सुप्रीम कोर्ट का बिहार में जाति आधारित सर्वे पर रोक लगाने से इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बिहार सरकार के जाति सर्वे पर रोक लगाने से इनकार कर दिया.
लाइव कवरेज
कीर्ति दुबे and अभिनव गोयल
सुप्रीम कोर्ट का बिहार में जाति आधारित सर्वे पर रोक लगाने से इनकार
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Author, सुचित्र मोहंती, बीबीसी हिंदी के लिए
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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बिहार सरकार के जाति सर्वे पर रोक लगाने से इनकार कर दिया.
साथ ही कोर्ट ने इसके ख़िलाफ़ दायर याचिका पर सुनवाई भी टाल दी है. शीर्ष अदालत ने इसे इसी तरह की अन्य याचिकाओं के साथ 18 अगस्त को री-लिस्ट करने का निर्देश दिया है.
यह आदेश जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस एसवीएन भट्टी की बेंच ने दिया है.
‘एक सोच एक प्रयास’ नाम के एक गैर सरकारी संगठन ने पटना हाई कोर्ट के उस फैसले पर रोक लगाने की मांग की थी, जिसमें उसने जाति आधारित सर्वे कराने के बिहार फैसले को मंजूरी दे दी थी.
पटना हाई कोर्ट में जाति सर्वे के ख़िलाफ़ कई याचिकाएं दायर की गई थीं लेकिन अदालत ने इन्हें खारिज कर दिया था.
पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के विनोद चंद्रन और जस्टिस पार्थसारथी के फैसले में जाति सर्वे पर रोक लगाने से इनकार कर दिया गया था.
सुप्रीम कोर्ट में जाति आधारित सर्वे को चुनौती देने वालों की ओर से वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी दलील दे रहे थे. उन्होंने इस मामले में अंतरिम राहत देने की मांग थी लेकिन शीर्ष अदालत ने इससे इनकार कर दिया.
राहुल गांधी से मिले रामेश्वर, मंडी से टमाटर न खरीद पाने का वीडियो हुआ था वायरल
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को सब्जी विक्रेता रामेश्वर से मुलाकात की.
कुछ दिन पहले रामेश्वर का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था. दरअसल रामेश्वर टमाटर खरीदने के लिए आजादपुर की थोक मंडी आए थे लेकिन कीमत ज्यादा होने के चलते वे टमाटर खरीद नहीं पाए थे. इस पूरी घटना का जिक्र करते हुए वे भावुक हो गए थे.
वीडियो इतना वायरल हुआ कि इसका जिक्र संसद तक में हुआ था. रामेश्वर के वीडियो के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आजादपुर मंडी का दौरा भी किया था और वहां पहुंचकर सब्जी विक्रेताओं से बात की थी.
शनिवार को रामेश्वर ने राहुल गांधी से मिलने की इच्छा जाहिर की थी, जिसके बाद सोमवार को राहुल गांधी ने उनसे मुलाकात की.
राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए लिखा, "रामेश्वर जी एक ज़िंदादिल इंसान हैं!
उनमें करोड़ों भारतीयों के सहज स्वभाव की झलक दिखती है. विपरीत परिस्थितियों में भी मुस्कुराते हुए मज़बूती से आगे बढ़ने वाले ही सही मायने में 'भारत भाग्य विधाता' हैं."
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राहुल गांधी ने रामेश्वर के साथ खाना भी खाया. इस तस्वीर को बिहार यूथ कांग्रेस ने ट्वीट करते हुए लिखा है, "रामेश्वर जी ने जननायक से मिलने की ख्वाहिश जताई थी. मुलाकात हो गई."
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नासिर-जुनैद हत्याकांड में मोनू मानेसर को लेकर क्या बोले राजस्थान के डीजीपी
....में
Author, मोहर सिंह मीणा
पदनाम, जयपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए
इमेज स्रोत, Moharsinghmeena/BBC
राजस्थान पुलिस मुख्यालय में सोमवार को डीजीपी ने प्रेस कांफ्रेंस में प्रदेश की क्राइम रिपोर्ट पेश की है.
इस दौरान मीडिया के एक सवाल पर उन्होंने नासिर-जुनैद हत्याकांड मामले में मोनू मानेसर का डायरेक्ट इन्वॉल्वमेंट नहीं होने की जानकारी भी दी.
इस मामले से जुड़े मीडिया के एक सवाल पर डीजीपी उमेश मिश्रा ने जवाब देते हुए कहा, "जो लोग इन घटना में ऑन द स्पॉट थे, घटना में प्रत्यक्ष रूप से शामिल थे उनमें वो नहीं है. घटना के बैकग्राउंड में उनकी भूमिका की तफ़्तीश जारी है. यह फैक्ट है कि अब तक उसकी भूमिका सामने नहीं आई है."
"इसमें इंटेलिजेंस का मुद्दा है. अगर इंटेलिजेंस होगा, तो वो पकड़ा जाएगा. हम उसके लिए कोशिश भी कर रहे हैं."
उन्होंने कहा, "नूंह में भी हमारी टीम गई थी, मैं हरियाणा पुलिस पर कोई भी आरोप नहीं लगाना चाहूंगा. हमारी प्रोफेशनल अप्रोच है."
डीजीपी ने हरियाणा पुलिस के सहयोग पर कहा, "हम वह नहीं कह सकते कि हरियाणा पुलिस कितना सहयोग कर रही है. नहीं कर रही है. यह पब्लिकली कहने का नहीं होता है. यह फैक्ट है कि वो अभी तक हमारे सामने नहीं आया है. जो शेष अपराधी हैं उनकी गिरफ्तारी के लिए ज़रूर हरियाणा पुलिस से निवेदन किया है."
"हमने जब भी मंगा है उनका (हरियाणा पुलिस) का लोकल असिस्टेंस मिला है. हमारी सीनियर ऑफिसर्स के स्तर पर भी वार्ता होती है. हम नहीं कह सकते कि हमारा समन्वय नहीं है."
नासिर-जुनैद के अपहरण कर हत्या मामले में भरतपुर के गोपालगढ़ थाने में एफआईआर दर्ज है.
एफआईआर दर्ज करवाने वाले नासिर जुनैद के भाई मोहम्मद इस्माइल ने मोनू मानेसर की डायरेक्ट इन्वॉल्वमेंट होने का दावा किया है.
मोहम्मद इस्माइल ने बीबीसी से फ़ोन पर बात करते हुए कहा, "मोनू मानेसर के खिलाफ़ हमने नामजद एफआईआर दर्ज करवाई थी. डीजीपी यदि कह रहे हैं कि मोनू मानेसर इन्वॉल्व नहीं है तो फिर पुलिस ने 173 (8) में चालान क्यों पेश किया है."
"पुलिस को चाहिए कि मोनू मानेसर को गिरफ्तार कर पूछताछ करे. फिर अगर कोई सबूत नहीं मिलते हैं तब कहें डीजीपी कि मोनू मानेसर इन्वॉल्व नहीं है."
क्या बच सकते थे जुनैद और नासिर, पुलिस की कार्रवाई और चश्मदीदों के सवाल - ग्राउंड रिपोर्ट
क्या है नासिर जुनैद का मामला
राजस्थान के भरतपुर जिले के घाटमीका गांव के रहने वाले नासिर और जुनैद के शव 16 फरवरी को हरियाणा के भिवानी जिले में जले हुए मिले थे.
इस हत्याकांड में मोनू मानेसर का नाम आया था. पीड़ित परिवार की तरफ से दर्ज एफआईआर में भी कई लोगों के साथ मोनू मानेसर का नाम शामिल है.
मोनू उर्फ मोहित यादव खुद को हरियाणा में बजरंग दल की गोरक्षक शाखा का प्रमुख बताते हैं.
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल प्रोजेक्ट की टनल में भरा पानी, फँसे 114 मज़दूर- इंजीनियर
....में
Author, आसिफ़ अली
पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए, देहरादून से
इमेज स्रोत, ASIF ALI/BBC
ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक
चल रहे रेल प्रोजेक्ट की शिवपुरी स्थित टनल में बारिश के कारण अचानक पानी भर गया.
इस कारण टनल में 114 इंजीनियर और मज़दूर फंस गए. जब स्थानीय पुलिस को इस
बात की सूचना मिली तो पुलिस तत्काल रेस्क्यू उपकरण लेकर मौके पर पहुंची.
मुनि की रेती थाना पुलिस
ने रस्सी की मदद से टनल में फंसे लोगों को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया.
टिहरी के अपर पुलिस
अधीक्षक बिजेंद्र दत्त ने बताया, “आज सुबह यह सूचना मिली थी
कि मुनि की रेती की शिवपुरी चौकी के तहत टनल में पानी आने के कारण एलएनटी
के कर्मचारी फंस गए हैं.”
पानी के कारण टनल में गाद आना शुरू हो गया था, जिसके कारण टनल का मुहाना बंद हो गया था.
उन्होंने बताया,
“टनल का मुहाना बंद होने के कारण पानी लगातार
बढ़ता ही जा रहा था. इस पर त्वरित कार्यवाही करते हुए शिवपुरी चौकी
के स्टाफ़ व जल पुलिस अपने आपदा उपकरणों के साथ मौक़े पर पहुंचे.”
पुलिस ने बताया कि बचाव ऑपरेशन के तहत लगभग 114 मज़दूर और इंजीनियरों को
सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है.
पौड़ी के मोहनचट्टी में पहाड़ी से रिज़ोर्ट पर गिरा मलबा, 6 लोग दबे
उत्तराखंड के पौड़ी ज़िले के मोहनचट्टी में भारी बारिश के कारण पहाड़ से आये मलबे में एक रिज़ोर्ट दब गया.
इस मलबे में 6 लोग दब गए हैं.
मलबे के नीचे से एक लड़की को ज़िंदा बाहर निकाले जाने के साथ, 1 शव को ही अभी तक बाहर निकाला जा सका है. बाक़ी 4 व्यक्ति अभी भी मलबे में दबे हुए हैं.
पौड़ी ज़िले के आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपेश काला ने बताया, “जाखनीखाल तहसील के अंतर्गत जोगियाना स्थित मोहनचट्टी क्षेत्र में मौजूद रिज़ोर्ट में कुछ पर्यटक कैम्पिंग के लिए रुके हुए थे.”
"सुबह क़रीब साढ़े 3 बजे यह सूचना प्राप्त हुई कि रिज़ोर्ट के ऊपर की तरफ़ पहाड़ी से मलबा आने पर कुछ लोग दब गए हैं”
उन्होंने बताया कि जानकारी मिलने के बाद रेस्क्यू कार्य किया गया, जिसके चलते आज सुबह क़रीब 8 बजे एक लड़की को ज़िंदा मलबे से बाहर निकाला गया है. इसके बाद 1 व्यक्ति के शव को भी बाहर निकाला जा चुका है”
दीपेश ने बताया, “अभी 4 और लोगों की खोजबीन की जा रही है, जो अभी तक लापता हैं. मौक़े पर डीएम आशीष चौहान के साथ पुलिस की टीमें, SDRF सहित मेडिकल टीम भी मौजूद हैं.”
मलबे में दबे लोग हरियाणा के बताये जा रहे हैं, लेकिन आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपेश काला ने लोगों की जगह को लेकर कोई पुष्टि नहीं की है.
इस बारे में उन्होंने कहा कि, पटवारी की रिपोर्ट के बाद ही वो पर्यटकों के स्थान की पुष्टि कर पायेंगे.
स्वतंत्रता दिवस: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के भाषण की प्रमुख 10 बातें
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देश के 77वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश को संबोधित किया. उन्होंने लोगों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी.
मुझे यह देखकर प्रसन्नता होती है कि हमारे देश में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. आर्थिक सशक्तिकरण से परिवार और समाज में महिलाओं की स्थिति मजबूत होती है. मैं देशवासियों से आग्रह करती हूं कि वे महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दें. मैं चाहूंगी कि हमारी बहनें और बेटियां साहस के साथ, हर तरह की चुनौतियों का सामना करें और जीवन में आगे बढ़ें.
स्वतंत्रता दिवस हमारे लिए अपने इतिहास से फिर से जुड़ने का अवसर होता है. ये हमारे वर्तमान का आकलन करने और भविष्य की राह बनाने के बारे में चिंतन करने का अवसर भी है. आज हम देख रहे हैं कि भारत ने केवल विश्व मंच पर यथोचित स्थान बनाया है बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में अपनी प्रतिष्ठा को बढ़ाया भी है. अपनी यात्राओं और प्रवासी भारतीयों के साथ बातचीत के दौरान, मैंने अपने देश के प्रति उनमें एक ए विश्वास और गौरव का भाव देखा है.
भारत पूरी दुनिया में विकास के लक्ष्यों और मानवीय सहयोग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण सहयोग निभा रहा है. भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अग्रणी स्थान बनाया है और जी20 देशों की अध्यक्षता का दायित्व भी संभाला है. चूंकि जी20 समूह दुनिया की दो-तिहाई जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करता है, इसलिए यह हमारे लिए वैश्विक प्राथमिकताओं को सही दिशा में ले जाने का एक अद्वितीय अवसर है. जी 20 की अध्यक्षता के माध्यम से भारत, व्यापार और वित्त के क्षेत्रों में हो रहे निर्णयों को न्यायसंगत प्रगति की तरफ ले जाने में प्रयासरत है.
विश्व की अधिकांश अर्थव्यवस्थाएं नाजुक दौर से गुजर रही हैं. वैश्विक महामारी के कारण हुए आर्थिक संकट से विश्व समुदाय पूरी तरह से बाहर नहीं आ पाया था कि अंतरराष्ट्रीय पटल पर हो रही घटनाओं से अनिश्चितता का वातावरण और गंभीर हो गया है. फिर भी सरकार कठिन परिस्थितियों का अच्छी तरह सामना करने में सक्षम रही है. देश ने चुनौतियों को अवसर में बदला है और प्रभावशाली जीडीपी ग्रोथ भी दर्ज की है. हमारे अन्नदाता किसानों ने हमारी आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. राष्ट्र उनका ऋणी है.
वैश्विक स्तर पर मुद्रास्फीति यानी इंफ्लेशन चिंता का कारण बनी हुई है, लेकिन सरकार और रिजर्व बैंक इस पर काबू पाने में सफल रहे हैं. सरकार ने जन सामान्य पर मुद्रास्फीति का अधिक प्रभाव नहीं पड़ने दिया है. साथ ही गरीबों को व्यापक सुरक्षा कवच भी प्रदान किया है.
आदिवासियों की स्थिति में सुधार लाने और उन्हें प्रगति की यात्रा में शामिल करने हेतु विशेष कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं. मैं अपने आदिवासी भाई बहनों से अपील करती हूं कि आप सब अपनी परंपराओं को समृद्ध करते हुए आधुनिकता को अपनाएं.
साल 2020 की राष्ट्रीय शिक्षा नीति से बदलाव आना शुरू हो गया है. विभिन्न स्तरों पर विद्यार्थियों और शिक्षाविदों के साथ मेरी बातचीत से मुझे पता चला है कि अध्ययन की प्रक्रिया ज्यादा फ्लेक्सिबल हो गई है. इस दूरदर्शी नीति का एक प्रमुख उद्देश्य प्राचीन मूल्यों को आधुनिक कौशल के साथ जोड़ना है. इससे आने वाले सालों में शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन होंगे और देश में एक बहुत बड़ा बदलाव दिखाई देगा.
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन नई ऊंचाइयों को छू रहा है और उत्कृष्टता के नए आयाम स्थापित कर रहा है. इस साल इसरो ने चंद्रयान-3 लॉन्च किया है जो चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश कर चुका है और कार्यक्रम के अनुसार उसका विक्रम नाम लैंडर और प्रज्ञान नामक रोवर अगले कुछ ही दिनों में चंद्रमा पर उतरेंगे. हम सभी के लिए वह गौरव का क्षण होगा और मुझे भी उस पल का इंतजार है.
कभी कभी दुनिया में हमदर्दी की कमी महसूस होती है, लेकिन इतिहास साक्षी है कि ऐसे दौर केवल कुछ समय के लिए ही आते हैं, लेकिन करुणा हमारा मूल स्वभाव है. मेरा अनुभव है कि महिलाएं हमदर्दी के महत्व को और अधिक गहराई से महसूस करती हैं और जब मानवता अपनी राह से भटकती हैं तो वे सही रास्ता दिखाती हैं.
हमारे देश ने नए संकल्पों के साथ अमृत काल में प्रवेश किया है और हम भारत को साल 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.
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अनवारुल हक काकड़ ने पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री की शपथ ली
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पाकिस्तान के राष्ट्रपति डॉ. आरिफ अल्वी ने सोमवार को अनवारुल हक काकड़ को पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में शपथ दिलाई है.
शपथ ग्रहण समारोह में निवर्तमान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, स्पीकर राजा परवेज शरीफ और कई नेता शामिल हुए.
काकड़ देश के आठवें कार्यवाहक प्रधानमंत्री हैं और अब तक के इतिहास के सबसे युवा कार्यवाहक प्रधानमंत्री हैं.
वो चुनाव होने तक कामचलाऊ सरकार की अगुवाई करेंगे. वे बलूचिस्तान के पश्तूनों की जानी मानी काकड़ जनजाति से हैं.
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अनवारुल हक काकड़ कौन हैं?
बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में साल 1971 में जन्मे अनवारुल हक के पिता एहतेशाम-उल हक काकड़ ने अपना करियर तहसीलदार के रूप में शुरू किया. बाद में उन्होंने विभिन्न सरकारी पदों पर काम किया.
अनवारुल हक ने अपनी प्राथमिक शिक्षा क्वेटा से पूरी की, जिसके बाद उन्होंने इंटरमीडिएट की पढ़ाई कोहाट के कैडेट कॉलेज से पूरी की.
स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई के लिए वो बलूचिस्तान विश्वविद्यालय आ गए. इसके बाद लंदन में उन्होंने क़ानून की पढ़ाई पूरी की.
राजनीति में दिलचस्पी होने के कारण वो पाकिस्तान लौट आये और यहां अपनी राजनीति की शुरुआत उन्होंने मुस्लिम लीग से की.
साल 2018 में जब मुस्लिम लीग (नवाज़) चुनाव में हार गई तो बलूचिस्तान में बलूचिस्तान अवामी पार्टी नाम की एक नई पार्टी बनाई. अनवारुल हक काकड़ न केवल इसका हिस्सा बन गए, बल्कि वह बलूचिस्तान अवामी पार्टी के संस्थापकों में से एक बन गए.
अनवारुल हक 2018 में बलूचिस्तान अवामी पार्टी से सीनेटर चुने गए थे.
फ़िल्म 'गदर-2' करने से क्यों डर रहे थे सनी देओल?
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फिल्म समीक्षक कोमल नाहटा के साथ बातचीत करते हुए अभिनेता सनी देओल ने बताया कि 'गदर-2' करने से पहले वो काफी डरे हुए थे.
जब कोमल नाहटा ने सनी देओल से फिल्म की कहानी सुनते वक्त पहली प्रतिक्रिया पूछी तो उन्होंने कहा, "मैं गदर-2 के लिए शुरू से ही घबराया हुआ था. वो हमारी एक ऐसी फिल्म है कि मैं नहीं चाहता था कि कहीं उसका स्वाद खराब हो जाए."
"बहुत डरता था. इसलिए जब भी बोलते थे, तो मैं कहता था कि नहीं..नहीं..नहीं. जब उन्होंने कहानी सुनाई, तो मुझे अच्छा लगा और कहा कि लगता है कि इसमें हम कर सकते हैं और उसमें लग गए."
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अभिनेता सनी देओल ने फ़िल्म गदर-2 से काफी वक़्त बाद पर्दे पर शानदार वापसी की है.
गदर-2 फ़िल्म 11 अगस्त को रिलीज़ हुई है. रिलीज़ होने के बाद से ही फ़िल्म को दर्शकों के अच्छे रिव्यू मिल रहे हैं.
सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि गदर-2 देखने के लिए दर्शकों की भीड़ सिनेमाघरों में जुट रही है.
फ़िल्म समीक्षक तरन आदर्श ने ट्वीट कर बताया है कि फ़िल्म ने शुरुआती तीन दिनों में क़रीब 134 करोड़ रुपये की कमाई की है.
फ़िल्म ने शुक्रवार को 40, शनिवार को 43 और रविवार को लगभग 51 करोड़ रुपये कमाए हैं.
गदर फ़िल्म साल 2001 में रिलीज़ हुई थी और फ़िल्म ने तब भी शानदार प्रदर्शन किया था.
गदर-2 फ़िल्म के डायरेक्टर अनिल शर्मा हैं और फ़िल्म में सनी देओल के अलावा अमीषा पटेल, उत्कर्ष शर्मा बतौर एक्टर हैं.
मोदी सरकार ने कुकी समुदाय की इस 'तत्काल' मांग को किया पूरा
....में
Author, दिलीप कुमार शर्मा
पदनाम, गुवाहाटी से, बीबीसी हिंदी के लिए
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मणिपुर में जारी हिंसा को
देखते हुए गृह मंत्रालय ने चुराचांदपुर से मिजोरम की राजधानी आइजोल और कांगपोकपी, सेनापति से नागालैंड के दीमापुर तक हेलीकॉप्टर सेवा को अनुमति दे दी है.
गृह
मंत्रालय ने इन दो मार्गों के लिए मौजूदा 75 फीसदी हेलीकॉप्टर सब्सिडी योजना के तहत अंतर-राज्य
हेलीकॉप्टर सेवा को संचालित करने की मंजूरी देते हुए मणिपुर सरकार को एक पत्र भेजा
है.
दरअसल मणिपुर में 3 मई से कुकी जनजाति और मैतेई समुदाय के बीच
जारी जातीय हिंसा के कारण लोग दो पक्ष में बँट गए हैं.
दोनों समुदाय के बीच
विभाजन की रेखा इतनी गहरी हो चुकी है कि पहाड़ों पर रहने वाले कुकी लोग अब इंफाल
आने की बात सोच कर ही डर जाते हैं जबकि इंफाल घाटी के लोग पहाड़ी जिलों में जाने
से कतराते हैं.
ऐसे में चुराचांदपुर जैसे
पहाड़ी जिलों में बसे खासकर कुकी लोगों के लिए राज्य से बाहर जाने का एकमात्र
विकल्प या तो आइजोल एयरपोर्ट है या फिर नागालैंड एयरपोर्ट. जबकि आइजोल और दीमापुर
दोनों ही जगहों पर सड़क मार्ग से पहुंचने के लिए नौ से दस घंटे का समय लगता है.
ऐसे में इलाज के लिए या फिर किसी जरूरी काम के लिए बाहर जाने वालों को बड़ी
असुविधा का सामना करना पड़ रहा है.
इस अंतर-राज्य हेलीकॉप्टर सेवा को संचालित करने की मंजूरी मिलने से राहत महसूस कर रहे इंडिजेनस ट्राइबल लीडर्स फोरम के मीडिया संयोजक गिन्ज़ा वुअलज़ोंग कहते हैं, "30 मई 2023 को जब अमित शाह ने लमका (हिंसा के बाद कुकी लोग चुराचांदपुर को लमका कहते हैं) का दौरा किया तो आईटीएलएफ ने उनसे हेलीकॉप्टर सेवा की तत्काल मांग की थी. हमारे प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में गृह मंत्री को एक बार फिर से हेलीकॉप्टर सेवा की बात याद दिलाई थी."
हिंसा के कारण मौजूदा माहौल में क्षेत्र से हेलीकॉप्टर सेवा का संचालन कुकी लोगों की सरकार से की गई एक तत्काल मांग थी.
हालांकि हिंसा शुरू होने के बाद सरकार ने 9 जून से इंफाल एयरपोर्ट से चुराचांदपुर, स्थित 36 असम राइफल्स के हेलीपैड तक हेलीकॉप्टर सेवा शुरू की थी. लेकिन कुकी लोगों ने इंफाल आना छोड़ दिया था.
वहीं दूसरी तरफ प्रदेश में हिंसा के कारण खासकर भारत-म्यांमार से सटे मोरेह शहर में बसे कुकी लोग भी पूरी तरह फँसे हुए हैं.
क्योंकि वहां से जंगल के रास्ते जो सड़क आइजोल तक जाती है उसपर यात्रा करना बेहद जोखिम से भरा है, जबकि मोरेह से बाकी अन्य जगहों पर पहुंचने के लिए इंफाल होकर ही गुजरना पड़ता है.
लखीमपुर खीरी: दलित बहनों से रेप और हत्या मामले में दो को आजीवन कारावास
....में
Author, प्रशांत पांडेय
पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
इमेज स्रोत, PRASHANT PANDEY/BBC
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में पिछले साल 14 सितम्बर 2022 को दो सगी दलित नाबालिग बहनों से गैंगरेप और हत्या मामले में पॉक्सो कोर्ट ने सोमवार को फैसला सुनाया है.
कोर्ट ने दो अभियुक्तों को आजीवन कारावास, 46-46 हजार रुपये जुर्माना और दो अभियुक्तों पर छह-छह साल जेल की सजा, 5-5 हजार रुपये जुर्माना लगाया है.
एडीजीसी बृजेश कुमार पाण्डेय ने बीबीसी को बताया, “अभियोजन ने अदालत में 500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की. अभियोजन पक्ष ने 15 गवाह पेश किए, 24 डाक्यूमेंट्री एविडेंस और 40 वस्तएं, जिनमें पर्स, आधार कार्ड, सिक्के, रुपए, दुपट्टा, गमछा, चप्पल, सीरम से सने कपड़े आदि पेश किए थे. इसके अलावा अदालत में एफएसएल रिपोर्ट और डीएनए की वैज्ञानिक रिपोर्ट भी साक्ष्यों के रूप में सौंपी गई थी.”
एडीजीसी ने बताया कि अदालत ने दो अभियुक्तों जुनैद और सुनील उर्फ छोटू को आजीवन कारावास की सज़ा दी और जुर्माना लगाया. अदालत ने दो अभियुक्तों आरिफ और करीमुद्दीन को साक्ष्य मिटाने के आरोप में छह छह साल की सजा सुनाई है.
मुख्य अभियुक्त जुनैद और छोटू को अपहरण, रेप और हत्या और पॉक्सो एक्ट में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है.
इमेज स्रोत, PRASHANT PANDEY/BBC
इमेज कैप्शन, दो सगी नाबालिग बहनों की लाश गन्ने के खेत में एक पेड़ से लटकी मिली थीं.
क्या है मामला?
14 सितंबर 2022 को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के निघासन कोतवाली इलाके के एक गाँव में दो सगी नाबालिग बहनों की लाश गन्ने के खेत में एक पेड़ से लटकी मिली थी.
मृतक लड़कियों की माँ ने गाँव के ही सुनील उर्फ छोटू समेत अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी. एफआईआर में आरोप था कि कुछ लड़के मोटरसाइकिल से दोनों बहनों को अगवा कर ले गए और रेप के बाद हत्या कर दी गई.
घटना को आत्महत्या का रूप देने के लिए दोनों बहनों को उन्हीं के दुपट्टों से लटका दिया गया था. मामले में पुलिस ने मुख्य अभियुक्त जुनैद समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया था.
गिरफ्तारी के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था. एजेंसी ने घटना के 15 दिनों के अंदर ही कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था.
सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ के नाम से सोशल मीडिया पर वायरल फर्जी पोस्ट, सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
इमेज स्रोत, ANI
इमेज कैप्शन, मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़
सुप्रीम कोर्ट ने एक प्रेस नोट जारी कर कहा है कि सोशल मीडिया पर मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ के नाम से एक गलत संदेश फैलाया जा रहा है.
प्रेस नोट में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर ऐसी पोस्ट देखने को मिल रही हैं, जिसमें मुख्य न्यायाधीश की फाइल फोटो के साथ उनका नाम इस्तेमाल कर जनता से सरकार के खिलाफ विरोध करने की अपील की गई है.
कोर्ट का कहना है कि यह पोस्ट फर्जी है और गलत इरादे से इसे फैलाया जा रहा है. ऐसे कोई भी पोस्ट मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने जारी नहीं किया है और यह संदेश फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.
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बार एंड बेंच के मुताबिक जो मुख्य न्यायाधीश के नाम से जो फेक पोस्ट सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा है उसमें कहा गया है, "हम भारत के संविधान और भारत के लोकतंत्र को बचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इसमें आपका सहयोग भी बहुत जरूरी है."
"सभी लोगों को एकजुट होकर सड़कों पर उतरना चाहिए और इस सरकार से अपने अधिकारों की मांग करनी चाहिए. यह तानाशाही सरकार लोगों को डराएगी, धमकाएगी, लेकिन आपको डरने की जरूरत नहीं है. हिम्मत बनाए रखें और सरकार से हिसाब मांगों, मैं तुम्हारे साथ हूं- डीवाई चंद्रचूड़, मुख्य न्यायाधीश."
मगर सुप्रीम कोर्ट ने अब ये साफ कर दिया है कि ये पोस्ट फेक है.
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उत्तराखंड में बाढ़ का कहर, प्रशासन की अपील- पहाड़ों पर ना जाएं
....में
Author, आसिफ़ अली
पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए, देहरादून से
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उत्तराखंड के देहरादून,
नैनीताल समेत छह ज़िलों में भारी बारिश के कारण
सोमवार को रेड अलर्ट जारी किया गया है.
देहरादून, चंपावत में दो दिनों के स्कूल बंद करने का एलान
किया गया है. भारी बारिश के कारण कुछ अहम
जगहों पर सड़कें भी टूट गई हैं और इस वजह से अहम रूटस प्रभावित हुए हैं.
सोमवार सुबह देहरादून के
क़रीब माहलदेवता से सटे कुमाल्डा क्षेत्र में दून डिफेंस एकेडमी की पांच मंज़िला
बिल्डिंग ढह गई.
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भारी बारिश के कारण दो दिनों के लिए चार धाम यात्रा को भी रोक दिया गया है. अलग-अलग हिस्सों में सैकड़ों लोगों के फँसे होने की आशंका है.
बारिश की वजह से केदारनाथ यात्रा पर भी असर हुआ है. केदारनाथ यात्रा मार्ग पर बड़ी लिनचोली में छानी कैंप में अत्यधिक बारिश होने से यात्रा का पैदल संपर्क मार्ग का क़रीब 70 मीटर हिस्सा टूट गया है.
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आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया, “केदारनाथ यात्रा पैदल मार्ग लिनचोली छानी कैंप में अधिक वर्षा के कारण चार दुकानें क्षतिग्रस्त हो गई हैं और एक दुकानदार लापता है. घटना में एक नेपाली व्यक्ति का शव बरामद कर लिया गया है. राहत और बचाव कार्य जारी है.''
रजवार ने बताया, “मदमहेश्वर घाटी के सीमान्त ग्राम पंचायत गौण्डार गांव के बनातोली में नदी पर बना पुल मूसलाधार बारिश, नदी के उफान के कारण टूट गया है. पुल के नदी में समाने के कारण मदमहेश्वर धाम सहित यात्रा पड़ावों का सम्पर्क गौण्डार गाँव से कट गया है. इस कारण मध्यमेश्वर धाम में 100 से अधिक यात्री फंसे हैं.''
अलकनंदा और मंदाकिनी दोनों खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं.
उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, ''ऋषिकेश क्षेत्र में जलभराव बहुत ज़्यादा है. हर जगहें टीमें तैनात हैं. हम जनता से ये अपील है कि पहाड़ों पर ना जाएं, दो तीन दिन ऋषिकेष भी ना जाएं.''
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि मौसम के पूर्वानुमान को देखकर ही यात्रा करें.
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15 अगस्त को लेकर इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया ने की ये अपील
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स्वतंत्रता दिवस से पहले इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया ने इस दिन का जश्न मनाने के लिए अपील की है.
सेंटर के चेयरमैन खालिद रशीद महली ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए कहा, "इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया ने 15 अगस्त को लेकर गाइडलाइन जारी की है और सभी भारतीयों से बड़े पैमाने पर इस दिन का जश्न मनाने की अपील की है."
उन्होंने कहा कि इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया ने तीन दिनों के लिए स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया है, जिसमें कई तरह के प्रोग्राम किए जा रहे हैं. इसमें तिरंगा पेंटिंग, क्विज और भाषण प्रतियोगिता रखी गई है.
खालिद रशीद महली ने कहा कि इन कार्यक्रमों का मकसद युवा पीढ़ी, खासकर छात्रों को आजादी के संघर्ष को पढ़ाना है ताकि उन्हें पता चल पाए कि आजादी के लिए किन लोगों ने अपनी जान कुर्बान कर दी.
उन्होंने कहा, "हमने सभी संस्थानों से 15 अगस्त को तिरंगा फहराने और राष्ट्रगान गाने की भी अपील की है."
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ओवैसी बोले- अगर पीएम मोदी को मुसलमानों से थोड़ी भी मोहब्बत है तो...
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हरियाणा के नूंह में हिंसा के बाद प्रशासन के बुलडोज़र चलाए जाने की कार्रवाई पर एआईएमआईएम के असदउद्दीन ओवैसी ने सोमवार को प्रतिक्रिया दी है.
ओवैसी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश और महात्मा गांधी का ज़िक्र करते हुए पीएम मोदी पर सवाल उठाए हैं.
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ओवैसी ने कहा, ''कल हम स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं, देश को ये पैगाम दे रहे हैं? वो भी उन नूंह के मुसलमानों को, जिन्होंने अपना सब कुछ देश की आज़ादी के लिए कुर्बान किया."
"महात्मा गांधी ने नूंह के मुसलमानों से जाकर कहा था कि तुम पाकिस्तान मत जाओ. आप महात्मा गांधी को इस तरह से याद कर रहे हैं? हिंसा हुई, हम उसकी निंदा करते हैं. मगर आप एक पूरे समुदाय को सज़ा दे रहे हैं. कहां गया- प्रधानमंत्री का सबका साथ, सबका विश्वास.''
ओवैसी सवाल उठाते हैं, ''कहां गए वो लोग जो कहते थे कि संवाद होना चाहिए. जो लोग इस तरह की बात करते हैं उनको नूंह जाकर बर्बादी देखनी चाहिए. प्रधानमंत्री को नूंह में बुलडोज़र चलाए जाने की निंदा करनी चाहिए. क्या इस देश में क़ानून नहीं है.''
15 अगस्त को लाल किले पर पीएम नरेंद्र मोदी को भाषण देना है.
इस भाषण से उम्मीद जताते हुए ओवैसी कहते हैं, ''अगर प्रधानमंत्री को भारत के मुसलमानों से थोड़ी भी मोहब्बत होगी तो मैं उम्मीद करता हूं कि वो कल लाल किले से जो निशाना बनाकर हिंसा की जा रही है, उसकी निंदा करेंगे."
"प्रधानमंत्री से हम उम्मीद करेंगे कि वो कल खड़े होकर कहेंगे कि जिस तरह से एक धर्म को निशाना बनाया जा रहा है, उसकी मैं निंदा करता हूं चाहे वो रेल वाला वाकया हो या जो हिंसा हो रही है उसकी निंदा करें.''
ओवैसी बोले- ''जहांगीरपुरी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि प्रक्रिया का पालन होना चाहिए. आप पुरानी तारीख में नोटिस देते हैं और एक ही दिन में हज़ारों लोगों को बेघर कर दिया.''
बीते कुछ महीनों में बीजेपी शासित राज्यों में किसी घटना होने पर या किसी मामले में किसी अभियुक्त का नाम आने पर प्रशासन की ओर से बुलडोज़र चलाकर कार्रवाई की गई है.
नूंह में हुई हिंसा के बाद भी प्रशासन ने बुलडोज़र चलाया था. इस कार्रवाई में दोनों तरफ के लोगों के घर, दुकान तोड़े गए थे.
'बेटे-दामाद को सेट-भेंट करना है' संसद में बीजेपी की कही इस बात पर रॉबर्ट वाड्रा क्या बोले?
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी के जीजा और प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा ने बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे के उस बयान पर पलटवार किया है जिसमें उन्होंने कहा था कि सोनिया गांधी को ‘बेटे को सेट करना है और दामाद को भेंट करना है’.
समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए रॉबर्ट वाड्रा ने कहा, “जब भी बीजेपी के लोग मुश्किल में होते हैं तो वे मेरा नाम लेते हैं. लोगों को भटकाने के लिए, मुद्दे को हटाने के लिए रॉबर्ट वाड्रा का नाम इस्तेमाल करते हैं. अगर कुछ भी होता तो आज मैं यहां बैठा नहीं होता. जो भी उन्होंने कहा, उसे साबित नहीं कर पाए.”
उन्होंने कहा, “हँसी मजाक के लिए उन लोगों को नहीं चुना है. वे हवा में बात करते हैं. हवा में इल्ज़ाम लगाते हैं. मैं राजनीति में नहीं हूं. मैं उन लोगों को चुनौती देता हूं. मैं निडर हूं. जब आप किसी को ईडी के पास भेजेंगे. जब आप उनकी सारी कंपनियों को पलट देंगे, आप ये पूछेंगे कि आपने पहला रुपया कहां से कमाया. माता जी एक उम्र की हैं, उनका भी आप इंटेरोगेशन करवाते हैं. ऐसे में मैं किस चीज के लिए डरूंगा.”
वाड्रा ने कहा कि सरकार को मणिपुर, नूंह, साम्प्रदायिक मुद्दों और बेरोजगारी की बात करनी चाहिए लेकिन ये लोग गांधी परिवार पर हमला करते हैं.
निशिकांत दुबे ने क्या कहा था?
संसद में बोलते हुए निशिकांत दुबे ने कहा, “ये अविश्वास प्रस्ताव किस लिए आया. यहां सोनिया जी बैठी हुई हैं. सोनिया जी का मैं बड़ा सम्मान करता हूं. सोनिया जी और उनकी पार्टी की दो मनस्थिति है."
"एक हिंदू सभ्यता संस्कृति में विश्वास कर रही हैं. भारतीय नारी को क्या क्या करना चाहिए, उसका पूरा का पूरा पिक्चर सोनिया जी देती हैं. उनको दो काम करने हैं. बेटे को सेट करना है और दामाद को भेंट करना है.”
सुरजेवाला के बीजेपी समर्थकों को राक्षस बताने वाले बयान पर खट्टर, शिवराज ने दिया ये जवाब
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हरियाणा के कैथल में कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने रविवार को बीजेपी को वोट देने वाले लोगों और पार्टी के समर्थकों को राक्षस प्रवृत्ति का बताया.
सुरजेवाला के इस बयान पर विवाद शुरू हो गया है.
अब
बीजेपी ने कांग्रेस और सुरजेवाला पर पलटवार किया है.
राज्य
के मुख्मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि राक्षस प्रवृत्ति के परिवार से आने
वाला ही ऐसे बयान दे सकता है.
उन्होंने
कहा, “एक राक्षसी प्रवृत्ति वाले परिवार में
जन्मा व्यक्ति ही ये सोच सकता है. इस तरह की अभद्र भाषा बोलना मैं समझता हूं कि असंसदीय है. इसका संज्ञान हम लेंगे.”
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मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी सुरजेवाला के इस बयान पर प्रतिक्रिया दी है.
शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “जब नाश मनुष्य पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है. ये कांग्रेस के नेता कह रहे हैं कि जनता राक्षस है, बीजेपी को वोट देने वाले करोड़ों-करोड़ लोग राक्षस हैं? सोनिया जी, राहुल जी क्या आप जनता को राक्षस मानते हैं? भारतीय जनता पार्टी, हम लोग जनता को भगवान मानते हैं.”
“मैं हमेशा कहता हूं मध्य प्रदेश मेरा मंदिर है और यहां की जनता मेरी भगवान है. उस जनता के हम पुजारी हैं. आप जनता को भगवान नहीं मानते, आप स्वयं को भगवान मानते हैं और श्राप दे रहे हैं. क्या यहां आपकी मोहब्बत की दुकान है.”
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प्रियंका गांधी के ख़िलाफ़ 40 से ज़्यादा एफ़आईआर, क्या गिरफ़्तारी होगी?
....में
Author, सलमान रावी
पदनाम, बीबीसी संवाददाता
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11 अगस्त को सोशल मीडिया ‘X’ (ट्विटर) पर किये गए एक ‘पोस्ट’ को लेकर मध्य प्रदेश के 41 जिलों में कांग्रेस की नेता प्रियंका गाँधी के ख़िलाफ़ प्राथमिकियां दर्ज की गईं हैं.
पुलिस ने
स्पष्ट किया है कि प्राथमिकियां तो दर्ज हो गईं हैं लेकिन अभी इस मामले में कोई
गिरफ़्तारी नहीं होगी.
मध्य
प्रदेश पुलिस की अपराध शाखा के डीसीपी सुकृति सोमवंशी के अनुसार, राज्य पुलिस जल्द
ही प्राथमिकी में नामज़द किए लोगों को नोटिस भेजेगी.
हालांकि उनका कहना था, चूँकि
प्राथमिकी में जो धाराएं लगाई गई हैं उनमें अधिकतम सज़ा सात साल है. इस लिए
फ़िलहाल कोई गिरफ्तारी नहीं की जाएगी.
प्राथमिकी
में प्रियंका गाँधी के अलावा, मध्य प्रदेश की पूर्व
मुख्यमंत्री कमलनाथ और पूर्व केन्द्रीय मंत्री और प्रदेश के वरिष्ठ नेता अरुण यादव
के नाम शामिल हैं. सबसे पहली प्राथमिकी इंदौर में दर्ज की गई.
ये प्राथमिकी
प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के विधि प्रकोष्ठ के सदस्य निमेश पाठक की शिकायत पर
दर्ज की गई.
जिस
‘पोस्ट’ को लेकर ये सब कुछ हुआ है उसमें प्रियंका गाँधी ने अखबार की एक कतरन की
तस्वीर लगाई है जिसको लेकर उन्होंने लिखा, “मध्य
प्रदेश में ठेकेदारों के संघ ने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर शिकायत
की है कि प्रदेश में 50% कमीशन देने पर ही भुगतान मिलता है. कर्नाटक में भ्रष्ट BJP
सरकार
40% कमीशन की वसूली करती थी. मध्य प्रदेश में BJP भ्रष्टाचार
का अपना ही रिकॉर्ड तोड़कर आगे निकल गई है. कर्नाटक की जनता ने 40% कमीशन वाली
सरकार को बाहर किया, अब मध्य प्रदेश की जनता 50% कमीशन वाली
भाजपा सरकार को सत्ता से हटाएगी.”
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हितेश
वाजपेयी मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के सोशल मीडिया प्रकोष्ठ के प्रमुख हैं.
वो संगठन के प्रवक्ता भी हैं. बीबीसी से बात करते हुए वो कहते हैं कि मध्य प्रदेश
उच्च न्यायलय के मुख्य न्यायाधीश को ‘कथित तौर’ पर लिखी गई जिस चिट्ठी का हवाला
प्रियंका गाँधी की ‘सोशल मीडिया पोस्ट’ में दिया गया है उसे किसी गणेश अवस्थी की ओर से लिखा बताया गया है.
उन्होंने
दावा किया, “ये फर्ज़ी नाम है. इस नाम का कोई आदमी नहीं
है. आरोप लगाने से पहले और सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से पहले इसका सत्यापन कर
लेना चाहिए था. किसी को बदनाम करने के लिए बिना तथ्यों और सबूतों के आरोप लगाना ठीक
नहीं है. इस लिए भाजपा ने क़ानूनी रास्ता अपनाया है.''
उन्होंने
बातचीत में कहा कि प्रियंका गाँधी की पोस्ट के बाद ख़ुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह
चौहान ने गुप्तचर विभाग से इसकी जांच करवाई.
मगर वो कहते हैं, “गणेश अवस्थी नाम
का कोई व्यक्ति नहीं मिला”.
उनका कहना था, “अब
हमने शिकायत की है. पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है. अब अदालत तय करेगी कि आगे
क्या होगा.”
वहीं प्रदेश के गृह
मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने अपने आवास पर पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि ‘मध्य
प्रदेश के कांग्रेस नेताओं ने पहले राहुल गाँधी से झूठ बुलवाया, फिर प्रियंका गांधी से भी झूठा ट्वीट करवाया’.
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उन्होंने
अपनी पोस्ट में कहा, “मध्यप्रदेश में कांग्रेस
मुद्दा विहीन होकर घृणित मानसिकता के साथ राजनीति कर रही है. प्रदेश कांग्रेस के
नेताओं ने पहले राहुल गांधी जी से झूठ बुलवाया अब प्रियंका गांधी जी से झूठा ट्वीट
करवाया. प्रियंका जी आपने जो ट्वीट किये हैं उसके प्रमाण दो, अन्यथा हमारे पास
कार्यवाही के सारे विकल्प खुले हैं.”
मध्य
प्रदेश कांग्रेस कमिटी के मीडिया प्रकोष्ठ के प्रमुख के के मिश्रा ने बीबीसी से
बात करते हुए कहा कि 41 स्थानों पर प्राथमिकी दर्ज कर सरकार ख़ुद संदेश दे रही है
कि वो ऐसा ‘बदले की भावना’ से कर रही है.
उनका कहना
था कि एक अपराध के लिए एक ही सज़ा का प्रावधान है इसीलिए जगह-जगह पर प्राथमिकी दर्ज
कर “सरकार क़ानून की भी धज्जियाँ उड़ा रही है.”
वो कहते हैं, “सरकार तो व्यापम और पटवारी परीक्षा में भी
गड़बड़ी से इनकार कर रही है. जो आरोप लगे हैं उनकी जांच कराई जानी चाहिए थी कि ऐसी
चिठ्ठी मुख्य न्यायाधीश को लिखी गयी है कि नहीं और उनमे जो आरोप लगाए गए हैं उनमे
कितना दम है. एक ही दिन में गुप्तचर विभाग से जांच कराने की बात मुख्यमंत्री कह
रहे हैं. एक दिन में कहीं जांच होती है?”
प्रदेश
भर में 41 ज़िलों में प्राथमिकी दर्ज किये जाने के ख़िलाफ़ रविवार से कांग्रेस के
कार्यकर्ता सड़कों पर उतर कर अपना विरोध प्रकट कर रहे हैं.
जिला और प्रखंड
मुख्यालयों पर भी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किए. प्राथमिकी दर्ज किए जाने पर बोलते हुए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का कहना था, “मौजूदा सरकार के
कार्यकाल में हुआ भ्रष्टाचार उजागर हो रहा है.”
उनका
कहना था कि प्रदेश की जनता से पूछा जाना चाहिए कि ये पत्र सही है या नहीं. वो कहते
हैं,
“जनता ऐसे 100 से 200 पत्र सामने ले आएगी.”
कांग्रेस पार्टी कमिटी ने
भी इस मामले को लेकर X पर पोस्ट किया है और कहा है, “अगर भाजपा सच के साथ होती तो वो इसका सामने से जवाब देती, न कि हमेशा की तरह पुलिस के पीछे छुपकर सच्चाई को दबाने की कोशिश करती.”
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अडानी- हिंडनबर्ग मामला: सेबी ने सुप्रीम कोर्ट से क्यों मांगा 15 दिन का वक़्त?
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सेबी
ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर अडानी-हिंडनबर्ग मामले की जांच पर अपनी
रिपोर्ट दाखिल करने के लिए अतिरिक्त 15 दिनों का वक्त मांगा है.
बीबीसी
को ये जानकारी इस मामले में एक याचिकाकर्ता और एक वकील ने दी है.
सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले में सेबी को अडानी
बनाम हिंडनबर्ग मामले में अपनी जांच रिपोर्ट देने के लिए 14 अगस्त तक का समय दिया था.
कोर्ट
इस केस की अगली सुनवाई 29 अगस्त को करेगा.
बीबीसी के सहयोगी पत्रकार सुचित्र मोहंती के मुताबिक़, सेबी
ने अपने आवेदन में कोर्ट को बताया है, “हम जांच में काफ़ी आगे बढ़े हैं. ”
सुप्रीम
कोर्ट के आदेश के मुताबिक़ सेबी अडानी-हिंडनबर्ग से जुड़े 24 मामलों की जांच कर रही है.
सेबी
ने बताया है कि 24 जांच में से 17 मामले में जांच पूरी हो गई है और सेबी सक्षम
प्राधिकारियों ने उन्हें अप्रूव भी किया है.
कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला बोले- बीजेपी को वोट देने वाले लोग राक्षस प्रवृत्ति के होते हैं
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हरियाणा के कैथल में
कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा है, 'जो लोग बीजेपी को वोट देते हैं और बीजेपी के समर्थक हैं, वे राक्षस प्रवृत्ति के हैं.'
रणदीप
सुरजेवाला रविवार को हरियाणा के कैथल में कांग्रेस की 'जन आक्रोश रैली' को संबोधित कर रहे थे.
सुरजेवाला
ने अपने भाषण में कहा, 'नौकरी मत दो, कम से कम नौकरी में बैठने का मौका तो दो.'
सुरजेवाला
ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “ नौजवानों के भविष्य को मनोहर लाल
खट्टर और दुष्यंत चौटाला मंडी में बोली लगा कर बेंच रहे हैं. नौकरी मत दो लेकिन
मौका तो दो नौकरी में बैठने का, वो भी छीन लेते हैं. भारतीय जनता पार्टी को जो वोट
देता है और जो बीजेपी का समर्थन करता है वो राक्षस प्रवृत्ति का होता है. मैं आज
महाभारत की धरती से उन्हें श्राप देता है.”
इस
रैली में ही कांग्रेस की विधायक किरण चौधरी ने कहा, “बीजेपी-जेजेपी सरकार ने महिलाओं, किसान, गरीब की थाली से रोटी छीनने का काम
किया. किसानों को फसलों के दाम नहीं दिए. लागत पर डबल मुनाफा नहीं दिया.”
“गृहणियां महंगाई की मार से परेशान हैं.
इस बार मीठी गोली नहीं चूसनी है, राज लेकर आना है. राज तब आएगा जब
एकजुट होकर कांग्रेस को मजबूत करोगे.”
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सनी देओल की फ़िल्म 'गदर-2' ने पहले तीन दिन में कितनी कमाई की?
इमेज स्रोत, Twitter/@taran_adarsh
अभिनेता सनी
देओल ने फ़िल्म गदर-2 से काफी वक़्त बाद पर्दे पर शानदार वापसी की है.
गदर-2 फ़िल्म 11 अगस्त को रिलीज़ हुई है. रिलीज़ होने के बाद से ही फ़िल्म को दर्शकों के अच्छे रिव्यू मिल रहे हैं.
सोशल मीडिया पर शेयर किए
जा रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि गदर-2 देखने के लिए दर्शकों की भीड़ सिनेमाघरों में जुट रही है.
फ़िल्म ने रिलीज़ के
शुरुआती तीन दिनों में अच्छी कमाई की है.
फ़िल्म समीक्षक तरन आदर्श
ने ट्वीट कर बताया है कि फ़िल्म ने शुरुआती तीन दिनों में क़रीब 134 करोड़ रुपये की कमाई की है.
फ़िल्म ने शुक्रवार को 40,
शनिवार को 43 और रविवार को लगभग 51 करोड़ रुपये कमाए हैं.
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गदर फ़िल्म साल 2001 में रिलीज़ हुई थी और फ़िल्म ने तब भी शानदार प्रदर्शन किया था.
गदर-2 फ़िल्म के डायरेक्टर अनिल शर्मा हैं और फ़िल्म में सनी देओल के अलावा अमीषा पटेल, उत्कर्ष शर्मा बतौर एक्टर हैं.
हिमाचल प्रदेश: भारी बारिश से तबाही, शिमला में भूस्खलन की चपेट में आया मंदिर, नौ लोगों की मौत
....में
Author, आदर्श राठौर
पदनाम, बीबीसी हिन्दी के लिए
इमेज स्रोत, ISHU THAKUR
हिमाचल प्रदेश की राजधानी
शिमला में एक मंदिर के भूस्खलन की चपेट में आने से नौ लोगों की मौत हो गई है.
आशंका जताई जा रही है कि मलबे में अभी और लोग भी दबे हो सकते हैं.
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सावन का सोमवार होने के कारण शिमला के समरहिल स्थित शिव बौड़ी मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे.
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अभी भी क़रीब दो दर्जन लोग मलबे में दबे हो सकते हैं. हालांकि, प्रशासन की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और अभी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है.
इसी तरह शिमला के ही फागली में कुछ ढारे यानी अस्थायी आवास ढहने से उसमें रह रहे लोगों के दबे होने की आशंका है. यहां आईटीबीपी के जवान रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं.
हिमाचल में मौसम विभाग की ओर से जारी ऑरेंज अलर्ट के बीच लगातार भारी बारिश हो रही है. इससे शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी और बिलासपुर समेत कई ज़िलों से नुक़सान की खबरें आ रही हैं.
अधिक नुक़सान की ख़बरें वाहनों या मकानों पर पेड़ गिरने या भूस्खलन की चपेट में आकर लोगों के दबने से जुड़ी हैं.
सोलन के कंडाघाट में बीती रात दो मकान अचानक आए मलबे की चपेट में आ गए. अब तक यहां पांच शव बरामद किए जा चुके हैं जबकि तीन लोग लापता हैं. मंडी में भी बादल फटने से दो लोग लापता हो गए हैं.
इससे पहले सिरमौर में बादल फटने से आए मलबे में दबने से एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई थी.
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इन घटनाओं पर शोक प्रकट किया है और कहा है कि प्रभावित परिवारों की हर संभव मदद की जाएगी. उन्होंने कहा कि प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है और वह ख़ुद भी प्रदेश की स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं.
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तबाही का दूसरा दौर
इस मॉनसून सीज़न में यह दूसरा मौक़ा है जब तीन दिनों के अंतराल में बारिश से भारी से हिमाचल में तबाही मची है. इससे पहले जुलाई के दूसरे सप्ताह में भारी नुक़सान हुआ था. उस समय कुल्लू की पार्वती घाटी में हुई बारिश ने तबाही मचाई थी और इस बार मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर से ज़्यादा नुक़सान की ख़बरें आ रही हैं.
मंडी की सबसे उपजाऊ ज़मीन वाली बल्ह घाटी में भारी बारिश होने के कारण जल भराव की स्थिति पैदा हो गई है. यहां सब्ज़ियां उगाने वाली हज़ारों वर्गमील ज़मीन जलमग्न हो गई है.
प्रदेश के कई ज़िलों में भूस्खलन के कारण सडकें बंद हो गई हैं और कुछ पुलों को भी नुक़सान पहुंचा है. ग्रामीण इलाक़ों के संपर्क मार्ग बंद होने के कारण हिमाचल प्रदेश सरकार की परिवहन कंपनी एचआरटीसी द्वारा चलाई जाने वाली बसों के 1500 से अधिक रूट प्रभावित हो गए हैं.
लगातार हो रही बारिश के कारण राहत एवं बचाव कार्यों में भी समस्या हो रही है. प्रदेश सरकार ने लोगों से आग्रह किया है कि बहुत ज़रूरी होने पर ही बाहर निकलें.