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सौ अरब डॉलर की संपत्ति अर्जित करने वाली दुनिया की पहली महिला

मशहूर कॉस्मेटिक ब्रांड लोरियल की उत्तराधिकारी फ्रैंकोइस बेटेनकोर्ट मेयर्स 100 अरब डॉलर की संपत्ति अर्जित करने वाली दुनिया की पहली महिला बन गई हैं.

लाइव कवरेज

चंदन शर्मा and संदीप राय

  1. ललन सिंह ने जदयू अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा क्यों दिया? पार्टी नेताओं ने बताया

    जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने शुक्रवार को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.

    पार्टी के कई नेताओं ने इसकी पुष्टि की है.

    नीतीश कुमार के क़रीबी बताए जाने वाले जदयू नेता श्रवण कुमार ने समाचार एजेंसी पीटीआई से इस बारे में बात की है.

    उन्होंने कहा, “आदरणीय ललन बाबू ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. क्योंकि उन्हें लोकसभा का चुनाव लड़ना है. वक़्त कम मिलता है. इसलिए वक़्त को ध्यान में रखते हुए उन्होंने इस्तीफ़ा दिया है. जिसे मुख्यमंत्री जी ने स्वीकार कर लिया है. उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नाम का प्रस्ताव दिया है.”

    ललन सिंह के इस्तीफ़े की वजह पूछे जाने पर विजय चौधरी ने कहा, "ललन बाबू ने मीटिंग में ख़ुद कहा कि पहले भी वो मुख्यमंत्री के निर्देश पर ही राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद स्वीकार किया था और अब उन्हें चुनाव लड़ने के लिए लगातार बाहर रहना होगा. इसलिए उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि इस्तीफ़ा स्वीकार करें, जो मुख्यमंत्री ने स्वीकार कर लिया."

    नीतीश कुमार और ललन सिंह के बीच नाराज़गी के सवाल पर उन्होंने हैरानी जताते हुए ऐसी किसी बात से इनकार किया.

    बीजेपी से गठबंधन की अटकलों पर क्या बोले

    विजय चौधरी ने कहा कि कार्यकारिणी की बैठक में इस पर कोई चर्चा नहीं हुई है. अभी सिर्फ राष्ट्रीय अध्यक्ष पद में बदलाव पर चर्चा हुई है.

    लोकसभा चुनाव के केवल दो महीने पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष के बदले जाने को क्या बीजेपी के साथ जाने का संकेत माना जाए, तो विजय चौधरी ने कहा कि 'ऐसा नहीं' है.

  2. प्रभास की सलार और शाहरुख की डंकी का पहला हफ़्ता पूरा, किसने की ज़्यादा कमाई

    बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख ख़ान की फ़िल्म डंकी और दक्षिण भारतीय सुपरस्टार प्रभास की फ़िल्म सालार को रिलीज़ हुए अब एक हफ़्ते से ज़्यादा वक़्त बीत चुका है.

    इन दोनों फ़िल्मों की कमाई के आंकड़े भी आ गए हैं.

    ये आंकड़े जुटाने वाली वेबसाइट सेकनिल्क के मुताबिक़, डंकी ने भारत बाज़ार में पिछले सात दिनों में 152 करोड़ रुपये की कमाई की है.

    वहीं, दुनियाभर में कुल 305 करोड़ रुपये कमाए हैं.

    सालार ने इसी अवधि में भारतीय बाज़ार में 308 रुपये से ज़्यादा की कमाई की है. सेकनिल्क की ओर से सालार की दुनिया भर में कमाई के आंकड़े जारी नहीं किए हैं.

    हालांकि, दूसरी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, सालार ने दुनिया भर में 500 करोड़ रुपये से ज़्यादा की कमाई की है.

  3. जदयू में नेतृत्व बदलाव और बीजेपी से गठबंधन की ख़बरों पर बीजेपी नेता सम्राट चौधरी ने दी प्रतिक्रिया

    जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से ललन सिंह के इस्तीफ़े और नीतीश कुमार के अगला अध्यक्ष बनने की ख़बरों पर बिहार बीजेपी अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने तंज़ कसा है.

    उन्होंने ताज़ा घटनाक्रम पर कहा है कि क्या फ़र्क पड़ता है वो नीतीश जी की प्राइवेट लिमिटेड पार्टी है.

    ''नीतीश जी बनें या पहले आरसीपी जी थे, उसके पहले श्रद्धेय जॉर्ज साहब थे. कोई नई ​बात नहीं है.''

    जदयू के बीजेपी में जाने की अटकलों को ख़ारिज करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है.

    राष्ट्रीय या प्रदेश स्तर पर इस बारे में कोई बातचीत नहीं हो रही है.

  4. ब्रेकिंग न्यूज़, जदयू के नए अध्यक्ष पर केसी त्यागी अब बोले - पाँच बजे से पहले कोई घोषणा नहीं

    जनता दल यूनाइटेड के नेता केसी त्यागी ने शुक्रवार को कहा है कि पार्टी के नए अध्यक्ष को लेकर शाम पांच बजे से पहले कोई घोषणा नहीं होगी.

    इससे पहले समाचार एजेंसी पीटीआई ने त्यागी के हवाले से ख़बर देते हुए बताया था कि नीतीश कुमार पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में अध्यक्ष पद के लिए चुन लिए गए हैं.

    हालांकि, त्यागी ने अपने रुख में बदलाव करते हुए बताया कि वह या कोई अन्य शख़्स इस मुद्दे पर टिप्पणी करने के लिए अधिकृत नहीं है.

    इसके साथ ही जदयू नेता और बिहार के वित्त मंत्री विजय चौधरी ने कहा है कि ललन सिंह ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है, जिसे नीतीश कुमार ने स्वीकार कर लिया.

    हालांकि, नीतीश कुमार के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बारे में उन्होंने कहा कि इसका प्रस्ताव राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में आ गया है.

    उनके अनुसार, अभी राष्ट्रीय परिषद की बैठक होगी, अगर वो इस प्रस्ताव को अनुमोदित कर देगा, तो स्वाभाविक रूप से वो राष्ट्रीय अध्यक्ष हो जाएंगे.

  5. ललन सिंह ने इस्तीफ़ा दिया तो क्या नीतीश बनेंगे अगले अध्यक्ष, जदयू नेता क्या बोले?

    जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक शुरू होने के पहले अटकलें लग रही हैं कि ललन सिंह अपना पद छोड़ देंगे.

    अगर ऐसा हुआ तो अगला अध्यक्ष कौन बनेगा?

    क्या बिहार के मुख्यमंत्री और पार्टी के संस्थापक नीतीश कुमार एक बार फिर जदयू की कमान अपने हाथों में लेंगे?

    इन सवालों पर जदयू नेता और बिहार के भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि अगर नीतीश जी अध्यक्ष बनना चाहते हैं, तो कोई ऐसा व्यक्ति है, जो नहीं चाहेगा कि नीतीश जी अध्यक्ष बनें!

    उन्होंने कहा, ''नीतीश जी ब्रांड हैं. नीतीश जी का ही सब कुछ है.''

    हालांकि जब उनसे राष्ट्रीय कार्यकारिणी के एजेंडे के बारे में पूछा तो वे भड़क गए, ''कैसे एजेंडा पता रहेगा. एजेंडा तो कार्यकारिणी में रखा जाएगा.''

    कुछ लोग वित्त मंत्री विजय चौधरी के बारे में दावा कर रहे हैं कि वे अगले अध्यक्ष होंगे.

    विजय चौधरी से जब पूछा गया कि क्या आप अध्यक्ष पद के लिए तैयार हैं, तो उन्होंने पत्रकारों से कहा कि आप पहले आदमी हैं, जो ऐसा कह रहे हैं.

    उन्होंने किसी और को बधाई देने के सवाल पर कहा कि अभी ललन बाबू अध्यक्ष हैं, तो दूसरे को बधाई देने का क्या मतलब है.

    नीतीश कुमार पहले भी 2016 से 2020 तक जदयू के अध्यक्ष रह चुके हैं.

    क्या होगा बैठक का एजेंडा?

    जदयू के सीनियर नेता और प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा कि आज पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी और राष्ट्रीय परिषद की बैठक होनी है. इसमें देश की वर्तमान राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा होगी.

    उन्होंने बताया कि इसमें जदयू और इंडिया को मजबूत करने और सीटों की शेयरिंग पर भी चर्चा की जाएगी.

  6. इसराइली सेना शरणार्थी शिविरों की ओर बढ़ी, 1.5 लाख फ़लस्तीनियों ने छोड़ा सेंट्रल ग़ज़ा इलाक़ा

    संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि ग़ज़ा पट्टी में स्थित शरणार्थी शिविरों की ओर इसराइली सेना के बढ़ने के कारण क़रीब 1.5 लाख फ़लस्तीनियों को सेंट्रल ग़ज़ा छोड़कर जाने पर मजबूर होना पड़ा है.

    प्रत्यक्षदर्शियों और हमास के हथियारबंद धड़े ने बताया है कि इसराइली सेना के टैंक बुरेज शिविर की पूर्वी छोर पर पहुंच गए हैं.

    इसराइली सेना ने हाल में बुरेज के साथ नुसीरत और मग़ाज़ी शिविरों को निशाना बनाते हुए आक्रामक अभियान की शुरुआत की.

    हमास संचालित ग़ज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को दावा किया कि इसराइल की गोलीबारी में कई दर्ज़न लोग मारे गए.

    उधर मिस्र ने बताया है कि उसने युद्धविराम का लक्ष्य रखते हुए तीन चरणों वाला एक प्रस्ताव पेश किया है.

    हमास का एक प्रतिनिधिमंडल इस प्रस्ताव का उत्तर देने के लिए मिस्र की राजधानी काहिरा पहुंच गया है.

    इसी बीच संयुक्त राष्ट्र ने गुरुवार को जारी एक रिपोर्ट में इसराइल पर कई आरोप लगाए.

    इस रिपोर्ट में कहा गया है कि -

    • इसराइली बस्तियों के हथियारबंद बाशिंदों की ओर से हो रहे हमलों में उछाल के कारण फ़लस्तीन के चरवाहा समुदाय का बड़े पैमाने पर विस्थापन हो रहा है.
    • आवागमन को लेकर जारी भेदभावपूर्ण प्रतिबंध से लोगों की रोज़ाना की ज़िंदगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है.

    इस रिपोर्ट में संयुक्त राष्ट्र ने इसराइल से वेस्ट बैंक में फ़लस्तीनी नागरिकों की 'ग़ैरक़ानूनी हत्याओं' को रोकने का आग्रह किया.

  7. हिमन्त बिस्व सरमा ने ब्राह्मण-शूद्र वाली पोस्ट डिलीट कर अब कहा- सॉरी

  8. लोकतंत्र समर्थक अभियान के अहम चेहरे टोनी चुंग हॉन्ग कॉन्ग से भागे, किस देश से मांगी शरण

    हॉन्ग कॉन्ग में लोकतंत्र लाने के लिए चलाए गए अभियान के अहम चेहरे टोनी चुंग सरकार के निगरानी आदेश का उल्लंघन करते हुए ब्रिटेन में शरण की गुहार लगाई है.

    22 साल के टोनी चुंग ने बीबीसी को बताया कि हॉन्ग कॉन्ग में उन पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी, जहां पुलिस ने उन्हें 'काफ़ी तनाव' दे रखा था.

    सरकार ने जेल की सज़ा काटने के बाद चुंग की एक साल तक निगरानी करने का आदेश दिया था. इसके तहत उन्हें विदेश जाने के पहले सरकार की अनुमति की ज़रूरत होती थी.

    ऐसे में प्रशासन से अनुमति लेकर वे 20 दिसंबर को छह दिनों की छुट्टी पर जापान गए. वहां पहुंचने के बाद उन्होंने फ़ैसला किया कि वे हॉन्ग कॉन्ग नहीं लौटेंगे और ब्रिटेन से शरण मांगेंगे.

    चुंग को हॉन्ग कॉन्ग को अलग करने के लिए अपील करने का दोषी ठहराया गया था. हालांकि जून में उनकी सज़ा पूरी हो गई थी.

    लेकिन उनका दावा था कि रिहाई के बाद उन्हें ऐसे माहौल में रखा गया, जो जेल से भी 'बड़ी और खतरनाक जेल' थी.

    चुंग का दावा है कि पुलिस ने उन्हें अपने साथी कार्यकर्ताओं के बारे में बताने के लिए 'वेतनभोगी मुखबिर' बनने के लिए भी मजबूर किया.

    इस तरह चुंग हॉन्ग कॉन्ग के उन चुनिंदा लोकतंत्र समर्थकों में शामिल हो गए हैं, जो पिछले कुछ सालों में भागकर किसी और देश चले गए.

  9. जयपुर: गाड़ी से कुचल कर युवती की हत्या करने के मामले में पुलिस ने अब की ये कार्रवाई

      • Author, मोहर सिंह मीणा
      • पदनाम, जयपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए

    जयपुर में 26 दिसंबर के तड़के गाड़ी से कुचलकर युवती की हत्या करने के मामले में पुलिस ने एक और गिरफ़्तारी की है.

    इसके अलावा, देर रात तक शराब पिलाने के आरोप में होटल एवरलैंड के बार संचालक के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की गई है.

    जवाहर सर्किल थाना प्रभारी दलबीर सिंह ने बीबीसी से कहा, "मुख्य अभियुक्त मंगेश अरोड़ा के दोस्त गौरव को हत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ़्तार किया है. मंगेश को कोर्ट के समक्ष पेश कर दो जनवरी तक रिमांड पर लिया गया है."

    मालवीय नगर एसीपी संजय शर्मा ने बीबीसी हिंदी को बताया, "मंगेश के दोस्त ने उन्हें उकसाया और कहा कि इतना गाली गलौच सुनकर जा रहे हो. उसके बाद मंगेश ने राजकुमार और युवती पर गाड़ी चढ़ा दी."

    थाना प्रभारी दलबीर सिंह ने बताया, "मंगेश अरोड़ा के दोस्त जितेंद्र से घटना में उपयोग की गई गाड़ी और 9 लाख रुपए बरामद हुए थे. मंगेश को फरार करने में भी जितेंद्र ने सहयोग किया था. जितेंद्र से पूछताछ के बाद उन्हें ज़मानत मिल गई है. पूछताछ के लिए फिर उन्हें बुलाया जाएगा."

    उनके अनुसार, "घटना के दौरान वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शी होटल स्टाफ और मृतक उमा सुतार ने बुक किए गए कैब के ड्राइवर से भी पूछताछ की जाएगी."

    दलबीर सिंह बताते हैं, "घटना के दौरान अभियुक्त मंगेश अरोड़ा के साथ उनकी एक महिला मित्र भी साथ थीं. हमने उनकी पहचान कर ली है. जल्द ही उनसे पूछताछ की जाएगी."

    पुलिस ने बार संचालक के खिलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करते हुए बार का लाइसेंस निरस्त करने के लिए जयपुर शहर के ज़िला आबकारी अधिकारी को पत्र लिखा है.

  10. सीबीआई से जांच पर लगाई गई रोक मिज़ोरम ने वापस ली

    मिज़ोरम ने अपने राज्य में किसी भी मामले की जांच सीबीआई से कराने पर लगाई गई रोक हटा ली है.

    राज्य के नए मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने गुरुवार को गज़ट में प्रकाशित इस निर्णय को पोस्ट करते हुए ये एलान किया.

    उनके इस एलान का मतलब यह हुआ कि सीबीआई अब फिर से मिज़ोरम में किसी मामले की जांच कर सकती है.

    मिज़ोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने ​सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा, "मिज़ोरम सरकार, मिज़ोरम राज्य में अपराधों की सीबीआई जांच पर सहमति देती है. हमारी सरकार अपने नागरिकों के कल्याण के लिए भ्रष्टाचार ख़त्म करने के लिए अडिग है."

    मिज़ोरम के ताज़ा फ़ैसले के बाद सीबीआई को जांच की अनुमति वापस लेने वाले राज्यों की संख्या 10 से घटकर नौ रह गई है.

    सीबीआई की स्थापना दिल्ली स्पेशल पुलिस इस्टैब्लिशमेंट (डीएसपीई) एक्ट, 1946 के तहत हुई है.

    इस एक्ट की धारा 6 के अनुसार, किसी भी राज्य में सीबीआई तभी जांच कर सकती है, जब वो राज्य अपने यहां जांच की इजाज़त संस्था को दे.

    संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान कार्मिक मंत्रालय के राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया था कि देश के 10 राज्यों ने अपने यहां सीबीआई से जांच कराने पर दी गई सहमति वापस ले ली है.

    उनके अनुसार ऐसे राज्य हैं- पंजाब, झारखंड, केरल, राजस्थान, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, मेघालय, तमिलनाडु और मिज़ोरम.

    उन्होंने यह भी बताया था कि केंद्र सरकार का डीएसपीई एक्ट, 1946 की धारा 6 में संशोधन करने का कोई इरादा नहीं है.

  11. अक्षय कुमार ने क्रिकेटर शिखर धवन को क्यों कहा- "हौसला रख शिखर..."

    क्रिकेटर शिखर धवन के अपने बेटे जोरावर से न मिल पाने के दुख को लेकर फ़िल्म अभिनेता अक्षय कुमार ने उन्हें सांत्वना दी है. अक्षय कुमार ने धवन को हौसला रखने की सलाह दी है.

    शिखर धवन के पोस्ट के जवाब में उन्हें टैग करते हुए अक्षय कुमार ने गुरुवार को सोशल मीडिया साइट इंस्टाग्राम पर लिखा, "मैं इस पोस्ट को देखकर वाक़ई बहुत दुखी हो गया. बतौर एक पिता, मैं जानता हूं कि अपने बच्चे को न देख पाने या उनसे न मिल पाने से ज्यादा दुखद कुछ भी नहीं होता."

    धवन का मनोबल बढ़ाते हुए उन्होंने लिखा, "हौसला रख शिखर... हम जैसे लाखों लोग आपके लिए प्रार्थना कर रहे हैं कि आप जल्द से जल्द अपने बेटे से मिलें. भगवान भला करे."

    क्या है मामला?

    शिखर धवन ने 26 दिसंबर को अपने नौ साल के बेटे ज़ोरावर के जन्मदिन पर इंस्टाग्राम पर एक भावुक करने वाला पोस्ट लिखा था.

    उस पोस्ट में उन्होंने अपने बेटे से न मिल पाने के दुख को व्यक्त किया, जिसकी सोशल मीडिया पर काफ़ी चर्चा हुई.

    धवन ने उस पोस्ट में अपने बेटे से कहा कि भले ही वो उनसे एक साल से नहीं मिले हैं लेकिन दिल से हमेशा वो उनके पास ही हैं.

    अपनी पत्नी आयशा मुखर्जी का नाम लिए बिना उन्होंने बताया कि पिछले तीन महीने से उन्हें हर उस माध्यम पर ब्लॉक कर दिया गया, जिसके ज़रिए वे अपने बेटे ज़ोरावर से संपर्क कर सकते थे.

    बेटे के लिए धवन ने ये लिखा था

    धवन ने अपनी पोस्ट में लिखा, "तुमसे एक साल से नहीं मिला हूँ और अब तीन महीने से ज़्यादा समय से मुझे हर जगह से ब्लॉक कर दिया गया है. इसलिए मैं पुरानी तस्वीर ही पोस्ट करके शुभकामनाएं दे रहा हूं. मेरे बच्चे, जन्मदिन मुबारक हो."

    "मैं सीधे तुमसे मिल नहीं सकता लेकिन दुनिया में टेलीपैथी नाम की भी चीज होती है, मैं तुमसे दिल से जुड़ा हुआ हूँ. मुझे तुम पर बहुत गर्व है, मुझे पता है कि तुम अच्छा कर रहे हो और अच्छे से बड़े हो रहे हो. पापा तुम्हें हमेशा याद करते हैं और तुमसे प्यार करते हैं. वो हमेशा सकारात्मक हैं. भगवान की कृपा से जब हम मिलेंगे तो तुम मुझे मुस्कान के साथ इंतज़ार करते पाओगे. नटखट बनो लेकिन हानि पहुंचाने वाला नहीं. लोगों की मदद करो, दयालु बनो, धैर्य रखना सीखो और मज़बूत बनो."

    "तुम्हें न देखने के बाद भी मैं तुम्हें रोज़ मैसेज लिखता हूं, मैं उसमें तुमसे तुम्हारे रोज़ के जीवन के बारे में पूछता हूँ, तुम्हें बताता हूं कि मैं क्या कर रहा हूं.

    बहुत बहुत प्यार ज़ोरा"

    - पापा

    अक्टूबर में हुआ था धवन का तलाक़

    इससे पहले इस साल अक्टूबर में दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने धवन और उनकी पत्नी आयशा के तलाक़ को मंज़ूरी दे दी थी. दोनों कुछ साल से एक दूसरे से अलग रह रहे थे.

    कोर्ट ने कहा था कि शिखर धवन को उनके बेटे से सालों तक अलग रखकर पत्नी ने उन्हें मानसिक प्रताड़ना दी. उसने मानसिक प्रताड़ना के आधार पर ही धवन को तलाक़ की इजाज़त दी.

    कोर्ट ने धवन को उनके बेटे से भारत और ऑस्ट्रेलिया में मिलने की अनुमति भी दी थी.

  12. ललन सिंह के इस्तीफ़े की अटकलों के बीच जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक आज

    जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह के इस्तीफ़े की अटकलों के बीच पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक आज (शुक्रवार को) नई दिल्ली में होने जा रही है.

    राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के साथ राष्ट्रीय परिषद की बैठक भी रखी गई है.

    इन बैठकों में शामिल होने के लिए जदयू के अधिकतर शीर्ष नेता गुरुवार को ही नई दिल्ली पहुंच चुके हैं.

    मौजूदा राजनीतिक हालात के कारण इस बैठक का महत्व काफ़ी बढ़ गया है.

    राजनीतिक गलियारों में चर्चा गर्म है कि पार्टी अध्यक्ष ललन सिंह अपने पद ले इस्तीफ़ा देने वाले हैं. हालांकि ललन सिंह ने इस ख़बर को कोरी अफ़वाह क़रार दिया.

    गुरुवार को उन्होंने कहा कि ये राष्ट्रीय कार्यकारिणी और राष्ट्रीय परिषद की नियमित बैठक है.

    ललन सिंह के मीडिया पर आरोप

    उन्होंने मीडिया पर भाजपा के इशारे पर नैरेटिव सेट करने का आरोप लगाया.

    ललन सिंह ने तंज़ कसते हुए कहा, "हमें जब इस्तीफ़ा देना होगा तो आप लोगों को बुला लेंगे और परामर्श कर लेंगे. परामर्श करने के बाद इस्तीफ़ा में क्या-क्या लिखना है, वो भी आप लोगों से आग्रह करेंगे."

    उन्होंने मीडिया पर बीजेपी के इशारों पर चलने का आरोप लगाते हुए कहा, "हम आप लोगों को दोष नहीं दे रहे हैं. आप मजबूर हैं. आप का जो मैनेजमेंट बीजेपी के नियंत्रण में है. बीजेपी जो नैरेटिव सेट करती है, उस पर आपका मैनेजमेंट आपको निर्देश देता है और आपको उसे फॉलो करना है. आप मजबूर हैं."

    उनके अनुसार, "नीतीश कुमार इस पार्टी के सर्वमान्य नेता हैं. जनता दल यूनाइटेड एक है, एक रहेगा. आप, आपका मैनेजमेंट और बीजेपी चाहे जितना प्रयास कर लें, आपको कुछ नहीं मिलने वाला."

    जदूय के प्रवक्ता केसी त्यागी ने बताया कि गुरुवार को 11.30 बजे राष्ट्रीय कार्यकारिणी और 3.30 बजे राष्ट्रीय परिषद की बैठक होगी. उसमें जो प्रस्ताव आएंगे, उस पर चर्चा की जाएगी.

  13. अमेरिका के फिर राष्ट्रपति बनने का प्रयास कर रहे डोनाल्ड ट्रंप को उत्तर पूर्वी राज्य मेन ने दिया झटका

    अमेरिका के उत्तर पूर्वी राज्य मेन के शीर्ष चुनाव अधिकारी ने डोनाल्ड ट्रंप को झटका दिया है.

    मेन राज्य की सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट शेना ली बेलोज़ ने 2021 के कैपिटल हिल दंगे में ट्र्रंप की भूमिका के कारण 'संवैधानिक विद्रोह' के प्रावधान का हवाला देते हुए फ़ैसला सुनाया है कि वे 2024 में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव की होड़ में शामिल नहीं हो सकते.

    इस फ़ैसले के कारण रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बनने के लिए ट्रंप मेन राज्य में होने वाले प्राइमरी चुनाव में भाग नहीं ले सकते.

    इस तरह कोलोराडो के बाद अब मेन, ट्रंप को चुनाव में भाग लेने से प्रतिबंधित करने वाला दूसरा राज्य बन गया है.

    हालांकि इन दोनों राज्यों के फ़ैसलों को अब अदालत में चुनौती दिए जाने की संभावना है.

    34 पेज के फ़ैसले में बेलोज़ ने कहा है कि अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन के कारण ट्रंप को मेन के बैलेट से हटा दिया जाना चाहिए. इस संशोधन के अनुसार, 'विद्रोह या विद्रोह में शामिल' कोई भी इंसान पद संभालने के काबिल नहीं है.

    अपने आदेश में उन्होंने कहा, "ट्रंप ने कई महीनों के दौरान और 6 जनवरी, 2021 को अपने समर्थकों को भड़काने और उन्हें कैपिटल हिल को निशाना बनाने के लिए उकसाने के लिए चुनावी धोखाधड़ी की झूठी कहानी का सहारा लिया."

    उन्होंने कहा, "उनका कभी-कभार अनुरोध करना कि दंगा करने वाले शांति बनाए रखें और क़ानून-व्यवस्था बनाए रखें, उनके कामों को ग़लत ठहराने से बचा नहीं सकता."

    बेलोज़ ने अपने फ़ैसले में लिखा, "मैं इस निष्कर्ष पर बिना विचार किए नहीं पहुंची हूं. मुझे इस बात का ध्यान है कि किसी भी सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट ने संविधान के 14वें संशोधन की धारा 3 के आधार पर राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को चुनाव में शामिल होने से नहीं रोका है.

    बेलोज़ ने यह भी कहा, "हालांकि, मुझे यह भी पता है कि राष्ट्रपति पद का कोई भी उम्मीदवार पहले कभी विद्रोह में शामिल नहीं हुआ है."

    ट्रम्प के कैंपेन ने बेलोज़ से पहले कहा था कि वे इस प्रक्रिया से खुद को अलग कर लें.

    लेकिन इस निर्णय के बाद ट्रम्प के कैंपेन के प्रवक्ता स्टीवन चेउंग ने फ़ैसले की आलोचना करते हुए बेलोज़ को 'एक अति-पक्षपातपूर्ण बाइडन-समर्थक डेमोक्रेट' कहा है और दावा किया है कि वे 'चुनावी दख़ल' में शामिल थीं.

    उन्होंने कहा कि ट्रंप का कैंपेन 'मेन के इस क्रूर निर्णय को लागू होने से रोकने के लिए राज्य की अदालत में तुरंत चुनौती देगा'.

    2024 में डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति पद के चुनाव में शामिल होने से रोकने के लिए उनकी उम्मीदवारी को कई राज्यों में चुनौती दी गई है. इसका आधार संविधान के 14वें संशोधन को बनाया गया है.

    हालांकि मिशिगन और मिनेसोटा राज्य की अदालतों ने ट्रंप को चुनाव में शामिल होने से रोकने के प्रयासों को ख़ारिज कर दिया है. इस तरह अब इस मामले में अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट से फ़ैसला होने की संभावना है.

  14. नमस्कार!

    आपका दिन शुभ हो.

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