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वडोदरा में हरनी झील में हादसा, 12 बच्चों की डूबने से मौत पीएम ने की मुआवज़े की घोषणा

गुजरात में वडोदरा के हरनी झील में गुरुवार को एक नाव डूबने से 12 बच्चों समेत 14 लोगों की मौत गई.

लाइव कवरेज

आदर्श राठौर and संदीप राय

  1. चंडीगढ़ मेयर चुनाव टला, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने कहा- डर गई है बीजेपी

    चंडीगढ़ में आज यानी 18 नवंबर को मेयर चुनाव होना था. मगर ये चुनाव टल गया है.

    ये चुनाव पीठासीन अधिकारी के बीमार होने के चलते टाला गया है. हालांकि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने चुनाव टाले जाने को लेकर बीजेपी को घेरा है.

    चंडीगढ़ के मेयर चुनाव में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी मिलकर लड़ रही हैं.

    आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, ''आप और कांग्रेस ने मिलकर ये फ़ैसला लिया है कि हाईकोर्ट जाएंगे ताकि मेयर का चुनाव हो. जिसमें इंडिया गठबंधन जीत रही है और बीजेपी हार रही है. आप सोचिए ये तो मेयर का चुनाव है, इसने बीजेपी की नींद उड़ा दी है. लोकसभा चुनावों में क्या होगा.''

    वो कहते हैं, ''हम आज भी चुनाव समिति से यही गुजारिश करेंगे कि अगर एक पीठासीन अधिकारी बीमार हुए हैं तो दूसरे को नियुक्त कर दें. आज चुनाव की तारीख़ थी. आज चुनाव होने चाहिए. ये दिखाता है कि बीजेपी डर गई है और बच्चे जैसा बर्ताव कर रही है.''

    राघव बोले, ''हम लोगों के पास आज इस बिल्डिंग में जाने के लिए पास थे. पर एंट्री बंद कर दी गई. कहा गया कि पीठासीन अधिकारी बीमार हैं. चंडीगढ़ में जो हुआ वो झलकी है. 2024 चुनाव में भी ये प्रभावित करने के लिए हर नुस्खा अपनाएंगे. हमने हाईकोर्ट में निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए अपील की है.''

    चंडीगढ़ के कांग्रेस प्रमुख हरमोहिंदर सिंह लकी ने कहा, ''बीजेपी हार से डर गई है. ये लोग नैतिक तौर पर तभी हार गए जब ये वोट डालने के लिए नहीं आए. ये दिखाता है कि बीजेपी अपनी हार स्वीकार नहीं कर सकती.''

  2. मायावती के भतीजे आकाश आनंद बोले- बहनजी के ख़िलाफ़ ये दो बड़ी साजिश हो रही हैं

    मायावती के भतीजे और बसपा नेता आकाश आनंद ने बीजेपी और कांग्रेस पर साजिश करने के आरोप लगाए हैं.

    आकाश आनंद ने सोशल मीडिया पर लिखा, ''लोकसभा चुनाव को लेकर बीजेपी, कांग्रेस बसपा और बहन जी के ख़िलाफ़ बड़ी साजिश कर रहे हैं. पहली साजिश, हमारे मूवमेंट को ख़त्म करने के लिए मनुवादी मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए ऐसा माहौल बनाया जा रहा है कि बसपा कांग्रेस को समर्थन दे दे. लेकिन आप सभी जानते हैं कि बहन जी किसी के दबाव में नहीं आती, उनका एकमात्र उद्देश्य दलित समाज को राजनीतिक ताकत बनाना है.''

    आकाश आनंद ने लिखा, ''दूसरी साजिश- कुछ चमचे नेताओं द्वारा फैलाई जा रही है कि बहन जी संन्यास ले रही हैं ताकि बहुजन आंदोलन के प्रति लोगों को भ्रमित किया जा सके.''

    वो लिखते हैं, ''2024 का लोकसभा चुनाव अकेले लड़ने का एलान कर बहन जी ने मनुवादी, पूंजीवादी साजिशों को जवाब दे दिया है. बसपा न कांग्रेस का एजेंडा कामयाब होने देगी और न देश को बीजेपी के फ्री राशन और धर्म की चाशनी का गुलाम बनने देगी.''

    कुछ दिन पहले मायावती ने लोकसभा चुनावों में अकेले लड़ने की बात कही थी. इससे पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव और मायावती के बीच भी बयानबाज़ी हुई थी.

    आकाश आनंद कहते हैं, ''बहन जी हमेशा कहती रही हैं- दलित, शोषित, वंचित समाज के हक और सम्मान के लिए वो आखिरी सांस तक लड़ेंगी. मेहनतकश देशवासियों के स्वाभिमान और आर्थिक स्वतंत्रता की इस लड़ाई में हम सभी को आदरणीय बहन जी और बसपा को मज़बूत करना है. पूरी ताक़त से लड़ना है.''

  3. ईरान में पाकिस्तान ने कहां किए हमले, कितना हुआ नुक़सान

    पाकिस्तान ने ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में चरमपंथियों को निशाना बनाते हुए हमले करने का दावा किया है.

    पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, "जिन पर हमला किया गया, वे पाकिस्तान में ख़ून ख़राबा करने वाले आतंकवादी थे जिन्होंने ईरान के उन इलाक़ों में पनाह ली थी, जहां किसी का नियंत्रण नहीं है."

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने वरिष्ठ इंटेलिजेंस अधिकारियों के हवाले से बताया है, 'पाकिस्तान ने ईरान के अंदर बलूच चरमपंथियों को निशाना बनाया है.'

    पाकिस्तान की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इन हमलों में 'कई आतंकवादी मारे गए हैं.'

    रॉयटर्स के मुताबिक़, ईरानी मीडिया का कहना है कि पाकिस्तान के साथ लगते ईरान के सिस्तान बलूचिस्तान प्रांत के एक गांव में कई मिसाइलें गिरीं. यहां तीन महिलाओं और चार बच्चों की मौत हुई है और ये ईरानी नागरिक नहीं थे.

    ईरान ने मंगलवार को कहा था कि उसने पाकिस्तान के अंदर इसराइल से जुड़े चरमपंथियों को निशाना बनाया था.

    पाकिस्तान के मुताबिक़, ईरानी हमलों में दो बच्चों की मौत हुई थी. पाकिस्तान ने चेतावनी दी थी कि इसके गंभीर परिणाम होंगे और उनके लिए ईरान ज़िम्मेदार होगा.

  4. ब्रेकिंग न्यूज़, पाकिस्तान ने कहा- ईरान में आतंकवादियों के ठिकाने पर किए हमले

    बलूचिस्तान में ईरान के हमलों के दो दिन बाद अब पाकिस्तान ने भी ईरान में हमले करने का दावा किया है.

    पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस हमले में पाकिस्तानी सेना ने ईरान में शरण लेकर रह रहे पाकिस्तानी मूल के आतंकवादियों को निशाना बनाया गया है.

    बयान में कहा गया है, “आज सुबह पाकिस्तान ने ईरान के सिस्तान ओ बलूचिस्तान प्रांत में आतंकवादियों के ख़ास तौर पर चिह्नित ठिकानों पर हमले किए. ख़ुफ़िया सूचनाओं के आधार पर चलाए गए ‘मर्ग बर सर्मचार’ नाम के ऑपरेशन में कई आतंकवादी मारे गए हैं.”

    “पिछले कुछ सालों में ईरान से बातचीत के दौरान पाकिस्तानी मूल के आतंकवादियों, जो ख़ुद को सर्माचार कहते हैं, के संबंध में पाकिस्तान ने ईरान को कई सबूत दिए थे. लेकिन वे पाकिस्तान में आम लोगों का ख़ून बहाते रहे. इन तथाकथित सर्माचारों के ख़िलाफ़ पुख़्ता सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई की गई.”

    पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने कहा है, “पाकिस्तान अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा को हर ख़तरे से बचाने के लिए प्रतिबद्ध है. पाकिस्तान अपनी सुरक्षा के लिए आगे भी इस तरह के क़दम उठाता रहेगा.”

    पहले ईरान ने किए थे हमले

    मंगलवार को ईरान ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान में हमले किए थे. ईरान का कहना है कि उसने जैश अल-अद्ल नाम के संगठन को निशाना बनाया जो उसके यहां लगातार आतंकवादी घटनाओं को अंजाम दे रहा है.

    ईरान के हमलों पर पाकिस्तान ने कड़ी आपत्ति जताई थी और दोनों देशों के संबंधों में तनाव आ गया था.

    पाकिस्तान ने कहा था कि इन हमलों के जवाब में पाकिस्तान को भी कार्रवाई करने का अधिकार है. उसने ईरान से अपने राजदूत को भी वापस बुला लिया था.

    अमेरिका ने ईरान की कार्रवाई को पाकिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए शांतिपूर्ण समाधान की उम्मीद जताई थी.

    वहीं, चीन ने अपील की थी कि दोनों देशों को संयम अपनाते हुए अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करना चाहिए.

    भारत ने कहा है कि ‘यह दोनों देशों का आपसी मामला है, मगर भारत आतंकवाद को लेकर ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाता है और आत्मरक्षा के लिए देश इस तरह के क़दम उठा सकते हैं.”

  5. पाकिस्तान में ईरान के हमलों पर भारत ने क्या प्रतिक्रिया दी

    पाकिस्तान के बलूचिस्तान में ईरान के हमलों पर भारत की ओर से भी प्रतिक्रिया आई है.

    भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर भारत का रुख़ स्पष्ट किया है.

    उन्होंने लिखा है, “यह ईरान और पाकिस्तान का आपसी मामला है. जहां तक भारत की बात है, आतंकवाद को लेकर हमारी नीति ज़ीरो टॉलरेंस की है. हम मानते हैं कि देश आत्मरक्षा में इस तरह के क़दम उठा सकते हैं."

    मंगलवार को ईरान ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान में जैश अल-अद्ल नाम के संगठन को निशाना बनाते हुए हमला करने का दावा किया था. ईरान का कहना है कि यह संगठन उसके यहां लगातार ‘आतंकवादी घटनाओं’ को अंजाम दे रहा है.

    पाकिस्तान ने विरोध जताते हुए ईरान से अपने राजदूत को वापस बुला लिया है और कहा है कि उसे भी 'जवाब देने का अधिकार' है.

    अमेरिका ने ईरान के हमले की आलोचना की है, हालांकि कहा है कि मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाया जाना चाहिए. चीन ने दोनों से संयम बरतने की अपील की है.

  6. अमेरिका ने हूती विद्रोहियों के ठिकानों को फिर बनाया निशाना, किया बड़ा दावा

    अमेरिका ने यमन में हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर फिर से हमले करने का दावा किया है. उसका कहना है कि ये हमले करना ज़रूरी था, वरना हूती विद्रोही मिसाइल दाग़ने की तैयारी में थे.

    अमेरिकी सेना ने कहा कि बुधवार को उसने हूती विद्रोहियों की उन 14 लोड की जा चुकीं मिसाइलों को निशाना बनाया, जो लॉन्च किए जाने को तैयार थीं.

    अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक्स (पहले ट्विटर) पर पोस्ट किया है कि ये मिसाइलें इस क्षेत्र से गुज़र रहे व्यापारिक जहाज़ों और अमेरिकी नौसेना के जहाज़ों के लिए ख़तरा थीं.

    अमेरिकी सेना ने लिखा है, “इन मिसाइलों से कारोबारी बेड़ों और इस क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी नौसैनिक जहाज़ों को ख़तरा था और इन मिसाइलों को कभी भी दाग़ा जा सकता था. इस वजह से अमेरिकी सैनिकों को आत्मरक्षा के अधिकार और दायित्व का पालन करना पड़ा.”

    "इन हमलों और हमारी ओर से उठाए गए अन्य क़दमों से लाल सागर, बाब अल मंदाब और अदन की खाड़ी में अंतरराष्ट्रीय और व्यापारिक शिपिंग गतिविधियों पर हमले करने की हूती विद्रोहियों की क्षमता कम होगी.”

    इससे पहले अमेरिका ने दावा किया था कि हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में अमेरिकी स्वामित्व वाले एक जहाज़ पर हमला किया था.

    अमेरिका और ब्रिटेन की नौसेना ने पहले भी हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर हमले किए थे. पिछले हफ़्ते अमेरिका ने बताया था कि हवाई और समुद्री हमले में हूतियों के 16 ठिकानों को निशाना बनाया गया.

    यमन के बड़े हिस्से पर नियंत्रण रखने वाले हूती विद्रोही नवंबर से ही लाल सागर में जहाज़ों पर हमले कर रहे हैं. उनका कहना कि वे ग़ज़ा और फ़लस्तीनियों के समर्थन में इसराइल आने-जाने वाले जहाज़ों को निशाना बना रहे हैं.

    हालांकि, अन्य जहाज़ भी उनके हमलों की चपेट में आए हैं, जिससे कई बड़ी तेल और शिपिंग कंपनियों ने इस इलाक़े से बचते हुए दूसरे समुद्री रास्तों को इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है.

    ईरान पर आरोप है कि वह न सिर्फ़ हूती विद्रोहियों की आर्थिक और सैन्य मदद करता है बल्कि उनसे कार्रवाइयां भी करवाता है.

    हाल में अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र में कहा था कि लाल सागर में हूती विद्रोहियों के हमलों के पीछे ईरान है. ईरान ने इन आरोपों को ग़लत बताया था.

    हूती विद्रोही ख़ुद को ईरान के नेतृत्व वाली 'प्रतिरोध की धुरी' का सदस्य बताते हैं.

  7. उत्तर भारत में शीत लहर का असर जारी, दिल्ली आ रही 18 ट्रेनें लेट, उड़ानें भी प्रभावित

    उत्तर भारत में चल रही शीत लहर का यातायात पर असर पड़ना जारी है. दिल्ली और आसपास के इलाक़ों में छाए घने कोहरे की वजह से सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हुआ है.

    समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी पर चल रही हैं, जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है.

    देश के अलग-अलग हिस्सों से दिल्ली आ रही 18 ट्रेनें धुंध के कारण देरी से चल रही हैं. इनमें से कुछ ट्रेनें तो निर्धारित समय से छह घंटे तक लेट हैं.

    धुंध के कारण विज़िबिलिटी कम होने का असर उड़ानों पर भी पड़ा है. दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कई विमान तय समय पर उड़ान नहीं भर पाए. कुछ उड़ानों को रद्द भी करना पड़ा है.

    भारतीय मौसम विभाग ने बुधवार को बताया था कि अगले चार से पांच दिनों तक पूरे उत्तर भारत में बहुत घने कोहरे की स्थिति बनी रहेगी.

    विभाग के अनुसार, उत्तर भारत के कई हिस्सों में गंभीर शीत लहर की स्थिति बनी हुई है. अनुमान है कि पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड में आने वाले कुछ दिनों तक कोहरा छाया रहेगा.

  8. अमेरिका ने की पाकिस्तान में ईरान के हमले की निंदा, चीन बोला- संयम बरतें दोनों देश

    अमेरिका ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान में ईरान के हमलों की निंदा करते हुए कहा है कि पिछले कुछ दिनों में इस देश ने अपने तीन पड़ोसी देशों की सीमाओं का उल्लंघन किया है.

    अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने बुधवार को कहा कि पाकिस्तान, सीरिया और इऱाक़ में ईरान के हमले चिंताजनक हैं.

    मैथ्यू मिलर से एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में पूछा गया कि ईरान ने इन हमलों को आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई बताया है. इस पर उन्होंने कहा, “हम इन हमलों की निंदा करते हैं. हमने देखा कि ईरान ने पिछले कुछ दिनों में अपने तीन पड़ोसी देशों की सीमाओं का उल्लंघन किया. एक ओर तो ईरान इस क्षेत्र में आतंकवाद और अस्थिरता की फ़ंडिंग करने वाला मुख्य देश है, वहीं दूसरी ओर वह कहता है कि उसे आतंकवाद से निपटने के लिए ये क़दम उठाने पड़े.”

    पाकिस्तान की ओर से ‘जवाबी कार्रवाई करने का अधिकार’ होने की बात कहे जाने पर मैथ्यू ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि इस मसले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाया जा सकता है.”

    मंगलवार को ईरान ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान में जैश अल-अद्ल नाम के संगठन को निशाना बनाते हुए हमला करने का दावा किया था. ईरान का कहना है कि यह संगठन उसके यहां लगातार ‘आतंकवादी घटनाओं’ को अंजाम दे रहा है.

    पाकिस्तान और ईरान के रिश्तों में आई खटास के बीच चीन ने दोनों से संयम बरतने की अपील की है.

    चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा कि दोनों देशों को अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के सिद्धांतों के अनुरूप आपसी रिश्तों को निभाना चाहिए.

    पाकिस्तान और ईरान के बीच पैदा हुए तनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर निंग ने कहा, “चीन मानता है कि देशों के आपसी रिश्तों को यूएन चार्टर और अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों, सभी देशों की संप्रभुता, स्वतंत्रताऔर क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान और सुरक्षा करते हुए निभाया जाना चाहिए.”

    उन्होंने कहा, “ईरान और पाकिस्तान क़रीबी पड़ोसी और बड़े इस्लामिक देश हैं. हम दोनों पक्षों से संयम बरतने, तनाव बढ़ाने वाले क़दम न उठाने और मिलकर इस क्षेत्र को शांत और स्थिर बनाए रखने की अपील करते हैं.”

    ईरान के विदेश मं​त्री हुसैन अमीर-अब्दुल्लाहियन ने स्विट्ज़रलैंड के दावोस में चल रहे विश्व आर्थिक मंच की बैठक के दौरान दावा किया कि ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमले के निशाने पर कोई पाकिस्तान नागरिक नहीं था.

    उन्होंने कहा, “हमने कई बार पाकिस्तान के अनेक अधिकारियों और सुरक्षा बलों से बात की है. ईरान में उन्होंने हमारे सुरक्षा बलों के जवानों को मारा है. हमने उसी अनुसार जवाब दिया है.”

    पाकिस्तान ने कहा कि इस हमले में दो बच्चों की मौत हो गई. विरोध जताते हुए उसने ईरान से अपने राजदूत को वापस बुला लिया है.

  9. नमस्कार!

    आपका दिन शुभ हो.

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