मणिपुर सरकार ने इंफाल से शुरू होने वाली कांग्रेस की 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' को 'सीमित संख्या में प्रतिभागियों' के साथ हरी झंडी दिखाने की मंजूरी दे दी है.
राज्य के मुख्य सचिव और अन्य शीर्ष अधिकारियों के साथ कांग्रेस नेताओं की गुरुवार सुबह हुई एक बैठक में प्रशासन ने मौखिक तौर पर यात्रा के उद्घाटन समारोह में केवल एक हजार लोगों के भाग लेने की बात कही.
मणिपुर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मेघाचंद्र सिंह ने बीबीसी से कहा, "दरअसल सरकार हमारी यात्रा को फ्लॉप करना चाहती है. इसलिए इस यात्रा से जुड़ी अनुमति को लेकर इस तरह की शर्तें रख रही है."
मेघाचंद्र सिंह ने कहा, "इंफाल पूर्वी जिला मजिस्ट्रेट के कार्यालय से इस यात्रा को लेकर जो आदेश जारी किया गया है उसमें केवल सीमित संख्या में लोगों के भाग लेने की बात कही है. जबकि मुख्य सचिव ने केवल एक हजार लोगों को शामिल करने को कहा है. हमने इन शर्तों को स्वीकार नहीं किया है."
"क्योंकि इस यात्रा के उद्घाटन समारोह में राज्य के बाहर से तीन सौ बड़े नेता आएंगे. इसके अलावा केवल कांग्रेस सेवा दल के 500 से अधिक कार्यकर्ता होंगे. लिहाजा प्रतिभागियों की संख्या सीमित करना कैसे संभव है. हम इन शर्तों को देखते हुए इस यात्रा का शुभारंभ इंफाल की जगह थौबल ज़िले में एक निजी मैदान से करेंगे."
मणिपुर कांग्रेस के नेताओं ने बुधवार को यह दावा किया था कि राज्य की मौजूदा स्थिति का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने राहुल गांधी की इंफाल से शुरू होने वाली 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' को अनुमति देने से इनकार कर दिया था.
हालांकि इस मामले में मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह या फिर उनकी सरकार की तरफ से फिलहाल किसी तरह की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
इस यात्रा को लेकर इंफाल पूर्वी जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय के आदेश में कहा गया है, "किसी भी अप्रिय घटना और कानून-व्यवस्था में गड़बड़ी को रोकने के लिए 14 जनवरी को सीमित संख्या में प्रतिभागियों के साथ यात्रा को हरी झंडी दिखाने की अनुमति है."
"इंफाल ईस्ट डीएसपी ने एक रिपोर्ट सौंपी है जिसमें कहा गया है कि यात्रा के उद्घाटन समारोह के दौरान कार्यक्रम स्थल पर भारी भीड़ होने की उम्मीद है, जो राज्य में मौजूदा कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए समस्याएं पैदा कर सकती है."
मजिस्ट्रेट कार्यालय के आदेश में कहा गया है, "इसके अलावा, इंफाल पूर्वी जिले में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा भी लागू है. प्रतिभागियों की संख्या और नाम इस कार्यालय को पहले ही उपलब्ध करा दिए जाएं ताकि यह कार्यालय सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठाने में सक्षम हो सके."
कांग्रेस ने बुधवार को नई दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यात्रा योजना के अनुसार शुरू होगी. कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा था कि यह राजनीतिक यात्रा नहीं है और पार्टी इसके साथ-साथ लोकसभा चुनाव की तैयारी भी कर रही है.
राहुल गांधी की यह यात्रा 14 जनवरी को मणिपुर की राजधानी इंफाल से शुरू होकर नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, असम, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों से होकर गुजरने वाली है.
इस दौरान राहुल गांधी पूर्व-से-पश्चिम तक 66 दिनों में 15 राज्यों और 110 जिलों में 6,700 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे. इस यात्रा का समापन 20 मार्च को मुंबई में होना है.