कानपुर में दो बच्चियों का शव पेड़ से लटका मिला, गिरफ़्तार किए गए तीन अभियुक्त हैं रिश्तेदार

उत्तर प्रदेश के कानपुर में दो बच्चियों का शव पेड़ से लटका मिलने के बाद पुलिस ने बयान दिया है.

लाइव कवरेज

कीर्ति दुबे and संदीप राय

  1. हिमाचल प्रदेश विधानसभा से बीजेपी के 15 विधायकों को निष्कासित किए जाने पर बोले अनुराग ठाकुर

    अनुराग ठाकुर

    इमेज स्रोत, ANI

    हिमाचल प्रदेश विधानसभा से नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर सहित बीजेपी के 15 विधायकों को निष्कासित किए जाने पर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने प्रतिक्रिया दी है.

    अनुराग ठाकुर ने कहा है, "जितना मर्ज़ी अन्याय कर लें, इससे कुछ होने वाला नहीं है. एक बात स्पष्ट है कि हिमाचल की जनता किसी बाहर वाले को भी राज्यसभा के उम्मीदवार के रूप में, जो कांग्रेस लाई, उसे स्वीकार नहीं करेगी. ये कांग्रेस के नेताओं-विधायकों को भी स्वीकार नहीं था. साथ ही साथ ये एक मौका था अपना आक्रोश दिखाने का, वो उन्होंने दिखाया है लेकिन जो स्पीकर महोदय ने किया वो अनुचित है."

    ठाकुर ने कहा, "अगर उनके पास नंबर्स (संख्याबल) नहीं है तो उसका पहला उदाहरण उन्होंने खुद दे दिया है कि बीजेपी के विधायकों पर गाज गिरा रहे हैं, जहां एक ओर उनके अपने विधायक साथ छोड़कर जा रहे हैं."

    छोड़िए X पोस्ट, 1
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 1

    सोमवार को हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा की एक सीट के लिए हुए मतदान में कांग्रेस के छह विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की.

    इस चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार अभिषेक मनु सिंघवी को हरा कर बीजेपी उम्मीदवार हर्ष महाजन की जीत हुई.

    इसके बाद से राज्य में सियासी संकट गहरा गया है.

    बुधवार को विक्रमादित्य सिंह ने सुक्खू सरकार में मंत्री पद से इस्तीफ़ा दिया.

    इसके बाद विधानसभा स्पीकर ने बीजेपी के 15 विधायकों को निष्कासित कर दिया.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान स्पीकर ने विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर सहित 15 विधायकों को निष्कासित किया है.

    छोड़िए X पोस्ट, 2
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 2

    राज्य सरकार में मंत्री रहे और पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफ़ा देने का एलान किया.

    उन्होंने कहा, "जनता के लिए कड़े फ़ैसले लेने पड़ते हैं. वर्तमान समय में मेरा मंत्री पद पर बने रहना ठीक नहीं है इसलिए मैं मंत्री पद से इस्तीफ़ा दे रहा हूं. हम चाहेंगे कि सरकार बची रहे.

    मंगलवार को राज्यसभा की एक सीट पर चुनाव में क्रॉस वोटिंग से शुरू हुआ विवाद अब कांग्रेस के लिए राज्य में सरकार बनाए रखने की चुनौती बन चुका है.

    कांग्रेस के छह विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की और इसके बाद ये विधायक हरियाणा में हैं.

    कांग्रेस नेतृत्व ने मामले को संभालने के लिए वरिष्ठ नेता और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंदर हुड्डा और कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को शिमला भेजा है.

  2. कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने हिमाचल प्रदेश राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग की वजह क्या बताई?

    कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी

    इमेज स्रोत, ANI

    हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग के बाद पैदा हुए राजनीतिक संकट को लेकर कांग्रेस पार्टी के सांसद प्रमोद तिवारी ने बीजेपी को घेरा है.

    उन्होंने कहा, "भारतीय जनता पार्टी जबसे आई है, धनबल का दुरुप्रयोग, सरकारी एजेंसियों का इस तरह से इस्तेमाल होने लगा है जैसे वह उनकी (बीजेपी) फ्रंटल ऑर्गनाइज़ेशन हो. इनकी वजह से क्रॉस वोटिंग होने लगी है. दल-बदल होने लगे हैं. ये कोई नई बात नहीं है. दुर्भाग्य ये है कि हम एक प्रतिष्ठित उम्मीदवार सिंघवी (अभिषेक मनु सिंघवी) को चुनाव नहीं जीता पाए. इसका हम सबको दुख है."

    उन्होंने कहा, "हमारे दो वरिष्ठ नेता वहां पर गए हैं. मुझे पूरा भरोसा है कि वो वहां जाँच कर के हाई कमान को रिपोर्ट सौपेंगे."

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

    सोमवार को हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा की एक सीट के लिए हुए मतदान में कांग्रेस के छह विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की.

    इस चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार अभिषेक मनु सिंघवी को हरा कर बीजेपी उम्मीदवार हर्ष महाजन की जीत हुई.

    इसके बाद आज पार्टी के बड़े नेता और सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार में मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने भी अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया. ऐसे में राज्य में कांग्रेस सरकार पर संकट गहराता दिख रहा है.

  3. यूपी में 8 राज्यसभा सीटों पर जीत के बाद बीजेपी ने लोकसभा चुनाव को लेकर किया ये दावा

    बीजेपी

    इमेज स्रोत, ANI

    मंगलवार को हुए राज्यसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश से बीजेपी के सभी आठ उम्मीदवारों की जीत हुई है.

    इसके बाद राज्यसभा चुनाव जीतने वाले सुधांशु त्रिवेदी ने दावा किया कि बीजेपी प्रदेश की सभी 80 लोकसभा सीटें जीतेगी.

    समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए त्रिवेदी ने कहा- “ये बहुत खुशी की बात है कि हमारे सभी आठ उम्मीदवार जीत गए हैं. ज़ाहिर है ये भविष्य की ओर इशारा है और हम राज्य की सभी लोकसभा सीटें जीत रहे हैं. इस बार एनडीए 400 के पास होगी.”

    समाजवादी पार्टी के विधायकों के क्रॉस-वोटिंग करने पर उन्होंने कहा-“समाजवादी पार्टी को खुद सोचना चाहिए कि ऐसी स्थिति क्यों आयी.”

    बीजेपी के एक और राज्यसभा चुनाव जीतने वाले नेता आरपीएन सिंह ने भी कहा कि राज्य की सभी 80 सीटें बीजेपी को मिलने वाली हैं.

    सपा के विधायकों को तोड़ने के आरोप पर आरपीएन सिंह ने कहा, “सपा के बारे में पूरा यूपी जानता है. जब वे सत्ता में थे तो गुंडागर्दी और लूटपाट करते थे. यूपी की जनता ने प्रदेश की सभी 80 लोकसभा सीटों पर बीजेपी को जिताने का मन बना लिया है.”

    समाजवादी पार्टी के विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की जिसके चलते सपा के तीसरे उम्मीदवार रिटायर्ड आईएएस अधिकारी आलोक रंजन चुनाव हार गए. वहीं जया बच्चन और रामजी लाल सुमन को जीत मिली.

    वहीं बीजेपी ने जिन आठ लोगों को उम्मीदवार बनाया था उन सब की जीत हुई है.

  4. हिमाचल में कांग्रेस सरकार को बड़ा झटका, मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने दिया इस्तीफ़ा

    विक्रमादित्य सिंह

    इमेज स्रोत, ANI

    हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार पर संकट गहरा होता जा रहा है.

    राज्य में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार को एक और बड़ा झटका लगा है.

    मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने पद इस्तीफ़ा दे दिया है. पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह ने शिमला में एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में इसकी घोषणा की.

    उन्होंने कहा, "जनता के लिए कड़े फ़ैसले लेने पड़ते हैं. वर्तमान समय में मेरा मंत्री पद पर बने रहना ठीक नहीं है इसलिए मैं मंत्री पद से इस्तीफ़ा दे रहा हूं. हम चाहेंगे कि सरकार बची रहे. मैंने पार्टी हाईकमान को पूरी बात बता दी है और अब उन्हें तय करना है कि वो आगे क्या करना चाहते हैं. आगे हम क्या करेंगे इसके लिए चर्चा करके फ़ैसला लिया जाएगा."

    मंगलवार को हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा की एक सीट के लिए हुए मतदान में कांग्रेस के छह विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की.

    इस चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार अभिषेक मनु सिंघवी को हरा कर बीजेपी उम्मीदवार हर्ष महाजन की जीत हुई.

  5. कर्नाटक में कांग्रेस नेता के राज्यसभा चुनाव में जीत के बाद लगे नारे पर विवाद

      • Author, इमरान क़ुरैशी
      • पदनाम, बेंगलुरु से, बीबीसी हिंदी के लिए
    सैयद नसीर हुसैन

    इमेज स्रोत, ANI

    मंगलवार को कर्नाटक में हुए राज्यसभा चुनाव में जीते कांग्रेस उम्मीदवार के समर्थन में एक कथित नारे को लेकर विवाद पैदा हो रहा है.

    कांग्रेस उम्मीदवार सैयद नसीर हुसैन अपनी जीत के बाद मतगणना केंद्र से बाहर आए तभी नारा लगाने की बात कही जा रही है.

    वहां हुसैन के समर्थकों ने नारे की शुरुआत 'सैयद नसीर हुसैन ज़िंदाबाद' से की. लेकिन बीजेपी का आरोप है कि इसके बाद वहां 'पाकिस्तान ज़िदाबाद' के नारे लगाए गए.

    बीबीसी इस दावे की पुष्टि नहीं कर सकता है.

    इस मामले पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने कहा है, “हमने आवाज़ के सैंपल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है. अगर ये सच साबित होता है और किसी ने अगर ‘पाकिस्तान ज़िंदाबाद’ का नारा लगाया है तो उसे कड़ी सज़ा मिलेगी.”

    वहां नारे लगाने वालों में से एक यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता सैयद अरशद ने बीबीसी से कहा, ''मैं उन लोगों में से एक था जो 'नसीर साब जिंदाबाद' के नारे लगा रहे थे. लेकिन हम उस देश का नाम लेने के बारे में सोच भी कैसे सकते हैं? ये फ़र्ज़ी ख़बरें फैलाना है.''

    कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रवक्ता सत्य प्रकाश भी उनमें से एक थे जो नारेबाज़ी में शामिल थे. उन्होंने बीबीसी से बताया, ''वह 'पी' शब्द वहां आया ही नहीं था. हमने ऐसे किसी शब्द का इस्तेमाल नहीं किया.''

    इस कथित नारेबाज़ी को लेकर कर्नाटक बीजेपी ने विधानसभा के स्पीकर यूटी खादर को शिकायत की है.

    स्पीकर खादर ने कहा, “हम इसकी निंदा करते हैं और कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए. यह स्पीकर के परिसर के बाहर हुआ है. मैं विस्तृत जांच कराने के लिए सीएम और गृह मंत्री से चर्चा करूंगा. मैं सभी दलों से अनुरोध करता हूं कि वे एकता दिखाएं और इसका राजनीतिकरण न करें.”

    “ हम असली अपराधी को पकड़ लेंगे. पार्टियों के बीच एकता न होने से इन तत्वों को फ़ायदा नहीं होने होंगे.”

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

    बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर बी दयानंद ने बीबीसी हिंदी से कहा, “हम वीडियो की पुष्टि करने की कोशिश कर रहे है. एक बार उसके वैरिफ़ाई हो जाने के बाद हम फैसला करेंगे कि इस मामले में क्या कार्रवाई करनी जरूरी है.''

    इस कथित नारेबाजी को लेकर बीजेपी के नेताओं ने कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा.

    विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने कहा, '' ये मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की तुष्टीकरण की राजनीति के ख़तरनाक खेल का नतीजा है. इसने देश विरोधी तत्वों और 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' को बढ़ावा दिया है.''

  6. ललिता के ललित और फिर पिता बनने की कहानी

  7. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जस्टिस एएम खानविलकर को लोकपाल नियुक्त किया

    जस्टिस एएम खानविलकर

    इमेज स्रोत, Getty Images

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस एएम खानविलकर को देश का नया लोकपाल अध्यक्ष नियुक्त किया.

    राष्ट्रपति कार्यालय ने जस्टिस खानविलकर की अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति के साथ-साथ भ्रष्टाचार विरोधी निकाय में छह अन्य सदस्यों की नियुक्ति को लेकर प्रेस नोट जारी किया है.

    जस्टिस खानविलकर के अलावा जस्टिस लिंगप्पा स्वामी (हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक हाई कोर्ट के पूर्व चीफ़ जस्टिस), जस्टिस संजय यादव ( इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व चीफ़ जस्टिस) और जस्टिस रितु राज अवस्थी कर्नाटक और इलाहाबाद हाई कोर्ट के पूर्व जस्टिस) को न्यायिक सदस्य नियुक्त किया गया है.

    पूर्व लोक सेवा अधिकारी सुशील चंद्रा, पंकज कुमार और अजय तिर्की को लोकपाल के गैर-न्यायिक सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है.

    लोकपाल के पास ये अधिकार होता है कि वह केंद्र सरकार के खिलाफ़ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर सकता है. ये संस्था प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, सासंद, केंद्र सरकार के अधिकारियों पर आरोपों की जांच करने का अधिकार रखती है.

    साल 2013 में लोकपाल क़ानून पारित किया गया था. राष्ट्रपति एक पैनल के सुझाव पर लोकपाल की नियुक्ति करते हैं.

    इस पैनल के अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं. लोकसभा स्पीकर, नेता प्रतिपक्ष और सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस या उनकी ओर से नामित एक जज इसके सदस्य होते हैं.

    जस्टिस खानविलकर साल 2016 से लेकर साल 2022 तक सुप्रीम कोर्ट के जज रहे. वो कई संवैधानिक फ़ैसले देने वाली बेंच का हिस्सा रहे. इसमें समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से हटाने का फ़ैसला, आधार की योग्यता का फ़ैसला शामिल है.

    वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को साल 2002 के गुजरात दंगों में क्लीन चिट देने वाली बेंच का भी हिस्सा भी थे.

  8. बिहार में महागठबंधन के तीन विधायक विधानसभा में बीजेपी के साथ बैठे

    बिहार

    इमेज स्रोत, ANI

    बिहार में मंगलवार को महागठबंधन के तीन विधायक विधानसभा में सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी की तरफ़ बैठे.

    दरअसल हुआ ये कि लंच के बाद के सत्र में आरजेडी की संगीता कुमारी और कांग्रेस के मुरारी गौतम और सिद्धार्थ सिंह को उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ विधानसभा में दाखिल होते देखा गया.

    इसके बाद चौधरी ने इशारा किया और ये विधायक सत्ता पक्ष की ओर बैठ गए.

    सम्राट चौधरी बिहार बीजेपी के अध्यक्ष भी हैं.

    इससे पहले जब नीतीश कुमार सरकार का सदन में फ़्लोर टेस्ट था और आरजेडी नेता और स्पीकर अवध बिहारी चौधरी के खिलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था तो आरजेडी के तीन विधायकों ने सत्तारूढ़ दल की तरफ़ बैठकर एनडीए का समर्थन किया.

    आरजेडी ने उस समय ही चेतन आनंद, नीलम देवी और प्रह्लाद यादव को अयोग्य ठहराने की मांग की थी. हालांकिइनमें से किसी ने औपचारिक रूप से पार्टी से इस्तीफ़ा नहीं दिया है.

    सोमवार के घटनाक्रम में पहली बार कांग्रेस के विधायकों के बागी तेवर नज़र आए हैं.

    इससे पहले जब बिहार में फ्लोर टेस्ट होना था तो कांग्रेस ने अपने 19 विधायकों को हैदराबाद भेज दिया था ताकि उन्हें तोड़ा ना जा सके.

  9. हिमाचल प्रदेश: छह विधायकों को मनाने कांग्रेस हुड्डा और डीके शिवकुमार को भेज रही शिमला

    सुखविंदर सिंह सुक्खू

    इमेज स्रोत, ANI

    सोमवार को हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा की एक सीट के लिए हुए मतदान में कांग्रेस के छह विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की और अब इसी के साथ राज्य की कांग्रेस सरकार पर संकट मंडरा रहा है.

    हालात को देखते हुए कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मामले को सुलझाने और शांत करने के लिए हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा और कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को शिमला भेजने का फ़ैसला लिया है.

    इन दोनों नेताओं को बतौर पर्यवेक्षक उन छह विधायकों से बात करने की ज़िम्मेदारी दी है, जिन्होंने क्रॉस वोटिंग की.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, भूपिंदर हुड्डा और डी शिवकुमार स्थिति का जायजा लेने के लिए बुधवार सुबह शिमला पहुंचेंगे.

    मंगलवार को राज्यसभा चुनाव में क्रॉस-वोटिंग करने के बाद छह विधायक हरियाणा में हैं.

    मीडिया में खबरें हैं बीजेपी विधानसभा की बैठक से पहले राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला से मिलने की तैयारी कर रही है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, जयराम ठाकुर के नेतृत्व में बीजेपी नेता राज्यपाल से मुलाकात कर सकते हैं.

    मंगलवार को कांग्रेस के 40 विधायकों में से छह विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की और बीजेपी के राज्यसभा उम्मीदवार हर्ष महाजन ने कांग्रेस के उम्मीदवार अभिषेक मनु सिंघवी को हरा कर जीत हासिल कर ली.

    क्रॉस वोटिंग से पैदा हुआ ये संकट राज्य में बड़े सियासी संकट की ओर बढ़ता दिख रहा है.

  10. इसराइल के वैश्विक समर्थन खोने वाले बाइडन के बयान पर नेतन्याहू ने दिया जवाब

    बिन्यामिन नेतन्याहू

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका में इसराइल के लिए लोकप्रिय समर्थन उसे हमास पर "पूरी जीत तक" लड़ने में मदद करेगा.

    अपने बयान में नेतन्याहू ने एक सर्वे का हवाला दिया, जिसमें कहा गया है कि 80 फ़ीसदी अमेरिकी लोग ग़ज़ा में युद्ध को लेकर इसराइल का समर्थन करते हैं.

    नेतन्याहू का ये बयान अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के उस बयान से ठीक बाद आया है, जिसमें बाइडन ने कहा था कि ग़ज़ा में हमले को लेकर इसराइल पर दुनिया भर से समर्थन खोने का ख़तरा बढ़ता जा रहा है.

    मंगलवार को नेतन्याहू ने कहा कि संघर्ष की शुरुआत से ही वो "युद्ध को समय से पहले ख़त्म करने के अंतराष्ट्रीय दबाव से निपटने और इसराइल के लिए समर्थन जुटाने" का कैंपेन चला रहे हैं.

    नेतन्याहू ने हाल ही में हुए हार्वर्ड-हैरिस सर्वे का हवाला देते हुए कहा, "हमें इसमें महत्वपूर्ण सफलताएं मिली हैं. सर्वे में दिखाया गया है कि 82% अमेरिकी जनता इसराइल का समर्थन करती है."

    वहीं दूसरी ओर अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि वह एक संभावित युद्धविराम समझौते पर काम कर रहा है.

    बीते सोमवार को अमेरिका ने कहा था कि उसे उम्मीद है कि ‘अगले सोमवार तक’ हमास और इसराइल के बीच युद्धविराम हो सकता है.

    अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने अपने बयान में इस ओर इशारा भी किया कि अगर इसराइल "इस तरह से दक्षिणपंथी सरकार के साथ बना रहता है" तो वह "दुनिया भर से समर्थन खो सकता है."

    व्हाइट हाउस और अमेरिका के विदेश विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को पुष्टि की कि अस्थायी युद्धविराम पर बातचीत जारी है, लेकिन बातचीत के सार या संभावित समय सीमा के बारे में जानकारी देने से इनकार कर दिया.

  11. नमस्कार,

    आपका दिन शुभ हो.

    बीबीसी हिंदी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. ये लाइव पेज 24 घंटे चलेगा.

    27 फ़रवरी के लाइव अपडेट्स पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.