इसराइल-हमास संघर्ष: अल-शिफ़ा अस्पताल से बाहर निकलने वालों पर चली गोलियां

ग़ज़ा पट्टी में इसराइली सेना और हमास के बीच संघर्ष का केंद्र बने अल-शिफ़ा अस्पताल में हालात लगातार ख़राब होते जा रहे हैं.

लाइव कवरेज

चंदन शर्मा and अनंत प्रकाश

  1. ब्रेकिंग न्यूज़, बिहार: जमुई में बालू लदे ट्रैक्टर ने सब इंस्पेक्टर को कुचला, मौत- पुलिस

    क्राइम सीन

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    बिहार के जमुई ज़िले में मंगलवार को एक बालू लदे ट्रैक्टर ने गरही थाना के दरोगा प्रभात रंजन को कुचल दिया. इस हादसे में उनकी मौत हो गई.

    जमुई पुलिस ने सोशल प्लेटफ़ॉर्म एक्स (ट्विटर) पर इसकी पुष्टि की है.

    जमुई पुलिस ने बताया है कि बालू लदे 'ट्रैक्टर ने दरोगा रंजन को जान से मारने की नीयत से धक्का मारा था जिससे उनकी मौत हो गयी.'

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    इस हमले में एक अन्य पुलिसकर्मी राजेश कुमार साव भी जख़्मी हुए हैं जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है.

    पुलिस ने बताया है, "इस ट्रैक्टर को ज़ब्त कर लिया गया है. चालक की पहचान कर ली गयी है. और चालक की गिरफ़्तारी के लिए एक विशेष टीम गठित करके छापामारी की जा रही है."

  2. बिहार: मांझी ने शराबबंदी और बालू नीति को बताया 'फ्लॉप', नीतीश के ख़िलाफ़ बीजेपी का सत्याग्रह

    जीतन राम मांझी

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    बिहार के पूर्व सीएम और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने नीतीश कुमार सरकार पर निशाना साधा है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, मांझी ने नीतीश सरकार की दो अहम नीतियों 'शराबबंदी' और 'बालू आवंटन' को बेकार बताते हुए उसे 'फ्लॉप' करार दिया है.

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    मांझी के साथ नीतीश के व्यवहार का मौन रखकर विरोध

    इस बीच मुख्य विपक्षी दल बीजेपी के नेताओं ने जीतन राम मांझी के समर्थन में और उनके साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कथित बुरे बर्ताव के ख़िलाफ़ सत्याग्रह किया.

    बीजेपी नेताओं ने पटना में मौन व्रत रखकर सीएम नीतीश कुमार की 'तू-तड़ाक की भाषा और व्यवहार' का विरोध किया.

    बीबीसी के सहयोगी पत्रकार विष्णु नारायण ने बताया है कि मंगलवार को पटना हाईकोर्ट के बाहर भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के सामने मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा ने मौन सत्याग्रह का आयोजन किया था.

    जीतन राम मांझी भी इसमें शामिल होने वाले थे, लेकिन उन्हें वहां जाने की अनुमति नहीं मिली. हालांकि इस कार्यक्रम में बीजेपी के नेता शामिल हुए.

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    बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया साइट 'एक्स' पर किए एक पोस्ट में लिखा, ''बिहार भाजपा और एनडीए पूरी तरह से पूर्व मुख्यमंत्री श्री जीतन राम मांझी जी के साथ खड़ी है. नीतीश जी ने केवल पूर्व मुख्यमंत्री जी को अपमानित ही नहीं किया, बल्कि 14 करोड़ बिहारवासियों को भी अपमानित करने का काम किया है.''

    उन्होंने आरोप लगाया, ''दरअसल नीतीश बाबू शुरू से ही दलितों के प्रति संकीर्ण मानसिकता रखते हैं और समय-समय पर उसे प्रकट भी करते रहते हैं. किंतु इस बार बिहार की जनता उन्हें माफ़ नहीं करने वाली है और एनडीए के नेतृत्व में हम इस अराजक सत्ता को 2025 में गद्दी से उखाड़ फेंकेंगे.''

  3. नवजात बच्चों को लेकर बनी चिंता के बीच इसराइली सेना ने बताया- 'ग़ज़ा भेजे जा रहे हैं इनक्यूबेटर'

    सैनिक

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    इसराइल की सेना ने कहा है कि वो देश के एक अस्पताल से इन्क्यूबेटर ग़ज़ा भेज रही है.

    सोशल मीडिया पर जारी बयान के साथ एक तस्वीर भी पोस्ट की गई है.

    इसमें एक सैनिक एक वैन से इनक्यूबेटर उतारती नज़र आ रही हैं. ये तस्वीर कहां की है ये जानकारी नहीं दी गई है.

    इसराइली सेना की ओर से ये जानकारी ऐसे समय में सामने आई है जब फ़लस्तीनी स्वास्थ्यकर्मी लगातार बिगड़ती स्थिति को लेकर आगाह कर रहे हैं. ख़ासकर अस्पतालों में भर्ती नवजात बच्चों को लेकर चिंता जाहिर की जा रही है. समय पूर्व (प्रीमैच्योर) पैदा हुए बच्चों को इनक्यूबेटर में रखा जाता है.

    उन्होंने बताया कि ग़ज़ा के अस्पताल सप्लाई की कमी से जूझ रहे हैं. अस्पतालों में सबसे ज़्यादा ज़रूरत बिजली की है जिसके बिना इनक्यूबेटर जैसी मशीनें काम नहीं कर सकतीं.

    विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दो दिन पहले जानकारी दी थी कि ग़ज़ा के सबसे बड़े अस्पताल अल-शिफ़ा में कामकाज ठप हो गया है.

    इसराइली डिफेंस फोर्सेज़ के प्रवक्ता डैनियल हागरी ने कहा था कि उनकी सेना अल-शिफ़ा में फंसे बच्चों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने में मदद करेगी.

    हालांकि, सेना ने ये जानकारी नहीं दी है कि क्या ये इनक्यूबेटर अल-शिफ़ा अस्पताल के लिए हैं.

    अल-शिफ़ा के स्टाफ़ ने कहा था कि बच्चों को दूसरे अस्पतालों में शिफ़्ट करने के लिए ख़ास उपकरणों की ज़रूरत होगी.

  4. उत्तर प्रदेश: मथुरा के पटाखा बाज़ार की आग में झुलसे दो सगे भाइयों की मौत

      • Author, सुरेश सैनी, मथुरा से बीबीसी हिंदी के लिए
    मथुरा

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    उत्तर प्रदेश के मथुरा ज़िले के राया इलाके के एक पटाखा बाज़ार में दीपावली के दिन लगी आग में घायल हुए दो सगे भाइयों की मौत हो गई है. वहीं हादसे में घायल अन्य 11 लोगों की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है.

    यह हादसा दिवाली के दिन थाना राया इलाके के पटाखा बाजार में अचानक आग लगने से हुआ. इसमें कई दुकानें राख हो गई थीं.

    इस हादसे में पटाखे की दुकान लगाने वाले 13 लोग बुरी तरह से झुलस गए थे. ये दोनों सगे भाई उन्हीं लोगों में थे.

    मथुरा

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    ठाकुरदास नाम के एक भाई दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती थे. सुशील नाम के दूसरे भाई आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती थे.

    सोमवार की रात उनकी मौत हो गई. ये दोनों भाई हाथरस के मुरसान के रहने वाले थे.

    घायलों में से कुछ को इलाज के लिए सोमवार को दिल्ली स्थित एम्स में भर्ती कराया गया. बाक़ी लोगों का आगरा और मथुरा में इलाज चल रहा है.

    कई लोगों के 90 फ़ीसदी तक झुलस जाने के कारण उनकी हालत नाज़ुक बनी हुई है.

  5. उत्तरकाशी की सुरंग में हुए हादसों की जांच के लिए उत्तराखंड सरकार ने बनाई विशेषज्ञ समिति

    उत्तरकाशी

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    उत्तराखंड सरकार ने उत्तरकाशी में सड़क के लिए बनाए जा रहे सुरंग के एक हिस्से के अचानक ढहने के मामले की जांच के लिए एक विशेषज्ञ समिति बनाने का एलान किया है.

    उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) की ओर से जारी एक आदेश के अनुसार, इस सुरंग में हुए भूस्खलन के अध्ययन और कारणों की जांच करने के लिए एक समिति का गठन किया जाता है.

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    इसके अध्यक्ष उत्तराखंड भूस्खलन न्यूनीकरण और प्रबंधन केंद्र के निदेशक होंगे.

    इसमें बताया गया है कि इस जांच के दौरान मलबे के पत्थरों और मिट्टी के नमूनों की भी जांच की जाएगी.

  6. संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी ने कहा- ईंधन हुआ ख़त्म, ख़तरे में ग़ज़ा के सात लाख 80 हज़ार लोगों की मदद का काम

    संयुक्त राष्ट्र की फ़लस्तीन रिफ़्यूजी एजेंसी ने बताया है कि उनके यहां सात लाख 80 हज़ार लोगों ने शरण ली हुई है.

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    इमेज कैप्शन, संयुक्त राष्ट्र की फ़लस्तीन रिफ़्यूजी एजेंसी ने बताया है कि उनके यहां सात लाख 80 हज़ार लोगों ने शरण ली हुई है.

    संयुक्त राष्ट्र की फ़लस्तीन रिफ्यूजी एजेंसी (यूएनआरडब्लूए) ने बताया है कि उसके ईंधन के डिपो खाली हो गए हैं. एजेंसी के मुताबिक इन डिपो के जरिए वो ईंधन की सप्लाई कर रही थी.

    एजेंसी की कम्युनिकेशन डायरेक्टर जूलिएट टॉमा ने बीबीसी से कहा कि इस हालात में ग़ज़ा में चलाए जा रहा मानवीय अभियान ‘ख़तरे में पड़ सकता है.’

    उन्होंने बताया, “हम अपनी कारें नहीं चला पाएंगे. बेकरियों तक आटे की सप्लाई नहीं कर सकेंगे. हम स्वास्थ्य केंद्रों को ईंधन नहीं दे पाएंगे. हमने आज ईंधन दिया लेकिन ये आखिरी खेप थी.”

    जूलिएट ने बताया, “हमारे यहां सात लाख 80 हज़ार लोगों ने शरण ली हुई है. हम उनकी मदद नहीं कर सकेंगे.”

    उन्होंने बताया कि एजेंसी निजी सेक्टर से हासिल ईंधन का इस्तेमाल कर रही है. इसे इसराइल के अधिकारियों के ‘समन्वय’ के जरिए भी एक डिपो से तेल मिल रहा है लेकिन अब वो भी ‘ख़त्म हो गया है.’

    उन्होंने कहा, "हमें अभी ईंधन चाहिए. तुरंत."

  7. जॉर्डन के किंग अब्दुल्लाह ने कहा- 'इसराइल-फ़लस्तीन विवाद ख़त्म करने का एक ही रास्ता'

    किंग अब्दुल्लाह

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    जॉर्डन के किंग अब्दुल्लाह ने ऐसी किसी भी योजना को ख़ारिज कर दिया है, जिसमें इसराइल के ग़ज़ा के कुछ हिस्सों पर कब्ज़ा करने या वहां सिक्योरिटी ज़ोन बनाने की बात कही जा रही है.

    जॉर्डन के सरकारी मीडिया के मुताबिक किंग अब्दुल्लाह ने शाही महल में हुई बैठक में वरिष्ठ नेताओं से कहा है कि इसराइल और फ़लस्तीन के बीच विवाद का कोई ‘सैन्य या सिक्योरिटी से जुड़ा समाधान’ नहीं हो सकता है.

    सरकारी मीडिया के मुताबिक जॉर्डन के किंग ने कहा कि इस समस्या की जड़ ये है कि इसराइल फ़लस्तीनी लोगों के ‘वैधानिक अधिकार’ नहीं देना चाहता है.

    उन्होंने कहा, “समाधान का रास्ता वहीं से शुरू होता है. कोई और रास्ता अपनाया गया तो उसकी नाकामी तय है और ऐसा होने की स्थिति हिंसा और तबाही बढ़ेगी.”

    इसराइल की प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने बीते हफ़्ते ग़ज़ा की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी लेने की बात कही थी.

    उन्होंने कहा था कि इसराइल के पास ‘अनिश्चित वक़्त के लिए ग़ज़ा पट्टी की पूरी सुरक्षा की ज़िम्मेदारी होगी.’

  8. ऑस्ट्रेलिया: मगरमच्छ बहुल इलाक़े में मछली मारने गए पूर्व रेडियो होस्ट लापता, खोज जारी

    ऑस्ट्रेलिया

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    उत्तरी ऑस्ट्रेलिया में मगरमच्छों की बहुतायत वाली एक नदी में मछली मारने अकेले निकले एक पूर्व रेडियो होस्ट रोमन बुचास्की बीते दो दिनों से लापता हैं.

    उन्हें खोजने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं. आशंका जताई जा रही है कि कहीं वो मगरमच्छ के शिकार न बन गए हों.

    उन्हें खोजने के प्रयास तब शुरू हुए जब रविवार को वो अपने कैंपिंग ग्राउंड में नहीं पहुंचे.

    हालांकि क्वींसलैंड राज्य के सुदूर केप यॉर्क प्रायद्वीप की ओलिव नदी के पास उनका कुछ सामान मिला है.

    बुचास्की बंसी से मछली पकड़ने में माहिर थे. वो सिडनी के रेडियो स्टेशन '2जीबी' के फिशिंग शो के पूर्व होस्ट थे.

    वहां पर उनके साथ को-होस्ट रह चुके गेविन पिचफोर्ड ने बताया कि बुचास्की उस नदी के पास मछली पकड़ने अक्सर जाया करते थे.

    ऑस्ट्रेलिया के उस इलाक़े में मगरमच्छ बहुत संख्या में हैं. हालांकि इनके हमला करने की ख़बरें आम नहीं हैं. वैसे इस साल ऐसी कई ख़बरें आ चुकी हैं.

  9. ग़ज़ा के अल-शिफ़ा अस्पताल के हालात 'कब्रिस्तान जैसे': विश्व स्वास्थ्य संगठन

    ग़ज़ा

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    ग़ज़ा के अल-शिफ़ा अस्पताल के हालात को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि यहां स्थिति 'कब्रिस्तान जैसी' है.

    इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि ग़ज़ा पट्टी के अस्पतालों को सुरक्षित रखने की ज़रूरत है.

    डब्ल्यूएचओ के प्रवक्ता क्रिश्चियन लिंडमीयर ने बताया है कि फ़िलहाल इस अस्पताल में 600 लोग हैं.

    उनके अनुसार, ''अस्पताल के आसपास कई शव पड़े हैं, जिनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है. इन शवों को दफ़नाया नहीं जा रहा है. ये अस्पताल अब काम नहीं कर रहा है. ये एक ​कब्रिस्तान जैसा बन गया है.''

    डॉक्टरोंं ने भी बताया है कि अस्पताल में शवों का ढेर लग गया है और कई शव सड़ने लगे हैं.

    उत्तरी ग़ज़ा का ये अस्पताल पिछले कई दिनों से चर्चा में है.

    मेडिकल और खाने-पीने की सुविधाओं के न होने के कारण डब्लूएचओ का दावा है कि अब इस अस्पताल ने काम करना बंद कर दिया है.

    ऋ​षि सुनक

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    इमेज कैप्शन, ऋ​षि सुनक

    इसराइली सेना ने क्या कहा?

    हालांकि इसराइल की सेना का दावा है कि हमास इस अस्पताल को बेस की तरह इस्तेमाल कर रहा है. उसके अनुसार, अस्पताल के नीचे स्थित सुरंग में हमास का कमांड और कंट्रोल सेंटर है.

    इसराइली सेना के प्रवक्ता डेनियल हगारी का कहना है कि ग़ज़ा के एक बच्चों के अस्पताल को भी हमास हथियार रखने के लिए इस्तेमाल कर रहा था.

    हालांकि बीबीसी इसराइल के इन दावों को प्रमाणित नहीं कर पाया है. वहीं हमास और अस्पताल प्रशासन दोनों इसराइल दावे को ग़लत करार दे रहे हैं.

    हमास का दावा है कि ग़ज़ा में मरने वालों की संख्या बढ़कर अब 11,240 हो गई है. वहीं यूएन ने बताया है कि दो लाख फ़लस्तीनी उत्तरी ग़ज़ा छोड़कर दक्षिणी ग़ज़ा जा चुके हैं.

    इस बीच ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋ​षि सुनक ने कहा है कि इसराइल को अपने बंधकों को छुड़ाने और अपनी रक्षा करने का अधिकार है, लेकिन उसे आम नागरिकों को बचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों का सम्मान करना चाहिए.

  10. उत्तराखंड: उत्तरकाशी की सुरंग में फंसे मज़दूरों को बचाने के लिए लगाई गईं बड़ी मशीनें

    उत्तराखंड

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    उत्तराखंड के उत्तरकाशी में निर्माणाधीन एक सुरंग में फंसे 40 मजदूरों को निकालने के लिए ​ज़रूरी कई अन्य मशीनें घटनास्थल पर पहुंच गई हैं.

    बीबीसी के सहयोगी पत्रकार आसिफ़ अली के अनुसार सुरंग के भीतर बरमा मशीन (ऑगर मशीन) और एमएस पाइप भेजे गए हैं. मौके पर जरूरी साजो सामान के साथ विशेषज्ञ और इंजीनियर मौजूद हैं.

    समाचार एजेंसी पीटीआई की ओर से जारी एक वीडियो में मशीनों को देखा जा सकता है.

    पीटीआई ने अधिकारियों के हवाले से बताया है कि सुरंग के अंदर से मजदूरों को निकालने के लिए क्षैतिज ड्रिलिंग करने की ख़ातिर बरमा मशीन के लिए एक प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है.

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    नेशनल हाइवे और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर कर्नल (रिटायर्ड) संदीप सुधेरा ने बताया कि, “55 घंटे से भी अधिक समय से मज़दूर टनल के अंदर फँसे हैं. अभी तक मशीनें मलबे को एस्केवेटर मशीनों के ज़रिए मलबे को बाहर हटाने का काम कर रही थी.”

    “शॉट क्रीटिंग मशीनों से मलबे थामने का प्रयास किया जा रहा था, फिर भी मलबा को गिरने से रोकना संभव नहीं हो पा रहा था. उसके बाद रेस्क्यू टीमों ने नई रणनीति अपनाई है.”

    उन्होंने कहा, “ऑगर मशीन देहरादून से मंगाई गई है. 90 सेंमी व्यास के एमएस पाइप ग़ाज़ियाबाद और हरिद्वार से मंगाए गए हैं. इन पाइपों के भीतर से मज़दूरों को निकालने का प्रयास किया जाएगा.”

    उन्होंने बताया, “ड्रिलिंग मशीन साइट पर पहुंच गई है और ऑगर मशीन के लिए प्लेटफार्म तैयार कर लिया गया है.”

    उत्तराखंड

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    इस बीच जनसंपर्क अधिकारी जीएल नाथ ने स्थानीय नेताओं और अन्य लोगों से घटनास्थल पर न पहुंचने की अपील की है.

    उनके अनुसार, लोगों के घटनास्थल पर पहुंचने से राहत और बचाव कार्य करने में परेशानी हो रही है. हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई है कि सुरंग में फंसे मजदूरों को बचा लिया जाएगा.

    यह सुरंग उत्तरकाशी जिले में सिल्कयारा और डांडलगांव को जोड़ने के लिए बनाई जा रही है.

  11. भारत के लिए सेमीफ़ाइनल में न्यूज़ीलैंड को हराना आसान क्यों नहीं?

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    विश्व कप का लीग चरण ख़त्म होने के बाद भारतीय प्रशंसकों की नज़रें अब भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच बुधवार को होने वाले सेमीफ़ाइनल मैच पर जा टिकी हैं.

    मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में होने वाले इस मैच से लोगों की बड़ी उम्मीदें हैं. यह वही मैदान है, जहां 2011 में धोनी के नेतृत्व वाली भारतीय टीम ने अपना दूसरा वनडे विश्व कप जीतने में सफलता हासिल की थी.

    भारत इस विश्व कप के अपने सभी 9 लीग मैच जीतने के बाद इस मैच में जीत का सबसे प्रबल दावेदार है.

    हालांकि आईसीसी टूर्नामेंट में भारत के ख़िलाफ़ न्यूज़ीलैंड के शानदार रिकॉर्ड को देखते हुए मेजबान टीम को सतर्क रहना होगा.

    अभी तक आईसीसी टूर्नामेंट में दोनों टीमों के बीच 10 मैच हुए हैं, जिसमें से 8 मैच में न्यूज़ीलैंड विजयी रहा है.

    वैसे लीग चरण के दौरान भारत ने धर्मशाला में न्यूज़ीलैंड को पटखनी दे दी, जो ​​2003 के विश्व कप के बाद पहली बार हो पाया था.

    India

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    इमेज कैप्शन, 2019 विश्व कप में महेंद्र सिंह धोनी के रनआउट होने के बाद भारत की उम्मीदें ख़त्म हो गई थी.

    भारत के पास इंग्लैंड में हुए 2019 के विश्व कप सेमीफ़ाइनल में मिली हार का बदला लेने का मौक़ा होगा.

    उस मैच में भारत का पलड़ा ज़्यादातर समय भारी रहा था, लेकिन लगभग एक घंटे के ख़राब प्रदर्शन के कारण टीम को हार का सामना करना पड़ा था.

    रोहित शर्मा के नेतृत्व वाली भारतीय टीम की कोशिश रहेगी कि वो मुंबई में अपने शानदार रिकॉर्ड को और भी बेहतर करे.

    इस मैदान पर खेले गए 21 मैचों में से भारतीय टीम ने 12 मैच जीते हैं और 9 में हार का सामना करना पड़ा है.

    पिछले मैच में भारत के सभी बल्लेबाज़ों ने जिस तरह का खेल दिखाया है, वो आश्वस्त करने वाला है.

    इस विश्व कप में गेंदबाज़ों का भी प्रदर्शन सराहनीय रहा है. भारत ने खेले गए 9 मैचों में विपक्षी टीमों के 86 विकेट झटके हैं, जो इसके गेंदबाज़ों की काबिलियत बताने के लिए काफ़ी हैं.

  12. भारत-न्यूज़ीलैंड सेमीफ़ाइनल मैच के टिकट की कालाबाज़ारी के आरोप में मुंबई पुलिस ने एक शख़्स को किया गिरफ़्तार

    भारत-न्यूज़ीलैंड

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    विश्व कप के सेमीफाइनल में बुधवार को भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच होने वाले मैच के टिकट की कालाबाज़ारी करने के आरोप में मुंबई पुलिस ने एक शख़्स को गिरफ़्तार किया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई ने मुंबई पुलिस के डीसीपी प्रवीण मुंडे के हवाले से बताया है कि पुलिस ने आकाश महेश कोठारी नामक शख़्स पर आईपीसी की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है.

    एक अन्य पुलिसकर्मी ने बताया कि कोठारी को मलाड स्थित उनके घर से हिरासत में लिया गया है.

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    डीसीपी मुंडे के अनुसार, “न्यूज़ीलैंड बनाम भारत विश्व कप मैच के टिकट, जिसकी क़ीमत 2,500 से 4,000 रु के बीच होगी उसे 25 से 50 हज़ार रुपए में बेचा जा रहा था.''

    उन्होंने बताया कि जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने संदिग्धों से संपर्क किया और फिर कार्रवाई की गई. इस मामले में आगे की जांच अभी जारी है.

  13. बुर्किना फासो के एक गांव पर हुए हमले में कम से कम 70 लोगों की मौत

    बुर्किना फासो

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    पश्चिमी अफ्रीकी देश बुर्किना फासो के एक गांव पर अज्ञात लोगों के हमले में कम से कम 70 लोग मारे गए हैं. मरने वालों में अधिकतर बुज़ुर्ग और बच्चे बताए जा रहे हैं.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, अज्ञात हमलावरों ने 5 नवंबर को बुर्किना फासो के उत्तरी क्षेत्र के ज़ाओंगो गांव पर हमला किया. हमलावरों ने न केवल लोगों को मारा, बल्कि उनकी संपत्ति में आग भी लगा दी.

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    11 नवंबर को जांच के लिए घटनास्थल पर भेजी गई एक न्यायिक टीम ने पाया कि कम से कम 70 लोग मारे गए थे.

    एक सरकारी अभियोजक ने सोमवार को जारी एक बयान में बताया कि अभी तक हताहतों और लापता लोगों की सटीक संख्या निर्धारित नहीं की जा सकी है. हालां​कि जांच जारी है.

    यूरोपीय संघ ने रविवार को अधिकारियों से ज़ाओंगो गांव में 'लगभग 100' लोगों के नरसंहार की जांच करने को कहा है.

    बुर्किना फासो पश्चिम अफ्रीका के उन देशों में से एक है, जहां पिछले कई सालों से ख़ूनी संघर्ष चल रहा है. इसमें हज़ारों लोग मारे गए हैं और लाखों लोग अपना घर छोड़कर भाग गए हैं.

  14. राहुल गांधी ने जातिवार सर्वे को बताया 'एक्सरे' तो अखिलेश का ये तंज़

    Akhilesh yadav

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    समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पार्टी भले ही एक ही गठबंधन 'इंडिया' का हिस्सा हों, लेकिन दोनों पार्टियों के बीच सही तालमेल ​​बैठता हुआ नहीं दिख रहा है.

    सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मध्य प्रदेश के कटनी में राहुल गांधी के 'एक्सरे' वाले बयान पर तंज़ कसा है.

    यादव ने कहा है कि जब आज के ज़माने में एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी नई तकनीक उपलब्ध है, तो एक्सरे क्यों?

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    अखिलेश यादव ने कहा, ''सबसे बड़ा चमत्कार यह है कि कांग्रेस भी जातिगत जनगणना की बात कर रही है. जो लोग 'एक्सरे' की बात कर रहे हैं, वे वही लोग हैं, जिन्होंने आज़ादी के बाद जातिगत जनगणना बंद कर दी थी.''

    बिहार में जातिगत सर्वेक्षण होने और फिर उसके आंकड़े जारी होने के बाद कई दल पूरे देश में जातिगत जनगणना कराए जाने की मांग कर रहे हैं.

    इससे पहले राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश के सतना में एक चुनावी रैली में कहा था, ''मध्य प्रदेश में सत्ता में आने के बाद उनकी पार्टी सबसे पहला काम ओबीसी की संख्या जानने के लिए जातिगत जनगणना करवाएगी. यह 'एक्सरे' जैसा होगा, जिससे ओबीसी की सही संख्या पता चलेगी और फिर उसी अनुसार उनके कल्याण के लिए नीतियां बनाई जाएगी.''

  15. ब्रिटेन: गृह मंत्री को हटाने पर बढ़ा विवाद, ऋषि सुनक के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव लाने की कोशिश

    ऋषि सुनक

    इमेज स्रोत, Reuters

    ब्रिटेन की गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन को हटाने के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के फ़ैसले का उनकी पार्टी के भीतर ही विरोध हो रहा है.

    ऋषि सुनक की कंज़र्वेटिव पार्टी की ही सांसद एंड्रिया जेनकिन्स ने पीएम के फ़ैसले के विरोध में अविश्वास प्रस्ताव लाने की कोशिश शुरू कर दी है.

    हाउस ऑफ कॉमन्स में कंज़र्वेटिव पार्टी के संसदीय समूह '1922 कमिटी' के चेयरमैन सर ग्राहम ब्रैडी को लिखे एक कठोर पत्र में जेनकिन्स ने कहा, ''बस, अब बहुत हो गया!''

    उन्होंने अपना यह पत्र सोशल मीडिया साइट 'एक्स' के अपने हैंडल पर भी पोस्ट किया है.

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    इसमें उन्होंने बताया है, ''अपना अविश्वास पत्र उन्होंने 1922 कमिटी के चेयरमैन को सौंप दिया है.अब ऋषि सुनक के जाने और उनकी जगह एक 'असली' कंज़र्वेटिव पार्टी नेता को लाने का समय आ गया है.''

    इस पत्र में उन्होंने सुनक की आलोचना करते हुए लिखा है, "लोकतांत्रिक तरीक़े से चुने गए हमारे नेता बोरिस जॉनसन से छुटकारा पाने के लिए ऋषि ने कूटनीतिक प्रयास किया.''

    उनके अनुसार, जॉनसन को बाहर करना 'अक्षम्य' था, लेकिन अब कैबिनेट से सुएला को बर्ख़ास्त करना और बुरा है.

    असल में ब्रेवरमैन ने एक लेख लिखकर लंदन पुलिस के फ़लस्तीन समर्थक होने का आरोप लगाया था, जिससे पीएम सुनक नाराज़ थे.

    उन्होंने कहा था कि पुलिस फ़लस्तीन समर्थक प्रदर्शनकारियों के प्रति बहुत उदार रवैया अपना रही है.

    हालांकि सुनक के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव तभी लाया जाएगा, जब उनकी पार्टी के 15 फ़ीसदी सांसद उनमें अविश्वास जताने का पत्र सौंपेंगे.

    सोमवार को पीएम सुनक ने अचानक ही सुएला ब्रेवरमैन को बर्ख़ास्त करके अपने कैबिनेट मे फेरबदल किया था. विदेश मंत्री के पद पर पूर्व पीएम डेविड कैमरन को बिठाकर सुनक ने सबको चौंका दिया था.

  16. नमस्कार!

    आपका दिन शुभ हो.

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