मानवाधिकार संस्था ह्यूमन राइट्स वॉच
(HRW) ने अमेरिका और कनाडा के सिख अलगाववादी नेताओं की हत्या की कथित साज़िश
में भारतीय अधिकारियों के शामिल होने के आरोपों की विस्तार से और निष्पक्ष जांच कराने
की मांग की है.
संस्था की ओर से शुक्रवार को जारी एक
प्रेस रिलीज़ में आरोप लगाया गया है कि भारत सरकार विदेशों में रह रहे बुद्धिजीवियों
और एक्टिविस्टों के ख़िलाफ़ पहले से ही दुष्प्रचार फैलाने में जुटी हुई है.
HRW ने ग़ैर क़ानूनी तरीक़े से लोगों को मारने और अधिकारों के उल्लंघन में
शामिल सुरक्षा बलों को सज़ा दिलाने में नाकाम रहने का आरोप भारत सरकार पर लगाया है.
संस्था की एशिया डायरेक्टर ऐलेन पियर्सन
ने कहा है कि अमेरिका और कनाडा में हत्या की साज़िश रचने में भारत की कथित संलिप्तता, ग़ैर क़ानूनी तरीक़े
से लोगों को मारने की प्रवृत्ति का ही विस्तार है.
सितंबर 2023 में कनाडा के प्रधानमंत्री
जस्टिन ट्रुडो ने कनाडा के नागरिक और अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में
भारत के शामिल होने का आरोप लगाया था.
उसके बाद 29 नवंबर को अमेरिकी अधिकारियों
ने आरोप लगाया कि सिख अलगाववादी नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या के प्रयास में एक
भारतीय अधिकारी ने भारत के ही नागरिक निखिल गुप्ता को ज़िम्मेदारी सौंपी थी.
इससे पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सात दिसंबर को कहा था कि भारत ने अमेरिकी ज़मीन पर एक ख़ालिस्तानी नेता को मारने की कथित साजिश के मामले में जांच शुरू कर दी है. इस मामले में अमेरिका ने इनपुट उपलब्ध कराए थे और यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला है.
साथ ही विदेश मंत्री ने ये साफ़ किया कि कनाडा के आरोपों पर 'इसी तरह की कार्रवाई' की संभावना नहीं है क्योंकि कनाडा ने कोई पुख्ता सबूत या इनपुट भारत को नहीं दिया है.
राज्यसभा में एस जयशंकर ने कहा कि अमेरिका और कनाडा की ओर से लगाए गए आरोपों को सामान तरीके से देखने का सवाल ही नहीं उठता है क्योंकि एक देश ने भारत सरकार को इनपुट उपलब्ध कराए हैं, जबकि दूसरे ने ऐसा नहीं किया था.
उन्होंने कहा, "जहां तक अमेरिका का सवाल है, अमेरिका के साथ हमारे सुरक्षा सहयोग के तहत हमें कुछ इनपुट दिए गए थे. वे इनपुट हमारे लिए चिंता का विषय थे क्योंकि वे संगठित अपराध, तस्करी से संबंधित थे. इनका हमारी अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा पर असर पड़ता है, इसलिए मामले की जांच करने का निर्णय लिया गया और एक जांच समिति का गठन किया गया है."
"जहां तक कनाडा का सवाल है, हमें कोई विशिष्ट सबूत या इनपुट उपलब्ध नहीं कराया गया. इसलिए दो देशों, जिनमें से एक ने इनपुट दिए है और एक ने नहीं, उनके साथ एक जैसा न्यायसंगत व्यवहार करने का सवाल ही नहीं उठता है."
अमेरिका ने जब ख़ालिस्तानी नेता की हत्या की कोशिश में भारत सरकार के अधिकारी के शामिल होने का आरोप लगाया तो भारत ने उसे चिंताजनक बताते हुए उस पर जांच समिति गठित कर दी, लेकिन जब सितंबर महीने में कनाडा ने ख़ालिस्तान समर्थक नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत सरकार के शामिल होने का आरोप लगाया था तो भारत ने इस आरोप को पूरी तरह ख़ारिज कर दिया था.