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किसान आंदोलन की तस्वीरेंः शंभू बॉर्डर पर क्या कर रहे हैं प्रदर्शनकारी

हरियाणा और पंजाब के बीच शंभू बॉर्डर पर किसान डटे हुए हैं. बुधवार को किसान संगठनों ने बताया है कि अब गुरुवार को केंद्र सरकार से वार्ता होगी.

लाइव कवरेज

प्रियंका झा and दिलनवाज़ पाशा

  1. स्वामी प्रसाद मौर्य का समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव से इस्तीफ़ा, पार्टी ने क्या कहा?

    समाजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने राष्ट्रीय महासचिव पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. उन्होंने इस बारे में अखिलेश यादव को चिट्ठी लिखी है, जिसमें अपने साथ भेदभाव का आरोप लगाया है.

    इस चिट्ठी में स्वामी प्रसाद मौर्य ने लिखा है कि उनके बयानों को निजी बयान कहा जाता है जबकि पार्टी के कुछ अन्य राष्ट्रीय महासचिवों का बयान पार्टी का होता है.

    हालांकि, उन्होंने चिट्ठी में ये भी स्पष्ट कर दिया है कि वह पार्टी में बिना किसी पद के ही बने रहेंगे.

    मौर्य ने लिखा है, "पार्टी के वरिष्ठतम नेताओं ने चुप रहने की बजाय मेरे बयानों को निजी कहकर कार्यकर्ताओं के हौसले को तोड़ने की कोशिश की. मैं नहीं समझ पाया कि एक राष्ट्रीय महासचिव मैं हूं, जिसका कोई भी बयान निजी हो जाता है और पार्टी के कुछ राष्ट्रीय महासचिव व नेता ऐसे भी हैं, जिनका हर बयान पार्टी का होता है. एक ही स्तर के पदाधिकारियों में कुछ का निजी, कुछ का पार्टी का बयान कैसे हो जाता है."

    "अगर राष्ट्रीय महासचिव पद में भी भेदभाव है, तो मैं समझता हूं ऐसे भेदभावपूर्ण, महत्वहीन पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं है. इसलिए मैं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव पद से त्यागपत्र दे रहा हूं."

    हालांकि, पार्टी ने अभी तक इस इस्तीफ़े पर कोई टिप्पणी नहीं दी है.

    लेकिन सपा के प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने अंग्रेज़ी अख़बार द इंडियन एक्सप्रेस से कहा है कि उन्हें अभी तक स्वामी प्रसाद मौर्य के इस्तीफ़े के बारे में जानकारी नहीं है.

    उन्होंने कहा, "मुझे अभी नहीं पता कि उन्होंने इस्तीफ़ा दे दिया. ये मसला ऐसा है जिसे हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने उठाया जाएगा. मैं अभी इस पर टिप्पणी नहीं कर सकता."

    स्वामी प्रसाद मौर्य 2022 में हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कैबिनेट मंत्री पद से इस्तीफ़ा देकर बीजेपी से एसपी में आए थे. उन्हें जून 2022 में विधानपरिषद का सदस्य बनाया गया और इसके बाद बीते साल जनवरी में वह सपा के राष्ट्रीय महासचिव बनाए गए थे.

  2. यूएन ने दी चेतावनी- रफ़ाह में इसराइली हमलों से मच सकता है कत्लेआम

    संयुक्त राष्ट्र के एक शीर्ष अधिकारी ने चेतावनी दी है कि ग़ज़ा के एकदम दक्षिण में स्थित रफ़ाह में जारी इसराइली हमलों से 'कत्लेआम' मच सकता है.

    ह्यूमैनिटेरियन चीफ़ मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने कहा कि ग़ज़ा में फ़लस्तीनी पहले ही "ऐसे तेज़, क्रूर हमले झेल रहे हैं, जिसकी कोई तुलना नहीं है."

    उन्होंने कहा, रफ़ाह पर हमले के नतीजे के "विनाशकारी" होंगे.

    इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने हमास के लड़ाकों को हराने की कसम खाई है. उनका कहना है कि वे शहर में छिपे हुए हैं.

    ग्रिफ़िथ्स ने कड़े शब्दों में कहा कि 10 लाख से अधिक लोग रफ़ाह में ठसाठस भरे हुए हैं और मौत का सामना कर रहे हैं.

    उन्होंने कहा कि शहर में लोगों के पास खाने या दवा की पहुंच बेहद कम है और कहीं भी जाना सुरक्षित नहीं है.

    उन्होंने कहा, "यहां इसराइली हमला पहले से ही कमज़ोर मानवीय सहायता अभियान को ख]त्म कर सकता है."

    रफ़ाह ग़ज़ा पट्टी के दक्षिण में स्थित मिस्र की सीमा से सटता शहर है. युद्ध शुरू होने से पहले यहां करीब ढाई लाख की आबादी थी. हालांकि, इसराइल ने जब नागरिकों को कई इलाके खाली करने का आदेश दिया तो आबादी बढ़कर 15 लाख तक पहुंच गई.

    बहुत से लोग यहां बेहद बुरे हालात में, टेंटों में जीवन बसर कर रहे हैं. हाल के दिनों में इसराइल ने रफ़ाह में हमले तेज़ किए हैं. हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार सोमवार को यहां कम से कम 67 लोगों की मौत हुई है.

  3. नमस्कार!

    आपका दिन शुभ हो.

    13 फरवरी 2024 के लाइव अपडेट्स पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.