सिंघु बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस की ओर से सुरक्षा के काफी कड़े इंतज़ाम किए गए हैं.
मल्टी लेयर बैरिकेड्स लगाए गए हैं.
ब्लॉक्स को सीमेंट की मदद से सील कर दिया गया है ताकि उन्हें ट्रैक्टर से भी उखाड़ा ना जा सके.
शंभू बॉर्डर पर किसानों के ट्रैक्टर्स ने बैरिकेड उखाड़ दिए हैं.
प्रशासन ने इस बात को ध्यान में रखते हुए इन्हें सीमेंट और गिट्टियों से सील कर दिया है.
कंटीली तारों का जाल सा बिछा दिया गया है.
इस बार जिस स्तर की तैयारी किसानों को रोकने के लिए की गई है वो साल 2020 के मुक़ाबले काफ़ी कड़ी है.
एक पुलिस अधिकारी ने नाम ना ज़ाहिर करने की शर्त पर बीबीसी को बताया, "पिछली बार प्रशासन को ये अंदाज़ा नहीं था कि किसान यहां आ कर इतने दिन बैठ जाएंगे. इस बार हमें अंदाज़ा है तो सुरक्षा व्यवस्था भी उसी स्तर पर की जा रही है."
पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती के अलावा यहां ड्रोन से सर्विलांस किया जा रहा है.
आसपास के गांवों में रहने वाले स्थानीय लोगों को बीते दो दिनों ले काफी दिक्कत हो रही है.
दिल्ली से यहां मज़दूरी करने आने वाले एक शख्स ने हमें बताया कि उन्हें डीटीसी बस पांच किलोमीटर पहले उतार दे रही है और उन्हें मीलों पैदल चल कर काम पर आना पड़ रहा है.
उन्हें डर है कि आने वाले दिनों में हालात और बिगड़े तो उनकी मुश्किलें बढ़ जाएंगी.
न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिए कानूनी गारंटी और स्वामीनाथ आयोग की सभी सिफारिशों को लागू करने की मांग के लिए किसानों 'दिल्ली चलो' का आह्वान किया था.
हालांकि, बीते दो दिनों से दिल्ली की सीमाओं पर ही किसानों को रोक दिया गया है.