कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लाल किला न जाने पर आमने-सामने कांग्रेस और बीजेपी

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लाल किले पर देश की आज़ादी की सालगिरह पर आयोजित समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल नहीं हुए.
उनकी ग़ैर मौजूदगी को लेकर सत्तारूढ़ बीजेपी सवाल उठा रही है.
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “बीजेपी इससे परेशान है कि खड़गे जी पीएम के लाल किले के भाषण में मौजूद नहीं थे. क्या प्रधानमंत्री को इस बात का एहसास है कि उनकी रूट व्यवस्था के कारण खड़गे साहब के लिए पार्टी मुख्यालय में ध्वजारोहण समारोह के लिए समय पर पहुंचना असंभव था? क्या हमें स्वतंत्रता दिवस पर अपने मुख्यालय पर झंडा फहराने की आज़ादी नहीं है?”
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इस पर बीजेपी के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने पलटवार किया है.
उन्होंने कहा, “ ये कहने के लिए शुक्रिया, जैसा कि हमें पहले से पता है कांग्रेस देश से पहले पार्टी को आगे रखती है. लाला किले पर आयोजित समारोह सबका समारोह होता है, जहां पूरा देश जुटता है. पार्टी के कार्यक्रम का समय बदला जा सकता है.”
“किसी भी परिस्थिति में आपके पास पांच साल का और समय है खुद को बेहतर बनाने के लिये. उम्मीद है कांग्रेस परिवारवाद और पार्टी के आगे भी कुछ सोच पाएगी.”
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खड़गे ने लाल किला न पहुंचने की बताई ये वजह
मल्लिकार्जुन खड़गे ने लाल किले पर न पहुंचने के पीछे की वजह बतायी है.
उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, “मुझे आंखों में थोड़ी दिक्कत है, और मुझे प्रोटोकॉल के मुताबिक़ सुबह 9.20 पर अपने घर पर झंडा फहराना था, इसके बाद मुझे पार्टी दफ़्तर पर झंडा फहराना था. इसलिए मैं वहां नहीं पहुंच सका.”
“सुरक्षा इतनी कड़ी है कि वे पीएम के निकलने से पहले किसी और को वहां से जाने नहीं देते. मुझे लगा कि मैं यहां समय पर नहीं पहुंच पाऊंगा साथ ही मैंने सुरक्षा स्थिति और समय की कमी के कारण वहां न जाना ही बेहतर समझा.”

















