जेल से फिरौती का मामला: सीबीआई ने सत्येंद्र जैन और पूर्व डीजी पर एफ़आईआर की मांगी अनुमति

सीबीआई ने दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन और दिल्ली में जेल विभाग के पूर्व महानिदेशक संदीप गोयल के ख़िलाफ़ प्राथमिकी दर्ज करने की अनुमति मांगी है.

लाइव कवरेज

चंदन शर्मा

  1. जेल से फिरौती का मामला: सीबीआई ने सत्येंद्र जैन और पूर्व डीजी पर एफ़आईआर की मांगी अनुमति

    सत्येंद्र जैन

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    सीबीआई ने दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन और दिल्ली में जेल विभाग के पूर्व महानिदेशक संदीप गोयल के ख़िलाफ़ प्राथमिकी दर्ज करने की अनुमति मांगी है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार सीबीआई ने कहा है कि इन दोनों पर 'हाई-प्रोफ़ाइल क़ैदियों से करोड़ो रूपये की अवैध वसूली के आरोप हैं.'

    इन क़ैदियों में सुकेश चंद्रशेखर भी शामिल हैं.

    जैन और पूर्व जेल अधिकारी राज कुमार के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करने के लिए दिल्ली के उप राज्यपाल विनय कुमार सक्सेना से अनुमति मांगी गई है.

    इसके अलावा सीबीआई ने संदीप गोयल और रिटायर हो चुके आईएएस मुकेश प्रसाद के ख़िलाफ़ कार्रवाई की इजाजत के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखा है.

    सीबीआई ने बताया है कि उसने जानकारी जुटाई है कि सत्येंद्र जैन, संदीप गोयल, मुकेश प्रसाद और राज कुमार कई हाई प्रोफाइल कैदियों से फिरौती ले रहे थे जिनमें चंद्रशेखर जैसे कैदी शामिल हैं.

    इस मामले में संदीप गोयल को सवाल भेजे गए हैं लेकिन अब तक उनकी ओर से जवाब नहीं मिला है.

    प्रिवेंशन ऑफ़ करप्शन एक्ट के सेक्शन 17 ए के तहत सीबीआई को सरकारी कर्मचारियों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करने के लिए अनुमति लेना आवश्यक है.

    सीबीआई ने सत्येंद्र जैन और पूर्व जेल सुपरिंटेंडेंट राज कुमार के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करने की ख़ातिर अनुमति मांगने के लिए पत्र लिखा है.

    सीबीआई ने दावा किया है कि दिल्ली की जेलों में बड़े पैमाने पर एक भ्रष्टाचार और फिरौती रैकेट चलाया जा रहा था जिसमें गोयल और प्रसाद के साथ-साथ कई दूसरे अधिकारी एवं आम लोग शामिल हैं.

  2. उत्तराखंड: सुरंग में अभी भी फंसे हैं 40 मजदूर, बचाने के लिए क्या किया जा रहा है?

      • Author, आसिफ़ अली
      • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए, उत्तरकाशी से
    उत्तर काशी

    इमेज स्रोत, Asif Ali/BBC

    उत्तराखंड में उत्तरकाशी-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिलक्यारा से डंडालगाँव तक बन रही सुरंग में (सिलक्यारा की तरफ़ से) रविवार सुबह क़रीब 5 बजे भूस्खलन हुआ था.

    इस हादसे के 36 घंटे बीतने के बाद भी सुरंग के अंदर चालीस मजदूर फंसे हुए हैं. मौके पर बचाव एवं राहत अभियान चलाने के लिए एसडीआरएफ, एनडीआरफ, और आईटीबीपी समेत दमकल विभाग की तमाम टीमें मौजूद हैं.

    केंद्र सरकार की ओर से इस सुरंग की ज़िम्मेदारी 'एनएचआईडीसीएल' नामक कंपनी को दी गई थी. वहीं, इसके निर्माण कार्य की ज़िम्मेदारी नवयुग नामक कंपनी के पास थी.

    एनएचआईडीसीएल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर कर्नल (रिटा.) संदीप सुधेरा ने बताया कि, “सुरंग के अंदर से 21 मीटर तक मलबा बाहर निकाला जा चुका है. 19 मीटर तक मलबा और बचा है.”

    उन्होंने बताया कि “सिलक्यारा पोटल ( पोटल यानी सुरंग का मुखद्वार) से क़रीब 205 मीटर अंदर की तरफ़ से करीब 245 मीटर तक भूस्खलन हुआ है.

    “245 मीटर से आगे सुरंग सुरक्षित और ख़ाली है, जिसमें सभी फँसे हुए लोग सुरक्षित हैं.”

    संदीप सुधेरा ने बताया, “जब सुरंग में मशीनें जाकर मलबा बाहर निकालती हैं तो उसके तुरंत बाद दीवारों पर स्प्रे करती है. ऐसा करने से मलबे में थोड़ी स्थिरता आती है और भूस्खलन कुछ देर तक कम होता है.”

  3. बाबर आज़म क्रिकेट बोर्ड से मिलने पहुँचे, उनकी कप्तानी पर अफ़रीदी ने कही ये बड़ी बात

    पाकिस्तान के दिग्गज क्रिकेटर और पूर्व कप्तान शाहिद अफ़रीदी

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    इमेज कैप्शन, पाकिस्तान के दिग्गज क्रिकेटर और पूर्व कप्तान शाहिद अफ़रीदी

    पाकिस्तान के दिग्गज क्रिकेटर और पूर्व कप्तान शाहिद अफ़रीदी ने पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के मौजूदा कप्तान बाबर आजम की कप्तानी पर सवाल उठाए हैं.

    उन्होंने एक कार्यक्रम में तमाम दूसरे टिप्पणीकारों के बीच बाबर आजम की नेतृत्व क्षमता पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि हमने पिछले चार सालों में बाबर आजम को कई ग़लतियां करते देखा है.

    शाहिद अफ़रीदी ने कहा, "मैं ये चाहता था कि बाबर दुनिया के टॉप कप्तानों की लिस्ट में भी शामिल हो. तीन चार सालों तक कप्तान रहते हुए उसकी कप्तानी पर कभी तलवार नहीं लटकती रही. हम सभी उसका समर्थन करते रहे. हमें लग रहा था कि तीन चार सालों के अंदर उसकी ग्रूमिंग हो जाएगी."

    "एक कप्तान होने के नाते वो अपना लोहा मनवा पाएगा. लेकिन ऐसा नहीं हो सका. हमने बहुत सारी ग़लतियां देखी हैं. लीडर को टीम का नेतृत्व करने के साथ ही सबको साथ लेकर चलना चाहिए."

    इसके बाद उन्होंने यूनिस ख़ान का उदाहरण देते हुए कहा कि वह अपने दौर में अपनी पूरी टीम को साथ लेकर चलते थे.

    उन्होंने कहा, "उन्होंने कहा कि किसी कप्तान के एक या दो खिलाड़ी नहीं होते हैं. उसके छह से आठ परफॉर्मर होते हैं जिन्हें वह साथ लेकर चलता है. यूनिस ख़ान अकेले फ़ैसला नहीं लेता था. वो हम पांच - छह लड़कों को साथ लेकर चलता था."

    इसके बाद उन्होंने कहा कि किसी भी टीम के कप्तान के अंदर इस तरह की खूबियां होनी चाहिए.

    क्रिकेट विश्व कप में पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के ख़राब प्रदर्शन के बाद से बाबर आजम की कप्तानी पर तलवार लटक रही है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, वह सोमवार को पीसीबी चीफ़ से मिलने के लिए लाहौर पहुंचे हैं. सूत्रों के मुताबिक़, बाबर इस हफ़्ते पीसीबी चीफ़ ज़ाका अशरफ़ से मिलकर सभी फॉर्मेट में अपनी कप्तनी पर फ़ैसला लेंगे.

    आज़म ने दो एशिया कप, दो टी20 विश्व कप, और मौजूदा क्रिकेट विश्व कप में पाकिस्तानी टीम का नेतृत्व किया है. लेकिन पाकिस्तानी टीम इनमें से किसी भी कप को जीतने में सफल नहीं रही है.

  4. इसराइल - ग़ज़ा युद्ध: अल-शिफ़ा अस्पताल में मरीजों की जान दांव पर, 'दिन भर' सुनिए मोहम्मद शाहिद और प्रेरणा के साथ

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  5. इसराइल-हमास युद्धः ग़ज़ा के लिए सामान लेकर पहुंचा तुर्की का जहाज़, ईंधन पहुंचाने पर ज़ोर

    तुर्की के राष्ट्रपति अर्दोआन

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    तेज़ हो रहे इसराइल-हमास युद्ध और ग़ज़ा में बढ़ रहे मानवीय संकट के बीच तुर्की का एक जहाज़ मिस्र पहुंचा है.

    इस जहाज़ में फ़ील्ड हॉस्पिटल (आपात स्थिति के लिए तैयार किए जाने वाले अस्पताल) को बनाने के सामान मौजूद है.

    समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़, ये जहाज़ मिस्र के अल अरीश बंदरगाह पर पहुंचा है जो रफ़ाह बॉर्डर क्रॉसिंग के नज़दीक ही है.

    तुर्की के एक स्वास्थ्य अधिकारी के मुताबिक़, इस जहाज़ में राहत सामग्री, जेनरेटर और एंबुलेंस हैं जिनका इस्तेमाल इमरजेंसी हॉस्पिटल बनाने के लिए किया जा सकता है.

    ये जहाज़ ऐसे समय में पहुंचा है जब हमास के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि ग़ज़ा में लगभग सभी अस्पतालों ने काम बंद कर दिया है.

    ग़ज़ा के सबसे बड़े अस्पताल अल-शिफ़ा में इस समय हालात बेहद मुश्किल हैं.

    यहां बिजली ना होने की वजह से नवजात बच्चों को इनक्यूबेटर से हटाना पड़ा है. पिछले चौबीस घंटों में यहां कई बच्चों और भर्ती बीमार लोगों की मौतें हुई हैं.

    इसराइल की सेना इस समय ग़ज़ा में ज़मीनी अभियान चला रही है और अल-शिफ़ा, अल-क़ुद्स और उत्तरी ग़ज़ा में स्थित अन्य अस्पतालों के क़रीब भीषण झड़पें हुई हैं.

    इसराइल का दावा है कि अल-शिफ़ा अस्पताल कंपाउंड के नीचे सुरंगों में हमास का कमांड और कंट्रोल सेंटर हैं. इसराइली सैनिक यहां पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं.

    हमास और अल शिफ़ा अस्पताल ने इन दावों को ख़ारिज किया है.

    इसी बीच यूरोपीय संघ के मानवीय मदद विभाग के प्रमुख ने कहा है कि ग़ज़ा में जारी लड़ाई में 'ठहराव' आना चाहिए. उन्होंने ग़ज़ा के अस्पतालों के लिए ईंधन की आपूर्ति करने की अपील भी की है.

    येनेज लेनार्किक ने कहा है, "मानवीय ठहराव को परिभाषित करना और इसका सम्मान करना बेहद ज़रूरी है."

    ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ के देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान येनेज ने कहा, "ईंधन पहुंचाने की ज़रूरत है, जैसा कि आप देख रहे हैं, ग़ज़ा में आधे से अधिक अस्पताल बंद पड़े हैं, इसकी प्रमुख वजह ईंधन की कमी है, ईंधन भीतर जाना ही चाहिए."

  6. पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस नेता की हत्या के बाद बवाल, सीपीएम नेताओं के घर फूंके

      • Author, प्रभाकर मणि तिवारी
      • पदनाम, कोलकाता से, बीबीसी हिंदी के लिए
    सीपीएम नेता के घर

    इमेज स्रोत, PM Tewari/BBC

    पश्चिम बंगाल में दक्षिण 24 परगना ज़िले के जयनगर में सोमवार सुबह तृणमूल कांग्रेस के नेता और स्थानीय बामनगाछी ग्राम पंचायत के अध्यक्ष सैफुद्दीन लस्कर (43) की हत्या के बाद इलाके में जमकर बवाल हुआ.

    कथित तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस हत्या के पीछे सीपीएम का हाथ बताते हुए उसके कई नेताओं और कार्यकर्ताओं के घरों में आग लगा दी.

    पुलिस अधीक्षक पलाश चंद्र ढाली ने बताया कि लस्कर सुबह नमाज पढ़ने मस्जिद की ओर जा रहे थे. रास्ते में ही दो मोटरसाइकिलों पर सवार कुछ अज्ञात हमलावरों ने उनको बेहद करीब से गोली मार दी. गंभीर रूप से घायल लस्कर को अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया. इस मामले में फिलहाल दो व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.

    मृतक के पिता इलियास लस्कर ने पत्रकारों से बातचीत में अपने बेटे की हत्या के लिए सीपीएम को जिम्मेदार ठहराया है.

    उन्होंने कहा, "मेरे बेटे की किसी से दुश्मनी नहीं थी. इलाके में वर्चस्व की लड़ाई के तहत सीपीएम से जुड़े लोगों ने ही उसकी हत्या की है."

    सैफुद्दीन इलाके में काफी लोकप्रिय थे.

    उनके निधन की ख़बर फैलते ही इलाके में भारी तनाव फैल गया. बारुईपुर पूर्व के तृणमूल कांग्रेस विधायक विभाष सरदार का आरोप था कि यह हत्या राजनीतिक साजिश के तहत की गई है.

    स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि निधन की सूचना मिलने के कुछ देर बाद कथित तृणमूल कांग्रेस समर्थकों ने सीपीएम नेताओं और कार्यकर्ताओं के कम से कम 25 घरों में आग लगा दी.

    इलाके में भारी तादाद में पुलिस बल मौजूद हैं. फायर ब्रिगेड के कई वाहन आग पर काबू पाने का प्रयास कर रहे हैं.

    दूसरी ओर, सीपीएम नेता सुजन चक्रवर्ती ने कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया, "सैफुद्दीन की पहचान एक माफिया नेता के तौर पर थी. उसकी हत्या तृणमूल की आपसी अंतर्कलह का नतीजा है. अब इसका दोष सीपीएम के माथे मढ़ने का प्रयास किया जा रहा है. पुलिस की जांच में सच सामने आ जाएगा."

  7. टीएमसी ने महुआ मोइत्रा को दिया नया पद, क्या हैं संकेत?

    लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा

    इमेज स्रोत, ANI

    इमेज कैप्शन, लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा

    तृणमूल कांग्रेस ने अपनी लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा को कैश फॉर क्वैरी विवाद के बीच पश्चिम बंगाल के कृष्णा नगर में ज़िला प्रमुख बनाया है.

    मोइत्रा ने ये ज़िम्मेदारी देने के लिए अपनी पार्टी को शुक्रिया अदा करते हुए ट्वीट किया है.

    उन्होंने लिखा है, "मुझे कृष्णा नगर (नादिया उत्तरी) का ज़िला प्रमुख बनाने के लिए ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस का शुक्रिया. मैं हमेशा पार्टी और कृष्णानगर के लोगों के लिए काम करती रहूंगी."

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    महुआ मोइत्रा इन दिनों कैश फॉर क्वैरी विवाद में तमाम आरोपों का सामना कर रही हैं.

    संसद की एथिक्स समिति ने उनके ख़िलाफ़ लगे आरोपों पर रिपोर्ट तैयार की है.

    इस रिपोर्ट के लोकसभा अध्यक्ष तक पहुंचने से पहले लीक होने के मामले में महुआ मोइत्रा ने पत्र भी लिखा था.

    पार्टी के इस कदम को इस मामले में महुआ मोइत्रा के साथ खड़े होने के रूप में देखा जा रहा है.

  8. टाइगर 3- सिनेमा मैं फैंस की हरकत पर सलमान ख़ान बोले, ये ख़तरनाक़ है, ‘सुरक्षित रहो’

    सलमान ख़ान

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    बॉलीवुड अभिनेता सलमान ख़ान ने सोमवार को अपनी फ़िल्म टाइगर 3 की स्क्रीनिंग के दौरान एक सिनेमाहॉल के अंदर पटाखे चलाए जाने पर ट्वीट किया है.

    सलमान ख़ान ने कहा है कि "मैं टाइगर 3 की शूटिंग के दौरान थिएटर के अंदर पटाखे चलाए जाने की बात सुन रहा हूं. ये काफ़ी ख़तरनाक है. हमें स्वयं को और दूसरों को ख़तरे में डाले बग़ैर फ़िल्म का आनंद लेना चाहिए. सुरक्षित रहें."

    सोशल मीडिया पर वायरल होते इस घटना के वीडियो में कुछ लोग थिएटर के अंदर पटाखे चलाते दिख रहे हैं.

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    ये वीडियो महाराष्ट्र के नासिक ज़िले के मालेगाँव का बताया जा रहा है जिसमें कुछ लोग सलमान ख़ान के सिनेमा स्क्रीन पर आते ही पटाख़े फोड़ते दिखे हैं.

    इसके बाद टाइगर 3 की स्क्रीनिंग को थोड़ी देर के लिए रोका गया क्योंकि पटाख़े फोड़े जाने का सिलसिला कुछ दो से तीन मिनट तक जारी रहा.

    इस मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.

    बीबीसी संवाददाता प्रवीण ठाकरे के मुताबिक़, कुछ दिनों पहले शाहरुख ख़ान की फ़िल्में पठान और जवान को दिखाए जाते वक़्त भी पटाखे फोड़े जाने की घटनाएं सामने आई थीं.

  9. हैदराबाद में रिहाइशी इमारत में आग लगने से नौ की मौत, आठ घायल

    हैदराबाद की एक रिहाइशी इमारत

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    हैदराबाद के एक रिहाइशी इलाक़े में सोमवार सुबह आग लगने से नौ लोगों की मौत हो गई है. इस अग्निकांड में आठ लोग घायल हुए हैं जिन्हें अस्पताल ले जाया गया है.

    हैदराबाद के एसीपी विक्रम सिंह मान ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया है कि ये आग एक बेसमेंट में लगी है जहां पर रसायनों से भरे ड्रम रखे हुए थे.

    उन्होंने कहा, “आज सुबह हमें आग लगने की सूचना मिली थी जिसके बाद टीम यहां पहुंची और आग पर काबू पाया... इस हादसे में 9 लोगों के मौत हो गई है. इन लोगों की मौत धुएं में दम घुटने की वजह से हुई है. क्योंकि आग लगने पर धुआं ऊपर गया. इन लोगों ने धुएं से बचने के लिए नीचे आना चाहा लेकिन वे ऐसा नहीं कर सके. और दम घुंटने की वजह से उनकी मौत हो गयी.”

    इस मामले की जांच को लेकर उन्होंने कहा है कि “हम जांच कर रहे हैं कि एक रिहाइशी इमारत में रसायन से भरे ड्रम क्यों रखे गए. हम इसकी जांच कर रहे हैं और इस मामले में कठोर कार्रवाई की जाएगी.”

    केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने इस घटनास्थल का दौरा किया है.

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  10. ईरान बोला, "अमेरिका हमें धमकी नहीं देता, गिड़गिड़ाता है"

    आईआरजीसी

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    ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के एक शीर्ष कमांडर ने कहा है कि ईरान किसी भी स्थिति के लिए तैयार है.

    ईरान की सरकार समर्थित समाचार सेवा इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज़ एजेंसी (आईआरएनए) के मुताबिक़, आईआरजीसी के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल आमिर अली हाजीज़ादेह ने सोमवार को कहा है कि ईरान इस समय अपनी ताक़त के शीर्ष पर है और ईरान ने किसी भी स्थिति की तैयारी की है.

    ब्रिगेडियर हाजीजादेह आईआरजीसी की एयरोस्पेस फ़ोर्स के प्रमुख हैं.

    हाजीजादेह ने सोमवार को तेहरान में पत्रकारों से बात करते हुए कहा है कि अमेरिका की ईरान को धमकी देने की हिम्मत नहीं हैं.

    उन्होंने कहा, “अमेरिकी ईरान को धमकी नहीं देते हैं… उन्होंने एक रात के भीतर तीन बार संदेश भेजे और इन संदेशों इस तरह के शब्द होते हैं जिनमें गुज़ारिश और गिड़गिड़ाना होता है.”

    हाजीजादेह ने कहा कि हाल के सप्ताहों में अमेरिका ने ईरान से कई बार शांति से काम लेने की गुज़ारिश की है.

    उन्होंने कहा कि ईरान इस स्थिति में नहीं है कि कोई दुश्मन देश उसे धमका सके.

    हाजीजादेह ने कहा, “हम अपनी शक्ति के चरम पर हैं और हमने हर स्थिति के लिए ख़ुद को तैयार किया है.”

    इसराइल-हमास युद्ध के बीच अमेरिका ने अपने युद्धक जहाज़ मध्य पूर्व की तरफ़ भेजे हैं. माना जाता है कि अमेरिका ने ऐसा ईरान और उसके समर्थित बलों को इसराइल युद्ध से दूर रहने का संदेश देने के लिए किया है.

    ईरानी कमांडर की ये टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब इसराइल-हमास युद्ध का मध्य पूर्व के अन्य क्षेत्रों में फैलने का ख़तरा बना हुआ है.

    इसराइल इस समय ग़ज़ा में लगातार हवाई हमले कर रहा है और हिंसक ज़मीनी अभियान चला रहा है.

    अब तक ग़ज़ा में 11 हज़ार से अधिक लोगों की मौत हुई है जिनमें साढ़े चार हज़ार से अधिक बच्चे हैं.

    इसी बीच इसराइल-लेबनान सीमा पर भी झड़पे जारी हैं. ईरान समर्थित शिया चरमपंथी समूह हिज़बुल्लाह इसराइल की तरफ़ लगातार हमले कर रहा है. इसराइली सेना जवाब में लेबनान में हवाई हमले कर रही है और हिज़बुल्लाह के ठिकानों को निशाना बना रही है.

    आईआरजीसी कमांडर ने कहा है कि झड़पें लेबनान तक पहुंच चुकी है.

    उन्होंने कहा कि अगर ये संघर्ष आगे और बढ़ता है तो ईरान किसी भी स्थिति के लिए तैयार है.

  11. ब्रितानी राजनीति में हलचलः पूर्व ब्रितानी प्रधानमंत्री डेविड कैमरून को नया विदेश मंत्री बनाया गया

    डेविड कैमरन

    पूर्व ब्रितानी प्रधानमंत्री और कंज़रवेटिव पार्टी के नेता डेविड कैमरन की फिर से सरकार में वापसी हुई है.

    डेविड कैमरन को ब्रिटेन का विदेश मंत्री बनाया गया है.

    ब्रितानी प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने अपनी कैबिनेट में फ़ेरबदल किया है. गृह मंत्री स्वेला ब्रेवरमैन को पद से हटा दिया गया है.

    डेविड कैमरन साल 2010 से 2016 के बीच ब्रिटेन के प्रधानमंत्री थे.

    मंत्री बनाये जाने के बाद प्रधानमंत्री निवास 10 डाउनिंग स्ट्रीट से बाहर निकलते हुए डेविड कैमरन मुस्कुराते हुए नज़र आए.

    एक्स पर किए एक पोस्ट में उन्होंने कहा है, "मैं पिछले सात सालों से सक्रिय राजनीति से बाहर था, मैं उम्मीद करता हूं कि कंज़रवेटिव पार्टी के नेता के रूप में मेरा 11 साल का अनुभव और प्रधानमंत्री के रूप में 6 साल का अनुभव मुझे प्रधानमंत्री की मदद करने में काम आएगा."

    कैमरन ने कहा कि भले ही सुनक के लिए गए कुछ व्यक्तिगत फैसलों पर उनकी असहमति रही हो, लेकिन सुनक एक मज़बूत और सक्षम नेता हैं.

    वहीं मौजूदा विदेश मंत्री जेम्स क्लेवर्ली को सुएला ब्रेवरमैन की जगह गृह मंत्री बनाया गया है.

    पद से हटाये जाने के बाद ब्रेवरमैन ने कहा है कि इस पद की ज़िम्मेदारी संभालना उनके लिए ‘सबसे बड़ा विशेषाधिकार था.’

    ब्रेवरमैन ने कहा है कि वो इस बारे में आगे और अधिक बतायेंगी.

    ब्रेवरमैन को पद से हटाये जाने के बाद ही प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की कैबिनेट में फ़ेरबदल हुआ है.

    ब्रेवरमैन ने प्रधानमंत्री कार्यालय से मंज़ूरी लिए बिना एक विवादित लेख लिखा था जिसमें पुलिस की आलोचना की गई थी.

    बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री ऋषि सुनक इसे लेकर ब्रेवरमैन से नाराज़ थे.

    बीबीसी के मुख्य राजनीतिक संवाददाता हेनरी जैफ़मैन के मुताबिक़ प्रधानमंत्री ऋषि सुनक घरेलू मुद्दों पर ध्यान देना चाहते हैं और इसलिए ही अनुभवि डेविड कैमरन को विदेश मंत्रालय की ज़िम्मेदारी दी गई है.

  12. भारत में प्रतिबंधित टिकटॉक पर नेपाल ने भी लगाया बैन, क्या है मामला

    टिकटॉक

    इमेज स्रोत, Reuters

    नेपाल सरकार ने सोमवार को चीनी सोशल मीडिया एप टिकटॉक को प्रतिबंधित करने का एलान किया है.

    नेपाल की सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी मंत्री रेखा शर्मा ने बताया है कि टिकटॉक के ख़िलाफ़ लंबे समय से शिकायतें मिल रही हैं.

    रेखा शर्मा ने बताया, "यह एक ऐसा विषय है जिस पर कैबिनेट में कई बार चर्चा हो चुकी है. बहुत सारी शिकायतें थीं."

    उन्होंने ये भी बताया है कि इस मामले में टिकटॉक के प्रतिनिधि को भी बुलाकर इस ओर ध्यान दिलाया गया है.

    उन्होंने ये भी कहा कि इस प्रतिबंध की वजह इस एप का मनोरंजन से ज़्यादा समस्याओं से अधिक जुड़ा होना है.

    उन्होंने कहा, "मनोरंजन के लिए दूसरे साधन भी हैं, जैसे फेसबुक और ट्विटर आदि के लिए हमने कुछ नहीं किया है."

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  13. ग़ज़ा पट्टी के अल-शिफ़ा अस्पताल के पास इसराइल और हमास के बीच जंग हुई तेज़, पढ़िए अब तक की जानकारी

    अल-शिफ़ा अस्पताल

    इमेज स्रोत, AFP

    इमेज कैप्शन, अल-शिफ़ा अस्पताल की एक तस्वीर

    इसराइल और हमास के बीच पिछले कुछ दिनों से जारी ज़मीनी जंग के बीच ग़ज़ा पट्टी में स्थित अल-शिफ़ा अस्पताल में हालात गंभीर होते जा रहे हैं.

    विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख टेड्रोस एडहनोम ने बताया है कि इस अस्पताल के बाहर लगातार गोलीबारी और बमबाजी हो रही है. और लगातार होती हिंसा की वजह से हालात पहले से ज़्यादा गंभीर हो चले हैं.

    विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ये भी बताया है कि अल-शिफ़ा ने एक अस्पताल के रूप में काम करना बंद कर दिया है.

    हाल ही में ग़ज़ा से लौटे ब्रितानी डॉ अब्दुल क़ादिर हम्माद की अल-शिफ़ा अस्पताल में मौजूद अपने सहकर्मियों से बात हुई है.

    डॉ हम्माद ने बीबीसी से कहा है कि ग़ज़ा में अस्पतालों की जो हालत है, उसमें कोई आश्चर्य नहीं है. यूएन की संस्थाएं पिछले दो – तीन हफ़्ते से लगातार इस बारे में चेतावनी दे रही थीं.

    डॉ हम्माद ने बताया है कि पिछले हफ़्ते जब वह ग़ज़ा से बाहर निकले तो अल-शिफ़ा अस्पताल बिजली और पानी उपलब्ध नहीं होने की वजह से मेडिकल सेवाएं देना बंद करने की कगार पर था.

    जब उनसे पूछा गया कि क्या वह अल-शिफ़ा अस्पताल में मौजूद अपने सहकर्मियों से बात कर पा रहे हैं तो उन्होंने कहा कि वह रविवार तक बात कर पाए हैं.

    उन्होंने कहा, “मेरे सहकर्मियों को अपनी जान जाने का डर सता है. वे जहां हैं, वहां लगातार बमबारी हो रही है. बिजली के बिना अपने मरीजों की किसी तरह मदद भी नहीं कर सकते. वे अपनी आंखों के सामने अपने मरीजों को मरता देख रहे हैं और असहाय महसूस कर रहे हैं.”

    उन्होंने ये भी बताया कि बच्चों और बेहद गंभीर मरीजों को अस्पताल से बाहर निकालना एक काफ़ी बड़ा अभियान होगा. और अगर ऐसा संभव भी हुआ तो भी ग़ज़ा में ऐसा अस्पताल नहीं है जो बेहद जोख़िमपूर्ण स्थिति वाले मरीजों को इन्टेन्सिव केयर जैसी सुविधाएं दे सके.

    हमास नियंत्रित ग़ज़ा स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि अल-शिफ़ा अस्पताल में इस समय दो हज़ार से ज़्यादा लोग हैं जिनमें मरीज, मेडिकल स्टाफ़ और विस्थापित लोग शामिल हैं.

    इसके साथ ही अल-शिफ़ा अस्पताल के डॉक्टरों ने कहा है कि उन्हें डर है कि 36 नवजात शिशुओं, जिनके लिए इंटेन्सिव केयर ट्रीटमेंट आवश्यक है, की मौत हो सकती है.

    वहीं, मेडिकल ऐड फॉर पैलेस्टिनियन्स नामक चैरिटी ऑर्गनाइजेशन का कहना है कि एंबुलेंस, ज़रूरी उपकरणों या प्रिमेच्योर शिशुओं को ट्रांसफर करने के लिए अस्पताल के बिना, पता नहीं कि ये सुरक्षित ढंग से कैसे संभव होगा.

    क्योंकि इसराइली सेना ने एक बार फिर दोहराया है कि वह इस अस्पताल से दर्जनों बच्चों को सुरक्षित निकालने के लिए तैयार है.

    हालांकि, इसराइल इस बात का खंडन कर रहा है कि उसने हमास के साथ जंग के दौरान अस्पताल पर हमला बोला है.

    वहीं, इसराइली प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतान्याहु अमेरिकी न्यूज़ समूह एनबीसी को दिए इंटरव्यू में कहा है कि बचे हुए इसराइली नागरिकों को छुड़ाने के लिए कोई डील संभव है. लेकिन उन्होंने इससे ज़्यादा जानकारी नहीं दी है.

    इसराइली सेना ने एक स्टेटमेंट जारी करके बताया है कि उसने 4300 हवाई हमले करके तीन हज़ार "आतंकी ठिकानों" को निशाना बनाया है.

  14. सीरिया में 'ईरान के ठिकानों' पर अमेरिकी हवाई हमले, 8 लोगों की मौत का दावा

    अमेरिकी लड़ाकू विमानों की फ़ाइल तस्वीर

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    इमेज कैप्शन, अमेरिकी लड़ाकू विमानों की फ़ाइल तस्वीर

    अमेरिकी अड्डों पर हमले के बाद अमेरिका के जवाबी हवाई हमलों में कई लोगों की मौत की रिपोर्टें हैं.

    समाचार एजेंसी एएफ़पी ने सीरिया पर नज़र रखने वाले संगठन सीरियन ऑब्ज़रवेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स के हवाले से बताया है कि पूर्वी सीरिया में हुए अमेरिकी हवाई हमले में कम से कम आठ ईरान समर्थक लड़ाके मारे गए हैं.

    संगठन ने बताया है कि इस हमले में कुल आठ मौतें हुई हैं जिनमें से एक व्यक्ति सीरिया का नागरिक है जबकि एक अन्य इराक़ का.

    ये हवाई हमले सीरिया और इराक़ की सीमा के नज़दीक पूर्वी दीर अज़्ज़ोर प्रांत में मायादीन और अबु कमाल इलाक़ों में हुए हैं.

    इससे पहले रविवार को अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने बताया था कि अमेरिका ने सीरिया में ईरान से जुड़े दो सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं.

    रक्षामंत्री के मुताबिक़ ये हमले मध्य पूर्व में अमेरिकी बलों पर हो रहे हमलों के जवाब में किए गए हैं.

    पिछले तीन सप्ताह के भीतर ये तीसरी बार है जब अमेरिकी सेना ने सीरिया में हवाई हमले किए हैं. अमेरिका का कहना है कि जिन ठिकानों को निशाना बनाया गाय है वो ईरान से जुड़े हैं.

    हाल के दिनों में मध्य पूर्व में अमेरिका के कई ठिकानों के ख़िलाफ़ हिंसक गतिविधियां बढ़ी हैं. अमेरिका का मानना है कि इन हमलों को अंजाम दे रहे समूहों के पीछे ईरान है.

    17 अक्तूबर के बाद से इराक़ और सीरिया में अमेरिकी ठिकानों पर 45 से अधिक बार हमले हुए हैं. इनमें दर्जनों अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं.

    क्षेत्र में अमेरिकी बलों के ख़िलाफ़ हो रहे हमलों का संबंध इसराइल-हमास युद्ध से है.

  15. ब्रितानी प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने भारतीय मूल की गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन को पद से क्यों हटाया

    स्वेला ब्रेवरमैन

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    ब्रितानी प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने भारतीय मूल की गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन को पद से हटा दिया है.

    प्रधानमंत्री कार्यालय के विरोध के बावजूद ब्रेवरमैन ने एक लेख में मेट्रोपॉलिटन पुलिस पर प्रदर्शनों से निबटने के दौरान भेदभाव करने के आरोप लगाये थे.

    पिछले कई दिनों से सुएला ब्रेवरमैन के राजनीतिक भविष्य को लेकर कयास लगाये जा रहे थे.

    हाल के दिनों में उन्होंने कई विवादित बयान दिए थे जिनके बाद से ऋषि सुनक पर उन्हें हटाने का दबाव बढ़ रहा था.

    गृह मंत्री के रूप में सुएला ब्रेवरमैन पुलिस के कामकाज के लिए भी ज़िम्मेदार थीं. उन्होंने लेख लिखकर कहा था कि मेट्रोपॉलिटन पुलिस प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ सख़्त नहीं है और भेदभाव करती है.

    इसी सप्ताहांत लंदन में हुए प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा के लिए उन्हीं को ज़िम्मेदार बताया गया था.

    सुएला ब्रेवरमैन ने फ़लस्तीनी लोगों के समर्थन में निकल रहे प्रदर्शनों को नफ़रत से भरे प्रदर्शन बताया था और पुलिस पर प्रदर्शनकारियों से निबटने में भेदभाव के आरोप लगाये थे.

    सत्ताधारी कंज़रवेटिव पार्टी का कहना है कि ब्रेवरमैन को मंत्रालयों की अदला-बदली की प्रक्रिया में हटाया गया है. अभी तक ये नहीं बताया गया है कि उनकी जगह अब गृह मंत्री की ज़िम्मेदारी कौन संभालेगा.

  16. अमेरिका: टिम स्कॉट ने राष्ट्रपति चुनाव में रिप​ब्लिकन उम्मीदवार बनने की रेस से ख़ुद को किया अलग

    टिम स्कॉट

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    अमेरिका के साउथ कैरोलिना के सीनेटर टिम स्कॉट ने अगले साल होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में रिप​ब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार बनने की रेस से ख़ुद को अलग कर लिया है.

    उन्होंने फॉक्स न्यूज़ को बताया, ''मेरा मानना है कि इस ग्रह के सबसे अहम लोग यानी मतदाता बिल्कुल साफ तौर पर मुझसे कह रहे हैं: 'अभी नहीं टिम'.''

    2013 में सीनेटर बने टिम स्कॉट अगर राष्ट्रपति चुनाव में अपनी पार्टी के उम्मीदवार बन जाते, तो वो रिपब्लिकन पार्टी के पहले अफ्रीकी मूल के अमेरिकी नागरिक होते.

    हालांकि उन्हें शुरू में अच्छी फंडिंग मिली, लेकिन ओपिनियन पोल में वे अच्छा प्रदर्शन कर पाने में नाकाम रहे.

    उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में रिप​ब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार बनने की रेस में बचे किसी भी अन्य उम्मीदवार का समर्थन ​नहीं किया है.

    उन्होंने उपराष्ट्रपति चुनाव में पार्टी का उम्मीदवार बनने के लिए प्रयास करने की संभावना को ख़ारिज कर दिया है.

    सीबीएस न्यूज़ की ओर से हाल में जारी एक अनुमान में उन्हें केवल चार फ़ीसदी मतदाताओं का समर्थन मिलता हुआ दिखा है. इस तरह वे इस रेस में पांचवें नंबर पर मौजूद हैं.

    जनमत सर्वेक्षणों में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रिपब्लिकन पार्टी के प्रतिद्वंद्वियों पर अच्छी बढ़त हासिल है.

  17. ग़ज़ा के अस्पताल में और मौतें, इनक्यूबेटर से हटाये गए 6 बच्चों की जान गई

    बच्चे

    ग़ज़ा में इसराइली सैनिकों और हमास लड़ाकों के बीच लड़ाई का केंद्र बने अल शिफ़ा अस्पताल में और मरीज़ों की मौत हुई है.

    डॉक्टरों ने बताया है कि शहर के इस मुख्य अस्पताल में बिजली ना होने की वजह से कई और मरीज़ों की जान चली गई है.

    हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि मरने वालों में 6 समय से पहले जन्मे बच्चे भी शामिल हैं, जिनका इनक्यूबेटर बिजली ना होने की वजह से बंद करना पड़ा है.

    अस्पताल के एक डॉक्टर ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील करते हुए कहा है कि तीस से अधिक बच्चों की जान बचाने के लिए उन्हें मिस्र के अस्पताल में स्थानांतरित किया जाए.

    इस अस्पताल में इस समय दो हज़ार से अधिक लोग फंसे हैं. इसराइल का दावा है कि ये अस्पताल के नीचे सुरंगों में ही हमास का मुख्य कमांड सेंटर है. अस्पताल के डॉक्टरों और हमास ने इन दावों को खारिज किया है.

    इसराइली सेना के ग़ज़ा में ज़मीनी अभियान को शुरू हुए दो सप्ताह से अधिक हो गए हैं.

    ग़ज़ा के केंद्रीय इलाक़ों में भीषण लड़ाई चल रही है. ग़ज़ा में रहने वाले 22 लाख में से 17 लाख से अधिक लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा है. इसराइल ने उत्तरी ग़ज़ा में रहने वाले लोगों से दक्षिणी ग़ज़ा की तरफ़ पलायन करने के लिए कहा है.

    7 अक्तूबर को इसराइल पर हमास के हमले के बाद शुरू हुए इस युद्ध में ग़ज़ा में अब तक 11 हज़ार से अधिक लोग मारे गए हैं, जिनमें बड़ी तादाद में बच्चे हैं.

    दुनियाभर के नेताओं ने इसराइल से संघर्ष विराम की अपील की है, लेकिन इसराइल ने इसे ख़ारिज किया है.

    प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा है कि जब तक हमास को समाप्त करने का इसराइल का लक्ष्य हासिल नहीं होता, सैन्य अभियान चलता रहेगा.

    नेतन्याहू ने कहा है कि युद्ध के बाद भी ग़ज़ा की सुरक्षा इसराइली सेना के ही हाथ में रहेगी.

  18. वीरेंद्र सहवाग, डायना एडुल्जी और अ​रविंद डिसिल्वा आईसीसी के हॉल ऑफ़ फेम में

    वीरेंद्र सहवाग

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    भारत के धाकड़ बल्लेबाज़ ​वीरेंद्र सहवाग, भारतीय महिला टीम की पूर्व कप्तान डायना एडुल्जी और 1996 की विश्व विजेता श्रीलंकाई टीम के अहम बल्लेबाज़ अरविंद डिसिल्वा को 'आईसीसी हॉल ऑफ़ फेम' की सूची में शामिल किया गया है.

    अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने सोमवार को अपनी 'हॉल ऑफ़ फेम' सूची का विस्तार करते हुए यह एलान किया है.

    ताज़ा एलान के साथ 'आईसीसी हॉल ऑफ़ फेम' सूची में शामिल महिला और पुरुष क्रिकेटरों की संख्या बढ़कर 112 हो गई है.

    सहवाग ने 104 टेस्ट में 8,586 रन, 251 वनडे में 8,273 रन और 19 टी20 में 394 रन बनाए हैं. उन्होंने टेस्ट में 40 और वनडे में 96 विकेट भी लिए हैं.

    वहीं डायना एडुल्जी ने 20 टेस्ट मैचों में 63 विकेट और 34 वनडे में 46 विकेट लिए.

    अरविंद डिसिल्वा ने 93 टेस्ट में 6,361 रन और 308 वनडे में 9,284 रन बनाए. साथ ही टेस्ट में 29 विकेट और वनडे में 106 विकेट अपने नाम किए हैं.

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    वीरेंद्र सहवाग और डायना एडुल्जी के शामिल होते ही इस सूची में दर्ज भारत के क्रिकेटरों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है.

    डायना एडुल्जी इस सूची में शामिल होने वाली अब तक की एकमात्र महिला खिलाड़ी हैं.

    इस सूची में शामिल सभी 9 भारतीय खिलाड़ियों के नाम हैं: सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग (बल्लेबाज़), कपिल देव, वीनू मांकड़ (ऑलराउंडर), बिशन सिंह बेदी, अनिल कुंबले और डायना एडुल्जी (गेंदबाज़).

    इस सूची में सबसे अधिक इंग्लैंड के 32 क्रिकेटर शामिल हैं. इसमें ऑस्ट्रेलिया के 29 और वेस्टइंडीज़ के 21 खिलाड़ी मौजूद हैं.

    वहीं इस सूची में पाकिस्तान के 7, दक्षिण अफ्रीका के 6, श्रीलंका के 4, न्यूज़ीलैंड के तीन और जिम्बाब्वे के एक खिलाड़ी मौजूद हैं.

  19. एक ओवर में छह विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया के एक उभरते गेंदबाज़ ने रचा इतिहास

    ऑस्ट्रेलिया

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    ऑस्ट्रेलिया के एक उभरते हुए गेंदबाज़ ने अपने आख़िरी ओवर में कुछ ऐसा कारनामा किया है, जिसे क्रिकेट इतिहास में अब तक शायद ही किसी गेंदबाज़ ने अंज़ाम दिया हो.

    हुआ ये कि मुदगीराबा टीम के गेंदबाज़ गैरेथ मोर्गन ने स्थानीय स्तर के एक वनडे मैच के अंतिम ओवर (40वाँ ओवर) की सभी छह गेंदों पर विपक्षी टीम के बचे हुए सभी छह खिलाड़ियों को आउट कर इतिहास रच दिया.

    सर्फर्स पैराडाइज़ टीम को मुदगीराबा टीम से मैच जीतने के लिए अंतिम ओवर में केवल पांच रन बनाने थे, जब​कि उसके छह खिलाड़ी आउट होने बाक़ी थे.

    ऐसे में मुदगीराबा टीम के कप्तान ने अपने गेंदबाज़ गैरेथ मोर्गन को अंतिम ओवर फेंकने की ज़िम्मेदारी दी.

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    मोर्गन ने मैच देख रहे तमाम लोगों को अचंभित करते हुए अपने ओवर की सभी छह गेंदों पर विपक्षी टीम के बचे सभी छह बल्लेबाज़ों को आउट कर दिया.

    मोर्गन की पहली चार गेंदों पर बल्लेबाज़ बारी बारी से कैच आउट हुए. वहीं अंतिम दो गेंदों पर उसने बल्लेबाज़ों को बोल्ड कर दिया.

    क्रिकेट इतिहास में अभी तक केवल तीन पेशेवर खिलाड़ी ही ऐसे हुए हैं, जो मोर्गन की उपलब्धि के पास पहुंच सके, जब एक ओवर में उन्होंने पांच खिलाड़ियों को आउट किया.

  20. ग़ज़ा में बच्चों की मौत पर अफ़सोस करते हुए प्रियंका गांधी ने सरकार पर साधा निशाना

    अल शिफ़ा अस्पताल में भर्ती बच्चे

    कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने ग़ज़ा के हालात पर टिप्पणी करते हुए भारत सरकार पर निशाना साधा है.

    सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर ट्वीट करते हुए प्रियंका गांधी ने लिखा है, “ये कितनी निंदनीय और शर्मनाक उपलब्धि है…ग़ज़ा में दस हज़ार से अधिक लोग मार दिए गए हैं, इनमें से लगभग आधे बच्चे हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक़ हर दस मिनट में एक बच्चे की मौत हो रही है, और अब ऑक्सीजन की कमी से छोटे-छोटे बच्चों को इन्कयूबेटर से हटाना पड़ा है और मरने के लिए छोड़ दिया गया है.”

    प्रियंका गांधी ने लिखा, “और फिर भी, इस नरसंहार का समर्थन कर रहे लोगों की आत्मा को कोई झटका नहीं लगा है, कोई संघर्ष विराम नहीं हुआ है, और अधिक बम गिर रहे हैं, और अधिक हिंसा हो रही है, और अधिक लोग मारे जा रहे हैं और पीड़ा बढ़ रही है."

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    भारत सरकार ने 7 अक्तूबर को इसराइल पर हमास के हमले के बाद इसराइल का समर्थन किया था. भारत संयुक्त राष्ट्र में इसराइल के ख़िलाफ़ लाये गए प्रस्ताव पर मतदान से भी दूर रहा था.

    हालांकि भारत हमेशा कहता रहा है कि इसराइल और फ़लस्तीनियों के बीच विवाद बातचीत से ख़त्म किया जाना चाहिए और फ़लस्तीनियों के लिए अलग राष्ट्र बनना चाहिए.

    भारत ने ग़ज़ा के लिए मानवीय मदद भी भेजी है. हालांकि भारत सरकार इसराइल के साथ खड़ी नज़र आती है.

    प्रियंका गांधी ने लिखा, “इस विनाश का समर्थन करने वाली सरकार को शर्म आनी चाहिए. आख़िर ये सब कब रुकेगा?”