You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.

Take me to the main website

भारत के सूर्य मिशन आदित्य-एल1 ने अंतरिक्ष से भेजी पहली सेल्फ़ी

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने देश के सूर्य मिशन की तस्वीरें साझा की हैं.

लाइव कवरेज

चंदन शर्मा and अनंत प्रकाश

  1. लेबनान में महंगाई की मार के बीच खो रहा है बचपन

    दुनिया भर में महंगाई बेतहाशा बढ़ती जा रही है.

    कोरोना महामारी ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं. कई देश उससे नहीं उबरे भी नहीं थे कि रूस-यूक्रेन युद्ध ने दुनिया के लिए नई मुसीबत पैदा कर दी.

    लेबनान भी उन देशों में है जो बढ़ती महंगाई की मार झेल रहा है और इस आर्थिक परेशानी ने कई बच्चों की ज़िंदगी बदल दी है. कवर स्टोरी में इसी की बात.

  2. उदयनिधि स्टालिन के बयान पर गिरिराज सिंह और रविशंकर प्रसाद ने नीतीश और लालू से पूछा सवाल

    सनातन धर्म पर उदयनिधि स्टालिन के विवादास्पद बयान पर अब तक कोई प्रतिक्रिया न देने के लिए बीजेपी ने नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव पर निशाना साधा है.

    पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इस मामले पर चुप्पी साधने के लिए नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव पर तंज़ किया है.

    उन्होंने कहा, ''नीतीश जी बहुत ख़ामोश हो जाते हैं, कुछ परेशान भी दिखते हैं. क्या बात है? लालू जी का दबाव बहुत पड़ रहा है?''

    रविशंकर प्रसाद ने कहा, ''लालू जी का दर्द बहुत सीधा है कि बेटे को मुख्यमंत्री कब बनाओगे? नीतीश कुमार का दर्द है कि पीएम पद की कोई गुंजाइश नहीं दिख रही तो सीएम पद क्यों छोडूं.''

    गिरिराज सिंह ने माफ़ी मांगने की मांग की

    वहीं अपने बयानों के लिए अक्सर चर्चा में रहने वाले केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, "उदयनिधि स्टालिन का बयान आए पांच दिन हो गए. राहुल गांधी, नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव की जबान बंद हैं. वे अपनी जबान कब खोलेंगे? क्या सनातन को ख़त्म किए बिना नहीं खोलेंगे?"

    उन्होंने स्टालिन के बयान के लिए इंडिया गठबंधन के इन साथी नेताओं से माफ़ी मांगने को कहा है.

    गिरिराज सिंह ने कहा, ''अगर ये माफ़ी नहीं मांगे तो देश का सनातन, बिहार का सनातन एक-एक पाई का हिसाब लेगा.''

  3. रूस के लिए जंग का प्रोपेगैंडा चलाते ब्लॉगर्स

    ब्लॉगर्स और इंफ्लुएंसर्स का असर वैसे तो कई चीज़ों पर होता है लेकिन क्या ये युद्ध की सूरत भी बदल सकते हैं.

    ऐसा हो रहा है रूस में. रूस में ब्लॉगर्स जंग से जुड़ा प्रोपोगैंडा चला रहे हैं. इन ब्लॉगर्स के टेलिग्राम पर लाखों फॉलोअर्स हैं.

    ये ब्लॉगर्स जंग के मोर्चे से एक्सक्लूसिव वीडियोज़ पोस्ट करते हैं. फ़़ंड जुटाते हैं और युवाओं को सेना में भर्ती होने के लिए प्रेरित भी करते हैं.

    ये लोग एक बात और करते हैं और वो है डिस्इंफॉर्मेशन यानी ग़लत जानकारियां फैलाना.

    हमें पता चला है कि ये ब्लॉगर्स, ऐड के बदले हज़ारों डॉलर लेकर, इससे मुनाफ़ा भी कमा रहे हैं.

    बीबीसी की ग्लोबल डिस्इंफॉर्मेशन यूनिट ने रूस में जंग का समर्थन करने वाले ज़ेड ब्लॉगर्स की पड़ताल की.

  4. LIVE: मुंबई के वर्ली क्षेत्र में आदित्य ठाकरे के विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी की दही-हांडी, क्या है माहौल बता रही हैं बीबीसी संवाददाता प्राजक्ता पोल

  5. मणिपुर हिंसाः चुराचांदपुर-बिष्णुपुर सीमा पर तनाव, सुरक्षा बैरिकेड तोड़ने के प्रयास के बाद कड़े इंतजाम

      • Author, दिलीप शर्मा
      • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए

    मणिपुर में बुधवार को चुराचांदपुर-बिष्णुपुर सीमा पर सैकड़ों प्रदर्शनकारियों द्वारा सेना के बैरिकेड को तोड़ने के एक नाकाम प्रयास के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है.

    इस बीच सीमावर्ती टोरबुंग बांग्ला इलाके के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए है.

    दरअसल, मैतेई समुदाय से जुड़े नागरिक संगठनों में से एक कोऑर्डिनेटिंग कमेटी ऑफ़ मणिपुर इंटेग्रिटी (कोकोमी) ने बुधवार को मीरा पैबिस और स्वयंसेवकों के साथ टोरबुंग तक मार्च निकाला था.

    इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बिष्णुपुर और चुराचांदपुर सीमा के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर सेना द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स को हटाने की योजना बनाई थी.

    इंफाल घाटी में कर्फ्यू के बावजूद कोकोमी द्वारा आयोजित इस रैली में हजारों की संख्या में मैतेई लोग शामिल हुए थे. यह विरोध मार्च क्वाक्टा से शुरू हुआ था लेकिन राज्य और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को फौगाकचाओ इखाई नामक जगह पर ही रोक दिया.

    क्वाक्टा से महज थोड़ी दूरी पर सीआरपीएफ, असम राइफल और भारतीय सेना के तीन अलग-अलग चेक पाइंट बने हुए है जहां सुरक्षा के लिहाज से दोनों तरफ बैरिकेड लगाए हुए है.

    यह बहुत ही संवेदनशील इलाका है जहां सबसे ज्यादा हिंसा हुई है. प्रदर्शनकारी टोरबुंग बांग्ला सामुदायिक हॉल तक पहुंचना चाहते थे ताकि मैतेई क्षेत्रों को पुन अपने कब्जे में ले सकें.

    लेकिन इस बीच वहां तैनात भारी सुरक्षा बलों ने एकत्रित भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पहले आंसू गैस के गोले दागे और फिर रबर की गोलियां चलाई.

    सुरक्षा बलों की इस कार्रवाई में 40 से अधिक लोग घायल हुए है जिनमें से कुछ लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

    कोकोमी का कहना है कि कमेटी ने पहले ही सरकार और संबंधित अधिकारियों से 30 अगस्त तक सेना के बैरिकेड्स हटाने का आग्रह किया था लेकिन उनका यह अनुरोध पूरा नहीं किया गया.

    इससे पहले बुधवार सुबह सैकड़ों प्रदर्शनकारी बिष्णुपुर जिले के फौगाकचाओ इखाई में एकत्र हुए, ताकि बिष्णुपुर जिले के अंतर्गत टोरबुंग में सुनसान पड़े मैतेई लोगों के घरों तक पहुंच सकें, जो चुराचांदपुर जिले से कुछ ही किलोमीटर दूर है.

    कोकोमी के समन्वयक जितेंद्र निंगोम्बा का कहना है कि हम चाहते हैं कि बैरिकेड हटा दिए जाएं क्योंकि बैरिकेड्स के पार मैतेई लोगों की जमीनें हैं. हम वहां फिर से बसना चाहते हैं और अपनी जमीन वापस पाना चाहते हैं.

    इस घटना के बाद मैतेई-बहुल बिष्णुपुर जिले से 35 किमी दूर चुराचांदपुर जिले में भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.

    इन दोनों जिलों के बीच एक ऐसे क्षेत्र में बैरिकेड लगाए गए हैं जिसे सुरक्षा बल अस्थायी "बफर जोन" कहते हैं.

    दरअसल 3 मई से शुरू हुई हिंसा के बाद से चुराचांदपुर और विष्णुपुर जिले की सीमा पर जो बैरिकेड बनाए गए है उससे पता चलता है कि मणिपुर का वैली इलाका और पहाड़ी क्षेत्र आपस में बंट चुके है.

    मणिपुर में जारी हिंसा को चार महीने से ज्यादा समय बीत गया है लेकिन इस छोटे से प्रदेश में शांति कायम करने के तमाम प्रयास बेअसर साबित हो रहें है.

    इस हिंसा में अबतक 180 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है.

  6. जी-20 समिट में हिस्सा लेने आ रहे मेहमान इन ख़ास बर्तनों में खाएंगे खाना

    भारत में जी20 शिखर सम्मेलन की तैयारियां अब अंतिम चरण में है और दिल्ली दुनिया के दिग्गज नेताओं की मेज़बानी के लिए कमर कस रही है.

    इस मेज़बानी का अहम हिस्सा होगा मेहमानों को परोसे जाने वाला भोजन.

    जी20 प्रतिनिधियों के लिए भारत के नायाब व्यंजन बनाए जाएंगे और इन व्यंजनों को परोसने के लिए सोने-चांदी के बर्तन इस्तेमाल होंगे.

  7. सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद की चुनाव प्रक्रिया

    सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को लद्दाख स्वायतशासी पर्वतीय विकास परिषद (एलएएचडीसी) के लिए चल रही चुनाव प्रक्रिया को रद्द कर दिया है.

    अदालत ने इसके साथ ही लद्दाख के प्रशासन को सात दिनों के भीतर चुनाव की नई अधिसूचना जारी करने का आदेश दिया है.

    सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस विक्रम नाथ और अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की दो सदस्यीय खंडपीठ ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस इस चुनाव के लिए हल चिह्न का उपयोग करने की हक़दार है.

    अदालत ने अपने आदेश में कहा, "केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के प्रशासन की ओर से दिनांक 02.08.2023 को जारी की गई अधिसूचना के तहत शुरू की गई चुनाव की पूरी प्रक्रिया रद्द कर दी गई है."

    "5वीं लद्दाख स्वायतशासी पर्वतीय विकास परिषद, कारगिल के चुनाव के लिए सात दिनों के भीतर नई अधिसूचना जारी की जाएगी. नेशनल कॉन्फ्रेन्स को उसके उम्मीदवारों के लिए हल चुनाव चिह्न के आवंटन का हक़दार घोषित किया जाता है."

    इससे पहले 9 अगस्त को हाईकोर्ट ने लद्दाख प्रशासन को इन चुनावों के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस को 'हल' चुनाव चिह्न आवंटित करने का आदेश दिया था.

    सुप्रीम कोर्ट ने उस आदेश के ख़िलाफ़ लद्दाख प्रशासन द्वारा दायर अपील खारिज़ करते हुए यह फ़ैसला दिया है.

    साथ ही लद्दाख प्रशासन पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. इस जुर्माने को दो सप्ताह के भीतर सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स ऑन रिकॉर्ड वेलफेयर फंड में जमा करने को कहा है.

    नेशनल कॉन्फ्रेंस ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि अधिकारी इन चुनावों के लिए लद्दाख में हल चिह्न के आवंटन को अधिसूचित नहीं कर रहे थे.

  8. जी-20 के बारे में जानिए सारी अहम बातें

    नौ और 10 सितंबर को दिल्ली में जी20 का शिखर सम्मेलन हो रहा है. इसके लिए सरकार और पुलिस दोनों ने कमर कस रखी है.

    आपने इन दिनों दिल्ली में जगह-जगह जी20 के बड़े-बड़े बैनर देखे होंगे. नौ और 10 सितंबर को दिल्ली में जी20 का शिखर सम्मेलन हो रहा है. इसके लिए सरकार और पुलिस दोनों ने कमर कस रखी है.

    जी20 की इस बैठक के दौरान राजधानी दिल्ली में कई बड़ी-बड़ी शख्सियतें मौजूद रहेंगी. तो आइए जानते हैं जी20 की सारी अहम बातें.

    ये ग्रुप क्या है, क्यों बना, इसमें कौन-कौन से देश हैं और सबसे ज़रूरी सवाल, इस ग्रुप की इतनी अहमियत क्यों है?

  9. उदयनिधि का बचाव करते हुए एमके स्टालिन ने साधा पीएम मोदी पर निशाना

    तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने विवादित बयान के लिए अपने बेटे और राज्य सरकार के मंत्री उदयनिधि स्टालिन का बचाव करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है.

    उन्होंने दावा किया है कि प्रधानमंत्री मोदी ने असल में यह जाने बिना प्रतिक्रिया दी है कि उदयनिधि ने क्या बोला था.

    चार पेज के इस बयान में उन्होंने लिखा, "उन्होंने सनातन सिद्धांतों पर अपने विचार व्यक्त किए थे, जो अनुसूचित जाति, जनजातियों और महिलाओं के ख़िलाफ़ भेदभाव करते हैं. उनका किसी भी धर्म या धार्मिक मान्यताओं को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था.''

    उनके अनुसार, ''भाजपा समर्थक ताकतें दमनकारी सिद्धांतों के ख़िलाफ़ उनके रुख़ को बर्दाश्त करने में असमर्थ हैं. इसलिए उन्होंने एक झूठी कहानी फैलाई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि 'उदयनिधि ने सनातन विचार वाले लोगों के नरसंहार की अपील की थी."

    उन्होंने कहा, "नेशनल मीडिया से यह सुनना निराशाजनक है कि प्रधानमंत्री ने अपने मंत्रियों के साथ हुई बैठक में कहा कि उदयनिधि के बयान को वाजिब जवाब देने की ज़रूरत है. किसी भी दावे या रिपोर्ट को सत्यापित करने के लिए प्रधानमंत्री के पास सभी संसाधन है. ऐसे में सवाल उठता है कि प्रधानमंत्री उदयनिधि के बारे में फैले झूठ से क्या अनजान हैं या वो ऐसा जानते हुए भी कर रहे हैं?''

  10. ये कोई आम जूते नहीं हैं, ये बचा सकते हैं कई ज़िंदगियां

    ये जूते कई किसानों की ज़िंदगी बचा सकते हैं.

    कई किसान और खेतिहर मज़दूर लेप्टोस्पाइरोसिस की वजह से अपनी ज़िंदगी खो बैठते हैं और ये बूट बेशकीमती जीवन बचा सकते हैं.

    सूरत की मैन मेड टेक्स्टाइल रिसर्च एसोसिएशन यानी मंत्रा ने इन बूट को तैयार किया है.

  11. विवादित बयान पर देश भर में कई मामले दर्ज होने के बाद क्या बोले उदयनिधि स्टालिन

    तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के पुत्र और डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन ने कहा है कि वे अपने ख़िलाफ़ देश भर में दर्ज कई मुक़दमों का क़ानूनी तौर पर सामना करने को तैयार हैं.

    'सामाजिक न्याय को हमेशा फलने-फूलने दें' शीर्षक से प्रकाशित इस आलेख में उन्होंने अपने हाल के बयान के बाद पैदा हुए विवाद पर अपनी स्थिति साफ़ की है.

    इस आलेख ने उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधा है.

    "पिछले 9 सालों में बीजेपी के सारे वादे खोखले रहे हैं. आपने हमारे कल्याण के ​लिए असल में किया क्या है?'', फ़िलहाल यह सवाल पूरा देश फ़ासीवादी बीजेपी सरकार से पूछ रहा है."

    उन्होंने लिखा, "ऐसे हालात में बीजेपी नेताओं ने सामूहिक नरसंहार को प्रोत्साहित करने का तर्क देकर मेरे भाषण को घुमा दिया. उन्हें लगता है कि ख़ुद को सुरक्षित करने का यह हथियार है."

    उनके अनुसार, "मुझे आश्चर्य लगता है कि फेक न्यूज़ के आधार पर अमित शाह जैसे केंद्रीय मंत्री और बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री मेरे ख़िलाफ़ कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं."

    उन्होंने कहा, ''आइए हम पेरियार (ईवी रामास्वामी), अन्ना (सीएन अन्नादुरै), कलैगनार (एम करुणानिणि) और पेरासिरियार (के अनबझगन) की विचारधाराओं की जीत के लिए काम करने का संकल्प लें."

  12. बांग्लादेश में बढ़ती महंगाई की मार और कुपोषण के शिकार होते बच्चे

    बांग्लादेश में बच्चों की बढ़ती महंगाई की क़ीमत चुकानी पड़ रही है.

    यहां महामारी के बाद अब बच्चों की सेहत को लेकर फ़िक्र बढ़ रही है क्योंकि वहां कई परिवार अपने बच्चों को दो वक़्त का खाना तक ठीक से नहीं खिला पा रहे हैं.

    आख़िर क्यों हुए ये हालात, कैसे निकलेगा इसका हल? कवर स्टोरी में आज इसी का बात.

  13. इसरो ने बताया- आदित्य-एल1 ने ली सेल्फ़ी, पृथ्वी और चंद्रमा की भी ली तस्वीर

    भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो ने अपने सौर मिशन आदित्य-एल1 की ओर से खींची गई तस्वीरें साझा की हैं.

    इसरो ने अपने ट्विटर एकाउंट से किए एक ट्वीट में लिखा, "सूर्य-पृथ्वी के बीच के एल1 प्वाइंट के लिए भेजे गए आदित्य-एल1 ने एक सेल्फी ली है."

    इसरो ने यह भी बताया है कि आदित्य-एल1 ने पथ्वी और चंद्रमा की तस्वीरें भी खींची है.

    इसरो ने अपने वीडियो में बताया है कि आदित्य-एल1 ने जो 4 सितंबर को जो सेल्फी खींची है, उसमें विज़िबल लाइन इमीशन कोरोनाग्राफ (वीईएलसी) और सोलर अल्ट्रावायलेट इमेजिंग टेलीस्कोप (एसयूआईटी) पेलोड दिख रहे हैं.

    उसी दिन पृथ्वी और उसके उपग्रह चंद्रमा की भी तस्वीर इस मिशन ने खींची है.

    इस तस्वीर में पृथ्वी बड़े आकार की दिख रही है, जबकि चंद्रमा बिंदु के आकार का.

  14. तमिलनाडु में शादी के तोहफ़े में दी जाती है भैंस!

    शादी के तोहफ़े में ख़ास तरह की भैंस मिलना तमिलनाडु के नीलगिरि की आदिवासी दुल्हनों के लिए बड़े शान और सम्मान की बात होती है.

    लेकिन अब उन्हें डर लग रहा है. उन्हें लग रहा है कि क़ुदरत कुछ बुरा संकेत दे रही है क्योंकि उनकी पवित्र मानी जाने वाली भैंसों की तादाद घट रही है.

    ख़ासतौर से पिछले 20 सालों से. क्या है इसकी वजह, जानने के लिए इस इलाक़े में गईं बीबीसी संवाददाता प्रमिला कृष्णनन.

  15. उदयनिधि स्टालिन के बयान पर संजय राउत बोले- इस देश में लगभग 90 करोड़ हिंदू रहते हैं...

    तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन के विवादास्पद बयान पर शिवसेना के उद्धव बाला साहेब ठाकरे धड़े के नेता संजय राउत ने प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने कहा है, "हमने आज हमारी बात रखी है. एमके स्टालिन साहब बहुत सम्मानित नेता हैं. देश उनको मानता है. वो भी हमारे साथ हैं, एक युद्ध में उतरे हैं. ऐसे समय में स्टालिन साहब के जो सिपहसलार हैं, वो थोड़ा बचकर बयान दें तो इंडिया गठबंधन की राह में कोई रुकावट नहीं आएगी."

    राजनीतिक माहौल गरमाने के सवाल पर संजय राउत ने कहा, "कोई माहौल गरमा नहीं गया है. हमने उस बयान को भी देखा है, सुना है. जो लोग ये माहौल गरमाने जा रहे थे, उनके भी बयान हमने सुने हैं. उदयानिधि स्टालिन मंत्री हैं, उनके बयान का कोई समर्थन नहीं करेगा."

    उन्होंने कहा, "इस प्रकार के जो बयान हैं, उससे बचना चाहिए. हम सब 'इंडिया' गठबंधन के घटक दल हैं. ये आपकी राय हो सकती है, ये डीएमके की राय हो सकती है, ये द्रविड़ संस्कृति की राय हो सकती है."

    संजय राउत ने कहा कि इस देश में लगभग 90 करोड़ हिंदू रहते हैं, उनकी आस्था है. मुसलमान रहते हैं, पारसी हैं, जैन हैं, लिंगायत समाज के लोग हैं. सभी की अपनी-अपनी आस्था होती है.

    "आप उनकी आस्था को ठेस नहीं पहुंचा सकते हैं. अपनी व्यक्तिगत राय है, अपनी पार्टी की राय है, अपनी तरफ़ रखिए. इस प्रकार से पूरे देश का माहौल बिगड़ गया है."

    विपक्षी बीजेपी पर उन्होंने कहा, "भारतीय जनता पार्टी के हाथ में कोई ऐसा हथियार न लगे जिसकी वजह से वो हम पर हमले करते रहे."

  16. जी-20 समिट में भारत को रूस और चीन दे सकते हैं झटका, अमेरिका ने जताई चिंता

  17. आसियान-भारत ​शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद पीएम मोदी ने क्या कहा?

    20वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में भाग लेने इंडो​नेशिया की राजधानी जकार्ता गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि उन्हें आसियान के नेताओं से मिलकर हमेशा ख़ुशी होती है.

    सोशल मीडिया साइट ट्विटर से किए एक ट्वीट में उन्होंने लिखा, ''आसियान-भारत शिखर सम्मेलन, बेहतर भविष्य के लिए हमारे साझा दृष्टिकोण और सहयोग का प्रमाण है. हम इंसान की तरक्की में तेजी लाने के लिए भविष्य के क्षेत्रों में एक साथ काम करने के लिए आतुर हैं.''

    आसियान-भारत और पूर्वी एशिया ​​शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी गुरुवार को भाग लेंगे.

    उसके बाद वे देर रात तक अपने देश लौट आएंगे.

    अधिकारियों ने बताया है कि पीएम मोदी के अतिव्यस्त कार्यक्रमों के कारण इन दोनों शिखर सम्मेलनों के अलावा कोई द्विपक्षीय बैठक आयोजित नहीं होगी.

  18. कैसे 'AI' की मदद से लड़ी जा रही है यूक्रेन की जंग?

  19. चंद्रयान-3 की सफलता के बाद अब जापान ने भी चंद्रमा के लिए भेजा लैंडर, इसरो ने क्या कहा

    चंद्रयान-3 के बाद अब जापान ने भी चंद्रमा की सतह पर उतरने के अपने अभियान का आगाज़ कर दिया है.

    ख़राब मौसम के कारण कई बार टलने के बाद जापान का मून लैंडर मिशन (स्लिम) गुरुवार की सुबह सफलतापूर्वक लॉन्च हो गया है.

    स्लिम (स्मार्ट लैंडर फॉर इन्वेस्टिगेटिंग मून) नाम के इस मिशन के चंद्रमा की सतह पर लगभग पांच महीने के भीतर (फरवरी तक) उतरने की संभावना है.

    इस मिशन की लॉन्चिंग के बाद भारतीय अं​तरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो ने जापान को बधाई दी है.

    इसरो ने ट्वीट में लिखा, ''जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी को ​चंद्रमा के लिए स्लिम लैंडर की सफलतापूर्वक लॉन्चिंग के लिए बधाई. वैश्विक अंतरिक्ष समुदाय की ओर से एक और सफल चंद्र अभियान के लिए शुभकामनाएं.''

    यदि यह मिशन सफल रहा तो जापान चांद की सतह पर उतरने वाला दुनिया का पांचवां देश होगा.

    अभी तक दुनिया के केवल चार देश अमेरिका, रूस, चीन और भारत ने चंद्रमा पर अपने मिशन सफलतापूर्वक उतारे हैं.

    जापान की यह परियोजना 10 करोड़ डॉलर की है.

  20. नेपाल को चुनें या बांग्लादेश को? भारत के लिए खड़ा हुआ नया धर्मसंकट- प्रेस रिव्यू