इसराइल - ग़जा युद्धः कल सुबह से लागू होगा संघर्ष विराम, क्या हैं समझौते की शर्तें?

फ़लस्तीन के चरमपंथी संगठन हमास ने कहा है कि इसराइल के साथ हुए चार दिन का युद्ध विराम गुरुवार सुबह 10 बजे से लागू हो जाएगा.

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कीर्ति दुबे and संदीप राय

  1. ब्रेकिंग न्यूज़, इसराइल ने मंज़ूर की डील, हमास 50 इसराइली बंधकों को छोड़ेगा और चार दिन थमेगा युद्ध

    नेतन्याहू

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    इसराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया है कि हमास ने जिन इसराइली नागरिकों को बंधक बनाया है, उनमें से 50 बंधकों की रिहाई चार दिनों तक की जाएगी और इस दौरान युद्ध अस्थायी रूप से रोका जाएगा.

    इसराइल की कैबिनेट ने इस डील को मंज़ूरी दी, जिसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने इसे लेकर आधिकारिक बयान जारी किया है.

    इसराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने अपने बयान में कहा है, ''इसराइल सरकार सभी बंधकों की घर वापसी कराने के लिए प्रतिबद्ध है. आज सरकार ने इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए पहले चरण की रूपरेखा को मंज़ूरी दे दी है, जिसके अनुसार 50 बंधकों जिसमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैं, उन्हें चार दिनों में रिहा किया जाएगा, इस दौरान लड़ाई रोकी जाएगी.''

    इसराइली सरकार, इसराइली सेना और सिक्योरिटी सर्विस सभी बंधकों की घर वापसी होने तक और हमास का पूरा सफ़ाया करने तक युद्ध जारी रखेंगी. यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ग़ज़ा से इसराइल को आगे कोई नया ख़तरा ना हो.

    हमास का बयान

    हमास ने टेलीग्राम पर बयान जारी करते हुए कहा है कि ‘मानवीय आधार पर युद्ध विराम’ पर सहमति बन गयी है. हमास ने क़तर और मिस्र का भी इस डील की मध्यस्थता करने के लिए शुक्रिया अदा किया है.

    कई सप्ताह तक चली बातचीत के बाद इसराइल और हमास ने बीते दिनों ये संकेत दिए थे कि सात अक्टूबर से हमास के कब्ज़े में बंद इसराइली बंधकों को लेकर दोनो पक्ष एक डील के काफ़ी करीब हैं.

    मंगलवार को हमास के नेता इस्माइल हानिया ने रॉयटर्स से बात करते हुए कहा था कि हमास इसराइल के साथ ‘युद्ध विराम की डील’ के काफ़ी करीब है.

    इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने भी कहा था कि उनके पास जल्द साझा करने के एक ‘अच्छी ख़बर’ होगी.

  2. पाकिस्तान ने 2024 में ब्रिक्स की सदस्यता के लिए किया आवेदन

    पाकिस्तान

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    पाकिस्तान ने 2024 में ब्रिक्स देशों के समूह में शामिल होने के लिए आवेदन किया है.

    पाकिस्तान के रूस में नवनियुक्त राजदूत मुहम्मद ख़ालिद जमाली ने रूस की समाचार एजेंसी तास को दिए गए इंटरव्यू में ये बात कही है.

    जमाली से जब पूछा गया कि क्या पाकिस्तान ने ब्रिक्स की सदस्यता के लिए बिड किया है तो उन्होंने कहा पाकिस्तान पहले ही आवेदन कर चुका है.

    उन्होंने कहा- “पाकिस्तान इस महत्वपूर्ण समूह का हिस्सा बनना चाहता है और पाकिस्तान सदस्य देशों से समर्थन के लिए संपर्क कर रहा है, रूस से हम खास तौर पर समर्थन चाहते हैं.”

    ब्रिक्स उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं का समूह है जिसके सदस्य ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका रहे हैं. इस साल अगस्त में ब्रिक्स के 15वें शिखर सम्मेलन में इसका विस्तार करते हुए इस समूह में मिस्र, ईरान, सऊदी अरब , संयुक्त अरब अमीरात, इथियोपिया और अर्जेंटीना को शामिल किया गया.

    मंगलवार को इसराइल और ग़ज़ा के मुद्दे पर ब्रिक्स की वर्चुअल बैठक बुलायी गई थी जिसमें तुरंत युद्धविराम करने का आह्वान किया गया. इस बैठक में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सहित सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल हुए लेकिन भारत की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जगह विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हिस्सा लिया.

  3. इसराइली पीएम ने कहा, बंधकों के छूटने के बाद भी ग़ज़ा में युद्ध जारी रहेगा

    इसराइली पीएम

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    इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा है कि इसराइल हमास के ख़िलाफ़ ‘लक्ष्य हासिल होने तक’ युद्ध जारी रखेगा.

    इसराइली बंधकों को लेकर होने वाली डील पर चर्चा के लिए कैबिनेट की बैठक से पहले एक रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो बयान में नेतन्याहू ने कहा कि इस तरह की "बकवास" बातें की जा रही हैं कि बंधकों को रिहा करने के बाद युद्ध रोक दिया जाएगा.

    उन्होंने बंधकों की वापसी कोअपने ‘सबसे बड़े लक्ष्यों में से एक बताया’

    उन्होंने कहा- “युद्ध में कई चरण होते हैं और बंधकों की वापसी में भी कई चरण होंगे,लेकिन हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक हम पूरी तरह से जीत नहीं जाते. सभी बंधकों को वापस लाना हमारा सबसे पवित्र कर्तव्य है.”

    उन्होंने कहाहमास का सफ़ाया भी एक लक्ष्य है और ग़ज़ा में ऐसा कुछ भी नहीं छोड़ेंगे जिससे इसराइल को फिर से ख़तरा हो."

    उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन को भी धन्यवाद देते हुए कहा किउन्होंने "कम कीमत चुकाने के बदले अधिक बंधकों की रिहाई के लिए डील का प्लान बनाने में मदद की.”

    वहीं अमेरिकी न्यूज़ चैनल सीएनएन का कहना है कि क़तर के अधिकारियों ने डील का प्रस्ताव इसराइल को आज सुबह सौंपा है.

    क़तर इस पूरे युद्ध में हमास और इसराइल की पार्टियों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है. इससे पहले भी चार बंधक जिन्हें हमास ने छोड़ा था वो क़तर की मध्यस्थता से ही हुआ था.

    अब तक जो रिपोर्ट सामने आ रही हैं उसके मुताबिक़ इसराइली सरकार जिस डील की समीक्षा कर रही है, उसमें कहा गया है कि कुछ दिनों के लिए युद्ध रोकने के बदले में बंधक रिहा किए जाएंगे.

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