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अविश्वास प्रस्ताव: मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम मोदी को किस बात पर धन्यवाद कहा?

कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरुवार शाम लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव गिरने के बाद पीएम मोदी के लिए एक लंबा ट्वीट लिखा है.

लाइव कवरेज

अभिनव गोयल and अनंत प्रकाश

  1. ब्रेकिंग न्यूज़, लोकसभा में पीएम मोदी ने कहा- आज सदन में कुछ सीक्रेट बताता हूं...

    केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ संसद में विपक्ष के पेश किए अविश्वास प्रस्ताव पर हुई चर्चा के बाद गुरुवार को पीएम मोदी ने जवाब दिया.

    अपने जवाब की शुरुआत में अविश्वास प्रस्ताव, मॉनसून सत्र में पेश किए बिल का पीएम मोदी ने ज़िक्र किया. पीएम मोदी ने विपक्ष पर तंज भी कसा.

    पीएम मोदी ने कहा कि विपक्ष का पसंदीदा नारा है कि मोदी तेरी कब्र खुदेगी. ये मुझे कोसते हैं. ऐसा क्यों होता है. सदन में कुछ आज सीक्रेट बताता हूं. विपक्ष को वरदान मिला हुआ है कि जिसका बुरा चाहेंगे, उसका भला होगा. एक उदाहरण मैं ही हूं. 20 सालों में क्या कुछ नहीं किया, पर भला ही होता गया.

    पीएम मोदी ने कहा, ''भारत की उपलब्धियों से विपक्षी दलों को अविश्वास है, जो दुनिया दूर से देख रही है वो ये यहां रहकर नहीं देख पा रहे हैं. अविश्वास और घमंड इनकी रगों में बस गया है. ये जनता के विश्वास को कभी देख नहीं पाते हैं. ये शुतुरमुर्ग रवैया जो है, इस पर देश क्या कर सकता है. पुरानी सोच के लोग कहते हैं कि जब कुछ मंगल होता है तो काला टीका लगाते हैं. आज देश का जो मंगल हो रहा है, मैं विपक्ष का धन्यवाद करता हूं कि काला कपड़ा पहनकर आए आए और देश का मंगल किया. मैं इसलिए विपक्ष का धन्यवाद कहता हूं.''

    पीएम मोदी बोले, ''इस समय जो होगा, उसका असर अगले 1000 साल दिखाई देगा.''

    उन्होंने कहा, “ये कालखंड भारत के लिए हर सपने सिद्ध करने का अवसर हमें देगा. हम सब ऐसे दौर में हैं जो कि काफ़ी अहम है. ये कालखंड जो गढ़ेगा, उसका प्रभाव अगले 1000 साल तक रहने वाला है.''

    पीएम मोदी बोले- ''140 करोड़ देशवासियों का पुरुषार्थ इस कालखंड में अपने पराक्रम और पुरुषार्थ से जो करेगा, वो आने वाले 1000 की मजबूत नींव रखने वाला है. इसलिए इस कालखंड में हम सबका दायित्व है. बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी है. ऐसे समय हमारा एक ही फोकस होना चाहिए. देश का विकास और देशवासियों के सपनों को पूरा करने का संकल्प और उस संकल्प को सिद्धि तक ले जाने के लिए जी जान से जुट जाना. यही समय की मांग है.”

  2. ब्रेकिंग न्यूज़, संसद में बोले पीएम मोदी- फील्डिंग विपक्ष ने सेट की लेकिन चौके छक्के यहीं से लगे

    केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ संसद में विपक्ष के पेश किए अविश्वास प्रस्ताव पर हुई चर्चा के बाद गुरुवार को पीएम मोदी ने जवाब दिया.

    इस दौरान पीएम मोदी ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला. पीएम मोदी ने कहा, ''विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव हमारे लिए शुभ होता है.''

    पीएम मोदी ने कहा- ''विपक्षी दल एक चीज़ पर जुटे भी तो अपने कट्टर दुश्मन के साथ जुटे. फील्डिंग विपक्ष ने सेट की लेकिन चौके छक्के यहीं से लगे. विपक्ष नो बॉल करता रहा.''

    पीएम मोदी ने और क्या कुछ कहा?

    विपक्ष को पांच साल दिए, पर वो बिना तैयारी के आ गए. विपक्ष ने देश को निराशा के अलावा कुछ नहीं दिया.

    विपक्ष के रवैये पर मैं यही कहूंगा कि जिनके बही खाते खुद के बिगड़े हुए हैं वो भी हमसे हमारा हिसाब लिए फिरते हैं.

    सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता का बोलने की सूची में नाम ही नहीं था.

    विपक्ष के प्रस्ताव पर तीन दिनों से अलग-अलग विषयों पर काफ़ी चर्चा हुई है. अच्छा होता कि सत्र की शुरुआत के बाद से ही विपक्ष ने गंभीरता के साथ सदन की कार्यवाही में हिस्सा लिया होता.

    बीते दिनों इसी सदन ने और दोनों सदनों ने जन विश्वास बिल, मीडिएशन, डेंटल कमिशन बिल, आदिवासियों से जुड़े बिल, डिज़िटल डेटा प्रोटेक्शन बिल, नेशनल रिसर्च फाउंडेशन बिल, कोस्टल एक्वाकल्चर से जुड़ा बिल समेत कई महत्वपूर्ण बिल पास किए हैं.

    ये ऐसे बिल थे जो हमारे मछुआरों के हक़ के लिए थे जिसका सबसे ज़्यादा लाभ केरल को होना था. केरल के सांसदों से ज़्यादा अपेक्षा थी कि वे ऐसे बिल पर तो अच्छे से चर्चा में हिस्सा लेते. लेकिन राजनीति उन पर ऐसे हावी हो चुकी है कि उन्हें मछुआरों की चिंता नहीं है.

    नेशनल रिसर्च फाउंडेशन बिल के ज़रिए देश की युवा शक्ति की आशा और आकांक्षाओं के लिए एक नयी दिशा देने वाला बिल था. हिंदुस्तान एक साइंस पावर के रूप में कैसे उभरे, इस सोच के साथ ये बिल लाया गया था, उससे भी आपका एतराज़...डिजिटल डेटा प्रोटेक्शन बिल अपने आप में देश के युवाओं के जज़्बे में जो बात प्रमुखता से है, उससे जुड़ा है.

    आने वाला समय तकनीक से चलने वाला है. लेकिन राजनीति आपके लिए प्राथमिकता है. कई ऐसे बिल थे जो ग़रीब, आदिवासियों, दलितों, गांवों के कल्याण की चर्चा करने के लिए थे, उनके भविष्य के साथ जुड़े हुए थे. लेकिन इसमें इन्हें कोई रुचि नहीं है. देश की जनता ने जिस काम के लिए उन्हें यहां भेजा है, उस जनता का भी विश्वासघात किया गया है.

  3. ब्रेकिंग न्यूज़, विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में पीएम नरेंद्र मोदी का जवाब...

    केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ संसद में विपक्ष के पेश किए अविश्वास प्रस्ताव पर हुई चर्चा के बाद गुरुवार को पीएम मोदी लोकसभा में जवाब दे रहे हैं.

    पीएम मोदी ने कहा, ''देश की जनता ने जो हम पर विश्वास जताया है, मैं उसका धन्यवाद देने के लिए आया हूं. कहते हैं कि भगवान बहुत दयालू हैं. भगवान की मर्जी होती है कि वो किसी न किसी के माध्यम से अपनी इच्छा की पूर्ति करता है. मैं इसे भगवान का आशीर्वाद मानता हूं कि भगवान ने विपक्ष को सुझाया और वो अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए. ''

    पीएम मोदी ने कहा- जब हम जनता के पास गए तो उसने भी पूरी ताकत के साथ विपक्ष के लिए अविश्वास प्रस्ताव घोषित कर दिया. विपक्ष का अविश्नास प्रस्ताव हमारे लिए शुभ होता है. आपने तय कर लिया है कि 2024 के चुनाव में बीजेपी, एनडीए पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़कर जनता के आशीर्वाद के साथ वापस आएगी.

    देखिए पीएम मोदी क्या कुछ कह रहे हैं:-

  4. संसद में पीएम मोदी के भाषण में देरी, कांग्रेस की सुप्रिया श्रीनेत ने किया ये तंज

    मोदी सरकार के ख़िलाफ़ विपक्ष के पेश किए प्रस्ताव पर पीएम नरेंद्र मोदी को गुरुवार शाम चार बजे जवाब देना था.

    पीएमओ की ओर से ट्वीट कर ये जानकारी दी गई थी.

    मगर चार बजे पीएम मोदी ने अपना जवाब देना शुरू नहीं किया तो कांग्रेस ने इस पर तंज कसा.

    कांग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा- आज नीरज चोपड़ा के लिए तगड़ा कम्पटीशन होने वाला है, फेंकने में!

    सुप्रिया बोलीं- सुना टेलीप्रोम्प्टर ढूँढ रहे हैं!

  5. मणिपुर के मुद्दे पर असम के निर्दलीय सांसद बोले- सांसद चिल्लाने की बजाय...

    असम की कोकराझार लोकसभा सीट से निर्दलीय सांसद नबा कुमार सरनीया ने गुरुवार को संसद में मणिपुर के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जारी गतिरोध पर सवाल उठाया है.

    उन्होंने कहा है कि समय की मांग ये है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ओर के सांसद मणिपुर के मुद्दे पर ऊंची आवाज़ों में चिल्लाने की जगह मणिपुर के साथ खड़े हों.

    सरनीया ने कहा, "मैं मानता हूं कि केंद्र सरकार को जिस तरह संभालना चाहिए था, संभाल नहीं पाए. मैं खुलकर बोलता हूं कि इसके लिए केंद्र सरकार और कम से कम मोदी जी को परित्याग करना चाहिए. और दूसरी बात ये है कि मणिपुर जैसा है, मेरा सेक्टर भी वैसा ही था. यहां लगभग तीन महीने से चल रहा है. मेरा कोकराझार में बोडोलैंड को मांग करके तीस साल लड़ाई चली थी. हज़ारों लोग मारे गए, लाखों लोग बेघर हो गए. लाखों लोगों की संपत्ति ख़त्म हो गयी."

    इसके साथ ही उन्होंने कहा कि संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तेज आवाज़ में गतिरोध ठीक नहीं है.

    उन्होंने कहा, "मेरी उम्मीद है कि मणिपुर में भी सरकार अगर अच्छी पहल करेगी तो मणिपुर के भाइयों के साथ जो हो रहा है, वो ख़त्म हो जाएगा. यहां जो देख रहे हैं कि विरोधी पक्ष चिल्लाता है तो सत्ता पक्ष उससे ज़्यादा चिल्लाता है. ये सही नहीं है.”

  6. राहुल गांधी की कथित 'फ़्लाइंग किस' पर शशि थरूर ने क्या कहा?

    कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने गुरुवार को राहुल गांधी से जुड़ी कथित 'फ़्लाइंग किस' विवाद पर अपनी टिप्पणी दी है.

    बीजेपी की महिला सांसदों ने इस मामले में लोकसभा अध्यक्ष से शिकायत की है.

    इस मुद्दे पर शशि थरूर ने लोकसभा परिसर में कहा, "किसी ने देखा नहीं. मुझे नहीं लगता कि इसका कोई रिकॉर्ड भी है या नहीं. मैंने निश्चित रूप से नहीं देखा. मुझे नहीं पता कि किसने देखा है. और ये हुआ भी है या नहीं. मुझे लगता है कि ये संसद टीवी पर भी नहीं. ऐसे में हमें इस बारे में कुछ भी पता नहीं है."

    भारतीय जनता पार्टी ने बीते बुधवार कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर संसद में 'आपत्तिजनक आचरण' करने का आरोप लगाया था.

    बीजेपी सांसदों का आरोप है कि बुधवार को लोकसभा से बाहर जाते वक़्त राहुल गांधी ने 'फ़्लाइंग किस' दिया.

    बीजेपी की सीनियर नेता और केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी ने अपने भाषण के दौरान इसका ज़िक्र किया था.

    उन्होंने कहा था कि "एक बात पर मैं आपत्ति दर्ज करती हूं कि जिनको आज मुझसे पहले वक्तव्य देने का अधिकार दिया गया, उन्होंने जाते जाते एक अभद्र लक्षण के दर्शन दिए."

    स्मृति इरानी ने कहा, "सिर्फ़ एक महिला विरोधी मानसिकता वाला व्यक्ति ही ऐसी संसद को फ़्लाइंग किस दे सकता है, जहां महिला सांसद बैठी हों."

    बीजेपी की महिला सांसदों ने इस मामले में लोकसभा स्पीकर से शिकायत की है.

  7. महुआ मोइत्रा बोलीं- ये अविश्वास प्रस्ताव सरकार गिराने के लिए नहीं लाया गया बल्कि...

    तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने गुरुवार को मणिपुर के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा है कि ये अविश्वास प्रस्ताव सरकार गिराने के लिए नहीं, किसी चीज़ को पुनर्जीवन देने के लिए लाया गया है.

    उन्होंने कहा, “ज़्यादातर अविश्वास प्रस्तावों की प्रकृति नकारात्मक होती है. उन्हें सरकार गिरा पाने की कुछ संभावनाओं को ध्यान में रखकर लाया जाता है. हमें ये पता है कि ये संभव नहीं है. हमारे पास आंकड़े ही नहीं है. यहां हमारे कई मित्रों ने हमारा मज़ाक उड़ाते हुए कहा है कि आप जानती हैं कि सरकार नहीं गिरा सकतीं. ये प्रस्ताव फेल ही होना है.''

    महुआ ने कहा, ''इंडिया के रूप में हम शायद वो पहले गठबंधन हैं जो ये प्रस्ताव लाने के लिए विवश हुआ है. हम ये प्रस्ताव किसी चीज को गिराने के लिए नहीं लाए हैं. बल्कि किसी किसी चीज़ को पुनर्जीवन देने आए हैं. हम इस प्रस्ताव के ज़रिए भारत के बुनियादी सिद्धांत जैसे समानता और धर्म निरपेक्षता को पुनर्जीवित करना चाहते हैं जो इस सरकार ने छह फीट अंदर गाढ़ दिए हैं. हम लोकतांत्रिक ढंग से खुद को अभिव्यक्त करने के अधिकार को पुर्नजीवन देना चाहते हैं जिसे आपने देशद्रोही की संज्ञा दी है.”

    वहीं, मणिपुर के मुद्दे पर उन्होंने मोदी सरकार को घेरते हुए कहा, ‘तीन महीने में 6500 एफ़आईआर दर्ज की गयी हैं. चार हज़ार घर बर्बाद हुए हैं, 60000 लोग बेघर हुए हैं. ये किस राज्य ने देखा है. तीन महीनों में 150 लोगों की मौत हुई है. ये किस राज्य ने देखा है. 300 पूजा स्थल बर्बाद हुए हैं. मणिपुर पुलिस और असम रायफल्स के बीच आर्म्ड स्टैंडऑफ़ वीडियो पर नज़र आया है, इसमें से एक सुरक्षा बल पर गृह मंत्रालय और दूसरे पर राज्य सरकार का नियंत्रण है. ये किस राज्य में दिखा है आज तक?’'

  8. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बताया- महंगे टमाटर कब सस्ते में मिलेंगे?

    संसद में विपक्ष के लाए अविश्वास प्रस्ताव पर बोलते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत की बढ़ती तेज अर्थव्यवस्था और सरकार की योजनाओं पर बात की.

    महंगे टमाटरों पर बोलते हुए उन्होंने कहा, "पहले से ही आंध्र प्रदेश और कर्नाटक की होल- सेल मंडियों में टमाटर के दाम 100 रुपये से नीचे आ गए हैं. हमने कोलार मंडी से टमाटर बुक किए हैं जो दिल्ली आ रहे हैं. ये 85 रुपये प्रति किलो के हिसाब से आ रहे हैं."

    उन्होंने कहा, "हमने नेपाल से टमाटरों का आयात करने के लिए आयात पाबंदियां हटाने का फैसला लिया है. नेपाल से टमाटरों की पहली खेप वाराणसी, लखनऊ और कानपुर में शुक्रवार तक पहुंचने की संभावना है."

    सीतारमण ने कहा कि इस वीकेंड एनसीसीएफ, दिल्ली एनसीआर में 70 रुपये प्रति किलो के हिसाब से टमाटरों की बिक्री करेगा.

  9. ओवैसी बोले- शाह को मालूम नहीं था कि क्विट इंडिया का नारा एक मुसलमान ने दिया था

    लोकसभा में एआईएमआईएम सांसद असदउद्दीन ओवैसी ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मोदी सरकार पर कई सवाल उठाए हैं.

    ओवैसी ने हरियाणा के नूंह में हुई हिंसा, मणिपुर, चीन से सीमा विवाद जैसे कई मुद्दों पर सरकार को घेरा.

    ओवैसी ने कहा, ''हिसाब को एक मसला बना दिया गया और मुस्लिम बच्चियों को तालीम से महरूम कर दिया गया. क्या ये जमीर की आजादी है. कहां गया आपका जमीर?''

    वो बोले, ''अभी वित्त मंत्री ने कहा कि यहां पर डीएमके की सांसद कनिमोझी ने महाभारत की द्रोपदी का जिक्र किया. मैं ये पूछना चाहता हूं कि बिलकिस बानो, इस देश की बेटी है या नहीं? जिस बिलकिस बानो को 11 लोगों ने रेप किया. प्रेग्नेंट थी. उसकी मां का रेप किया, उसकी बेटी और उसकी मां का कत्ल कर दिया. आपने कातिलों को रिहा कर दिया. ये आपका जमीर है?''

    चीन का मुद्दा उठाते हुए ओवैसी ने कहा, ''2013 में जब प्रधानमंत्री नहीं बने थे तो कहा था कि समस्या, बार्डर पर नहीं, दिल्ली में है. अगर हम अपनी जमीन पर हैं तो डिसएंगेजमेंट क्यों कर रहे हैं? क्या आज चीन हमारी जमीन पर नहीं बैठा है?डिएस्क्लेशन कब होगा? प्रधानमंत्री ने अहमदाबाद में शी जिनपिंग को बुलाकर झूला झुलाया था. क्या नतीजा निकला. चेन्नई दिखाया था, क्या नतीजा निकला उसका. इसलिए चीन पर बोलिए, चीन को उखाड़ कर फेंकिए.''

    विपक्षी दलों के गठबंधन 'इंडिया' पर मोदी सरकार बीते दिनों से हमलावर रही है.

    सरकार ने क्विट इंडिया यानी भारत छोड़ो आंदोलन का नाम लेकर इंडिया गठबंधन पर तंज करने की कई कोशिशें कीं.

    अब ओवैसी ने भी इसी 'क्विट इंडिया' के नाम का ज़िक्र संसद में किया.

    उन्होंने कहा, "कल हमारे गृह मंत्री ने कहा था क्विट इंडिया. अगर इनको ये मालूम हो जाए कि क्विट इंडिया का नारा एक मुसलमान ने दिया था, तो वो भी नहीं बोलेंगे. नहीं मालूम था इनको. यूसुफ़ मेहर अली ने क्विट इंडिया का नारा बनाया, जिसे महात्मा गांधी ने सारे देश में एक पैगाम किया. अगर इस देश में आज क्विट इंडिया करना है, तो कहना होगा कि चीन क्विट इंडिया, जो गौ रक्षक है, जिसका नाम मोनू है, वो आपके लिए मोनू डार्लिंग बन गया है. उसको कहिए, क्विट इंडिया."

  10. संसद में मोदी सरकार पर भड़के ओवैसी, क्या कुछ कहा?

    एआईएमआईएम सांसद असदउद्दीन ओवैसी ने गुरुवार को लोकसभा में मोदी सरकार पर हमला बोला.

    ओवैसी ने कहा, ''हाल के दिनों में हमारे मुल्क में ट्रेन में एक वर्दी पहने दहशतगर्द ने अपने सीनियर मीणा साहब का कत्ल करने के बाद ट्रेन के कंपार्टमेंट में जा जाकर, नाम पूछकर, चेहरे पर दाढ़ी देखकर, कपड़े देखकर उनको कत्ल कर दिया और उसके बाद उसने कहा कि इस देश में रहना है तो मोदी को वोट देना पड़ेगा.''

    ओवैसी बोले, ''मैं सरकार से जानना चाहूंगा कि क्या ये रेडिकलाइजेशन की बेहतरीन मिसाल नहीं है और अगर है तो सरकार इस पर क्या करेगी. हमारे संविधान में जमीर की आजादी का जिक्र किया गया है.''

    सरकार से सवाल पूछते हुए ओवैसी कहते हैं, ''मैं सरकार से, खासकर पीएम से जानना चाहता हूं कि कहां गया इस हुकूमत का जमीर, जब नूंह में 750 इमारतों को बिना प्रोसेस फॉलो किए हुए उनको तोड़ दिया गया. इसलिए कि वो मुसलमान थे. यह पूरी तरह अवैध था, इसलिए हरियाणा के हाई कोर्ट ने कहा कि एथनिक क्लींजिंग है.''

    ओवैसी ने अपने भाषण के दौरान नूंह हिंसा, चीन, बिलकिस बानो मामले में दोषियों को रिहा करने का मुद्दा भी उठाया.

    ओवैसी ने कहा कि मोनू (मानेसर) को डार्लिंग बनाया हुआ है. सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्ट्स में मोनू मानेसर को नूंह हिंसा के लिए ज़िम्मेदार ठहराया जा रहा है. मोनू नासिर और जुनैद की हत्या मामले में अभियुक्त हैं और फरार चल रहे हैं.

    ओवैसी ने और क्या कुछ कहा?

    ''इस मुल्क में मुसलमानों के खिलाफ नफरत का माहौल पैदा किया गया. यह 9 साल का इनका ये कारनामा है.

    मणिपुर पर कल लंबा जवाब गृहमंत्री ने दिया. असम राइल्फ के ऊपर एफआईआर हो जाती है, क्या हो रहा है वहां पर. कहां गया आपका जमीर?

    जब वहां की महिलाओं की अस्मत के साथ खिलवाड़ हो रहा है. आप मुख्यमंत्री को इसलिए नहीं हटाना चाहते क्योंकि वह आपका साथ दे रहा है.

    मैं हरियाणा और मणिपुर के मुख्यमंत्री के लिए कहना चाहता हूं. किसी शायर ने कहा था, कुर्सी है तुम्हारा, ये जनाजा तो नहीं. कुछ कर नहीं सकते तो उतर क्यों नहीं जाते. आखिर कहां गया. क्या आपका जमीर उन ताबूतों में खो गया क्या? जहां 50 हजार लोग बेघर हो गए. 6 लाख हथियारों को लूटा जा रहा है. आखिर कौन इंचार्ज वहां पर है.''

  11. अमित शाह ने राहुल गांधी को जिन कलावती के नाम पर घेरा, उन्होंने बताई मदद की सच्चाई

    संसद में अविश्वास पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को राहुल गांधी पर कई निशाने साधे.

    अमित शाह ने कहा, ''इस सदन में एक नेता हैं जिनको 13 बार लॉन्च किया गया और 13 बार लॉन्चिंग फेल हुआ. उनका एक लॉन्चिंग मैंने देखा है. एक गरीब महिला कलावती के घर वो भोजन करने गए. यहीं पीछे बैठकर गरीबी का ऐसा वर्णन किया कि द्रवित हो जाएं.''

    शाह बोले, ''बड़ा अच्छा है कि आप इतने बड़े आदमी होकर गरीब कलावती के घर गए, भोजन किया. बाद में इनकी सरकार छह साल चली, मैं पूछना चाहता हूं कि उस गरीब कलावती का क्या किया. वो कलावती को बिजली, घर, शौचालय, अनाज, स्वास्थ्य... ये सब देने का काम नरेंद्र मोदी ने किया. इसलिए जिस कलावती के घर पर आप भोजन के लिए गए हो, किसी को भी मोदी जी पर अविश्वास नहीं है, वो भी आज मोदी जी के साथ खड़ी है.''

    बीजेपी के आधिकारिक हैंडल से जब अमित शाह के इस भाषण को ट्वीट किया गया तो कांग्रेस ने कलावती पर बीबीसी की रिपोर्ट शेयर की. इस रिपोर्ट में कलावती राहुल गांधी की तारीफ़ कर रही थीं और बता रही थीं कि राहुल गांधी ने मदद कर उनकी गरीबी दूर की.

    राहुल गांधी जब भारत जोड़ो यात्रा के दौरान महाराष्ट्र से गुज़र रहे थे, तब नवंबर 2022 में बीबीसी ने कलावती से बात की थी.

    इस वीडियो रिपोर्ट में कलावती ने कहा था- ''राहुल गांधी ने मुझे तीन लाख रुपये का चेक दिया, फिर 30 लाख रुपये ट्रांसफर किए.''

    अमित शाह ने बुधवार को जब कलावती का ज़िक्र किया तो एक बार फिर मीडिया के कैमरे उनके पास महाराष्ट्र के यवतमाल पहुंचे.

    इंडिया टुडे ग्रुप के न्यूज़ चैनल से बात करते हुए कलावती के बेटे ने कहा, ''किसानों की हालत जानने के लिए राहुल गांधी महाराष्ट्र में घूम रहे थे. तब वो अचानक हमारे घर आए. पैसों से हमारी मदद की. राहुल गांधी के जाने के बाद पाठक साहब हैं, उन्होंने हमें 30 लाख की एफडी दी. फिर घर मंज़ूर किया. लाइट दी, पानी दिया. कंट्रोल दिया. ये सारी चीज़ें हमें राहुल गांधी ने दी.''

    इंडिया टुडे से बात करते हुए कलावती बांदुरकर ने कहा, ''मोदी झूठ बोल रहे हैं. मदद नहीं की, उसके बावजूद मदद की है, ये बोलने का क्या मतलब है. बोलने में कुछ भी बोलते हैं कि मैंने मदद की है.

    कलावती बोलीं- ''मैंने मदद की है, ऐसा बोलने में क्या जाता है? मेरी कोई मदद नहीं की है. घर दिया था पर ये घर मुझे 2008 में ही मंज़ूर हुआ था. मेरी मदद सिर्फ़ राहुल गांधी और कांग्रेस ने ही की है.''

    कलावती के पति ने साल 2005 में आत्महत्या कर ली थी. इसके बाद राहुल गांधी ने साल 2008 में कलावती के घर का दौरा किया था और उनसे मुलाकात की थी.

  12. संसद टीवी पर राहुल गांधी को कम दिखाए जाने के आरोपों पर बोले संसदीय कार्य मंत्री

    भाषण के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को संसद टीवी पर ना दिखाए जाने के आरोपों पर संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने प्रतिक्रिया दी है.

    मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, "संसद टीवी न तो स्पीकर के हाथ में है और न ही हमारे."

    जोशी ने कहा, "किसी सांसद के भाषण से असंसदीय शब्दों को हटाना दशकों से चली आ रही सामान्य संसदीय परंपरा है, ये आज शुरू नहीं हुई है."

    कांग्रेस ने संसद टीवी पर आरोप लगाते हुए कहा बुधवार को कहा था कि लोकसभा में जब पार्टी के नेता राहुल गांधी बोल रहे थे तब ज़्यादातर वक्त कैमरा उन पर नहीं था.

    कांग्रेस के मुताबिक, राहुल गांधी जब बोल रहे थे तब उन पर 40 प्रतिशत से कम वक़्त तक कैमरा था.

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर जारी चर्चा में हिस्सा लिया था. उन्होंने मणिपुर और दूसरे मुद्दों को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को निशाने पर लिया था.

    कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, “राहुल गांधी 37 मिनट बोले लेकिन संसद टीवी के कैमरे ने उन्हें सिर्फ़ 14 मिनट 37 सेकंड दिखाया.”

  13. ब्रेकिंग न्यूज़, पीएमओ ने बताया- आज संसद में पीएम मोदी कितने बजे बोलेंगे?

    मोदी सरकार के ख़िलाफ़ विपक्ष ने सदन में अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था और बीते दो दिनों से इस प्रस्ताव पर चर्चा चल रही है.

    अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बोलना है.

    पीएमओ ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि प्रधानमंत्री अविश्वास प्रस्ताव पर गुरुवार शाम चार बजे सदन में जवाब देंगे.

  14. ब्रेकिंग न्यूज़, विनेश फोगाट बोलीं- पुलिस ने राजघाट पर धारा 144 लगाई

    पहलवान विनेश फोगाट ने ट्वीट कर कहा है कि दिल्ली पुलिस ने राजघाट पर धारा 144 लगा दी है.

    विनेश ने लिखा- पुलिस ने धारा 144 लगाकर हमें प्रेस कॉन्फ्रेंस करने से रोक दिया है, अगली प्रेस कॉन्फ्रेंस का टाइम और जगह हम जल्दी बताएंगे.

    पहलवान विनेश फोगाट, साक्षी मलिका और बजरंग पुनिया ने बुधवार को कहा था कि वो गुरुवार को राजघाट पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे.

    बीजेपी के सांसद बृजभूषण शरण सिंह पर महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में दाखिल चार्जशीट पर कोर्ट में सुनवाई चल रही है.

    गुरुवार को सुनवाई का दूसरा दिन है. बुधवार को बृजभूषण सिंह दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में मौजूद रहे थे.

    इस साल जनवरी महीने में महिला पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए धरना प्रदर्शन की शुरुआत की थी.

    इसके बाद फिर से मई महीने में पहलवानों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन किया, जो कई दिनों तक चला.

  15. महुआ मोइत्रा बोलीं- बृजभूषण पर स्मृति इरानी के मुंह से एक शब्द नहीं निकला और अब वो...

    तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने कथित फ्लाइंग किस को लेकर केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी से सवाल पूछा है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए उन्होंने कहा, ''जब बीजेपी सांसद पर हमारे स्टार खिलाड़ियों ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं. ऐसे में महिला बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी के मुंह से एक शब्द नहीं निकलता है और अब वे किसी फ्लाइंग किस की बात कर रही हैं.''

    बुधवार को भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर संसद में 'आपत्तिजनक आचरण' करने का आरोप लगाया था.

    केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी ने कहा, "सिर्फ़ एक महिला विरोधी मानसिकता वाला व्यक्ति ही ऐसी संसद को फ़्लाइंग किस दे सकता है, जहां महिला सांसद बैठी हों."

    बीजेपी की महिला सांसदों ने इस मामले में लोकसभा स्पीकर से शिकायत की है.

  16. 'फर्जी हस्ताक्षर' के आरोपों पर बोले राघव चड्ढा, 'मैं चुनौती देता हूं...'

    आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने फर्जी हस्ताक्षर विवाद पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया है.

    राघव चड्ढा ने कहा, "मैं बीजेपी के नेताओं को चुनौती देता हूं कि वो कागज लेकर आएं मेरे सामने, जिस पर ये हस्ताक्षर हैं. जब हस्ताक्षर होते ही नहीं, तो फर्जी हस्ताक्षर की बात कहां से आ गई. आप तो इतनी बड़ी पार्टी हैं, इतनी ताकतवर सरकार है. वो कागज दिखाओ, जहां पर हस्ताक्षर है. अगर आप कह रहे हैं कि मैंने कोई कागज जमा किया है, जिसमें गलत तरीके से किसी के साइन किए गए हैं. तो वो कागज लेकर आओ. मैं चुनौती देता हूं."

    राघव ने कहा, "प्रोसेस ये होता है कि जब भी कोई विवादित बिल सदन में आता है तो समिति गठन की प्रक्रिया बताई गई है. अगर कोई सदस्य चाहता कि इस पर मतदान न होकर और अधिक चर्चा हो, तो उसके लिए समिति का गठन किया जाता है. उस समिति में कुछ नाम प्रस्तावित किए जाते हैं. जिस सदस्य को उस समिति में नहीं रहना, वो अपना नाम वापस ले लेता है. ये प्रस्ताव है, किसी को जबरदस्ती नहीं बैठाया जाता."

    दिल्ली सेवा विधेयक को सिलेक्ट कमेटी के पास भेजने के लिए राघव ने राज्यसभा में एक प्रस्ताव पेश किया था.

    राघव पर आरोप हैं कि उन्होंने इस प्रस्ताव पर पांच सांसदों के नाम और उनके हस्ताक्षर किए थे.

  17. आरबीआई ने रेपो रेट में नहीं किया कोई बदलाव, 6.5% पर बरकरार

    भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद रेपो रेट में कोई भी बदलाव नहीं करने का फैसला लिया गया है.

    समिति के फैसलों की जानकारी देते हुए गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि रेपो रेट को 6.50% पर अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया गया है.

    उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और इसमें लगातार ग्रोथ जारी है. वैश्विक विकास में भारतीय अर्थव्यवस्था करीब 15 फीसदी का योगदान दे रही है.

    आरबीआई ने फरवरी, 2023 में आखिरी बार रेपो रेट में बदलाव किया था.

    क्या है रेपो रेट

    यह वह दर होती है जिस पर आरबीआई दूसरे बैंकों को कर्ज देता है. अगर रेपो रेट बढ़ाई जाती है तो बैंकों को रिजर्व बैंक से महंगी दर पर कर्ज मिलता है, जिसके चलते लोन लेने वालों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं.

  18. अविश्वास प्रस्ताव पर पीएम मोदी के जवाब से पहले क्या कह रहा है विपक्ष

    लोकसभा में विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का गुरुवार को तीसरा यानी आखिरी दिन है. आज पीएम मोदी संसद में अपनी बात रख सकते हैं.

    पिछले दो दिनों में मणिपुर के मुद्दे पर संसद में तीखी बहस देखने को मिली है. बुधवार को राहुल गांधी ने पीएम मोदी के मणिपुर न जाने और उनकी चुप्पी पर सवाल उठाए थे, वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर पलटवार किया था.

    पीएम मोदी के सदन में भाषण से पहले कांग्रेस के सांसद मणिकम टैगोर ने कहा, "20 जुलाई से इंडिया गठबंधन मांग कर रहा है कि पीएम को संसद में आना चाहिए और मणिपुर के बारे में बोलना चाहिए और वहां के लोगों के साथ शांति और एकजुटता का बयान देना चाहिए. पीएम को संसद में आने में 14 दिन लग गए. हमें उम्मीद है वे उन सवालों का जवाब देंगे जो कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने उठाए हैं."

    आरजेडी सांसद मनोज कुमार झा ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए कहा, "अविश्वास पत्र, आंकड़ों की परिस्थिति को देखते हुए लाया गया था. उद्देश्य ये सिर्फ ये था कि पीएम की चुप्पी, मणिपुर में हाहाकार मचा रही है. वो हमारे दौरे के दौरान भी लोगों ने कहा कि पीएम क्यों नहीं बोले."

    "मैं पीएम से उम्मीद करूंगा कि वो गृह मंत्री की तरह वो अतीतजीवी न हो जाएं. साढ़े नौ साल से आप सरकार में हैं. अतीत में कुछ गलत हुआ भी था तो आपके पास पूरा वक्त था, और कितना वक्त चाहिए. मुझे लगता है कि पीएम को मणिपुर के लिए संवेदना देनी चाहिए."

    शिवसेना(यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि वो(पीएम) जवाब देंगे, जो मुद्दे हमने सामने रखे हैं. कल अमित शाह भी ये सवाल पूछ रहे थे कि वो क्लिप कैसे वायरल हुआ? कोई उन्हें याद दिलाए कि वो गृह मंत्रालय में हैं, गृह मंत्री हैं देश के. क्या मुख्यमंत्री को नहीं पता था कि क्या चल रहा है."

    "खुद अमित शाह जी मणिपुर गए थे, क्या उन्हें नहीं पता था कि कितने जघन्य अपराध रिकॉर्ड हुए हैं महिलाओं के खिलाफ. जब तक वह क्लिप वायरल नहीं हुई तब तक अपराधियों को कोई सजा नहीं मिली. यह अहम सवाल है. इसके जवाब गृह मंत्री ने नहीं दिया. उम्मीद करती हूं कि पीएम अपनी जवाबदेही से पीछे नहीं हटेंगे और जवाब देंगे.

  19. दिल्ली में राजघाट पर आज प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे पहलवान, विनेश फोगाट ने दी जानकारी

    पहलवान विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया गुरुवार, 10 अगस्त को प्रेस कॉन्फ्रेंस करने जा रहे हैं.

    विनेश ने बुधवार को ट्वीट कर लिखा, "कल दोपहर 12.30 बजे दिल्ली के राजघाट पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं. जय हिंद"

    ऐसा ही ट्वीट साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया ने भी किया है.

    दूसरी तरफ बीजेपी के सांसद बृजभूषण शरण सिंह पर महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में दाखिल चार्जशीट पर कोर्ट में सुनवाई चल रही है.

    आज सुनवाई का दूसरा दिन है. बुधवार को बृजभूषण सिंह दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में मौजूद रहे थे.

    इस साल जनवरी महीने में महिला पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए धरना प्रदर्शन की शुरुआत की थी.

    इसके बाद फिर से मई महीने में पहलवानों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन किया, जो कई दिनों तक चला.

  20. ज्ञानवापी परिसर पहुंची एएसआई की टीम, सर्वे का आज सातवां दिन

    वाराणसी की ज्ञानवापी परिसर में भारतीय पुरातत्व विभाग की ओर से किए जा रहे सर्वे का गुरुवार को सातवां दिन है.

    टीम परिसर में पहुंच गई है और हर रोज की तरह करीब आठ बजे से सर्वे का काम शुरू होकर शाम पांच बजे तक चलेगा.

    परिसर का सर्वे, वैज्ञानिक तरीके से किया जा रहा है, जिसमें कई आधुनिक मशीनों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है.

    परिसर को समझने के लिए निर्माण शैली, थ्री डी इमेजिंग और वीडियोग्राफी भी की जा रही है.

    एएसआई का मानना है कि सर्वे का काम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई रिसर्च का रास्ता खोल सकता है. इसके लिए ये अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों की भी मदद ले सकता है. इस तरह की विशेषज्ञता की भारत में कमी है.

    सर्वे में हिंदू और मुस्लिम, दोनों पक्ष मदद कर रहे हैं. शुरू में मुस्लिम पक्ष ने हिस्सा लेने से इनकार कर दिया था.