ग़ज़ा में बदतर हुए हालात, अमेरिका ने पूरी दुनिया में अपने नागरिकों पर हमले की जताई आशंका, जारी की चेतावनी

लेबनान की राजधानी बेरुत में अमेरिका और ब्रिटिश दूतावासों ने अपने नागरिकों को जल्द से जल्द देश छोड़ देने की एडवाइज़री जारी की है.

लाइव कवरेज

स्नेहा and संदीप राय

  1. रूस के विदेश मंत्री उत्तर कोरिया के दौरे पर, क्या बात हुई?

    सर्गेई लावरोव

    इमेज स्रोत, Getty Images

    रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव उत्तर कोरिया के दौरे पर हैं.

    लावरोव ने 'यूक्रेन के ख़िलाफ़ युद्ध में रूस का साथ देने के लिए' उत्तर कोरिया का शुक्रिया अदा किया है.

    लावरोव ने यहां उत्तर कोरिया की विदेश मंत्री चोइ सोन हुई से भी मुलाक़ात की. बीबीसी न्यूज़ के सोल संवाददाता जीन मैकेंजी ने बताया कि प्योंगयांग में बारिश के बीच रूस के विदेश मंत्री का बड़ी संख्या में लोगों ने स्वागत किया.

    इस दौरान कुछ लोगों ने हाथ में फूल भी थाम रखे थे. लावरोव ने बताया है कि उनकी यह यात्रा उत्तर कोरिया के शीर्ष नेता किम जोंग-उन और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच बैठक में बनी सहमतियों को आगे ले जाने के बारे में है.

    पुतिन और किम के बीच हुई बातचीत के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं हैं और लावरोव ने भी इस बारे में विस्तार से नहीं बताया.

    अमेरिका का मानना है कि किम जोंग-उन ने रूस को यूक्रेन के ख़िलाफ़ युद्ध में गोला बारूद देने पर सहमति जताई है और ऐसा कहा जा रहा है कि हथियारों के हस्तांतरण की प्रकिया भी शुरू हो चुकी है.

    इसी बीच व्लादिमीर पुतिन ने ग़ज़ा के अस्पताल पर हुए हमले को दुखद बताते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इसे एक संकेत मानते हुए इस संघर्ष को जल्द से जल्द ख़त्म कर लिया जाएगा.

    चीन की यात्रा पर रवाना होने से पहले मिडिल ईस्ट के नेताओं से बात करने के बारे में उन्होंने कहा कि उनकी बातचीत पांच नेताओं से हुई है. ये अच्छी बातचीत थी और इसके आधार पर वो कह सकते हैं कि कोई भी इस संघर्ष को बढ़ाना नहीं चाहता है.

  2. ग़ज़ा को मिस्र से जोड़ने वाला रफ़ाह क्रॉसिंग फ़लस्तीनियों के लिए क्यों है जीवनरेखा की तरह?

    रफ़ाह क्रॉसिंग

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इसराइल के ज़मीनी हमले की आशंकाओं के बीच फ़लस्तीनी ग़ज़ा पट्टी से सुरक्षित बच निकलने के लिए रफ़ाह क्रॉसिंग पहुंच रहे हैं.

    रफ़ाह क्रॉसिंग ग़ज़ा पट्टी के दक्षिण में स्थित एक बॉर्डर क्रॉसिंग है. यह ग़ज़ा पट्टी को मिस्र के सिनाई रेगिस्तान से जोड़ता है.

    ग़ज़ा पट्टी क्षेत्र में इसके अतिरिक्त इरेज़ और केरेम शलोम नामक दो अन्य बॉर्डर क्रॉसिंग हैं. इनमें से इरेज़ क्रॉसिंग उत्तरी ग़ज़ा को इसराइल से जोड़ता है.

    केरेम शलोम भी इसराइल और ग़ज़ा के बीच स्थित क्रॉसिंग है लेकिन इसका इस्तेमाल सिर्फ़ व्यापारिक गतिविधियों के लिए किया जाता है. इसराइल के हमास के ख़िलाफ़ जवाबी कार्रवाई शुरू करने के बाद से ये दोनों बॉर्डर क्रॉसिंग बंद हैं.

    रफ़ाह क्रॉसिंग

    आम तौर पर फ़लस्तीनियों के लिए रफ़ाह क्रॉसिंग के ज़रिए निकलना आसान नहीं होता. जो यहां से निकलना चाहते हैं तो उन्हें चार सप्ताह पहले स्थानीय फ़लस्तीनी अधिकारियों के पास रजिस्ट्रेशन कराना होता है. उनके ये आवेदन फ़लस्तीनी अधिकारी या मिस्र के अधिकारी थोड़े बहुत स्पष्टीकरण के साथ रद्द कर सकते हैं.

    इसराइल के ज़मीनी हमले की आशंकाओं के बीच फ़लस्तीनी रफ़ाह क्रॉसिंग के पास जमा हो रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र ने यहां खाद्य पदार्थ और मेडिकल आपूर्ति की व्यवस्था की है.

    हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फ़तेह अल-सीसी के रफ़ाह क्रॉसिंग खोलने पर राजी होने के बाद भी ग़ज़ा में मानवीय सहायता शुक्रवार से पहले नहीं पहुंच पाएगी.

    बाइडन ने सड़क मरम्मत का हवाला देते हुए पत्रकारों को बताया, "वे पहले सड़क की मरम्मत करेंगे. गड्ढों को भरा जाएगा ताकि उन पर ट्रक गुजर सके. ऐसा होने में करीब आठ घंटे लग जाएंगे. और संभवत: शुक्रवार से पहले तक सहायता न पहुंच पाए."

    रफ़ाह क्रॉसिंग के बारे में और ज़्यादा जानकारी के लिए यहां क्लिक करें.

  3. ग़ज़ा में अस्पताल पर हमले के बाद कैसे हैं हालात?

    वीडियो कैप्शन, COVER STORY: ग़ज़ा में अस्पताल पर हमले के बाद कैसे हैं हालात?

    इसराइल और हमास के बीच जारी संघर्ष के बीच इसराइली समयानुसार मंगलवार देर शाम ग़ज़ा के एक अस्पताल में हुए हवाई हमले में करीब 500 लोगों की मौत हो गई.

    हमास ने जहां इस हमले के लिए इसराइल को ज़िम्मेदार ठहराया है, वहीं इसराइल ने हमले का आरोप एक फ़लस्तीनी चरमपंथी गुट पर लगाया है.

    लेकिन इस हमले के बाद वहां कैसे हैं हालात.

  4. अमेरिका ने ईरान पर लगाए नए प्रतिबंध

    एंटनी ब्लिंकन

    इमेज स्रोत, Getty Images

    अमेरिका ने ईरान पर नए प्रतिबंधों की घोषणा की है.

    विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने एक ट्वीट में कहा, "आज अमेरिका ने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन प्रोग्राम को रोकने के लिए नए प्रतिबंध लगाए हैं."

    संयुक्त राष्ट्र का प्रतिबंध ईरान पर बुधवार को समाप्त हो गया था, जिसके मद्देनजर अमेरिका ने नए प्रतिबंधों की घोषणा की. कंपनियों को चेतावनी दी गई है कि वो संवेदनशील तकनीक ईरान को न बेचें.

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

    अमेरिका ने ऐसे समय में इस प्रतिबंध की घोषणा की है जब इसराइल और हमास के बीच संघर्ष जारी है.

    अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि हमास के इसराइल पर हमले में अब तक ईरान की भूमिका के सबूत तो नहीं मिले हैं लेकिन उनका कहना है कि ईरान लंबे समय से हमास को सहायता पहुंचाता रहा है.

    अमेरिका और उसके सहयोगियों को इस बात की आशंका है कि संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध ख़त्म होने के बाद ईरान के लिए मिसाइल बनाना और मिसाइल तथा ड्रोन तकनीक का निर्यात करना आसान हो जाएगा.

  5. सड़क मरम्मत की वजह से ग़ज़ा में शुक्रवार से पहले नहीं पहुंच पाएगी सहायता: बाइडन

    जो बाइडन

    इमेज स्रोत, Getty Images

    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फ़तेह अल-सीसी के रफ़ाह क्रॉसिंग खोलने पर राज़ी होने के बाद भी ग़ज़ा में मानवीय सहायता शुक्रवार से पहले नहीं पहुंच पाएगी.

    अभी इस क्रॉसिंग से सिर्फ़ 20 ट्रक को ही जाने की अनुमति है.

    बाइडन ने सड़क मरम्मत का हवाला देते हुए पत्रकारों को बताया, "वे पहले सड़क की मरम्मत करेंगे. गड्ढों को भरा जाएगा ताकि ट्रक गुजर सके. ऐसा होने में क़रीब आठ घंटे लग जाएंगे. और संभवत: शुक्रवार से पहले तक सहायता न पहुंच पाए."

    उन्होंने कहा कि ये 20 ट्रक 'पहली खेप' है लेकिन "150 या कुछ इसके आसपास' की संख्या में ट्रक इंतजार में खड़े हैं. उन्हें जाने की अनुमति दी जाएगी या नहीं, इसके लिए ये देखना होगा कि ये पूरी कवायद किस तरह का रूप लेती है."

  6. इसराइली सेना लेबनान में हिज़बुल्लाह के ठिकानों को निशाना बना रही

    इसराइल ने बृहस्पतिवार सुबह में दक्षिणी लेबनान के दो गांवों को निशाना बनाया.

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इसराइल डिफ़ेंस फ़ोर्सेज (आईडीएफ़) ने कहा है कि वो लेबनान में हिज़बुल्लाह के ठिकानों को निशाना बना रहे हैं.

    हालांकि अभी इस बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं मिली है.

    लेबनान की अल मायादीन टीवी की ख़बर के अनुसार, इसराइल ने बृहस्पतिवार सुबह में दक्षिणी लेबनान के दो गांवों को निशाना बनाया.

    चैनल ने अपनी ख़बर में बताया है कि कफ़्र शुबा और ओडासे के समीप मिसाइल दागे गए हैं. वहीं, हिज़बुल्लाह ने कहा है कि उन्होंने इसराइल-लेबनान सीमा पर बुधवार को इसराइली सैन्य चौकियों पर हमला किया.

    हिज़बुल्लाह, लेबनान में ईरान से समर्थन प्राप्त शिया इस्लामी राजनीतिक पार्टी और अर्द्धसैनिक संगठन है.

    1980 के दशक की शुरुआत में लेबनान पर इसराइली कब्ज़ें के दौरान ईरान की वित्तीय और सैन्य सहायता से हिज़बुल्लाह का उदय हुआ. हिज़बुल्लाह पर वर्षों से इसराइली और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए बमबारी और षड्यंत्र रचने का आरोप लगता रहा है.

    पश्चिमी देश, इसराइल, अरब खाड़ी देशों और अरब लीग हिज़बुल्लाह को 'आतंकवादी' संगठन मानते हैं.

  7. ग़ज़ा पर इस्लामिक देशों के संगठन ओआईसी की बैठक में क्या हुआ?

    ओआईसी की बैठक

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इसराइल-हमास संघर्ष के बीच हुई इस्लामिक सहयोग संगठन ओआईसी की बैठक में ग़ज़ा के अल-अहली अस्पताल पर हुए हमले के लिए इसराइल को ज़िम्मेदार ठहराया गया है.

    ओआईसी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस हमले में सैंकड़ो घायल, बीमार और अस्पताल में शरण लेने वाले लोग मारे गए हैं.

    बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया है-

    "ग़ज़ा पट्टी के आम लोगों की इस स्थिति के लिए पूरी तरह इसराइल ज़िम्मेदार है."

    "संयुक्त राष्ट्र और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद अपनी जिम्मेदारियां निभाए."

    इस संगठन ने हिंसा रोकने में विफल रहने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की निंदा की है.

    ओआईसी ने कहा है कि वो 'गवर्नमेंट ऑफ द स्टेट ऑफ फ़लस्तीन' को राजनीतिक, वित्तीय, अंतरराष्ट्रीय और कानूनी सहायता मुहैया कराएंगे.

    ओआईसी की बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मांग की गई है कि वो फ़लस्तीनी लोगों के ख़िलाफ़ युद्ध अपराध के लिए इसराइल की क़ब्जे वाली नीति को ज़िम्मेदार ठहराएं.

    ओआईसी की बैठक

    इमेज स्रोत, Getty Images

    ओआईसी ने सऊदी अरब की गुज़ारिश पर गज़ा मुद्दे पर चर्चा के लिए बुधवार को मंत्री स्तरीय बैठक बुलाई थी.

    जेद्दा में आयोजित इस बैठक में ग़ज़ा के 'निहत्थे लोगों के लिए ख़तरे' और इसराइल की सैन्य कार्रवाई को लेकर चर्चा हुई.

  8. मिस्र ने ग़ज़ा में मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए रफ़ाह क्रॉसिंग खोलने पर सहमति जताई

    रफ़ाह क्रॉसिंग

    इमेज स्रोत, Getty Images

    मिस्र ने ग़ज़ा में मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए रफ़ाह क्रॉसिंग खोलने पर सहमति जताई है.

    इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू से मुलाक़ात के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने पहले ये घोषणा की थी. अब मिस्र ने इसकी पुष्टि कर दी है.

    मिस्र के राष्ट्रपति के प्रवक्ता अहमद फ़हमी ने कहा, "मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फ़तेह अल-सीसी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन रफ़ाह टर्मिनल के जरिए ग़ज़ा में मानवीय सहायता पहुंचाने पर सहमत हैं."

    ग़ज़ा पट्टी में मानवीय मदद पहुंचाने की जुगत लगा रही अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां भी अपने ट्रकों को इस क्रॉसिंग के ज़रिए ही ग़ज़ा के अंदर ले जा सकती हैं.

    इसराइल दौरे पर आए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि वे "इन मुश्किल भरे दिनों में इसराइल के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेंगे."

    उन्होंने कहा, “इसराइल, आप अकेले नहीं हैं. इसराइल एक सुरक्षित यहूदी लोकतंत्र बना रहेगा. आज, कल और हमेशा.” जो बाइडन ने ये भी कहा कि वो "फ़लस्तीनी लोगों के लिए भी दुखी हैं."

    बाइडन ने एक ट्वीट में कहा, "मैं ये बात स्पष्ट कर दूं कि बड़ी संख्या में फ़लस्तीनी हमास नहीं हैं. और हमास फ़लस्तीनी लोगों का प्रतिनिधित्व नहीं करता है."

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

    रफ़ाह क्रॉसिंग कहां है?

    रफ़ाह क्रॉसिंग ग़ज़ा पट्टी के दक्षिण में स्थित एक बॉर्डर क्रॉसिंग है. यह ग़ज़ा पट्टी को मिस्र के सिनाई रेगिस्तान से जोड़ती है.

    ग़ज़ा पट्टी क्षेत्र में इसके अतिरिक्त इरेज़ और केरेम शलोम नामक दो अन्य बॉर्डर क्रॉसिंग हैं. इनमें से इरेज़ क्रॉसिंग उत्तरी ग़ज़ा को इसराइल से जोड़ती है. केरेम शलोम भी इसराइल और ग़ज़ा के बीच स्थित क्रॉसिंग है लेकिन इसका इस्तेमाल सिर्फ़ व्यापारिक गतिविधियों के लिए किया जाता है.

    हमास के ख़िलाफ़ इसराइल की जवाबी कार्रवाई शुरु होने के बाद से ये दोनों बॉर्डर क्रॉसिंग बंद हैं.

    इसराइल पर हमास के हमले के कुछ दिन बाद ही इसराइल ने घोषणा की थी कि इरेज़ और केरेम शलोम क्रॉसिंग को अगली सूचना मिलने तक बंद रखा जाएगा.

    ऐसे में रफ़ाह क्रॉसिंग आम फ़लस्तीनी लोगों के लिए ग़ज़ा पट्टी से बाहर निकलने का एकमात्र रास्ता बन गया है.

  9. नमस्कार!

    आपका दिन शुभ हो.

    ये लाइव पेज 24 घंटे के लिए उपलब्ध रहेगा. 18 अक्टूबर के लाइव अपडेट्स पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.