भारत
में श्रीलंका के उच्चायुक्त मिलिंडा मोरागोड़ा ने कहा है कि कनाडा के
आरोपों पर भारत की प्रतिक्रिया "दृढ़ और सीधी" रही है. श्रीलंका इस
मामले पर भारत का समर्थन करता है.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मिलिंडा मोरागोड़ा से भारत और कनाडा के
बीच चल रहे तनाव पर सवाल पूछा गया जिसके जवाब में उन्होंने कहा- “ मुझे लगता है कि कनाडा के आरोपों पर
भारत की प्रतिक्रिया बहुत स्पष्ट, दृढ़ और सीधी रही है. जहां तक हमारी बात है हम
भारत को इस मामले पर समर्थन करते हैं.”
मिलिंडा
मोरागोड़ा का भारत में बतौर उच्चायुक्त कार्यकाल पूरा होने वाला है. उन्होंने इस
मौके पर बताया कि कैसे उन्होंने भारत और श्रीलंका के बीच संवाद और गहरा किया.
मोरागोड़ा ने कहा- “अपने कार्यकाल के दौरान, मैंने दोनों देशों के बीच स्पष्ट संवाद बढ़ाने की उम्मीद की थी और मैंने भारत और श्रीलंका के बीच विश्वास गहरा करने की कोशिश की. श्रीलंका के राष्ट्रपति की हालिया यात्रा ने उस विश्वास और संवाद की नींव रखी. हमारे राष्ट्रपति ने पीएम मोदी और भारतीय विदेश मंत्री के साथ महत्वपूर्ण समय बिताया. ”
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारत पर आरोप लगाते हुए कहा है कि खलिस्तान समर्थक नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के पीछे भारत के एजेंट शामिल हो सकते हैं.
भारत ने कनाडा के इन आरोपों को साफ़ ख़ारिज करते हुए इसे बेतुका और प्रेरित आरोप बताया है.
कनाडा ने इन आरोपों के बाद भारत के एक राजनायिक को निष्कासित कर दिया, इसके जवाब में भारत ने भी कनाडा के एक राजनयिक को निकाल दिया.
भारतीय विदेश मंत्रालय ने कनाडा स्थित वीज़ा सेंटर में काम कर रहे कर्मचारियों की सुरक्षा का हवाला देते हुए कनाडा में वीज़ा सेवा फिलहाल रोक दी है.
इसके अलावा भारत ने कनाडा को भारत में अपने उच्चायोग के स्टाफ़ को भी कम करने को कहा है.
भारत का कहना है कि दोनों देशों के स्टाफ़ की संख्या और रैंक समान होनी चाहिए. भारत में कनाडा उच्चायोग के स्टॉफ़ की संख्या भारत के कनाडा में स्थित उच्चायोग के मुकाबले काफ़ी ज़्यादा है.