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छह अरब डॉलर की डील के बाद ईरान ने छोड़े पाँच अमेरिकी क़ैदी, सभी क़तर पहुंचे

इस डील को पूरा होने में एक साल लगा. अमेरिका को दक्षिण कोरिया को तेल बेचने से हुए ईरान की 6 अरब डॉलर की आमदनी भी वापस देने पर सहमत होना पड़ा.

लाइव कवरेज

  1. छह अरब डॉलर की डील के बाद ईरान ने छोड़े पाँच अमेरिकी क़ैदी, सभी क़तर पहुंचे

    ईरान में सालों तक जेल में बंद रहने वाले पाँच अमेरिकी रिहा हो गए हैं. ये पाँचों कै़दी ईरान की बदनाम एविन जेल में बंद थे.

    दरअसल,राजनीतिक विरोधियों और आलोचकों को इस जेल में बंद किया जाता रहा है. इसलिए इस जेल को 'एविन यूनिवर्सिटी' भी कहा जाता है.

    सूत्रों के अनुसार, इन पाँच अमेरिकियों को ईरान में मौजूद क़तर के विमान तक पहुंचाया गया. इन क़ैदियों के दोहा पहुंचने की तस्वीरें भी सामने आई हैं.

    ये रिहाई उस सौदे के तहत हुई है, जिसमें अमेरिकी जेलों में बंद पाँच ईरानी नागरिकों को भी छोड़ा जाना है.

    अमेरिका और ईरान के बीच क़ैदियों की इस जटिल अदला-बदली में क़तर ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई है. ये समझौता काफ़ी विवादास्पद और जटिल माना जा रहा है.

    जिन पाँच अमेरिकी क़ैदियों को रिहा किया गया है उनमें 51 वर्षीय सियामक नमाज़ी, 58 वर्षीय एमाद शार्गी, 67 वर्षीय मुराद तहबाज़, 51 वर्षीय अहमदरेज़ा जलाली और 68 वर्षीय नाहिद तघावी शामिल हैं.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स को मामले के जानकार कुछ अधिकारियों ने बताया है कि पाँचों अमेरिकियों को पहले तेहरान एयरपोर्ट से क़तर रवाना किया गया. इन सबका स्वास्थ्य अच्छा है.

    इस डील को पूरा होने में एक साल लगा. साथ ही अमेरिका को दक्षिण कोरिया को तेल बेचने से हुए ईरान की 6 अरब डॉलर की आमदनी भी वापस देने पर सहमत होना पड़ा.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, ये पैसे अब क़तर के ख़ातों में डाल दिए गए हैं.

    क़तर ने वॉशिंगटन और तेहरान को पुष्टि कर दी है कि 6 अरब डॉलर का फंडे दक्षिण कोरियाई बैंकों से दोहा के बैंकों में ट्रांसफ़र कर दिए गए हैं.

    हालांकि, ये पैसे पहले दक्षिण कोरिया से स्विस बैंक में भेजे गए और यहाँ इन्हें यूरो में कनवर्ट बदला गया. इसके बाद इन्हें क़तर के बैंकों में भेजा गया.

    दरअसल, ये पैसे ईरान ने दक्षिण कोरिया को तेल बेचकर कमाए थे. ईरान इन पैसों को अपनी मर्ज़ी से इस्तेमाल करने का दावा करता रहा है.

    लेकिन बातचीत का हिस्सा रहे एक अधिकारी ने बीबीसी को बताया है कि ये पैसे केवल खाना और दवाओं जैसे तीसरे पक्ष के ज़रिए खाने और दवाइयों जैसी गै़र-प्रतिबंधित चीज़ों को ख़रीदने में कर सकता है.

    अमेरिकी ब्रॉडकास्टर एनबीसी के अनुसार पिछले सप्ताह ही ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी ने कहा था कि इस सौदे से मिलने वाले धन पर पूरी तरह से ईरान का अधिकार है.

    उन्होंने कहा, "पैसों को अमेरिका ने ग़लत तरीके से फ़्रीज़ किया. हमारा मानना है कि शुरुआत से ही अमेरिका की कार्रवाई बेहद अनुचित थी."

    वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने पिछले सप्ताह कांग्रेस को बताया था कि सौदे के तहत दिए जा रहे पैसों से ईरान को 'बहुत कम' फ़ायदा पहुँचेगा, क्योंकि इसका इस्तेमाल सिर्फ़ मानवीय सहायता वाले कामों पर हो सकता है.

    ईरान ने क्या कहा?

    ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नासिर कनान ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान बताया कि पाँच अमेरिकी नागरिकों को आज ईरान रिहा कर रहा है और बदले में अमेरिकी जेलों में बंद पाँच ईरानियों को भी रिहा किया जाएगा.

    अमेरिका ने किया स्वागत

    अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने क़ैदियों की रिहाई पर कहा, "इसका मतलह है कि एक बार फिर से पति अपनी पत्नी से, पिता अपने बच्चों से, बुज़ुर्ग अपने नाती-पोतों को गले लगा सकेंगे."

    डील को मुक़म्मल बनाने में मदद करने वालों के लिए ब्लिंकन ने कहा, "इस दिन के लिए मैं एहसानमंद हूं."

    उन्होंने कहा कि मौजूदा प्रशासन में दुनियाभर में ग़लत तरीके से जेल में बंद किए गए 30 अमेरिकियों को स्वदेश वापसी हुई है.

    ब्लिंकन ने कहा, "मेरी कोई दूसरी प्राथमिकता नहीं है, राष्ट्रपति जो बाइडन की भी कोई और प्राथमिकता नहीं है. हम सिर्फ़ ये सुनिश्चित करना चाहते हैं कि ग़लत तरीके से दुनिया में कहीं भी हिरासत में लिए गए अमेरिकी घर वापस आ सकें."

    कैसे हुई डील?

    क़तर की मध्यस्थता से परोक्ष बातचीत के ज़रिए फ़रवरी 2022 में इस सौदे की शुरुआत हुई.

    बीबीसी को बातचीत से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि दोहा में अलग-अलग होटलों में ठहरे अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधिमंडलों से कम से कम नौ दौर की वार्ता हुई.

    क़तर के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी तेहरान और वॉशिंगटन के चक्कर काटे.

    कैदियों को छुड़वाने की इस डील के बारे में सबसे पहले 10 अगस्त को पता चला. जब अमेरिका ने दक्षिण कोरिया के बैंकों में ईरान के 6 अरब डॉलर के फंड को क़तर के खातों में डालने पर हामी भरी.

  2. ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ वनडे सिरीज़ के लिए भारतीय टीम का एलान, पहले दो मैचों में राहुल कप्तान

    ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ तीन वनडे मैचों की सिरीज़ के लिए 15 सदस्यीय भारतीय टीम का एलान कर दिया गया है.

    कप्तान रोहित शर्मा, विराट कोहली, हार्दिक पंड्या और कुलदीप यादव को विश्व कप से पहले आराम दिया गया है.

    उनकी जगह ऋतुराज गायकवाड़, तिलक वर्मा, आर अश्विन और प्रसिद्ध कृष्णा को जगह दी गई है.

    इस सिरीज़ के पहले दो मैचों के लिए रोहित शर्मा की अनुपस्थिति में केएल राहुल को टीम का कप्तान बनाया गया है. वहीं रवींद्र जडेजा को उपकप्तान बनाया गया है.

    पहले दो मैचों के लिए टीम के सदस्य ये हैं:

    केएल राहुल (कप्तान और विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा (उप-कप्तान), ऋतुराज गायकवाड़, शुभमन गिल, श्रेयस अय्यर, सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), शार्दुल ठाकुर, वॉशिंगटन सुंदर, आर अश्विन, जसप्रीत बुमराह, मो. शमी, मो. सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा.

    तीसरे वनडे मैच की टीम इस प्रकार है:

    रोहित शर्मा (कप्तान), हार्दिक पंड्या (उप-कप्तान), शुभमन गिल, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, सूर्यकुमार यादव, केएल राहुल (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, शार्दुल ठाकुर, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, आर अश्विन, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी और मो. सिराज.

    इस सिरीज़ का पहला मैच पंजाब के मोहाली में 22 सितंबर को खेला जाएगा. दूसरा मैच 24 सितंबर को इंदौर में और तीसरा मैच 27 सितंबर को राजकोट में खेला जाएगा.

  3. मोदी कैबिनेट की बैठक ख़त्म, विशेष सत्र के मुद्दों को लेकर अब भी सस्पेंस

    संसद के विशेष सत्र के पहले दिन की कार्यवाही ख़त्म होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक लगभग पौने दो घंटे बाद ख़त्म हो गई है.

    हालांकि हर बैठक के बाद होने वाली प्रेस ब्रीफिंग फ़िलहाल नहीं हुई है. ऐसे में संसद के विशेष सत्र के मुद्दों को लेकर सस्पेंस बना हुआ है.

    यह बैठक संसद भवन एनेक्सी में शाम साढ़े छह बजे शुरू हुई थी.

    पहले से अटकलें लगाई जा रही थी कि इस बैठक में कुछ बड़ा और ख़ास फ़ैसला लिया जा सकता है.

    वैसे जब से संसद के विशेष सत्र का एलान हुआ है, तब से इस सत्र के एजेंडे को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं.

    अमूमन कैबिनेट की बैठक बुधवार को होती है, लेकिन यह बैठक सोमवार को हो रही है.

  4. इसरो ने आदित्य एल-1 मिशन को लेकर दी ये जानकारी

    भारत के पहले सूर्य मिशन के रूप में अंतरिक्ष में भेजे गए आदित्य एल-1 स्पेसक्राफ्ट ने वैज्ञानिक आँकड़े जुटाना शुरू कर दिया है.

    भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (इसरो) ने अपने आदित्य एल-1 मिशन को लेकर यह जानकारी सामने रखी है.

    इसरो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “STEPS उपकरण के सेंसर ने पृथ्वी से 50 हजार किलोमीटर से अधिक दूरी से ही सुपर-थर्मल और एनर्जेटिक आयन और इलेक्ट्रॉन को मापना शुरू कर दिया है.”

    “यह डेटा वैज्ञानिकों को पृथ्वी के आसपास के कणों के व्यवहार का विश्लेषण करने में मदद करता है.”

    आदित्य एल-1 मिशन सूर्य के अध्ययन के लिए दो सितंबर को लॉन्च किया गया था.

    भारत का ये पहला सूर्य मिशन है. इसके द्वारा अंतरिक्ष में एक ऑब्ज़र्वेटरी स्थापित की जाएगी, जो पृथ्वी के नजदीक निगरानी करेगी.

    आदित्य एल-1 को जहां पहुंचना है, उसकी दूरी पृथ्वी से 15 लाख किलोमीटर है. यह दूरी पृथ्वी और चंद्रमा के बीच की दूरी की चार गुना है, लेकिन सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी का केवल 1 प्रतिशत ही है.

    पृथ्वी से सूर्य की दूरी 15.1 करोड़ किलोमीटर है.

  5. बिहार के शिक्षा मंत्री का नया दावा, 'भगवान राम ने सपने में कहा- हमें बिकने से बचा लो चंद्रशेखर!'

    रामचरितमानस पर अपने विवादित बयानों से चर्चा में आए बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने अब ये दावा किया है कि भगवान राम उनके सपने में आए थे.

    समाचार एजेंसी एएनआई की ओर से जारी किए गए एक वीडियो में चंद्रशेखर कह रहे हैं, ''हमको भगवान रामजी सपना दिए. हमको बोले, देखो चंद्रशेखर! हमको लोग बेच रहा है बाज़ार में. तुम हमको बाज़ार में बिकने से बचा लो.''

    चंद्रशेखर ने अपने पहले के विवादित बयानों से इस सपने को जोड़ते हुए कहा, ''इसलिए हम कभी-कभी बीच-बीच में एक्स्ट्रा कुछ लाते हैं सामने.''

    बिहार की मधेपुरा सीट से लालू प्रसाद यादव की पार्टी आरजेडी के विधायक चंद्रशेखर जनवरी और अब सितंबर में रामचरितमानस पर बयान देकर विवादों में आ चुके हैं.

    हाल में इस ग्रंथ के बारे में उन्होंने एक और विवादित बयान दिया. उन्होंने इसके कुछ चौपाइयों की तुलना पोटाशियम साइनाइड से कर दी.

    इसके बाद उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने उन्हें अपने काम पर फ़ोकस करने की सलाह दी.

    वहीं जनवरी में पटना में एक दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए रामचरितमानस की कुछ चौपाइयों का हवाला देते हुए उन्होंने इसे नफ़रत फैलाने वाला ग्रंथ बताया था.

    उनके इस बयान पर विवाद इतना बड़ा हो गया कि बीजेपी ही नहीं, बल्कि महागठबंधन के कई नेता चंद्रशेखर के ख़िलाफ़ हो गए.

    उसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इस मुद्दे पर सफ़ाई देनी पड़ी.

  6. पुरानी संसद में कार्यवाही का आख़िरी दिन, सुनिए मोहम्मद शाहिद और गुरप्रीत सैनी से.

  7. मौजूदा संसद भवन बना अतीत का हिस्सा, मंगलवार को नए भवन में शुरू होगी बैठक

    मौजूदा संसद भवन अब पुराना संसद भवन बन गया है. इस ऐतिहासिक इमारत में सोमवार को शुरू हुआ विशेष सत्र दिन भर चली चर्चा के बाद स्थगित कर दिया गया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, संसद के निचले सदन लोकसभा की कार्यवाही अब मंगलवार को संसद के नए भवन में बने लोकसभा कक्ष में दोपहर बाद 1.15 बजे शुरू होगी.

    वहीं संसद के उच्च सदन राज्यसभा की कार्यवाही मंगलवार को संसद के नए भवन में बने राज्यसभा कक्ष में दोपहर बाद 2.15 बजे शुरू होगी.

    दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू होने में एक घंटे का अंतर रखा गया है.

    दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू होने के पहले संसद के केंद्रीय कक्ष में सुबह 11 बजे से 12.30 बजे तक सभी सांसद इकट्ठा होंगे.

    उससे पहले लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों का फोटो सेशन भी होगा.

    इससे पहले संसद के इस विशेष सत्र के तहत सोमवार सुबह 11 बजे दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू हुई.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान लोकसभा में लगभग एक घंटे तक सदन को संबोधित किया.

    उनके बाद लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने अपनी बातें रखीं.

    इन दोनों के बाद पक्ष और विपक्ष के कई सांसदों ने अपनी बातें रखीं और इतिहास को याद किया.

  8. अमृता शेरगिल की पेंटिंग 62 करोड़ रुपए में बिकी, भारतीय चित्रकार की सबसे महंगी पेंटिंग बनी

    भारतीय मूल की जानी मानी पेंटर अमृता शेरगिल की एक पेंटिंग 'द स्टोरी टेलर' ने 62 करोड़ रुपए में बेचे जाने के बाद एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाया है.

    भारत के किसी भी चित्रकार की कृति को मिली यह सबसे अधिक क़ीमत है.

    इस पेंटिंग ने शनिवार को सैयद हैदर रज़ा के 'जेस्टेशन' के 51.75 करोड़ रुपए का रिकॉर्ड तोड़ दिया.

    नई दिल्ली के द ओबेरॉय होटल में आयोजित नीलामी में 1937 में बने इस तैल चित्र ने अमृता शेरगिल को फिर से चर्चा में ला दिया है.

    कौन थीं अमृता शेरगिल

    अमृता शेरगिल हंगरी में पैदा हुईं और वहीं की नागरिक रहीं. हालांकि उनके बचपन का अधिकांश समय भारत में बीता था.

    कला के प्रति उनके रुझान को देखते हुए उनके माता पिता उन्हें पेरिस ले गए थे ताकि वहाँ वो पेंटिंग की औपचारिक शिक्षा ले सकें. जब अमृता पेरिस पहुंची थीं तो वो सिर्फ़ 16 साल की थीं.

    अगले पाँच साल उन्होंने पेरिस में बिताए. उस ज़माने में विंसेट वॉन गॉग और पॉल गोगाँ उनके प्रिय चित्रकार होते थे. पेरिस में ही रखी मोनालिसा की पेंटिंग ने उन्हें बहुत प्रभावित किया था.

    शादी के बाद अपने प​ति के साथ वो भारत में रहने लगीं. उनकी मौत केवल 28 साल की उम्र में लाहौर में हुई थीं.

    शेर​गिल को 20वीं सदी के प्रमुख आवाँ गार्द (परंपरा को तोड़ने वाला) चित्रकारों में रखा जाता है.

  9. ओवैसी बोले- कहीं नई संसद भी हिटलर की संसद न साबित हो जाए

    संसद के विशेष सत्र में एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि हमें 75 साल की उन घटनाओं का भी जिक्र करना चाहिए, जब संसद ने नाकामी के सबूत पेश किए.

    उन्होंने कहा कि यह संसद एक इमारत नहीं है, यह देश का दिल है, जो गरीब लोगों की तकलीफ को महसूस करती है.

    ओवैसी ने कहा, "मैं आपके सामने 15 मिसालें पेश करूंगा, जब संसद ने अपनी नाकामी के सबूत पेश किए. एक जब दिल्ली की सड़कों पर सिखों का कत्ल किया जा रहा था. एक उस वक्त जब 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद की शहादत हुई."

    "भागलपुर, जिसमें रेशम के कारोबार को ख़त्म किया गया और मुसलमानों को जहां दफ़ना दिया गया, वहां पर फूल गोभी उगना शुरू हो गई. एक उस वक्त नाकामी साबित हुई, जब मुजफ्फरनगर और गुजरात में नस्लकशी की गई."

    उन्होंने कहा, "हम देखते हैं कि मुंबई की सड़कों पर इंसानियत का नंगा नाच हुआ. एक उस वक्त जब संसद में टाडा, पोटा, जैसा काला कानून बनाया गया. यूएपीए का कानून बनाया गया. अफस्पा का कानून बनाया गया, जिसको 1958 में एक साल के लिए बनाया गया था और हम 2023 में आ गए."

    ओवैसी ने कहा, "ये भारत का दिल है. आज गरीबों, मजलूमों, मुसलमानों, कश्मीर के लोगों, दलितों और आदिवासियों में इस संसद के लिए मोहब्बत और विश्वास खत्म हो रहा है, कम हो रहा है. इसलिए जनता सड़कों पर आकर विरोध कर रही है. क्योंकि उन्हें लगता है कि यह संसद हमारा दिल नहीं है."

    "चाहे सीएए का प्रदर्शन हो, चाहे किसानों का प्रदर्शन हो, चाहे अनुसूचित जाति के आरक्षण का मसला हो. अगर हम सड़कों पर लोगों को इंसाफ करने देंगे, इस संसद का दिल नहीं रखेंगे, तो ये हमारी संसदीय लोकतंत्र के लिए बड़ा नुकसानदेह साबित होगा."

    उन्होंने कहा, "मौजूदा संसद में सिर्फ 26 मुसलमान सांसद है. देश में 14 प्रतिशत मुसलमान और सिर्फ 4.8 प्रतिशत उनका प्रतिनिधित्व है. बताइये हम वोट डालने वाले बन गए, लेने वाले नहीं बन पाए. या तो हकीकत ये है कि आप उनको वोट डालना नहीं चाहते, आप सबको वोट डालेंगे लेकिन जहां पर मुसलमान आएगा, वहां कामयाब नहीं होगा. बताइए जब एक दिल में 14 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व नहीं होगा तो आप क्या फैसले करेंगे."

    "चाणक्य ने सही कहा था कि जब राज चलाने वाले व्यापारी हो जाएंगे तो उस राज के लोग भिखारी हो जाएंगे. आज वो वक्त आ चुका है कि क्या बहुलवादी प्रणाली इस देश के लिए सही है या फिर हम 'प्रपोशनल फॉर्म ऑफ रिप्रेजेंटेशन' को अपनाएंगे. बहुलवादी प्रणाली है कि जिसके पास एक मजहब का वोट होगा, जिसके पास दौलत होगी, वही इस संसद में आएगा. कहीं लोकतंत्र कमजोर न हो जाए, हमें डर है."

    ओवैसी ने कहा, "एक बहुत बड़े शायर ने कहा था, अभी चिराग़े-सरे-रह को कुछ ख़बर ही नहीं, अभी गरानी-ए-शब में कमी नहीं आई, निज़ाते-दीदा-ओ-दिल की घड़ी नहीं आई, चले चलो कि वो मंज़िल अभी नहीं आई."

    "पिच बदलने से गेम नहीं बदलता, गेम को बदलना पड़ेगा. आप पिच बदल रहे हैं. वरना आप याद रखिए, जब हम लोकतंत्र के नियमों पर, संविधान पर अटूट अमल नहीं करेंगे, तो कहीं यह नई इमारत भी हिटलर की राइकस्टाग (जर्मन संसद) वाली इमारत न साबित हो जाए."

  10. गुम हुआ अमेरिका का एक लड़ाकू विमान, लोगों से मांगी मदद

    अमेरिकी सेना ने रविवार से 'गायब' अपने एफ-35 लड़ाकू विमान को खोजने के लिए लोगों से मदद मांगी है.

    यह विमान रविवार को देश के दक्षिणी राज्य दक्षिण कैरोलिना में उड़ान पर था. उस दौरान आपात स्थिति को देखते हुए पायलट ने ख़ुद को विमान से 'इजेक्ट' (निकाल) करके पैराशूट से ज़मीन पर सुरक्षित उतार लिया था.

    हालांकि पायलट का नाम नहीं बताया गया है, पर यह ज़रूर कहा गया है कि अस्पताल में उनकी हालत स्थिर बनी हुई है.

    वैसे अभी तक पता नहीं चल सका है कि कल आख़िर हुआ क्या था. हालांकि का कहना है कि विमान 'दुर्घटनाग्रस्त' हुआ है.

    सैन्य अधिकारियों के अनुसार, चार्ल्सटन शहर के करीब स्थित दो झील (मोल्ट्री और मैरियन) के आसपास इस विमान की अंतिम लोकशन पाई गई थी. इसलिए इसके आसपास विमान को खोजा जा रहा है.

    सेना के ज्वाइंट बेस चार्ल्सटन ने ट्विटर पर लिखा है, ''इमरजेंसी रिस्पांस टीम अभी भी एफ-35 की लोकेशन ढूंढ़ने में जुटी है. लोगों से सेना और नागरिक प्रशासन के साथ सहयोग करने का अनुरोध किया जाता है.''

    एफ-35 का निर्माण लॉकहीड मार्टिन करती है. एक विमान की क़ीमत लगभग 8 करोड़ डॉलर यानी 665 करोड़ रुपए बताई जाती है.

    इसे दुनिया के सबसे आधुनिक लड़ाकू विमानों में से एक कहा जाता है.

  11. महाराष्ट्र विधानसभा स्पीकर पर सख़्त हुआ सुप्रीम कोर्ट

      • Author, सुचित्र मोहंती, बीबीसी हिंदी के लिए

    सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एकनाथ शिंदे और उनके समर्थक विधायकों के ख़िलाफ़ लंबित अयोग्यता याचिकाओं पर फै़सला लेने में देरी करने पर सख़्त प्रतिक्रिया दी है.

    कोर्ट ने स्पीकर को सुनवाई करने के लिए एक हफ्ते का समय दिया है और इस मामले की आगे की सुनवाई के लिए दो हफ्ते बाद का समय तय किया है.

    भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने कहा, "स्पीकर को सुप्रीम कोर्ट की गरिमा का पालन करना होगा. 11 मई (फै़सले की तारीख) को कई महीने बीत चुके हैं और अब तक केवल नोटिस जारी किया गया है."

    शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट ने कोर्ट में शिंदे गुट के 16 विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग को लेकर याचिका लगाई हुई है, जिस पर कोर्ट सुनवाई कर रहा था.

    कोर्ट ने कहा है कि स्पीकर दसवीं अनुसूची के तहत एक ट्रिब्यूनल है, जो अदालत के अधिकार क्षेत्र के तहत उत्तरदायी है.

    स्पीकर की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल (एसजी) तुषार मेहता ने कहा कि वे स्पीकर के ऑफिस का मजाक बना रहे हैं. स्पीकर एक संवैधानिक पदाधिकारी हैं. हो सकता है वो हमें पसंद न हो, लेकिन हम उसका मजाक नहीं उड़ा सकते. स्पीकर के साथ व्यवहार करने का यह सही तरीका नहीं है.

    तुषार मेहता ने कहा कि स्पीकर को यहां एक स्कूली बच्चे की तरह घसीटा जा रहा है और उन पर व्यंग्यात्मक टिप्पणियां की जा रही हैं.

    वहीं उद्धव ठाकरे की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि अगर सच बोलना व्यंग्यात्मक होना है, तो मुझे व्यंग्यात्मक होना अच्छा लगेगा.

  12. उद्धव ठाकरे को 'शिवसेना' दोबारा मिलेगी या नहीं? सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई

    महाराष्ट्र के राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर सुप्रीम कोर्ट आज (18 सितंबर) दो मामलों की सुनवाई कर रहा है. ये दोनों मामले शिवसेना से जुड़े हैं.

    इसमें एक याचिका शिंदे गुट को पार्टी के नाम और सिंबल का इस्तेमाल करने से जुड़ी है.

    चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को शिवसेना पार्टी और चुनाव चिन्ह (तीर-कमान) दे दिया था, जिसके ख़िलाफ़ उद्धव ठाकरे ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.

    इस याचिका की सुनवाई भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ के सामने होगी.

    दूसरी याचिका में एकनाथ शिंदे गुट के 16 विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग की गई है.

    इसकी सुनवाई चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस पारदीवाला की पीठ के सामने होगी.

    पिछले साल एकनाथ शिंदे के साथ शिवसेना के 40 विधायकों ने बगावत कर दी थी, जिसके बाद उद्धव ठाकरे गुट 16 विधायकों को अयोग्य करवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था.

    इससे पहले की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर को नोटिस जारी कर दो हफ्ते में जवाब देने का आदेश दिया था.

  13. 'जवान' ने बनाया वैश्विक कमाई करने का नया रिकॉर्ड

    शाहरुख़ ख़ान की अभिनय वाली फ़िल्म जवान ने 11वें दिन ही 800 करोड़ रुपए की वैश्विक कमाई का आंकड़ा पार कर लिया है.

    वहीं भारत में इसने 11वें दिन तक ही 430 करोड़ रुपए की कमाई कर ली है. यह एक रिकॉर्ड है.

    फ़िल्मों की कमाई पर नज़र रखने वाले मनोबाला विजयबालन ने कुछ देर पहले किए एक ट्वीट में बताया, ''जवान ने केवल 11 दिनों में 800 करोड़ रुपए की कुल कमाई का आंकड़ा पार कर लिया है. सबसे तेज़ी से ऐसा करने वाली यह फ़िल्म है. दूसरे नंबर पर पठान है.''

    इनके अनुसार, 11वें दिन यानी रविवार तक जवान ने कुल 821.85 करोड़ रुपए की कुल कमाई की है.

    वहीं ट्रेड एनालिस्ट तरन आदर्श ने बताया कि इस फ़िल्म ने दूसरे हफ़्ते के वीकेंड में 82.5 करोड़ रुपए की कमाई करके एक नया रिकॉर्ड बनाया है.

    इन्होंने बताया है कि भारत में इस फ़िल्म ने अब तक 430.44 करोड़ रुपए कमाए हैं.

  14. पंडित नेहरू की दूरदर्शिता का नतीजा है इसरो- अधीर रंजन चौधरी

    संसद के विशेष सत्र में पीएम मोदी के बाद लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने सदन को संबोधित किया.

    उन्होंने कहा, "जवाहरलाल नेहरू जी के साथ ही संविधान सभा के हर सदस्य ने यह शपथ ली थी कि हम देश को आगे बढ़ाएंगे और देश आगे बढ़ते-बढ़ते यहां तक पहुंचा है."

    अधीर रंजन ने कहा, "चंद्रयान की बात हो रही थी. आपको जानकारी देना चाहता हूं कि 1946 में नेहरू जी के नेतृत्व में एटॉमिक रिसर्च कमेटी बनाई गई थी. नेहरू जी की दूरदर्शिता और विक्रम साराभाई की अगुवाई में इसरो बना. 1975 में देश ने आर्यभट्ट सैटेलाइट लॉन्च किया था, लेकिन आज 'भारत' और 'INDIA' जैसी तरह-तरह की बातें लाई जा रहीं हैं."

    उन्होंने परमाणु परीक्षण में कांग्रेस पार्टी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की भूमिका का भी ज़िक्र किया.

    "1974 में इंदिरा जी ने पोखरण में परमाणु परीक्षण किया था. उस समय से विदेशी ताकतों ने हमें कमजोर करने के लिए हर संभव प्रयास किया, लेकिन अटल जी रुके नहीं. नरसिम्हा राव के जमाने में भी ये परमाणु टेस्ट के बारे में सोचा गया था, लेकिन इसको साकार किया अटल बिहारी वाजपेयी जी ने और उसके साथ-साथ ये भी संदेश दिया दुनिया को कि 'नो फर्स्ट यूज पॉलिसी' हम अपना रहे हैं."

    अधीर रंजन ने कहा, "भारत के खिलाफ उस समय लगी पाबंदियों को हटाने का काम मनमोहन सिंह ने किया था, जिनको कहते थे कि मौन रहते थे. वे मौन नहीं रहे. जब जी-20 का सम्मेलन हुआ, तो उन्होंने कहा कि ये देश के लिए अच्छा है. वो बात कम करते थे और काम ज्यादा. बस फर्क यही है."

  15. ईडी की पूछताछ के ख़िलाफ़ हेमंत सोरेन की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई, कहा- पहले हाई कोर्ट जाएं

    अवैध खनन के मामले में पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय की ओर से नोटिस जारी होने के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचे झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की याचिका ख़ारिज कर दी गई है.

    देश की शीर्ष अदालत ने सोमवार को हेमंत सोरेन के वकील मुकुल रोहतगी से कहा कि वे इसके लिए पहले रांची हाई कोर्ट जाएं.

    जस्टिस अनिरुद्ध बोस और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की दो सदस्यीय खंडपीठ ने सोरेन के वकील से पूछा, ''आप हाई कोर्ट क्यों नहीं जाते? हम यहां यह याचिका नहीं सुन सकते? आप हाई कोर्ट जाइए.''

    हालांकि मुकुल रोहतगी ने अदालत से कहा कि उनके मुवक्किल के ख़िलाफ़ ईडी 'बदले की कार्रवाई' कर रही है. उन्होंने अपने इस आरोप के समर्थन में पर्याप्त सबूत होने की बात भी कही.

  16. ज्योतिषी ने कह दिया होगा, तो विशेष सत्र बुला लिया- मनोज झा

    राष्ट्रीय जनता दल के सांसद मनोज झा ने संसद के विशेष सत्र पर सवाल उठाए हैं.

    उन्होंने कहा, "ये विशेष सत्र है ही नहीं. किसी ज्योतिषी ने कह दिया होगा और प्रधानमंत्री जी इन सब पर बहुत यकीन करते हैं, तो ले आए. जो नॉर्मल बिल हैं, जो शीतकालीन सत्र तक इंतजार कर सकते थे, आप उसको भी ला रहे हैं."

    उन्होंने कहा, "मसलन चुनाव आयोग. आप तो लोकतंत्र के ज़ब्ह (गला काटना) का बिल लेकर आ रहे हैं. आप ये ना कहिए कि हमारा कोई एजेंडा नहीं है. एजेंडा बहुत साफ़ है. इसके अलावा और क्या-क्या एजेंडा है, वो हम देखना चाहेंगे, विशेष नाम का यहां कुछ नहीं है."

    सोमवार यानी आज से संसद का विशेष सत्र शुरू हुआ है, जो शुक्रवार 22 सितंबर तक चलेगा.

    कई विपक्षी पार्टियों ने भी केंद्र सरकार पर आरोप लगाए हैं कि सरकार ने विशेष सत्र का एजेंडा ऑल पार्टी मीटिंग में पूरी तरह सामने नहीं रखा है और सत्ता पक्ष की मंशा इस विशेष सत्र के पीछे क्या है, ये साफ़ नहीं किया गया है.

    केंद्र सरकार ने जो जानकरी दी है उसके मुताबिक़ आठ बिल इस सत्र में पेश किए जाएंगे.

  17. मल्लिकार्जुन खड़गे का मोदी सरकार पर तंज- बदलना है तो देश के हालात बदलो, नाम बदलने से क्या होता है

    संसद के विशेष सत्र के पहले दिन दोनों सदनों में पुराने संसद भवन को लेकर सांसद अपनी यादें साझा कर रहे हैं.

    सोमवार को संसद की पुरानी इमारत में आखिरी कार्यवाही की जा रही है. मंगलवार से सदन की कार्यवाही नए संसद भवन में होगी.

    राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस मौके पर मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा है कि बदलना है तो देश के हालात बदलो, ऐसे नाम बदलने से क्या होता है.

    राज्यसभा में भाषण देते हुए खड़गे ने कहा, “इन 75 साल में हमने बहुत कुछ देखा और सीखा. मैंने 52 साल यहां बिताएं हैं. ये भवन आजाद भारत के सभी बड़े फैसलों का गवाह है. इस भवन में संविधान सभा 165 दिन बैठी. संविधान बनाया जो 26 जनवरी 1950 में लागू हुआ.”

    खड़गे ने कहा, “26 नवंबर को 1949 को संविधान सभा की बहस को सुनने के लिए करीब 53 हज़ार लोग आए थे. संविधान सभा के 11 दौर की बैठकों के व्यवधान रहित संचालन को आदर्श संचालन माना गया था. वो ऐसा एक वक्त था जब सबको लेकर चला जाता था. आप लोगों ने भी उसे आदर्श संचालन माना था, उस समय देश के प्रधानमंत्री नेहरू जी थे.”

    “मैं अपनी बात रखने के लिए थोड़े शब्दों में कुछ कहना चाहता हूं- “बदलना है तो अब हालात बदलो, ऐसे नाम बदलने से क्या होता है? देना है तो युवाओं को रोजगार दो, सबको बेरोजगार करके क्या होता है? दिल को थोड़ा बड़ा करके देखो, लोगों को मारने से क्या होता है? कुछ कर नहीं सकते तो कुर्सी छोड़ दो, बात-बात पर डराने से क्या होता है? अपनी हुक्मरानी पर तुम्हें गुरूर है, लोगों को डराने-धमकाने से क्या होता है?”

  18. संसद का विशेष सत्र: पीएम मोदी ने पंडित नेहरू से लेकर मनमोहन सिंह का किया जिक्र

    संसद के विशेष सत्र के पहले दिन सदन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसदीय इतिहास में योगदान के लिए जवाहरलाल नेहरू से लेकर डॉ. मनमोहन सिंह तक का ज़िक्र किया है.

    उन्होंने कहा, "इन 75 सालों में हमारी संसद, जन-भावनाओं की अभिव्यक्ति का भवन भी बनी है. हम देखते हैं कि राजेंद्र बाबू से लेकर डॉ कलाम, रामनाथ कोविंद जी और अभी द्रोपदी मुर्मू जी. इन सबके संबोधन का लाभ हमारे सदनों को मिला है."

    "उनका मार्गदर्शन मिला है. आदरणीय अध्यक्ष जी, पंडित नेहरू जी, शास्त्री जी, वहां से लेकर अटल जी, मनमोहन सिंह जी तक, एक बहुत बड़ी श्रंखला, जिसने इस सदन का नेतृत्व किया है और सदन के माध्यम से देश को दिशा दी है. देश को नए रंग रुप में ढालने के लिए परिश्रम किया है. आज उन सबका गौरवगान करने का भी अवसर है."

    उन्होंने कहा, "सरदार वल्लभ भाई पटेल, लोहिया जी, चंद्रशेखर जी, आडवाणी जी, न जाने अनगिनत नाम, जिन्होंने हमारे इस सदन को समृद्ध करने में, चर्चाओं को समृद्ध करने में, देश के सामान्य से सामान्य व्यक्ति की आवाज को ताकत देने का काम, इस सदन में किया है."

    पीएम मोदी ने कहा, "उमंग, उत्साह के पल के बीच कभी सदन की आंख से आंसू भी बहे. ये सदन दर्द से भर गया, जब देश को तीन प्रधानमंत्रियों को उनको कार्यकाल में ही खोने की नौबत आई, जिसमें नेहरू जी, शास्त्री जी और इंदिरा जी थीं. तब इस सदन ने आंसूभरी आंखों से उन्हें विदाई दी."

    आर्टिकल 370 का जिक्र

    "इसी सदन ने मनमोहन सिंह जी की सरकार में कैश फॉर वोट कांड को भी देखा है. सबका साथ सबका विकास के मंत्र ने अनेक ऐतिहासिक निर्णय, दशकों से लंबित विषयों का स्थाई समाधान भी इसी सदन में हुआ है. आर्टिकल 370 को लेकर सदन हमेशा गर्व के साथ कहेगा कि यह इस काल में हुआ. वन नेशन, वन टैक्स, जीएसटी का निर्णय भी इसी सदन ने किया. वन रैंक, वन पेंशन भी इसी सदन ने देखा. गरीबों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण बिना किसी विवाद के पहली बार इस देश में किया गया."

  19. संसद का विशेष सत्र: पीएम मोदी ने कहा- पुराने सदन से विदाई लेना भावुक पल है

    संसद के विशेष सत्र के पहले दिन सदन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कि कहा कि संसद में जो कुछ हुआ, वह हमारी साझी विरासत है.

    उन्होंने कहा, "सदन से विदाई लेना, यह एक बहुत ही भावुक पल है. परिवार भी अगर पुराना घर छोड़कर नए घर जाता है, तो बहुत सारी यादें, कुछ पल के लिए उसको झकझोर देती हैं. हम जब इस सदन को छोड़कर जा रहे हैं तो हमारा मन-मस्तिष्क भी उन यादों से भरा हुआ है."

    "खट्टे-मीठे अनुभव भी रहे हैं. नोकझोंक भी रही. कभी संघर्ष का तो कभी इसी सदन में उत्सव और उमंग का माहौल भी रहा है. ये सारी स्मृतियां हमारी साझी हैं. ये साझी विरासत है और इसका गौरव भी हम सबका साझा है."

    पीएम मोदी ने उस पल को भी याद किया जब वे पहली बार सांसद बनकर लोकसभा पहुंचे थे.

    उन्होंने कहा, "मैं पहली बार जब संसद का सदस्य बना और पहली बार सांसद के रूप में मैंने इस भवन में प्रवेश किया तो सहज रूप से मैंने संसद के दरवाजे पर अपना शीश झुकाकर इस लोकतंत्र के मंदिर को श्रद्धाभाव से नमन करते हुए पैर रखा था."

    "वो पल मेरे लिए भावनाओं से भरा हुआ था. मैं कल्पना नहीं कर सकता, लेकिन भारत के लोकतंत्र की ताकत है, भारत के सामान्य मानव की लोकतंत्र के प्रति श्रद्धा का प्रतिबिंब है कि रेलवे प्लेटफॉर्म पर गुजारा करने वाला एक गरीब बच्चा संसद पहुंच गया. मैंने कभी कल्पना तक नहीं की थी कि देश मुझे इतना सम्मान देगा, इतना आर्शीवाद देगा, इतना प्यार देगा. सोचा नहीं था."

  20. लोकसभा स्पीकर ने कहा- आज के बाद सदन की कार्यवाही नए संसद भवन में होगी

    संसद के विशेष सत्र के पहले दिन लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने सदन को संबोधित करते हुआ कहा है कि आज के बाद से संसद की कार्यवाही नए भवन से संचालित होगी.

    लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने कहा, “अब तक सदन को 15 प्रधानमंत्रियों का नेतृत्व प्राप्त हुआ. जिन्होंने इस देश की दशा और दिशा तय की है. ये सदन संवाद का प्रतीक रहा है. पिछले 75 सालों में यहां देश हित में सामूहिकता से निर्णय लिए गए.”

    “विचार विमर्श की पद्धति से यहां आम जनता को सामाजिक न्याय दिलाने के लिए कानून बनाए गए. संकट के समय सदन ने एकजुटता से सामना किया. आज इस सदन में कार्यवाही का अंतिम दिन है. आज के बाद सदन की कार्यवाही नए भवन में संचालित होगी."

    इससे पहले पीएम मोदी ने मीडिया से बात करते हुए कहा था, “कल गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर हम नई संसद में जाएंगे. ये सत्र छोटा है लेकिन बहुत मूल्यवान है.”