मणिपुर
के सीमावर्ती शहर मोरेह में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की हत्या के मामले में गिरफ्तार
किए गए दो लोगों में से एक बीजेपी के नेता हैं.
पिछले साल मणिपुर पुलिस
के सब डिविजनल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) चिंगथम आनंद कुमार की संदिग्ध चरमपंथियों में हत्या कर दी गई थी.
इस हत्या के सिलसिले में मणिपुर पुलिस ने बीते सोमवार को मुठभेड़
के बाद फिलिप खैखोलाल खोंगसाई और हेमखोलाल मटे को गिरफ्तार किया था. हेमखोलाल
मटे बीजेपी नेता है. फिलहाल ये दोनों 9 दिन की पुलिस हिरासत में हैं.
हेमखोलाल
मटे सत्तारूढ़ बीजेपी के टेंगनौपाल मंडल के कोषाध्यक्ष थे, जिन्हें पार्टी ने गिरफ्तार
होने के बाद निकाल दिया है. मणिपुर प्रदेश बीजेपी ने मटे की प्राथमिक सदस्यता
भी रद्द कर दी है.
बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर
हेमखोलाल का बीजेपी से जुड़ा एक पहचान पत्र साझा करते हुए बीबीसी से कहा, "यह पूरा मामला पार्टी अध्यक्ष के सामने आया था, जिसके
बाद अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें बीजेपी से निकाल दिया गया है."
मणिपुर प्रदेश बीजेपी द्वारा जारी किए गए पहचान पत्र में हेमखोलाल मटे के पदनाम में टेंगनौपाल मंडल का कोषाध्यक्ष लिखा हुआ है. हेमखोलालम मेट के. मौलसांग गांव के प्रमुख है और मेट जनजाति संघ के वित्त सचिव भी हैं.
उनकी गिरफ्तारी के बाद मणिपुर प्रदेश बीजेपी के उपाध्यक्ष एन निंबस सिंह ने मीडिया से कहा, ''इस मामले के सामने आने के बाद हमारी पार्टी ने एक आपातकालीन कार्यकारी समिति की बैठक आयोजित कर हेमखोलाल मेट को तुरंत प्रभाव से प्राथमिक सदस्यता से निकाल दिया है.''
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी सभी सदस्यों की व्यापक पृष्ठभूमि की जांच करेगी. यदि पार्टी का कोई भी सदस्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल पाया जाता है, तो उसके ख़िलाफ़ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
इससे पहले सोमवार को मणिपुर पुलिस ने इन दोनों लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी देते हुए सोशल प्लेटफार्म एक्स पर लिखा, "सोमवार की शाम मोरेह कॉलेज के पास मणिपुर पुलिस की विशेष सीडीओ टीमों की गश्त के दौरान दो संदिग्ध व्यक्तियों को देखा गया, जिन्होंने सुरक्षा कर्मियों के वाहनों पर गोलीबारी की और पास के घरों में भाग गए. सुरक्षा बलों ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की और संदिग्ध घरों की घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया. पुलिस ने उनके पास से एक पिस्तौल और इसके दो ज़िंदा कारतूस, एक चीनी हथगोला, एके रायफल के 10 ज़िंदा कारतूस और फ्यूज के साथ 10 डेटोनेटर बरामद किए हैं."
मणिपुर में 3 मई से शुरू हुई जातीय हिंसा में म्यांमार की सीमा से लगे मोरेह शहर में भी काफी जान-माल की क्षति हुई है.
हिंसा के इस क्रम में 31 अक्टूबर, 2023 को मोरेह में एक हेलीपैड पर काम की देखरेख के दौरान चिंगथम आनंद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
इस मामले में अब इन दो लोगों की गिरफ्तारी के बाद मोरेह शहर में गोलीबारी और आगजनी की घटनाएं सामने आई है.
कुकी-जो जनजाति के कुछ लोग इन दोनों लोगों की रिहाई की मांग कर रहे हैं. जनजातीय महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन भी किया है. प्रशासन ने हालात को देखते हुए समूचे इलाके़ में कर्फ्यू लगा दिया है.