ग़ज़ा में चरमराई स्वास्थ्य सेवाएं, डॉक्टर बोले- 'कब्रिस्तान बन जाएंगे ये अस्पताल'

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ग़ज़ा की स्वास्थ्य सेवाएं लगातार चरमरा रही हैं. डॉक्टरों और राहतकर्मियों का दावा है कि इस स्थिति में ‘अस्पताल कब्रिस्तान बन जाएंगे.’
बीबीसी संवाददाता रश्दी अबु अलोफ़ के मुताबिक इसराइल की सेना ने ग़ज़ा के अल शिफ़ा अस्पताल को चारों ओर से घेरा हुआ है.
अस्पताल में मौजूद कर्मचारियों और मरीजों को लेकर फिक्र जाहिर की जा रही है.
ग़ज़ा में डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (एमएसएफ़) के डिप्टी मेडिकल को-ओर्डिनेटर डॉक्टर मोहम्मद अबू मुग़ईसेब ने कहा, “इन अस्पतालों में जो मरीज बचे हुए हैं, वो सब मारे जाएंगे और ये अस्पताल कब्रिस्तान बन जांएगे.”
उन्होंने बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के वीकेंड प्रोग्राम में कहा कि ग़ज़ा में बच्चों के मुख्य अस्पताल के आईसीयू को टैंक से निशाना बनाया गया. इस वजह से एमएसएफ़ टीम और दूसरे कर्मचारियों को मरीजों को छोड़कर जाना पड़ा.
उन्होंने कहा, “मेडिकल टीम अस्पताल छोड़कर चली गई. उस वक्त आईसीयू में पांच बच्चे थे. अब ये बच्चे अस्पताल में अकेले हैं. अस्पताल पर बम गिराए गए हैं. ये बच्चे मर सकते हैं.”
डॉक्टर अबू ने बताया कि वहां दवाओं की भी काफी कमी है और बिना एनिस्थीसिया के सर्जरी की जा रही है.




















