अमेरिका ने सीरिया और इराक़ में ईरान से जुड़े ठिकानों पर किए हवाई हमले

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अमेरिका ने सीरिया और इराक़ में ईरान से जुड़े सात ठिकानों पर लगभग 30 मिनटों तक हवाई हमले किए हैं.
ये हमले लंबी दूरी तक मार करने वाले कई बी-1 सुपरसोनिक बमवर्षक विमानों के ज़रिए किए गए. इन विमानों ने अमेरिका से उड़ान भरी थी.
अमेरिका ने सीरिया और इराक़ में मौजूद ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) के कुद्स फोर्स और ईराक़ और सीरिया में इससे जुड़े विद्रोही गुटों पर ये हमले किए हैं.
अमेरिका के बमवर्षक विमानों ने 30 मिनट के भीतर सीरिया के चार और इराक़ के तीन ठिकानों पर 85 से अधिक टारगेट पर हमले किए.
बताया गया है कि इन टारगेट में कमांड और कंट्रोल ऑपरेशन, लॉजिस्टिक्स हब और ड्रोन स्टोरेज यूनिट्स शामिल हैं.
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28 जनवरी को उत्तरपूर्वी जॉर्डन में एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ड्रोन हमला हुआ था जिसमें तीन अमेरिकी सैनिक मारे गए थे. अमेरिका ने इसके लिए ईरान से जुड़े चरमपंथी गुटों को ज़िम्मेदार ठहराया. अमेरिका ने ये हमले इसी हमले के जवाब में किए हैं.
अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हुए हमले के बाद राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा था कि "अगर कोई अमेरिकी नागरिक को नुक़सान पहुंचाता है, तो उसे जवाब दिया जाएगा".
