सीमा विवाद को लेकर भारत-चीन के बीच वार्ता, विदेश मंत्रालय ने क्या बताया

दोनों देशों ने पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के बाकी मुद्दों को जल्द सुलझाने पर सहमति जताई है.

लाइव कवरेज

कीर्ति दुबे

  1. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लाल किला न जाने पर आमने-सामने कांग्रेस और बीजेपी

    पवन खेड़ा और अमित मालवीय

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    लाल किले पर देश की आज़ादी की सालगिरह पर आयोजित समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल नहीं हुए.

    उनकी ग़ैर मौजूदगी को लेकर सत्तारूढ़ बीजेपी सवाल उठा रही है.

    कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “बीजेपी इससे परेशान है कि खड़गे जी पीएम के लाल किले के भाषण में मौजूद नहीं थे. क्या प्रधानमंत्री को इस बात का एहसास है कि उनकी रूट व्यवस्था के कारण खड़गे साहब के लिए पार्टी मुख्यालय में ध्वजारोहण समारोह के लिए समय पर पहुंचना असंभव था? क्या हमें स्वतंत्रता दिवस पर अपने मुख्यालय पर झंडा फहराने की आज़ादी नहीं है?”

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    इस पर बीजेपी के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने पलटवार किया है.

    उन्होंने कहा, “ ये कहने के लिए शुक्रिया, जैसा कि हमें पहले से पता है कांग्रेस देश से पहले पार्टी को आगे रखती है. लाला किले पर आयोजित समारोह सबका समारोह होता है, जहां पूरा देश जुटता है. पार्टी के कार्यक्रम का समय बदला जा सकता है.”

    “किसी भी परिस्थिति में आपके पास पांच साल का और समय है खुद को बेहतर बनाने के लिये. उम्मीद है कांग्रेस परिवारवाद और पार्टी के आगे भी कुछ सोच पाएगी.”

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    खड़गे ने लाल किला न पहुंचने की बताई ये वजह

    मल्लिकार्जुन खड़गे ने लाल किले पर न पहुंचने के पीछे की वजह बतायी है.

    उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, “मुझे आंखों में थोड़ी दिक्कत है, और मुझे प्रोटोकॉल के मुताबिक़ सुबह 9.20 पर अपने घर पर झंडा फहराना था, इसके बाद मुझे पार्टी दफ़्तर पर झंडा फहराना था. इसलिए मैं वहां ​​नहीं पहुंच सका.”

    “सुरक्षा इतनी कड़ी है कि वे पीएम के निकलने से पहले किसी और को वहां से जाने नहीं देते. मुझे लगा कि मैं यहां समय पर नहीं पहुंच पाऊंगा साथ ही मैंने सुरक्षा स्थिति और समय की कमी के कारण वहां न जाना ही बेहतर समझा.”

  2. सीजेआई चंद्रचूड़ ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर संविधान और सरकारी संस्थाओं पर क्या कहा

    चीफ़ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़

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    देश की आज़ादी की सालगिरह के मौके पर चीफ़ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि न्यायपालिका का काम है कि वह सुनिश्चित करे कि सरकारी संस्थाएं संविधान के दायरे में काम करें.

    सुप्रीम कोर्ट बार काउंसिल को संबोधित करते हुए जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा,“यह हमारे लिए महत्वपूर्ण है कि हम इस तथ्य को मानें कि सुप्रीम कोर्ट बार देश की प्रधान बार होने के नाते क़ानून के शासन की रक्षा के लिए है. हमारे संविधान में न्यायपालिका की महत्वपूर्ण भूमिका की परिकल्पना है कि वो संवैधानिक दायरो में शासन के संस्थानों के काम करने को सुनिश्चित करे. आप सभी वकीलों के बिना और आपकी निर्भिकता, आपकी आज़ादी के बिना हम जज कुछ भी नहीं हैं.”

    “अगर मुझे बार के किसी सदस्य की ओर से साधारण मामलों की सुनवाई के लिए आवेदन आता है, तो भी मैं सुनवाई को काफ़ी गंभीरता से लेता हूं, सही बेंच सुनवाई के लिए चुनता हूं. सुनवाई का परिणाम कुछ भी हो, मायने ये रखता है कि हमारे नागरिकों के पास न्याय तक पहुंच हो."

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    “इससे नागरिकों में विश्वास पैदा होता है. वो जिसे मनमाने ढंग से गिरफ़्तार किया गया है, जिन्हें बुलडोज़र की धमकी दी जाए, ग़ैर कानूनी तरीक़े से किसी की संपत्ति अटैच की जाए, उस शख़्स के लिए ये ज़रूरी है कि उसे न्याय व्यवस्था के ज़रिए आवाज़ उठाने का मौका मिले.”

    देश में लोकतंत्र के तीन स्तंभों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा, “बीते 76 सालों में हर संस्था ने देश को मज़बूत करने का काम किया है. विधायिका, कार्यपालिका और न्यापालिका तीनों ने ही एक काम में साझा योगदान दिया है और वो है राष्ट्र निर्माण का काम.”

    संविधान में न्यायपालिका के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका तय की गई है जिसके तहत न्यायपालिका को ये सुनिश्चित करना है कि गवर्नेंस की संस्थाएं संविधान के दायरे में काम करें.

  3. ब्रेकिंग न्यूज़, अक्षय कुमार को मिली भारत की नागरिकता

    अक्षय कुमार

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    अभिनेता अक्षय कुमार को भारतीय नागरिकता मिल गई है.

    उन्होंने अपने ट्विटर पर भारतीय नागरिकता प्रमाण पत्र की तस्वीर साझा करते हुए इसकी जानकारी दी है.

    अक्षय कुमार ने इस तस्वीर के साथ लिखा है, "दिल और नागरिकता दोनों हिंदुस्तानी. स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं. जय हिंद."

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    अक्षय कुमार अभी तक कनाडा के नागरिक थे.

    अक्षय कुमार की नागरिकता पर अकसर सोशल मीडिया पर कई यूज़र्स सवाल उठाते रहे हैं. हाल ही में अक्षय कुमार ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्होंने भारत की नागरिकता के लिए आवेदन दे दिया है और जल्द ही वो इसके बारे में अधिक जानकारी साझा करेंगे.

  4. मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताया, स्वतंत्रता दिवस समारोह में लाल किला क्यों नहीं पहुँचे

    मल्लिकार्जुन खड़गे

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    लाल किले पर 77वें स्वतंत्रता दिवस के आयोजन पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे नहीं पहुंचे.

    उनकी अनुपस्थिति को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं और इस बीच उन्होंने लाल किले पर ना पहुंचने के पीछे की वजह बतायी है.

    उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, “मुझे आंखों में थोड़ी दिक्कत है, और मुझे प्रोटोकॉल के मुताबिक़ 9.20 पर अपने घर पर झंडा फहराना था, इसके बाद मुझे पार्टी दफ़्तर पर झंडा फहराना था.इसलिए मैं वहां ​​नहीं पहुंच सका.”

    “सुरक्षा इतनी कड़ी है कि वे पीएम के निकलने से पहले किसी और को वहां से जाने नहीं देते. मुझे लगा कि मैं यहां समय पर नहीं पहुंच पाऊंगा साथ ही मैंने सुरक्षा स्थिति और समय की कमी के कारण वहां न जाना ही बेहतर समझा.”

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    पीएम का विपक्ष पर निशाना

    पीएम मोदी ने अपने भाषण में विपक्षी दलों के गठबंधन 'इंडिया' और कांग्रेस पर बिना नाम लिए तंज़ कसा.

    परिवारवाद का ज़िक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ''देश के लोकतंत्र में एक बीमारी आई है- परिवारवादी पार्टी. इनका एक ही मंत्र है- परिवार को, परिवार के लिए, परिवार के द्वारा.''

    उन्होंने कहा, ''देश के विकास के लिए ज़रूरी है कि इनसे मुक्ति मिले. समाजिक न्याय को अगर किसी ने तबाह किया है तो वो तुष्टिकरण ने किया है.''

  5. राहुल गांधी ने आज़ादी की सालगिरह पर लिखा 'भारत माता' के नाम ये संदेश

    राहुल गांधी

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    आज़ादी की 77वीं सालगिरह के मौके पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 'भारत माता' और देशवासियों के नाम एक लंबा संदेश शेयर किया है.

    उन्होंने चार पन्ने का नोट देश के नाम लिखा है और उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर शेयर किया है.

    राहुल गांधी लिखते हैं, “पिछले साल मैंने 145 दिन उस ज़मीन पर घूमते हुए बिताए जिसे मैं अपना घर कहता हूँ. मैंने समुद्र के किनारे से शुरुआत की और गर्मी, धूल और बारिश के बीच जंगलों, कस्बों और पहाड़ियों से होते हुए तब तक चलता रहा जब तक मैं अपने प्यारे कश्मीर की नरम बर्फ़ तक नहीं पहुँच गया.”

    “मैं समझना चाहता था कि मुझे किन चीज़ों से इतना प्यार है,वो आखिर क्या चीज़ है जिसके लिए मैं सबकुछ देने को तैयार हूं, यहां तक की मेरी ज़िंदगी भी. आखिर वो चीज़ क्या है जिसके लिए मैं सालों साल दर्द झेलता रहा और गालियां भी सुनता रहा. मैं जानना चाहता था कि इस देश में ऐसा क्या है जिसे मैं इतना चाहता हूं, क्या वो यहां की ज़मीन है, पहाड़ है, समंदर है या फिर यहां के लोग, यहां के विचार? ”

    "सालों से मैं आठ से दस किलो मीटर रोज़ दौड़ता था तो मुझे लगा 25 किलोमीटर तो मैं चल लूंगा, ये आसान होगा. कुछ ही दिनों में मेरे घुटने की पुरानी चोट का दर्द उभर गया, जो दर्द गायब हो गया था वापस आ गया. कुछ दिनों तक चलने के बाद, मेरे फिजियो हमारे साथ यात्रा में शामिल हो गए, मुझे उचित सलाह दी लेकिन दर्द बना रहा. और फिर मैंने कुछ नोटिस करना शुरू किया. हर बार जब मैं रुकने के बारे में सोचता, हर बार जब मैं हार मानने के बारे में सोचता, कोई आता और मुझे आगे बढ़ने की ऊर्जा दे जाता.''

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    "जब भी मैं चलता था तो भारी तदाद में लोग आते थे और नारे लगाते, फ्लैश मारते कैमरे होते. मैं हर दिन लोगों को सुनता और अपना दर्द नज़रअंदाज़ करता."

    "लेकिन एक दिन यात्रा के दौरान बहुत शांति थी, ऐसी शांति जो मैंने पहले कभी नहीं देखी थी. मैं कुछ नहीं सुन पा रहा था सिवाय उस व्यक्ति के जो मेरा हाथ पकड़ कर मुझसे बात कर रहा था. मेरे भीतर की आवाज़ जो मुझसे बचपन से बात करती थी वो अचानक कहीं चली गई, ऐसा लगा कुछ खत्म हो गया है."

    “मुझसे एक किसान मिला जो अपने सड़ चुके कपास के दो पौधे लेकर आया था, उसके हाथों में सालों का दर्द दिख रहा था., मैं वो दर्द देख पा रहा था जो उसके भीतर उसके बच्चों के लिए था. उसने बताया कि उसने अपने पिता को आंखों के सामने मरते देखा. उसने मुझे बताया कि उसने कितना बेइज़्ज़त महसूस किया जब वो अपनी पत्नी को पैसे नहीं दे पाया.”

    राहुल गांधी कहते हैं कि “भारत को सुनने के लिए मुझे अपनी आवाज़, अपनी इच्छा और अपनी महत्वकांक्षा को शांत करना था. भारत अपनी बात खुद करेगा लेकिन उसे सुनने के लिए आपको खुद को पूरी तरह शांत करना होगा.”

  6. बहुजन समाज पार्टी अकेले लड़ेगी मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव

      • Author, सलमान रावी
      • पदनाम, बीबीसी संवाददाता
    मायावती

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    बहुजन समाज पार्टी ने मध्य प्रदेश में विधानसभा का चुनाव अकेले लड़ने की घोषणा की है.

    इस बारे में संगठन की सुप्रीमो मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि "राज्य के दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों यानी ‘कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच आरोप- प्रत्यारोपों और मुक़दमों की राजनीति’ की वजह से जनहित के ‘ज्वलंत’ मुद्दे चुनाव के समय ‘पीछे छूट गए हैं."

    उन्होंने ये भी कहा कि उनकी पार्टी राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भी अकेले चुनाव लड़ेगी.

    मध्य प्रदेश में वैसे तो कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच ही मुख्य मुक़ाबला रहता है लेकिन कुछ एक सीटें हैं.

    खासतौर पर उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे प्रदेश के इलाके जहां समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी का प्रभाव रहता है. इनमें चंबल का इलाका महत्वपूर्ण है जहां ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीजेपी में शामिल होने के बाद राजनीतिक समीकरण तेज़ी से उलट-पलट हो गए हैं.

  7. ट्रंप पर 2020 चुनाव के नतीजे बदलने की कोशिश के मामले में आरोप तय

    ट्रंप

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    पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप पर साल 2020 के चुनाव में अपनी हार को पलटने की कोशिश करने के मामले में जॉर्जिया की एक कोर्ट में आरोप तय किए गए हैं.

    फ़ुल्टन काउंटी ग्रैंड जूरी की ओर से जारी किए गए 41-चार्ज डॉक्यूमेंट में उन्हें और 18 अन्य लोगों पर धोखाधड़ी करने के मामले में अभियुक्त बनाया गया है और उन पर अभियोग चलाया जाएगा.

    इसके साथ ही ये इस साल चौथी बार है जब राष्ट्रपति ट्रंप पर आपराधिक आरोप तय किए गए हैं. ट्रंप सभी आरोपों को ख़ारिज करते रहे हैं.

    फुल्टन काउंटी की ज़िला अटॉर्नी फानी विलिस ने फरवरी 2021 में ट्रंप और उनके सहयोगियों के ख़िलाफ़ चुनाव में हस्तक्षेप के आरोपों की जांच शुरू की थी.

    सोमवार देर रात अभियुक्तों की सूची में ट्रंप के पूर्व वकील रूडी गिउलियानी, व्हाइट हाउस के पूर्व चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ मार्क मीडोज, व्हाइट हाउस के पूर्व वकील जॉन ईस्टमैन और न्याय विभाग के पूर्व अधिकारी जेफ़री क्लार्क शामिल हैं.

    ज्यूरी ने कहा है कि सह-साजिशकर्ता "जानबूझकर चुनाव के नतीजे को ट्रंप के पक्ष में गैरक़ानूनी तरीके से बदलने की साजिश में शामिल हुए."

  8. पीएम मोदी लाल क़िले से बोले- 2047 तक दुनिया में विकसित भारत का तिरंगा फहराया जाएगा

    मोदी

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    नरेंद्र मोदी ने लाल क़िले से कहा है कि साल 2047 में जब देश आज़ादी के 100 साल पूरे करेगा तो हमें दुनिया में भारत का झंडा एक विकसित देश के तौर पर फ़हराना है. भारत 2047 तक विकसित देश बन कर रहेगा.

    उन्होंने ये भी कहा कि इसके लिए हमें तीन बुराइयों से लड़ना होगा और वो है- भ्रष्टाचार, परिवारवाद और तुष्टिकरण.

    आज़ादी की 77वीं सालगिरह पर पीएम मोदी ने कहा, “लाल किले से मैं आपसे कुछ मांगने आया हूं. अपने अनुभव के आधार पर मैं कह रहा हूं कि आज गंभीरतापूर्वक हमें उन चीज़ों को बदलना होगा. जब 2047 में देश आज़ादी के 100 साल मनाएगा. तो उस समय तिरंगा एक विकसित भारत का झंडा होना चाहिए. हमें रुकना नहीं है, उसके लिए सुचिता, पारदर्शिता और निष्पक्षता पहली ज़रूरत है. हमें इसे मज़बूती से खाद पानी देना चाहिए.”

    “2047 में जब देश आज़ादी के 100 का जश्न साल मनाएगा तो मेरा देश विकसित भारत बन कर रहेगा. मैं देश के सामर्थ्य के आधार पर ये कह रहा हूं.

    मोदी

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    तीन चीज़ों से लड़ना होगा- मोदी

    उन्होंने कहा कि आंखें बंद करने का समय नहीं है. अगर सपनों को सिद्ध करना है और संकल्प को पूरा करना है तो आंख से आंख मिला कर तीन चीज़ों से लड़ना होगा.

    पहला- भ्रष्टाचार से मुक्ति हर क्षेत्र में पानी होगी. ये मोदी के जीवन का कमिटमेंट है कि मैं इसके ख़िलाफ़ लड़ता रहूंगा.

    दूसरा है परिवारवाद- देश को परिवारवाद ने जकड़ कर रखा है. आज लोकतंत्र में एक विकृति आई है, वो बीमारी है परिवारवाद की. ये लोग योग्यता को नकारते हैं, सामर्थ्य को स्वीकार नहीं करते. इसलिए इस देश की मज़बूती के लिए परिवावाद को ख़त्म करना ज़रूरी है.

    मोदी

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    तीसरी बुराई है तुष्टिकरण- इसने भी हमारे राष्ट्रीय चरित्र को तहत-नहस कर दिया है. समाजिक न्याय को तुष्टीकरण ने बर्बाद किया है. समाजिक न्याय को तुष्टिकरण मौत के घाट उतार दिया है.

    “तीनों ही चीज़ें देश का शोषण करती है. ये लोगों की अकांक्षा को सवालों में गाड़ देती है. हमें भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ नफ़रत का माहौल बनाना है.”

    “अगर देश विकास चाहता है, देश 2047 में विकसित भारत का सपना पूरा करना चाहता है तो किसी भी हालत में भ्रष्टाचार को बर्दाश्त ना करें. “

  9. पीएम मोदी लाल क़िले से बाले- 10 साल में देश को 10वीं से उठाकर 5वीं अर्थव्यवस्था बनाया

    मोदी

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की 77वीं आज़ादी की सालगिरह के मौके पर कहा कि 10 सालों में हमने देश की अर्थव्यस्था को 10वें नंबर से पांचवें नंबर पर ला दिया.

    उन्होने कहा, “जब हम सत्ता में आए तो अर्थव्यवस्था के मामले में 10 वें नंबर पर थे, आज हम पांचवें नंबर पर हैं.”

    "ये ऐसे नहीं हुआ, जब भ्रष्टाचार के राक्षस ने देश को अपनी गिरफ़्त में ले लिया था, तब हमने इसे रोका और एक मज़बूत अर्थव्यवस्था बनाई. हमने ग़रीबों के कल्याण के लिए ज़्यादा से ज़्यादा धन खर्च किया. जब देश आर्थिक रूप से मज़बूत होता है तो तिजोरी नहीं भरती और बल्कि देश का सामर्थ्य बढ़ता है.”

    “मैं 10 साल का हिसाब तिरंगे को साक्षी मानकर देशवासियों को दे रहा हूं. आपको देख कर लगेगा इतना बड़ा बदलाव कैसे हुआ.”

    "10 साल पहले राज्य सरकार को 30 लाख करोड़ मिलते थे, हमने ये बढ़ा कर 100 लाख करोड़ पर पहुंचाया है. स्थानीय विकास के लिए 70 हज़ार करोड़ जाता था आज 3 लाख करोड़ जाता है. आज ग़रीबों के घरों पर चार गुना पैसे सरकार खर्च कर रही है. ग़रीबों का घर बनाने के लिए 90 हज़ार करोड़ खर्च होता था. आज चार लाख करोड़ ख़र्च हो रही है.”

    “मेरे प्रिय परिवारजनों आर्थिक शक्ति बढ़ी है तो सामरिक शक्ति भी बढ़ी है. मेरे देश के जवानों को अनेक अनेक बधाई. हमारी सेना युवा बने, आधुनिकीकरण हो, युद्ध योग्य बने इसके लिए निरंतर रिफॉर्म का काम हमारी सेना में हो रहा है.”

    हमने नई संसद बनाई- मोदी

    देश की नई संसद का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा- “25 साल से देश में चर्चा हो रही थी कि देश में नई संसद बनेगी लेकिन काम नहीं हो रहा था. ये मोदी है जिसने समय से पहले नई संसद बनाई.”

    “ये नया भारत है, ये संकल्पों को पूरा करने के लिए नया भारत है ,इसीलिए ये भारत न रुकता है, न थकता है, न हांफता है, न हारता है.”

    पीएम ने कहा कि देश में आतंकवादी घटनाएं कम हो गई हैं.

    वह कहते हैं, “आए दिन हम सुनते थे यहां धमाका हुआ वहां धमाका हुआ लेकिन आज देश सुरक्षा की अनुभूति कर रहा है. जब सुरक्षा होती है तब प्रगति होती है, सीरियल बम धमाके बीते कल की बात हो गई है. आज देश में आतंकी हमलों में कमी आई है, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बदलाव आया है.”

  10. पीएम मोदी ने लाल क़िले से कहा- मोदी की गारंटी है देश टॉप इकोनॉमी में शामिल होगा

    मोदी

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    लाल क़िले से देश के 77वें स्वतंत्रता दिवस के मौक़े पर पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में सरकार की नई नीतियों का ज़िक्र किया.

    साथ ही उन्होंने कहा कि 'आने वाले पांच सालों के लिए मोदी की गारंटी है देश टॉप इकोनॉमी में शामिल होगा.'

    उन्होंने कहा कि मज़दूर वर्ग को एक नई ताक़त देने के लिए आने वाले महीने में विश्वकर्मा जयंती पर विश्वकर्मा योजना लॉन्च करेंगे, इस योजना की शुरुआत 13 हज़ार करोड़ रुपये से होगी.

    लाल क़िले से देश को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “पीएम किसान योजना के तहत हमने ढाई लाख करोड़ सीधा किसानों को दिया है, आयुष्मान भारत योजना हमने ग़रीबों के लिए शुरू किया इसमें 70 हज़ार करोड़ रुपये हमने लगाए.”

    “कोरोना वैक्सीन में 40 हज़ार करोड़ रुपये लगाए, पशुधन को बचाने के लिए हमने 15 हज़ार करोड़ रुपये लगाए, उनके टीके में हमने इतना पैसा लगाया.”

    “जन औषधि केंद्रो ने देश के मध्यम वर्गीय परिवारों को एक ताक़त दी. देश में आज एक हज़ार से ज़्यादा जन औषधि केंद्र हैं, जिससे मध्यम वर्गीय परिवारों का 20 हज़ार करोड़ रुपये बचा है.”

    “जैसे हम विश्वकर्मा योजना लेकर आ रहे हैं उसी तरह देश में आने वाले दिनों में हम 25 हज़ार जन औषधि केंद्रों को लाएंगे.”

    "शहरों में जो लोग अपना मकान बनाना चाहते हैं, उसके बैंक के लोन के ब्याज में राहत देने का हमने फ़ैसला किया है."

  11. पीएम मोदी ने कहा- आपने 2014 और 2019 में ऐसी सरकार फ़ॉर्म की तो मैं रिफ़ॉर्म कर पाया

    पीएम मोदी

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज़ादी की 77वीं सालगिरह के मौके पर जनता से कहा कि आपने ऐसी मज़बूत सरकार फ़ॉर्म की है जिसकी वजह से तो ही मैं रिफ़ॉर्म कर पाया.

    उन्होंने अपनी सरकार के 10 सालों का ज़िक्र करते हुए कहा, “साल 2014 में मेरे देशवासियों ने तय किया कि अब स्थिर सरकार चाहिए. तीन दशकों के बाद राजनीतिक मजबूरियों से जकड़े देश को आज़ाद करने का फ़ैसला किया.”

    “देश में बड़े स्तर पर काम हो रहा है. मैं कहना चाहूंगा कि 2014 में आपने मज़बूत सरकार बनाई तो मोदी में रिफॉर्म करने की हिम्मत आई.”

    “साल 2014 और साल 2019 आपने मज़बूत सरकार बनाई.आपने ऐसी सरकार फॉर्म की कि मोदी को रिफॉर्म करने की हिम्मत आई.”

    “मोदी ने जब एक के बाद एक रिफॉर्म किए तब ब्यूरोक्रेसी ने बदलाव करने की ज़िम्मेदारी बखूबी निभाई."

    "ब्यूरोक्रेसी ने ट्रांसफॉर्म करने के लिए परफॉर्म करके दिखाया. जनता-जनार्दन से जुड़ी तो चीज़ें ट्रांसफॉर्म होती नज़र आ रही हैं.”

  12. देश के युवाओं से पीएम मोदी बोले- अवसरों की कमी नहीं, जितने चाहिए उतने मिलेंगे

    मोदी

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं को स्वतंत्रता दिवस पर संदेश देते हुए कहा है कि अवसरों की कमी नहीं है. आप जितने अवसर चाहेंगे, देश उतने अवसर देने में सक्षम है.

    उन्होंने तकनीक की दिशा में आगे बढ़ते देश के बारे में कहा कि आज दुनिया टेक्नोलॉजी ड्रिवन है और आने वाला युग टेक से प्रभावित होगा, इसमें भारत की भूमिका अहम होगी.

    उन्होंने कहा, “मैं जी20 के लिए बाली गया था, वहां हर कोई टेक्नोलॉजी को जानने के लिए उत्सुक था. मैं उनसे कहता था कि तकनीक बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, छोटे शहरों के नौजवान भी इतिहास गढ़ रहे हैं. हमारे कस्बों के आकार कम होते हो सकते हैं लेकिन आशा और अकांक्षा में वो किसी से कम नहीं हैं. नए ऐप, नए सॉल्यूशन, नए डिवाइस बनाए जा रहे हैं.”

    “झुग्गी झोपड़ियों के बच्चे खेल की दुनिया में कमाल दिखा रहे हैं.”

    “100 ऐसे स्कूल हैं जहां बच्चे सैटेलाइट बना कर सैटेलाइट छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं. मैं देश के नौजवानों को कहना चाहता हूं अवसरों की कमी नहीं है, आप जितने अवसर चाहेंगे उससे ज्यादा अवसर देने में सक्षम है.”

  13. लाल क़िले से पीएम मोदी का भाषण लाइव देखिए

  14. पीएम मोदी लाल क़िले से बोले- जो आया, वो भारत को लूटता गया...

    मोदी

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    स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पीएम मोदी देश को संबोधित कर रहे हैं. इस दौरान पीएम मोदी ने गुलामी के दौर का भी ज़िक्र किया.

    पीएम मोदी ने कहा, ''जब हम इतिहास की तरफ नज़र करते हैं तो कुछ पल ऐसे आते हैं जो अमिट छाप डालते हैं. वो अनेक समस्याओं की जड़ मान जाती है. हज़ारों साल पहले देश पर आक्रमण हुआ. तब पता भी नहीं था कि एक घटना देश को हज़ार साल की गुलामी में डाल देगा. जो आया, लूटता गया.''

    पीएम मोदी ने और क्या कुछ कहा?

    जिसका जो मन किया वो हम पर सवार हो गया. घटना छोटी क्यों ना हो, लेकिन हज़ार साल तक प्रभाव छोड़कर रहती है.

    भारत के वीरों ने इस कालखंड में कोई ऐसा समय नहीं था जब उन्होंने देश में बलिदान की लौ को जलाए ना रखा हो. देश की नागरिक शक्ति, युवा शक्ति, किसान, मज़दूर कोई ऐसा नहीं था जो आज़ादी के लिए खड़े ना हुए हों.

    जनचेतना का वो व्यापक रूप जन-जन के अंदर वो विश्वास आख़िरकार तब पूरा हुआ जब 15 अगस्त 1947 को आज़ाद हुआ.

    इस कालखंड में जो हम करेंगे, जो कदम उठाएंगे, एक के बाद एक फैसले लेंगे... आने वाले देश का स्वर्णिम इतिहास उससे अंकुरित होने वाला है. गुलामी की मानसिकता से निकला हुआ देश नए विश्वास के साथ आगे निकल रहा है.

    मेरी भारत माता कभी ऊर्जा का सामर्थ्य था.

    आज 30 साल से कम आयु की संख्या दुनिया में कहीं सबसे ज्यादा है तो वो भारत में है.

    भारत एक हज़ार साल की गुलामी और एक हज़ार साल के सपनों के बीच पड़ाव में खड़ा है.

  15. पीएम मोदी ने लाल क़िले से मणिपुर के नाम दिया संदेश, कहा- देश मणिपुर के साथ है

    मोदी

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    लाल क़िले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मणिपुर के नाम संदेश दिया है.

    उन्होंने कहा कि देश मणिपुर के साथ है.

    अपने भाषण में पीएम मोदी ने कहा, “पिछले समय से मणिपुर में हिंसा का जो दौर चला. कई लोगों को हिंसा को शिकार होना पड़ा. मां- बेटियों के साथ अत्याचार हुआ लेकिन कुछ दिनों से शांति की ख़बरें आ रही है."

    "देश मणिपुर के साथ है. केंद्र सरकार, राज्य के साथ मिल कर समाधान के प्रयास कर रही है और करती रहेगी. ”

    उन्होंने देशवासियों को आज़ादी की बधाई देते हुए कहा, “इतना बड़ा देश विशाल देश, 140 करोड़ का मेरा परिवार आज आज़ादी का पर्व मना रहा है."

    "मैं कोटि कोटि जनों को देश और दुनिया में भारत को प्यार करने वाले और भारत का सम्मान करने वालों को आज़ादी के पवित्र पर्व की अनेक शुभकामनाएं देता हूं. ”

  16. पीएम मोदी ने लाल क़िले से फ़हराया तिरंगा, देश को कर रहे हैं संबोधित

    पीएम मोदी

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    प्रधानमंत्री ने लाल क़िले पर फ़हराया तिरंगा. अब पीएम लाल क़िले की प्राचीर से देश को संबोधित कर रहे हैं.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल क़िले पर पहुंचे तो उनके स्वागत में लाहौरी गेट पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट और रक्षा सचिव ने उनका स्वागत किया.

    भारत 77वें स्वतंत्रता दिवस का उत्सव मना रहा है. इस मौके पर कैबिनेट मंत्री, राजनीतिक पार्टियों के नेताओं, तीनों सेनाओं के प्रमुखों और नौकरशाह भी उपस्थित हैं.

    लाल किले पर समारोह कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित की जा रही है, जिसमें 1,000 चेहरे की पहचान करने वाले कैमरे, एंटी-ड्रोन सिस्टम और 10,000 से अधिक पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है.

  17. देश मना रहा है 77वें स्वतंत्रता दिवस का उत्सव, थोड़ी देर में पीएम करेंगे देश को संबोधित

    स्वतंत्रता दिवस

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    भारत 77वें स्वतंत्रता दिवस का उत्सव मना रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के लाल किले पर अब से थोड़ी देर में झंडा फहराएंगे.

    साढ़े सात बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले पर झंडा फहराएंगे और इसके बाद देश को संबोधित करेंगे.

    इस मौके पर कैबिनेट मंत्री, राजनीतिक पार्टियों के नेताओं, तीनों सेनाओं के प्रमुखों और नौकरशाह भी उपस्थित होंगे.

    अब से थोड़ी देर पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स (ट्विटर) पर लोगों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी.

    उन्होंने लिखा, “आप सभी को स्वतंत्रता दिवस की अनेकानेक शुभकामनाएं. आइए, इस ऐतिहासिक अवसर पर अमृतकाल में विकसित भारत के संकल्प को और सशक्त बनाएं. जय हिंद!”

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    अलग-अलग व्यवसायों के लगभग 1,800 लोगों मसलन- नर्सों, गांवों के सरपंचों, शिक्षकों, किसानों और मछुआरों को सरकार के "जन भागीदारी" कार्यक्रम के तहत विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है.

    सरकार ‘हर घर तिरंगा’ कार्यक्रम के तहत लोगों को अपने घर पर तिरंगा फहराने के लिए प्रोत्साहित कर रही है. इसके अलवा प्रधानमंत्री ने लोगों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी प्रोफ़ाइल फोटो बदलने के लिए भी प्रोत्साहित किया है.

    लाल किले पर समारोह कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित किया जाएगा, जिसमें 1,000 चेहरे की पहचान करने वाले कैमरे, एंटी-ड्रोन सिस्टम और 10,000 से अधिक पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारी दीपेंद्र पाठक के हवाले से कहा कि पिछले कुछ से सालों से अलग इस बार कोई कोविड प्रतिबंध नहीं होगा.

  18. नमस्कार.

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