नेतृत्व में किसान प्रदर्शन कर रहे हैं. उनकी मांग है कि एमएसपी को कानूनी गारंटी बनायी जाए.

  3. श्रेयस अय्यर और ईशान किशन को बीसीसीआई ने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से क्यों किया बाहर

  4. बीजेपी सबसे अमीर पार्टी, एडीआर ने बताई बीजेपी की आय

    बीजेपी

    इमेज स्रोत, Getty Images

    असोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि छह राजनीतिक दलों ने साल 2022-23 की अपनी आय घोषित कर दी है. जो 3077 करोड़ रुपये है. इसमें से लगभग 2361 करोड़ रुपये बीजेपी की आय है.

    एडीआर के अनुसार, वित्त वर्ष 2022-23 में छह राष्ट्रीय दलों की कुल आय का 76.7 फ़ीसदी हिस्सेदारी बीजेपी की है.

    कांग्रेस ने 452.375 करोड़ रुपये की आय घोषित की है जो इस फेहरिस्त में दूसरे पायदान पर है. ये राशि छह दलों की कुल आय का 14.70 फ़ीसदी है.

    कांग्रेस के अलावा बीएसपी, आम आदमी पार्टी, नेशनल पीपल्स पार्टी और सीपीआई(एम) ने अपनी आय घोषित की है.

    एनडीआर के अनुसार वित्तीय साल 2021-22 और 2022-23 के बीच बीजेपी की आय में काफ़ी इज़ाफ़ा हुआ है. साल 2021-22 में पार्टी की आय 1917.12 करोड़ थी जो 2022-23 में बढ़ कर 2360.844 करोड़ हो गई.

    इसी तरह आम आदमी पार्टी की आय साल 2021-22 में 44.53 करोड़ रुपये से बढ़ कर 2022-23 में 85.17 करोड़ हो गई जो 91.23 फ़ीसदी का उछाल है.

    कांग्रस ने बताया है कि उसकी आय 452.375 करोड़ थी लेकिन कुल खर्च 467.135 करोड़ रहा.

    वहीं बीजेपी ने बताया कि उसकी आदमनी 2022-23 में 2360.844 करोड़ रुपये थी लेकिन खर्च 1361.684 करोड़ रुपये है.

  5. पश्चिम बंगाल के संदेशखाली यौन उत्पीड़न मामले में टीएमसी नेता शाहजहां शेख़ गिरफ़्तार

      • Author, प्रभाकर मणि तिवारी
      • पदनाम, कोलकाता से, बीबीसी हिंदी के लिए
    शाहजहां शेख़

    इमेज स्रोत, BBC/SanjayDas

    पश्चिम बंगाल पुलिस ने गुरुवार को टीएमसी नेता शाहजहां शेख़ को संदेशखाली यौन उत्पीड़न केस में गिरफ़्तार कर लिया.

    उन पर 24 उत्तर परगना के संदेशखाली गांव की महिलाओं का यौन उत्पीड़न करने और गांव वालों की ज़मीन हड़पने का आरोप है.

    शेख़ को उत्तर 24 परगना ज़िले के मिनांखा से गिरफ़्तार किया गया.

    मिनांखा थाने के एक पुलिस अधिकारी ने नाम ना छापने की शर्त पर बीबीसी से गिरफ़्तारी की पुष्टि की है.

    इस गिरफ़्तारी की पुष्टि समाचार एजेंसी पीटीआई ने भी की है.

    बीबीसी को पुलिस अधिकारी ने बताया कि शाहजहां शेख़ को बशीरहाट अदालत में ले जाया गया है. जहां उनकी पेशी होगी.

    दक्षिण बंगाल के एडीजी सुप्रतिम सरकार सुबह नौ बजे इस मामले पर औपचारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे.

    इसी हफ़्ते कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा था कि पश्चिम बंगाल पुलिस शाहजहां शेख़ को गिरफ़्तार करे. इससे पहले तक टीएमसी की दलील थी कि कोर्ट के पुराने आदेशों के कारण उसके हाथ बंधे हुए हैं और वो शेख़ की गिरफ़्तारी नहीं कर पा रही है.

    लेकिन अदालत के इस निर्देश के बाद टीएमसी ने कहा था कि सात दिन के अंदर शाहजहां शेख़ की गिरफ़्तारी हो जाएगी.

    वहीं राज्य में बीजेपी के नेता शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया है कि "पुलिस और शाहजहां शेख के बीच डील हो गई है कि उन्हें पुलिस की हिरासत में पांच सितारा होटल की सुविधा दी जाएगी."

    उन्होंने बीती रात एक्स पर लिखा- “ शाहजहां शेख कल रात 12 बजे से ममता पुलिस की सुरक्षित हिरासत में है. ममता बनर्जी की पुलिस और उनके बीच एक समझौता हुआ है कि पुलिस और न्यायिक हिरासत में रहने के दौरान उनकी उचित देखभाल की जाएगी. जेल में रहने के दौरान उन्हें पांच सितारा होटल की सुविधाएं दी जाएंगी और एक मोबाइल फोन तक मुहैया कराया जाएगा.”

    “यहां तक कि वुडबर्न अस्पताल में एक बिस्तर भी उसके लिए तैयार रखा जाएगा ताकि वह अगर वहां कुछ समय रहना चाहें तो रहें.”

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  6. भारत ने यूएन में क्यों कहा- तुर्की आंतरिक मामलों पर टिप्पणी ना करे

    यूएन, अनुपमा सिंह

    इमेज स्रोत, UNHC

    संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार परिषद में भारत ने तुर्की और पाकिस्तान को जवाब देते हुए कहा है कि भारत के आंतरिक मामले में इन देशों को टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है.

    इन दोनों ही देशों ने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर को लेकर टिप्पणी की थी.

    संयुक्त राष्ट्र के 55वें मानवाधिकार परिषद में भारत की प्रथम सचिव अनुपमा सिंह ने ‘राइट टू रिप्लाई’ के तहत तुर्की को जवाब देते हुए कहा, “हमें दुख है कि तुर्की ने भारत के आंतरिक मामले पर टिप्पणी की. उम्मीद है कि वह आगे इस तरह के ग़ैर-ज़रूरी बयान से बचेगा.”

    पाकिस्तान के बयान पर अनुपमा सिंह ने विस्तृत जवाब देते हुए कहा, “पाकिस्तान ने कई संदर्भ में भारत का नाम लिया है. उसने एक बार फिर मानवाधिकार परिषद के मंच का ग़लत इस्तेमाल झूठे आरोप लगाने के लिए किया है.”

    अनुपमा सिंह ने कहा, “जम्मू- कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है. केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर में सामाजिक-आर्थिक विकास और सुशासन सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार ने जो क]दम उठाए हैं, वो हमारा आंतरिक मामला है. पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है.”

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    पाकिस्तान में मानवाधिकारों के उल्लंघन को लेकर उन्होंने कहा, “एक ऐसा देश जिसने अपने ही अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न को संस्थागत बना दिया है और जिसका मानवाधिकार रिकॉर्ड इतना ख़राब है कि उसका भारत पर टिप्पणी करना,विडंबनापूर्ण ही है बल्कि अमान्य है. इसका उदाहरण है साल 2023 के अगस्त में पाकिस्तान के जारनवाला शहर में अल्पसंख्यक ईसाई समुदाय के खिलाफ बड़े पैमाने पर की गई क्रूरता. जब 19 चर्च जला दिए गए और 89 ईसाई लोगों के घर जला दिए गए थे.”

    “पाकिस्तान वो देश है जो यूएन सुरक्षा परिषद की ओर से आतंकवादी घोषित किए गए लोगों को पनाह देता है और वह भारत पर आरोप लगा रहा है जिसकी लोकतांत्रिक साख दुनिया के सामने है.”

    अनुपमा सिंह ने ये भी कहा कि हम उस देश की बातों पर और वक्त ज़ाया नहीं कर सकते जो दुनिया भर में प्रायोजित आतंकवाद के ख़ून से सना हुआ है, कर्ज़ में डूबा हुआ है और अपने ही देश के लोगों के हितों की रक्षा करने में नाकाम हुआ है.

  7. नमस्कार,

    आपका दिन शुभ हो.

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